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jankari427 ज़्यादा क्रिएटिन से हो सकता है किडनी फ़ैल होने का खतरा

    क्रिएटिन अथवा क्रेटीन उस कैमिकल से बनाया जाता है जो हमारी बॉडी में नेचुरली पाया जाता है. ये मीट और मछली में भी होता है. सबसे ज्यादा क्रेटीन हमारी मसल्स में जमा रहता है. ये एनर्जी देने के काम आता है और मसल्स की ग्रोथ में भी इसका रोल रहता है. 
    1-क्रिएटिन के यूज का सबसे बड़ा और खतरनाक साइड इफेक्ट किड़नी पर पड़ता है. दस ग्राम से ज्यादा रोज क्रेटीन लेना खतरनाक होता है. इसकी हाई डोज के चलते मसल्स का टूटना बहुत तेज हो जाता है. इससे ढेर सारा कैमिकल और प्रोटीन रिलीज होता है, जिसका सारा भार किडनी पर जाकर पड़ता है. इससे किडनी फेल हो सकती है और अगर सही वक्त पर इलाज न मिला तो मौत तक हो सकती है.
    2-पेट और छोटी आंत से जुड़ी प्रॉबलम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्ट्रेस (GI) कहते हैं. इसमें पेट में गैस होना, दर्द, जी खराब होना, उल्टी और डायरिया शामिल है. आपको भूख में कमी भी महसूस हो सकती है. ये सब साइड इफेक्ट आमतौर पर थोड़े टाइम के लिए होते हैं और हां डोज कितनी ले रहे हैं इस पर डिपेंड करते हैं.
    3-अगर आपने डाइट में क्रेटीन को शामिल किया है तो आपका वजन बढ़ सकता है, भले ही आप चाहते हों या नहीं. सपलीमेंट के तौर पर क्रेटीन का यूज करने से बॉडी में इसका लेवल बढ़ जाता है. इसके चलते मसल्स में वाटर रिटेंशन होने लगता है और पानी का लेवल बढ़ने से वजन बढ़ जाता है.
    जाने क्या है नींद की गोलियों के साइड...
    यहां हम एंडूरा मास के साइड इफेक्ट पर बात करेंगे. इन्हें जानने के बाद आपको यह फैसला लेने में मदद मिलेगी कि यह प्रोडक्ट आपके कितने काम है.
    1-ये प्रोडक्ट बॉडी बिल्डिंग के लिए नहीं है. सौ ग्राम एंडूरा में आपको करीब 15 ग्राम प्रोटीन ही मिल पायेगा. अगर आप इसका इस्तेमाल करके बॉडी बिल्डिंग करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सही नहीं है, क्योंकि बॉडी बिल्डिंग में हाई प्रोटीन वाले सपलीमेंट का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप बॉडी बिल्डिंग में इसका इस्तेमाल करेंगे तो मसल्स बने या न बनें लेकिन हां फैट जरूर जमा कर लेंगे.
    2-जब भी आप कोई ऐसी चीज खाते हैं जो फूड नहीं है तो उसे हजम करने के लिए आपके लिवर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है. थोड़े से वेट गेनर में बहुत सारी कैलोरी होती है, उसे संभालने और सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए लिवर को एक्स्ट्रा बोझ उठाना पड़ता है जो उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं होता. आमतौर पर गेनर के इस्तेमाल से हाजमा बिगड़ जाता है, पेट फूल जाता है और आपके बाउल की मूवमेंट बदल जाती है.
    3-एंडूरा में सोया प्रोटीन होता है. सोयाबीन से टेस्टोसटेरोन का लेवल कम होता है. टेस्टोसटेरोन का लेवल कम होने से जिम में आपकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है .
    4-जिन लोगों को दूध से परेशानी होगी या जिनका पेट ठीक नहीं रहता उन्हें एंडूरा से परेशानी होगी. क्योंकि इसमें सोयाबीन के प्रोटीन का इस्तेमाल होता है और सोयाबीन सबको सूट नहीं करता. पेट में गैस की दिक्कत तो हमने खुद महसूस की है. अगर आपको यह प्रोडक्ट सूट नहीं किया तो चेहरे पर पिंपल निकल सकते हैं. दूध और सोयाबीन दोनों ही ऐसे फूड हैं जिनमें एलर्जिक रिएक्शन होता है.
