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अब मिलेगी मदद मोटापा और डायबिटीज के इलाज में


अब मिलेगी मदद मोटापा और डायबिटीज के इलाज में


शोधकर्ताओं ने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है जो प्राय: कोशिका के अंदर वसा की बूंदों वाली सतह पर स्थित होता है. यह वसा को अधिक कुशल औक स्वस्थ तरीके से तोड़ सकता है. एथलीटों की मांसपेशियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सॉस के साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के एसोसिएट प्रोफेसर और शोध के लेखक पेरी बिकेल का कहना है कि इस शोध के निष्कर्षों से मोटापा और टाइप 2 मधुमेह के इलाज के नए तरीके विकसित करने में मदद मिलेगी.
यह शोध नेचर कम्यूनिकेशन जर्नल में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है. इसमें पेरिलिपिन 5 नाम के प्रोटीन की वसा के चयापचय में नई भूमिका का पता चला है. यह प्रोटीन कोशिका के केंद्र में पाया जाता है.
बिकेल बताते हैं कि मोटे लोगों और चूहे-गिलहरी जैसे जंतुओं में अतिरिक्त वसा उन ऊतकों में जमा हो जाती है जो इसे रखने के लिए नहीं बने हैं. जैसे कंकालीय मांसपेशी, हृदय और जिगर के ऊपर. इस कारण इन अंगों के कामकाज में बाधा आती है और कई बीमारियां पैदा हो जाती हैं.
वसा की बड़ी मात्रा को जलाने में शरीर के चयापचय पर अतिरिक्त जोर पड़ता है. बिकेल कहते हैं कि अगर आप किसी फैक्ट्री में खूब ईंधन भर देंगे तो वह सही से काम नहीं करेगा. ऐसा ही कुछ हमारे शरीर के साथ भी अतिरिक्त वसा के कारण होता है.
बिकेल कहते हैं, “इस प्रोटीन की खोज के बाद शरीर की वसा को जलाने की नई प्रक्रिया को विकसित करना संभव हो 


बरसात में कई तरह की स्क‍िचें…न प्रॉब्लम्स से ऐसे ब

बारिश की बूंदें भले ही गर्मी से राहत दिलाने का काम करती हों लेकिन इस मौसम में त्वचा और दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. इस मौसम में त्वचा का विशेष ख्याल रखना होता है.
बरसात के मौसम में कई तरह की स्क‍िन प्रॉब्लम्स हो जाती हैं. खुजली, जलन और लाल दाग बन जाना सामान्य समस्याएं हैं. ऐसे में त्वचा का विशेष ख्याल रखना होता है. अगर आप भी बरसात के मौसम में अपनी स्क‍िन को लेकर परेशान हैं तो ये उपाय आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे.
1. साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें: 
बरसात के मौसम में ज्यादातर बीमारियां गंदगी की वजह से ही फैलती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने हाथ, चेहरे और पैरों को समय-समय पर साफ करते रहें. कोशिश करें कि दिन में दो बार किसी अच्छे फेस वॉश से चेहरा साफ करें. आप चाहें तो वाटरप्रूफ क्लींजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
2. टोनिंग करना भी रहेगा फायदेमंद
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी ज्यादा रहती है. ऐसे में स्क‍िन पोर्स भी ब्लॉक हो जाते हैं. इस वजह से अक्सर मुंहासे हो जाते हैं. आप चाहें तो कोई अच्छा एंटी-बैक्टीरियल टोनर भी इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर आप टोनर इस्तेमाल करने से डरती हैं तो गुलाब जल का इस्तेमाल करना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा.
3. मॉइश्चराइजेशन करना न भूलें 
कई बार लोगों को लगता है कि बरसात में मॉइश्चराइजर लगाने से त्वचा चिपचिपी हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं है. बरसात में भी त्वचा को पोषण की जरूरत होती ही है. बरसात में बार-बार पानी से भींगने पर त्वचा ड्राई हो जाती है. इससे खुजली और रैशेज हो जाते हैं. ऐसे में मॉइश्चराइजर लगाना छोड़े नहीं. आप चाहें तो ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर यूज कर सकती हैं.
4. ड्राई रहना बहुत जरूरी है
बरसात के मौसम में हम अक्सर गीले हो जाते हैं. ऐसे में इंफेक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है. कोशि‍श कीजिए कि आपकी त्वचा ज्यादा देर तक गीली न रहे. वरना फंगल इंफेक्शन हो सकता है.
5. बरसात की धूप से बचकर 
बरसात के बाद जब धूप होती है तो बहुत ही तीखी होती है. धूप में निकलना हो तो बिना सनस्क्रीन लगाए नहीं निकलें. सनस्क्रीन से त्वचा अल्ट्रा वायलेट किरणों से सुरक्षित रहेगी.

