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वज्रासन-Vajra Aasan Yoga

वज्रासन-Vajra Aasan Yoga

यह ध्यानात्मक आसन हैं। मन की चंचलता को दूर करता है। भोजन के बाद किया जानेवाला यह एक मात्र आसन हैं।

लाभ


सके करने से अपचन, अम्लपित्त, गैस, कब्ज की निवृत्ति होती है। भोजन के बाद 5 से लेकर 15 मिनट तक करने से भोजन का पाचक ठीक से हो जाता है। वैसे दैनिक योगाभ्यास मे 1-3 मिनट तक करना चाहिए। घुटनों की पीड़ा को दूर करता है। इस्के करने से आप पाते है विर्य व्रिधि ओर ब्रह्म्च्र्य कि सुरक्शा।

विधि


दोनों घुटने सामने से मिले हों | पैर की एडियाँ बाहर की और पंजे अन्दर की और हों | बायें पैर के अंगूठे के आस पास मैं दायें पैर का अंगूठा | दोनों हाथ घुटनों के ऊपर |

32 किशमिश खाने से छू मंतर हो जाएगा ब्लड प्रेशर-

आपको अक्सर चक्कर आते हैं, कमजोरी महसूस होतीहै तो हो सकता है कि आप लो ब्लड प्रेशर के शिकार हों। ज्यादा मानसिक तनाव, कभी क्षमता से ज्यादा शारीरिक काम करने से अक्सर लोगों में लो ब्लडप्रेशर की शिकायत होने लगती है।
 
कुछ लोग इसे नजरअन्दाज कर देते हैं तो कुछ लोग डॉक्टर के यहां चक्कर लगाकर परेशान हो जातें हैं। लेकिन आयुर्वेद में लो ब्ल्डप्रेशर को कन्ट्रोल करने के लिए कारगर इलाज है वो है किशमिश। नीचे बताई जा रही विधि को लगातार 32 दिनों तक प्रयोग में लाने से आपको कभी भी लो ब्लड प्रेशर की शिकायत नहीं होगी।

-32 किशमिश लेकर एक चीनी के बाउल में पानी मेंडालकर रात भर भिगोएं। सुबह उठकर भूखे पेट एक-एक किशमिश को खूब चबा-चबा कर खाएं,पूरे फायदे के लिए हर किशमिश को बत्तीस बार चबाकर खाएं। इस प्रयोग को नियमित बत्तीस दिन करने से लो ब्लडप्रेशर की शिकायत कभी नहीं होगी।


विशेष-जिसको लो बी पी की शिकायत हो और अक्सर चक्कर आते हों तो आवलें के रस में शहद मिलाकर चाटने से जल्दी आराम होता है।


-लो बी पी के समय व्यक्ति को ज्यादा बोलना नहीं चाहिए। चुपचाप बायीं करवट लेट जाना चाहिए थोड़ी देर में नीदं आ जाएगी और लो बी पीमें फायदा होगा।


रक्‍तचाप को नियमित रखने के उपाय-Tips to Control Blood Pressure

Eat lean cuts of meats and poultry, with skin removed.

Increase the amount of grains, fruits, vegetables, nuts and beans in your diet.

Cut back on foods containing partially hydrogenated vegetable oils.


Lower weekly servings of sweets to no more than five.

Cut back on food and beverages with added sugars.

Serve fat free, one percent or low-fat dairly products.

Cut back on food high in dietary cholesterol.

Stop smoking. If you smoke throughout the day, your blood pressure may remain consistently high.

Limit alcohol intake. Drinking more than moderate amounts can raise one’s blood pressure significantly. Alcohol may also reduce the effectiveness of any blood pressure medication your dotor may prescribe.

Keep an eye on portion sizes.

Over fifty percent of people with high blood pressure are overweight. Just 30 minutes of moderate aerobic exercise daily, like walking, swimming or biking, can help reverse high blood pressure.

High blood pressure is often linked to stress. Try relaxation techniques, such as yoga or meditation, playing with you pet, or finding a soothing hobby to help reduce stress.


मुँह में दुर्गंध-Prevent Bad Smell of Mouth

मुँह में दुर्गंध आती हो तो अनार का छिलका उबालकर सुबह-शाम कुल्ला करें। इसके छिलकों को जलाकर मंजन करने से दाँत के रोग दूर होते हैं।












घरेलू उपाय, बालों को बचाए-

1. बाल धोते समय अंतिम बचे पानी में नीबू निचोड़ देंउस पानी से बाल धोकर बाहर आ जाएँबालों में अनायास चमक आ जाएगी।

2. 
नारियल के तेल में नीबू का रस मिलाकर बालों की जड़ों में लगाने से बालों का असमय पकना,
झड़ना बंद हो जाता है।

3. 
आँवले का चूर्ण व पिसी मेहँदी मिलाकर लगाने से बाल काले व घने रहते हैं।

4. 
आलू उबालने के बाद के बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से बाल चमकीले, मुलायम होंगे। सिर में खाजसफेद होना व गंजापन आदि रुक जाएगा।

5. 
बालों में चमक प्रदान करने के लिए एक अंडे को खूब अच्छी तरह फेंट लेंइसमें एक चम्मच नारियल का तेलएक चम्मच अरंडी का तेलएक चम्मच ग्लिसरीनएक चम्मच सिरका तथा थोड़ा सा शहद मिलाकर बालों को अच्छी तरह लगा लेंदो घंटे बाद कुनकुने पानी से धो लें। बाल इतने चमदार
हो जाएँगे जितने किसी भी कंडीशनर से नहीं हो सकते।

स्‍वस्‍थ्‍य कैसे रहें-How to live healthy?