    रोने से बढ़ती है आँखों की रौशनी
    वेट लॉस के बाजार में ग्रीन कॉफी का नाम ज्यादा पुराना नहीं है. आज वेट लॉस के बाजार में ग्रीन कॉफी बीन्स को एक चमत्कार की तरह पेश किया जा रहा है.ग्रीन कॉफी बीन दरअसल कॉफी बीन्स ही होते हैं मगर बिना रोस्ट किये हुए. बीन्स को रोस्ट करने से एक खास कैमिकल कम हो जाता है, जिसे क्लोरोजेनिक एसिड  कहते हैं. इसलिए ग्रीन कॉफी बीन्स में आम कॉफी के मुकाबले ज्यादा क्लोरोजेनिक एसिड होता है. कहा जाता है कि यह एसिड हेल्थ के लिये काफी अच्छा होता है. लोग ग्रीन कॉफी को मोटापे से लड़ने, डायबटीज, हाई बीपी, अलजाइमर और बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने में यूज करते हैं.
    ग्रीन कॉफ़ी के साइड इफेक्ट्स 
    1- बेचैनी  – ग्रीन कॉफी की वजह से बेचैनी की शिकायत बढ़ जाती है. अगर किसी को पहले से बेचैनी की परेशानी है तो यह उसमें इजाफा कर सकती है.
    2-डायरिया  – ग्रीन कॉफी में कॅफीन होता है और अगर कैफीन ज्यादा होने के चलते पेट चल सकता है और अगर आपका पेट पहले से चला हुआ है यह कंडीशन को और खराब कर देता है. अगर आपका पेट कमजोर है तो यह प्रोडक्ट आपके लिए ठीक नहीं है.
    3-ग्लूकोमा  – ग्रीन कॉफी में मौजूद कैफीन से आंखों के भीतर प्रैशर बढ़ जाता है. कॉफी पीने के महज 30 मिनट बाद ही प्रैशन बढ़ जाता है और यह कम से कम 90 मिनट तक रहता है.
    5-हाई कॉलेस्ट्रॉल   – अनफिल्टर्ड कॉफी के कुछ सब्सटांस की वजह से कॉलेस्ट्रॉल के लेवल में दिखाई दी है. यह सब्सटांस ग्रीन कॉफी में हो सकते हैं. हालांकि यह पूरी तरह से क्लीयर नहीं है कि ग्रीन कॉफी से वाकई कॉलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है.
    स्मरण शक्ति बढ़ने के लिए करे सूर्य नमस्कार

    ज्यादा टीवी देखने के कई खतरों से आप वाकिफ हैं. मगर शोधकर्ताओं ने एक ऐसा खतरा खोजा है, जिसकी कल्पना आपने नहीं की होगी. बहुत ज्यादा टीवी देखने से मौत तक हो सकती है. पांच घंटे या उससे ज्यादा समय के लिए टीवी के सामने बैठना बेहद खतरनाक हो सकता है.
    एक नई रिसर्च का दावा है कि इससे खून के जानलेवा थक्के (ब्लड क्लॉट्स) बन सकते हैं. इससे पलमनरी एम्बॉलिज्म का खतरा दो गुना बढ़ जाता है.  रिसर्च करने वालों का कहना है कि लंबे समय तक टीवी देखने वालों को बीच बीच में खड़े हो जाना चाहिए या पानी पीने के लिए उठना चाहिए.
    पलमनरी एम्बॉलिज्म का मतलब होता है पलमनरी आर्टरी में रुकावट हो जाना या उसका जाम हो जाना. यह वो रक्तवाहिनी है जो दिल से खून को फेफड़ों तक पहुंचाती है. 
    शोध के मुताबिक, 40 से 59 उम्र के लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. इसलिए उन्हें लंबे समय तक टीवी के सामने बैठते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. रिटायर्ड लोग टीवी ज्यादा देखते हैं. इसलिए उन्हें बीच बीच में खड़े हो जाना या टहलना चाहिए.
    इन तरीको से करे दांतो की देखभाल
    मेथी ना सिर्फ एक मसाला है बल्कि यह हर बीमारी को जड़ से खतम करने की दवा भी है. आज हम आर्टिकल में हम आपको मेथी के गुण नहीं बल्कि मेथी के पानी के गुण बताने वाले हैं. आपको करना सिर्फ इतना है कि एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें. सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं. 
    1-यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्ती की भूख नहीं लगेगी. रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. 
