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बार बार पेशाब आने की समस्या से है परेशान,


बार बार पेशाब आने की समस्या से है परेशान, अवॉयड करे यह 6 फूड्स



कई लोगो को हर समय टॉयलेट आने की समस्या रहती है. इसके कई कारण हो सकते है. जिनमे से कुछ के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है.


- टमाटर और इससे बनने वाले सॉस में काफी अधिक मात्रा में एसिड पाया जाता है. जिस वजह से बार बार टॉयलेट आने की समस्या होने लगती है.


- कई लोगो को खाने के साथ प्याज़ खाने की आदत होती है. बता दे की कच्चे प्याज़ में काफी एसिड होता है. जिस वजह से बार बार पेशाब आने जैसी समस्या हो सकती है.


- चॉकेलट भी बार बार टॉयलेट आने का एक कारण हो सकती है. इसमे एसिड और कैफीन पाए जाते है. जो हमरेव शरीर में एक्स्ट्रा शुगर बनाते है. यह शुगर यूरिन के रास्ते हमारे शरीर से बाहर निकलता है.


- चाय, कॉफ़ी या एनर्जी ड्रिंक्स में काफी अधिक मात्रा में एसिड होता है. जिस वजह से आपको बार बार टॉयलेट की समस्या हो सकती है.

- मौसंबी और ऑरेंज जैसे खट्टे फल एसिडिक होते है. इसके ज्यादा सेवन से बार बार टॉयलेट आने की समस्या के साथ ही टॉयलेट को कंट्रोल करना मुश्किल होता है.


- लगातार शराब के सेवन से ब्रेन को यूरिन ब्लाडर से सिग्नल्स ठीक तरह से प्राप्त नहीं हो पाते है. जिस वजह से बार बार टॉयलेट जाने जैसा लगता है.


सर्दियों में भी पिये भरपूर पानी


हैरान करने वाली दिल से जुडी हुई बातें


एक्सरसाइज के दौरान अपने दिल की भी सुने



अपने दिल को हेल्दी रखने के लिए एक्सरसाइज करना बहुत असरदार होता है। ये हार्ट अटैक के खतरे को 50 फीसदी तक कम करता है। लेकिन क्या आप जानते है की एक्सरसाइज के दौरान होने वाली कुछ परेशानियां भी दिल की बिमारी की तरफ इशारा करती है? जी हाँ, ऐसा होता है. बहुत से ऐसे इंडिकेशन्स हैं जो आपको एक्सरसाइज के दौरान ये संकेत देते हैं कि आपको हार्ट संबंधी कोई प्रॉब्लम हैं. यदि आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं और आपका वजन अधिक हैं, ऐसे में अचानक व्यायाम आपके दिल पर बहुत अधिक दबाव डाल सकता है.


एक्सरसाइज के बाद या दौरान सीने में बेचैनी, दबाव, दर्द, जकड़न और भारीपन अनुभव करने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। एनजाइना एक ऐसी बीमारी है जिसमें दिल को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति सही से नहीं होती। एनजाइना के कारण अक्सर जबड़े में दर्द की समस्या बनी रहती है। यदि सीने का दर्द जबड़े तक बढ़ जाता है तो ऐसे में आपको तुरंत अपने चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। अगर आपको पहले भी दिल के दौरे पड़े हों तो एक्सरसाइज के दौरान सावधानी बरतें, क्योंकि व्यायाम करते वक्त शरीर अति सक्रिय हो जाता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ऐसे में दिल का दौरा दोबारा पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।


एक्सरसाइज के दौरान कभी-कभी दर्द शरीर के किसी भी हिस्से से शुरू होकर सीधे सीने तक भी पहुंच सकता है। इन लक्षणों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और संभावित हार्ट अटैक के लिए इनकी जांच करवानी चाहिए। बिना किसी कारण के अक्सर थकान होती है या हमेशा थका-थका महसूस हो तो यह परेशानी का सबब हो सकता है। थकान और सांस की तकलीफ की शुरुआत हार्ट अटैक होने से कई दिनों पहले जाती है। एक्सरसाइज के दौरान सामान्य से ज्यादा पसीना आना हृदय की समस्याओं की पूर्व चेतावनी संकेत हो सकता हैं।


बॉडी बनाने का सही रास्ता 


आखिर क्या है स्लीप ऐप्निया?





