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बादाम के बराबर फायदे देते हैं ये अंकुरित चने

बादाम के बराबर फायदे देते हैं ये अंकुरित चने

बादाम खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है ये तो सभी जानते हैं लेकिन अगर हम आपको ये कहें कि चना बादाम से भी ज्यादा हमारे सेहत के लिए फायदेमंद तो आप यकीन करेंगे। आज हम आपको एक-एक करके अंकुरित चने के फायदे बताएंगे। इसी के साथ आपको यह बात भी अच्छी तरह से समझ में आ जाएगी कि महंगा बादाम खरीदने से कही ज्यादा अच्छा है, मुट्ठी भर अंकुरित चने  का सेवन करना। अंकुरित चने  में प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और विटामिन की भरपूर मात्रा होती है जो कई बीमारियों से हमारी रक्षा करने में और हमें सेहतमंद बनाएं रखने में मदद करती है

1.  पाचन क्रिया को मजबूत रखें
रोज़ाना मुट्ठीभर चना खाने से पाचन से जुड़ी सारी समस्या दूर होती जाती है।  इसके साथ ही तन में स्फूर्ति आती है और दिमाग तेजी से काम करता है।
2. कमजोरी को दूर भगाए
चने में आयरन, प्रोटीन और ढेर सारे मिनरल्स पाएं जाते है जिससे की बॉडी को एनर्जी और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं जो शरीर की कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।
3. मोटापे को कम करे

अगर आपको अपना वजन कम करना है तो चना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। रोजाना अपने ब्रेकफास्ट में अंकुरित चने को खाएं और मोटापे को कम करे।
4. सांस की समस्या में फायदेमंद
सांस से संबंधित किसी भी समस्या में चने का सेवन काफी फायदेमंद होता है। रात के समय भूने चने का सेवन करने से सांस की तकलीफ दूर हो जाती है।
5. एनीमिया में फायदेमंद
शरीर में आयरन की कमी से होनेवाली एनीमिया की समस्या को रोजाना चने खाकर दूर किया जा सकता है। चने में काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है जो एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम कर देता है।
6. डायबिटीज में कारगर

डायबिटीज के मरीजों के लिए भी चने का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। अगर आपके घर में कोई डायबिटीज का रोगी है तो उसे रोज चने का सेवन करने को कहें
7. यूरिन की समस्या में कारगर
बार-बार यूरिन जाने की समस्या से राहत पाने के लिए भुने हुए चनों का सेवन करें।  गुड़ और चना खाने से भी यूरिन से जुड़ी समस्या से राहत मिलती है और रोजाना भुने हुए चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाती है।
8.पुरुषों की कमजोरी होती है दूर
रोजाना सुबह उठकर भीगे हुए चने को खाकर दूध पीने से पुरुषों की कमजोरी दूर होती है।
9. त्वचा में आता है निखार

रोज सुबह मुट्ठीभर अंकुरित चने का सेवन करने से खून साफ होता है और त्वचा में निखार आता है, जिससे त्वचा की खूबसूरती बड़ जाती है।
ये है अंकुरित चने  के फायदे
महंगे बादाम को खाने से जो फायदा नहीं मिल सकता वो सब कुछ थोड़े से चने खाने से मिल जाता है। इसलिए हर किसी को रोज चनो का सेवन करना ही चाहिए।

जाने खांसी किस किस तरह की होती है और घरेलू नुस्खे


खांसी एक ऐसा भयानक रोग है जिसके कारण हमारे शरीर को और भी कई रोगों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यदि हम अपनी खांसी को जल्दी ठीक नहीं करते तो यह विकट रूप धारण कर लेती है। एक कहावत है, ‘रोग का घर खांसी’। देखने में तो खांसी बहुत ही मामूली सी होती है लेकिन जब यह चिकित्सा करने पर भी ठीक नहीं होती, तो इसे मामूली नहीं समझना चाहिए। खांसी को कास भी कहा जाता है क्योंकि जब भी खांसी की शुरुआत होती है तो इसका प्रभाव सबसे पहले गले पर पड़ता है। गले की कंठ में खरखराहट, खराश, या फिर खुजली की अनुभूति होती है साथ में गला भरा-भरा सा महसूस होता है, मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है।

खांसी पांच प्रकार की होती है
1. वातज खांसी
2. पित्तज खांसी
3. कफज खांसी
4. क्षतज खांसी
5. क्षयज खांसी
वातज खांसी
यह खांसी वात प्रकोप के कारण उत्पन्न होती है, इसमें हमारा कफ सुख जाता है, इसमे हमारा कफ बहुत कम निकलता है या फिर निकलता ही नहीं। ऐसे खांसी के कारण पेट, पसली, आंतो, छाती, कनपटी, गले और सिर में बहुत जोर से दर्द होने लगता है।
पित्तज खांसी
इस प्रकार की खांसी में कफ पीला और कडवा निकलता है। वमन द्वारा पीला व कडवा पित्त निकलना, मुंह में गर्म बफारे निकलना, गले, छाती व पेट में जलन का महसूस होना, मुंह
का सुखना, प्यास का अधिक लगना, स्वाद कडवा होना आदि पित्तज खांसी के लक्षण होते हैं।
कफज खांसी
इस प्रकार की खांसी में हमारे अंदर से बहुत ही कफ निकलता है, थोडा सा खांसने पर ही मुंह में कफ भर जाता है। इस प्रकार की खांसी में हमारे सिरदर्द व सिर का भारीपन बना रहता है, मुंह का स्वाद खराब हो जाता है,। भोजन में रूचि नहीं रहती और भूख कम लगती है तथा गले में खराश व खुजली रहती है। बार-बार खांसने पर गाढ़ा व सफेद कफ निकलता है।
क्षतज खांसी
यह खांसी उपरोक्त तीनों खांसी से अलग होती है और साथ ही यह उन तीनों से बहुत ही गंभीर होती है। अत्यन्त भारी भरकम बोझा उठाने, बहुत अधिक चलने, लड़ाई झगड़ा करते रहने और बलपूर्वक किसी वेग को रोकने आदि से व्यक्ति के उरप्रदेश में घाव हो जाता है और वायु खांसी पैदा कर देती है।
क्षयज खंसी
यह खांसी क्षयज खांसी से भी अधिक गंभीर, कष्ट साध्य और हानिकारक होती है। विषम तथा असतम्य आहार करना, अत्यंत भोग- विलास करना, वेगों को रोकना, घृणा और शोक के प्रभाव से जठराग्नि का मंद हो जाना तथा कुपित त्रिदोषो द्वारा शरीर का क्षय करना। इन कारणों से क्षयज खांसी होती है और यह खांसी शरीर का क्षय करने लगती है। इस खांसी से रोगी के शरीर में दर्द, ज्वार, मोह और दाद होता है, साथ में उसके शरीर का बल भी मांस क्षीण होता जाता है। इससे हमारा शरीर पतला हो जाता है।

