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jankari425 इस उम्र की महिलाओं की तरफ मर्द होते है सबसे ज्यादा आकर्षित

    वेसे तो पुरुष हर खूबसूरत महिला को देखकर उसकी तरफ आकर्षित होने लगते है. लेकिन महिलाओ की एक ख़ास उम्र होती है. जब पुरुष उनकी और सबसे ज्यादा आकर्षित होते है. हाल ही में हुए एक सर्वे में इससे जुड़े कुछ तथ्यों का खुलासा किया गया है.
    सर्वे में 18 से लेकर 49 साल के कुल 12,656 लोगो को शामिल किया गया था. जिसमे महिला और पुरुष दोनों शामिल है. इन लोगो से उनके सेक्स संबंधों से जुड़े सवाल किये गए. जैसे की वह किस उम्र के व्यक्ति के साथ शारीरक सम्बन्ध बनाना पसंद करते है, पिछले 12 सालों में उन्हें किस उम्र के लोगो ने सबसे ज्यादा आकर्षित किया हैं?
    इस सवालों के बाद कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आये है. जिसके अनुसार, पुरुष अपने से कम उम्र की महिलाओ की तरफ आकर्षित होते है. वही महिलाए अपने से अधिक उम्र के पुरुषो की तरफ अधिक आकर्षित होती है.
    ये है दुनिया के सबसे परफेक्ट फिगर वाली महिला 
    कुंवारी लड़कियों के मन में अक्सर आती है ये बातें
    शादी का सपना हर इंसान के मन में होता है, शादी की पहली रात हर एक के जीवन की सबसे यादगार रात होती है, ये एक ऐसा एहसास है जिसे शब्दो में बयाँ करना ठीक नहीं होगा. सुहागरात का सपना हर शादीशुदा जोड़ा देखता है, क्योकि इस दिन का इंतज़ार हर पति-पत्नी को होता है. बस ज़रूरत है इसे यादगार बनाने की. हम आपको बताने जा रहे है की आप अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी को और भी हसींन कैसे बना सकती है-
    1-बाते करे- जब आपकी शादी की सुहागरात हो तो सबसे पहले अपने पार्टनर से बाते करे अगर वो चाहे तो क्योकि बात करने से आपको उसकी पसंद-नापसन्द का पता चलेगा और आप उनसे अच्छी तरह घुल-मिल जाएँगी और अरेंज मैरिज में तो ये सबसे ज़रूरी होता है क्योकि बाते करने से सामनेवाला आपके साथ सहज हो जाता है और आगे बढ़ने के लिए आपके पार्टनर का आपके साथ सहज होना बहुत ज़रूरी है.
    2-धीरे धीरे शुरुवात करे- शादी की पहली रात को सम्भोग करने से पहले अपने पार्टनर की सहजता का पूरा ध्यान दे,थोड़ी देर बाते करे,शुरू में आप अपने पार्टनर का हाथ पकड़ कर धीरे धीरे सहलाये, उसके बाद आप किस भी कर सकती है, आपका पार्टनर क्या चाहता है ये समझ कर ही आगे बढे.
    3-कपड़ो का चयन- जैसा की हम सभी जानते है की लाल रंग बहुत कामोतेजना पैदा करता है इसीलिए सुहागरात के दिन आप लाल रंग का गाउन पहन सकती है जो की देखने में काफी सेक्सी होना चाहिए आप चाहें तो अपने पार्टनर की पसंद के रंगो में से किसी भी रंग का चयन कर सकती हैं। साथ ही साथ इसी रंग की पैंटी और ब्रा भी पहने जो आपकी सेक्स अपील को पूरी तरह से दर्शाता हो और सेक्सी अंर्तवस्त्र पहनकर आप अपने साथी को अपनी तरफ पूरी तरह आकर्षित कर सकती है क्योकि सुहागरात के दिन पति का ध्यान सबसे पहले आपकी नाईट ड्रेस और आपके अंडरगार्मेंट पर जाता है, इसलिए भूलकर भी सुहागरात के कपड़ो के चयन पर जरा भी कोताही ना बरते नहीं तो ये आपके खुशनुमा माहौल को फीका का सकता है |
    4 -इत्र का चयन- जैसा की हम सभी जानते है की इत्र किसी भी माहौल को खुशनुमा बनाने में काफी मदतगार साबित होता है इसलिए सुहागरात के दिन अपनी ड्रेस की तरह इत्र का भी चयन काफी सोच समझ कर करे जिससे आपका पार्टनर आपकी तरफ पूरी तरह से उत्तेजित हो, क्योकि आपकी सेक्सी ड्रेस की तरह आपके शरीर से मधुर खुशबू आ रही है, तो आपके साथी की कामोत्तेजना चरम पर पहुंच जाती है। आपकी गर्दन, हाथ, कलाई, पीठ, से अगर आपके साथी की मनपसंद खुशबू आ रही है, तो सेक्स करने का मजा दोगुना हो जाता है वही आपके बिस्तर पर गुलाब की कुछ पंखुडियां बिखरी बड़ी हो और माध्यम लाइट या कैंडल जल रही हो तो आपकी राते और भी गर्म हो जाएँगी.