मित्रो आप इन नियमो का पालण पूरी ईमानदारी से अपनी ज़िंदगी मे करे!!

ये नियमो का पालण न करने से ही बीमारियाँ ज़िंदगी मे आती हैं!!

सुबह उठते ही सबसे पहले हल्का गर्म पानी पिये !! से गिलास जरूर पिये!


पानी हमेशा बैठ कर पिये!

पानी हमेशा घूट घूट करके पिये!!

घूट घूट कर इसलिए पीना है! ताकि सुबह की जो मुंह की लार है इसमे ओषधिए गुण बहुत है! ये लार पेट मे जानी चाहिए! वो तभी संभव है जब आप पानी बिलकुल घूट घूट कर मुंह मे घूमा कर पिएंगे!

इसके बाद दूसरा काम पेट साफ करने का है! रोज पानी पीकर सुबह शोचालय जरूर जाये! पेट का सही ढंग से साफ न होना 108 बीमारियो की जड़ है!

खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है!

हमेशा डेड घंटे बाद ही पानी पीएं!

खाना खाने के बाद अगर कुछ पी सकते हैं उसमे तीन चीजे आती हैं!!

1) 
जूस

2) 
छाज (लस्सी) या दहीं!

3) 
दूध

सुबह खाने के बाद अगर कुछ पीना है तो हमेशा जूस पिये!

दोपहर को दहीं खाये ! या लस्सी पिये!

और दूध हमेशा रात को पिये!!

इन तीनों के क्रम को कभी उल्टा पुलटा न करे!! फल सुबह ही खाएं (ज्यादा से ज्यादा दोपहर बजे तक)! दहीं दोपहर को दूध रात को!

इसके इलावा खाने के तेल मे भूल कर भी refine oil का प्रयोग मत करे !(वो चाहे किसी भी कंपनी का क्यू न हो dalda, ruchi, gagan)को भी हो सकता है !

अभी के अभी घर से निकाल दें! बहुत ही घातक है!

सरसों के तेल का प्रयोग करे! या देशी गाय के दूध का शुद्ध घी खाएं!! (पतंजलि का सरसों का तेल एक दम शुद्ध है! शुद्ध सरसों के तेल की पहचान है मुंह पर लगाते ही एक दम जलेगा! और खाना बनाते समय आंखो मे हल्की जलन होगी!

चीनी का प्रयोग तुरंत बंद कर दीजिये! गुड खाना का प्रयोग करे! या शक्कर खाये! चीनी बहुत बीमारियो की जड़! slow poison है!

खाने बनाने मे हमेशा सेंधा नमक या काला नमक का ही प्रयोग करे!! आयोडिन युक्त नमक कभी न खाएं!!

(
ये नमक वाली बात आपको अजीब लग सकती हैं! लेकिन बहुत रहस्यमय कहानी है इस आओडीन युकत नमक के पीछे) बाद मे विस्तार से बताई जाएगी!!

सुबह का भोजन सूर्य उद्य! होने के से घंटे तक कर लीजिये! (अगर बजे आपके शहर मे सूर्य निकलता है! तो या 10 बजे तक सुबह का भोजन कर लीजिये! इस दौरान जठर अग्नि सबसे तेज होती है! सुबह का खाना हमेशा भर पेट खाएं! सुबह के खाने मे पेट से ज्यादा मन संतुष्टि होना जरूरी है! इसलिए अपनी मनपसंद वस्तु सुबह खाएं!!

खाना खाने के तुरंत बाद ठीक 20 मिनट के लिए बायीं लेट जाएँ और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मिनट आराम करे! लेकिन इससे ज्यादा नहीं!

इसी प्रकार दोपहर को खाना खाने के तुरंत बाद ठीक 20 मिनट के लिए बायीं लेट जाएँ और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो 40 मिनट मिनट आराम करे! लेकिन इससे ज्यादा नहीं!

रात को खाना खाने के तुरंत बाद नहीं सोना! रात को खाना खाने के बाद बाहर सैर करने जाएँ! कम से कम 500 कदम सैर करे! और रात को खाना खाने के कम स कम घंटे बाद ही सोएँ!

ब्रह्मचारी है (विवाह के बंधन मे नहीं बंधे) तो हमेशा सिर पूर्व दिशा की और करके सोएँ! ब्रह्मचारी नहीं है तो हमेशा सिर दक्षिण की तरफ करके सोएँ! उत्तर और पश्चिम की तरफ कभी सिर मत करके सोएँ!