आजकल की फास्ट लाइफ में चैन की नींद सोना हर किसी के नसीब में नहीं होता। दौड़ती भागती ज़िन्दगी में बमुश्किल एक ही वक्त होता है जब हम सब कुछ पीछे छोड़कर आराम करते हैं और यह वक्त है जब हम सो रहे होते हैं. आजकल नींद की बीमारियां बहुत आम हो गयी है. कोई नींद न आने से परेशान है तो किसी को बहुत ज्यादा नींद आने की बिमारी है. टेंशन,डिप्रेशन और खराब लाइफस्टाइल और न जाने कितने कारण है जिनके रहते हम ऐसी समस्याओं से जूझते हैं।


नींद की एक ऐसी ही बीमारी है जिसका नाम स्लीप ऐप्निया है. अक्सर नींद के दौरान सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है, जिसे स्लीप ऐप्निया की समस्या के नाम से जाना जाता है। यह समस्या भले ही सुनने में छोटी लगती हो लेकिन इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। यह समस्या रात को नींद के दौरान होती है। इस समस्या की वजह से सोते समय व्यक्ति की सांस सैकड़ों बार रुक जाती है। श्वसन क्रिया में आने वाले इस अंतर को ऐप्निया कहा जाता है।


एक शोध के मुताबिक भारतीय पुरुषों में नींद के दौरान सांस लेने में दिक्कत महिलाओं की अपेक्षा तीन गुना अधिक हैं। शोध में यह भी माना गया है कि इस बीमारी में अधिकतर लोग डॉक्टर के पास जाने की सोचते ही नहीं हैं। भारतीय लोगों का चेहरा गोरे लोगों की तुलना में समतल होता है और जबड़े का हिस्सा भी बाहर उभरकर नहीं आता है। इसके परिणाम स्वरूप, हमारी जुबान से गले के पीछे की तरफ अधिक दबाव पड़ता है।


सोने के इन तरीको से जाहिर होता... 
सर्दियों में खिलाये अपने बच्चे को गुड़



सर्दियों में गुड का सेवन ना सिर्फ स्वाद देता है बल्कि सेहत की दृष्टि से भी फायदेमंद होता है. गुड़ ना केवल बड़े-बुजुर्गो और गर्भस्थ महिलाओं के लिए बेहतर होता है बल्कि छोटे-छोटे बच्चों को भी फायदा देता है. ये बच्चों के पाचन तंत्र को भी प्रभावित नहीं करती है. बच्चों को थोड़ा थोड़ा ही गुड का सेवन करना चाहिए. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, एनीमिया से बचाव करता है. 


बच्चों के लिए गुड के फायदे –


1-गुड़ की तासीर गर्म होती है. इसलिए जुकाम और कफ में यह फायदेमंद है. इसमें एंटी-एलर्जिक तत्व होते हैं. इसमें मौजूद फास्फोरस कफ को संतुलित करने में भी सहायक माना जाता है.सर्दी के दिनों में गुड़, अदरक और तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर पिलानें से ठंड लगने की आशंका कम हो जाती है. 


2-गुड़ मिनरल, कैल्शियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्रोत होता है. ये पोषक तत्व बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिए जरूरी होते है. साथ ही इससे कोशिकाओं का अच्छा निर्माण होता है. बच्चों के आहार में गुड को शामिल करने से उनकी हड्डिया मजबूत बनी रहती है. आप एक ग्लास दूध में गुड़ डालकर खिला सकते है. 


3-अगर आप कब्ज की समस्या से परेशान हैं तो रात में खाना खाने के बाद एक टुकड़ा गुड़ खाने से कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी. गुड़ पाचनक्रिया ठीक रखता है. इससे खून साफ होता है और मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है. रोजाना एक ग्लास पानी या दूध के साथ थोड़ा सा गुड़ पेट को ठंडक देता है. गुड़ खाने के बाद शरीर में पाचनक्रिया के लिए जरुरी क्षार पैदा होता है.

ये है गुड़ के गुण 
सेब के बीज पंहुचा सकते है आपके स्वास्थ्य को नुकसान






चुकंदर, पालक, गाजर आदि पौधों की पत्तियां और तना दोनों बहुत फायदेमंद होती है, लेकिन कुछ पौधे ऐसे भी हैं जिनके जड़ और तने सेहत के लिए नुकसानदेह होते हैं, कुछ तो जानलेवा भी हो सकते हैं, जानते है इन इन पौधों के बारे में –

1-टमाटर भी आलू के संबंधित परिवार में आते हैं जिस ये भी स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं माने जाते. यूरोप में तो 200 सालों से अधिक तक तो इसका इस्तमाल करने से भी लोग डरते थे. 1800 में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल करने के बारे में समझाने पर इसका इस्तेमाल यूरोप में शुरू हुआ. टमाटर की पत्तियों में सोलेनाइन और टोमाटाइन होता है जो आपके पेट में दर्द का कारण बन सकता है.


2-सेब के बीजों में सायनाइड जहर होता है. इन बीजों में एमेग्डलाइन रहता है जो पेट में डायजेस्टिव एंजाइम से प्रतिक्रिया करने पर सायनाइड रिलीज करता है. खैर प्रकृतिक तौर पर बीजों को कोटिंग काफी हार्ड होती है जिसे तोड़ पाना आसान है. ऐसे में अगर बिना चबाए आप बीज केवल लील लेते हैं तोघबराने की बात नहीं है. लेकिन इसका चबाकर लीलने पर पेट में सायनाइड रीलिज होता है जिससे आपकी तबीयत गड़बड़ा जाएगी.