  • अच्छी बॉडी बनानी है तो ये चीजें भी खाइयेअच्छी बॉडी बनानी है तो ये चीजें भी खाइये
  • बॉडीबिल्डर्स को देख कर अक्सर हमारे मन में ख़याल आता है कि हम भी ऐसी शानदार बॉडी के मालिक होते। आपको पता होगा की इस तरह की बॉडी बनाने के लिए कितनी मेहनत लगती है. जिम में जी तोड़ महनत करने के अलावा ये लोग एक चीज को जरुरी तौर पर फॉलो करते हैं है और वो है इनकी डाइट। ये अपनी डाइट को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट होते हैं. ऐसी किसी भी चीज का सेवन नहीं करते हैं जिसके कारण उनके शरीर को थोड़ा सा भी नुकसान पहुंचे। बिना अच्छी डाइट के आप शानदार बॉडी नहीं पा सकते हैं और यह ही सच है.
    एक्सरसाइज करने से ही बॉडी नहीं बनती इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपकी बॉडी को फिट भी रखेंगे और बॉडी बनाने में सहायता भी करेंगे। आपको दाल रोज खानी चाहिये क्‍योंकि इसमें बहुत सारा प्रोटीन और पोषण होता है। दही में बहुत सारा कॉप्‍लेक्‍स शुगर और घुलनशील प्रोटीन होता है। यह वर्कआउट करने के लिये शक्‍ति प्रदान करता है। इसे खाने से शरीर की प्रतिरक्षा बढती है और यह प्रोटीन बढाने में भी मददगार होता है। अगर बॉडी बनाने वाले पालक नियमित खाएं तो उनकी बॉडी जल्‍दी बनेगी।
    लाल या हरी मिर्च बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छे फूड माने जाते हैं। यह हड्डियों को मजबूत करने के लिये और अच्‍छे ब्‍लड सर्कुलेशन के लिये जाने जाते हैं। ब्‍लूबैरी शरीर में सेलुलर इलास्‍टिसिटी बनाने में भी मदद करती है। ग्रीन टी शरीर में अच्‍छे बैक्‍टीरिया को जन्‍म देती है जिससे बॉडी बिल्‍डर्स का इम्‍मयून सिस्‍टम मजबूत होता है और बीमारियां दूर होती हैं। टमाटर में विटामिन ए होता है जो कि बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छा माना जाता है। इससे फैट भी बर्न होता है और मस्‍लस में खिंचाव भी कम होता है। ओलिव ऑइल में फैटी एसिड और मोनोसैच्‍युरेटेड फैट्स होते हैं जो कि मसल्‍स बनाने में उपयोगी होते हैं। ब्रोकली में विटामिन सी होता है जो कि शरीर में सेल्‍स को तुरंत खराब नहीं होने देती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है। पीनट बटर या फिर मूंगफली खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसको खाने से बहुत देर तक भूंख नहीं लगती।
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    शरीर में प्रोटीन एक बहुत जरूरी तत्व है. मसल्स को बढ़ाने के साथ साथ ये आपके बालों और नाखूनी की ग्रोथ के लिए भी जरूरी हैं। अक्सर ये समझ में नहीं अत कि इंसान को कितना प्रोटीन लेने चाहिए जो उसके लिए जरूरी हो. सप्लीमेंट्स पहलवानो के लिए अच्छे साबित होते हैं क्योंकि उनका वर्कआउट और आपके वर्कआउट में दिन रात का फर्क होता है. ऐसे में प्रोटीन का इन्टेक सोच समझ कर लेना चाहिए। प्रोटीन मसल्स बनाता है और उन्हें बरकरार रखता है।आपको अपने शरीर के वजन के हिसाब से प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
    जैसे की , यदि आपका वजन 60 किलों है तो आपको 48 ग्राम प्रोटीन प्रति दिन जरुरत पडे़गी।अगर आप स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो आपको प्रतिदिन आपके वजन के हिसाब से प्रति किलोग्राम 1.5 से 2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों, त्वचा और अंगों के विकास के लिए आवश्यक होता है। खाने में प्रोटीनयुक्त पदार्थ का सेवन करे ,प्रोटीन शेक और प्रोटीन युक्त भोजन वजन बढ़ाने में मदद करते है आपको प्रोटीन कई प्रकार के आहारों से प्राप्त हो सकता है जैसे, मीट, अंडे, डेयर प्रोडक्‍ट, अनाज, दाल, बीज या मेवों आदि से।
    जो लोग जिम जाते वे प्रोटीन के लिए अंडे और चिकन पर निर्भर रहते है ।हालांकि चिकन और अंडे दोनों प्रोटीन के बहुत अच्छे स्रोत माने जाते हैं 100 ग्राम अंडे में 13 ग्राम प्रोटीन और 100 ग्राम चिकन में 27 गाम प्रोटीन की मात्रा होती है। अगर लो कैलोरी, लो फैट और हाई प्रोटीन वाले आहारों की बात करें तो अंडा और चिकन सबसे बेहतर है। अंडे में प्रोटीन तो  होता ही है साथ में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा भी अधिक होती है। अधिक कोलेस्‍ट्रोल का सेवन करने से खून का फ्लो धीमा पड़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक की समस्‍या हो सकती है।