    2-मेथी में एक गैलाक्टोमेनन नामक कम्पाउंड और पोटैशियम होता है. ये दो सामग्रियां आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं.
    3-बहुत सारी स्टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है. 
    4-इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नाते, मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है. 
    5-मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है.
    सर्दियों के मौसम में अदरक वाली काली चाय का मजा ही कुछ और है. लेकिन क्या आपको पता है कि दिन में एक कप अदरक की चाय का सेवन न सिर्फ स्वाद के लिए अच्छा है बल्कि सेहत की नजर से भी इसकी चुस्की के फायदे हैं.
    तो आइये जानते हैं कुछ और फायदे अदरक वाली चाय के .
    1-अदरक वाली ब्लैक टी आपके आपके ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करती हैं क्योंकि इसमें फ्लेवनॉइड्स पाया जाता है इसलिए यह हड्डियों और दाँतों को भी मजबूत करती है. तो दूध और चीनी की चाय बार बार पीने से अच्छा है कि आप सेहत से भरपूर अदरक वाली चाय पीयें.
    2-क्या आपको सुबह के वक़्त मतली या उल्टी आती है. तो सुबह खाली पेट अदरक वाली ब्लैक टी पीयें. इससे आपकी उल्टी होना बंद हो जायेगी. साथ ही गर्भवती महिलाएं भी पी सकती हैं जिन्हें मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी है.
    3-ब्लैक अदरक वाली चाय पीने से एलडीएल यानि कोलेस्ट्रॉल 7.5 % तक कम हो जाता है जिससे हृदय की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.
    4-ब्लैक टी इंसुलिन के स्तर को बढ़ाती है जिससे प्लाज़्मा ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित रहता है. साथ ही अदरक में कैंसर विरोधी गुण होते हैं जिससे ट्यूमर नहीं बनता है.
    5-ब्लैक टी और अदरक में मजूद एंटी इन्फ्लैमटॉरी तत्व हार्टबर्न ,पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, और सूजन, यह सब ठीक करती है. इनदोनो को पीने से शरीर के अंगों और जोड़ों की सूजन कम हो जाती है.
    वजन कम करना है तो खुद से करे घर के सारे काम
    बॉडीबिल्डर्स को देख कर अक्सर हमारे मन में ख़याल आता है कि हम भी ऐसी शानदार बॉडी के मालिक होते। आपको पता होगा की इस तरह की बॉडी बनाने के लिए कितनी मेहनत लगती है. जिम में जी तोड़ महनत करने के अलावा ये लोग एक चीज को जरुरी तौर पर फॉलो करते हैं है और वो है इनकी डाइट। ये अपनी डाइट को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट होते हैं. ऐसी किसी भी चीज का सेवन नहीं करते हैं जिसके कारण उनके शरीर को थोड़ा सा भी नुकसान पहुंचे। बिना अच्छी डाइट के आप शानदार बॉडी नहीं पा सकते हैं और यह ही सच है.
    एक्सरसाइज करने से ही बॉडी नहीं बनती इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपकी बॉडी को फिट भी रखेंगे और बॉडी बनाने में सहायता भी करेंगे। आपको दाल रोज खानी चाहिये क्‍योंकि इसमें बहुत सारा प्रोटीन और पोषण होता है। दही में बहुत सारा कॉप्‍लेक्‍स शुगर और घुलनशील प्रोटीन होता है। यह वर्कआउट करने के लिये शक्‍ति प्रदान करता है। इसे खाने से शरीर की प्रतिरक्षा बढती है और यह प्रोटीन बढाने में भी मददगार होता है। अगर बॉडी बनाने वाले पालक नियमित खाएं तो उनकी बॉडी जल्‍दी बनेगी।
    लाल या हरी मिर्च बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छे फूड माने जाते हैं। यह हड्डियों को मजबूत करने के लिये और अच्‍छे ब्‍लड सर्कुलेशन के लिये जाने जाते हैं। ब्‍लूबैरी शरीर में सेलुलर इलास्‍टिसिटी बनाने में भी मदद करती है। ग्रीन टी शरीर में अच्‍छे बैक्‍टीरिया को जन्‍म देती है जिससे बॉडी बिल्‍डर्स का इम्‍मयून सिस्‍टम मजबूत होता है और बीमारियां दूर होती हैं। टमाटर में विटामिन ए होता है जो कि बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छा माना जाता है। इससे फैट भी बर्न होता है और मस्‍लस में खिंचाव भी कम होता है। ओलिव ऑइल में फैटी एसिड और मोनोसैच्‍युरेटेड फैट्स होते हैं जो कि मसल्‍स बनाने में उपयोगी होते हैं। ब्रोकली में विटामिन सी होता है जो कि शरीर में सेल्‍स को तुरंत खराब नहीं होने देती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है। पीनट बटर या फिर मूंगफली खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसको खाने से बहुत देर तक भूंख नहीं लगती।
