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जाने क्यों खड़े हो जाते है रोंगटे

Healths Is Wealth  ·

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रोंगटे खड़े होना किसी व्यक्ति की त्वचा के रोमों के आधार पर अनायास विकसित होने वाले उभार हैं, जो संगीत, डर, ठंड या फिर गहन भावनाओं जैसे भय, विषाद, खुशी, उत्साह, प्रशंसा और कामोत्तेजना का अनुभव करने के कारण प्रकट हो सकते हैं. शरीर पर मौजूद प्रत्येक रोआं मांसपेशियों से जुड़ा होता है.


आइए हम आपको बताते हैं कि रोंगटे क्यों खड़े होते हैं. 


1-व्यक्ति का दिमाग एक केन्द्रीय कम्प्यूटर की तरह शरीर के सभी हिस्सों को संचालित करता है. इसके लिए वह नर्वस सिस्टम की सहायता लेता है. पूरे शरीर में नाड़ियों यानी नर्व्स का एक जाल है. मस्तिष्क से हमारी रीढ़ की हड्डी जुड़ी है, जिससे होकर धागे जैसी नाड़ियां शरीर के सभी हिस्से तक जाती हैं. दिमाग से निकलने वाला संदेश शरीर के हर अंग तक जाता है. 


2-इसमें ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम होता है, इसके दो हिस्से होते हैं - सिम्पैथेटिक और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम. जब आप कोई डरावनी चीज देखते हैं या जोशीला और भावुक संगीत सुनते हैं तब सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम दिल की गति बढ़ा देता है. उसका उद्देश्य शरीर के सभी अंगों तक ज्यादा रक्त पहुंचाना होता है. साथ ही 


3-यह किडनी के ऊपर एड्रेनल ग्लैंड्स से एड्रेनालाइन हार्मोन का स्राव करता है, जिससे मासंपेशियों को अतिरिक्त शक्ति मिलती है. यह इसलिए होता है ताकि आपको उस परिस्थिति का सामना करने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा मिल सके. इसके अलावा शरीर की मांसपेशियां शरीर के रोयों को उत्तेजित करती हैं ताकि शरीर में गर्मी आए. यह प्रतिक्रिया सर्दी लगने पर भी दोहरायी जाती है.
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इन तरीको से मिटाये अपने हाथो की मेहँदी के निशान 



एलर्जी क्या है, कारण और निदानएलर्जी क्या है, कारण और निदान





एलर्जी शरीर की वह स्थिति है जिसमें हमारा प्रतिरक्षी तंत्र किसी गंध,खाद्य पदार्थ,या कोई विशेषतत्व के प्रति अत्यंत संवेदनशील हो जाता है, और किसी भी साधारण कारक के प्रति अत्यंत तीव्र शारीरिक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है जो आगे चलकर रोग का रूप ले लेती है|एलर्जी के काई कारक होते हैं.जैसे कि पराग, किसी घरेलू अथवा अन्य जानवर का बाल, कोई केमिकल अथवा मानव- रचित रसायन, धूल, कई परजीवी और कई बार मौसम में आए हुए परिवर्तन भी इस रोग के कारक बन जाते हैं.


कारण

एलर्जी में आम तौर पर जुकाम जैसे ही लक्षण पाए जाते हैं. सिरदर्द ,बहती नाक, गले में खराश, आँखों से पानी आना, त्वचा पर दाने आना- ये सब एलेर्जी में पाया जाता है, कई बार पेट दुखना ,दस्त होना आदि भी होते है .

निदान 


1 आयुर्वेद के अनुसार एलर्जी का मूल कारण है असामान्य पाचक अग्नि, कमजोर ओज शक्ति, और दोषों एवं धातुओं की विषमता, इसमें भी अधिक महत्व पाचक अग्नि का माना गया है.


2 जब पाचक अग्नि भोजन का सही रूप से पच नही पाती है तो भोजन अपक्व रहता है, इस अपक्व भोजन से एक चिकना विषैला पदार्थ पैदा होता है जिससे आम कहा गया है , यही एलर्जी का मूल है |


3 पानी में ताजा अदरक, सोंफ एवं पौदीना उबालकर उसे गुनगुना होने पर पीयें।, इसे आप दिन में 2-3 बार पी सकते हैं। इससे शरीर के स्रोतसों की शुद्धि होती है एवं आम का पाचन होता है


4 सुपाच्य भोजन करें जैसे लौकी, तुरई, मूंग दाल, खिचड़ी, पोहा, उपमा, सब्जियों के सूप, उबली हुई सब्जियां, ताजे फल, ताजे फलों का रस एवं सलाद इत्यादि.


