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jankari370 एनर्जी की कमी के कारण होती है थकानएनर्जी की कमी के कारण होती है थकान

    सुबह उठते ही काम पे लग जाने वाली महिलाएं, दिन भर ऑफिस की फाइलों से सर टकराते पुरुष या फिर स्कूल और होमवर्क के बाद खेल के मैदान से वापिस आने वाले बच्चे, ये सभी शाम तक थकान से लस्त-पस्त हो जाते हैं. इनका थकना भी लाजमी है. लेकिन कई लोगों को अक्सर शिकायत रहती है कि वे जल्दी थक जाते हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बिना काम किए थके होने की बात करते हैं। इसका मतलब साफ़ है कि उन्हें अपनी बॉडी के हिसाब से एनर्जी नहीं मिल पा रही है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो कुछ बातें जान लीजिये।
    शरीर में एनर्जी की कमी होने पर थकान महसूस होती है इसलिए जरूरी है कि शरीर की एनर्जी को बनाए रखने के लिए आप प्रोटीन युक्त नाश्ता करें। दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी या कोई भी लिक्विड पीते रहें। पानी हमारे शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालकर शारीरिक प्रणाली में नई एनर्जी भरता है। शर्बत, फ्रूट जूस, छाछ व नारियल पानी आदि पीना चाहिए। रिफ्रेश रहने के लिए प्रोटीन युक्त नाश्ता जरूरी होता है।
    कार्बोहाइड्रेट से शरीर को ऊर्जा मिलती है। ऐसे फलों संतरा, मौसमी, लीची खाना चाहिए क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में ग्लूकोज होता है। दूध में शहद डालकर पीने और केले का शेक पीने से भी शरीर को अच्छी एनर्जी मिलती है। आप रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें ताकि अगले दिन के लिए आपको पर्याप्त एनर्जी मिले। जब भी थकान महसूस हो तो 15-20 मिनट की झपकी जरूर लें। नींद पूरी न होने से वजन भी बढ़ता है और थकान भी जल्दी होती है। 
    महिलाओ को भी होती है स्वप्नदोष की समस्या
    जानिये नाभि से जुडी रोचक बातें
    आजकल कोई विरल ही होगा जो यह बात दावे से कह सके की उसे कभी भी तनाव नहीं हुआ।10वीं क्लास के बच्चे से लेकर 60 साल के बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग डिप्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। सब के कारण अलग अलग हो सकते हैं लेकिन उसका नतीजा एक ही निकालता है और वो है तनाव। हाल ही में डिप्रेशन पर किये गए एक शोध के चौकाने वाले नतीजे आये हैं. इसके अनुसार लंबे वक्त तक रहने वाला डिप्रेशन आपकी याद्दाश्त की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। एक नए शोध में इसका खुलासा हुआ है।
    शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि जो व्यक्ति लगातार तनाव से ग्रसित रहते हैं उन्हें स्पेशियल स्मृति की परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्पेटियल मेमोरी दिमाग का वह भाग है जहां विभिन्न जानकारी एकत्रित होती हैं। इसके साथ ही लंबे समय तक तनाव से व्यक्ति में सोशल अवॉयडेंस की भावना विकसित होती है।
    ऐसा व्यक्ति मित्रों, परिवार और समाज से कटा कटा सा रहने लगता है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान दिमाग में औसत दर्जे का परिवर्तन पाया और इनमें सूजन का सबूत मिला। जो बाहरी तनाव की वजह से हुआ था। यह शोध तनाव और मूड की समस्याओं के पीछे के रहस्यों को उजागर करने के लिए किया गया। इसके नतीजे उन लोगों के लिए मददगार हो सकते हैं जो तनाव, अवसाद, सदमा आदि समस्याओं से ग्रसित हैं। 
    जानिये नाभि से जुडी रोचक बातें
    महिलाओ को भी होती है स्वप्नदोष की समस्या