    सेहत के लिए फायदेमंद है अदरक वाली काली चाय
    ज़्यादा टीवी देखने से हो सकता है मौत का खतरा
    शरीर में प्रोटीन एक बहुत जरूरी तत्व है. मसल्स को बढ़ाने के साथ साथ ये आपके बालों और नाखूनी की ग्रोथ के लिए भी जरूरी हैं। अक्सर ये समझ में नहीं अत कि इंसान को कितना प्रोटीन लेने चाहिए जो उसके लिए जरूरी हो. सप्लीमेंट्स पहलवानो के लिए अच्छे साबित होते हैं क्योंकि उनका वर्कआउट और आपके वर्कआउट में दिन रात का फर्क होता है. ऐसे में प्रोटीन का इन्टेक सोच समझ कर लेना चाहिए। प्रोटीन मसल्स बनाता है और उन्हें बरकरार रखता है।आपको अपने शरीर के वजन के हिसाब से प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
    जैसे की , यदि आपका वजन 60 किलों है तो आपको 48 ग्राम प्रोटीन प्रति दिन जरुरत पडे़गी।अगर आप स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो आपको प्रतिदिन आपके वजन के हिसाब से प्रति किलोग्राम 1.5 से 2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों, त्वचा और अंगों के विकास के लिए आवश्यक होता है। खाने में प्रोटीनयुक्त पदार्थ का सेवन करे ,प्रोटीन शेक और प्रोटीन युक्त भोजन वजन बढ़ाने में मदद करते है आपको प्रोटीन कई प्रकार के आहारों से प्राप्त हो सकता है जैसे, मीट, अंडे, डेयर प्रोडक्‍ट, अनाज, दाल, बीज या मेवों आदि से।
    जो लोग जिम जाते वे प्रोटीन के लिए अंडे और चिकन पर निर्भर रहते है ।हालांकि चिकन और अंडे दोनों प्रोटीन के बहुत अच्छे स्रोत माने जाते हैं 100 ग्राम अंडे में 13 ग्राम प्रोटीन और 100 ग्राम चिकन में 27 गाम प्रोटीन की मात्रा होती है। अगर लो कैलोरी, लो फैट और हाई प्रोटीन वाले आहारों की बात करें तो अंडा और चिकन सबसे बेहतर है। अंडे में प्रोटीन तो  होता ही है साथ में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा भी अधिक होती है। अधिक कोलेस्‍ट्रोल का सेवन करने से खून का फ्लो धीमा पड़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक की समस्‍या हो सकती है।
    सेहत के लिए फायदेमंद है अदरक वाली काली चाय
    ज़्यादा टीवी देखने से हो सकता है मौत का खतरा
    शीघ्रपतन और स्वपनदोष जैसी समस्या शादी शुदा दंपति को संभोग सुख से वंचित कर देती है। जिससे उनकी सेक्सुअल लाइफ के साथ रोजाना की लाइफ भी बेकार हो जाती है। अगर आप भी इसी तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और शर्म के कारण किसी विशेषज्ञ के पास नहीं जा पा रहे हैं तो खाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। इस तेल के जरिये आप सेक्स से जुड़ी हर तरह की समस्या का समाधान हो जाता है।
    अगर आपको नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष, शीघ्रपतन,वजाइना की ड्राईनेस, सेक्स की इच्छा नहीं होना, स्मार्म काउंट में कमी, बहुत अधिक थकावट होना जैसी समस्याएं है तो आप ऐसी किसी भी तरह की समस्या में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है,आलिव ऑयल एक गुणकारी तेल है जो दिल को भी सेहतमंद रखता है और स्वास्थ्य को भी। इसके साथ ही ये वैवाहिक जीवन के प्यार और रोमांस को भी बरकरार रखने में मदद करता है।
    वही आप रोज खाने में एक चम्मच ऑलिव ऑयल डालें। अगर खाने के साथ सलाद खाते हैं तो सलाद में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिक्स कर सुबह-शाम खाएं। ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर में एस्ट्रोजेन (estrogen) हार्मोन का स्तर बढ़ता है जो सेक्स हार्मोन टेस्टास्टरोन की कमी को पूरा करने में मदद करता है जिससे पुरूषों को लिबीडो की समस्या से राहत मिलती है।
    और महिलाओं में ऑलिव ऑयल कामेच्छा का संचार करता है। इसलिए ऑलिव ऑयल का संतुलित मात्रा में सेवन कर अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाएं।
    तो कहीं आपको भी सेक्स की लत तो नहीं
    हर महिला के लिए प्रैगनेंसी का अहसास कुछ खास होता है. जब कोई औरत प्रैग्नेंट होती है तो उसके साथ-साथ पूरे परिवार को नन्हें मेहमान के आने की खुशी होती हैं. प्रैग्नेंसी में खास देखभाल और खान-पान की जरूरत होती है ताकि आने वाला शिशु सेहतमंद हो. 