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: हंसने हँसाने का नाम है इनर जागिंगहंसने हँसाने का नाम है इनर जागिंग





इतनी टेंशन भरी लाइफ में लोगों के पास हँसने हँसाने का भी वक्त नही होता। लेकिन तनाव को दूर करने के लिये हँसने से अच्छी दवाई भला क्या हो सकती है. चाहे कैसे भी स्ट्रेस हो किसी का खिलखिलाता चेहरा देखकर भी हमें अच्छा लगता है तो फिर अगर हम खुद ही हँसेंगे तो सोचिये हम कितना रिलैक्स्ड फील करेंगे। आपने कभी गौर किया होगा की अक्सर सुबह या शाम के वक्त गार्डन और पार्क्स में बहुत से लोग ग्रुप में बैठकर जोर से ठहाके लगाते हैं और तालियां बजाते हैं।

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आप गलत मत समझियेगा पर ऐसे लोगों को कोई मानसिक बीमारी नहीं होती बल्कि वो ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि यह भी एक तरह की एक्सरसाइज है जिसके बहुत से फायदे हैं। यह एक तरह का योग है जिसे दुनिया इनर जागिंग के नाम से जानती है। इसे करने के बाद कितना सुकून मिलता है यह तो आप तभी जान पाएंगे जब आप खुद इसे अपनाएंगे लेकिन इस योग से होने वाले फायदों के बारे में हम आपको जरूर बता देते हैं।


ठहाके लगाने से आपके ब्लड सर्कुलेशन में इजाफा होता है, आपका डाइजेस्टिव सिस्टम सुधरता हैं, आपके फेफड़े अच्छे से काम करने लगते हैं, बॉडी में भरपपुर मात्रा में ऑक्सीजन पहुँचता है। अब इतने फायदों के बाद भी आप जोर से न हँसे तो फिर कब हँसोगे। हँसने भर से आपकी बॉडी की करीबन 600 मसल्स की एक साथ एक्सरसाइज हो जाती है। क्या अब भी आप हंसने से सकुचायेंगे।


हास्य योग के साथ तालियों का भी कॉम्बिनेशन हो जाए तो फिर दोहरे फायदे मिल सकते हैं। आपने एक्यूप्रेशर के फायदों के बारे में तो सुना ही होगा। हमारी हथेलियों में शरीर के हर हिस्से के पॉइंट्स होते हैं जिनपर दबाव देने से हम रिलैक्स फील करते हैं। अगर आप जोर से तालियां बजायेंगे तो आपके सारे पॉइंट्स एक्टिव हो जाते हैं और बॉडी को काफी राहत मिलती हैं।


जाने क्यों खड़े हो जाते है रोंगटे 



वर्क आउट के बाद मसल्स पैन के कारगर इलाजवर्क आउट के बाद मसल्स पैन के कारगर इलाज





अक्सर देखा गया है कि वर्क आउट या फिर एक्सरसाइज के बाद शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द होने लगता है। वर्कआउट के बाद दर्द होना इस बात का संकेत है कि आपने मजबूती से मांसपेशियों को रिपेयर करने का काम किया है। कई बार यह दर्द लगातार वर्कआउट करने से दूर भी हो जाता है। अगर आपके दर्द काफी दिनों तक वैसा ही रहता है तो फिर आको ध्यान देने की जरुरत है।


याद रखें दर्द का मतलब है कि आपकी बॉडी आपके माइंड को मैसेज दे रही है कि उसे रेस्ट चाहिए। अपनी ताकत से ज्यादा वर्कआउट करने पर भी कभी कभी मसल इंजरी हो जाती है। आज आपको बताते हैं कि अगर आपकी मसल्स में ज्यादा पैन होता है तो आप घर पर ही कुछ उपचार करके अपने मसल पैन से छुटकारा पा सकते हैं. स्ट्रेचिंग से काफी फायदा होता है। जब मसल्स रिकवरी मोड में रहती हैं तो इनमें टेंशन आ जाता है और दर्द महसूस होने लगता है। इसके लिए धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग करें। इससे कसाव और दर्द में कमी आएगी।


दर्द वाली मसल्स में मसाज करने से कसाव भी कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे आप जल्दी से रिकवर होते हैं और मसल्स पैन जल्दी खत्म होता है। गुनगुने पानी में स्नान करने से मसल्स को आराम मिलता है और ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है. ऐसा करने से पैन कर रही मसल्स में अधिक ऑक्सीजन और ब्लड पहुँचता हैं इससे दर्द से जल्दी राहत मिलती है। आप हॉट एंड कोल्ड के कॉम्बिनेशन से भी मुश्किले पैन से निजात पा सकते हैं. 15 मिनट के लिए उस जगह पर बर्फ का सेक कीजिये जहां दर्द हो रहा है। इसके बाद 15 मिनट के लिए गरम सेक कीजिये । ऐसा करने से मसल्स जल्दी ही खुद को मजबूत बनाने के साथ-साथ रिपेयर भी होती हैं। ज्यादा पैन होने पर आप कोई पेनकिलर ले सकते हैं लेकिन इनका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए

जाने क्यों खड़े हो जाते है रोंगटे 



हाई ब्लड प्रेशर की वजह बन सकता है नेज़ल स्प्रेहाई ब्लड प्रेशर की वजह बन सकता है नेज़ल स्प्रे


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बदलते मौसम में नाक में खुजली होना, एलर्जी होने आदि के चलते नैज़ेल स्प्रे का उपयोग बढ़ रहा है. लेकिन शायद आप यह नहीं जानते हैं कि नेज़ल स्प्रे के इस्तेमाल के नुकसान भी हैं.


आइये जानते हैं.