3-झाड़ियों में पकने वाले बैरी जो बच्चों को काफी पसंद आते हैं. ये बैरी जहरीले होते हैं. इनमें सेपोजेनिन्स होता है जो आपको बीमार कर देता है. ये सेपोजेनिन्स इंसानों के लिए टॉक्सिक का काम करता है और जानवरों के लिए जहर की तरह काम करता है. अगर आप इन बैरियों को खाते हैं तो आपको उल्टी और दस्त हो सकते हैं.


सीताफल के बीज से कैंसर से बचाव संभव 






हैरान करने वाली दिल से जुडी हुई बातें






मानव शरीर के प्रमुख अंगो में से एक "ह्रदय " पुरे शरीर में रक्त के सुचारू संचार के लिये जिम्मेदार है और मानव स्वस्थ इस अंग के सुचारू संचालन पर निर्भर है. ह्रदय शरीर का महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जो हमेशा चलता रहता है, सोते, खाते, पीते, हँसते, बैठते निर्विवाद रूप से जब तक साँसे है तब तक धड़कता है ये दिल.पर इसके अतिरिक्त भाव और कामना प्रधान ये दिल मानव का सबसे मजबूत और संवेदनशील अंगों में से एक है.


आइये जानते है दिल से जुडी हुई कुछ रोचक जानकारियों को :- 


1 सामान्य इंसान का ह्रदय एक मिनट में 72 बार धड़कता है. एक दिन में करीब एक लाख बार और एक साल में करीब साढ़े तीन करोड़ बार और पूरे जीवन में करीब 250 करोड़ से ज्यादा बार.


2 दिल शरीर में एक मिनट से भी कम समय में हर कोशिका को रक्‍त पहुंचा सकता हैं. पूरे दिन में करीब एक लाख बार धड़कने वाला दिन पूरे शरीर में 2000 गैलन यानी करीब 7600 लीटर ऑक्‍सीजन युक्‍त रक्‍त शरीर की सभी कोशिकाओं, अंगों और हिस्‍सों में पहुंचाता है, ताकि वे सुचारू रूप से काम कर सकें.


3 महिलाओं का दिल पुरुषों से तेज धड़कता है. पुरुषों का दिल एक मिनट में 70 बार धड़कता है वहीँ महिलाओं का दिल 78 बार .


4 दिल को अगर ऑक्सीजन मिलती रहे तो ये शरीर से अलग होने के बाद भी धड़कता रहेगा .


5 दिल एक मिनट में 5 से 30 लीटर रक्त पम्प करता है .


6 ह्रदय रक्त को पूरी बॉडी में प्रसारित करने में केवल 20 सेकेण्ड का समय लगाता है .


7 गर्भधारण के चार सप्ताह बाद बच्चे का दिल धड़कना शुरू कर देता है और ये मरते दम तक धड़कता रहता है .


8 दिल बायीं तरफ नहीं बल्कि बीच में होता है लेकिन थोड़ा बायीं तरफ झुका होता है.

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सलाद खाये सेहत बनाये


कच्ची हरी सब्जियां जैसे टमाटर,प्याज,मटर,अंकुरित दालें,साबुत अनाज,चने,उबले आलू,मक्का,पतागोभी,आदि को रुच्चीपूर्ण ढंग से नमक,चाट-मसाला,दही या सरसो के तेल, तिल के तेल के साथ जब परोसा जाता है और कच्चे रूप में खाया जाता है तो उसे सलाद कहते है. सलाद में कई हरी सब्जियां और फल इस तरह के होते है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी क्योंकि ये ज़रूरी खनिजो, विटामिन,और अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति करते है जिसे हमे स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. अगर हम ताजा सलाद लेते हैं, तो इससे हमारी पाचन शक्ति ठीक रहती है और साथ ही यह हमारे वजन को कम करने में भी मदद करता है. 


सलाद के फायदे :- 


1 आहार के रूप में शामिल सभी प्राकृतिक वनस्पतिक खाद्य पदार्थ और ताजा उत्पादों को स्वस्थ्य के लिए हितकर माना जाता है. इसमे शामिल है विटामिन,खनिज,फाइबर,और अन्य पोषक तत्वों से युक्त सभी प्राकृतिक फल ,सब्जी,भाजी साबुत अनाज.


2 सलाद खाने से हमारे रक्त का संचार बढ़ता है. सलाद का सेवन करने से हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन मिलते हैं.


