Header Ads

jankari418 419 हींग है दांतो के लिए फायदेमंद

    हींग को हम रोज खाने का स्वाद बढाने के लिए दाल, सब्जियों में डालते हैं. इससे खाना जायकेदार तो बनता ही हैं साथ ही ये पेट के लिए भी अच्छा रहता है...हींग अपच, पेट ददा्र, दांत दर्द, खांसी, सर्दी कारण सिरदर्द, आदि के गुणों से भरपूर है. यह रूचिकारक, बात-कफ को दूर करने वाली उदर संबंधी रोग, पेट की गैस और कृमियों को नष्ट करने वाली है.आयुर्वेद में हींग को बहुत ही गुणकारी माना जाता है,
    बस एक सावधानी रखिये की हींग हमेशा घी में ही तली या भुनी जानी चाहिए.
    1-घी में भूनी हुई हींग घी के साथ खाने से गर्भवती महिला को आनेवाला चक्कर सिरचकराना और शूल मिटता है.
    2-हींग, सोंठ, और मुलहठी-समान मात्रा में लेकर पीस लें. फिर इसे शहद में मिलाकर चने के बराबर गोलियां बना लें. भोजन केबाद एक गोली मुंह में रखकर दोनों वक्त चूसें. कब्ज से राहत मिलेगी.
    3-हींग को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ले करने से दांत का दर्द कम होता है. यदि आपके दांत में पोल हो, तो पोल में हींग भरने से दांत के कीडे मर जाते हैं और दांत की पीडा दूर हो जाती है.
    4-अगर शरीर पर दाद हो गया तो थोडी सी हींग पानी में घिसकर प्रभावित अंग पर लगाएं, इससे दाद जल्दी ठीक हो जाता है. 
    खून साफ़ करने के लिए खाएं बथुआ और...
      कई लोग बेहतर सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने के लिए वायग्रा का इस्तेमाल करते है. इसकी मदद से आप अपने साथी को पूर्ण संतुष्टि दे सकते है. लेकिन इसके नियमति इस्तेमाल से कई नुकसान भी होते है. जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है.
      - वायग्रा के अधिक इस्तेमाल से भले ही आप अपने साथी को संतुष्ट कर पाए. लेकिन इसके बिना आप खुद को कमजोर और Less Confident फील करने लगेंगे.
      - वायग्रा का इस्तेमाल आपके साथ ही आपके साथी के लिए भी घातक हो सकता है. कई बार साथी के संतुष्ट होने के बाद भी आप सेक्स करते रहते है. जिससे उसे अत्यधिक तखलीफ हो सकती है.
      - वायग्रा का इस्तेमाल करने से स्किन कैंसर की संभावनाए भी बढ़ जाती जाती.
      - महिलाओ द्वारा वायग्रा की गोलियां के इस्तेमाल से वह बाँझपन की शिकार हो सकती है.
      - वायग्रा के अधिक इस्तेमाल से सीने में दर्द और रक्तचाप जैसी समस्याए हो सकती है.
      इस तरह शूट की जाती है Adult Films
      इन तरीकों से लगाएं पता, आपका पार्टनर धोखेबाज तो नहीं
    आजकल की इस भागदौड भरी जिन्दगी में तनाव होना एक आम बात हो गया है और तनाव से उत्पन्न होने वाली बीमारियां का एक ही इलाज है मालिश, परन्तु हम इसके महत्त्व को नहीं समझ पा रहे हैं जिसके कारण लगभग 45 प्रतिशत रोगी मानसिक तनाव से परेशान हैं.मालिश से हमारी तनी हुई मसपेशियां सही दशा में आ जाती हैं, इससे तनाव व शारीरिक दर्द से मुक्ति मिल जाती है.
    मालिश से थकान तो दूर होती ही है साथ ही रक्त संचार भी बढता है.
    1-सिर की मालिश करते समय या किसी से करवाते समय आंखे बंद और मन को एकाग्र रखना चाहिए. ग्रीष्मकाल हो तो सिर एवं बालों को ठंडे पानी से धोकर बालों को तौलिये से अच्छी तरह से पोंछ लें. फिर मालिश करें तो सिर में ठंडक और तरावट के आनन्द का अनुभव होगा.
    2-पैरों की मालिश करने के लिए जमीन पर दरी बिछाकर बैठ जाएं तथा सरसों के ऑयल से तलवों पर ऊपर नीचे व अंगूठीों परऑयल लगाकर हल्के-हल्के हाथों से मालिश करें. उंगलियों व अंगूठों को भी भली-भाँति मसलें.
    3-पूरी बॉडी में हाथ-पैर की मालिश करना सर्वाधिक उपयोगी है. क्योंकि हम अपने कामकाज करने और चलने फिरने में हाथ पैर का दिनभर प्रयोग करते हैं.
    4-मालिश करीब 20 मिनट तक करनी चाहिए. साथ ही शरीर के अंगों को थपथपाते हुए ऑयल का गर्दन करें क्योंकि ऐसा करने से ऊतकों में ऊर्जा का संचार होता है. थोडा आराम करने के पश्चात् सूखे तौलिए से रगडकर नहाना लेना चाहिए.
    5-छाती की मालिश में दोनों बगलों की तरफ से हाथ चलाना शुरू कर छाती के मध्य की तरफ लाएं.
    6-सिर की मालिश करते समय ज्यादा जोर-जोर से नहीं करनी चाहिए और अपने सिर की मालिश खुद ही करें. सोने से पहले बालों की जडों में उंगलियों के पोरों से तेल लगाते हुए हल्के-हल्के पूरे सिर की मालिश करना लाभदायक है.
    जाने नहाने के सही तरीको के बारे में

    चंदन में प्राकृतिक औषधीय गुणों के कारण आपकी खूबसूरती में भी चार चांद लगता है टीनएजर्स को कील मुंहासों की समस्या होना एक आम बात है चंदन का लेप के यूज कीलमुंहासों से छुटकारा दिलवा सकता है. चंदन एक एंटीबायोटिक तत्व है. जो स्किन को किसी भी प्रकार के विषाणु से मुक्त कराते है किसी भी तरह के फोडेफुंसी, घाव आदि सभी को चंदन के नियमित प्रयोग से हटाया जा सकता है. 
    1-गर्मी के मौसम में पसीना तो आता ही है साथ-साथ अधिक पसीना आता है, तो चंदन पाउडर में पानी मिला कर बदन पर लगाने से पसीना कम होगा . 
    2-दूध में चंदन पाउडर और हलदी मिलाकर इसकी साथ में इसमें चुटकी भर कपूर भी मिला सकते है. इन सब को मिलाकर अच्छे पेस्ट तैयार करें. फिर इस लेप की चेहरे पर मालिश कर रात भर लगा रहने दें. इससे चेहरे के दागधब्बे तो दूर होगें ही साथ में आपको ठंडक का भी एहसास होगा.
    3-चंदन पाउडर, हलदी और नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. आधे घंटे बाद पानी से चेहरा साफ कर लें. इससे आपकी स्किन दागरहित और नर्म हो जाएंगी.
    4-चेहरे पर कीलमुंहासों के बाद दागधब्बे रह जाते है तो चेहरे पर चंदन का लेप से साफ किया जा सकता है. चंदन का लेप कीलमुंहासों को ही ठीक नहीं करता, बल्कि स्किन के साफ और नमी प्रदान करता है. 1/2चम्मच हलदी पाउडर, 1 चम्मच चंदन पाउडर मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इससे कम से कम 15-20 मिनट लगाए रखने से केवल कीलमुंहासे ही कम नहीं होते, इससे आपका चेहरा भी खिल जाता है.
    स्वस्थ रहने के लिए अपनाये स्वस्थ जीवन...

    कभी कभी हम जल्दबाजी कम काफी गर्म खा लेते है गर्म कॉफी चाय पी लेते हैं और उसके बाद जल जाती जाती है हमारी जीभ. जीभ जल जाने के बाद मुंह का टेस्ट एकदम खराब सा हो जाता है. सिर्फ मुंह का टेस्ट ही नहीं खराब होता बल्कि कुछ भी स्पाइसी खाने में भी दिक्क्त होती है.
    अगर आप भी हैं गर्मा-गर्म खाने शौक़ीन और जल जाती है आपकी भी जीभ तो ये घरेलू टिप्स आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे.