    उम्र पर किसी का जोर नहीं चलता। बचपन के बाद जवानी और उसके बाद बुढ़ापा, यह एक ऐसा सच है जिससे हम मुंह नहीं फेर सकते। बचपन और जवानी तो जोश के कारण गुजर जाती है लेकिन जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे हम इस उम्र के निशान से छुटकारा पाने की कोशिश करते है. बढ़ती उम्र के साथ शरीर की देखभाल बेहद जरुरी होती है। इस दौरान आप छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर और उन्हें दिनचर्या में शामिल कर हमेशा जवां और एनर्जी से भरपूर रह सकते हैं। खाने पीने में उन्हीं चीजों को तरजीह दे जिससे पर्याप्त उर्जा मिलती हो और जो आपकी सेहत के लिए बेहतर हो। पौष्टिक खाने के साथ इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आप ओवर डायट भूलकर भी नहीं ले।
    ओवर डायट की स्थिति में आपकी नींद प्रभावित होती है और वजन तेजी से बढ़ता है। सुबह उठना, कसरत करना, पार्क में सैर के लिए जाना ये सब वो आदतें है जो रोजाना करने से शरीर की सेहत लंबे समय तक बनी रहती है। रोजाना सिर्फ 20 मिनट की कसरत आपके शरीर को पूरे दिन तरोताजा बनाए रखता है। इसी तरह से रात में सोने का भी एक फिक्स्ड टाइम होना चाहिए जिससे आप लंबे समय तक जवां बने रहते हैं।
    सेहत को बनाए रखने के लिए अच्छी और पूरी नींद का होना बेहद जरुरी है। सात से आठ घंटे की नींद रोजाना लेनी जरूरी होती है जिससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त रहता है और बुढ़ापे का आक्रमण भी देर से होता है और आप लंबे समय तक जवां बने रहते हैं। झपकी लेने की बजाय आप शरीर को किसी और काम में लगा दे। आप इस दौरान टहलने के लिए चले जाए। गार्डन में जाकर गार्डेनिंग करे या फिर खुद के लिए चाय बनाकर उसकी चुस्की ले। इससे आपका शरीर ज्यादा सक्रिय रहेगा जिससे रात में आपको अच्छी नींद आएगी। रात में सोने से पहले कॉफी का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। चूंकि कॉफी के सेवन से उर्जा मिलती है इसलिए रात में पीने से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। 
    महिलाओ को भी होती है स्वप्नदोष की समस्या
    अगर आप सिर्टफूड डाइट को ठीक से फॉलो करती हैं तो मात्र एक हफ्ते में आप अपना वज़न लगभग तीन किलो तक भी कम कर सकती हैं. इसे “सिर्टफूड डाइट” के नाम से जाना जाता है. चलिए सिर्टफूड डाइट के बारे में विस्तार से जानते हैं.
    1-आजकल इस डाइट की बड़ी चर्चा है और अगर आप वड़न कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो ये डाइट प्लान आपको काफी मज़ेदार भी लगेगा. शोधकर्ताओं के अनुसार इस डाइट में शामिल विशेष खाद्य पदार्थ शरीर के विशिष्ट प्रोटीनों, जिन्हें सर्टेन  कहा जाता है, को सक्रिय कर देते हैं. 
    2-पहले हफ्ते में आपको 1000 कैलोरी प्रति दिन तक ही लेना होता है, जिसमें तीन सिर्टफूड हरा जूस और एक सिर्टफूड डाइट शामिल होती है. इसके अलगे हफ्ते आप 1500 कैलोरी प्रति दिन तक सेवन कर सकते हैं, जिसमें दो सिर्टफूड हरा जूस और दो सिर्टफूड डाइट होती हैं. 
    3-सिर्टफूड डाइट को मशहूर लोगों द्वारा अपनाया जा सहा है और इसके प्रशंसकों की संख्या बढ़ रही है. एडेल, जूडी किड, लोरेन पास्केल और सर बेन एंज़्ले आदि कई जाने माने लोग सिर्टफूड डाइट फॉलो कर रहे हैं. 
    ग्लूकोज और फ्रक्टोज का खजाना खजूर मधुमेह में सहायक होने के साथ ही इम्यून पावर को भी बूस्ट करता है. इसमें कोलेस्ट्राेल नहीं होता है और एक खजूर से 23 कैलोरी मिलती है.इसके साथ ही यह सेल डैमेज ,कैंसर से बचाव और दिल से जुड़ी समस्याओं से बचाव में भी बहुत कारगर है.
    1-जिन लोगों को अपच या कब्ज की समस्या है उन्हें खजूर खाने की सलाह दी जाती है. इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स होते हैं, जिससे पाचन क्रिया सही बनी रहती है. हर रात चार खजूर पानी में डालकर रख दीजिए और सुबह उठकर इसे खाइए. आपको कुछ ही वक्त में फायदा नजर आने लगेगा.
    2-खजूर त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. खजूर खाने से चेहरे पर उभर आने वाली महीन रेखाएं समाप्त हो जाती हैं और त्वचा पर निखार आता है. 