यूं तो नेज़ल स्प्रे का इस्तेमाल करते हुए उसके लेबल को पढ़ना जरूरी है. इसके अलावा यदि आपको उच्च रक्तचाप, थायराइड, पेशाब सम्बंधी बीमारी आदि है तो बेहतर है कि नेज़ल स्प्रे से दूर रहें. दरअसल नेज़ल स्प्रे ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है जिससे आपकी तबियत सुधरने की बजाय और बिगड़ सकती है. बहरहाल यह भी ध्यान में रखें कि नेज़ल स्प्रे आपकी सर्दी पूरी तरह ठीक कर दे, यह कोई जरूरी नहीं है.


विशेषज्ञों का मानना है कि नेज़ल स्प्रे अस्थायी रूप से आपकी सर्दी या जुकाम में राहत दे सकता है. लेकिन स्थायी आराम के लिए आपको नेज़ल स्प्रे से दूर रहना चाहिए. बेहतर यही है कि चिकित्सक से ही संपर्क करें. नेज़ल स्प्रे के और भी नुकसान हैं.


मसलन नियमित नेज़ल स्प्रे के उपयोग से नर्वसनेस बढ़ती है. आपको नींद आने में परेशानी होने लगती है. कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि नेज़ल स्प्रे के इस्तेमाल से दूर रहकर आप कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं.


मच्छर के काटने से हो सकती है एलर्जी 



इन कड़वी चीजो से दूर करे अपने सर दर्द की समस्याइन कड़वी चीजो से दूर करे अपने सर दर्द की समस्या





आजकल की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सिर दर्द होना एक सामान्य बात है. हर उम्र के लोग अकसर इसकी शिकायत करते हैं. सिरदर्द सरल घरेलू उपायों द्वारा आसानी से ठीक हो सकता है. इन उपायों की सबसे अच्छी बात यह हैं कि इसमें मौजूद गुण इंफेक्शन से छुटकारा दिलाने के साथ इसे दोबारा होने से रोकते हैं.


1-करेला बहुत की कड़वी सब्जियों में से एक है. जब आप करेला बनाये तो इसमें मिर्च और हल्दी पाउडर पर्याप्त मात्रा में मिलायें, इससे आपको सिरदर्द दूर करने में मदद मिलती हैं. तेजी से बेहतर महसूस करने के लिए इस सब्जी का सेवन दिन में दो बार करें.


2-संतरे के छिलके को अच्छे से क्रश करके इस पाउडर को एक गिलास दूध में मिला लें. इस पाउडर को दूध में अच्छी तरह मिलाकर फिर सेवन करें. खट्टा स्वाद और इस फल में मौजूद घटक से कोल्ड और सिरदर्द से छुटकारा पाने में मदद मिलती हैं.


3-केल कैल्शियम और विटामिन का समृद्ध स्रोत है. कोल्ड के साथ-साथ सिरदर्द दूर करने के लिए केल से बना हेल्दी सलाद बनाये और सेवन करें. इसे बेहतर स्वाद देने के लिए आप इसमें काली मिर्च और नमक मिला सकते हैं.


खीरा पहुँचा सकता है आपकी स्किन को... 



स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है चांगेरी की पत्तियास्वास्थ्य के लिए लाभदायक है चांगेरी की पत्तिया






चांगेरी के पत्तों को अम्लपत्रिका भी कहा जाता है. इसके अलावा इसे त्रिपत्रिका और खट्टी बूटी भी कहा जाता है. इसके पत्ते का स्वाद खट्टापन लिये होता है. यह बारहमास पाई जाने वाली बूटी है.


आइए इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी लेते हैं.


1-अगर आप सिरदर्द की समस्या से परेशान है तो चांगेरी के पत्ते के दर्द दूर करने वाले गुण आपकी इस समस्या को दूर कर सकते हैं. समस्या होने पर चांगेरी के रस और प्याज के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर सिर पर लेप करने से सिरदर्द दूर हो जाता है.

2-दांतों के मजबूती के लिए आप चांगेरी, लौंग, हल्दी, सेंधा नमक और फिटकरी को बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक पाउडर बना लें. फिर इससे नियमित रूप से मंजन करें. इससे मसूड़े मजबूत होंगे. अगर आपके मसूड़ों से पस आ रहा है तो चांगेरी के पत्तों के रस से मसूड़ों की मालिश करें या फिर इसके पत्तों के रस में फिटकरी मिलाकर कुल्ले करें. इसके अलावा चांगेरी के 2-3 पत्तों को मुंह में पान की तरह रखने से मुंह की दुर्गंध मिट जाती है.


3-चांगेरी के पत्ते त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी है. अगर आप चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को दूर करना चाहती हैं तो चांगेरी के पत्तों के रस में सफेद चंदन घिसकर नियमित रूप से चेहरे पर लगाये. इस उपाय से झुर्रियां दूर और आपकी त्वचा स्वस्थ हो जायेगी.


सुशी खाने से हो सकता है नुकसान 


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सौंफ का तेल करता है कई रोगों का उपचारसौंफ का तेल करता है कई रोगों का उपचार






सौंफ को मसालों का राजा जो ना केवल खाने में बल्कि सौंफ का तेल भी कई प्रकार के रोगों का उपचार के लिए काम में आता है.