    1- जीभ जल जाने पर शहद का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद रहेगा.
    2-आइस क्यूब को कुछ देर के लिए जीभ पर रखें. अगर हो सके तो इसे कुछ देर के लिए चूसें. पर ध्यान रखिए कि बर्फ को सीधे जीभ पर रखना खतरनाक हो सकता है, इसलिए बर्फ को मुंह में रखने से पहले बर्फ को पानी से धो लें.
    3-बेकिंग सोडा से कुल्ला करें. ये जीभ की जलन को कम करने में मदद करेगा.
    4-ठंडी चीजों में दही खाना बहुत फायदेमंद रहेगा. इससे जलन भी कम होगी, इसके अलावा पानी पीते रहें.
    5-बहुत ज्यादा मसालेदार खाना नहीं खाएं. जब तक जीभ ठीक नहीं हो जाए हल्का और कम मिर्च-मसाले वाला खाना ही खाएं.
    हील्स भी बन सकती है कारण कमर...

    महिलाओ की सबसे बड़ी सेक्स समस्या उत्तेजना की कमी है. यह समस्या ज्यादातर महिलाओ में देखी जाती है. कुछ घरेलु उपयो की मदद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है. आईये जानते है क्या है वह घरेलु उपाय.
    - महिलाओ में उतेजना की कमी अव्यवस्थित रक्त संचार के चलते होती है. सेब इस समस्या में काफी कारगर साबित हो सकता है. दिन में एक या दो सेब खाने से महिलाओ की उत्तेजना में काफी बढ़ोतरी होती है.
    - महिलाओ के शरीर में विटामिन B5 और B6 की कमी से ही सेक्स हार्मोन्स की कमी होती है. इस कमी को अंडे से दूर किया जा सकता है.
    - अजवाइन में एड्रोस्टेरोन हार्मोन्स पाए जाते है. जो आपकी सेक्स इच्छा को बढ़ा कर आपके वैवाहिक जीवन को खुशनुमा बना देंगी.
    - महिलाओ की उत्तेजना बढ़ाने में सींप भी काफी ज्यादा असरदार होती है. महिलाओ की उत्तेजना बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

    Video : महिलाओं को क्या चाहिए...
    लड़कियों की चाल बताएगी उनकी सेक्स...
    हस्थमैथुन पुरुषो और महिला द्वारा की जाने वाली एक आम नेचुरल क्रिया है. जिसका इस्तेमाल महिला और पुरुष दोनों ही अपनी उत्तेजना शांत करने के लिए करते है. कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है. हस्थमैथुन से कई तफायदे होते है. आज हम आपको हस्थमैथुन से होने वाले ऐसे ही फायदों के बारे में बताने जा रहे है.
    - हस्थमैथुन आपके रक्त संचार को बेहतर बनाता है.
    - हस्थमैथुन करने से तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओ से राहत मिलती है.
    - हस्थमैथुन से पुरुषो को शिग्रपतन की समस्या से छुटकारा मिलता है.
    - आपको शायद जानकर हैरानी होगी हाथमैथुन आपको प्रोस्टेट कैंसर से भी बचाता है.
    - हस्थमैथुन के बाद तनावरहित अच्छी नींद आती है. साथ ही यह अनिंद्रा की समस्या में भी काफी फायदेमंद है.

    Video :लड़कियों के 'मास्टरबेशन सीक्रेट्स'
    हस्थमैथुन की लत से पाए छुटकारा
    कई बार सेक्स के दौरान हमे दर्द का एहसास होता है. पहली बार सेक्स करने पर दर्द होना बिलकुल आम है. लेकिन अगर इस हमेशा होता है तो इसके कई कारण हो सकते है. जिसमे से कुछ आज हम आपको बताने जा रहे है.
    - यूरेनल इन्फेक्शन के चलते कई बार सेक्स सम्बन्ध बनाने के दौरान दर्द होता है.
    - प्राइवेट पार्ट्स के सूखेपन की वजह से भी सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है. यह समस्या नेचुरल लुब्रीकेंट की कमी के चलते होती है.
    - कई बार हम हमारे गुप्तांगो के आसपास से बालों को हटाने के लिए रेज़र या वैक्स का इस्तेमाल करते है. जिस वजह से हमारी त्वचा कमजोर हो जाती है और सेक्स सम्बन्ध बनाने में दर्द होता है.
    - गलत पोसिशन्स में भी सेक्स करने से दर्द हो सकता है.
    - अगर आप एकल से अधिक साथियों के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाते है तो यह भी सेक्स के दौरान होने वाले दर्द का एक कारण हो सकता है.

    मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods
    बेहतर सेक्स के लिए मूड सबसे अहम् होता है. लेकिन कुछ ऐसे फूड्स है. जिनके सेवन से आपका सेक्स मूड खराब हो सकता है. इसके अलावा यह आपके सेक्स हार्मोन्स पर भी काफी नकारात्मक प्रभाव डालते है. आईये जानते है कोनसे है वह फूड्स??
    - कॉफ़ी भले ही आपकी सुस्ती को दूर कर शरीर में ताज़गी का संचार करे. लेकिन इसके अत्यधिक इस्तेमाल से इसमे मौजूद केफ़िन के चलते आपके सेक्स हार्मोन्स पर बुरा असर पड़ सकता है.
    - मसालेदार खाने की वजह से भी आपके सेक्स मूड या सेक्स इच्छा पर बुरा असर पड़ता है.
    - बेक्ड फ़ूड भी आपकी सेक्स लाइफ के लिए खतरा है. इसके सेवन से आपको कई तरह की सेक्स समस्याए हो सकती है. जो आपकी सेक्स लाइफ को बर्बाद करने में कोई कसार नहीं छोड़ेंगी.

    मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods
    मैं पिता बन पाउँगा या नहीं?
    पुरुषो को सेक्स के दौरान कई तरह के डर सताते है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ डर बताने जा रहे है. जो पुरुषो को सेक्स के दौरान भयभीत कर देते है.
    - पुरुषो का सेक्स से जुड़ा सबसे बड़ा डर अपनी साथी को संतुष्ट करने को लेकर होता है. पुरुषो अपनी मर्दानगी को महिला संतुष्टि से जोड़कर देखते है.
    - पुरुष कई बार सेक्स सम्बन्ध बनाते वक़्त पोर्न में देखे गए एक्ट्स को दोहराने की कोशिश करते है. और इन एक्ट्स को ना कर पाने का भय भी पुरुषो को सताता है.
    - सेक्स के दौरान पुरुषो को जल्दी डिस्चार्ज होने का डर भी सबसे ज्यादा भयभीत करता है.
    - यह बात सभी को पता है की पुरुष हस्तमैथुन से अपनी उत्तेजना को शांत करते है. पुरुषो द्वारा यह नेचुरल क्रिया नियमित रूप से की जाती है. पुरुषो के सेक्स के दौरान होने वाले भय में से एक यह भी है की कही उन्हें अपनी हाथमैथुन की आदत की वजह से सेक्स सम्बन्ध बनाने में किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े.
    - पुरुषो को सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को प्रेग्नेंट नहीं कर पाने का भय भी सताता है.
    इन कारणों से आती है मर्दों के 'उस' से बदबू
    स्वप्नदोष से झट से राहत दिलाएंगे ये...
    आजकल प्यार में धोखा काफी आम हो गया है. लोग काफी जल्दी अपने रिश्तो से बोर हो जाते है. जिसके बाद वह बेईमानी और धोखे के रास्ते पर निकल पड़ते है. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिनकी मदद से इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है की आपका पार्टनर किसी और के साथ तो नहीं सो रही/रहा?
    - अगर आपका पार्टनर बेड पर आपसे नए नए मूव्स की डिमांड करे तो समझ जाइये दाल में कुछ काला  है. अमूमन ऐसा लोग तब ही करते है जब वह कई लोगो से शारीरक सम्बन्ध बनाते है. जिस वजह से वह अलग पोसिशन्स के सहारे अपने सेक्स रोमांच को बरक़रार रखते है.
    - अगर आपका साथी अपने गुप्तांगो की साफ़-सफाई पर पहले से अधिक ध्यान देने लगा है तो सावधान हो जाइये यह एक संकेत हो सकता है की आपका पार्टनर आपको धोखा देकर किसी और के साथ मज़े लूट रहा है.