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    शीघ्रपतन और स्वपनदोष जैसी समस्या शादी शुदा दंपति को संभोग सुख से वंचित कर देती है। जिससे उनकी सेक्सुअल लाइफ के साथ रोजाना की लाइफ भी बेकार हो जाती है। अगर आप भी इसी तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और शर्म के कारण किसी विशेषज्ञ के पास नहीं जा पा रहे हैं तो खाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। इस तेल के जरिये आप सेक्स से जुड़ी हर तरह की समस्या का समाधान हो जाता है।
    अगर आपको नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष, शीघ्रपतन,वजाइना की ड्राईनेस, सेक्स की इच्छा नहीं होना, स्मार्म काउंट में कमी, बहुत अधिक थकावट होना जैसी समस्याएं है तो आप ऐसी किसी भी तरह की समस्या में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है,आलिव ऑयल एक गुणकारी तेल है जो दिल को भी सेहतमंद रखता है और स्वास्थ्य को भी। इसके साथ ही ये वैवाहिक जीवन के प्यार और रोमांस को भी बरकरार रखने में मदद करता है।
    वही आप रोज खाने में एक चम्मच ऑलिव ऑयल डालें। अगर खाने के साथ सलाद खाते हैं तो सलाद में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिक्स कर सुबह-शाम खाएं। ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर में एस्ट्रोजेन (estrogen) हार्मोन का स्तर बढ़ता है जो सेक्स हार्मोन टेस्टास्टरोन की कमी को पूरा करने में मदद करता है जिससे पुरूषों को लिबीडो की समस्या से राहत मिलती है।
    और महिलाओं में ऑलिव ऑयल कामेच्छा का संचार करता है। इसलिए ऑलिव ऑयल का संतुलित मात्रा में सेवन कर अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाएं।
    तो कहीं आपको भी सेक्स की लत तो नहीं
    ये तो हम सब जानते है कि हंसना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है ठीक उसी तरह कभी-कभी रोना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है. जी हां एक रिसर्च के मुताबिक रोना भी हमारे सेहत के लिए फायदेमंद होता है.
    तो आइए आज हम आपको बताते है रोने के कुछ फायदों के बारे में...
    1-- आंसू आपकी निराशा को बाहर निकालते हैं, इससे आपका मन साफ होता है. रोने से दिमाग, दिल और लिंबिक सिस्टम का काम ठीक रहता है.
    2- आंसुओं में लोसोजोम नाम का एक तत्व होता है, जो बाहरी बैक्टीरिया को खत्म करने में 90 फीसदी तक सफल होता है.
    3- अगर आप तनाव में हैं और रोते हैं तो आंसुओं के साथ आड्रोकार्टिको ट्रॉपिक और लूशिन जैसे हार्मोन निकलते हैं, जिससे तनाव दूर होता है.
    4- आंखों में मेमब्रेन के सूखने पर रोशनी कमजोर हो जाती है. आपके आंसू इसे सूखने नहीं देते, जिससे आंखों की रौशनी बनी रहती है.
    पानी रखता है आपकी सुंदरता को बरक़रार
    हम सभी जानते है की सूरज के बिना धरती पर जीवन ही नही है. सूर्य नमस्कार एक प्राचीन तकनीक है, जिसका सम्मान आज भी लोग करते है. सूरज को उर्जा का स्त्रोत माना गया है. इसके इतिहास को देखा जाए तो, भारत के प्राचीन ऋषि मुनियों ने यह बताया था की शरीर के विविध भागो पर अलग-अलग देव शासन करते है. इस लिए माना गया है प्रतिदिन सूर्य नमस्कार से करने से आप निरोगी काया पा सकते है.
    आइए जानते है सूर्य नमस्कार करने के फायदे—
    1-दिमाग की स्मरण शक्ति और तंत्रिका तंत्र को विकसित करने में भी सूर्य नमस्कार सहायक है और रोजाना सूर्य नमस्कार करने से आपकी चिंता भी आसानी से दूर हो जाती है.
    2-सूर्य नमस्कार जब तेजी से किया जाए, तब आपको बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट देता है जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है. यह आसन पेट की मांसपेशियो के खिचाव को कम करने में भी सहायक है. इस आसन से आपकी चयापचन की क्षमता भी विकसित होती है.
    3-सूर्य नमस्कार आपकी मांसपेशियो, जोड़ो, बंधन और साथ ही कंकाल तंत्र के खिचाव और उन्हें मजबूत बनाने में सहायक है. इससे आपकी रीढ़ की हड्डी भी लचीली होती है. जब आप यह आसन करते हो, तब आपके अवयव मजबूत होकर इंटरनल ऑर्गन के कार्य करने की क्षमता को बढ़ाते है.
    4-सूर्य नमस्कार आपके शरीर में रक्त प्रवाह को विकसित करता है जिसका निखार आपको अपने चेहरे पर दिखाई देता है, इससे आपके चेहरे से झुर्रियो की समस्या दूर होती है और आपका चेहरा जवां और दमकता हुआ दिखाई देता है.