आइये इसके बारे में विस्तार से जानते है -

1-अगर आपको बालों के झड़ने की समस्या है तो सौंफ का तेल आपके लिए फायदेमंद होता है. नारियल के तेल में इसको मिलाकर इसको लगाए. इसके बाद आप बालों को धोकर कंडीशनर कर लें. इससे बालों के झड़ने और डैंड्रफ आदि की समस्या दूर हो जाती है. इस तेल को लगाने से सिर दर्द, गर्मी व चक्कर आना शांत होता है.


2-यह प्रीमच्योर मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं को भी दर्द, चक्कर और झुंझलाहट भगाकर राहत देता है.सौंफ का तेल समय पूर्व रजोनिवृत्ति या प्रीमेनोपोज़ की समस्याएं दर्द, चक्कर आना या मूड के बदलाव जैसे समस्याओं से राहत दिलाने के साथ माहवारी के रूकने जैसे समस्याओं से जूझने वाली महिलाओं को राहत प्रदान करने में सहायता करता है.


3-सौंफ का तेल सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा, काली खांसी, ब्रोंकाइटिस, ऊपरी श्वास नलिका, आदि के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है.इसके तेल से मालिश करने से जोड़ो का दर्द और डिप्रेशन जैसी तरह-तरह की समस्याएं दूर हो जाती है. 


4-सौंफ के तेल से पेट के विकार दूर होते है. पेट से संबंधित शिकायत होने पर इसकी 2-4 बूंदे कोसे दूध में डाल कर नियमित सेवन करना चाहिए. आपके पेट सम्बंधित रोग दूर हो जायेंगे.सौंफ का तेल मिश्री में मिलाकर हर रोज तीन से चार बार सेवन करने से दस्त की समस्या खत्म हो जाएगी.अगर आपको अधिकतर बदहजमी की समस्या के कारण पेट या सीने में दर्द होता है इस तेल का जादू इस समस्या पर ज़रूर चलेगा.


आलू का जूस करता है किडनी की देखभाल

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ज़ुखाम में ना करे ड्राइविंगज़ुखाम में ना करे ड्राइविंग





अक्सर लोग जुकाम को साधारण सी बीमारी समझकर लापरवाही बरतने लगते हैं. लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए खराब भी हो सकता है.


1-जब सर्दी-जुकाम होता है तो अक्सर नींद नहीं ले पाते, लेकिन इस दौरान ऐसी दवाइयां खानी पड़ती है जिनसे नींद, झपकी और सुस्ती जैसा महसूस होता रहता है. इसका असर ड्राइविंग पर पड़ सकता है. इसलिए, जब आपको ज़ुकाम हो तो ड्राइविंग से बचे ,


2-जब आपको जुकाम हो तो आप ऑफिस न जाएं. अगर आप ऑफिस जाते हैं तो आप अपने जुकाम से दूसरे कलीग्स को भी संक्रमित कर सकते हैं. साथ ही, आराम न मिलने की वजह से आपका जुकाम ठीक होने में भी ज्यादा वक्त लग जाता है. इसलिए, सर्दी-जुकाम के दौरान घर पर ही आराम करें.


3-बहुत से लोग सर्दी-जुकाम होने पर अपने आप अपनी समझ से एंटीबायोटिक्स ले लेते हैं. ऐसा न करें. चिकित्सा का ये नियम है जब तक बीमारी की ठीक प्रकार से पहचान न हो जाए, दवाएं नहीं लेनी चाहिए. हो सकता है जिसे आप आम जुकाम समझ रहे हों, वो किसी और समस्या का लक्षण हो. इसलिए जब आपको जुकाम हो डॉक्टर के पास जाएं. डॉक्टर आपकी जांच करके आपको जो दवाएं दें, केवल उन्हीं का सेवन करें.


4-सर्दी जुकाम में लोग खुद को गर्म रखने के लिए शराब, निकोटिन और मादक द्रव्यों का इस्तेमाल बढ़ा देते हैं. लेकिन इससे आपको अधिक नुकसान होता है. यदि आप सिगरेट का सेवन करते हैं तो ठंड में पहले से सिकुड़ी रक्त नली की संवेदना और कम हो जाती है. इससे हार्ट अटैक, डायबिटिक फुट के रोगियों में पाव के अल्सर व न्यूरोपैथी की शिकायत हो सकती है. साथ ही शरीर की रोग प्रतिरक्षण क्षमता घट जाती है.


क्या है सर्दियों में होने वाली एलर्जी के लक्षण


: खूबसूरत दिखने के कुछ खास तरीकेखूबसूरत दिखने के कुछ खास तरीके





ज्यादातर महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए कॉस्मेटिक पर निर्भर रहती है और सच भी है कि यह कॉस्मेटिक आपको कम समय में खूबसूरत बना देते हैं. लेकिन क्या आप इसे दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में जानते हैं. इन कॉस्मेटिक में कई ऐसी चीजें मिली होती हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं. 


1-खूबसूरत दिखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप फिट रहें. इसके लिए आपको रोजाना व्यायाम की आदत डालनी होगी. इससे शरीर में रक्त संचार बढ़ता है और आप फिट रहते हैं.जब आपको इसकी आदत हो जाएगी तो आप खुद ही बिना व्यायाम किए कुछ अधूरापन महसूस करेंगे.