    - अगर आपको लगता है की आपका साथी आपके साथ अब पहले जैसा रोमांटिक बर्ताव नहीं करता है. साथ ही वह आपके साथ सेक्स सम्बन्ध बनाने को लेकर भी पहले जैसी उत्सुकता नहीं दिखाता है तो यह भी एक संकेत है की आपका साथी धोखेबाज है.
    यह भी पढ़े :-
    मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods
    महिलाओं के स्तन बोलते है कितना कुछ


  • पुरुषो द्वारा अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए कई वायग्रा का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा के कुछ ऐसे भी फूड्स है. जिनमे वायग्रा जैसे गुण होते है. जिनकी मदद से आप अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बना सकते है.
    तरबूज़ : कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है तरबूज़ से सेक्स लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है. इसे नेचुरल वायग्रा भी कहा जाता है.
    एवोकैडो : इसमे भरपूर मात्रा में फॉलिक एसिड पाया जाता है. जो आपकी सेक्स सहमत में इजाफे के साथ ही आपकी सेक्स लाइफ को भी बेहतर बनाता है.
    लहसुन : नाइट्रिक ओक्ससाइड एंजाइम सेक्स परफॉरमेंस को बेहतर करने के साथ ही सेक्स इच्छा में भी इजाफा करता है.
    अदरक : पुराने ज़माने से ही अदरक का इस्तेमाल सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है.
    निम्बू : निम्बू हमारे सेक्स क्षमता बढ़ाने के साथ ही सेक्स इच्छा में भी इजाफा करता है.
    ये 3 फूड्स कर सकते है आपकी सेक्स लाइफ को बर्बाद
    मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods


  • ठंडी हवाओं के चलने से कानों में अक्सर दर्द शुरू हो जाता है. वहीं एक कारण यह भी की कान में मैल जमने या फुंसी-सूजन होने, पानी चले जाने, किसी त्वचा रोग के दब जाने आदि कारणें से दर्द होने लगता है. कान का दर्द रह-रह कर उठता है, जिससे रोगी परेशान हो जाता है.
    कान के सभी रोगों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय-
    1-कान बहता हो, तो नीम की पत्तियां और लहसुन को समभाग में ले कर पीसें और रस निचोड कर गुनगुना करें. दो बूंद रात को सोने से पहले कुछ दिन तक डालने से कान का घाव और काम का बहना ठीक हो जाता है.
    2-कान दर्द में तुलसी के पत्तों का रस गरम करके डालें.
    3-प्याज को पीस कर मलमल के कपडे से निचोड कर रस निकालें और प्याज के रस को थोडा गरम करके उसकी सहने लायक 2-3 बूंदें कान में डालें. काम में किसी भी तरह का दर्द हो, तो इससे राहत मिलती है. इससे ऊंचा सुनना, काम में भिनभिनाहट तथा सांय-सांय की आवाज और कान का बहना और व्याधियों में भी लाभ होता है.
    4-जब कान में सांय-सांय की होने वाली आवाज गुनगुने बादाम के तेल की कुछ बूंदें डालने पर दूर हो जाती है.
    निम्बू करता है सुरक्षा जोड़ो के दर्द से
    भारतीय रसोई में हरी पत्तियों का खूब प्रयोग होता है. ये ना केवल हमारे खाने को खुशबूदार बनाते हैं, बल्कि उनका टेस्ट भी बढाते हैं. इसके अलावा ये हब्र्स कई तरह की बीमारियों से भी हमारी सुरक्षा करते हैं. तो आइए जानते हैं कि कौन से हर्ब से हमें क्या फायदा मिलता है.
    रोजाना इस्तेमाल में अपने वाले ग्रीन हब्र्स हमारे कितने काम आते हैं आइये जानते हैं-
    तेजपत्ता- तेजपत्ते का पेड गहरे हरे रंग का होता है और इसके पत्ते काफी बडे होते हैं. हम इसके सूखे पत्तों का इस्तेमाल अपने भोजन में करते हैं. इनका इस्तेमाल बिरयानी, सूप, सीफूड में फ्लेवर के लिए किया जाता है. तेज पत्तों को पानी में उबालने के बाद उस पानी में कपडे को भिगो कर छाती पर रखने से चैस्ट इन्फैक्शन, फ्लू, सर्दीजुकाम और टीबी में राहत मिलती है. चोट, मोच, सूजन, पीठदर्द आदि में तेजपत्तों के ऑयल से मसाज करने पर आराम मिलता है.
    लैवेंडर-इसका पौधा छोटा होता है, जिसकी टहलियां लम्बी होती हैं. इसमें में छोटे-छोटे पर्पल कलर के फूल उगते हैं. उन्हें ही लैवेंडर कहा जाता है. लैवेंडर का प्रयोग चाय, कुकीज और मिठाइयो में किया जाता है. भूख में कमी, इनसोमनिया, सर्कुलेटरी डिसऑडर्र जैसी बीमारियों में लैवेंडर का इस्तेमाल फायदेमंद है. माइग्रेन और नींद से जुडी समस्याओं में प्राचीन काल से इसका प्रयोग होता आ रहा है.
    चर्विल-यह आम हर्ब नहीं है, फिर भी इसका फ्लेवर बहुत बढिया और खाने में यह टेस्टी होता है. स्किन पर पफनैस को दूर करने, एक्ने और एग्जीमा के लिए यह फायदेमंद है. स्किन टोनर और फ्रैशनर के तौर पर भी इस का इस्तेमाल किया जा सकता है.
    किडनी की तकलीफ में करे पपीते का सेवन
    वायरल बुखार कब होता है जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए. अगर सेहतमंद और प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद निर्मित हो जाती है. सादा, ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकते हैं. वायरल में कई लोग खाना-पीना छोड देते हैं लेकिन खाना छोडने से बीमारी और बढ सकती है इसलिए जहां तक संभव हो वायरल में खूब खाना खाएं और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं.
    1-अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें. इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटेशियम पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है दस्त समाप्त होती है.
    2-टमाटर, आलू और संतरा खाए, इनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
    3-पानी खूब पियें इससे डिहाइड्रेशन के अलावा शरीर पर हमला करने वाले माइक्त्रो आर्गेनिज्म को बाहर निकालने में मदद मिलती है.
    4-वायरल बुखार में हरी और पत्तेदार सब्जियों का अधिक मात्रा में प्रयोग करें. क्योंकि हरी सब्जियों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे डिहाइड्रेशन नहीं होता है.
    5-वायरल में दही खाना बंद न करें क्योंकि दही खाने से बैक्टीरिया से लडने में सहायता मिलती साथ ही यह पाचन क्रिया को सही रखता है पेट खराब, आलसपन और बुखार को दूर करता है.
    6-वायरल में गाजर खाएं, इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है.
    हींग है दांतो के लिए फायदेमंद
    थर्मल वॉटर हमारी त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है. चाहे वो प्राकृतिक रूप से उपलब्ध थर्मल वॉटर हो या डिब्बाबंद. जो त्वचा को निखारने में मदद करते हैं. साथ ही ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. तो आइये जानते हैं
    थर्मल वॉटर के गुणों के बारे में जानते हैं...
    1-ये नसों से संबंधित रोगों, ब्रॉन्काइटिस इंफेक्शन श्वासनली से संबंधित बीमारी, मनोरोग आथ्राइटिस जैसी बीमारियों से लडने के साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है.सोडियम, पोटैशियम एवं क्लोरीन ये बॉडी फ्लूड्डस को स्थिर रखने में मदद करते हैं.
    2-थर्मल वॉटर विश्वभर प्राकृतिक रूप से निकलनेवाले गर्म पानी के झरनों में पाया जाता है. जमीन के नीचे का पानी पृथ्वी के नीचे बहुत गर्म द्रवीभूत यानी पिघली हुई चट्टानों के कारण गर्म होता जाता है. पानी की गर्मी के कारण आस पास की चट्टानों के मिनरल्स पानी में घुल जाते हैं. प्राकृतिक रूप से फिल्ट्रेशन और अवसादन की प्रक्रिया के बाद पानी शुद्ध और रसायन मुक्त हो जाता है.
    3-थर्मल स्पा वॉटर का प्रयोग के लिए अच्छा रहता है. यह विशेष रूप से संवेदनशील त्वचा वालों के लिए लाभदायक है.