मैदे से बनी चीजे पीज़ा, बर्गर, hotdog, पूलड़ोगआदि न खाएं! ये सब मेदे को सड़ा कर बनती है!! कब्ज का बहुत बड़ा कारण है! और ऊपर आपने पढ़ा कब्ज से 108 रोग आते हैं)

इन सब नियमो का अगर पूरी ईमानदारी से प्रयोग करेंगे! से महीने मे ऐसा लगेगा पूरी जिंदगी बदल गई है! मोटापा है तो कम हो जाएगा! high BP, cholesterol, triglycerides, सब level पर आना शुरू हो जाएगा! HDL बढ्ने लगेगा! LDL,VLDL कम होने लगेगा!! और भी बहुत से बदलाव आप देखेंगे!!

टमाटर के फायदे-Benefits of Tomoto

टमाटर को ज्यादतर मिक्स करके या फिर सलाद के साथ खाया जाता है। लगभग हर सब्जी को बनाते वक्त टमाटर का प्रयोग किया जाता है। हालांकि, टमाटर का सूप, जूस और चटनी भी बनाकर खाया जाता है। टमाटर में विटामिन सी, लाइकोपीन, विटामिन, पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। टमाटर में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है। टमाटर खाकर वजन को आसानी से कम किया जा सकता है। टमाटर की खूबी
है कि गर्म करने के बाद भी इसके विटामिन समाप्त नहीं होते हैं। आइए हम आपको टमाटर के गणों के बारे में बताते हैं।

टमाटर के गुण


सुबह-सुबह बिना कुल्ला किए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होता है।


बच्चों को सूखा रोग होने पर आधा गिलास टमाटर के रस का सेवन कराने से बच्चे का सूखा रोग ठीक हो जाता है।


बच्चों के विकास के लिए टमाटर बहुत फायदेमंद होता है। दो या तीन पके हुए टमाटरों का नियमित सेवन करने से बच्चों का विकास शीघ्र होता है।


वजन घटाने के लिए टमाटर बहुत काम का होता है। मोटापा कम करने के लिए सुबह-शाम एक गिलास टमाटर का रस पीना फायदेमंद होता है।


यदि गठिया रोग है तो एक गिलास टमाटर के रस की सोंठ तैयार करें व इसमें एक चम्मच अजवायन का चूर्ण सुबह-शाम पीजिए, गठिया रोग में फायदा होगा।


इसे भी पढ़ें : दिल के लिए फायदेमंद है टमाटर गर्भवती महिलाओं के लिए टमाटर बहुत फायदेमंद होता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सुबह एक गिलास टमाटर के रस का सेवन करना चाहिए।


टमाटर पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। टमाटर के नियमित सेवन से पेट साफ रहता है।


कफ होने पर टमाटर का सेवन अत्यंत लाभदायक है।


पेट में कीड़े होने पर सुबह खाली पेट टमाटर में पिसी हुई कालीमिर्च लगाकर खाने से फायदा होता है।


भोजन करने से पहले दो या तीन पके टमाटरों को काटकर उसमें पिसी हुई कालीमिर्च, सेंधा नमक एवं हरा धनिया मिलाकर खाएं। इससे चेहरे पर लाली आती है।


टमाटर के गूदे में कच्चा दूध व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है।


टमाटर के नियमित सेवन से अन्य रोग जैसे डायबिटीज, आंखों व पेशाब संबंधी रोगों, पुरानी कब्ज व चमड़ी के रोगों में फायदा होता है।

टमाटर का सेवन करने से नुकसान भी होता है। अम्ल पित्त, सूजन और पथरी के मरीजों को टमाटर नहीं खाना चाहिए। आंतों की बीमारी होने पर भी टमाटर का प्रयोग नहीं करना चाहिए। मांस पेशियों में दर्द या शरीर में सूजन हो तो टमाटर नहीं खाना चाहिए।

पपीता सेहत के लिए-Papaya for Health

इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं। आसानी से अवशोषित होने से यह शरीर को काफी जल्दी फायदा पहुंचाता है। पपीता एक ऐसा फल है, जो कच्चा और पका हुआ दोनों ही रूप में खाया जाता है। 
कच्चा फल हरे रंग का दिखाई देता है, अधिकतर इसकी सब्जी बनाई जाती है। फल के रूप में ज्यादातर पका हुआ पपीता ही खाया जाता है। क्या-क्या मिलता है? प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, बी और सी के साथ ही कुछ मात्रा में विटामिन-डी भी मिलता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी होता है। पपीता सालभर बाजार में उपलब्ध होता है। पपीता के गुण पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है। पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है। पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है। यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है। पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है। जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है। इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।



बवासीर का इलाज-Remedy for Piles

बवासीर के रोगियों को चाहिए कि दोपहर में भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीएं। 

पेट के रोगियों को चाहिए कि ज्वार की रोटी के साथ दही लें। दही का सेवन भुने हुए जीरे व सेंधा नमक के साथ करें। 

दही में शहद मिलाकर चटाने से छोटे बच्चों के दांत आसानी से निकलते हैं। 

मुंह के छालों में दही कम करने के लिए दिन में कई बार दही की मलाई लगाएं। इसके अलावा शहद व दही की समान मात्रा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।



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