    जाने मेटा मैडिटेशन के बारे में
    अक्सर लोग दांतों की देखभाल की गंभीरता से नहीं लेते लेकिन दांतों को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है अन्यथा दांतों में कई प्रकार के रोग हो सकते हैं. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार यदि दांतों व मसूडों में अधिक समय तक रोग बने रहें तो कैंसर की आशंका कई गुना तक बढ जाता है. जिन व्यक्तियों को मसूडों के रोग होते हैं उनकी शिराओं के सिकुडने की संभावना अधिक रहती है, जिसके कारण उन्हें हार्टअटैक हो सकता है
    दांतों की सफाई उचित तरीके से नहीं करने पर दांतों के मध्य कैविटी बनने लगती है जिससे भोजन करने पर दांतों में ठंडा गरम महसूस होते लगता है.
    दांतों में ठंडा गरम महसूस होते लगता है. दांतों पर जमी प्लेक में स्थित बैक्टीरिया को जब भोजन से स्टार्च व शुगर मिलता है. तो एक प्रकार का एसिड बनता है जिससे दांतों की ऊपरी परत नष्ट होने लगती है और केविटी बन जाती है. ऐसा होने पर शीघ्र ही चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.दांतों के आसपास मसूडों से रक्त आना तथा मुख से दुर्गंध आना पायरिया रोग का लक्ष्य है. पायरिया के कारण दांतों की जडे कमजोर होती जाती हैं और धीरे-धीरे दांतों का हिलना प्रारंभ हो जाता है.
    दांतों को स्वस्थ व स्वच्छ रखने के लिए कुछ बातों ध्यान रखना चाहिए.   
    1-दांतों को दिन में दो बार साफ करें. सख्त ब्रश का प्रयोग न करें.
    2-चाकलेट, मिठाइयां, बिस्कुट आदि अधिक न खाएं. अधिक खट्टी, ठंडी या गर्म वस्तुओं से परहेज करें. भोजन हमेशा अच्छी तरह चबाकर खाएं.पान मसाला, तम्बाकू आदि के सेवन से बचें.
    इन बिन्दुओ पर दबाव डालने से तेजी से घटता है...

  • आपने 7 साल पहले कोई गद्दा लिया था तो अब तब उस पर 20 हजार घंटे आप बिता चुके हैं. अगर आपका गद्दा सात साल या उससे पुराना है तो उसे बदल डालिए. गलत गद्दा कमर व गर्दन के दर्द सहित नींद से जुड़ी कई परेशनियों की वजह बनता है.
    हम कभी इस बात पर ध्यान ही नहीं देते कि नींद पूरी न होना या गर्दन वगैरा में दर्द की वजह गद्दा भी हो सकता है.
    क्या आप जानते हैं कि पसीने, गंदगी और डेड स्किन की वजह से सात साल में आपके गद्दे का वजन करीब दोगुना हो जाता है. इस्तेमाल हुए गद्दे में 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक खटमल, दीमक व अन्य सूक्ष्म कीट हो सकते हैं. यह कीट आपकी डेड स्किन से खाना पाते हैं और एक आदमी एक साल में औसतन 4 किलो डेड स्किन छोड़ता है. खटमल खून चूसते हैं.
    उम्र के साथ बॉडी की जरूरत बदलती है. जो गद्दा 25 की उम्र में आपके लिए कंफर्टेबल था वो 35 में नहीं रहेगा. एक बार इस बात पर गौर जरूर करें कि आपका गद्दा आज की जरूरतों को पूरा कर रहा है या नहीं. अगर गद्दा आपको सही सपोर्ट नहीं दे रहा है तो यकीनन आपके शरीर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
    निशानिंया, गद्दा बदलने का टाइम का आ गया है
    1-पूरी रात सोने के बावजूद आप थकान महसूस कर रहे हैं
    2-आप अकड़न, जकड़न और दर्द के साथ सो कर उठते हैं
    3-किसी और बेड पर आपको अपने बेड के मुबाबले अच्छी नींद आई
    4-कई बार गद्दे की शक्ल बता देती है कि उसके जाने का वक्त आ गया है
    कैसे पाए पुराने दर्द से छुटकारा
    बहुत देर तक छींक, आंसू, डकार, प्यास या उल्टी को रोकने से भी गैस बनने लग जाती है. इसके अलावा डर, टेंशन, दुख और गुस्से के चलते भी एसिडिटी हो जाती है. बहरहाल गैस किसी भी वजह से पैदा हुई हो मगर एक बार हो गई तो परेशान बहुत करती है. दवा खाने का ऑप्शन तो आपके पास हमेशा खुला है मगद दवाओं के अपने साइड इफेक्ट होते हैं ये भी आप जानते हैं. और वैसे भी जिनको अक्सर एसिडिटी की प्रॉब्लम हो उनके लिये तो घरेलू इलाज ही ठीक रहता है क्योंकि इनसे लंबा आराम और परमानेंट इलाज मिलता है.
    1-खाना खाने के बाद करीब सौ ग्राम छाछ या मट्ठे में 2 ग्राम अजवायन और एक चुटकी काला नमक मिलाकर पीने से गैस बनना बंद हो जाती है.
    2-अलसी/तीसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है.
    3-दो ग्राम अजवायन को आधा ग्राम नमक के साथ चबाकर खायें. अगर एसिडिटी के चलते पेट दर्द हो रहा है तो वो भी ठीक हो जायेगा.