2-बालों की प्राकृतिक रुप से देखभाल करने के लिए नारियल तेल का प्रयोग करना अच्छा होता है. यह कंडीशनर की तरह काम करता है. नारियल तेल बालों से केराटिन को खोने से बचाता है. नमी बनाए रखने के लिए साथ में शहद मिलाएं. एक छोटे कप में नारियल तेल और शहद मिला लें और गर्म पानी के एक बड़े कटोरे में यह कप रख दें. मिश्रण जब तक गर्म न हो जाए तब तक कप को कुछ मिनट के लिए पानी में ही रखें. इस मिश्रण को बालों पर डालें, लेकिन बालों को तौलिए से लपेट लें. 20 मिनट तक ऐसे ही रहें और फिर धो लें.


3-अगर आप हर रोज कुदरती चीजों से खुद को निखारेंगी तो आपको कॉस्मेटिक की जरूरत कम पड़ेगी. शहद, नींबू का रस और गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो दें. ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का सांवलापन दूर होकर रंग निखर आएगा. नींबू व संतरे के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें. इस पाउडर को हफ्ते में एक बार बिना मलाई के दूध में मिलाकर लगाएं, त्वचा में आकर्षक चमक आएगी.


सुबह करे हेल्थी नाश्ता 



: पतली और छरहरी कमर के लिए बचे इन नाश्तों सेपतली और छरहरी कमर के लिए बचे इन नाश्तों से





पतली और छरहरी कमर के लिए आपको अपने नाश्ते का ध्यान रखना जरूरी है. आपका नाश्ता स्वास्थ्यवर्धक भी होना चाहिए और आपको नुकसान भी नहीं करना चाहिए. इसलिए आपको नाश्ते में ऐसी चीजें खाने से बचना चाहिए जिससे आपको अधिक कैलोरी मिलती हो.


1-आपके दिन की शुरुआत के लिए पैक्ड जूस बिल्कुल भी अच्छा विकल्प नहीं हो सकता. इसमें फाइबर मौजूद नहीं होता और शुगर की मात्रा भी काफी होती है. कई बार इन जूस में नेचुरल शुगर मिली होती है. लिक्विड रूप में नेचुरल शुगर लेने से आपका ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर बहुत बढ़ सकता है. इसलिए जूस पीना छोड़ दीजिए और फल खाना शुरू कीजिए.


2-बहुत से लोग नाश्ते में पैनकेक, मफिन, बेगल, वैफल्स आदि खाना पसंद करते हैं, लेकिन उनमें एक ऐसी चीज बहुतायत में मौजूद होती है जिसके साथ आप अपना दिन शुरू करना नहीं चाहेंगे और वो है मैदा. साथ ही उनमें बहुत कम फाइबर और प्रोटीन होता है. डाइटिंग कर रहे लोगों का एक अध्ययन दर्शाता है कि जो अंडे वाला नाश्ता करते हैं वह 65 प्रतिशत अधिक वजन और खासतौर पर पेट की चर्बी कम कर पाते हैं.


3-नाश्ते में ऐग सैंडविच जिसमें चीज़ भी मौजूद हो, या फिर इंग्लिश मफिन, बहुत लोगों को पसंद होता है. इस तरह के सैंडविच में 300-400 कैलोरी होती है, लेकिन चार गुना ज्यादा तक लो-क्वालिटी कार्बोहाइड्रेट भी होता है. कोशिश करें कि साधारण एड सैंडविच खाएं, वो भी ब्राउन ब्रेड के साथ.


जाने क्यों खड़े हो जाते है रोंगटे

क्या करे जब ततैया मार दे डंकक्या करे जब ततैया मार दे डंक


ततैया के काटने के बाद डंक के कारण त्वचा में जलन, दर्द और सूजन होनी शुरू हो जाती हैं. लेकिन घबराइए नहीं क्योंकि ततैया के डंक को कुछ घरेलू उपचारों के प्रयोग से ठीक किया जा सकता हैं.


1-बेकिंग सोडा ततैया के डंक के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है. बेकिंग सोडा की क्षारीय प्रकृति डंक को बेअसर करने में मदद करती है. यह दर्द और खुजली से तत्काल राहत प्रदान करता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन, दर्द और लालिमा को कम करने में मदद करता है.


समस्या होने पर एक चम्मच बेकिंग सोडा लेकर उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. फिर इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर 5 से 10 मिनट के लिए लगा लें. दस मिनट के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें. अगर जरूरत हो तो इस उपाय को कुछ ही घंटों के बाद दोहराये.


2-सफेद सिरका और सेब साइडर सिरका दोनों ततैया के डंक का प्रभावी तरीके से उपचार करता है. सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को दूर करते हैं. इसके अलावा, यह विष में एसिड को बेअसर कर दर्द और खुजली को दूर करने में मदद करता है.


ततैया के डंक को दूर करने के लिए कॉटन बॉल को कच्चे, अनफिल्टर्ड सेब साइड सिरके या सफेद सिरके में डूबोकर प्रभावित हिस्से पर 5 से 10 मिनट के लिए लगायें. जरूरत पड़ने पर इस उपाय को दोहराये.