3 यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हो, तो आप को सलाद खाना चाहिए, इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है. इसमें मौजूद फाईबर भूख को शांत रखने में मदद करते हैं, जिससे हमारा पेट भरा-भरा रहता है.


4 कच्ची सब्जियों का सलाद पर्याप्त मात्रा में खाना चाहिए क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में एंटीआक्सीडेंट होते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ और सुचारू सञ्चालन में हमारी मदद करते हैं.


5 सलाद हमे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करती है .


6 सलाद सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है, साथ में यह हमारी पाचन शक्ति को ठीक रखने में मदद करता है. इसका सेवन करने से हमें दिल की बीमारियां नहीं होती है. हम कैंसर जैसी घातक बीमारियों से बचे रहते हैं.


सर्दियों में खिलाये अपने बच्चे को गुड़


आखिर क्या है स्लीप ऐप्निया? 

दातुन से करे दांतो की देखभाल


दोस्तों हम रोज़ सुबह अपनी दिन की शुरुआत दांत ब्रश करने से करते है.साधारणतः हम टूथपेस्ट और ब्रश से अपने दांत धोते है.पर आयुर्वेद हमे दांत धोने के लिये बहुत सारे दन्तमंजन पाउडर और दातून का परामर्श देता है.दातून किसी पेड़ या वनस्पति की नन्ही कोमल डंडी होती है जिसे हम दन्तमंजन के तौर पर ब्रश जैसा उपयुग में ला सकते है, जैसे लोग नीम के दातून से दांत साफ़ करते है ऐसे ही अलग अलग वनस्पति दातुन के अलग अलग फायदे होते है .

कैसे करे दातुन - 

दातुन को ऊपर के दांतों में ऊपर से नीचे की ओर और नीचे के दांतों में नीचे से ऊपर की ओर करे. इससे मसूड़े मजबूत होंगे और पायरिया की समस्या भी नहीं होगी .

आइये जाने दातुन के फायदों के बारे में :-

मसूड़ों और दांतों की मजबूती के लिए बबूल के दातुन से दांत साफ करने चाहिये. ये दांतो और मसूड़ों दोनों को अच्छा रखता है.


नीम की दातुन नेचुरल माउथफ्रेशनर का भी काम करती है, नीम का दातुन दांतों को तो स्वस्थ रखता है, बल्कि इसे करने से पाचन क्रिया ठीक होती है, और चेहरे पर भी निखार आता है.


आयुर्वेद के अनुसार बेर के दातुन से नियमित दांत साफ करने पर आवज साफ और मधुर होती है. इसलिए जो लोग वाणी से संबंधित क्षेत्रों में रुची रखते हैं या इस क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें बेर के दातुन का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए.

नमक के पानी से नहाने के आचर्यजनक फायदे !! 


रोजाना सेक्स महिलाओ के लिए है ज्यादा फायदेमंद





यह बात सभी को पता है की महिलाओ से ज्यादा पुरुष सेक्स में रूचि रखते है. लेकिन शायद आपको जानकर हैरानी होगी की सेक्स करने से महिलाओ को पुरुषो की तुलना में ज्यादा शारीरक और मानसिक फायदे होते है. आज हम आपको सेक्स से महिलाओ को होने वाले ऐसे ही फायदे बताने जा रहे है.

- एक्सपर्ट्स सेक्स को एक्सरसाइज का एक बेहतर तरीका मानते है. जिस वजह से महिलाओ को बॉडी फैट कम होता है.


- जो महिलाए सप्ताह में दो से चार बार सम्बन्ध बनाती है. उन महिलाओ में हार्ट अटैक की संभावनाए काफी कम हो जाती है.


- नियमित रूप से सेक्स करने पर महिलाओ के शरीर से ऑक्सोटोसिन नामक हार्मोन रिलीज़ होता है. जो मूड को अच्छा बनाने में मदद करता है.


- रोजाना सेक्स से महिलाओ के शरीर से DHEA नामक कंपाउंड निकलता है . जिससे झुर्रिया कम होने के साथ ही त्वचा में निखार और सॉफ्टनेस आती है.


- महिलाओ को पुरुषो की तुलना में अत्यधिक स्ट्रेस और टेंशन रहता है. नियमित रूप से किया गया सेक्स इस समस्या में काफी फायदा पहुचता है.


अपने सेक्स संबंधों को सक्सेसफुल...


चरम सुख की प्राप्ति के लिए इस समय करे सेक्स 

: सुस्ती उड़ाने के साथ ही मर्दानगी बढ़ाएगी यह कॉफ़ी



अपने कई जगह मर्दानगी ताकत बढ़ाने वाले कैप्सूल से जुड़े एड्स देखे होंगे. लेकिन अब इससे एक कदम आगे मार्किट में ‘Stiff Bull’ नामक एक कॉफ़ी बाजार में आ गयी है. जो ना सिर्फ आपकी सुस्ती भगा कर आपको नींद से जगाएगी. बल्कि, यह आपकी मर्दानगी ताकत को भी काफी बढ़ा देगी.