    3-खजूर में मौजूद लवण हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं. इसमें कैल्शयिम, सेलेनियम, मैगनीज और कॉपर की मात्रा होती है. इनसे हड्डियों को मजबूती मिलती है.
    4-अगर आप अंडरवेट हैं तो खजूर का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें शुगर, विटामिन और कई जरूरी प्रोटीन होते हैं जो वजन बढ़ाने का काम करते हैं. अगर आप बहुत दुबले-पतले हैं तो हर रोज चार से पांच खजूर खाना शुरू कर दीजिए.
     ज्यादा तनाव मत लीजिये वरना खो जाएगी याद्दाश्त  

    पर्याप्त नींद लेने से तनाव का स्तर तो कम होता ही है साथ ही आपके शरीर के हर अंग को आराम भी मिलता है. आप जब तक जागते रहेंगे तब तक आपके अंदर कुछ ना कुछ खाने की इच्छा होती रहेगी जो कि आपके पाचन शक्ति व शरीर के लिए नुकसानदेह है. रिसर्च के मुताबिक जो लोग कम सोते हैं वे ज्यादा से ज्यादा कैलोरी ऊर्जा लेते हैं. इसके साथ ही पर्याप्त नींद नहीं लेने से उनकी ऊर्जा का क्षय भी कम होता है जिससे उनका वजन बढ़ता जाता है. इसके विपरीत जो लोग ज्यादा सोते हैं वे उनकी तुलना में कम कैलोरी उर्जा लेते हैं और सोने में ज्यादा कैलोरी ऊर्जा क्षय करते हैं. अध्ययन कहता है कि अगर इस बात को आम जिंदगी पर लागू किया जाए तो कम सोने पर मोटापे का खतरा बढ़ता है.
    अपर्याप्त नींद लेने से वजन बढ़ने के साथ कई और समस्याएं हो सकती हैं आइए जानें उनके बारे में.
    1-कम सोने से लेप्टिन का लेवल नीचे चला जाता है, जिससे शरीर में कार्बोहाईड्रेट युक्ता आहार खाने की प्रबल इच्छा होती है.
    2-अपर्याप्त नींद से शरीर के कार्बोहाइड्रेट का पूरा प्रयोग नहीं हो पाता और शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है जिससे इंसुलिन बढ़ता है और शरीर में चर्बी जमा होने लगती है.   
    3-अपर्याप्त नींद से हार्मोन की वृद्धि का स्तर घटता है जिससे शरीर में समस्याएं पैदा होती हैं.   भरपूर नींद नहीं लेने से इंसुलिन बनने की प्रक्रिया में रुकावट आती है, जिससे डायबटीज का खतरा बढ़ जाता है.
     
    हर इंसान के भोजन में नमक शामिल होता है. सौंदर्य के लिए भी नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक्सफोलिएशन के रूप में नमक का इस्तेमाल करने से चेहरे की सूजन कम होती है. साथ ही नमक बालों और त्वचा के सौंदर्य के लिए भी काफी उपयोगी होता है. 
    1-समुद्री नमक मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम और पोटेशियम जैसे मिनरल से भरपूर होता है. ये मिनरल त्वचा स्वास्थ्य और सेलुलर संचार के लिए आवश्यक होते हैं. त्वचा के मिनरल में असंतुलन से सूखापन, जलन और मुंहासे हो सकते हैं. नमक त्वचा को हाइड्रेट करता है. 
    2-नमक दाग को हल्का करता है. इसके साथ ही यह दांतों को भी चमकदार बनाने में मदद करता है. नमक में फ्लोराइड होता है, जो दांतों और मसूडों के लिए अच्छा माना जाता है. एक चम्मच नमक में दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पेस्ट बना लें. फिर टूथब्रश की सहायता से इस मिश्रण से दांतों पर ब्रश करें. आपके दांत चमक उठेंगे.
    3-नमक गंदगी और विषाक्त पदार्थों को अवशोषित कर त्वचा के रोम को गहराई से साफ करता है. नमक में मौजूद मिनरल त्वचा की रक्षा और नमी को बरकरार रखते हैं. एक कप नमक में कुछ बूंदे बादाम और नारियल के तेल मिलाकर नहाने के पानी में मिलाकर 15 से 30 मिनट के लिए स्नान करें
    4-मृत त्वचा को निकालने के लिए नमक को धीरे से त्वचा पर एक्सफोलिएट करें. नमक में मौजूद मिनरल त्वचा को नर्म करने और नमी को बनाये रखने में मदद करता है. आधा कप नमक और आधा कप जैतून या नारियल का तेल मिलाकर, शॉवर के समय अपनी त्वचा पर सर्कुलर मोशन में स्क्रबिंग करें. 