ऑलिव आयल से बनाये अपनी हड्डियों को मजबूत 


ब्लडप्रेशर बढ़ने पर पिए कालीमिर्च के साथ गर्म पानीब्लडप्रेशर बढ़ने पर पिए कालीमिर्च के साथ गर्म पानी






आजकल लोगों की जिंदगी का ढंग काफी बदल गया है. मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने बेशक हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इससे हमें कई बीमारियां भी मिली हैं.उच्च रक्तचाप इनमें से एक है. यह बीमारी भले ही छोटी लगती हो, लेकिन हृदयाघात और अन्य हृदय रोग होने का यह प्रमुख कारण है. ऐसे में जरूरी है कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखा जाए.


आइए जानते हैं कुछ ऐसे घरेलू उपाय जो आपके रक्त चाप को संतुलित और नियंत्रित रखते हैं.


हाई ब्लड प्रेशर के लिए घरेलू उपाय


1-नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है. इसलिए हाई बी पी वालों को नमक का प्रयोग कम कर देना चाहिए.


2-लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपाय है. यह रक्त का थक्का नहीं जमने देता है. और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है.


3-एक बडा चम्मच आंवले का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है.


4-जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास मामूली गर्म पानी में काली मिर्च पाउडर एक चम्मच घोलकर 2-2 घंटे के अंतराल पर पीते रहें.


5-तरबूज के बीज की गिरी तथा खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें. इसका रोजाना सुबह एक चम्मच सेवन करें.


35 वर्ष के बाद न खाये ये आहार


इन तरीको से करे प्रोस्टेड कैंसर का घर में इलाजइन तरीको से करे प्रोस्टेड कैंसर का घर में इलाज





प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे बहुत कारगर हो सकते हैं. प्रोस्टेट एक ग्रंथि होती है जो पेशाब की नली के ऊपरी भाग के चारों ओर स्थित होती है. यह ग्रंथि अखरोट के आकार जैसी होती है


1-ब्रोकोली के अंकुरों में मौजूद फायटोकेमिकल कैंसर की कोशाणुओं से लड़ने में सहायता करते हैं. यह एंटी ऑक्सीडेंट का भी काम करते हैं और खून को शुद्ध भी करते हैं. प्रोस्टेंट कैंसर होने पर ब्रोकोली का सेवन करना चाहिए.
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2-अलोवेरा को प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त मरीजों को नियमित रूप से एलोवेरा का सेवन करना चाहिए. एलोवेरा में कैंसररोधी तत्व पाये जाते हैं जो कि कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं.


3-प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त आदमी को नियमित रूप से एक से दो कप ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए. ग्रीन टी में कैंसर रोधी तत्वे पाये जाते हैं.


4-लहसुन में औषधीय गुण होते हैं. लहसुन में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जैसे - एलीसिन, सेलेनियम, विटामिन सी, विटामिन बी. इसके कारण कैंसर से बचाव होता है और कैंसर होने पर लहसुन का प्रयोग करने से कैंसर बढ़ता नही है. 


5-प्रोस्टे़ट कैंसर के उपचार के लिए अंगूर भी कारगर माना जाता है. अंगूर में पोरंथोसाइनिडीस की भरपूर मात्रा होती है, जिससे एस्ट्रोजेन के निर्माण में कमी होती है. इसके कारण प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में मदद मिलती है. 


जाने हानिकारक मछलियों के बारे में 

गाजर का रस करता है झाइयो को दूरगाजर का रस करता है झाइयो को दूर
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तेज धूप में निकलने और हार्मोन में असंतुलन के कारण भी झाइयां होती हैं. अगर आपके चेहरे पर झाइयां हैं तो आपका आत्मुविश्वास इससे प्रभावित होता है.
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झाइयों की समस्या से निपटने के लिए घरेलू उपचार बहुत ही आसान तरीका है. 

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1-चेहरे की झाइयों को दूर करने के लिए आप आधा नीबू व आधा चम्मच हल्दी और दो चम्मच बेसन लीजिए. अब इन चीजों को आपस में अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें. अब इस मिश्रण का मास्क चेहरे पर तीन या चार बार लगाइए. इससे झाइयां समाप्त होंगी. 


2-चेहरे पर ताजे नीबू को मलने से भी झाइयां समाप्त होती हैं. ताजे नींबू को काटकर आराम से चेहरे पर सुबह-शाम लगाइए.


3-सेब खाने और सेब का गूदा चेहरे पर मलना चाहिए, इससे झाइयां दूर होती हैं.


4-रात को नींद न आने से भी चेहरे पर झाइयां पड़ जाती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से धुल लेना चाहिए.


5-एक चम्मच मलाई में तीन या चार बादाम पीसकर दोनों का मिश्रण बना लीजिए. उसके बाद इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करने के बाद सो जाइए. सुबह उठकर इस लेप को बेसन से धुल लीजिए. 2-3 हफ्ते तक इस लेप को लगाने से झाइयां समाप्त हो जाती है.


6-दिन में एक गिलास गाजर का रस बिना नमक-मिर्च मिलाए पीजिए. इससे चेहरा तो सुर्ख होगा ही, साथ ही झाइयां भी समाप्त हो जाएंगी.


