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12 दिन इस तरह केला खाये और फिर खुद को देखना

12 दिन इस तरह केला खाये और फिर खुद को देखना

केले में कई प्रोटीन तत्व पाए जाते ही हमारे स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा कुछ सही रखने में सबसे ज्यादा सहायक होते हैं। चावल व्हीट और मक्के के बाद केला एक ऐसा चौथा फल है जो सस्ता भी है और कहीं भी मिल जाता है। यह पोस्टिक तत्व से पूरी तरह भरपूर होता है इसकी कीमत भी बहुत कम होती है।
जिसको अगर हम अपने डाइट में शामिल कर लें तो हमारे लिए बहुत ज्यादा अच्छा होगा। अगर आप रोजाना केले के इलावा और कुछ न खाएं तो आपका वजन को कम होने में यह सबसे ज्यादा मददगार साबित होगा। लेकिन यदि आप यही केला अपने रेगुलर मील में साथ शामिल करती हैं तो आपका वजन आमूलचूल ढंग से बढ़ जाएगा।
कैलोरी को कम करने के लिए केला सबसे ज्यादा सहायक होता है। यू लेटर के मुताबिक यदि आप सिर्फ केला डाइट पर रहती है तो आप अपने शरीर से को कम कर रही है लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि आप किसी भी तरह की अपनी डाइट में और कुछ शामिल नहीं करेंगे। 3 लीटर पानी पर प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीएं रोजाना कम से कम 3 लीटर पानी हम लोग को जरुर पीना चाहिए जिससे कि हमारी डाइट में असर पड़ता है।