इस कॉफ़ी को पीने के बाद आपके लिंग में 3 दिन तक इरेक्शन(लिंग में कड़कपन) रहता है. जिस वजह से आपको एक अलग ही सुखद सेक्स अनुभव होता हैई. इस कॉफ़ी के गुणों के चलते इसे ‘रिलेशनशिप सवर’ भी कहा जा रहा है. हालाँकि इस कॉफ़ी को लेकर विवाद भी काफी हुआ.


अमेरिकी खाद्य एजेंसी, FDA का कहना था की कॉफ़ी में वायाग्रा जैसा ड्रग Desmethyl Carbodenafil मिलाया गया है. जो कफ के पैक पर दर्शाया नहीं गया है. कंपनी ने इस पर सफाई देते हुए कहा था की, कॉफ़ी में मलेशिया के जंगल से लायी गयी 'जड़ी-बूटियां’ को मिलाया गया है.


पुरुषो के लिंग से जुडी 7 रोचक बातें

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महिलाओ को पूर्ण संतुष्टि देती है यह सेक्स पोसिशन्स



हर पुरुष अपनी महिला साथी को सेक्स के दौरान पूरी तरह संतुष्ट करना चाहते है. अगर आप भी ऐसे ही कुछ चाह रहे है तो आप बिलकुल सही लेख पढ़ रहे है. आज हम आपको यहाँ अपनी महिला साथी को पूर्ण संतुष्ट करने के लिए कुछ ख़ास सेक्स पोजीशन के बारे में बताने जा रहे है.


जिनकी मदद से आप अपनी महिला साथी को पूर्ण संतुष्टि दे पाएंगे.

- पुरुष अपनी महिला साथी के उप्पर चढ़ कर उनके पैरो को अपने कंधे पर रखे और सेक्स करे. इस पोजीशन से महिलाए काफी जल्दी संतुष्ट हो जाती हैं.


- आप अपनी महिला साथी को अपने उप्पर बैठा कर भी सेक्स का मज़ा ले सकते है. यह पोजीशन महिलाओ की पसंदीदा सेक्स पोजीशन है. इसके साथ भी महिला इस पोजीशन में सेक्स करने से जल्द ही संतुष्ट हो जाती है.


- टेबल के ऊपर या बेड की किनारे पर महिला को लेटा कर DOGGY स्टाइल में सेक्स करे. इस पोजीशन से महिलाओ को संतुष्टि प्राप्त करने में आसानी होती है. साथ ही महिलाओ को यह पोजीशन खासी पसंद भी होती है.


अपने सेक्स संबंधों को सक्सेसफुल...


सेक्स के दौरान इन 5 गलतियों की वजह से... 

 फर्स्ट टाइम सेक्स के बाद कुछ ऐसा फील करती है लड़कियां
महिलाओ को पूर्ण संतुष्टि देती है यह सेक्स पोसिशन्स 


हर किसी के लिए पहला सेक्स काफी अहमियत रखता है. लड़कियां अक्सर यह मौका उसे देती है. जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करती है या फिर सबसे ज्यादा भरोसा. हालाँकि की आजकल की इस मॉडर्न दुनिया में यह सारे समीकरण पूरी तरह बदल गए है. 


लेकिन सवाल यह है की लड़कियों को पहले सेक्स के बाद किस तरह की फीलिंग आती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार लड़कियां अपनी इस फीलिंग को कभी खुल कर शेयर नहीं कर पाती है. 

हालाँकि एक यूट्यूब विडियो में काफी हद तक इस बात से पर्दा उठाने की कोशिश की गयी है. जहाँलड़कियां फर्स्ट सेक्स के बाद की अपनी फीलिंग्स को शेयर करती दिख रही है. 


विडियो: लड़कियों को आखिर लड़को में क्या...


महिलाओ को पूर्ण संतुष्टि देती है यह सेक्स पोसिशन्स 



कमर-दर्द एक सामान्य समस्या है। कमर-दर्द का प्रायः कोई निश्चित कारण नहीं होता। कमर-दर्द गलत ढंग से उठने-बैठने, स्नायुओं के खिंचाव, सामान्य तनाव, अधिक वजन उठाने या अचानक इधर-उधर मुड़ने या झुकने का परिणाम भी हो सकता है। यह दोषपूर्ण वातावरण या काम करने का असुविधाजनक स्थान या अत्यधिक मुलायम बिस्तर पर सोने से भी हो सकता है। यह पीड़ा कमर के ऊपर तथा नीचे के किसी भी भाग में हो सकती है।


