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jankari355 356 स्वप्नदोष से मुक्ति दिलाएंगे यह कारगर घरेलु उपाय

    अक्सर युवाओ को स्वप्नदोष जैसी समस्याओ से गुजरते देखे जाता रहा है. अगर आप भी इस समस्या से गुजर रहे है तो आप बिलकुल सही लेख पढ़ रहे है. इस लेख के जरिये हम आपको स्वप्नदोष से निजात पाने के कुछ कारगर घरेलु उपाय बताने जा रहे है.
    - रोजाना आंवले का मुरब्बा खाने से स्वप्नदोष की समस्या से राहत मिलती है.
    - 10 ग्राम धनिये के बीज को पीस कर इसका चूर्ण तैयार कर ले, अब रोजाना नियमित रूप से एक गिलास पानी के साथ इसका सेवन करे.
    - मिश्री और सूखे धनिये को पीस कर इसका चूर्ण तैयार कर ले. अब रोजाना एक गिलास पानी के साथ आधा चम्मच इस चूर्ण का सेवन करे. इससे स्वप्नदोष से मुक्ति मिल जाती है.
    - जामुन की गुटली को पीस कर इसके चूर्ण को रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ ले. इससे स्वप्नदोष की समस्या ऐसे निजात मिलती है.
    - अनार के छिलके भी स्वप्नदोष की समस्या में काफी कारगर होते है. अनार के छिलको को पीस कर चूर्ण तैयार कर ले, और रोजाना सुबह शाम पानी के साथ इसका सेवन करे. फायदा होगा.
    - कच्चे लहसुन की 1 से 2 कलियों को पीस कर निगलने से भी स्वप्नदोष की समस्या से निजात मिलता है.
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    आज की इस दुनिया में मोटापा सबसे बड़ी हेल्थ समस्या बन के उभरा है. मोटापा कई गंभीर बिमारियों का कारण है. ऐसे में इसकी रोकथाम काफी ज़रूरी हो जाती है. अन्यथा आप कई गंभीर जानलेवा बिमारियों के शिकार हो जाते है.
    आज हम आपको कुछ ऐसी ही गंभीर बिमारियों के बारे में बताने जा रहे है. जो मोटापे के चलते आपको अपनी चपेट में ले सकती है.
    - पेट पर जमा फैट हमारे शरीर में साइकोटिन केमिकल बनने लगता है. जिस वजह से हमारे हार्ट पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
    - बढे हुए पेट की वजह से हमारे शरीर से इन्सुलिन लेवल कम होने लगता है. जिसके चलते डयबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है.
    - मोटापा बढ़ने से हमारे शरीर में सेल्स भी बढ़ने लगते है. इसके साथ ही कैंसर सेल्स बढ़ने की भी संभावनाए बानी रहती है.
    - मोटापे के चलते रात को सोते समय खर्राटे आने के साथ ही अनिंद्रा की समस्या से भी गुजरना पड़ता है.
    - पेट पर जमा फैट आपके डाइजेसन पर भी असर डालता है. जिसके चलते पेट दर्द और कब्ज़ की समस्या होने लगती है.