खांसी होने पर घरेलू नुस्खे
खांसी होने पर हमें कुछ घरेलू उपचार करने चाहिए जो कुछ इस प्रकार से है…
लौंग
लौंग हर घर में होता है, इसके एक जोड़े को आग में भूनकर शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटने से आपकी कुकर खांसी ठीक हो जाती है।
काली मिर्च और तुलसी के पत्ते का सेवन
खांसी होने पर काली मिर्च और तुलसी के पत्तों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, फिर इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर दिन में तीन बार एक-एक गोली का सेवन करें। आपको खांसी से राहत मिलेगी। इसके अलावा पीसी हुई काली मिर्च को देसी घी में भूनकर खाने से खांसी दूर होती है।
हल्दी 
एक चम्मच पिसी हुई हल्दी को बकरी के दूध के साथ लेने से खांसी दूर होती है। हल्दी और समुद्रफल खाने से खांसी दूर होती है।
अदरक का रस और शहद
6-6 मिलीलीटर अदरक का रस और शहद को मिलाकर खाने से खांसी से राहत मिलती है।
शहद
5 ग्राम शहद में दो तीन लहसुन की बुँदे डालकर बच्चे को खिलने से खांसी से राहत मिलती है। एक चम्मच शहद में आंवले का चूर्ण मिलाकर खाने से खांसी से राहत मिलती है।

सावधानियां
खाना खाने के तुरंत बाद पानी का सेवन नहीं करना चाहिए, अपितु एक घंटे बाद पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। ऐसा करने से हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है

सीताफल (शरीफा) के खाने से जबरदस्त फायदे

सीताफल ( custard apple ) न केवल एक अच्छा फल है बल्कि अपनी बहुत सारी खूबियों के साथ यह हमारी सेहत के लिए कमाल का होता है क्योंकि जानकर यह मानते है तो शरीर की कमजोरी के लिए दूर करने के लिए सीताफल ( custard apple ) एक बेहतर विकल्प हो सकता है और साथ ही यह आपकी immunity को भी बढाता है

सीताफल ( custard apple ) एक मीठा फल है जिसमे भरपूर मात्र में उर्जा होती है और साथ ही यह आपके शरीर की दुर्बलता को बड़ी आसानी से कम कर सकता है और आपके अंदर एक नई उर्जा और स्फूर्ति का संचार करता है |
सीताफल ( custard apple ) आसानी से पचने वाला फल होता है जो आपकी एसिडिटी और आपके अल्सर में बहुत लाभकारी (benefits) होता है |

सीताफल ( custard apple ) में विटामिन सी और और आयरन बहुत अच्छी वाली मात्रा में होते है इसलिए यह आपके शरीर से आयरन और विटामिन की कमी को भी पूरा करता है  |
सीताफल ( custard apple ) के बीज को भी आप कई तरीको से उपयोग में ले सकते है उनमे सबसे मजेदार है इन्हें भूनकर खाना और आप इन्हें कच्छा भी खा सकते है या फिर दूसरे बीजो के साथ मिक्स करके भी खा सकते है
इसके बीज नट्स के साथ नाश्ते में एक बेहतरीन नाश्ता हो सकता है और एक पत्रिका के अनुसार दस ग्राम तक इसके बीज रोजाना लेने पर आपको प्रोस्टेंट से संबधित बिमारियों से निजात मिलती है |
सीताफल ( custard apple ) खाने से दिमाग शांत रहता है क्योंकि यह शीतल फलो में होता है इसलिए तनाव को कम करने में भी सीताफल ( custard apple ) एक अच्छा फल साबित हो सकता है |
दांतों के डॉक्टर मानते  है और सलाह भी देते है कि इस फल के सेवन से दांतों की बीमारियों में मदद मिलती है और साथ ही उनमे होने वाला दर्द भी कम हो जाता है |
साथ ही इसमें कुछ मात्र में पोटेशियम और सोडियम भी होते है जो आपके ब्लड प्रेशर को संतुलित करते है और यह आपकी दिल की गति को सामान्य करने के साथ साथ आपकी घबराहट भी दूर करता है |

सुबह उठकर नींबू पानी पीने से 9 जबरदस्त फायदे


गर्मियां बस आ ही गई हैं और इसी के साथ घर-घर में नींबू पानी पीने-पिलाने का चलन भी बस शुरू ही होने वाला है. नींबू पानी न केवल शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करके, शरीर को साफ करने में मददगार है बल्क‍ि इसके और भी कई फायदे हैं
नींबू पानी यूं तो कभी भी ले सकते हैं लेकिन सुबह उठकर नींबू पानी पीना खासतौर पर फायदेमंद होता है. ये एक ऐसा पेय है जिस पर आप आंख बंदकर भरोसा कर सकते हैं.


सुबह उठकर नींबू पानी पीने के फायदे:

1. सुबह उठकर एक गिलास नींबू पानी पीने से शरीर की सफाई हो जाती है. नींबू पानी बाइल जूस बनाने में भी मददगार है. बाइल जूस खाने को पचाने का काम करता है
2. नींबू पानी शरीर में पाचक रसों के बनने को प्रोत्साहित करता है. ये पाचन क्रिया को बेहतर रखने में भी मददगार है.
3. नींबू पानी विटामिन सी के गुणों से भरपूर होता है. साथ ही इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण भी होते हैं. जिससे त्वचा के दाग-धब्बे साफ हो जाते हैं और त्वचा पर निखार आता है.
4. अगर आपको जोड़ों के दर्द की शिकायत है तो भी नींबू पानी पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.
5. नींबू पानी मुंह की दुर्गध को दूर करने में मददगार है. साथ ही इसके इस्तेमाल से ताजगी बनी रहती है.
6. ये शरीर के पीएच लेवल को बनाए रखने में भी सहायक है.
7. नींबू पानी विटामिन सी और पोटैशियम के गुणों से भरपूर होता है. जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने का काम करता है.
8. सुबह उठकर नियमित रूप से नींबू पानी पीने से दिनभर ताजगी बनी रहती है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाती.

9. अगर आप वजन घटाने का प्रयास कर रहे हैं तो सुबह उठकर नींबू पानी पीने से बेहतर दूसरा कोई उपाय नहीं


एलोवेरा के जूस पीने से जबरदस्त फायदे

एलोवेरा - एक औषधीय पौधा है और यह भारत में प्राचीनकाल से ग्वारपाठा या धृतकुमारी नाम से जाना जाता है। यह कांटेदार पत्तियों वाला पौधा है जिसमें रोग निवारण के गुण भरे हैं। औषधि की दुनिया में इसे संजीवनी भी कहा जाता है। इसे साइलेंट हीलर तथा चमत्कारी औषधि भी कहा जाता है
एलोवेरा के जूस का सेवन करने से शरीर में होने वाले पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है. एलोवेरा में एक जड़ी-बूटी की तरह कई गुण होते हैं. चेहरे के लिए अमृत और औषधीय गुणों का भण्डार है एलोवेरा।।