    गर्भावस्था में इन चीजों से करें परहेज
    1-गर्भावस्था में पपीता खाने से प्री-मैच्योर डिलीवरी होने की आशंका बढ़ जाती है. कहा जाता है कि प्रैग्नेंसी के महीनों में पपीता खाना नुकसानदेह होता है. 
    2-गर्भावस्था के दौरान अनानास खाना गर्भवती के स्वास्थ के लिए खतरनाक हो सकता है.  इससे भी प्री-मैच्योर डिलीवरी की आशंका बढ़ जाती है. 
    3-माना जाता है कि प्रैग्नेंसी के अंतिम महीनों में अंगूर खाना नुकसानदेह होता है. बहुत ज्यादा अंगूर खाने से असमय प्रसव होने की आशंका होती है.
    4-प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर कच्चा दूध सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में भूल से भी कच्चे  दूध का सेवन न करें. 
    ठण्ड में मौसम में रोज सुबह खाये खीर
    बहुत से लोगों को सोते समय खर्राटे लेने की आदत होती है. इससे आपकी नींद तो बार-बार खुलती ही रहती है साथ ही आस-पास सोने वाले लोगों को भी चिंता का सामना करना पड़ता है. आपकी यह आदत कई बार शर्मिंदगी का सबब भी बन जाती है. अगर आप खर्राटों को दूर करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर चुके है तो
    आज हम आपको कुछ घरेलू तरीके बताएंगे, जिनकी मदद लेकर आप खर्राटे की समस्या से बच सकते है. 
    1-योगासन करने से श्वास नली ठीक रहती है और फेफड़ों में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा पहुंचती है, जिससे खर्राटे दूर होते है. 
    2-खर्राटे आने की समस्या का एक कारण मोटापा भी है. इसलिए अपने वजन को कंट्रोल करें.कहा जाता है कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से खर्राटे कम आते है.  
    3-रात को सोने से पहले गर्म पानी का सेवन करें क्योंकि गर्म पानी पीने से गला खुल जाता है. 
    4-नाक साफ न होने और सूजन होने की वजह से भी खर्राटे की समस्या होती है. ऐसे में नाक की समय-समय पर सफाई करते रहे है. 
    5-धूम्रपान करने वाले लोगों को खर्राटों की समस्या अधिक होती है तो अपने बेहतर स्वास्थ्य और खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए धूम्रपान करना छोड़ दें. 
    काला चना करता है आपके ब्लड शुगर को कण्ट्रोल
    सेहतमंद रहने के लिए अच्छा खानपान होना बहुत जरूरी है. अधिकतर लोग पहले अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देते लेकिन जब शारीरिक समस्याएं होने लगती है तब वो संतर्क होते है. देखा जाता है कि 30 की उम्र के बाद शरीर में कई बदलाव होते हैं जैसे कैल्शियम की कमी, थकान और बाल सफेद होना आदि.
    एेसे में इस उम्र के दौरान अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए. सही डाइट न लेने से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं. 
    1-उम्र बढ़ने के साथ आपको अपनी कई आदतों को बदल लेना चाहिए जैसे कि फ्राई चीजों का सेवन करना. अपनी डाइट में मांस, अंडे की जर्दी, फास्ट फूड्स शामिल न करें. इनका सेवन करने से आप उम्र से अधिक नजर आएंगे और जोड़ों में दर्द की समस्या होने लगेगी.