    महिलाओ के लिये स्वस्थ आहार
    तलाक न सिर्फ दो लोगों को कानूनी तौर पर एक दूसरे से अगल कर देता है बल्कि मानसिक व शारीरिक तौर पर भी गहरा नुकसान पहुंचाता है. शायद आप इस तथ्य से वाकिफ न हों, लेकिन तलाक सेहत पर भी कई प्रकार से दुष्प्रभाव ड़ालता है
    1- विशेषज्ञ बताते हैं कि तलाक मानसिकतौर पर झकझोर देनी वाली प्रक्रिया होती है और इसमें तनाव हो जाना बेहद आम होता है. और इसका सीधा प्रभाव  सेहत पर पड़ता है और हमारा इम्यून सिस्टर गड़बड़ा जाता है. ऐसे में बीमारियों के लगने की आशंका भी बढ़ जाती है.
    2-तलाक से गुज़र रहे लोगों को तनाव हो जाना सामन्य सी बात होती है. कई शोध बताते हैं कि तनाव के कारण लोगो में सामान्य से ज्यादा भोजन करने की आदत लग जाना देखा जा सकता है. ऐसे में एक तो व्यक्ति ज़रूरत से अधिक खाना खा लेता है और वह ठीक से पचता भी नहीं है. जिसके चलते वज़न का बढ़ जाना भी लाज़मी होता है. तो तलाक के मुश्किल दौर से गुज़र रहे लोगों में वज़न बढ़ने की समस्या देखी जा सकती है.
    3-तलाक जैसे मुश्किल दौर में अधिक तनाव हो जाना और फिर इसके अवसाद का रूप ले लेने का जोखिम हमेशा ही बना रहता है. वहीं महिलाएं के इस दौरान मूड डिसॉर्डर काशिकार होने की आशंका अधिक होती है. उनके साथ ऐसा हार्मोन द्वारा दिमाग के रसायनों के साथ छेड़-छाड़ किए जाने के कारण होता है. इसके अलावा कुछ शोध यह भी बताते हैं कि तलाक जैसे पीड़ादायक दौर से गुज़रे या गुज़र रहे लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में हृदय संबंधी समस्याओं होने की आशंका 20 गुना तक अधिक होती है.
    थाइराइड के रोगी ना खाये गोभी
    क्या आप पैरों में मालिश करने के फायदों के बारे में जानते हैं. अगर नहीं जानते तो हम आपको बता रहे हैं कि रात में पैरों में मालिश कर सोने से कौन-कौन से बेहतरीन फायदे हो सकते हैं.
    1-रात में पैरों की मालिश आपको दिनभर की थकान से निजात दिलाकर, मानसिक और शारीरिक तौर पर सुकून देता है. इससे आपको अच्छी नींद आती है. रात में पैरों की तेल मालिश करने से आपको तनाव और सिरदर्द से निजात पाने में भी मदद मिलती है. यह तनाव को दूर करने का एक बेहतरीन तरीका है.
    2-शरीर के माध्यम से प्रसारित होने वाला ब्लड, शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होता है. ब्लड शरीर से अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को भी शुद्ध करता है. लेकिन जब तनाव की मौजूदगी के कारण ब्लड का फ्लो सीमित हो जाता है, तो पैरों की मालिश फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन बेरोक प्रवाहित होता है.
    3-पैरों की सुंदरता को बनाये रखने के लिए भी मालिश एक अच्छा विकल्प है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और पैरों की त्वचा पहले से बेहतर हो जाती है. और अगर मालिश के लिए नारियल, बादाम, तिल या अलसी के तेल का इस्तेमाल करे तो ज़्यादा बेहतर होगा .
    4-पैरों की मालिश एक पुष्टिकर औषधि है, क्योंकि यह प्राप्तकर्ता को एनर्जी प्रदान करता है. जब पैरों को छूआ या रगड़ा जाता है, तो पैर की मालिश सभी तत्व शरीर को एनर्जी देने के लिए एक साथ आ जाते हैं. रिफ्लेक्सोलॉजी के सिद्धांतों के अनुसार, पैरों की मालिश एनर्जी को पकड़ने वाली किसी भी रुकावट को रिहा करके शरीर के माध्यम से स्वतंत्र रूप से बहती है.
    वजन घटाने के लिए करे घर में कुछ खास बदलाव
    गिलोय बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं इतने गुण होने के बाद भी कुछ बीमारियों में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए. हम आपको बता रहे हैं कब गिलोय का सेवन न करें.