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  • हमारे आसपास प्रकृति ने इतने फल, फूल, खनिज,लवण ,अनाज,जड़ीबूटियां दी है जिनके उपयोग से हम हमारी स्वास्थ समस्या का स्वयमेव निदान ढूढ़ सकते है| आइये जाने ऐसे नुस्खों को। 
    1 कान में नीम का तेल डालने से कान दर्द या बहने की समस्‍या ठीक हो जाती है।
    2 हल्दी में मौजूद पीला रंग का करक्यूमिन (Curcumin)सूजन दूर करता है।
    3 टमाटर के एसिडिक कटेंट ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करते हैं इसलिए वो त्वचा का  कालापन कम करने में मदत्त करता  है।
    4 हल्‍दी में पाया जाने वाला लिपोपोलिसेकराईड तत्‍व हमारे इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाकर बीमारियों से रक्षा करता है।
    5 किशमिश में फायबर और नैचुरल लक्सएटिव्ज होता है, कब्स दूर करने के लिये एक मुट्ठी किशमिश को पूरी रात पानी में भिगोएं और सुबह खाली पेट इसे खाएं।
    6 मुंहासों को दूर करने के लिए जायफल भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए साफ पत्थर पर पानी डालकर जायफल घिसकर लेप को कील-मुंहासों पर लगाएं।
    7 आलू की पतली स्लाइस काटकर उन्हें आंखों पर 20 से 25 मिनट रखें। इसके बाद चेहरा को अच्छे से साफ कर लें ऐसा  सप्ताह भर करने से डार्क सर्किल नहीं पड़ेंगे । 
    8 गुलाब जल की मदद से डार्क सर्कल की समस्या से निजात पा सकते हैं। बंद आंखों पर गुलाब जल में भिगोई हुई रूई को आंखों पर रखें। ऐसा केवल 10 मिनट तक करें। ऐसा करने से आंखों के आस पास की त्‍वचा चमक उठेगी।



  • भारतीय पाक परंपरा में तिल का स्थान अनाज, मसाले ,औषधि और खाद्य तैल के रूप में प्रयोग होता है| सर्दियों के मौसम में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर सक्रिय रहता है। तिल में कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्‍प्‍लेक्‍स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्‍व पाये जाते हैं। तिल का सेवन करने से तनाव दूर होता है और मानसिक दुर्बलता नही होती।
    आइये जाने तिल खाने से होने वाले अन्य लाभ :-  
    1 तिल का प्रयोग मानसिक दुर्बलता को कम करता है, जिससे आप तनाव, डिप्रेशन से मुक्त रहते हैं |
    2 तिल को कूटकर खाने से कब्ज की समस्या नहीं होती, साथ ही काले तिल को चबाकर खाने के बाद ठंडा पानी पीने से    बवासीर में लाभ होता है।  
    3 मुंह में छाले होने पर, तिल के तेल में सेंधा नमक मिलाकर लगाने पर छाले ठीक होने लगते हैं।   
    4 सूखी खांसी होने पर तिल को मिश्री व पानी के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।  
    5 तिल के तेल को लहसुन के साथ गर्म करके, गुनगुने रूप में कान में डालने पर कान के दर्द में आराम मिलता है।   
    6 सर्दियों में तिल का सेवन शरीर में उर्जा का संचार करता है, और इसके तेल की मालिश से दर्द में राहत मिलती है।  
    7 तिल, देशी घी, कपूर मिलाकर जले वाले स्‍थान पर लगायें, जले  पर फोफ्ला नहीं पडेगा और जले का दाग के निशान भी मीट जाएंगे |

  • Kiss को प्यार की शुरुवात के तौर पर देखा जाता है. यह इंसान को खुश, रोमांटिक, उत्तेजित और आरामदायक एहसास करवाता है. आज हम आपको Kiss करने के कुछ बेस्ट तरीको के बारे में बताने जा रहे है
    Beginners Kiss: इस तरह की Kiss में अपने साथी के होंठो को हलके से दबा कर लॉलीपॉप की तरह आनंद लिया जाता है. इसके बाद गाल, कान और गर्दन को चूमकर इस Kiss को अंजाम दे.
    Butterfly Kiss: इस Kiss के जरिये आप अपने साथी के प्रति अपने जुनून, प्यार और स्नेह को दर्शा सकते है. इस Kiss के दौरान आपको अपने साथी के बिलकुल नजदीक जाकर उसकी आँखों में ऑंखें डाल कर Kiss करे.
    Saliva Kiss: इस Kiss में होंठो के साथ आपको अपनी जीभ का भी इस्तेमाल करना होता है. Kiss के दौरान आप अपनी जीभ से अपने साथी के होंठो के रस का आन्नद ले सकते है.
    French Kiss: यह Kiss दुनिया भर के कपल्स की पसदिदा Kiss में से एक है. इस Kiss में आपको अपने साथी के होंठो को Kiss करने के साथ ही जीभ को अपने साथी के मुह में हर तरफ घूम कर लिपलॉक का आनंद ले.
    Lovers Pass Kiss: इस किस में प्रेमी अपनी उत्तेजना दर्शाते है. आप बर्फ का टुकड़ा, चॉकलेट या फल का टुकड़ा अपने होंठो में दबाकर अपने साथी के होंठो पर चुम्बन कर सकते है.