● इसकी 200 से ज्यादा प्रजातियां हैं लेकिन इनमें से 5 प्रजातियां हीं हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। रामायण, बाइबिल और वेदों में भी इस पौधे के गुणों की चर्चा की गई है। एलोवेरा का जूस पीने से कई वीमारियों का निदान हो जाता है। आयुर्वेदिक पद्धति के मुताबिक इसके सेवन से वायुजनित रोग, पेट के रोग, जोडों के दर्द, अल्सर, अम्लपित्त आदि बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसके अलावा एलोवेरा को रक्त शोधक, पाचन क्रिया के लिए काफी गुणकारी माना जाता है। सबसे अच्छी बात तो यह की एलोवेरा जूस का असर सिर्फ 15-20 दिनों में दिखने लगता हैं
एनर्जी बढ़ाए :
नियमित रूप से एलोवेरा जूस को पीने से एनर्जी आती है। एलोवेरा जूस में कई तरह के पोषण तत्व, विटामिन और मिनरल होते है जो बॉडी सिस्टम को सुधार होता है और उसे एनर्जी देते है। इसे पीने से शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता भी बढ़ जाती है। एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है। 3 से 4 चम्मदच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है।
बालों और त्वचा की सुंदरता बढ़ाये :
एलोवेरा जूस के सेवन से त्वचा में निखार आने लगता है। इसके नियमित सेवन से आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार लगती है। एलोवेरा का जूस पीने से त्वचा की खराबी, मुहांसे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों, आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा जूस बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसको पीने से बालों में चमक आती है, रूसी दूर हो जाती है और टेक्सचर भी अच्छा हो जाता है। एलोवेरा का जूस मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ्य होते हैं।
च्छा पाचक :
एलोवेरा जूस में प्रचुर मात्रा में पाचक तत्व विद्यमान होते हैं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह पेट के रोगो में बहुत फायदा करता है। एलोवेरा जूस के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है
डिटॉक्स जूस :
हमारे शरीर में मौजूद कई तरह के विषैले तत्व त्वचा को खराब और बॉडी सिस्टम पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इसलिए बॉडी को डिटॉक्स करने की जरूरत होती है। एलोवेरा जूस एक अच्छा डिटॉक्सीफिकेशन करने वाला पेय है
वजन कम करें :
नियमित रूप से एलोवेरा जूस पीने से बढ़ा हुआ वजन कम होने लगता है। और इसे पीने से बार-बार खाने की आदत भी दूर हो जाती है और आपकी पाचन क्रिया भी दुरूस्त रहती है। एलोवेरा जूस में कई पोषक तत्व होते है जो शरीर का कमजोर नहीं होने देते है।
दांतों के लिए लाभकारी :
एलोवेरा जूस दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोवाइल गुण दांतों को साफ और कीटाणु मुक्त रखने में मदद करते है। एलोवेरा जूस को माउथ फ्रेशनर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एलोवेरा के जूस को मुंह में भरने से छाले और बहने वाले खून को भी रोका जा सकता है
आइये अब संक्षेप में जानते है एलोवेरा के गुणों के बारे में
 • नजले-खांसी में एलोवेरा का रस दवा का काम करता है. इसके पत्ते को भूनकर रस निकाल लें और आधा चम्मच जूस एक कप गर्म पानी के साथ लेने से नजले-खांसी में फायदा होता है।
• जलने या चोट लगने पर एलोवेरा जेल या एलोवेरा को छिलकर लगाने से आराम मिलता है. जली हुई जगह पर एलोवेरा जेल लगाने से छाले भी नहीं निकलते और तीन-चार बार लगाने से जलन भी खत्म हो जाती है।
• एलोवेरा का रस बालों में लगाने से बाल काले, घने और मुलायम रहते हैं।
• एलोवेरा का रस बवासीर, डायबिटीज और पेट की परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता है।
• एलोवेरा से मुहांसे, रूखी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों और आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता है।
• एलोवेरा गंजेपन को भी दूर करने की ताकत रखता है।
• एलोवेरा का जूस पीने से कब्ज की बीमारी दूर होती है।
• एलोवेरा के जूस से शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है।
• फटी एड़ियों पर एलोवेरा लगाने से बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं।
• एलोवेरा का जूस ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है।
• एलोवेरा का रस मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार और स्वस्थ होते हैं।
• सरसों के तेल में एलोवेरा के रस को मिलाकर सिर धोनें से पहले लगाने से बालों में चमक आती है।
• एलोवेरा का जूस त्वचा की नमी को बनाए रखता है जिससे त्वचा स्वस्थ दिखाई देती है।
• एलोवेरा को सरसों के तेल में गर्म करके लगाने से जोड़ों के दर्द को कम किया जा सकता है।
• तेज धूप में निकलने से पहले एलोवेरा का रस अच्छी तरह त्वचा पर लगाने से त्वचा पर सनबर्न का कम असर पड़ता है।
• एलोवेरा को सौंदर्य निखार के लिए हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट जैसे एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन में भी इस्तेमाल किया जाता है।
• एलोवेरा के जूस का हर रोज सेवन करने से शरीर के जोडों के दर्द को कम किया जा सकता है। एलोवेरा को सौंदर्य निखार के लिए हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट जैसे एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन, फेशियल फोम आदि में प्रयोग किया जा रहा है।

एक छोटी सी इलाइची आप के लिए है बड़ी फायदेमंद

सफल दाम्पत्य जीवन के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध मजबूत हों। इसके लिए पौरूष क्षमता का प्रबल होना बेहद जरूरी है। इसे बेहतर करने के लिए लोग तरह-तरह के उपचार करते हैं। लेकिन इसके लिए सही खानपान व नियमित व्यायाम बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा भी प्रकृति में भी ऐसी कई चीजें हैं जिनके सेवन ये यौन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। हम आप को एक छोटी सी इलाइची के बड़े गुणों के बारे में बता रहे हैं। जानते हैं इलाइची कैसे पौरूष क्षमता को बढ़ाने में मददगार होती है।

इलायची का सेवन आमतौर पर सांस और मुंह को साफ रखने के लिए अथवा मसाले के रूप में किया जाता है। यह दो प्रकार की होती है, हरी या छोटी इलायची व बड़ी इलायची। इलायची को वाजीकरण नुस्खे के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इलायची एक ऐसे टॉनिक के रूप में भी काम करती है जिससे कामोत्तेजना में वृद्धी होती है। यह शरीर को ताकत प्रदान करने के साथ-साथ असमय स्खलन व नपुंसकता की समस्या से भी मुक्त कराने में सहायक होती है।
ऐसे करें सेवन
इसका सेवन करने के लिये दूध में इलायची डालकर उबालें। ठीक से उबल जाने के बाद इसमे थोड़ा शहद मिलाएं और नियमित रूप से रात को सोते समय इसका सेवन करें। इसके नियमित सेवन से यौन क्षमता में इजाफा होता है और दामपत्य जीवन सुखमय बनता है।
मुंह के छालों में लाभदायक
इसका अलावा मुंह में छाले की समस्या को दूर करने के लिए बड़ी इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर जीभ पर रखने से छाले दूर होते हैं। लेकिन रात के समय इलायची न खायें, इससे खट्टी डकारें आने की शिकायत हो सकती है।
महिलाएं न करें सेवन
महिलाओं को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसके अधिक सेवन से महिलाओं में गर्भपात होने की भी संभावना होती है


लीवर-किडनी होंगे साफ, सिर्फ 4 दिन पीएं किशमिश का पानी!