    4-थर्मल वॉटर त्वचा को बेहद कोमलता, मगर मजबूती से शरीर के प्रेशर पॉइंट्स और लिम्फ नोड्स को सक्रिय करके आपके पूरे शरीर को नई ताजगी से भर देता है.
    5-सल्फर सल्फाइड्स जोडों के सूजन को कम करता है. आर्टिकुलर कार्टिलिज का पुन: निमार्ण करता है और रीढ की हड्डियों से जुडी चोटों को ठीक करन में सहायक होता है.
    जाने क्या है मालिश करने करने सही तरीका
    ग्रीन टी के गुणकारी तत्वों पर हुए नए शोधों से पता चला है कि यह धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए भी खासी लाभदायक है और इसके सेवन से धूम्रपान करने की लत धीरे-धीरे छूटती जाती है.
    एक नए शोध से पता चलता है कि हरी चाय में पाया जाने वाला एल थियानिन नामक अमीनो एसिड तनाव से मुक्ति दिलाने में अत्यंत कारगर है. डॉ का माना है कि धूम्रपान करने की तलब लगने पर अगर कोई व्यक्ति हरी चाय का सेवन करता है तो उससे भी उसे वैसी ही राहत का अहसास होता है जैसा सिगरेट या बीडी पीने से होता है.
    धूम्रपान छोडने के बाद हरी चाय का सेवन फेफडों को पहुंचे नुकसान से उबरने में मदद करता है और इससे फेफडों का कैंसर होने की आशंका भी कम हो जाती है. उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहद कम हो जाती है और उनमें विटामीन सी और ई, कैल्शियम, फ्लोट, ओमेगा 03 फैटी एसिड इत्यादि का भी अभाव हो जाने से कैंसर होने की अधिक आशंका रहती है. हरी चाय में मौजूद एंटी आक्सीडेंट शरीर के आक्सीडेंट-एंटी आक्सीडेंट संतुलन को बनाए रखने में कारगर रहते है.
    चेहरे को दाग रहित बनाने के लिए आजमाए...
    एनीमिया एक ऎसा रोग है जिसमें शरीर में खून की कमी होती है. यह एक आम समस्या है, जिससे आए दिन हममें से ज्यादातर महिलाएं व युवतियों झेलती ही हैं, थकती हैं और सहती है. वह हैं हेवी पीरियड्स, जिसका भंयकर परिणाम आयरन की कमी में सामने आता है. इसका इलाज सिर्फ एक बार गोली खाकर नहीं किया जाता सकता. इसका तो आपको हर महीने ध्यान रखना होगा.
    एमीनिया के लक्षण शरीर में खून की कमी से आपको जरूरत से ज्यादा नींद आती है. हमेशा उनींदापन और सुस्ती महसूस होती है, पर युवतियों को लगता है कि शायद थकान के कारण ऎसा होता होगा.
    हैल्दी डाइट 
    पालक, मेथी और ताजा हरी सब्जियों खूब मिलती है. तो आप इन सब्जियां व साग लोहे की कडाही में बनाएं. अरबी के पत्तों की सब्जी या पतौड बना कर खाएं. वहीं एक बात यह है कि पालक की तुलना अरबी के पत्तों में 9 गुना आयरने होता है.
    अपने डॉक्टर की सलाह से और डोज तय करें. हो सकता है कि वे शुरूआत मे कम एमजीवाली आयरन की गोलियां खाने को कहेंगे, जो हर मेडिकल स्टोर पर मिलती है. 
    कम हीमोग्लोबिन पाए जाने पर डॉक्टर ज्यादा एमजीवाली आयरन की गोलियां लेने को कहते हैं. अकसर ज्यादा एमजीवाला आयरन सप्लीमेंट पाचन तंत्र में जा कर जग जाता है, क्योंकि आयरन को शरीर धीरे-धीरे सोखता है. इसे खाने के दौरान लेने से कब्ज या लूज मोशन की परेशानी नहीं होगी.
    क्या करे जब जीभ जल जाये तो
    कलौंजी भी आयुर्वेदिक औषधि है, जो हमारे शरीर को कई तरह के रोगों से बचाती है और शरीर के अतिरिक्त वजन को घटाने में मदद करती है. इसे ब्लड प्रेशर भी कम हुआ. सबसे बडी बात यह है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है. इसे महत्वपूर्ण चिकित्सक हर्ब माना जाता है.
    तो आइये जानते हैं काली रंग की दिखने वाली कलौंजी खाने से होने वाले फायदे के बारे में...
    1-कलौंजी में मौजूद एंटी आक्सीडेंट कैंसर जैसी घातक बीमारी से व्यक्ति को बचाव करती है.
    2-जिन लोगों की त्वचा पर सफेद धाग हो गये हों तो उन्हें रोजाना सुबह उठकर मुंह चुटकी भर कलौंजी खानी चाहिए. दागों पर कुछ ही समय में कालापन आता जाएगा.
    3-सर्दी-जुकाम की परेशानी है तो इसके बीजों को गरम कीजिए और मलमल के कपडे में बांधिए फिर इसे सूघते रहिये, दो दिन में ही जुकाम की शिकायत खत्म हो जायेगी.
    4-कलौंजी का तेल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है तथा शरीर को रोगों से बचाता है. कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करता है एवं रक्त को साफ करता है. कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं और त्वचा निखरती है. इस तेल के सेवन से पेट साफ रहता है एवं जोडों के दर्द, सिर दर्द, कमर दर्द आदि में कलौंजी के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है.
      फूलों में गुलाब एक जाना पहचाना फूल है. गुलाब के रंग-बिरंगे फूल सिर्फ घर में सजे फूलदान पर ही अच्छे नहीं लगते, बल्कि इसकी पंखुडियां भी बडे काम की है. यह फूल होने के साथ-साथ एक जडी बूटी भी है. गुलाब हमारे जीवन में अपनी ही महत्व है.
      सौंदर्य अपील और सुखदायक खुशबू के अलावा, गुलाब का फूल हमें कई त्वचा व स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.
      1-गुलाब जल त्वचा की देखभाल के लिए बहुत लोकप्रिय है. गुलाब जल के इस्तेमाल का सबसे बडा लाभ यह है कि एक सर्वश्रेष्ठ टोनर भी है, गुलाब जल में नैचुरल एस्टिंजेट होने के यह एक सर्वश्रेष्ठ टोनर भी है. डेली रात को इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा टाइट होती है. यह त्वचा के पीएच संतुलन को बनाएं रखता है. मुंहासों को दूर करने में काफी मदद करता है और बैक्टीरिया के संक्रमण से स्किन की रक्षा करता है.
      2-एक बोतल में गि्लसरीन, नींबू का रस और गुलाबजल को बराबर मात्रा में मिलाकर घोल बना लें. दो बूंद चेहरे पर मलें. त्वचा में नमी और चमक बनी रहेगी और स्किन सॉफ्ट-मुखमली बन जाएगी.
      3-अस्थमा, डायरिया, कफ, हाई ब्लड प्रेशर, फिवर, पेट की गडबडी में गुलाब का सेवन बेहद उपयोगी होता है.    
      4-गुलाब के फल विटामिन ए, बी 3, सी, डी और ई से भरपूर होता है. इसमें उच्च मात्रा में मौजूद विटामिन के कारण डायरिया के इलाज के लिए इसका यूज किया जाता है.
      5-गुलाब के फल में फ्लवोनोइड्स, मैलिक एसिड, टैनिन सिट्रिक एसिड, जिंक, बायोफ्लवोनाइड्स भी होता है.
      गले के इन्फेक्शन में पिए थोड़ी थोड़ी देर पर गरम पानी
      आज हैल्थ कॉन्शियस लोग मार्केट में उपलब्ध अलग-अलग रिफाइंड ऑयल और सरसों के तेल को प्राथमिकता दे रहे हैं. दरअसल यूं तो यह तेल कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने का ही दावा करते हैं, पर इनके यूज से बैड कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ गुड कोलेस्ट्रॉल भी नष्ट होता जाता है. ऐसे में आपको जरूरत है एक ऐसे तेल की जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हो, जिसे पकाने पर उसके पोषक तत्व भी नष्ट न हो और वह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित रखें.
      अलसी का ऑयल -इसमें ओमेगा 3 और ओमेगा 6 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसका यूज खाना बनाने में नहीं, बल्कि सैलेड में डाला जाता है.