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    वर्कआउट आजकल सभी की लाइफ का हिस्सा बन चूका हैं. आजकल का युथ वर्कआउट को लेकर दीवाना है और सुबह उठने के बाद सीधे जिम या फिर ग्राउंड में एक्सरसाइज करने पहुँच जाता है। सुबह का वक्त एक्सरसाइज करने के लिए बेस्ट है लेकिन अगर आप देर से सोते हैं या फिर सुबह के वक्त समय नहीं निकाल पाते तो फिर मॉर्निंग वर्कआउट शायद पॉसिबल नहीं होगा।
    आपको फ़िक्र करने की जरुरत नहीं है क्योंकि आप रात में भी वर्क आउट कर सकते हैं. रात में वर्कआउट के भी बहुत से फायदे हैं. देर रात जागने वालों के लिए रात का समय परफेक्ट है। इस समय वे पूरे लगन से वर्कआउट करते हैं। वे किसी भी तरह की हड़बड़ी में नहीं होते। अतः वर्कआउट करने में पूरा ध्यान देते हैं। रात को वर्कआउट करने से हमारा शरीर तेजी से टोन-अप होता है।
    शाम के समय मांसपेशियों में सुबह की तुलना में ज्यादा ताकत होती है और ये बेहतर ढंग से काम करने में सक्षम होते हैं। आप अकसर नींद न आने की शिकायत करते हैं तो अच्छी नींद के लिए रात को रनिंग का सहारा भी ले सकते हैं। जितना ज्यादा दौड़ेंगे, शरीर उतना ही थकान महसूस करेगा। रात को वर्कआउट किया जाए तो इसका असर नींद पर भी देखने को मिलता है। शाम को टेस्टोस्ट्रोन में इजाफा होता है। नतीजतन इससे शरीर में फुर्ती आती है। अतः शरीर को टोन-अप होने में मदद मिलती है।
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    आज हम आपको पुरुषो के लिंग से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे है.
    - वेसे तो पुरुषो के लिंगे में कोई हड्डी नहीं होती है. लेकिन पुरुषो के लिंग में ऐसी मांशपेशियां होती है जो सम्भोग के दौरान उत्तेजना की वजह से काफी सख्त हो जाती है. ऐसे में सम्भोग के समय जोर-जबरदस्ती करने से यह ज्यादा जोर से हस्थमैथुन करने से लिंग में फ्रैक्चर भी हो सकता है. जिसके चलते आप नपुंसक भी हो सकते है.
    -ठंडा पानी आपके लिंग के लिए काफी हानिकारक होता है. नहाते समय लिंग के नीचले हिस्से में ठंडा पानी लगने से वीर्य बनना बन्द हो जाता है. ऐसे में आप नपुंसकता के शिकार हो सकते है.
    - आपको शायद जानकार हैरानी होगी हमारे दिमाग के एक हिस्सा होता है जो केवल हमारे लिंग को ही नियंत्रित करता है. उत्तेजित होने पर यह नर्वस‍ सिस्‍टम के माध्‍यम से लिंग को संकेत देता है.
    - जैसा की हमने बताया सम्भोग के समय लिंग की मांशपेशियां काफी सख्त हो जाती है. लेकिन अगर रोजाना इस नहीं हो पा रहा है तो यह किसी गम्भीरत बीमारी के लक्षण हो सकते है. इस बीमारी को इरेक्‍टाइल डाइसफंशन कहा जाता है.
    - अगर आपका लिंग केले की तरह मुदा हुआ है तो तुरंत सावधान हो जाइये. यह एक गंभीर बीमारी है. जिसका नाम पेयरोनी है.