गुणकारी गिलोय के बेमिसाल फ़ायदे

गिलोय (Giloy) एक प्रकार की बेल है। इस बेल के इस्तेमाल से अनेक रोगों का निदान होता है। अगर आपको किसी भी प्रकार की बीमारी (Disease) का आयुर्वेदिक तरीके से करना है, तो सबसे उत्तम उपाय है, गिलोय। गिलोय (Giloy) के बारे में बहुत कम लोग जानते है, लेकिन आज कि हमारी पोस्ट पढ़कर सभी लोग गिलोय और गिलोय से होने वाले फायदों (Giloy Ke Fayde) के बारे में जान जायेगे। गिलोय (Giloy) की सबसे बढ़िया बात यह है, कि यह बेल जिस पेड़ पर लगती है, उसके सारे गुणों भी इसमें आ जाते है। चलिए जाने गिलोय के फायदों (Giloy Ke Fayde) के बारे में।
गिलोय के फायदे (Giloy Benefits) – Giloy Ke Fayde
1. वजन कम करे (Losing weight) – अगर आप मोटापे की समस्या (Problem of obesity) से परेशान है, तो आप रोजाना सुबह शाम शहद में गिलोय (Giloy) और त्रिफला का पाउडर मिलाकर खाये।
2. उल्टी आने पर (vomiting) – उल्टी (vomiting) की समस्या होने पर गिलोय में मिश्री मिलाकर खाने से लाभ होता है।
3. बांझपन (Infertility) – बांझपन (Infertility) एक औरत के लिए सबसे बड़े दुःख की बात है, संसार की कोई भी औरत बांझ होना नहीं चाहती, लेकिन फिर भी बहुत सी औरते ऐसी है, जो माँ नहीं बन पाती। बांझपन (Infertility) से छुटकारा पाने के लिए दूध में Ashwagandha और गिलोय पकाकर पिए।
4. खून की सफाई (Blood cleansing) – खून में गन्दगी होने से शरीर में अनेक प्रकार के रोग होने लगते है। खून को साफ़ करने के लिए गिलोय के पत्तो को पीसकर रस निकाले। अब इस रस को सुबह खाली पेट रोजाना पिए।
5. खून की कमी दूर करे (Remove blood loss) – गिलोय के सेवन से Body में खून की कमी दूर हो जाती है। खून की कमी को दूर करने के लिए गिलोय में शहद मिलाकर खाया जाता है। गिलोय का रोजाना इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है, जिससे शरीर को अनेक रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है।
6. गठिया में फायदेमंद (Beneficial in arthritis) – सोंठ के साथ गिलोय का पाउडर मिलाकर खाने से गठिया की बीमारी सही हो जाती है। अगर आपको cough की समस्या है, तो आप गिलोय का पाउडर शहद के साथ खा सकते है।
7. टीबी का इलाज (TB treatment) – गिलोय के रस को शहद और ईलायची के साथ मिलाकर खाने से टीबी की बीमारी धीरे धीरे ठीक हो जाती है।
8. खुजली (Itching) – खून में गन्दगी होने पर खुजली जैसी बीमारी हो जाती है। गिलोय का रस पीने से खून साफ़ होता है। खुजली वाले हिस्से पर गिलोय को हल्दी के साथ पीसकर बाँधने से खुजली दूर हो जाती है।
9. डेंगू (Dengue) – Body में प्लेट्स की कमी के कारण डेंगू, चिकनगुनिया, बर्ड फ्लू जैसे खतरनाक रोग हो जाते है। Body में प्लेट्स को तेजी से बढ़ाने के लिए 7 इंच गिलोय की बेल में व्हीटग्रास, तुलसी के 5 पत्ते, एलोवेरा और 4 पत्ते पपीते के डालकर जूस बनाये। इस जूस को पीने से Body में आयी प्लेट्स की कमी जल्दी दूर हो जाती है।
10. दस्त (Diarrhea) – दस्त की समस्या होने पर गिलोय का रस पीने से जल्दी आराम होता है। पेट से जुडी बीमारियों जैसे कब्ज गैस आदि से छुटकारा पाने के लिए भी गिलोय के रस का प्रयोग किया जा सकता है।
11. पीलिया का इलाज (Jaundice treatment) – पीलिया को ठीक करने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है। पीलिया को ठीक करने के लिए गिलोय के चूर्ण में शहद, त्रिफला और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाये। उसके बाद एक गिलास छाज में गिलोय के पत्तो का एक चम्मच रस मिलाकर पिए।
12. कैंसर (Cancer) – गिलोय (Giloy) की जड़ में पाए जाने वाले Antioxidants से कैंसर जैसे खतरनाक Diseases का इलाज हो सकता है। गेंहू के ज्वारे में तुलसी, नीम और गिलोय (Giloy) का रस मिलाकर मिलाकर पीने से कैंसर (Cancer) की बीमारी में बहुत लाभ होता है।
13. दिल से जुड़ी बीमारियां (Heart diseases) – खून में शर्करा के लेवल और बॉडी में उच्च रक्तचाप को कण्ट्रोल करने के लिए गिलोय (Giloy) का रोजाना सेवन करना चाहिए। गिलोय (Giloy) शरीर को अनेक रोगों से बचाये रखता है।
14. बवासीर का इलाज (Hemorrhoids Treatment) – अगर आपको बवासीर की समस्या (Problem) है, तो आप मट्ठे के साथ गिलोय का चूर्ण खाये।
15. Giloy Ke Fayde : जलन मिटाये (Burning) – अगर आपके हाथो पैरो में जलन होती है, तो आप बिना किसी दवाई के गिलोय का इस्तेमाल करके हाथो पैरो की जलन को दूर कर सकते है। जलन दूर करने के लिए गिलोय के रस में आवंला रस और नीम के पत्तो का रस मिलाकर रोजाना दिन में कम से कम दो बार पिए।
16. बुखार में फायदेमंद (Beneficial in fever) – शहद में गिलोय का रस मिलाकर खाने से बुखार बिना दवाई के ठीक हो जाता है। खाँसी के साथ तेज बुखार होने पर गिलोय के रस में शहद के साथ पीपल का चूर्ण मिलाकर खाये।
17. बीमारियों से दूर करें (To avoid disea