    4-गैस परेशान कर रही है तो एक लहसुन की फांक, चार मुनक्के के साथ चबाकर निगल जायें. मुनक्के के बीज निकाल कर यूज करें. आराम मिलेगा .
    4-खाना खाने से पहले एक छोटा टुकड़ा अदरक सेंधा नमक के साथ चबा चबाकर खायें. इससे भूख भी खुलकर लगेगी. खाना खाने के बाद भुने हुए पिसे हुए जीरे में जरा सा सेंधा नमक मिलाकर खा लेने से गैस की दिक्कत नहीं होती और खाना भी ठीक से डाइजेस्ट हो जाता है. आप किसी शीशी में जीरा पीसकर और उसमें काला नमक मिलाकर रख लें. जब भी खाना खायें उसे साथ रखें और खाना खत्म होने के बाद थोड़ी सा ये चूरन लेकर उसकी एक घूंट पानी के साथ उसे निगल जायें. खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए इसलिए बस एक दो घूंट की पानी ही पियें.
    चिरोंजी कर सकती है शारीरिक...
    ठण्ड के मौसम में पित्त बढ़ जाता है इसलिए हमें ऐसी चीजें नहीं खानी चाहिए जिनसे बॉडी में एसिड बने. लहसुन, बैंगन, करेला, सौंफ, काली मिर्च, हींग, सरसों का तेल, उड़द की दाल, कढ़ी वगैरा से परहेज करें. इस मौसम में छाछ-मट्ठे भी परहेज करना चाहिए. आपको ज्यादा गर्म तासीर वाले, कड़वे और चटपटे खाने से थोड़ा बचकर रहना है.
    1-इस मौसम में तो खाने पीने को बहुत कुछ है. कोशिश करें ऐसी चीजें खाने की जिनसे पित्त शांत रहे. गेहूं, जौ, ज्वार, मसूर व मूंग की दाल, सेम, गाय का दूध, मक्खन, घी, मलाई, श्रीखंड वगैरा ले सकते हैं.
     2-सब्जियों में चौलाई, बथुआ, लौकी, तोरी, पालक, परवल, सोया, फूलगोभी, कुंदरू को शौक से बनायें और खायें. इसी तरह से फलों में आप सेब, अनार, केला, आंवला, मुनक्का, सिंघाड़ा वगैरा खा सकते हैं.
    3-सुबह के वक्त खीर खाना अच्छा रहता है. घी भी खाना चाहिए क्योंकि घी में पित्त को शांत करने की काबलियत होती है. हरड़ का इस्तेमाल भी इस मौसम में बहुत अच्छा माना जाता है. 
    4-आप हरड़ को शहद या गुड़ या मिश्री के साथ खा सकते हैं. पुरानी किताबें कहती हैं कि इस मौसम में रात के वक्त चांदनी में रखा गये पानी में अमृत के गुण आ जाते हैं. इस पानी को हंसोदक या अंशदूक कहते हैं. इस पानी को पीने से बहुत फायदा होता है. 
    5-इस मौसम में रात को हल्का खाना ही खाना चाहिए. 
    लहराते बालो के लिए इस्तेमाल करे...
    भारत में रहने वाला हर शख्स काले चने के बारे में जानता है.चना  मेहनकश की खुराक का अहम हिस्सा रहा है .वैज्ञानिक भाषा में बात करें तो चने में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, आयरन और कैलशियम अच्छी खासी मात्रा में होता है.
    आइये जानते है इसके फायदों के बारे में  -
    1-चने को दस्तावर कहा जाता है. कब्ज के शिकार लोगों के लिए यह अच्छी चीज है. इसमें ढेर सारा फाइबर होता है जो आपको पेट साफ करने में मदद करता है. फाइबर आपकी आंतों को मांझने का काम भी करता है. चने में कई तरह के मिनरल्स और विटामिन होते हैं, जो पेट के मूवमेंट को बिगड़ने नहीं देते. सौ ग्राम काले चने में करीब 20 ग्राम फाइबर होता है. यह आपकी रोज की जरूरत का 80 फीसदी है. पेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी कुछ हद तक आप चने पर छोड़ सकते हैं.
    2-डायबिटीज के मरीज पूरे इत्मेनान से चने को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसकी एक वजह यह है कि यह काफी धीमी रफ्तार से ग्लूकोज को बॉडी में रिलीज करता है. इससे अचानक बॉडी का शुगर लेवल नहीं बढ़ता.
    3-काला चना आयरन का सबसे सस्ता स्रोत है. 100 ग्राम में करीब 3 एमजी आयरन होता है. यह आपकी रोज की जरूरत का करीब 20 फीसदी है. यही नहीं चने में पोटेशियम, मैगनीशियम और कैल्शियम की भी अच्छी मात्रा होती है.
    अंजीर बनाता है हड्डियों को मजबूत
    क्रिएटिन अथवा क्रेटीन उस कैमिकल से बनाया जाता है जो हमारी बॉडी में नेचुरली पाया जाता है. ये मीट और मछली में भी होता है. सबसे ज्यादा क्रेटीन हमारी मसल्स में जमा रहता है. ये एनर्जी देने के काम आता है और मसल्स की ग्रोथ में भी इसका रोल रहता है. 