    2-अधिक नमक का सेवन करने से कई बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं. 30 की उम्र के बाद ज्यादा नमक खाने से किडनी, दिल और दिमाग पर असर पड़ता है. 
    3-कई लोग टोमेटो कैचअप खाने के बहुत शौकीन होते है. बाजार में मौजूद टोमेटो कैचअप में कई तरह के कैमिकल मौजूद होते है, जिसे खाने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है. एेसे में बेहतर है कि टोमेटो कैचअप न खाएं. अगर आप खाना चाहते है तो इसे घर पर तैयार करें.
    4-नींद को दूर भगाने के लिए लोग कैफीन पीते है जो सेहत के लिए काफी हानिकारक है. इससे पीने से लोग उम्र से पहले ही बूढ़े लगने लगते हैं.
    ज़्यादा क्रिएटिन से हो सकता है किडनी फ़ैल... 
    सर्दियों में त्वचा रूखी(ड्राई) और बेजान होने लगती है. ऐसे में ज्यादातर लोग पैट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करते है. चेहरे को मॉश्चराइज और फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए रोजाना लोग इसका खूब इस्तेमाल करते है
    लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा मात्रा में पैट्रोलियम जैली लगाने से कई साइड-इफैक्ट भी होते है. 
    1- एक शोध में बताया गया है कि इससे फेफड़े संबंधी कई बीमारियां और कैंसर का खतरा हो सकता है. 
    2- स्किन जैली को सोख लेती है. इसमें मौजूद हाइड्रोकार्बन फैट के टिशू में जमा हो जाते है. जब हम लोग खाना खाते है तो वैसलीन में मौजूद मिनरल,ऑयल, हाइड्रोकार्बन शरीर के अंदर पहुंच जाते है. 
    3- ऐसे स्तनपान करवाने से यह हाइड्रोकार्बन दूध के द्वारा शिशु के अंदर जा सकता है, जिसके बच्चे को नुकसान हो सकता है. रोज-रोज पैट्रोलियम जैली लगाने से त्वचा अपनी सोखने की शक्ति को खो देती है और वह नवीकरण की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे त्वचा का कोलाजन टूट जाता है और चेहरे पर जल्दी ही झुर्रियां दिखाई देने लगती है. 
    4- ज्यादा मात्रा में पैट्रोलियम जैली  का इस्तेमाल करने से हार्मोन गड़बड़ी हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याए जैसे पीरियड्स की समस्या, एलर्जी, बाझपन या पोषण की कमी आदि हो सकती है. 
    जाने क्या है एंडूरा मास के साइड इफेक्ट्स
    खानपान में हो रहे निरंतर बदलाव के कारण हर कोई किसी न किसी बीमारी या परेशानी का शिकार हैं. व्यक्ति को न चाहकर भी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है. कुछ लोग डॉक्टर के पास न जाकर घर पर ही अपनी छोटी- छोटी दिक्कतों को दूर करने के लिए एंटीबॉयटिक का सहारा लेते है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर करने का काम करती है. इसलिए इन एंटीबॉयटिक बचना बहुत ही जरूरी है. पुराने समय में लोग अपनी छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज घर पर ही कर लेते थे. आप चाहे तो आप भी डॉक्टर के पास न जाकर घर पर कई तरह की बीमारियों का इलाज कर सकते हैं.
    मिश्रण बनाने का तरीका 
    3 कलियां लहसुन, 2 चम्मच हल्दी और 3 लौंग को पीस कर मिक्चर बना लें. इस मिक्सचर को रात को सोने से पहले गर्म पानी या दूध के साथ लें. 
    1-इस मिश्रण को लेने से साइनस की इंफैक्शन कम होती है. यह बलगम के जमाव को हटाकर आपके नाक को खोल देता है.
    2-यह मिश्रण से पेट में बनने वाले एसिड नहीं बनने देता. साथ ही इसके सेवन से गैसट्रायटिस, पेट का फूलना और पेट दर्द जैसी कई समस्या दूर रहती है. 
    3-इस मिश्रण में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो इंफैक्शन, शरीर के अंदर की सूजन और जलन को कम करता है.
    4-इस मिश्रण से जमी हुई फैट घुल जाती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है.इस मिश्रण को रोजाना दूध के साथ लेने से और एक्सरसाइज़ वजन कम होता है और शरीर स्वस्थ रह सकते हैं.
    ग्रीन कॉफ़ी से हो सकता है कोलोस्ट्रोल...