गाय के इतने बेहतरीन फायदे जानकर आप रह जाएंगे हैरान

गाय का दूध है सोना, इसके लाजवाब फायदे शायद आप नहीं जानते

पंजाब केसरी (सेहत) :  गाय को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया गया है। इसलिए इसका दूध भी सेहत के लिए अमृत तुल्य है। गाय का दूध पीने से शरीर हमेशा स्वस्थ और ताकतवर रहता है। इससे शरीर में किसी भी तत्व की कमी नहीं होती और इस दूध के लगातार सेवन से कैंसर,HIV,दिल संबंधी बीमारियां,उच्च रक्तचाप,माइग्रेन जैसी भयंकर बीमारियों से भी बचा जा सकता है। आइए, इससे होने वाले ओर भी चमत्कारिक फायदों के बारे में जानते हैं।
1. गाय का दूध सोना
गाय की रीढ़ की हड्डी में सूर्यकेतु नाड़ी होती हैं। सूर्य की किरणें जब गाय के शरीर को छूती हैं, तब सूर्यकेतु नाड़ी सूर्य की किरणों से सोना बनाती हैं। इसी कारण गाय के दूध और मक्खन में पीलापन होता हैं, गाय के दूध में विषनाशक तत्व होते हैं। गाय का दूध पीने से शुद्ध सोना शरीर में जाता हैं।
2. हड्डियों को मजबूत बनाएं
दूध में सबसे पौष्टिक तत्व हैं कैल्शियम और विटामिन डी। कैल्शियम हमारी हड्डियों और दांतो को मजबूत बनाता हैं और विटामिन डी कैल्शियम को सोखने में मदद करता हैं।
3. होठों का कालापन
एक चम्मच कच्चे दूध में केसर मिलाकर होंठों पर मालिश करें तो उससे होठों का कालापन भी दूर होता है।
4. आंखों की समस्या
आंखों में दर्द, जलन या तिनका गिर गया हो तो आप गाय के दूध में रुई भिगोकर अपनी आंखों पर रखें या आप दूध की 3 बूंदे आंखों में भी डाल सकते हैं। गाय के दूध में पाया जाने वाला पीला पदार्थ कैरोटीन होता है जो आंखों की रोशनी को बढ़ाता है।
5. बच्चों को दस्त लगने पर
गर्म दूध में चुटकी भर दालचीनी का प्रयोग करने से बच्चों को दस्त से राहत मिलती है। बड़ों को दस्त होने पर इसकी मात्रा दुगुनी कर दें।
6. दिमागी विकास
बच्चों के दिमागी विकास के लिए यह दूध लाभदायक माना जाता है।
7. स्किन ग्लो
गाय के कच्चे दूध से चेहरे पर मसाज करने से त्वचा गोरी और चमकदार होती है।
8. यूरिन इंफैक्शन
मूत्राशय से संबंधित रोगों में गाय के दूध में गुड़ मिलाकर पीने से काफी फायदा मिलता है।
9. गैस और अपच से राहत
दूध मीठा होने की वजह से पित्त और गैस की समस्या को भी दूर करता है। यह आसानी से पच भी जाता है।
10. दिल के लिए फायदेमंद
दूध में विटामिन बी 2 और विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करने के लिए सारे तत्व पाए जाते हैं।

रीढ़ की हड्डी-इसके कार्य जानकारी या बीमारियां

मानव शरीर के रचना में रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड होता है, जो पीठ की हड्डियों का एक ऐसा समूह होता है। यह मस्तिष्क के पिछले भाग से निकलकर गुदा के पास तक जाती है। मेरुदंड हमारे शरीर और मस्तिष्क दोनों का ही आधार है। हमारा मस्तिष्क हमारे मेरुदंड का अंतिम छोर है। मेरुदंड हमारे पुरे शरीर की ही आधारशिला है अगर हमारी मेरुदंड युवा है तो हम युवा हैं। अगर मेरुदंड बूढ़ी है तो हम बूढ़े हैं। जब हमारा मेरुदंड ठीक होता है तो हमारे मन मस्तिष्क पर चमक रहती है। मेरुदंड में 33 खंड होते हैं जो मेरुदंड के भीतर ही मेरुनाल में मेरुरज्जु को सुरक्षित रखने में मदद करते है।
रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड का शल्यकर्म
मेरुदंड रीढ़ या कशेरुक दंड अनेक प्रकार की छोटी अस्थियों से निर्मित होती है, जिसे कशेरुक के नाम से जाना जाता है और इसकी कुल संख्या 26 होती है जो इस प्रकार से है :-
गर्दन पर 7
पृष्ठीय या वक्षीय 12
कटि 5
त्रिकस्थिय 1
कोसेजी 1
त्रिकस्थिय में पांच अस्थियां पाई जाती है जबकि कोसेजी में चार अस्थियां एकाकार होती है।
रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड के कार्य
मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और परिधीय तंत्रिका में एक्सोन ऊपर और रीढ़ की हड्डी के इलाके में रीढ़ की हड्डी को नीचे भेजते हैं। रीढ़ की हड्डी उत्तेजना के लिए संकेत संचारित करती है और साथ ही हमारे शरीर के कई कार्य को नियंत्रण में करती है जैसे पसीना, रक्तचाप, यौन आंत्र आदि।
रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड की सरंचना
रीढ़ की हड्डी (पीले रंग में) पूरे शरीर में नसों को मस्तिष्क से जुड़ती है। रीढ़ की हड्डी में एक लंबी, पतली, ट्यूबलर तंत्रिका ऊतक और समर्थन कोशिकाओं के बंडल की कशेरुका स्तंभ की काठ क्षेत्र से मस्तिष्क तक फैली है। मस्तिष्क में 100 अरब से भी अधिक न्यूरॉन्स होते हैं जिनका वजन लगभग 1.4 किलो (3 पौंड) तक का होता है। मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के ऊतकों के दो मुख्य प्रकार होते हैं, मस्तिष्क में सबसे बड़ी संरचना मस्तिष्क है, जो दो हिस्सों में बांटा गया है।
रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड के रोग
जब भी हम कभी अपने उपर गलत तरीका अपनाते हैं, तो इससे हमारा कशेरुकाओं पर असर पड़ता है वो अलग होने लगती हैं, जिससे हमारा मेरुदंड भंग होने लगता है। मेरुदंड के रोग इस प्रकार से हैं जैसे कि…
पीठ में दर्द होना
सर्वाइकल स्पानिडलोसिस
सर्वाइकल कैंसर