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    मुलेठी (Liquorice/Mulethi) रेशेदार, गन्धयुक्त मीठी लकड़ी का तना एवम छाल होती है, मुलेठी मीठी तथा ठण्डी होती है| यह खांसी में विशेष लाभकारी है। इससे कफ पिघलकर बाहर निकल जाती है। मुलहठी में 50 प्रतिशत पानी होता हैं। इसमें मुख्य घटक `ग्लिसराइजिन´ हैं, जिसके कारण यह खाने में मीठा होता है, जो 5 से 20 प्रतिशत विभिन्न प्रजातियों में पाया जाता है।मुलेठी बहुत गुणकारी औषधि है। मुलेठी के प्रयोग करने से न सिर्फ आमाशय के विकार बल्कि गैस्ट्रिक अल्सर के लिए फायदेमंद है। इसका पौधा 1 से 6 फुट तक होता है। यह स्‍वाद में मीठी होती है इसलिए इसे यष्टिमधु भी कहा जाता है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। सूखने पर इसका स्‍वाद अम्‍लीय हो जाता है।
    आइये जाने मुलेठी का अन्य लाभ :- 
    1 गले में खराश हो या खांसी, मुलेठी चूसने से इसमें राहत मिलती है। 
    2 मुलेठी को काली-मिर्च के साथ खाने से कफ ढीला होता है। सूखी खांसी आने पर मुलेठी खाने से फायदा होता है। इससे खांसी तथा गले की सूजन ठीक होती है।
    3 इसमें पानी की मात्रा 50 प्रतिशत तक होती है। मुंह सूखने पर बार-बार इसे चूसें। इससे प्‍यास शांत होगी।
    4 मुलेठी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। मुलेठी का एक ग्राम चूर्ण नियमित सेवन करने से स्त्रियां, अपनी, योनि, सेक्‍स की भावना, सुंदरता को लंबे समय तक बनाये रख सकती हैं।
    5 मुलहठी  को पीसकर घी के साथ चूर्ण के रूप में हर तरह के घावों पर बांधने से शीघ्र लाभ होता है।
    6 10-10 ग्राम मुलहठी विदारीकंद, तज, लौंग, गोखरू, गिलोय और मूसली को लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण लगातार 40 दिनों तक सेवन करने से नपुंसकता का रोग दूर हो जाता है।
    7 खाना खाने के बाद यदि खट्टी डकारें आती हैं, जलन होती है तो मुलहठी (Liquorice/Mulethi) चूसने से लाभ होता है। भोजन से पहले मुलहठी ) के 3 छोटे-छोटे टुकड़े 15 मिनट तक चूसें, फिर भोजन करें|
    महिलाओ की योनि के बारे में कुछ ऐसी बातें है जो शायद आपको नहीं पता होगी. आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे है.
    - वेसे तो महिलाओ की योनि का आकार 3 से 4 इंच होता है, लेकिन ऑर्गेज्म के समय यह आकार 200 फीसदी तक बढ़ जाता है.
    - महिलाओ की योनि से आने वाली गंध खानपान पर निर्भर करती है और यह हर महिला में अलग किस्म की होती है.
    - महिलाओ को अपनी योनि को साफ़ करने को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए, उनकी योनि से एक ख़ास तरह का पदार्थ स्रावित होता है. जो महिलाओ की योनि की सफाई करता है.
    - महिलाओ की योनि का पीएच 4 है. जो टमाटर, शराब और बीयर के बराबर है.
    - ३० साल की महिलाओ की योनि एक किशोरी की योनि के मुकाबले दोगुनी बड़ी होती है.
    - महिलाओ की योनि में नेचुरल लुब्रिकेंट्स पाया जाता है. जिसकी मदद से सेक्स सम्बन्ध बनाने में आसानी होती है.
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    यह बात जगजाहिर है की महिलाए पुरुषो की तुलना में सेक्स में काफी कम रूचि लेती है. जिसके कई कारण हो सकते है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने जा रहे हे.
    - कई बार रिश्तो में भावनात्मक कमी के चलते महिलाए सेक्स सम्बन्ध में रूचि लेना कम कर देती है.
    - अतीत में हुई किसी छेड़छाड़ की घटना या शोषण के चलते भी ऐसा हो सकता है.
    - घरेलु हिंसा के चलते भी महिलाए सेक्स में रूचि नहीं लेती है.
    - तनाव की स्थिति में महिलाओ की यों इच्छा में कमी देखि जाती है.
    - महिलाए अनचाहे गर्भ के खतरे की वजह से भी सेक्स में ज्यादा रूचि नहीं लेती है.