    हार्मोन्स असंतुलन चाहे औरत हो या मर्द दोनों को किसी भी उम्र में हो सकता है.इनका  असंतुलन कई कारणों से होता है जैसे कि अनियमित जीवनशैली,समय से भोजन ना करना, ज्यादा स्ट्रेस लेना, व्यायाम ना करना आदि.इनके संतुलित न रहने से हर वक्त शरीर थकान महसूस  करता है.इंफर्टिलिटी,पाचन से जुड़ी समस्याएं और कई मानसिक समस्याएं भी हार्मोंस में बदलाव के कारण होती हैं.जिससे स्वास्थ्य बिगड़ता है,हमारे शरीर के लिए इनका बैलेंस बहुत ज़रूरी है ताकि हम हमेशा स्वस्थ और फिट रहें.
    एेसे में कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप अपने हार्मोंस को बैलेंस रख सकते है.... 
    1.अपनी डाइट में कैफीन की मात्रा को कम करें.चाय-कॉफी को सीमित मात्रा में ही लें.
    2. नारियल तेल को अपने डाइट में शामिल करें. यह हार्मोंस के संतुलन करने में मदद करता है. यह वज़न को भी नियंत्रित करता है.
    3.योग व प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.आप वॉकिंग और जॉगिंग भी कर सकते हैं.
    4. गाजर,ब्रोकोली, पत्तागोभी व फूलगोभी जैसी सब्ज़ियों को अपनी डाइट में लें.इनमें मौजूद फाइबर टॉक्सिन्स को कंट्रोल करके हार्मोंस को बैलेंस करता है.
    5. पानी की कमी भी हार्मोंस के असंतुलन  का कारण बनती है.पानी को उचित मात्रा में पीएं.    
    6. अलसी हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है.इसके 2-3 टीस्पून अपनी डाइट में लें.
    7.दही हमारे शरीर में हेल्दी बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखता है और बहुत-से हार्मोंस को भी संतुलित रखता है. 
    मेथी का पानी बचाता है पेट के कैंसर से
    थाइरॉयड शरीर के सिस्टम को संतुलित रखने में मददगार है. इस हार्मोन में गड़बड़ी आने पर शरीर में बहुत सी परेशानियां और बदलाव आ जाते हैं. इसके लक्षणों से इसके बारे में पता लगाया जा सकता है और सही समय पर इलाज से इस रोग से होने वाली दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है.
    आइए जाने इसके लक्षणों के बारे में जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. 
    1-कोई भारी काम न करने के बाद भी थकावट महसूस हो और दिन भर सुस्ती बनी रहे तो थाइरॉयड की जांच जरूर करवाएं. 
    2- खाना खाने के बाद भी भूख महसूस होना भी थायरॉइड का कारण हो सकता है. 
    3- शरीर में अचानक से खून का दौरा बढ़ जाएं तो हो सकता है आप थाइरॉयड के शिकार हैं. ऐसे में जांच जरूर करवाएं. 
    4- बिना किसी वजह के तनाव में रहना या अपने आप को दुखी महसूस कर रहे हैं तो थाइरॉइड की जांच जरूर करवाएं. 
    5- अपने आस-पास की चीजोें को भूल जाना और दिमाग पर ज्यादा जोर डालना भी थाइरॉयड का कारण हो सकता है. 
    6- डाइट का पूरा ध्यान रखने के बावजूद भी वजन तेजी से कम हो रहा हो तो अपनी सेहत की ओर ध्यान जरूर दें. इसका कारण थायरॉइड भी हो सकता है. 
    7- बालों के तेजी से टूटने और झड़ने का कारण भी थाइरॉयड हो सकता है. 
    सेहत के लिए फायदेमंद है अदरक वाली काली चाय
    मशरूम यानि की खूम्ब, इसको बहुत से नाम से जाना जाता है. मशरूम खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक और रोगरोधक आहार है, जिसका इस्तेमाल भोजन बनाने के अलावा कई दवाईया बनाने के लिए किया जाता हैं. ज्यादातर लोग मशरूम की सब्जी को खाना पसंद करते है.
    मशरूम में बहुत सारे तत्व मौजूद होते है जो हमे कई तरह की बीमारियों से बचा कर रखते है. 
    1-मशरूम में विटामिन बी1, बी2, बी3,बी5 और बी6 मौजूद हैं. इसके अलावा इसमें विटामिन डी भी भरपूर है जो हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है. 