    1-क्रिएटिन के यूज का सबसे बड़ा और खतरनाक साइड इफेक्ट किड़नी पर पड़ता है. दस ग्राम से ज्यादा रोज क्रेटीन लेना खतरनाक होता है. इसकी हाई डोज के चलते मसल्स का टूटना बहुत तेज हो जाता है. इससे ढेर सारा कैमिकल और प्रोटीन रिलीज होता है, जिसका सारा भार किडनी पर जाकर पड़ता है. इससे किडनी फेल हो सकती है और अगर सही वक्त पर इलाज न मिला तो मौत तक हो सकती है.
    2-पेट और छोटी आंत से जुड़ी प्रॉबलम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्ट्रेस (GI) कहते हैं. इसमें पेट में गैस होना, दर्द, जी खराब होना, उल्टी और डायरिया शामिल है. आपको भूख में कमी भी महसूस हो सकती है. ये सब साइड इफेक्ट आमतौर पर थोड़े टाइम के लिए होते हैं और हां डोज कितनी ले रहे हैं इस पर डिपेंड करते हैं.
    3-अगर आपने डाइट में क्रेटीन को शामिल किया है तो आपका वजन बढ़ सकता है, भले ही आप चाहते हों या नहीं. सपलीमेंट के तौर पर क्रेटीन का यूज करने से बॉडी में इसका लेवल बढ़ जाता है. इसके चलते मसल्स में वाटर रिटेंशन होने लगता है और पानी का लेवल बढ़ने से वजन बढ़ जाता है.
    जाने क्या है नींद की गोलियों के साइड...
    यहां हम एंडूरा मास के साइड इफेक्ट पर बात करेंगे. इन्हें जानने के बाद आपको यह फैसला लेने में मदद मिलेगी कि यह प्रोडक्ट आपके कितने काम है.
    1-ये प्रोडक्ट बॉडी बिल्डिंग के लिए नहीं है. सौ ग्राम एंडूरा में आपको करीब 15 ग्राम प्रोटीन ही मिल पायेगा. अगर आप इसका इस्तेमाल करके बॉडी बिल्डिंग करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सही नहीं है, क्योंकि बॉडी बिल्डिंग में हाई प्रोटीन वाले सपलीमेंट का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप बॉडी बिल्डिंग में इसका इस्तेमाल करेंगे तो मसल्स बने या न बनें लेकिन हां फैट जरूर जमा कर लेंगे.
    2-जब भी आप कोई ऐसी चीज खाते हैं जो फूड नहीं है तो उसे हजम करने के लिए आपके लिवर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है. थोड़े से वेट गेनर में बहुत सारी कैलोरी होती है, उसे संभालने और सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए लिवर को एक्स्ट्रा बोझ उठाना पड़ता है जो उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं होता. आमतौर पर गेनर के इस्तेमाल से हाजमा बिगड़ जाता है, पेट फूल जाता है और आपके बाउल की मूवमेंट बदल जाती है.
    3-एंडूरा में सोया प्रोटीन होता है. सोयाबीन से टेस्टोसटेरोन का लेवल कम होता है. टेस्टोसटेरोन का लेवल कम होने से जिम में आपकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है .
    4-जिन लोगों को दूध से परेशानी होगी या जिनका पेट ठीक नहीं रहता उन्हें एंडूरा से परेशानी होगी. क्योंकि इसमें सोयाबीन के प्रोटीन का इस्तेमाल होता है और सोयाबीन सबको सूट नहीं करता. पेट में गैस की दिक्कत तो हमने खुद महसूस की है. अगर आपको यह प्रोडक्ट सूट नहीं किया तो चेहरे पर पिंपल निकल सकते हैं. दूध और सोयाबीन दोनों ही ऐसे फूड हैं जिनमें एलर्जिक रिएक्शन होता है.
    रोने से बढ़ती है आँखों की रौशनी
    वेट लॉस के बाजार में ग्रीन कॉफी का नाम ज्यादा पुराना नहीं है. आज वेट लॉस के बाजार में ग्रीन कॉफी बीन्स को एक चमत्कार की तरह पेश किया जा रहा है.ग्रीन कॉफी बीन दरअसल कॉफी बीन्स ही होते हैं मगर बिना रोस्ट किये हुए. बीन्स को रोस्ट करने से एक खास कैमिकल कम हो जाता है, जिसे क्लोरोजेनिक एसिड  कहते हैं. इसलिए ग्रीन कॉफी बीन्स में आम कॉफी के मुकाबले ज्यादा क्लोरोजेनिक एसिड होता है. कहा जाता है कि यह एसिड हेल्थ के लिये काफी अच्छा होता है. लोग ग्रीन कॉफी को मोटापे से लड़ने, डायबटीज, हाई बीपी, अलजाइमर और बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने में यूज करते हैं.
    ग्रीन कॉफ़ी के साइड इफेक्ट्स 
    1- बेचैनी  – ग्रीन कॉफी की वजह से बेचैनी की शिकायत बढ़ जाती है. अगर किसी को पहले से बेचैनी की परेशानी है तो यह उसमें इजाफा कर सकती है.