सामान्य कमर-दर्द में एक चम्मच नीबू के रस में एक चम्मच लहसुन का रस मिलाकर एक घूंट के लगभग पानी मिलाकर प्रातः-सायं नित्य पीने से दर्द में आराम होता है। मेथीदाना अथवा मेथी की सब्जी का प्रयोग करते रहने से कमर-दर्द में लाभ होता है। सर्दियों के दिनों में मेथी के लड्डू अथवा अंकुरित मेथीदाना खाने से लाभ होता है। सहजन की फली अथवा फूलों का सब्जी के रूप में उपयोग करने से कमर-दर्द के अतिरिक्त शरीर के अन्य दर्दो में भी लाभ होता है।


सहजन के फूल बहुत ही कड़वे होते हैं लेकिन गरम पानी में उबालने से उनका कड़वापन कम हो जाता है। दो छुआरे दूध में उबालकर पीने से कमर-दर्द में बहुत लाभ होता है। सर्दियों में इससे सर्दी से बचा जा सकता है। जायफल को पानी और तिल के तेल में मिलाकर उबाल लें। जब पानी जल जाए और तेल रह जाए तो उसके ठण्डे होने पर दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से लाभ होता है।


बार बार पेशाब आने की समस्या से है परेशान, अवॉयड कर.. 


च्युइंग चबाते है तो हो जाइये खुश



काफी यंगस्टर्स च्युइंग गम के शौक़ीन होते हैं। आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे जिनको बचपन में च्युइंग गम चबाते वक्त टोका गया हो और कहा गया हो कि यह आपकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं है.चुइंगम चबाना आपके स्वास्थ्य के लिए बुरा है यह पूरी तरह सच नहीं है। न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने पाया है कि चुइंगम चबाना आपके स्वास्थ्य के लिए सही है। हालांकि किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए बिना चीनी वाली चुइंगम चबाना सही होता है।


चलिए हम आपको बताते हैं कि चुइंगम चबाना किस तरह आपके लिए फायदेमंद है। चुइंगम चबाने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, तनाव के दौरान चुइंगम चबाने से मूड सही होता है। ऑफिस में काम के दौरान सुस्ती-आलस दूर करने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आप बिना चीनी वाली चुइंगम चबा सकते हैं। चुइंगम चबाने से सतर्कता बढ़ती है।

चुइंगम खाने से सोचने-समझने की क्षमता में सुधार होता है और एकाग्रता बढ़ती है। बहुत से स्पोर्ट्समैन कंसंट्रेशन के लिए च्युइंग चबाते देखा जा सकते हैं. अक्सर देखा गया है कि चुइंगम चबाने के दौरान आप कई चीजें खाने से मना कर देते हैं जिस वजह से आप कैलोरी की कम खपत कर पाते हैं। बिना चीनी वाली चुइंगम चबाने से कैविटी और मुंह की ड्राईनेस कम करने में मदद मिलती है।


सुस्ती उड़ाने के साथ ही मर्दानगी बढ़ाएगी यह कॉफ़ी
: जूस के साथ दवा लेते हैं तो हो जाइये सावधान



हर इंसान कभी न कभी बीमार पड़ता है और इलाज के लिए दवा भी लेता है लेकिन क्या आप जानते है की दावा को पानी के साथ लेना ही बेहतर हैं. अगर आप जूस के साथ दावा लेते नहीं तो ये काफी खतरनाक साबित हो सकता है। जूस के साथ दवा लेने से दवा का असर कम हो जाता है. अंगूर का रस शरीर में कुछ दवाओं को सोखने की क्षमता कम कर सकता है. वहीं संतरे और सेब का जूस भी दवाओं को सोख लेता है जिससे उनका असर कम हो जाता है.


अंगूर का रस ब्लड फ्लो में जाने वाली दवाओं की मात्रा को कम कर देता है.कॉलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन की दवा लेने वाले मरीजों को अंगूर का रस नहीं पीना चाहिए। फलों के रस में मौजूद तत्व दवा के सोखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. कुछ रसायन दवा को ले जाने वाले तत्वों को भी इफेक्ट करते हैं, जिससे दवा के सोखने की क्षमता कम हो जाती है. आमतौर पर पानी के साथ दवा लेना सुरक्षित होता है. एक घूंट के बजाय एक गिलास पानी बेहतर होता है, क्योंकि यह दवा को घुलने में मदद करता है.


ठंडे पानी की बजाए गर्म पानी ज्यादा अच्छा रहता है. एक शोध के अनुसार, अंगूर, संतरे और सेब का रस कैंसर की दवा एटोपोफोस, बीटा ब्लॉकर दवा एटेनोलोल और एंटी ट्रांसप्लांट रिजेक्शन ड्रग सिस्लोस्पोरीन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन, लिवोफ्लॉक्सासिन व इट्राकॉनाजोल जैसे एंटीबायोटिक्स का असर कम कर देता है.शोध के दौरान जब एलर्जी की दवा फेक्सोफेनाडाईन सादे पानी और अंगूर के रस के साथ ली गई तो पाया गया कि अंगूर के रस के साथ दवा लेने वालों में दवा का असर आधा ही हुआ.