ड्राई फ्रूट खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें विटामिन के साथ और भी बहुत से ऐसे तत्व होते हैं जो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इनमें से किशमिश लीवर और कीडनी के लिेए बहुत फायदेमंद है। इससे शरीर में जमा विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और खून की कमी भी पूरी होती है। इस बात का ध्यान रखें की इसका इस्तेमाल सर्दीयों के मौसम में करना बेहतर रहता है

किशमिश को रात को भिगोकर सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से लीवर और कीडनी अच्छे से काम करते हैं। इससे लीवर से जुड़ी परेशानी दूर हो जाती है। इससे कोलेस्ट्राल और दिल से जुड़ी समस्या से निजात पाई जा सकती है। इसके सेवन से एसीडिटी भी दूर हो जाती है। इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। आइए जानते हैं इसके बारे में…
सामग्री
– 2 कप पानी
– 150 ग्राम किशमिश
बनाने की विधि
सबसे पहले किशमिश को धो लें और एक पैन में पानी उबाल कर इसमें किशमिश डाल कर रात भर भिगोएं। सुबह इसको छान कर हल्का
गुनगुना करें और खाली पेट पी लें। इसका सेवन करने के 25-30 मिनट बाद नाश्ता कर लें।
ध्यान में रखें ये बात

डायबिटीज के रोगी इसके इस्तेमाल से परहेज करें। इसका सेवन एक महीने में सिर्फ चार दिन ही करें और इस दौरान शक्कर का इस्तेमाल थोड़ा कम कर दें

दांतों को चमकदार बनाने के घरेलू नुस्खे

मुस्कान चेहरे की रौनक को बढ़ा देती है। और हर कोई मुस्कुराता हुआ चेहरा देखना पसंद करता है। इस मुस्कराहट को और भी खूबसूरत बनाते हैं हमारे दांत। यदि दांत मोतियों जैसे चमकते हुए हों, तो आपकी मुस्कुराहट में चार चाँद लग सकते हैं। लेकिन यदि यही दांत पीलापन लिए हों, तो इससे आपकी मुस्कान फीकी पड़ सकती है। दांतों पर पीलापन होने के कारण आप किसी के सामने खुलकर हँसने से भी कतराने लगते हैं। एक तरफ तो दांतों की सही ढंग से सफाई ना होना, शराब, तम्बाकू का सेवन दांतों पर पीली परत चढ़ा देता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों के दांत अच्छी तरह से साफ करने के बाद भी पीले दिखाई पड़ते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आइये जानते हैं घर पर ही दांतों को चमकाने के नुस्खों के बारे में

बेकिंग सोड़ा (Baking Soda To Whiten Teeth)

बेकिंग सोड़ा एक तरह का ब्लीच होता है, जो दांतों को आसानी से साफ कर सकता है। तो आप बेकिंग सोडा से भी आप अपने दांत चमका सकते हैं।
*एक चम्मच बेकिंग सोडा यानी कि मीठा सोडा लें, और उसमें एक चुटकी नमक मिला लें।
*अब इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर 2 मिनट तक अपने दांत साफ करें। आप इसे हफ्ते में दो या तीन बार दोहराएं।
*4 हफ्ते में आपके दांतों का पीलापन पूरी तरह हट जाएगा। आपके दांत साफ सफेद नजर आने लगेंगे।
गर्म पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर उससे कुल्ला करें। कुल्ला करने के बाद दांतों को उंगलियों से स्‍क्रब करें, इससे दांत चमक जाएगें। पर ध्‍यान रखें कि बेकिंग सोडा का रेगुलर यूज न करें।

खट्टे फल दांतों को चमकाने में मददगार (Citrus Fruit For Whitening Teeth)

स्ट्रॉबेरी, नींबू और संतरा जैसे खट्टे फल एक तरह के प्राकृतिक वाइटनिंग एजेंट होते हैं। इन फलों में साइट्रिक एसिड पाया जाता है जो मसूड़ों को साफ करके मुंह से आने वाली बदबू को दूर करता है। सफेद और चमकते दांत पाने के लिए दांतों की दिन मे दो बार नींबू के रस से मालिश करें। इसके अलावा थोड़े से सरसों के तेल और नमक में नींबू के स्‍लाइस को डुबो कर उससे 5 मिनट तक दांतों पर हल्के से रगड़ें और बाद में ब्रश कर लें। रोज भोजन करने के बाद संतरा खाएं औऱ फिर असर देखें।

मुंह की सफाई करें

भोजन करने के बाद कुल्ला जरूर करें और हो सके तो खाने के बाद ब्रश भी किया करें। आप खाने के बाद अजवाइन भी खा सकते हैं। इससे मसूड़े मजबूत होंगे और मुंह की बदबू भी दूर होगी। गर्म पानी से दिन भर में 2 कुल्ला जरुर करें और जहाँ तक हो सके कैफीन युक्त उत्पादों के सेवन से बचने की कोशिश करें। कैफीन युक्त उत्पाद दांतो में चिपक कर इन्हें पीला कर देता है।

नारियल का तेल (Coconut Oil For Whitening Teeth)

एक हफ्ते तक लगातार हर रोज़ नारियल के तेल से कुल्ला करें या फिर नारियल तेल से दांतों की हल्के हाथों से मसाज करें। इससे भी मुंह की बदबू गायब होगी और दांत मोतियों की तरह चमकेंगे।

स्ट्राबेरी, नमक और बेकिंग सोडा (Strawberry, Salt And Baking)

स्ट्राबेरी, नमक और बेकिंग सोडा के मिश्रण से भी दांत को चमकाया जा सकता है। इस मिश्रण को दांतों पर हल्के से लगाएँ और फिर पानी से कुल्ला करें।

एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)

एप्पल साइडर विनेगर के इस्तेमाल से बिल्कुल सफेद और चमकदार बनाया जा सकता है। एप्पल साइडर विनेगर को नियमित रूप से अपने दांतों पर लगाएं और 30 दिनों के अंदर आपके दांतों पर से पीली परत गायब होती हुई नजर आएगी। साथ ही जो बैक्‍टीरिया, इनेमिल को सड़ाते हैं, यह उनका भी खात्‍मा करता है।

चारकोल/कोयला चमकाए आपके दांत (Charcoal For Whitening Teeth)

पुराने जमाने में लोग चारकोल का इस्तेमाल कर प्रयोग से अपने दांतों को साफ किया करते थे। चारकोल में क्रिस्‍टल बेस रसायन होता है, जो दांतो को चमकदार बनाने में असरदार होता है। आप चाहें तो इसे अपने टूथपेस्‍ट में मिला कर इससे ब्रश कर सकते हैं।

नीम से पायें चमकते दांत (Neem For Whitening Teeth)

नीम का इस्तेमाल सदियों से दांत साफ करने के लिए किया जाता रहा है। नीम में दांतों को सफेद बनाने व वैक्टीरिया को खत्म करने के गुण पाए जाते हैं। यह नेचुरल एंटीबैक्टिीरियल और एंटीसेप्टिक है। रोजाना नीम की दातून से दांत साफ करने पर दांतों के रोग नहीं होते हैं।

इनके अलावा:

*अपने दांतों को संतरे के छिलके से स्‍क्रब करें। इससे भी आपके दांत चमकने लगेंगे।
* चमकते हुए दांत पाने के लिए केले के छिलके के सफ़ेद वाली ओर से दांतों की मसाज करें।
* स्‍ट्रॉबेरी को अपने दांतों पर रगडि़ये यह भी दांतों को सफेद करने का अच्छा तरीका है।
*रोजाना गाजर खाने से भी दांतो का पीलापन कम हो जाता है। भोजन करने के बाद गाजर खाने से इसमें मौजूद रेशे दांतों की अच्छे से सफाई कर देते हैं।
*एक नींबू का रस निकालकर उसमें उतनी ही मात्रा में पानी मिला लें। खाने के बाद इस पानी से कुल्ला करें