बाहर निकला हुआ पेट अंदर करने के उपाय

भारत में मोटे लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आज करीब 4 करोड़ 10 लाख ऐसे लोग भारत में मौजूद हैं, जिनका वजन सामान्य से कहीं ज्यादा है। अधिकांश लोग शुरुआत में मोटापा बढ़ने पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब मोटापा बहुत अधिक बढ़ जाता है तो उसे घटाने के लिए घंटों पसीना बहाते रहते हैं।
मोटापा घटाने के लिए खान-पान में सुधार जरूरी है। कुछ प्राकृतिक चीजें ऐसी हैं, जिनके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। इसलिए यदि आप वजन कम करने के लिए बहुत मेहनत नहीं कर पाते हैं तो अपनाएं यहां बताए गए छोटे-छोटे उपाय। ये आपके बढ़ते वजन को कम कर देंगे।
1. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।
2. केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाए गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।
3. रोज पत्तागोभी का जूस पिएं। पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।
4. पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है।
5. दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें।
6. छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।
7. आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लेंं। कमर एकदम पतली हो जाएगी।
8. मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।
9. एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।
10. सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।
11. खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।
12. सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से पेट अंंदर हो जाता है।

तरबूज के बीजो को उबालकर खाने से ये होंगे ये बेहतरीन फायदे

इसमें कोई शक नहीं की गर्मियों में तरबूज शरीर के लिए अमृत होता है , लेकिन क्या आप जानते हैं, तरबूज के बीजें भी उतने ही लाभकारी हैं जितना तरबूज, बल्कि उससे कहीं गुना जयादा |तरबूज के बीज का अधिकतम लाभ लेने के लिए, आपको उन्हें पकाना,पीसाना या सेंकना होगा। यह आलेख तरबूज के उबले बीज के एक नुस्खे और उसके अद्भुत स्वास्थ्य लाभों के बारे में है
इन बीजों में विटामिन बी, थाइमिन, नियासिन, फोलेट और मैग्नीशियम, पोटेशियम, लोहा, जस्ता, फास्फोरस और तांबे, जैसे खनिजों की भरमार है। वे स्वस्थ कैलोरी का भी एक बड़ा स्रोत हैं। लगभग 100 ग्राम तरबूज़ के बीज लगभग 600 ग्राम कैलोरी देते हैं। इसमें आहार फाइबर भी होते हैं, जो पाचन तंत्र के सामान्य ऑपरेशन के लिए आवश्यक है और आंत्र परजीवी का इलाज करने में मदद करता है।

किशमिश का पानी पीने के फायदे

सूखे मेवे में किशमिश हर किसी को पसंद होती है और इसका मीठा स्वाद हर मिठाई को खास बना देता है. किशमिश खाने के स्वाद को तो बढ़ाती ही है साथ ही यह आपकी सेहत का भी पूरा ध्यान रखती है.
किशमिश को पानी में डालकर अगर 20 मिनट तक उबाला जाए और पानी को रातभर रखने के बाद सुबह पीया जाए तो इसके कई लाभ होते हैं…
1. रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी का नियमित सेवन करने से कब्ज, एसिडि‍टी और थकान से निजात मिलती है.
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2. किशमिश का पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल हो जाता है. यह आपके शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मददगार है.
3. इसमें फ्लेवेनॉइड्स एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को तेजी से कम करने में सहायक है.
4. कब्ज या पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए किशमिश का पानी बेहद लाभदायक पेय है और इसे पीने से पाचन तंत्र भी ठीक र‍हता है.
5. प्रतिदि‍न किशमिश का पानी पीने से लीवर मजबूत रहता है और यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है.

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