    2-डायरिया  – ग्रीन कॉफी में कॅफीन होता है और अगर कैफीन ज्यादा होने के चलते पेट चल सकता है और अगर आपका पेट पहले से चला हुआ है यह कंडीशन को और खराब कर देता है. अगर आपका पेट कमजोर है तो यह प्रोडक्ट आपके लिए ठीक नहीं है.
    3-ग्लूकोमा  – ग्रीन कॉफी में मौजूद कैफीन से आंखों के भीतर प्रैशर बढ़ जाता है. कॉफी पीने के महज 30 मिनट बाद ही प्रैशन बढ़ जाता है और यह कम से कम 90 मिनट तक रहता है.
    5-हाई कॉलेस्ट्रॉल   – अनफिल्टर्ड कॉफी के कुछ सब्सटांस की वजह से कॉलेस्ट्रॉल के लेवल में दिखाई दी है. यह सब्सटांस ग्रीन कॉफी में हो सकते हैं. हालांकि यह पूरी तरह से क्लीयर नहीं है कि ग्रीन कॉफी से वाकई कॉलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है.
    स्मरण शक्ति बढ़ने के लिए करे सूर्य नमस्कार

    ज्यादा टीवी देखने के कई खतरों से आप वाकिफ हैं. मगर शोधकर्ताओं ने एक ऐसा खतरा खोजा है, जिसकी कल्पना आपने नहीं की होगी. बहुत ज्यादा टीवी देखने से मौत तक हो सकती है. पांच घंटे या उससे ज्यादा समय के लिए टीवी के सामने बैठना बेहद खतरनाक हो सकता है.
    एक नई रिसर्च का दावा है कि इससे खून के जानलेवा थक्के (ब्लड क्लॉट्स) बन सकते हैं. इससे पलमनरी एम्बॉलिज्म का खतरा दो गुना बढ़ जाता है.  रिसर्च करने वालों का कहना है कि लंबे समय तक टीवी देखने वालों को बीच बीच में खड़े हो जाना चाहिए या पानी पीने के लिए उठना चाहिए.
    पलमनरी एम्बॉलिज्म का मतलब होता है पलमनरी आर्टरी में रुकावट हो जाना या उसका जाम हो जाना. यह वो रक्तवाहिनी है जो दिल से खून को फेफड़ों तक पहुंचाती है. 
    शोध के मुताबिक, 40 से 59 उम्र के लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. इसलिए उन्हें लंबे समय तक टीवी के सामने बैठते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. रिटायर्ड लोग टीवी ज्यादा देखते हैं. इसलिए उन्हें बीच बीच में खड़े हो जाना या टहलना चाहिए.
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    मेथी ना सिर्फ एक मसाला है बल्कि यह हर बीमारी को जड़ से खतम करने की दवा भी है. आज हम आर्टिकल में हम आपको मेथी के गुण नहीं बल्कि मेथी के पानी के गुण बताने वाले हैं. आपको करना सिर्फ इतना है कि एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें. सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं. 
    1-यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्ती की भूख नहीं लगेगी. रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. 
    2-मेथी में एक गैलाक्टोमेनन नामक कम्पाउंड और पोटैशियम होता है. ये दो सामग्रियां आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं.
    3-बहुत सारी स्टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है. 
    4-इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नाते, मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है. 
    5-मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है.
    सर्दियों के मौसम में अदरक वाली काली चाय का मजा ही कुछ और है. लेकिन क्या आपको पता है कि दिन में एक कप अदरक की चाय का सेवन न सिर्फ स्वाद के लिए अच्छा है बल्कि सेहत की नजर से भी इसकी चुस्की के फायदे हैं.
    तो आइये जानते हैं कुछ और फायदे अदरक वाली चाय के .
    1-अदरक वाली ब्लैक टी आपके आपके ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करती हैं क्योंकि इसमें फ्लेवनॉइड्स पाया जाता है इसलिए यह हड्डियों और दाँतों को भी मजबूत करती है. तो दूध और चीनी की चाय बार बार पीने से अच्छा है कि आप सेहत से भरपूर अदरक वाली चाय पीयें.
    2-क्या आपको सुबह के वक़्त मतली या उल्टी आती है. तो सुबह खाली पेट अदरक वाली ब्लैक टी पीयें. इससे आपकी उल्टी होना बंद हो जायेगी. साथ ही गर्भवती महिलाएं भी पी सकती हैं जिन्हें मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी है.
    3-ब्लैक अदरक वाली चाय पीने से एलडीएल यानि कोलेस्ट्रॉल 7.5 % तक कम हो जाता है जिससे हृदय की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.
    4-ब्लैक टी इंसुलिन के स्तर को बढ़ाती है जिससे प्लाज़्मा ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित रहता है. साथ ही अदरक में कैंसर विरोधी गुण होते हैं जिससे ट्यूमर नहीं बनता है.
    5-ब्लैक टी और अदरक में मजूद एंटी इन्फ्लैमटॉरी तत्व हार्टबर्न ,पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, और सूजन, यह सब ठीक करती है. इनदोनो को पीने से शरीर के अंगों और जोड़ों की सूजन कम हो जाती है.