चुकंदर के पत्ते खाने से जबरदस्त फायदे


स्वस्थ्य जीवन जीने की हर किसी की तमन्ना होती है। इसके लिए लोग तरह तरह के उपाय भी करते हैं। कुछ दूध का अधिक सेवन करते हैं तो कुछ नियमित अंडा खाते हैं। वहीं कुछ हरी सब्जियों पर जोर देते हैं तो कुछ रात में दूध के साथ च्यवनप्राश खाने को तरजीह देते हैं

आप जानते है कि हमारे आसपास कुछ ऐसी चीजें होती है जिनका सेवन करने से इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रख आपके शरीर को ताकतवर बनाने का काम करते हैं
चुकंदर में सबसे ज्यादा आयरन पाया जाता है, जो कि शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है। चुकंदर को एक बेहतर रक्त शोधक भी माना जाता है। साथ ही यह संक्रमण से लड़ने के दौरान शरीर में श्वेत रुधिक कणिकाओं के बनने में भी मदद करता है।
चुकंदर दिल संबंधी बीमारियों से दूर रखने में भी मददगार होता है। इसमें फाइबर भी उच्च मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा यह बेहतर पाचन क्रिया में भी मददगार होता है। लेकिन आप जानते है चुंकदर से इतना ही फायदेमंद इसके पत्ते होते है। इसका सेवन करने से आप कई बीमारियों से बच सकते है
चुकंदर के पत्तों का सेवन करने से आपके शरीर में कभी भी खून की कमी नहीं होगी। यह सेहत के साथ-साथ सौंदर्य के लिए भी फायदेमंद है। रोजाना एक कप इसके पत्तों का जूस पीने से आपको कोई भी बीमारी नहीं होगी।
चुकंदर के पत्तों में भी भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे विभिन्न पोषक तत्व होते हैं? जो कि हमें कई बीमारियों से बचाते है। जानिए इसका सेवन करने से आप किन बीमारिों से बच सकते है

हाथ-पैर सुन्‍न पड़ जाएं तो अपनाएं ये घरेलू उपचार


अक्सर जब आप कभी एक ही अवस्था में बैठे रह जाते हैं तो आपके हाथ और पैर सुन्नं पड़ जाते हैं, जिसके कारण आपको कभी कोई भी चीज़ को छूने का एहसास मालूम नहीं पड़ता है। यही नहीं, इसके अलावा आपको प्रभावित स्थान पर दर्द, कमजोरी या ऐठन भी महसूस होती होगी
इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे लगातार हाथों और पैरों पर प्रेशर, किसी ठंडी चीज को बहुत देर तक छूते रहना, तंत्रिका चोट, बहुत अधिक थकान, धूम्रपान, मधुमेह, विटामिन या मैग्नीशियम की कमी आदि। अगर यह समस्या कुछ मिनटों तक रहती है तो परेशानी की बात नहीं है, लेकिन अगर यही कई- कई घंटों तक बनी रहे तो आपको डाक्टर के पास जाने की आवश्यकता है।  हाथ -पैर का सुन्न हो जाना बड़ा ही कष्टदायक होता है क्योंकि ऐसे में फिर आपका कहीं मन नहीं लगता। पर आप चाहें तो इस समस्या को घरेलू उपचार से ठीक कर सकते हैं।

गर्म पानी का सेंक-
सबसे पहले प्रभावित जगह पर गर्म पानी की बोतल से सेंक रखें। इससे वहां की ब्लड सप्लाई बढ़ जाएगी। इससे मासपेशियां और नसें रिलेक्स होंगी। एक साफ कपड़े को गर्म पानी में 5 मिनट के लिए भिगोएं और फिर उससे प्रभावित जगह को सेंकें। आप चाहें तो गर्म पानी से स्नान भी कर सकती हैं।
मसाज सबसे अच्छा ऑप्शन-

हाथ या पैर में सुन्‍नपन आने पर मसाज इस समस्‍या से निपटने का सबसे आसान और सरल तरीका है। यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे सुन्नता में कमी आती है। इसके अलावा यह मसल्‍स और नसों को प्रोत्‍साहित कर, समग्र कामकाज में सुधार करता है। अपने हाथों में गर्म जैतून, नारियल या सरसों के तेल लेकर इसे सुन्न हिस्‍से में लगाकर 5 मिनट के लिए सर्कुलर मोशन में अपनी उंगालियों से मसाज करें। जरूरत पड़ने पर इस उपाय को दोहराये।
ऑक्सीजन में सुधार करें एक्सरसाइज
व्यायाम करने से शरीर में ब्लड र्स्कुलेशन होता है और वहां पर आक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। रोजाना हाथ और पैरों का 15 मिनट व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में 5 दिन के लिए 30 मिनट एरोबिक्स करें, जिससे आप हमेशा स्वस्थ बने रहें।एक्सरसाइज शरीर के विभिन्न अंगों में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन में सुधार करता है, जिससे हाथ और पैर सहित शरीर के किसी भी अंग में सुन्नपन, झनझनाहट को रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित रूप एक्सरसाइज गतिशीलता में सुधार और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाता है।
मैग्नी शियम का सेवन जरूर करें
हरी पत्तेीदार सब्जिेयां, मेवे, बीज, ओटमील, पीनट बटर, ठंडे पानी की मछलियां, सोया बीन, अवाकाडो, केला, डार्क चॉकलेट और लो फैट दही आदि जरूर खाएं। आप रोजाना मैग्नीlशियम 350 एम जी की सपलीमेंट भी ले सकते हैं।
हल्दी-
हल्दी में मौजूद कुरकुर्मीन नाम का तत्व पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण प्रभावित हिस्से में दर्द और परेशानी कम करने में मदद करता है। समस्या होने पर एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिक्स करके हल्की आंच पर पकाएं। फिर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में एक बार पीने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। आप हल्दी और पानी से बने पेस्ट से प्रभावित हिस्से पर मसाज भी कर सकते हैं।

खूब खाएं Vitamin B फूड-

अगर हाथ-पैरों में जन्न-जन्नाशहट सी होती है तो अपने आहार में ढेर सारे विटामिन बी, बी6 और बी12 को शामिल करें। इनके कमी से भी हाथ, पैरों, बाजुओं और उंगलियों में सुन्न पैदा हो जाती है। आपको अपने आहार में अंडे, अवाकाडो, मीट, केला, बींस, मछली, ओटमील, दूध, चीज़, दही, मेवे, बीज और फल शामिल करने चाहिये।

दालचीनी का उपयोग करें-

दालचीनी में केमिकल और न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो हाथ और पैरों में ब्लड फ्लो को बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं रोजाना 2-4 ग्राम दालचीनी पाउडर को लेने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसको लेने का अच्छा तरीका है कि एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और दिन में एक बार पिएं। दूसरा तरीका है कि 1 चम्मच दालचीनी और शहद मिला कर सुबह कुछ दिनों तक सेवन करें।
प्रभावित हिस्‍से को ऊपर उठाएं-
हाथ और पैरों के खराब ब्लड सर्कुलेशन से ऐसा होता है। इसलिए उस प्रभावित हिस्से को ऊपर की ओर उठाइए जिससे वह नॉर्मल हो सके। इससे सुन्न वाला हिस्सा ठीक हो जाएगा। आप अपने प्रभावित हिस्से को तकिए पर ऊंचा कर के भी लेट सकते हैं