सेहत के लिए खतरनाक है 'ओवर द काउंटर' एंटीबायोटिक्स 

: बहुत जरूरी हैं खाने से पहले हाथ धोना


दिनभर में न जाने हम कितनी ही चीजों को छूते हैं, लोगों से हाथ मिलाते हैं, जिसकी वजह से कई तरह के बैक्टीरिया और कीटाणु हमारे हाथों में चिपक जाते हैं. जब बिना धोए इसी हाथ से हम खाना खाते हैं तो ये सारे बैक्टीरिया हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जो कई बीमारियों का कारण बनते हैं. सिर्फ हाथ धोकर खाना खाने भर से ही आप कई जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं.


हाथ धोकर खाना खाना एक अच्छी और सेहतमंद आदत है. बेहतर यही होगा कि आप जब भी कुछ खाएं, हाथ धोकर ही खाएं। बिना हाथ धोये कहना खाने से बहुत सी बीमारियां हो सकती है. गंदे हाथों से खाना खाने से फूड इंफेक्शन होने का खतरा सबसे अधिक होता है. हमारे हाथों में कई ऐसे रोगाणु चिपके रहते हैं जो फूड इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं.


गंदे हाथों से खाना खाने से पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता है. पाचन क्रिया दुरुस्त न हो तो कई समस्याएं जैसे दस्त, कब्ज, पेट दर्द और गैस की तकलीफ हो जाती है. बिना हाथ धोए खाना खाने से थ्रोट इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे कफ और खराश की शिकायत हो जाती है. डायरिया जैसी खतरनाक बीमारी से भी हम सिर्फ इस एक आदत को अपनाकर दूर रह सकते हैं. डायरिया, हमारे डाइजेस्टि व सिस्टम से जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है.


हाथ धुलाई के काम का नहीं मिला एक साल तक पैसा 
: सेक्स में ज्यादा अंतराल बन सकता है परेशानी का कारण



भारत में सेक्स को लेकर आज भी खुल कर बात नहीं किया जाता है आज भी सेक्स को लेकर हर घर में पर्दा डाला जाता है। कुछ लोग तो यह भी नहीं जानते होंगे की सेक्स वास्तव में हमारे जीवन के लिए कितना लाभदायक होता है और अगर आपको सेक्स करने का मन नही करता या फिर आप सेक्स करने से मन चुराते हैं तो हम आपको बता दें कि आप कई बिमारियों को आमंत्रित कर रहे हैं जी हां सेक्स आप अपने आपको कई बिमारियों से बचा सकते हैं तो आईये जानते हैं-


एक शोध के अनुसार यह साबित हुआ है कि अगर आप हफ्ते में एक या फिर दो बार सेक्स करते हैं तो आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता उन लोगों की अपेक्षा अधिक होती है।


अगर आप रोजाना सेक्स करते है। तो आपके शरीर में तरलता बनी रहेगी। और इसके अलावा अगर आप सेक्स के बीच में काफी लंबे समय का अंतराल करते हैं तो ऐसे में आपको कृत्रिम तरलता की जरूरत होगी।


अगर आप तनाव महसूस कर रहे है तो या फिर भावनात्मक तरीके से तनावग्रस्त है तो सेक्स आपको इस प्रकार की समस्या से छुटकारा दिलवा सकता है।


लोगों को इस बात का भ्रम काफी अधिक मात्रा में है की यदि वे कुछ समय तक या फिर लम्बे समय तक सेक्स नहीं करेंगे तो उनकी योनी टाईट हो जायेगी जबकि शोधकर्ताओं ने दावा किया है की ऐसा बिलकुल भी नहीं होता है द्य दरअसल, योनी की कोशिकाओं की प्रतिक्रिया कम हो जाती है इसलिए वे सख्त हो जाती हैं।


पीरियड्स के समय भी महिलाओं से... 

: टमाटर का सूप रखता है दिमाग को मजबूत





टमाटर के सूप में बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं. इसमें विटामिन A,E,C,K और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं. यह आपको हेल्दी और फिट रखते हैं. टमाटर के सूप के ये फायदे हैं:


1-विटामिन का अच्छा स्त्रोत- टमाटर का सूप विटामिन A और C का स्त्रोत होता है. विटामिन A, टिशू के विकास के लिए जरूरी होता है. शरीर में रोजाना 16% विटामिन A और 20% विटामिन C की जरूरत होती है और टमाटर का सूप शरीर की इस जरूरत को पूरा करता है.


