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DEPRESSION के इन लक्षणों को कभी न करें IGNORE


DEPRESSION के इन लक्षणों को कभी न करें IGNORE


डिप्रेशन सिर्फ बीमारी नहीं है और न ही दिमागी फितूर। यह एक ऐसी मानसिक हालत है, जिसमें पॉजिटिव सोचने और बेहतर रिजल्ट तक पहुंचने की इंसान की कपैसिटी कम हो जाती है।
सिर्फ अकेलापन नहीं है यह डिप्रेशन










हम अक्सर डिप्रेशन को अकेलेपन या दुख से जोड़कर देखते हैं। लेकिन सच तो यह है कि डिप्रेशन की समस्या बस इतनी ही नहीं है। बल्कि यह एक ऐसी बड़ी समस्या है जिसके कई शुरुआती लक्षण काफी पहले से ही दिखाई देने लगते हैं। जिनमें से कुछ के बारे में बता रहे हैं हम यहां।






दिमाग के chemicals हैं कारण










आप धीमी गति से काम करते हैं- आपके दिमाग में हो रहे केमिकल्स से जुड़े बदलाव के कारण पूरा सिस्टम धीमा काम करने लगता है। आपको छोटे-छोटे काम जैसे अपनी डेस्क को व्यवस्थित करने या एक कप चाय बनाने में भी बहुत बडबड़ करते हैं। ऑफिस में आपका प्रदर्शन बेहतर नहीं होता।
अगर रहते हैं हमेशा थके हुए










आपको बिना किसी कारण उदासी या थकान, शरीर में अकड़न, कंधों में दर्द, पीठ में दर्द और सिर में दर्द की शिकायत लगभग पूरे दिन ही रहती है।
लेतें हैं कम या ज़्यादा नींद










नींद में गड़बड़ी और डिप्रेशन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। या तो आपको 10 घंटों की नींद के बाद भी बिस्तर से उठने का मन नहीं करता, तो कभी आप पूरी रात जागते रहे हैं लेकिन आपको नींद नहीं आती।
ज़्यादा इच्छा हो मीठा खाने की










आपको चॉकलेट, चाय-कॉफी के साथ ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीज़ें खाने की भी तीव्र इच्छा होती है। लेकिन इनकी वजह से आपके खून में शक्कर की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है। साथ ही आपके दिमाग को भी थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस करानेवाले हार्मोन्स सेरोटोनिन (serotonin) बनाने के लिए सिग्नल मिलने लगते हैं ।
अगर है सोशल मीडिया का चस्का










डिप्रेशन होने पर आप सबकुछ भुलाकर कई-कई घंटों तक फेसबुक या ट्विटर पर झांकते रहते हैं। आपके लिए लॉग आउट करना मुश्किल हो जाता है और सबसे अहम बात आप अपने आसपास के लोगों के साथ बिल्कुल बात नहीं करते और सबसे कट जाते हैं।
यदि नहीं कर पाते एक से अधिक काम










अपनी धीमी गति के कारण आपके लिए एक साथ विभिन्न चीज़ों पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। आपको घर, परिवार और दफ्तर के कामों के बीच संतुलन बनाने में दिक्कत होगी और आप हमेशा तनाव में रहेंगे।
करने लगते हैं ज़्यादा गलतियां










ऑफिस के कामों में पहले से ज़्यादा ग़लतियां करते हैं, ठीक से टाइप नहीं कर पाते, डेडलाइन्स भूल जाते हैं और महत्वपूर्ण मीटिंग्स के बीच समझ नहीं पाते कि क्या बोलना है।
दिमाग एकाग्र नहीं रहता










आपका दिमाग आपको किसी चीज़ पर ध्यान देने में मदद नहीं कर पाता। यहां तक कि आपके लिए छुट्टी की अर्ज़ी लिखने में भी परेशानी होती है।
रहतें हैं सुस्त



डिप्रेशन, आपके पूरे शरीर को प्रभावित करता है, खासकर शरीर के निचले हिस्सों को। आपको एक जगह से दूसरी जगह पर जाने में भी परेशानी होगी। यह आपको पहले से अधिक सुस्त और दुखी बनाता है।

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