      ऑलिव ऑयल-इसमें ओमेगा 3 और आमेगा 6 फैटी एसिड होते हैं. यह म्यूफा और प्यूफा का भी अच्छा स्त्रोजत है. यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढता है. लेकिन इसका यूज सैलेड की सिजलिंग के लिए करना अधिक बेहतर होगा. राइस ब्रान और सरसों के तेल की तुलना में इसमें स्मोकिंग प्लाइंट कमहोता है. यानी यह डीप फ्राई और तेज आंच पर पकाने के बाद इसमें मौजूद जरूरी तत्व कम हो जाते हैं.
      राइस ब्रेन ऑयल -इसका इस्तेमाल उच्च ताप पर भोजन पकोन के लिए आसानी से किया जा सकता है. इसके गुणों के कारण बहुत से एशियाई देशों में इसका प्रयोग कुकिंग ऑयल के तौर पर किया जाने लगा है. राइस ब्रान ऑयल में अन्य तेलों की अपेक्षा सबसे अधिक संतुलित फैट एसिड कंपोजिशन पाया जाता है. इसके अलावा इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड की भी कुछ मात्रा  और एंटीऑक्सीडेंट जैसे ओरजानोल, टोकोट्रिनॉल और स्क्वैलीन की पर्याप्त मात्रा होती है. प्रति 1 ग्राम राइस ब्रान तेल में लगभग 9 कैलरी होती हैं.
      करना है नाखूनों का पीलापन दूर तो इस्तेमाल...
      कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है की महिलाए पुरुषो की तुलना में अधिक कॉफ़ी पीती है. इसकी वजह से महिलाओ को पुरुष की तुलना में होने वाला अत्यधिक तनाव. इसी के चलते महिलाए पुरुषो से ज्यादा कॉफ़ी का सेवन करती है. जिससे उनके स्तनों पर अचंभित करने वाले प्रभाव पड़ते है.
      महिलाओं के स्तन बोलते है कितना कुछ
      अध्ययन के अनुसार, दिन में तीन कप तक कॉफ़ी पीने वाली महिलाओ के स्तन आम महिलाओ की तुलना में अधिक बड़े होते है. महिलाए अपने स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए कई तरह की दवाइयां और क्रीम का इस्तेमाल करती है.
      इन तरीकों से बढ़ती उम्र में बनाए अपने स्तनों को आकर्षक और सुडौल
      जबकि कॉफ़ी इसके लिए बिलकुल सटीक और कारगर तरीका है. इसके अलावा नियमित रूप से कॉफ़ी पीने से तनाव में भी कमी आती है. साथ ही और भी कई फायदे होते है.
      शराब हमेशा से ही शरीर के लिए नुकसानदेह रही है और इसमें कोई दो राय नहीं है. बीयर का इस्तेमाल हमारे देश में काफी होता है और रिसर्च के अनुसार अगर सीमित मात्रा में बियर का सेवन किया जाए तो इसके कई फायदे हो सकते हैं. बहुत से लोगों को यह यकीन नहीं होगा लेकिन बियर पर हुए काफी सारे शोधों के नतीजे तो यही कहते हैं. चलिए जानते हैं कि सीमित मात्रा में बियर पीने से क्या फायदे हो सकते हैं. पिंट बीयर का सेवन करने से 31 फीसदी दिल की बीमारियां होने का खतरा कम रहता है बजाय उन लोगों के जो बीयर का सेवन नहीं करते।
      अगर निशित मात्रा में बियर का सेवन किया जाए तो दिल की सेहत के लिए बीयर अच्छी साबित हो सकती है कभी-कभी बीयर का सेवन करने से हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है क्योंकि बीयर में सिलिकॉन पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए बहुत अच्छा होता है। आज जब सारी दुनिया डायबिटीज के चंगुल में फंसी हुई है वहां बियर पीने से इस बिमारी से बचा जा सकता है। बियर पाने वालों पर किये गए शोध के अनुसार जो पुरुष रोजाना 2 बीयर पीते हैं उनमें टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 25 फीसदी तक कम हो जाता है।
      कैंसर जैसे रोगों में भी बियर फायदेमंद है. हेट्रोसाइकिलिक अमीन्स एचसीए बीयर में मौजूद होता है जो कि शरीर में कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक तत्वों जैसे कार्सिनोजेन को दूर करने में मदद करता है। जो लोग बीयर के अलावा अन्य ड्रिंक्स का सेवन करते हैं उनमें किडनी स्टोन का खतरा उन लोगों से ज्यादा होता है जो सीमित मात्रा में बीयर पीते हैं। एक ग्राम बीयर में फाइबर, विटामिन बी से भरपूर तत्व जैसे नियासिन पैंटोथैनिक एसिड, फोलेट रिबोफ्लाविन मौजूद होते हैं। साथ ही बीयर में विटामिन बी6 और विटामिन बी 12 भी पाया जाता है ।
      इन तरीको से पाए बढ़ते कोलोस्ट्रोल से छुटकारा
      गुलाब का फूल है विटामिन A से भरपूर
      बदलती लाइफ स्टाइल के कारण हमने अपने खाने में भी बहुत बदलाव किये हैं. अपने आप को मॉडर्न बनाने के चक्कर में पश्चिम की नक़ल हम हेल्दी फ़ूड से ज्यादा अब फ़ास्ट फ़ूड को तरजीह देने लगे हैं. मोटापा, मधुमेह और ना जाने कितनी बीमारियों को न्यौता देने वाले फ़ास्ट फ़ूड के साइड इफेक्ट्स की लिस्ट बहुत लंबी है. इनमे बहुत से केमिकल्स का भी प्रयोग किया जाता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत घातक साबित होते हैं.
      इन चीजों को पैक करने के लिए थैलेट नाम के एक औद्योगिक रसायन का प्रयोग किया जाता है। थैलेट रसायन प्लास्टिक और विनायल की साफ्टनेस बढ़ाता है। थैलेट का इस्तेमाल पर्सनल केयर की चीजें इत्र, सोप, शैंपू, नेल पॉलिश, स्किन क्रीम में किया जाता है। इन रसायनों के कारण प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचता है और नपुंसकता भी हो सकती है। अब आप सोच सकते हैं कि ये शरीर को कितना नुक्सान पहुंच सकते हैं.
      फ़ास्ट फ़ूड जिस तेल में तैयार होता है उसे बार बार गर्म करने के कारण उसमें लो डेन्सिटी लिपोप्रोटीन नामक हानीकारक कॉलैस्ट्रोल रह जाता है एवं अच्छे कॉलेस्ट्रोल हाई डेन्सिटी लिपोप्रोटीन को घटाता है जो दिल के लिए हानिकारक साबित होता है। फास्टफूड में बहुत ज्यादा मात्रा में शुगर व अन्य हानिकारक तत्व होते हैं जो अनेक रोगों का कारण है। फास्ट फूड दिमाग के लिए भी अच्छा नहीं है और यह दिमाग को नुकसान पहुंचाता है।प्रेगनेंसी में ये चीजें बिलकुल नहीं खानी चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु के टेस्टीस या फिर ओवरी और मलद्वार की दूरी कम हो जाती है।
      इन तरीको से पाए बढ़ते कोलोस्ट्रोल से छुटकारा
      गुलाब का फूल है विटामिन A से भरपूर
      ऑटिज्म एक ऐसा रोग है, जिसमें रोगी बचपन से ही परिवार, समाज व बाहरी माहौल से जुड़ने की क्षमताओं को गंवा देता है। यह एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है, जो बातचीत और दूसरे लोगों से व्यवहार करने की क्षमता को सीमित कर देता है। इसे ऑटिस्टिक स्पैक्ट्रम डिसॉर्डर कहा जाता है, क्योंकि प्रत्येक बच्चे में इसके अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। कुछ बच्चे पढ़ने लिखने में काफी अच्छे होते हैं पर उन्हें बोलने और सामाजिक व्यवहार में परेशानी होती है। कुछ ऐसे होते हैं, जिन्हें सीखने-समझने में परेशानी होती है।
      ऑटिस्टिक बच्चे दूसरों तक अपनी भावनाएं नहीं पहुंचा पाते या उनके हाव-भाव व संकेतों को नहीं समझ पाते। कुछ बच्चे बहुत ज्यादा हाइपर हो जाते हैं। आमतौर पर बच्चे के खोये रहने पर उसे मस्त माना जाता है, जबकि वह ऑटिज्म से ग्रस्त होता है। देरी से पहचान करने से कोई फायदा नहीं होता। बच्चे को बचपन में ही बदला जा सकता है। इसमें माता-पिता का बड़ा रोल होता है क्योंकि इसमें बच्चे के साथ-साथ पैरंट्स की काउंसलिंग होना जरूरी है। कुछ लोग अपने बच्चों में ऑटिज़्म के लक्षण नहीं पहचान पाते है और इसी वजह से बच्चे के बढ़े होने पर यह तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.