जापानी लोग नहीं होते मोटे क्योंकि वो फॉलो करते हैं ये 8 ईटिंग रूल्स

जापानियों की गिनती सबसे हैल्दी और फिट लोगों में की जाती है। इसके पीछे कोई और कारण नहीं बल्कि उनकी अच्छी डाइट और फूड हैबिट्स है। एक शोध के मुताबिक अमेरिका के लगभग 35 प्रतिशत ओबेसिटी रेट के मुकाबले जापान में ओबेसिटी रेट 3 प्रतिशत है। जापान की बहुत कम आबादी मोटापे से ग्रस्त है। आज हम आपको जापानियों के  हैल्दी और फिट रहने का राज बताएंगे, जिसको फॉलो करके आप भी उनकी तरह हैल्दी और फिट दिख सकते है

1. जापानी कम तेल और धीमी आंच और भाप में पका खाना खाते है। इससे उनकी डाइट में फैट नहीं बढ़ती और फूड के न्यूट्रिएंट्स बरकरार रहते है। साथ ही मोटापा कंट्रोल रहता है।
2. वह प्रोसेस्ड फूड कम और फ्रैश फूड का ज्यादा सेवन करते है। इससे अनावश्यक कैमिकल्स और ऑयल से बचाव होता है। इससे वह बिल्कुल फिट रहते है।

3.  जापानी दिन में 3-5 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाते है ताकि उनका मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन अच्छा रहता है, जिससे फैट और कैलोरी तेजी से बर्न होती है।
4. वह अपनी भूख से कम खाना खाते है। वह 100 में से 80 प्रतिशत खाना खाते है। इससे एक्सट्रा कैलोरी कम होती है।
5. जापानी हैल्दी चाय पीते है। वह ग्रीन टी को ज्यादा पीते है, जिससे फैट बर्निंग तेज होती है और मोटापा कम होता है।

6. वह छोटी प्लेट में खाना धीरे-धीरे खाते है क्योंकि इससे फूड अच्छी तरह से डाइजेस्ट होता है
7. रिफाइंड फूड और मीठे का कम सेवन करते है। इससे शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होती है और पेट के आसपास चर्बी जमा नहीं होती है।

8. वह हैल्दी और हैवी ब्रेकफास्ट करते है ताकि दिन भर भूख कम लगें और शरीर में एनर्जी बनी रहें

घर के आटे में चुपचाप डाल दे ये चीजे, पैसो की होगी ऐसी बारिश, कि आप संभाल नहीं पाएंगे !

वैसे आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने वाले है, जिससे आपकी ये शिकायत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी. आपको बता दे कि हम आपको तुलसी का ऐसा रामबाण उपाय बताने वाले है, जिसे आजमाने के बाद आपको कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा


गौरतलब है, कि इस उपाय को करना जितना आसान है, इसका असर भी उतनी ही तेजी से दिखता है. इसके इलावा यह उपाय आर्थिक तंगी तो दूर करेगा ही, पर साथ ही परिवार के सदस्यों में हो रहे कलेश को खत्म करने में भी सहायता करेगा. तो चलिए अब हम आपको बताते है, कि आखिर यह चमत्कारी उपाय क्या है.

१. इस उपाय के अनुसार शनिवार को आटा पिसवाने के लिए जाते समय थोड़े से गेहूं में 100 ग्राम काले चने, 11 पत्ते तुलसी और दो दाने केसर के मिला दे. फिर इसे बाकी गेहूं में मिला कर पिसवा ले. इसके इलावा आप आटा पिसवाने शनिवार को ही जाए. इस उपाय का असर आपको बहुत जल्दी दिखने लगेगा.

२.इसके अतिरिक्त शनिवार को काले कुत्ते को सरसो के तेल से चुपड़ी रोटी खिलाने से भी धन में वृद्धि होती है.

३. वही तुलसी के पौधे पर हर रोज सुबह और शाम दीपक जलाने से भी व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती है. इसके इलावा शनिवार को पीपल के पेड़ में देसी घी का दीपक जलाने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती है


थाइराइड में फायदेमंद हैं ये आहार

थाइराइड ग्रंथि की समस्या आज आमतौर पर ज्यादातर लोगों में देखी जा सकती है। थाइराइड की समस्या आदमी की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होती है। थाइराइड एक साइलेंट किलर है जो सामान्य स्वास्‍थ्‍य समस्यायओं के रूप में शरीर में शुरू होती है और बाद में घातक हो जाती है। थाइराइड से बचने के लिए विटामिन, प्रोटीनयुक्त और फाइबरयुक्त आहार का ज्यादा मात्रा में सेवन करना चाहिए। 

थाइराइड में ज्यादा आयोडीन वाले खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। मछली और समुद्री मछली थाइराइड के मरीज के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। थाइराइड के मरीज को डॉक्टर से सलाह लेकर ही अपना डाइट प्लान बनाना चाहिए। हम आपको कुछ आहार के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो कि थाइराइड के मरीज के लिए फायदेमंद हो सकता है।

मछली

थाइराइड के मरीज को आयोडीनयुक्त भोजन करना चाहिए। मछली में ज्यादा मात्रा में आयोडीन होता है। आम मछलियों की तुलना में समुद्री मछलियों में आयोडीन होता है। इसलिए समुद्री मछली जैसे, सेलफिश और झींगा खाना चाहिए जिसमें ज्यादा मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। अल्बकोर ट्यूना, सामन, मैकेरल, सार्डिन, हलिबेट, हेरिंग और फ़्लाउंडर, ओमेगा -3 फैटी एसिड की शीर्ष आहार स्रोत हैं।

साबुत अनाज 

आटा या पिसे हुए अनाज की तुलना में अनाज में ज्यादा मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर होता है। अनाज में विटामिन-बी और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिसे खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है। पुराना भूरा चावल, जंगली चावल, जई, जौ, ब्रेड, पास्ता और पापकॉर्न खाना चाहिए।

दूध और दही 

थाइराइड के मरीज को दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। दूध और दही में पर्याप्त मात्रा में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। दही में पाऐ जाने वाले स्वस्थ बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) शरीर के इम्‍यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। प्रोबायोटिक्स थाइराइड रोगियों में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल को स्‍वस्‍थ बनाए रखने में मदद करता है

फल और सब्जियां

फल और सब्जिया एंटीऑक्सीडेंट्स का प्राथमिक स्रोत होती हैं जो कि शरीर को रोगों से लडने में सहायता प्रदान करते हैं। सब्जियों में पाया जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को मजबूत करता है जिससे खाना अच्छे से पचता है। हरी और पत्तेदार सब्जियां थाइराइड ग्रंथि की क्रियाओं के लिए अच्छी होती हैं। हाइपरथाइराइजिड्म हड्डियों को पतला और कमजोर बनाता है इसलिए हरी और पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिसमें विटामिन-डी और कैल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। लाल और हरी मिर्च, टमाटर और ब्लूबेरी खाने में शरीर के अंदर ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट जाता है। इसलिए थाइराइड के रोगी को फल और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