    स्वप्नदोष से मुक्ति दिलाएंगे यह कारगर घरेलु उपाय
    हम में से अक्सर बहुत से लोगो ने ये बात सुनी होगी कि जो इंसान सेक्स नहीं कर पाता तो उसके बारे में यही बोला जाता है कि इसकी उम्र हो गयी या फिर वो बूढ़ा हो गया है. सीधी सी बात है कि सेक्स करने वाले जवान माने जाते हैं. वैसे यह बात सही है कि सेक्स आपको जवान बनाने में मदद करता है. ऐसा माना जाता है कि सेक्स से ना सिर्फ व्यक्ति का मन खुश रहता है बल्कि वह कई भयंकर बीमारियों से भी बच जाता है।
    सेक्स के फायदे भी तो बहुत है. सेक्स से न सिर्फ तनाव मुक्त रहा जा सकता है बल्कि यह युवा बनाने में भी बहुत सहायक है। सेक्स न सिर्फ आपको युवा बनाता है बल्कि आपकी बॉडी को भी फिट रखता है और आपको खूबसूरत बनाता है सेक्स से शरीर और मांसपेशी तो मजबूत होती ही हैं, नींद भी बहुत अच्छी आती है। सेक्स बेहतर फिटनेस फॉर्मूलों में से एक है। सेक्स कई रोगों की दवा तो है ही साथ ही इससे संबंधों को सफल बनाने में भी मदद मिलती है।
    सेक्स के माध्यम से मोटापा, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। ये वो बीमारियां हैं जो इंसान को उम्र से पहले ही बीमार बना देती है। सेक्स दिल की बीमारियों से तो बचाता ही है साथ ही पर्सनेलिटी डवलपमेंट में बहुत सहायक है। सेक्स के दौरान न सिर्फ एरोबिक्स क्रियांए की जा सकती हैं, बल्कि यह दिमाग और तन-मन को चुस्त-दुरूस्त रखता है। पुरूषों में जहां सेक्स से अधिक फुर्ती आती है, वहीं महिलाएं अधिक लचीली और सुडौल हो जाती है।
    मुलायम एड़ियों के लिये अपनाये ये उपाय
    उलटी शरीर के विष और अन्य आततायी विषाणु के प्रति शरीर की एक स्वाभाविक प्रतिक्रया है | इसमें पेट में रखा खाना शारिरिक प्रतिक्रियाएं के कारण मुह से बहार आ जाता है | ये अत्यंत उबाऊ और थका देने वाला अनुभव होता है |
    आइये जाने उलटी रोकने के उपाय :- 
    1 बार-बार उल्टी हो रही हो तो, बर्फ चूसना शुरु कर दें।
    2 बस में सफर करते समय जिन्हे उल्टियाँ होती है, उन्हें भी मुंह में एक लौंग रखकर चूसना लाभप्रद रहता है।
    3 चार नींबूओं का रस, 50 ग्राम सेंधा का नमक, 125 ग्राम जीरा डालकर भीगने के लिए रख दें I जब नींबू का रस सूख जाये और केवल सुखा जीरा ही बचें तब उसे निकाल कर किसी डिब्बे में भरें के रख लें I दिन में तीन बार इसका आधा – आधा चम्मच सेवन करें
    4 एक कागजी मिम्बु के दो टुकड़े कर ले। उन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर लगा ले और धीरे-धीरे चूस ले। देखते ही देखते जी मिचलाना कै होना, उल्टी होकर चक्कर आना मिटता है।
    5 जब किसी दवा से वमन बंद न हो तो चुने का पानी एक चम्मच, दूध 125 ग्राम में मिलाकर दिन में दो बार पिए। इससे ज्वर की वमन, पीले बुखार की काली वमन भी बंद होती है। 
    6 बारह ग्राम धनिया ( तीन चम्मच ) के चूर्ण को 250 ग्राम पानी में एक घंटे के लिए भिगो दे। स्वाद के लिए एक चम्मच मिश्री का चूर्ण भी मिला सकते है। एक घंटे बाद छानकर, एक-एक घंटे से बच्चो को एक चाय का चम्मच और बड़ो को एक ओंस ( 30 ग्राम ) की मात्रा से पिलाने से उल्टी रुक जाती है।
    7 उल्टी महसूस होने पर थोड़ा सा अदरक का टुकड़ा अपने मुंह के अंदर रख ले और धीरे-धीरे चबाते रहें।
    8 उल्टी रोकने का एक और तरीका है पुदीने की चाय बनाकर पी लें। पुदीने की पत्तितयों के सेवन से भी उल्टी को रोका जा सकता है।
    9 आप थोड़ी सी दालचीनी का टुकड़ा पानी में उबाल लें और फिर उसमें शहद मिला लें, ऐसे धीरे पिये , उलटी बंद हो जाएगी |