      कुछ ख़ास लक्षण होते हैं जिनसे ऑटिज्म को पहचानना आसान हो जाता है ऑटिज्म से ग्रस्त व्यक्ति परस्पर संबंध स्थापित नहीं कर पाते हैं। उनकी संप्रेषण क्षमता अत्यधिक प्रभावित होती है। लगभग 50 प्रश बच्चों में भाषा का विकास नहीं हो पाता है। वे प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दर्द जैसे संवेदनों के प्रति असामान्य प्रतिक्रिया दर्शाते हैं। वे एक ही क्रिया, व्यवहार को दोहराते हैं, जैसे- हाथ हिलाना, शरीर हिलाना और बिना मतलब की आवाजें करना आदि. खेलने का उनका अपना असामान्य तरीका होता है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे अपने आप में ही गुम रहते हैं वे किसी एक ही चीज को लेकर खोए रहते हैं. उनकी सोच बहुत विकसित नहीं होती है. इसलिए वे रचनात्मकता से दूर ही नजर आते हैं. अगर आपका बच्चा नौ महीने का होने के बावजूद न तो मुस्कुराता है और न ही कोई प्रतिक्रिया देता है तो फिर वो ऑटिज़्म से पीड़ित हो सकता है. बच्चा बोलने के बजाय अजीब-अजीब सी आवाजें निकाले तो भी यह ऑटिज़्म का लक्षण हो सकता है.
      इन तरीको से पाए बढ़ते कोलोस्ट्रोल से छुटकारा
      अक्सर देखा जाता है कि लोग वर्कआउट के बाद कई बार काफी थकन महसूस करते हैं. आपने अपनी बॉडी से जो मेहनत करवाई है उसके कारण ऐसा होना लाजमी है. थकान को दूर करने के लिए बहुत से उपाय है लेकिन मसाज सबसे बेहतर उपाय माना जाता है क्योंकि मसाज लेना वर्कआउट के बाद होने वाली पीड़ा से छुटकारा पाने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
      मसाज से ना केवल बेहतर महसूस होता है बल्कि मसल्स रिलेक्स होते हैं और दर्द दूर करने में भी सहायता मिलती है। अगर आप हफ्ते में पांच बार वर्कआउट करते हैं, तो आपको हफ्ते में एक बार मसाज करानी चाहिए। अगर आप हफ्ते में कुछ ही दिन वर्कआउट करते हैं, तो आप दो हफ्तों में एक बार या एक महीने में एक बार मसाज करा सकते हैं। मसाज से रक्त संचार बेहतर होता है और एक्सरसाइज के बाद होने वाले मांशपेशियों के दर्द को भी इससे कम करने में मदद मिलती है।
      वर्कआउट के बाद मसाज लेने से पोषक तत्वों को ऊर्जा में बदलने में मदद मिलती है। कई बार एक्सरसाइज की शुरुआत करने पर मांसपेशियों में दर्द होता है। पहली बार एक्सरसाइज करने पर थोड़ा दर्द होता हैं, लेकिन एक्सरसाइज करना छोड़ना नहीं चाहिये। आप एक्सरसाइज करने के थोड़ी देर बाद कुछ समय के लिये आराम भी कर सकते हैं। इससे एक्सरसाइज करने पर होने वाला दर्द कम हो जाता है। कम से कम आठ घंटे सोने से हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है जिससे टिशू रिपेयर और विकास में मदद मिलती है।
      इन तरीको से पाए बढ़ते कोलोस्ट्रोल से छुटकारा
      बवासीर(पाइल्स) बहुत तकलीफदायक बिमारी है. यह बिमारी हमारे गलत खाने पीने और डाइजेस्टिव सिस्टम में होने वाली गड़बड़ी के कारण होती है. बवासीर से छुटकारा पाना इतना आसान नही है लेकिन कुछ बाते ऐसी हैं जिन्हें अपनाकर हम इस समस्या से बच सकते हैं. आपको केवल खुद पर और डाइट पर कण्ट्रोल करना होगा ताकि बवासीर से बचा जा सके. फ़ास्ट फ़ूड बहुत सी समस्याओं को जन्म देते हैं और बवासीर भी उन्ही में से एक है.
      फास्ट फूड ना खाएं तो ही बेहतर है. फ्रूट्स और वेजिटेबल्स को अपनी डाइट में शामिल करें। घर पर भी अगर मसालेदार खाना बनाते और खाते हैं तो बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है. मसालों का अधिक सेवन आपको इस बीमारी ये ग्रस्त बना सकता है, और यदि आप पहले से ही मरीज हैं, तो यह आपकी समस्या को और बढ़ा सकता है। राजमा व मसूर जैसी चीजें पाइल्स के रोगियों के लिए बेहद नुकसानदायक है।
      फाइबर से भरपूर भोजन कीजिये। पेट में गैस पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इनका सेवन करना बेहद हानिकारक हो सकता है। अपने डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए कम तेल और मसाले खाने की कोशिश कीजिये। घी हमारी बॉडी के लिए काफी अच्छा होता है लेकिन अगर आप बवासीर के रोगी हैं तो इसका सेवन ना करें तो बेहतर होगा क्योंकि कई बार इसका सेवन पाइल्स के रोगियों की समस्या को बढ़ा सकता है। इसीलिए घी का सेन तभी करें, जब यह आपको सूट करता हो।
      इतनी बुरी भी नहीं है बियर, माय डियर
      आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम को नुक्सान पहुंचा सकते है..
      सर्दी के मौसम में बाजार में अमरुद की आवक  काफी बढ़ जाती है. यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही हमारे शरीर को कई फायदे पहुंचाता है. आज हम आपको अमरुद खाने से होने वाले ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे है.
      - अमरुद में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. जिससे शुगर का लेवल नियंत्रित करने के साथ भी डाइबिटीज़ जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है.
      - अमरुद हमारी आँतों की सफाई करता है. जिससे कब्ज़ की समस्या से निजात मिलता है.
      - अमरुद के पेड़ की पत्तियां चबाने से दांत संबंधी परेशानियों में लाभ होता है.
      - अमरुद में विटामिन C और लाइकोपीन नामक फाइटो न्यूट्रिएंट्स पाया जाता है, जो कैंसर जैसे गंभीर रोग से आपको बचाता है.
      चावल है पेट के मरीजो के लिए फायदेमंद
      बालों के लिए भी कारगर है फ्रूट्स
      आजकल प्यार में धोखा काफी आम हो गया है. लोग काफी जल्दी अपने रिश्तो से बोर हो जाते है. जिसके बाद वह बेईमानी और धोखे के रास्ते पर निकल पड़ते है. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिनकी मदद से इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है की आपका पार्टनर किसी और के साथ तो नहीं सो रही/रहा?
      - अगर आपका पार्टनर बेड पर आपसे नए नए मूव्स की डिमांड करे तो समझ जाइये दाल में कुछ काला  है. अमूमन ऐसा लोग तब ही करते है जब वह कई लोगो से शारीरक सम्बन्ध बनाते है. जिस वजह से वह अलग पोसिशन्स के सहारे अपने सेक्स रोमांच को बरक़रार रखते है.
      - अगर आपका साथी अपने गुप्तांगो की साफ़-सफाई पर पहले से अधिक ध्यान देने लगा है तो सावधान हो जाइये यह एक संकेत हो सकता है की आपका पार्टनर आपको धोखा देकर किसी और के साथ मज़े लूट रहा है.
      - अगर आपको लगता है की आपका साथी आपके साथ अब पहले जैसा रोमांटिक बर्ताव नहीं करता है. साथ ही वह आपके साथ सेक्स सम्बन्ध बनाने को लेकर भी पहले जैसी उत्सुकता नहीं दिखाता है तो यह भी एक संकेत है की आपका साथी धोखेबाज है.