आयोडीन 

थाइराइड के मरीज को आयोडीनयुक्त भोजन करना चाहिए। आयो‍डीन थाइराइड ग्रंथि के दुष्प्रभाव को कम करता है। थाइराइड के मरीज को ज्या‍दा आयोडीनयुक्त नमक नहीं खाना चाहिए क्योंकि उसमें सूगर की मात्रा भी मौजूद होती है जिससे थाइराइड बढता है।
थाइराइड को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। थाइराइड के मरीज को सामान्य स्वास्‍थ्‍य समस्याएं होती हैं जिसे भागदौड की जिंदगी में आदमी असानी से उपेक्षा कर देता है जो कि घातक हो सकता है। लेकिन स्वस्थ खान-पान अपनाकर थाइराइड के खतरे को कम किया जा सकता है।
एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी फिल्‍म बाहुबली 2 दिन प्रतिदिन नए-नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है। फिल्‍म को रिलीज हुए अभी सिर्फ पांच दिन बीते हैं। और इतने में ही इस एपिक फिल्‍म ने पांच रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। जिन्‍हें सालों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा। आइए जानें कौन-कौन हैं वो रिकॉर्ड...
1. पहले दिन की सबसे ज्‍यादा कमाई :
28 अप्रैल को रिलीज हुई फिल्‍म 'बाहुबली 2' को देखने के लिए पहले दिन जबर्दस्‍त भीड़ देखी गई। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर कटप्‍पा ने बाहुबली को क्‍यों मारा। बस यही एक कारण था कि फिल्‍म ने पहले दिन कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस एपिक फिल्‍म का फर्स्‍ट डे कलेक्‍शन 121 करोड़ था। जिसमें कि हिंदी से 41 करोड़, वहीं तमिल, तेलुगु और मलयालम मिलाकर 80 करोड़ की कमाई कर ली। यानी कि पहले दिन की कुल कमाई 121 करोड़ थी और भारत में इससे पहले किसी फिल्‍म ने इतनी ज्‍यादा कमाई नहीं की
2. डबिंग मूवी में सबसे ज्‍यादा कमाई :
बाहुबली 2 के हिंदी वर्जन ने भी कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हिंदी डबिंग में मूवी ने पहले दिन ही 41 करोड़ की कमाई कर ली। और यह किसी भी डबिंग मूवी द्वारा सबसे ज्‍यादा ओपनिंग कलेक्‍शन है। इससे पहले आमिर की इंगल ने 29 करोड़ और सुल्‍तान ने 36 करोड़ की कमाई की थी।
3. पहली भारतीय फिल्‍म ने पहले दिन कमाए 100 करोड़ से ज्‍यादा :
बॉलीवुड के तीनों खान की फिल्‍मों को मिला लें, तो भी पहले दिन कोई फिल्‍म 100 करोड़ से ज्‍यादा की कमाई नहीं कर पाई। लेकिन बाहुबली 2 ने यह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। फिल्‍म ने ओपनिंग डे में 121 करोड़ की कमाई की। इतना तो कई फिल्‍में महीनेभर में भी नहीं कमा पातीं
4. सबसे ज्‍यादा स्‍क्रीन पर हुई रिलीज :
यह फिल्‍म दुनियाभर के 9000 स्‍क्रीन्‍स पर एकसाथ रिलीज हुई। जिसमें कि भारत के 6500 स्‍क्रीन्‍स शामिल हैं। बाहुबली 2 से पहले कोई भी फिल्‍म इतने स्‍क्रीन पर लॉन्‍च नहीं की गई।
5. अमेरिका में सबसे ज्‍यादा देखी गई भारतीय फिल्‍म :
फिल्‍म बाहुबली 2 ने सिर्फ भारत ही नहीं दूनियाभर में कमाई के रिकॉर्ड बनाए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाहुबली 2 ने अमेरिका में पहले वीकेंड में 65 करोड़ की कमाई की है। और वहां पर इतनी कमाई करने वाली यह पहली भारतीय फिल्‍म है
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केले के अनजाने उपयोग

केले के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में हम सभी जानते हैं, लेकिन केले के बहुत सारे ऐसे फायदे भी हैं जिनसे हम अनजान हैं। केला न केवल हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है बल्कि इससे आप अपनी त्‍वचा, बालों और बहुत सारे घरेलू कामों में भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के जरिए जाने केले अनजाने उपयोगों के बारे में।


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तनाव कम करें

केला तनाव को कम करने में मदद करता है। केले में ट्राइप्टोफान नामक एमिनो एसिड होता है, जो मूड को रिलैक्स करता है। तनाव से पीड़‍ित व्‍यक्ति को केला खाने से अच्छा महसूस होता है
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जूते चमकाएं केला

केला जूते, लेदर, सिल्‍वर पर पॉलिश का काम करता है। क्‍या आप केले के इस अद्भुत लाभ के बारे में जानते है। नहीं तो हम आपको बताते है कि केले के छिलके को जूते, चमड़े और सिल्‍वर ज्‍वैलरी पर रगड़ने से उसमें चमक आ जाती है।
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दांत को मोतियों सा चमकाएं

अगर आप चाहते हैं कि आपके दांत मोतियों से चमकने लगें तो केले के छिलके का इस्‍तेमाल करें। ब्रश करने के बाद केले के छिलके को हर दिन दांत में रगड़ने से उनमें चमक आ जाती है
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त्‍वचा के लिए फायदेमंद

अभी तक आपने केले का इस्तेमाल केवल खाने के लिए किया होगा। लेकिन इस बार इसका उपयोग त्‍वचा को स्‍वस्‍थ व चमकदार बनाने के लिए करें। केले में विटामिन सी, ए, पोटैशियम, कैल्शियम, फास्फोरस व कार्बोहाइड्रेट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो त्‍वचा के लिए कई तरह से फायदेमंद होते है।
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त्‍वचा के लिए मॉइस्चराइजर है केला

केला न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि एक अच्छा मॉइश्‍चराइजर भी है। घर पर केले का फेस पैक बनाने के लिए एक चौथाई पका हुआ केला लें और उसमें एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दही मिला लें। इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स करके अपने चेहरे पर फेस पैक की तरह लगाएं। लगभग 10 से 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। आपकी त्वचा की खोयी हुई चमक वापस लौट आएगी।
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बालों में लाएं नए जान

लगातार कलरिंग और केमिकल्‍स से खराब हुए बालों को केले से ठीक किया जा सकता है। विटामिन बी और सी का स्रोत होने के कारण यह बेहतरीन पोषण देता है। पोटैशियम से भरपूर केला बालों को मुलायम भी करता है। अगर आपके बाल बहुत रूखे हैं तो एक केले के गूदे में एक चम्‍मच ग्लिसरीन या शहद मिलाकर पैक बना कर अपने बालों में लगायें।
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जलन कम करें केला

जल जाने पर केले के इस्‍तेमाल से जलन कम होती हैं। छिलके के कारण केला नैसर्गिक रूप में हमेशा शुद्ध और संक्रमण मुक्त रहता है। अच्छे पके केले का गूदा शरीर के जले हुए हिस्से पर लगाकर कपड़ा बांध दिया जाय तो तुरंत आराम मिलता है।
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फटी एडियों से दिलाएं निजात