    1-अगर आपको पेट की समस्या है तो गिलोय का प्रयोग बिलकुल न करें, क्योंकि इसके कारण अपच की शिकायत हो सकती है. अपच की समस्या होने पर इसका किसी भी तरह से (यानी की कैप्सूल या रस) प्रयोग न करें. इसके कारण पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत भी हो सकती है. 
    2-गिलोय के सेवन से ब्लड शुगर कम होता है. इसलिए अगर आपका ब्लड शुगर पहले से ही कम है तो इसका सेवन बिलकुल न करें. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ब्लड शुगर कम करते वक्त सावधानी बरतें. डायबिटीज में चिकित्सक की सलाह के बिना इसका सेवन न करें. 
    3-इम्यूनिटी का सुचारु होना बहुत जरूरी है, लेकिन अगर इम्यूनिटी बहुत अधिक सक्रिय हो जाये तो भी खतरनाक है. क्योंकि इस स्थिति में ऑटोइम्यून बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है. यानी इसके अधिक प्रयोग से ल्यूपस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं. अगर आपको ये बीमारियां हैं तो गिलोय का सेवन बिलकुल न करें. 
    चिकनगुनिया में खाये ये चीजे
    दांतों को साफ रखने और कीटाणुओं से बचाने के लिए आप टूथब्रश का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शायद इस बात से आप अनजान हैं, कि आपका यही ब्रश आपकेा बीमार भी कर सकता है.दांतों की सफाई के लिए आपकी जरूरत के हिसाब से सही टूथब्रश का चुनाव करना बहुत जरूरी है. आइए हम आपको बतातें है टूथब्रश से जुड़ी कुछ जरूरी बातें. 
    1-सही टूथब्रश के चयन के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि आपके ब्रश करने का तरीका कितना सही है. ब्रश करने का सही तरीका यह है कि टूथब्रश को दांतों के एनामेल यानी जोड़ पर ऊपर से नीचे और दाएं से बाएं की ओर करें. एक साथ तीन दांतों पर इसी विधि से ब्रश करें. ब्रश करने की प्रक्रिया के दौरान जीभ की सफाई भी बेहद जरूरी है. 
    2-चिकित्सकों का मानना है कि हर दो महीने के अंतराल में टूथब्रश बदलना चाहिए. पुराने टूथब्रश के ब्रिसल्स सख्त हो जाते हैं जिससे दांतों की सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती और इनसे संक्रमण की आशंका भी अधिक रहती है.
    3-क्या आप अपने टूथब्रश को कंटेनर में रखते है, तो अपनी ये आदत बदल दीजिए. अगर आप टूथब्रश को बंद कर देंगे तो ब्रश ठीक से सूख नहीं पाएगा, जिससे बैक्टीरिया उसी में रह जाता है. औऱ अगर आप अपने परिवार वालों के ब्रश भी उसी में रखते हैं तो वो सभी टूथब्रश में फैल जाएंगे. इसलिए कभी भी टूथब्रश एक साथ बंद करके नहीं रखने चाहिए.  
    क्या आप जानते है दही खाने के खास...
    अक्सर लोग मेकअप से लेकर कई जरूरी चीजों को बाथरूम में रखना पसंद करते हैं. लेकिन बाथरूम में कुछ चीजों को रखना सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं होता. आइए जानते है किन चीजो को न रखे बाथरूम में-
    1-दवाये भी बाथरूम में स्टोर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बाथरूम के तापमान में उतार-चढ़ाव और बहुत ज्यादा नमी किसी भी दवा के लिए अच्छी नहीं होती. और इस तरह से दवा को स्टोर करने से दवा का प्रभाव कम हो सकता है. इसलिए दवा को स्टोर करने के लिए जरूरी है कि कमरे के तापमान में ही दवाओं का कैबिनेट हो.
    2-अगर आपको शॉवर लेते समय म्यूजिक सुनने के लिए अपने मोबाइल या आइपॉड को बाथरूम में ले जाते हैं. तो बहुत ज्यादा नमी के कारण आपके इलेक्ट्रॉनिक्स खराब हो सकते हैं. इसलिए अगर आपको बाथरूम में म्यूजिक सुनने का शौक हैं तो ऐसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम का इस्तेमाल करें जो विशेष तौर पर बाथरूम में लगाने के लिए बनाया गया हो.