      यह भी पढ़े :-
      मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods
      महिलाओं के स्तन बोलते है कितना कुछ
      कई लोग बेहतर सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने के लिए वायग्रा का इस्तेमाल करते है. इसकी मदद से आप अपने साथी को पूर्ण संतुष्टि दे सकते है. लेकिन इसके नियमति इस्तेमाल से कई नुकसान भी होते है. जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है.
      - वायग्रा के अधिक इस्तेमाल से भले ही आप अपने साथी को संतुष्ट कर पाए. लेकिन इसके बिना आप खुद को कमजोर और Less Confident फील करने लगेंगे.
      - वायग्रा का इस्तेमाल आपके साथ ही आपके साथी के लिए भी घातक हो सकता है. कई बार साथी के संतुष्ट होने के बाद भी आप सेक्स करते रहते है. जिससे उसे अत्यधिक तखलीफ हो सकती है.
      - वायग्रा का इस्तेमाल करने से स्किन कैंसर की संभावनाए भी बढ़ जाती जाती.
      - महिलाओ द्वारा वायग्रा की गोलियां के इस्तेमाल से वह बाँझपन की शिकार हो सकती है.
      - वायग्रा के अधिक इस्तेमाल से सीने में दर्द और रक्तचाप जैसी समस्याए हो सकती है.
      इस तरह शूट की जाती है Adult Films
      इन तरीकों से लगाएं पता, आपका पार्टनर धोखेबाज तो नहीं
      पुरुषो द्वारा अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए कई वायग्रा का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा के कुछ ऐसे भी फूड्स है. जिनमे वायग्रा जैसे गुण होते है. जिनकी मदद से आप अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बना सकते है.
      तरबूज़ : कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है तरबूज़ से सेक्स लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है. इसे नेचुरल वायग्रा भी कहा जाता है.
      एवोकैडो : इसमे भरपूर मात्रा में फॉलिक एसिड पाया जाता है. जो आपकी सेक्स सहमत में इजाफे के साथ ही आपकी सेक्स लाइफ को भी बेहतर बनाता है.
      लहसुन : नाइट्रिक ओक्ससाइड एंजाइम सेक्स परफॉरमेंस को बेहतर करने के साथ ही सेक्स इच्छा में भी इजाफा करता है.
      अदरक : पुराने ज़माने से ही अदरक का इस्तेमाल सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है.
      निम्बू : निम्बू हमारे सेक्स क्षमता बढ़ाने के साथ ही सेक्स इच्छा में भी इजाफा करता है.
      ये 3 फूड्स कर सकते है आपकी सेक्स लाइफ को बर्बाद
      मर्दानगी बढ़ानी है, तो खाइये ये Foods
      मच्छर मानवता के लिए एक बडी समस्या है, इस मौसम में मच्छरों का होना मतलब की रोगों का फैलना. जैसे-डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया, बुखार आदि ऐसी कई रोग मच्छर द्वारा ही फैलते हैं. अगर ऐसे में बेमौसम बरसात हो तो मच्छरों की बढोतरी हो जाती है और फिर इन के काटने से नई-नई बीमारियों का शिकार होना पडता है. मच्छरों को भगाने के बेस्ट तरीकों के बारे में तो हम तो जानते हैं, पर क्या आपको पता है की कुछ घरेलु उपयो को अपना कर मच्छरों से छुटकारा पाया जा सकता है.
      आइये जानते है कैसे 
      1-घर में लेटनेबैठने की जगहों पर लैवेंडर को डिजाइनर पौट में रखें या बगीचे में लगा दें, मच्छर आपको परेशान नहीं करेंगे. 
      2-घर में मच्छरों से बचने के लिए 10-15 के लिए घर में कपूर जलाएं और सभी दरवाजे और खिडकियां बंद कर दें. कुछ ही देर में आप घर में घुसे मच्छरों से मुक्ति पाएं.
      3-गैंदे के सूखे फूलों को जलाने से मच्छर व अन्य कीट घर के आसपास नहीं फटकते. इसके अलावा इस के फूल घर को भीनी भीनी खुशबू से भी महकते हैं.
      4-आयुर्वेद के मुताबिक अगर आप मच्छरों से बचाव चाहते हैं तो अपनी खिडकी के पास एक तुलसी का वृक्ष रखें. यह आपको मच्छरों का घर में अंदर आने से रोकती है.
      जाने नहाने के सही तरीको के बारे में
      ठंडी हवाओं के चलने से कानों में अक्सर दर्द शुरू हो जाता है. वहीं एक कारण यह भी की कान में मैल जमने या फुंसी-सूजन होने, पानी चले जाने, किसी त्वचा रोग के दब जाने आदि कारणें से दर्द होने लगता है. कान का दर्द रह-रह कर उठता है, जिससे रोगी परेशान हो जाता है.
      कान के सभी रोगों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय-
      1-कान बहता हो, तो नीम की पत्तियां और लहसुन को समभाग में ले कर पीसें और रस निचोड कर गुनगुना करें. दो बूंद रात को सोने से पहले कुछ दिन तक डालने से कान का घाव और काम का बहना ठीक हो जाता है.
      2-कान दर्द में तुलसी के पत्तों का रस गरम करके डालें.
      3-प्याज को पीस कर मलमल के कपडे से निचोड कर रस निकालें और प्याज के रस को थोडा गरम करके उसकी सहने लायक 2-3 बूंदें कान में डालें. काम में किसी भी तरह का दर्द हो, तो इससे राहत मिलती है. इससे ऊंचा सुनना, काम में भिनभिनाहट तथा सांय-सांय की आवाज और कान का बहना और व्याधियों में भी लाभ होता है.
      4-जब कान में सांय-सांय की होने वाली आवाज गुनगुने बादाम के तेल की कुछ बूंदें डालने पर दूर हो जाती है.
      निम्बू करता है सुरक्षा जोड़ो के दर्द से
      भारतीय रसोई में हरी पत्तियों का खूब प्रयोग होता है. ये ना केवल हमारे खाने को खुशबूदार बनाते हैं, बल्कि उनका टेस्ट भी बढाते हैं. इसके अलावा ये हब्र्स कई तरह की बीमारियों से भी हमारी सुरक्षा करते हैं. तो आइए जानते हैं कि कौन से हर्ब से हमें क्या फायदा मिलता है.
      रोजाना इस्तेमाल में अपने वाले ग्रीन हब्र्स हमारे कितने काम आते हैं आइये जानते हैं-
      तेजपत्ता- तेजपत्ते का पेड गहरे हरे रंग का होता है और इसके पत्ते काफी बडे होते हैं. हम इसके सूखे पत्तों का इस्तेमाल अपने भोजन में करते हैं. इनका इस्तेमाल बिरयानी, सूप, सीफूड में फ्लेवर के लिए किया जाता है. तेज पत्तों को पानी में उबालने के बाद उस पानी में कपडे को भिगो कर छाती पर रखने से चैस्ट इन्फैक्शन, फ्लू, सर्दीजुकाम और टीबी में राहत मिलती है. चोट, मोच, सूजन, पीठदर्द आदि में तेजपत्तों के ऑयल से मसाज करने पर आराम मिलता है.
      लैवेंडर-इसका पौधा छोटा होता है, जिसकी टहलियां लम्बी होती हैं. इसमें में छोटे-छोटे पर्पल कलर के फूल उगते हैं. उन्हें ही लैवेंडर कहा जाता है. लैवेंडर का प्रयोग चाय, कुकीज और मिठाइयो में किया जाता है. भूख में कमी, इनसोमनिया, सर्कुलेटरी डिसऑडर्र जैसी बीमारियों में लैवेंडर का इस्तेमाल फायदेमंद है. माइग्रेन और नींद से जुडी समस्याओं में प्राचीन काल से इसका प्रयोग होता आ रहा है.
      चर्विल-यह आम हर्ब नहीं है, फिर भी इसका फ्लेवर बहुत बढिया और खाने में यह टेस्टी होता है. स्किन पर पफनैस को दूर करने, एक्ने और एग्जीमा के लिए यह फायदेमंद है. स्किन टोनर और फ्रैशनर के तौर पर भी इस का इस्तेमाल किया जा सकता है.