    2-मशरूम में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से बचाता है. इसको खाने से शरीर में एंटीवाइरल और अन्य प्रोटीन की मात्रा बढती है, जो कि कोशिकाओं को रिपेयर करता है. 
    3-मशरूम ब्रैस्ट कैंसर के खतरे से बचाता है. इसमें मौजूद बीटा ग्लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं. 
    4-मशरूम में हाइ न्यूट्रियंट्स होते हैं जो दिल के लिए काफी फायदेमंद होते है. मशरूम में एंजाइम और रेशे मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करते हैं.
    5-मशरूम इसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर होता है. साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद होते है. 
    6-इसमें लीन प्रोटीन होता है जो कि वजन घटाने में बडा़ कारगर होता है. 
    7-मशरूम में विटामिन बी होता है जो कि भोजन को ग्लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है.
    आपका गद्दा भी बन सकता है कई परेशानियों की वजह
    सेहतमंद रहने के लिए खान-पान की अच्छी आदतों का होना बहुत जरूरी है. हमें बचपन से ही सिखाया जाता है कि खाना खाने से पहले हाथ धोने चाहिए. इससे कई बीमारियां दूर होती है. कुछ लोग हाथों को पानी के साथ धो लेते है जिससे हाथों पर मौजूद कीटाणु खत्म नहीं होते. खाना खाने से पहले हाथों को साबुन के साथ धोना चाहिए ताकि इस पर मौजूद कीटाणु पूरी तरह से खत्म हो सके.  
    आज हम आपको बताते है कि हैंड वॉश से आप किन बीमारियों से दूर रह सकते है.
    1-डायरिया की शिकायत बच्चों में आम देखने को मिलती है. खाना खाने से पहले सही तरह से हाथ न धोने पर भी इस बीमारी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि यह पाचन तंत्र से जुड़ी हुई होती है. 
    2-बिना हाथ धोए खाना खाने से गले की इंफेक्शन हो सकती है. इसके अलावा कफ और खराश की शिकायत हो जाती है. 
    3-अगर आप गंदे हाथों से खाना खाते है तो इसका असर पाचन क्रिया पर पड़ता है. पाचन क्रिया ठीक न होने पर दस्त, कब्ज, पेट दर्द और गैस की तकलीफ हो जाती है.
    4-गंदे हाथों से खाना खाने से फूड इंफेक्शन हो जाती है. दिनभर में हम कईचीजों को छूते है जिससे हाथों में कई ऐसे रोगाणु चिपके रहते हैं. इससे फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
    इन तरीको से करे दांतो की देखभाल
    सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समसया आम सुनने को मिलती हैं.. बढ़ती उर्म के साथ यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. कभी- कभार तो दर्द इतना बढ़ जाता है कि इसे सहना मुश्किल हो जाता है. दरअसल यह दर्द तब होता है जब शरीर में यूरीक एसीड की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसे में कई लोग पेनकिलर का सहारा लेते है फिर भी उन्हें कोई आराम महसूस नहीं होता.
    इन सब की जगह अगर आप इस टेस्टी स्मूदी को अपने ब्रेकफास्ट में शामिल करेंगे तो आप इस दर्द से काफी हद तक आराम पा सकते हैं. 
    सामग्री
    1- एक पका अनन्नास 
    2-एक चम्मच अदरक की जड़ ( घिसी हुई)
    3- दस ग्राम सिलेरी के डंठल
    4- एक चम्मच नींबू का रस
    5- आधा चम्मच नारियल का तेल  
    6- दो नाशपाती 
    7- आधा चम्मच हल्दी पाऊडर 
    8- एक संतरे का रस
    9- आधा चम्मच काली मिर्च
    विधि
    1- सबसे पहले अनन्नास को छील लें, फिर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें. 
    2- इन टुकड़ो में घिसी हुई अदरक और नींबू का रस डालें और इन्हें अच्छे से मिला लें.
    3- इस मिक्स हुए मिश्रण में सिलेरी के डंठल, नारियल का तेल, नाशपाती, हल्दी पाऊडर, संतरे का रस, काली मिर्च को मिक्सर में डालकर दो-तीन मिनट तक चलाएं.
    4- आपका जूस तैयार है. अगर आपको जूस को पतला करना हैं तो आप इसमे पानी भी मिला सकते हैं.
    एक टुकड़ा अदरक दिला सकता है...

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