बालो में लागए अरंडी का तेल


: रूमेटाइड ऑथराइटिस में इन आहारों का सेवन हो सकता है खतरनाकरूमेटाइड ऑथराइटिस में इन आहारों का सेवन हो सकता है खतरनाक





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रुमेटॉयड आर्थराइटिस ऑटोइम्यून अर्थात स्वप्रतिरोधी तंत्र की असामान्य प्रतिक्रिया के कारण होने वाली बीमारी है, रूमेटॉइड आर्थराइटिस के उपचार में आहार का महत्वपूर्ण स्थान होता है, इसमें कुछ आहारों का सेवन न करें.


रूमेटॉइड आर्थराइटिस में क्या न खाएं-


1-रूमटॉइड आर्थराइटिस में दही का सेवन नहीं करना चाहिये. क्योंकि ऐसे में दही का सेवन करने से यह पेट के स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है.


2-मांस, डिब्बा बंद आहार आर्थराइटिस की तकलीफ को बढ़ाते हैं. हालांकि कुछ शोध यह भी तथ्य देते हैं कि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड एइकोसपेन्टेनॉइक (ईपीए) और डोकोसाहेक्ज़ाएनोइक एसिड (डीएचए) होते हैं जो अकडन, दर्द और सूजन को कम करते हैं. तो इस विषय पर दो राय हैं. 


3-चावल, आलू, गोभी, मूली, सेम, चना, उड़द की दाल, केला, संतरा, नीबू, अमरूद, टमाटर, दही तथा अन्य वायुकारक पदार्थों का सेवन करने से बचें. ये रूमटॉइड आर्थराइटिस के रोगियों के लिये हानिकारक होते हैं. 


4-जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन करना भी रूमटॉइड आर्थराइटिस रोगियों के लिए नुकसानदायक होता है, क्योंकि इससे अतिरिक्त प्रोटीन में मौजूद नाइट्रोजन तत्व जमा हो जाता है, जिस वजह से मांसपेशियों में थकावट आ जाती है. ऐसे खाद्य पदार्थ जो पचने में भारी हों, तले हुए पदार्थ, जंक फ़ूड, ऐरेटेड ड्रिंक्स (कार्बन डाईऑक्साइड युक्त पेय) आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए.


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पाए थ्रेडिंग के दर्द से छुटकारापाए थ्रेडिंग के दर्द से छुटकारा





क्या आप थ्रेडिंग करवाते वक्त होने वाले दर्द से बचने का तरीका जानती है? अगर नहीं जा नतीं तो आज हम आपको कुछ ऐसे छोटे और आसान उपाय बताएंगे जिन्हें आजमाकर आप दर्द से राहत पा सकती हैं.


1-आईब्रो थ्रेडिंग के लिये केवल एक ही पार्लर में जाएं. जिससे आपकी ब्यूटीशियन का हाथ आप पर सेट हो जाए. हर बार अलग-अलग लड़कियों से आईब्रो बनवाने से आपको और भी ज्यादा दर्द होगा क्योंकि वह आपकी आइब्रोज़ पर एक्सपेरिमेंट करेंगी.


2-आइब्रो थ्रेडिंग करवाने से पहले आइब्रो को कसकर पकड़ ले और साथ ही पाउडर लगवाना न भूलें ऐसा करने से दर्द कम हो जाएंगा . थ्रेडिंग करवाने के बाद कुछ बूंद माइस्चराइजर या एस्ट्रिंजेंट लगाने से त्वचा रिलैक्स हो जाती है. 


3-आइब्रो थ्रेडिंग करवाने से पहले उस पर मिंट टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकती है जिससे त्वचा ठंडी हो जाएगी और उसके बाद आप थ्रेडिंग करवा सकती है. आइब्रो थ्रेडिंग करवाने के बाद अगर दर्द ज्यादा होने लगे तो दर्द वाले स्थान पर बर्फ रगड़ने से दर्द से राहत मिलती है .


4-थ्रेडिंग के बाद सूजन से छुटकारा पाने के लिए टोनर लगाएं. थ्रेडिंग करवाने के बाद टोनर का प्रयोग करने से त्वचा में चमक आने के साथ -साथ त्वचा फ्रेश नजर आती है. थ्रेडिंग करवाने के बाद आप उस पर कूलिंग जेल और कोल्ड क्रीम भी लगा सकती हैं. 


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क्या है एक्सपायर्ड मेकअप उसे करने के नुकसानक्या है एक्सपायर्ड मेकअप उसे करने के नुकसान






मेकअप किट सस्ता हो या महंगा उसको सालों साल चलाना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि कॉस्मैटिक्स में केमिकल ज्यादा होता है,


आइए हम आपको बताते हैं एक्सपायर्ड प्रोडक्ट के इस्तेमाल के क्या नुकसान हैं.


1-नियत अवधि के बाद भी अगर मेकअप के सामान का इस्तेमाल किया जाए तो कई तरह की परेशानी होने का खतरा रहता है. पुराने मस्कारा में कई तरह के जीवाणु पनपने लगते हैं. ऐसे में आंखों से पानी आना, आंखे लाल होना और आंखों में खुजली होना आम बात है. ऐसे में तुरंत डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए. अगर संक्रमण का इलाज तुरंत नहीं किया गया तो कॉर्निया पर अल्सर होने का खतरा रहता है. 