पुरुषों की हेल्थ पर हो सकते हैं ये खतरे, तो नहीं करें इग्नोर


हेल्थ डेस्क। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लीनिकल प्रैक्टिस की एक रिपोर्ट के अनुसार पुरुष अक्सर छोटी-मोटी प्रॉब्लम्स जैसे बार-बार यूरिन के लिए जाना, बात-बात पर स्ट्रेस होना या सांस फूलना को इग्नोर कर देते हैं। लेकिन कई बार इन सिम्पटम्स का कारण कोई बड़ी बामारी हो सकती है। इन पर सही समय पर ध्यान देने से पुरुष कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स से बच सकते हैं। फिजीशियन डॉ. दीपक चतुर्वेदी बता रहे हैं ऐसे ही कुछ सिम्पटम्स के बारे में जिन्हें खासकर पुरुषों को इग्नोर नहीं करना चाहिए।


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आपको बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है? तो हो सकते हैं ये 12 कारण

हेल्थ डेस्क। मौसम में ठंड बढ़ने या ज्यादा लिक्विड लेने पर बार-बार यूरिन आती है। लेकिन यदि लम्बे समय से आपको यह प्रॉब्लम परेशान कर रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह किसी सीरियस बीमारी का संकेत भी हो सकता है। क्यों आती है बार-बार यूरिन?
 बॉम्बे हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक झा का कहना है कि ब्लैडर छोटा होना या पेल्विक मसल्स के कमजोर होने के कारण बार-बार यूरिन आने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। एक्सरसाइज की मदद से ऐसी प्रॉब्लम्स को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा किडनी डिजीज और डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी पेशेंट को बार-बार बाथरूम लगती है। इसलिए इस प्रॉब्लम को इग्नोर करने के बजाय डॉक्टर से कंसल्ट करें। सही समय पर प्रॉब्लम का पता चल जाएगा, तो उसे कंट्रोल करने में आसानी होगी। डॉ. झा बता रहे हैं कुछ कॉमन कारण, जो बार-बार यूरिन आने की प्रॉब्लम के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
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क्या आपके पति भी देर रात घर लौटते हैं?


क्या आपके पति भी देर रात घर लौटते हैं? क्या उनकी इस आदत की वजह से आप परेशान रहने लगी हैं? क्या आपको अपना परिवार बिखरता हुआ नजर आ रहा है? ज्यादातर औरतों को ये शिकायत होती है कि उनके पति देर से घर लौटते हैं, जिसकी वजह से उनके बीच अक्सर लड़ाई हो जाती है.
कई बार औरतों को लगता है कि उनके पति उन्हें इग्नोर कर रहे हैं. या फिर उनका किसी और के साथ…लेकिन हर बार शक सही हो, ये जरूरी नहीं. ऐसे में अच्छा यही होगा कि आप दोनों आमने-सामने बैठकर बात करें. बात करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि बात करने से ही आप दोनों एक-दूसरे का पक्ष समझ सकेंगे.
अगर आपके पति भी देर से आते हैं घर, तो आजमाएं ये टिप्स
 सही कारण पता होना है जरूरी
अगर आपका पार्टनर रोज देर से आता है तो उससे चीखकर बात करने के बजाय धीरज रखें. उन्हें चेंज करने दें और जब वो रीलैक्स नजर आएं तो उनसे उनके रोजाना देर से आने का कारण पूछें. सही कारण पता चल जाने पर आप भी चैन की सांस ले पाएंगी. अगर वो कहें कि कुछ ही दिनों की बात है क्योंकि ऑफिस में काम बढ़ गया है तो, ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप थोड़ा प्रैक्ट‍िकल बनें.

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