अगर आप फटी एडियों की समस्‍या से परेशान है तो केला आपको राहत देगा। इसके लिए पैरों को गरम पानी में डाल कर प्‍यूमिक स्‍टोन से साफ करें। उसके बाद उसपर केले और नारियल तेल मिला पैक बनाकर लगा दें। कुछ देर बाद इसे धो लें। नारियल और केला वसा और विटामिन से भरपूर होते हैं जिससे पैरों को नमी मिलती है
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वार्ट्स दूर भगाएं

वार्ट्स जिसे मस्‍सों की समस्‍या भी कहते है। जो अक्‍सर पैरों या हाथों में निकल आते हैं। इसे दूर करने के लिए केला बहुत ही लाभकारी होता है। इसके लिए आपको केले के छिलके को केवल उस जगह पर रगड़ना होगा और रातभर ऐसे ही छोड़ देना होगा। इससे दुबारा उस जगह पर वार्ट्स नहीं निकलते

इस बात को तो सभी लोग जानते है कि गाजर का जूस हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेंमंद होता है लेकिन क्या आपको पता गाजर का जूस हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारी स्किन के लिए काफी फायदेमंद है। इसके सेवन से त्वचा भीतर से साफ होती है और चेहरे पर इसे लगाने से आपकी त्वचा पर मौजूद निशान दूर होते हैं। आइए जानते है इसके साथ होने वाले ब्यूटी फायदे…

1. ड्राईनेस को दूर करें
गाजर में पोटैशियम काफी मात्रा में होता है, जो हमारी स्किन को पोषण देता है। गाजर का रोजाना सेवन करने से त्वचा पर नमी बनी रहती है और रूखापन दूर होता है।
2. दाग-धब्बे दूर 
गाजर का जूस चेहरे से दाग धब्बों को दूर करने का काम करता है। रोजाना इसका सेवन करने से स्किन में चमक आती है और चेहरा एकदम साफ रहता है।

3. पानी की कमी को पूरा
गाजर का जूस रोजाना पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती। यह त्वचा और शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करता है
4. एक्ने की समस्या दूर
गाजर में फायदेमंद ऑयल होते हैं, जो पाचन क्रिया के सही रखने के साथ एक्ने जैसी समस्या को दूर करती है।
5. त्वचा की रंगत निखारे
गाजर मृत त्वचा की कोशिकाओं को दूर करके त्वचा की रंगत को निखारने में मदद करती है।

6. सनबर्न करें दूर
गाजर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन को सूरज की तेज धूप से दूर रखकर सनबर्न की समस्या में सहायक होती है।

सेहत के लिए अमृत है घड़े का पानी

गरीबों का फ्रिज घड़े का पानी स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से अमृत होता है, लेकिन इसे ऐसे ही अमृत नहीं बोलते, बल्कि वास्‍तव में घड़े का पानी सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है, इसके फायदों को जानकर घड़े का पानी पीना शुरू कर देंगे आप
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अमृत है घड़े का पानी

पीढ़ियों से, भारतीय घरों में पानी स्‍टोर करने के लिए मिट्टी के बर्तन यानी घड़े का इस्तेमाल किया जाता है। आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो इन्हीं मिट्टी से बने बर्तनो में पानी पीते है। ऐसे लोगों का मानना है कि मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू के कारण घड़े का पानी पीने का आनंद और इसका लाभ अलग है। दरअसल, मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता पाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी के बर्तनों में पानी रखा जाए, तो उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं। इसलिए घड़े में रखा पानी हमें स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं

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चयापचय को बढ़ावा

नियमित रूप से घड़े का पानी पीने से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। प्‍लास्टिक की बोतलों में पानी स्‍टोर करने से, उसमें प्‍लास्टिक से अशुद्धियां इकट्ठी हो जाती है और वह पानी को अशुद्ध कर देता है। साथ ही यह भी पाया गया है कि घड़े में पानी स्‍टोर करने से शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरोन का स्‍तर बढ़ जाता है
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    पानी में पीएच का संतुलन

    घड़े का पानी पीने का एक और लाभ यह भी है कि इसमें मिट्टी में क्षारीय गुण विद्यमान होते है। क्षारीय पानी की अम्लता के साथ प्रभावित होकर, उचित पीएच संतुलन प्रदान करता है। इस पानी को पीने से एसिडिटी पर अंकुश लगाने और पेट के दर्द से राहत प्रदान पाने में मदद मिलती हैं।
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  • गले को ठीक रखे

    आमतौर पर हमें गर्मियों में ठंडा पानी पीने की तलब होती है और हम फिज्र से ठंडा पानी ले कर पीते हैं। ठंडा पानी हम पी तो लेते हैं लेकिन बहुत ज्‍यादा ठंडा होने के कारण यह गले और शरीर के अंगों को एक दम से ठंडा कर शरीर पर बहुत बुरा प्रभावित करता है। गले की कोशिकाओं का ताप अचानक गिर जाता है जिस कारण व्याधियां उत्पन्न होती है। गले का पकने और ग्रंथियों में सूजन आने लगती है और शुरू होता है शरीर की क्रियाओं का बिगड़ना। जबकि घडें को पानी गले पर सूदिंग प्रभाव देता है।
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    गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद

    गर्भवती को फ्रिज में रखे, बेहद ठंडे पानी को पीने की सलाह नहीं दी जाती। उनसे कहा जाता है कि वे घड़े या सुराही का पानी पिएं। इनमें रखा पानी न सिर्फ उनकी  सेहत के लिए अच्‍छा होता है, बल्कि पानी में मिट्टी का सौंधापन बस जाने के कारण गर्भवती को बहुत अच्‍छा लगता है।
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    वात को नियंत्रित करे

    गर्मियों में लोग फ्रिज का या बर्फ का पानी पीते है, इसकी तासीर गर्म होती है। यह वात भी बढाता है। बर्फीला पानी पीने से कब्ज हो जाती है तथा अक्सर गला खराब हो जाता है। मटके का पानी बहुत अधिक ठंडा ना होने से वात नहीं बढाता, इसका पानी संतुष्टि देता है। मटके को रंगने के लिए गेरू का इस्तेमाल होता है जो गर्मी में शीतलता प्रदान करता है। मटके के पानी से कब्ज ,गला ख़राब होना आदि रोग नहीं होते
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    विषैले पदार्थ सोखने की शक्ति

    मिटटी में शुद्धि करने का गुण होता है यह सभी विषैले पदार्थ सोख लेती है तथा पानी में सभी जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाती है। इसमें पानी सही तापमान पर रहता है, ना बहुत अधिक ठंडा ना गर्म

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    कैसे ठंडा रहता है पानी

    मिट्टी के बने मटके में सूक्ष्म छिद्र होते हैं। ये छिद्र इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। पानी का ठंडा होना वाष्पीकरण की क्रिया पर निर्भर करता है।  जितना ज्यादा वाष्पीकरण होगा, उतना ही ज्यादा पानी भी ठंडा होगा। इन सूक्ष्म छिद्रों द्वारा मटके का पानी बाहर निकलता रहता है। गर्मी के कारण पानी वाष्प बन कर उड़ जाता है। वाष्प बनने के लिए गर्मी यह मटके के पानी से लेता है। इस पूरी प्रक्रिया में मटके का तापमान कम हो जाता है और पानी ठंडा रहता है
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