    3-अक्सर हम नहाने के बाद तौलिये को सुखने के लिए बाथरूम में ही छोड़ देते हैं. लेकिन तौलिये को बाथरूम में कभी न सुखाये. तौलिये को बाथरूम में सुखाने से बाथरूम के तापमान में बैक्टीरिया आसानी से पनपने के कारण तौलिये पर भी बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते है. क्या आप जानते हैं लोगों में त्वचा के संक्रमण का यह भी एक आम कारण है. इसलिए अपने तौलिये को हमेशा धूप में ही सुखाये.
    क्या आप भी परेशान है अपने गेम... 
    शाकाहार में  फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. मांस और मछली में टॉक्सिक केमिकल होने की संभावना ज्यादा रहती है. इसके साथ ही मांसाहारी जानवरों में, शाकाहारियों की तुलना में दस गुना अधिक हाइड्रोक्लोरिक एसिड पाया जाता है, जबकि शरीर में इतना हाइड्रोक्लोरिक एसिड नहीं होना चाहिए. आईए जानें सेहत के लिए शाकाहारी भोजन कैसे फायदेमंद है.
    1-शाकाहारी भोजन पचने में आसान होता है. जिससे आपके पाचन क्रिया पर ज्यादा असर नहीं होता है. शाकाहारी भोजन में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है जो भोजन को जल्द पचने में मदद करता है. शाकाहारी भोजन के मुकाबले मांसाहारी भोजन को पचने में कम से कम 36-60 घंटे लगते हैं.
    2-शाकाहारी भोजन आपकी भूख को बढ़ाता है जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा पोषण मिलता है. शाकाहारी भोजन  जल्दी  पच जाता है और आप अपनी भूख को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं. सामने परोसा गया भोजन दिखने में अच्छा लगे, तो भूख का जगना लाजिमी है.
    3-ऐसा पाया गया है कि मांसाहारी भोजन से रक्तचाप बढ़ने  का खतरा होता है. वहीं अगर शाकाहारी भोजन के साथ नियमित एक्सरसाइज की जाए तो डायबिटीज और रक्तचाप से बचा जा सकता है. इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है साथ ही  वजन बढ़ने की समस्या भी नहीं होती है.
    एलुमिनियम फॉयल में पैक खाना बनाता...
    चने में लगभग 28 प्रतिशत फॉस्फोरस और आयरन होता है. यह न केवल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं बल्कि हीमोग्लोबीन बढा कर किडनी को नमक की अधिकता से भी साफ करते हैं. इसलिए किडनी के स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए इसे अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है. 
    1-काबुली चना हमारे शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति करता है. इसलिए इसे प्रोटीन का राजा भी कहा जा सकता है. यहां दिये चने के फायदों को जानकर आप खुद को इसे खाने से नहीं रोक पायेगें.
    2-खून के लगातार बहाव में कॉपर और मैगनीज जैसे माइक्रोन्यूट्रियंट्स का होना बहुत जरुरी है. काबुली  चना मैगनीज का बहुत अच्छा स्रोत है. इसे खाने से शरीर का तापमान सही बना रहता है.
    3-फाइबर से भरपूर होने के कारण यह वजन घटाने का एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय है. यह न केवल भूख को नियंत्रित करने में मददगार होता है बल्कि लंबे समय तक आपको फुलर महसूस करवाता है. यह शाकाहारियों के लिए आहार प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है और यह भी उचित वजन प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 
    4-काबुली चना आयरन का एक बहुत अच्छा स्रोत है. इसके नियमित सेवन से अनीमिया की परेशानी नहीं होती. इसलिए एनीमिया के उच्च जोखिम के दौरान महिलाओं (गर्भवती, स्तनपान कराने वाली और मासिक धर्म), बच्चों और लोगों को एक दैनिक आधार में इसे शामिल करना चाहिए. 
    5-काबुली चने में लगभग 28 प्रतिशत फॉस्फोरस और आयरन होता है. यह न केवल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं बल्कि हीमोग्लोबीन बढा कर किडनी को नमक की अधिकता से भी साफ करते हैं. इसलिए किडनी के स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए इसे अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है. 
    दस्त से परेशान है तो करे अदरक और...
    टूथब्रश के पुराना या बेकार हो जाने पर हममें से ज्यादातर लोग इसे फेंक देते हैं, लेकिन पुराने टूथब्रश को अपने पास ही रखें क्योंकि यह बहुत काम की चीज है.आइए जानें आप पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल किन तरीकों से कर सकते हैं.    