2-ज्यादातर मेकअप प्रोडक्ट कम से कम दो साल और आई मेकअप कम से कम एक साल तक चलते हैं. आई मेकअप को 1 साल के बाद इस्तेमाल नहीं करना चाहिये क्योंकि इससे आंखों में इंफेक्शन होने का डर रहता है.


3-कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदते समय अक्सर लोग उसकी एक्सपाइरी डेट पर ध्यान नहीं देते हैं. विंटर क्रीम बच गई तो उसे दोबारा विंटर आने तक संभाल कर रख लिया जाता है. एक्सपाइरी डेट के बारे में सोचते तक नहीं है. सच तो ये है कि ब्यूटी प्रोडक्ट एक्सपायर होने पर उसमें कुछ ऐसे हानिकारक पदार्थ और बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे पिग्मेंटेशन और रैशेज होने की आशंका बढ़ जाती है. 


4-महिलाएं अक्सर महंगे सौंदर्य उत्पादों को खरीद तो लेती हैं लेकिन फिर उन्हें कीमती खजाने की तरह संभाल कर रखने की इच्छुक रहती हैं. इस तरह कई बार मेकअप के कई सामान बिना इस्तेमाल के ही खराब हो जाते हैं.एक्सपायर्ड कॉम्पैक्ट पाऊडर के प्रयोग से चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ जाते हैं.


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घर में बनाये अपना ब्यूटी प्रोडक्टघर में बनाये अपना ब्यूटी प्रोडक्ट



लंबे समय तक ब्यूटी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से आपकी त्वचा के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य को भी नुकसान हो सकता है, इसलिए हम आपके लिए लाये हैं, ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट जिन्हें आप आसानी से घर में बना सकते हैं.


लिप बाम



सामग्री- बादाम का तेल 1 बड़ा चम्मच, 3 बड़े चम्मच नारियल तेल, 1/4 ग्रेट की वैक्स , 2 बड़े चम्मच कोको बटर
एक कंटेनर में सभी सामग्री को मिलाये. फिर इस कंटेनर को पानी से भरे बड़े बर्तन में डालें. इसे कम आग पर तब तक पकाये जब तक कि यह पिघल न जाये. फिर ठंडा होने पर इसे छोटे कंटेनर में डाले और नियमित रूप से इसका उपयोग करें.



मेकअप रिमूवर



सामग्री-3 बड़े चम्मच अंगूर के बीज का तेल, 1 बड़ा चम्मच कैस्टर ऑयल
इन दोनों तेलों को अच्छी तरह से मिक्स होने तक मिलाये. फिर इसे किसी बोतल में स्टोर करके रख दें, और अच्छे परिणाम पाने के लिए इसका इस्तेमाल नियमित रूप से करें.



फेस पैक



सामग्री-2 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर (हल्दी), 3 बड़े चम्मच शहद, 2 बड़े चम्मच दूध


इन सब चीजों को अच्छी तरह से मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बन लें. और हर रोज सोने से पहले इस पैक को चेहरे पर लगाये. सूखने तक इसे चेहरे पर लगा रहने दें, फिर इस पानी से धो लें. आप इस पैक को बनाकर फ्रिज में भी रख सकते हैं. 


खाने में ज़रूरी है संतुलन 



अपने बच्चो को सिखाये ये बातेअपने बच्चो को सिखाये ये बाते





बच्चे की परवरिश उसके माता-पिता की जिम्मेदारी होती है. वो अपने बच्चे को ऐसी बातें सिखाते समझाते हैं जो जिंदगीभर उनके काम आए. ऐसी ही कुछ बातें हम यहां सांझा कर रहे हैं, जो हर अभिभावक को अपने बच्चे को समझानी चाहिए.


1-बड़ों का सम्मान करना एक ऐसी चीज है जो धीरे-धीरे समाज से खत्म हो रहा है. एक समय था जब उम्र में छोटे लोग बड़ों के सामने बैठते तक नहीं थे. अपने बच्चों को जब आप जिंदगी और उसे जीने के तरीके समझाएं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपके बच्चे को बड़ों का सम्मान करने की अच्छी आदत पड़ जाए.


2-किसी को सॉरी कहने का यह मतलब नहीं कि आप कमजोर हैं बल्कि यह आपके मजबूत चरित्र को दर्शाता है. बच्चे के लिए आप खुद मिसाल बनें और उन्हें सिखाएं कि रिश्ते बहस से बढ़ कर होते हैं. इससे आपके बच्चे की जिंदगी बहुत आसान हो जाएगा.


3-बच्चों को समय की कीमत जरुर समझानी चाहिये. इसकी शुरूआत बच्चे के स्कूल की शुरुआत के साथ की जानी चाहिए. इससे वे अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण कामों में कभी भी देर से नहीं पहुंचेगें. समय की पाबंदी आने से उनकी जिंदगी में आगे के बहुत से काम आसानी से हो जाएंगे.


4-अपने बच्चे को खाने के तौर-तरीके सिखाना न भूलें. युवावस्था में उन्हें जो चीजें सिखाई जाएंगी, वह उनके साथ जीवन भर रहेंगी. जिंदगी में आपके बच्चे को न जाने कहां और किस किस के सामने खाना खाना पड़ सकता है. अगर उसे ये बेसिक चीज भी नहीं आती होगी तो वो शर्मिंदा होगा.


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