2- कैंसर- टमाटर के सूप में लाइकोपीन और कैरोटोनॉयड जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे महिला और पुरुष दोनों में कैंसर होने की संभावना घट जाती है. हफ्ते में तीन दिन यह सूप पीने से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट कैंसर की संभावना कम हो जाती है.


3-दिमाग को भी दुरुस्त रखता है- टमाटर सूप में भारी मात्रा में कॉपर पाया जाता है, जिससे नर्वस सिस्टम ठीक रहता है. इसमें पोटेशियम की मात्रा भी काफी रहती है. यह सब दिमाग को मजबूत रखता है.


4-हड्डियों के लिए लाभकारी- इसमें विटामिन K और केल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत रखता है. टमाटर का सूप रोजाना पीने से यह TNF अल्फा के ब्लड लेवल को 34% घटा देता है. शरीर में लाइकोपीन की कमी से हड्डियों पर तनाव बढ़ता है. टमाटर में लाइकोपीन होता है और नियमित रूप से इसका सेवन करने से आप बीमारियों से दूर रहते हैं.


जाने मानसून में कितना फायदा करता है टमाटर का सूप 

रोज खाये थोड़ी सी चॉकलेट





ज्यादा चॉकलेट भले ही हेल्थ के लिए अच्छी न मानी जाती हो लेकिन रोजाना थोड़ी सी चॉकलेट स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी गई है. और डार्क चॉकलेट के तो ढेरों फायदे है. डार्क चॉकलेट से रक्तचाप कम होता है और इसे खाने से खुशी का अहसास भी होता है, चॉकलेट आपको उत्तेजित भी करता है.


डार्क चॉकलेट खाने से आपके शरीर को वैसा ही फायदा होता है, जैसा एक्सरसाइज़ करने से होता है यानी अब चॉकलेट खाना भी फायदे का सौदा है. शोधों में यह भी पाया गया है कि चॉकलेट में एक ऐसा वानस्पतिक यौगिक 'इपिकेटेचीन' होता है, जो मसल्स को उसी तरह क्रियाशील करता है जैसे कि व्यायाम या खेल से जुड़ी कोई गतिविधि करती है. उल्लेखनीय है कि एरोबिक्स, जॉगिंग, रस्सी कूदने या साइकलिंग करने से मांसपेशियों की कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या में बढ़ोतरी होती है. ठीक यही काम इपिकेटेचीन भी करता है.


डार्क चॉकलेट रक्त और वसा के स्तर को भी सुधारती है. एक नये अध्ययन में यह खुलासा हुआ कि डार्क चॉकलेट ग्लूकोज़ के स्तर और लिपिड प्रोफाइल में सुधार कर दिल के रोगों के जोखिम को कम करती है. फेवनोल्स से भरपूर डार्क चॉकलेट का सेवन हृदय सम्बंधी रोग जैसे रक्तचाप कम होने और रक्त प्रवाह में कमी जैसे जोखिम को कम कर सकता है.


सम्मोहन से भी हो सकता है इलाजस






हिप्नोसिस एक कला है जिससे मनुष्य उस अर्द्धचेतनावस्था में लाया जा सकता है. कई शोध इस बात को प्रमाणित करते हैं कि हिप्नोथेरेपी की मदद से कई मानसिक और शारीरिक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.


1-हमारे मन की सामान्यतः दो स्थितियां होती हैं, पहली चेतन मन और दूसरी अवचेतन मन. हमारा अवचेतन मन चेतन मन की अपेक्षा अधिक याद रखता है. साथ ही वह सुझावों को ग्रहण करता है. अवचेतन मन न तो विचार करता है और न ही निर्णय लेता है. उक्त मन का संबंध हमारे सूक्ष्म शरीर से होता है. यह मन हमें आने वाले खतरे का संकेत या उन खतरों से बचने के तरीके बताता है.


2-सम्मोहन गहरी नींद में सुधार करने में मदद कर सकता है. हिप्नोसिस नींद न आने की समस्या वाले रोगियों के लिए अच्छा इलाज है. 


3-सम्मोहन लोगों को अपने खाने के व्यवहार को बदलने में मदद कर व जन कम करने में सहायक हो सकता है. वंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के साइंटिफिक लिटरेचर के रिव्यू से पता चलता है कि सम्मोहन से व्यक्ति के व्यवहार पर सकारात्मक असर डालकर उसे वजन प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा सकता है. यानी सम्मोहन के सत्र वजन घटाने में काफी मददगार साबित होते हैं. 

4-अवसाद यानी डिप्रेशन के इलाज में भी सम्मोहन काफी मदद कर सकता है. संज्ञानात्मक हिप्नोथेरेपी में संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी को सम्मोहन के साथ मिलाकर किया जाता है. यह पद्धति अवसाद व तनाव से जुड़ी अन्य समस्याओं को दूर करने में काफी मदद करती है.

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