    वजन कम करना है तो खुद से करे घर के सारे काम
    बॉडीबिल्डर्स को देख कर अक्सर हमारे मन में ख़याल आता है कि हम भी ऐसी शानदार बॉडी के मालिक होते। आपको पता होगा की इस तरह की बॉडी बनाने के लिए कितनी मेहनत लगती है. जिम में जी तोड़ महनत करने के अलावा ये लोग एक चीज को जरुरी तौर पर फॉलो करते हैं है और वो है इनकी डाइट। ये अपनी डाइट को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट होते हैं. ऐसी किसी भी चीज का सेवन नहीं करते हैं जिसके कारण उनके शरीर को थोड़ा सा भी नुकसान पहुंचे। बिना अच्छी डाइट के आप शानदार बॉडी नहीं पा सकते हैं और यह ही सच है.
    एक्सरसाइज करने से ही बॉडी नहीं बनती इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपकी बॉडी को फिट भी रखेंगे और बॉडी बनाने में सहायता भी करेंगे। आपको दाल रोज खानी चाहिये क्‍योंकि इसमें बहुत सारा प्रोटीन और पोषण होता है। दही में बहुत सारा कॉप्‍लेक्‍स शुगर और घुलनशील प्रोटीन होता है। यह वर्कआउट करने के लिये शक्‍ति प्रदान करता है। इसे खाने से शरीर की प्रतिरक्षा बढती है और यह प्रोटीन बढाने में भी मददगार होता है। अगर बॉडी बनाने वाले पालक नियमित खाएं तो उनकी बॉडी जल्‍दी बनेगी।
    लाल या हरी मिर्च बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छे फूड माने जाते हैं। यह हड्डियों को मजबूत करने के लिये और अच्‍छे ब्‍लड सर्कुलेशन के लिये जाने जाते हैं। ब्‍लूबैरी शरीर में सेलुलर इलास्‍टिसिटी बनाने में भी मदद करती है। ग्रीन टी शरीर में अच्‍छे बैक्‍टीरिया को जन्‍म देती है जिससे बॉडी बिल्‍डर्स का इम्‍मयून सिस्‍टम मजबूत होता है और बीमारियां दूर होती हैं। टमाटर में विटामिन ए होता है जो कि बॉडी बिल्‍डिंग के लिये अच्‍छा माना जाता है। इससे फैट भी बर्न होता है और मस्‍लस में खिंचाव भी कम होता है। ओलिव ऑइल में फैटी एसिड और मोनोसैच्‍युरेटेड फैट्स होते हैं जो कि मसल्‍स बनाने में उपयोगी होते हैं। ब्रोकली में विटामिन सी होता है जो कि शरीर में सेल्‍स को तुरंत खराब नहीं होने देती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है। पीनट बटर या फिर मूंगफली खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसको खाने से बहुत देर तक भूंख नहीं लगती।
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    शरीर में प्रोटीन एक बहुत जरूरी तत्व है. मसल्स को बढ़ाने के साथ साथ ये आपके बालों और नाखूनी की ग्रोथ के लिए भी जरूरी हैं। अक्सर ये समझ में नहीं अत कि इंसान को कितना प्रोटीन लेने चाहिए जो उसके लिए जरूरी हो. सप्लीमेंट्स पहलवानो के लिए अच्छे साबित होते हैं क्योंकि उनका वर्कआउट और आपके वर्कआउट में दिन रात का फर्क होता है. ऐसे में प्रोटीन का इन्टेक सोच समझ कर लेना चाहिए। प्रोटीन मसल्स बनाता है और उन्हें बरकरार रखता है।आपको अपने शरीर के वजन के हिसाब से प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
    जैसे की , यदि आपका वजन 60 किलों है तो आपको 48 ग्राम प्रोटीन प्रति दिन जरुरत पडे़गी।अगर आप स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो आपको प्रतिदिन आपके वजन के हिसाब से प्रति किलोग्राम 1.5 से 2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों, त्वचा और अंगों के विकास के लिए आवश्यक होता है। खाने में प्रोटीनयुक्त पदार्थ का सेवन करे ,प्रोटीन शेक और प्रोटीन युक्त भोजन वजन बढ़ाने में मदद करते है आपको प्रोटीन कई प्रकार के आहारों से प्राप्त हो सकता है जैसे, मीट, अंडे, डेयर प्रोडक्‍ट, अनाज, दाल, बीज या मेवों आदि से।
    जो लोग जिम जाते वे प्रोटीन के लिए अंडे और चिकन पर निर्भर रहते है ।हालांकि चिकन और अंडे दोनों प्रोटीन के बहुत अच्छे स्रोत माने जाते हैं 100 ग्राम अंडे में 13 ग्राम प्रोटीन और 100 ग्राम चिकन में 27 गाम प्रोटीन की मात्रा होती है। अगर लो कैलोरी, लो फैट और हाई प्रोटीन वाले आहारों की बात करें तो अंडा और चिकन सबसे बेहतर है। अंडे में प्रोटीन तो  होता ही है साथ में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा भी अधिक होती है। अधिक कोलेस्‍ट्रोल का सेवन करने से खून का फ्लो धीमा पड़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक की समस्‍या हो सकती है।
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