      किडनी की तकलीफ में करे पपीते का सेवन
      वायरल बुखार कब होता है जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए. अगर सेहतमंद और प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद निर्मित हो जाती है. सादा, ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकते हैं. वायरल में कई लोग खाना-पीना छोड देते हैं लेकिन खाना छोडने से बीमारी और बढ सकती है इसलिए जहां तक संभव हो वायरल में खूब खाना खाएं और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं.
      1-अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें. इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटेशियम पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है दस्त समाप्त होती है.
      2-टमाटर, आलू और संतरा खाए, इनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
      3-पानी खूब पियें इससे डिहाइड्रेशन के अलावा शरीर पर हमला करने वाले माइक्त्रो आर्गेनिज्म को बाहर निकालने में मदद मिलती है.
      4-वायरल बुखार में हरी और पत्तेदार सब्जियों का अधिक मात्रा में प्रयोग करें. क्योंकि हरी सब्जियों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे डिहाइड्रेशन नहीं होता है.
      5-वायरल में दही खाना बंद न करें क्योंकि दही खाने से बैक्टीरिया से लडने में सहायता मिलती साथ ही यह पाचन क्रिया को सही रखता है पेट खराब, आलसपन और बुखार को दूर करता है.
      6-वायरल में गाजर खाएं, इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है.
      हींग है दांतो के लिए फायदेमंद
      थर्मल वॉटर हमारी त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है. चाहे वो प्राकृतिक रूप से उपलब्ध थर्मल वॉटर हो या डिब्बाबंद. जो त्वचा को निखारने में मदद करते हैं. साथ ही ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. तो आइये जानते हैं
      थर्मल वॉटर के गुणों के बारे में जानते हैं...
      1-ये नसों से संबंधित रोगों, ब्रॉन्काइटिस इंफेक्शन श्वासनली से संबंधित बीमारी, मनोरोग आथ्राइटिस जैसी बीमारियों से लडने के साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है.सोडियम, पोटैशियम एवं क्लोरीन ये बॉडी फ्लूड्डस को स्थिर रखने में मदद करते हैं.
      2-थर्मल वॉटर विश्वभर प्राकृतिक रूप से निकलनेवाले गर्म पानी के झरनों में पाया जाता है. जमीन के नीचे का पानी पृथ्वी के नीचे बहुत गर्म द्रवीभूत यानी पिघली हुई चट्टानों के कारण गर्म होता जाता है. पानी की गर्मी के कारण आस पास की चट्टानों के मिनरल्स पानी में घुल जाते हैं. प्राकृतिक रूप से फिल्ट्रेशन और अवसादन की प्रक्रिया के बाद पानी शुद्ध और रसायन मुक्त हो जाता है.
      3-थर्मल स्पा वॉटर का प्रयोग के लिए अच्छा रहता है. यह विशेष रूप से संवेदनशील त्वचा वालों के लिए लाभदायक है.
      4-थर्मल वॉटर त्वचा को बेहद कोमलता, मगर मजबूती से शरीर के प्रेशर पॉइंट्स और लिम्फ नोड्स को सक्रिय करके आपके पूरे शरीर को नई ताजगी से भर देता है.
      5-सल्फर सल्फाइड्स जोडों के सूजन को कम करता है. आर्टिकुलर कार्टिलिज का पुन: निमार्ण करता है और रीढ की हड्डियों से जुडी चोटों को ठीक करन में सहायक होता है.
      जाने क्या है मालिश करने करने सही तरीका
      ग्रीन टी के गुणकारी तत्वों पर हुए नए शोधों से पता चला है कि यह धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए भी खासी लाभदायक है और इसके सेवन से धूम्रपान करने की लत धीरे-धीरे छूटती जाती है.
      एक नए शोध से पता चलता है कि हरी चाय में पाया जाने वाला एल थियानिन नामक अमीनो एसिड तनाव से मुक्ति दिलाने में अत्यंत कारगर है. डॉ का माना है कि धूम्रपान करने की तलब लगने पर अगर कोई व्यक्ति हरी चाय का सेवन करता है तो उससे भी उसे वैसी ही राहत का अहसास होता है जैसा सिगरेट या बीडी पीने से होता है.
      धूम्रपान छोडने के बाद हरी चाय का सेवन फेफडों को पहुंचे नुकसान से उबरने में मदद करता है और इससे फेफडों का कैंसर होने की आशंका भी कम हो जाती है. उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहद कम हो जाती है और उनमें विटामीन सी और ई, कैल्शियम, फ्लोट, ओमेगा 03 फैटी एसिड इत्यादि का भी अभाव हो जाने से कैंसर होने की अधिक आशंका रहती है. हरी चाय में मौजूद एंटी आक्सीडेंट शरीर के आक्सीडेंट-एंटी आक्सीडेंट संतुलन को बनाए रखने में कारगर रहते है.
      चेहरे को दाग रहित बनाने के लिए आजमाए...
      एनीमिया एक ऎसा रोग है जिसमें शरीर में खून की कमी होती है. यह एक आम समस्या है, जिससे आए दिन हममें से ज्यादातर महिलाएं व युवतियों झेलती ही हैं, थकती हैं और सहती है. वह हैं हेवी पीरियड्स, जिसका भंयकर परिणाम आयरन की कमी में सामने आता है. इसका इलाज सिर्फ एक बार गोली खाकर नहीं किया जाता सकता. इसका तो आपको हर महीने ध्यान रखना होगा.
      एमीनिया के लक्षण शरीर में खून की कमी से आपको जरूरत से ज्यादा नींद आती है. हमेशा उनींदापन और सुस्ती महसूस होती है, पर युवतियों को लगता है कि शायद थकान के कारण ऎसा होता होगा.
      हैल्दी डाइट 
      पालक, मेथी और ताजा हरी सब्जियों खूब मिलती है. तो आप इन सब्जियां व साग लोहे की कडाही में बनाएं. अरबी के पत्तों की सब्जी या पतौड बना कर खाएं. वहीं एक बात यह है कि पालक की तुलना अरबी के पत्तों में 9 गुना आयरने होता है.
      अपने डॉक्टर की सलाह से और डोज तय करें. हो सकता है कि वे शुरूआत मे कम एमजीवाली आयरन की गोलियां खाने को कहेंगे, जो हर मेडिकल स्टोर पर मिलती है. 
      कम हीमोग्लोबिन पाए जाने पर डॉक्टर ज्यादा एमजीवाली आयरन की गोलियां लेने को कहते हैं. अकसर ज्यादा एमजीवाला आयरन सप्लीमेंट पाचन तंत्र में जा कर जग जाता है, क्योंकि आयरन को शरीर धीरे-धीरे सोखता है. इसे खाने के दौरान लेने से कब्ज या लूज मोशन की परेशानी नहीं होगी.
      क्या करे जब जीभ जल जाये तो
      कलौंजी भी आयुर्वेदिक औषधि है, जो हमारे शरीर को कई तरह के रोगों से बचाती है और शरीर के अतिरिक्त वजन को घटाने में मदद करती है. इसे ब्लड प्रेशर भी कम हुआ. सबसे बडी बात यह है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है. इसे महत्वपूर्ण चिकित्सक हर्ब माना जाता है.
      तो आइये जानते हैं काली रंग की दिखने वाली कलौंजी खाने से होने वाले फायदे के बारे में...
      1-कलौंजी में मौजूद एंटी आक्सीडेंट कैंसर जैसी घातक बीमारी से व्यक्ति को बचाव करती है.
      2-जिन लोगों की त्वचा पर सफेद धाग हो गये हों तो उन्हें रोजाना सुबह उठकर मुंह चुटकी भर कलौंजी खानी चाहिए. दागों पर कुछ ही समय में कालापन आता जाएगा.
      3-सर्दी-जुकाम की परेशानी है तो इसके बीजों को गरम कीजिए और मलमल के कपडे में बांधिए फिर इसे सूघते रहिये, दो दिन में ही जुकाम की शिकायत खत्म हो जायेगी.
      4-कलौंजी का तेल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है तथा शरीर को रोगों से बचाता है. कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करता है एवं रक्त को साफ करता है. कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं और त्वचा निखरती है. इस तेल के सेवन से पेट साफ रहता है एवं जोडों के दर्द, सिर दर्द, कमर दर्द आदि में कलौंजी के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है.

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.