    1-अगर आप अपने कीमती गंदे गहनों को साफ कराने के लिए किसी दुकानदार के पास नहीं ले जाना चाहती तो टूथब्रश का इस्तेमाल आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. गहनों को साफ करने के लिए इन्हें हल्के गर्म पानी में कुछ देर के लिए भिगोएं. फिर इनको टूथब्रश की मदद से धीरे-धीरे साफ करें. ऐसा करने से आपके गहने नये गहनों की तरह चमक जायेगें. 
    2-नाखूनों में छिपी गंदगी को भी आप टूथब्रश की मदद से साफ कर सकते हैं. बड़े नाखूनों में गंदगी का जमना बहुत ही सामान्य बात है. लेकिन इस गंदगी को साफ कराने के लिए आपको ब्यूटी पार्लर में पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है आप इस गंदगी को रोजाना नहाने के दौरान टूथब्रश की मदद से कर सकते है. टूथब्रश से नाखूनों के भीतर की सफाई करना इसलिए भी आसान होता है क्योंकि इसके ब्रिसल्स मुलायम और बारीक होने के कारण अंदर से गंदगी साफ करने में कारगर होते हैं.  
    3-कम घनी आई-ब्रो को घना दिखाने के लिए भी आप पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए पुराने ब्रश में कैस्टर ऑयल लगाकर आई-ब्रो पर हल्के-हल्के घुमाएं. आप चाहें तो इस उपाय से आई-लैशेज को भी घना बना सकते हैं. यह पलको को घना दिखाने के साथ पोषण भी देता है. 
    एलुमिनियम फॉयल में पैक खाना बनाता...
    औषधि गुणों की खान माने जाने वाले धतूरा की जड़, फल, फूल, पत्ते भी औषधि गुणों से युक्त होते हैं. पैर में सूजन हो जाने पर इसके पत्ते को पीसकर लगाना काफी उपयुक्त माना जाता है. सांस के रोगों और जोड़ों के दर्द में भी यह लाभदायक होता है. आइए  धतूरे के औषधीय गुणों की जानकारी लेते हैं.
    1-धतूरे का प्रयोग दर्द-निवारक के रूप में भी होता है. इसकी पत्तियों, फूलों व बीजों को पीसकर बनाए गए पेस्ट का लेप बनाकर दर्द वाले स्थान करने पर लगाने से राहत मिलती है. 
    2-इसके पेस्ट को सरसों या तिल के तेल में पकाकर धतूरे का तेल बनाया जाता है, जो एक अच्छा दर्द-निवारक है. इसके अलावा यह कान दर्द में भी तुरंत लाभ मिलता है. दर्द होने पर सरसों का तेल 250 मिली, 60 मिलीग्राम गंधक और 500 ग्राम धतूरे के पत्तों का स्वरस, इन सभी को एक साथ धीमी आंच पर पकाएं. जब तेल बचा रहे तब उसे इक्कठा कर कान में एक या दो बूँद टपका दें.
    3-नेत्र रोगों और श्वसन तंत्र व सांस संबंधी रोगों में यह बेहद लाभकारी है. फेफड़े, छाती आदि में कफ जमा होने पर यह रामबाण की तरह काम करता है. 
    4-इसका प्रयोग रक्त संचार सुचारू बनाए रखने के लिए भी किया जाता है. 
    5-धतूरा हृदय की गतिविधियों को नियंत्रित रखता है. 
    6-यह मासिक धर्म संबंधी गड़बडियों को ठीक करता है. प्रतिरक्षा प्रणाली के बढ़ने से मौसम में परिवर्तन का शरीर पर बुरा असर नहीं होता.
    दस्त से परेशान है तो करे अदरक और...
    सांभर एक दक्षिण-भारतीय अरहर दाल से बनने वाली डिश है. सांभर की खासियत यह है की इसमें दाल के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियां भी डाली जाती हैं, जिससे आपको प्रोटीन और विटामिन एक साथ मिल जाता है. एक कटोरी सांभर में लगभग 50 कैलोरी, 2.6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 15.0 ग्राम प्रोटीन और 1.8 ग्राम वसा होता है. 
    1-सांभर में बहुत तरह की मौसमी सब्जियां जैसे सहजन, बैंगन, गाजर, कद्दू, लौकी, टमाटर आदि डाली जाती है, इस बस चीजों के चलते सांभर को संपूर्ण आहार माना जाता है. अगर आप कुछ हल्का लेकिन भरा हुआ महसूस करना चाहते हैं तो एक बाउल सांभर ले सकते हैं.
    2-सांभर में ग्लाइसेमिक इंडेक्स और बुरा कार्बोहाइड्रेट बहुत कम मात्रा में होता है. जो लोग डायबिटीज से पीड़ित है, वह उपयुक्त सामग्री के साथ इसे तैयार करके उपभोग कर सकते हैं. लेकिन सफेद चावल की जगह इडली -सांभर का चयन करना आपके लिए बेहतर है. यह डायबिटीज रोगियों के अनुरूप होगा. वास्तव में, एक बाउल सांभर में 53.6 प्रतिशत जीआई होता है जिसके कारण ये ब्लड शुगर को टेस्टी और हेल्दी तरीके से नियंत्रित करता है.
    3-फाइबर में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर होता है. यह वास्तव में सांभर के सबसे अच्छे स्वास्थ्य लाभों में से एक है. हम सब इस तथ्य को जानते हैं कि नियमित रूप से फाइबर के सेवन करना, स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है. साथ ही फाइबर पाचन तंत्र की मदद भी करता है. सांभर खाने के लाभों का आनंद लेने के लिए आप सांभर में फाइबर युक्त सब्जियां मिला सकते हैं.
    दाल चावल खाइये सेहत बनाइये
    कई चीजों को हम रेफ्रिजरेटर में इसलिए रखते हैं ताकि वे खराब न हों, लेकिन कई चीजें ऐसी भी होती हैं, जिन्हें फ्रिज में नहीं रखना चाहिये, क्योंकि वे यहां खराब हो सकती हैं.
    1-तेल को कभी फ्रिज में नहीं रखना चाहिये. फ्रिज में रखने से यह गाढ़ा हो जाता है और कुछ हद तक मक्खन की तरह हो जाता है. कुछ तेल जैसे नारियल और ऑलिव ऑयल को खासतौर पर फ्रिज में नहीं रखना चाहिये. और जब आप इन्हें फ्रिज से निकालते हैं तो इन्हें सामान्य तापमान तक आने में काफी समय लगता है. 
    2- फ्रिज में रखने पर कॉफी अपना सारा स्वाद खो देती है. तो बेहतर है कि आप इसे एयरटाइट जार में बाहर ही रखें. फ्रिज में रखने पर यह अपनी कुदरती गंध भी खो देती है. इसलिए इसे बाहर ही रखना चाहिये. 
    3-प्याज को तो कभी भी फ्रिज में न रखें. फ्रिज में रखने पर ये न सिर्फ पिलपिले हो जाते हैं बल्कि इससे फ्रिज के अंदर भी अजीब सी गंध भर जाती है. इससे फ्रिज में रखे अन्य सामान पर भी इसका असर आता है. तो बेहतर है कि प्याज को बाहर ही रखा जाए.
    4-आलू स्टार्च से भरा होता है, जो ठंड में बुरा असर डालती हैं. ठंड में स्टार्च शुगर के रूप में टूटने लगता है. इससे यह ग्रीटी और एक प्रकार से मीठा हो जाता है. इससे इसका स्वाद और आकार दोनों खराब हो जाते हैं. 
    5-शहद कुदरती प्रिजरवेटिव है, तो अगर आप इसे बरसों तक जार में ऐसे ही रखा रहने दें तो भी यह खराब नहीं होता. शहद को फ्रिज में रखने से उसमें चीनी के कण जमा हो जाते हैं और शहद सख्त हो जाता है. ऐसे में इसे जार से निकालना मुश्किल हो जाता है.
    अधिक मैदा खाना कर सकता है...
    मछली खाने से आप हृदय रोग से बचे रहते हैं और आपका दिमाग तेज होता है. कई शोधों के जरिए यह तथ्य सामने आ चुका है. दरअसल मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल की बीमारियों से आपका बचाव करता है. अध्ययन के मुताबिक मछली का सेवन मुंह के कैंसर और स्किन कैंसर की कोशिकाओं का बढ़ने से रोकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि आमेगा 3 फैटी एसिड कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है.
    मुंह का कैंसर दुनियाभर में छठा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है, इसका उपचार बहुत महंगा और मुश्किल होता है.ओमेगा 3 फैटी एसिड कैंसर कोशिकाओं की बढ़वार पर असर डालता है.
    इससे सामान्य कोशिकाओं को कोई खतरा नहीं होता.अब एक नई शोध से पता चला है कि जो लोग ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन करते हैं उन्हें मुंह का कैंसर और स्किन कैंसर होने की आशंका कम होती है. फैटी एसिड सालमन और ट्रोट मछली में भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
    कुछ फायदे चोट लगने के

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