    पैसे कमाने और कंपीटिटिव लाइफ को लीड करने के चक्कर में इंसान ने हेल्दी लाइफस्टाइल को बहुत पीछे छोड़ दिया है जिसका सबसे अधिक नुकसान हमारी हेल्थ को हुआ है। ऐसे में आज की बिजी लाइफ में खुद को स्वस्थ रखना किसी चैलेंज से काम नहीं दिखता है। कुछ टिप्स अपनाकर आप भी फिट रह सकते है बस जरुरत है तो इन्हें अपनी रोजमर्रा की ज़िन्दगी का हिस्सा बनाने की. खाना वहीं खाएं जिसमें कम फैट और फाइबर ज्यादा हो।
    फलों और सब्जियों में ऐसा ही रेश्यो रहता है। इससे न केवल वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है बल्कि आप कई बीमारियों से भी दूर रहते हैं। डेली रूटीन में एक्सरसाइज को जरूर शामिल करें। एक्सरसाइज से आप हार्ट डिसीज़ , कोलन कैंसर, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। हल्की फुल्की शारीरिक गतिविधियां जरूर करते रहें। इनसे शरीर में लचीलापन बना रहता है। सिगरेट पीने की लत या शौक है तो संभल जाइये। स्मोकिंग करने से कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा होता है।
    इसे छोड़ने की पूरी कोशिश करें। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्राल को कंट्रोल करने के लिए नमक और शराब का सेवन कम से कम मात्रा में करें। अपनी बॉडी की जांच करवाना भी उतना ही जरूरी है. इससे आपके पता चलता है कि आपको कौनसी बिमारी है या फिर किस चीज की कमी है। सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप टेस्ट, ग्लूकोज की जांच, ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी, हार्मोन टेस्ट, यूरीन टेस्ट, सीबीसी जैसे टेस्ट डॉक्टर की सलाह पर करवाने चाहिए ताकि अगर कोई बिमारी है तो वो फर्स्ट स्टेज पर ही पकड़ में आ जाए।
    चावल का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जा सकता है. दरअसल, माड़ के इस्तेमाल से त्वचा की रंगत निखरती है. चेहरे के दाग-धब्बों और झुर्रियों को भी दूर करने में भी चावल पकने के बाद बचा पानी मददगार होता है. इसके अलावा माड़ से त्वचा में कसावट आती है और पोर्स टाइट होते हैं. इसमें लवण , विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट की पर्याप्त मात्रा होती है , जिससे त्वचा में नमी बरकरार रहती है. इन खूबियों के चलते यह माड़ एक अच्छा क्लींजर भी है.
    जानिए इसके इस्तेमाल का सही तरीका:
    1-एक कप चावल को अच्छी तरह साफ कर लें और पानी से धो लें.
    2-अब चावल वाले बर्तन में ही इसे पकाने के अनुपात से पानी डालें. इसे चावल की मात्रा से दोगुने से थोड़ा ज्यादा रखें और इस आधे घंटे के लिए बर्तन को ढककर रख दें. इससे चावल में मौजूद पोषक तत्व पानी में घुल जाएंगे. आधे घंटे के बाद इस बर्तन को गैस पर रख दें और चावल पकने दें.
    3-चावल पकने के बाद उसका माड़ निकाल लें और इस पानी को ठंडा होने दें. बाद में इस पानी से अपने चेहरे पर हल्के हाथ से मसाज कर लें.
    4-करीब 10 मिनट मसाज के बाद इसी पानी से अपना चेहरा धोकर साफ सूखे कपड़े से चेहरा पोंछ लें. आपको त्वचा में आया बदलाव तुरंत नजर आएगा.
    चेहरे पर बर्फ लगाने से डार्क सर्कल दूर हो जाते हैं और चेहरा हमेशा तरोताजा बना रहता है. अगर आपको बहुत अधिक मेकअप लगाना पसंद नहीं है तो आपको नियमित रूप से बर्फ का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा करने से चेहरा हमेशा फ्रेश बना रहता है.
    1-आप चाहते हैं कि आपका मेकअप ज्यादा वक्त तक टिका रहे रहे तो मेकअप करने से पहले बर्फ अप्लाई कर लें. बर्फ अप्लाई करने  के बाद चेहरे को मुलायम कपडे से सुखा ले और इसके बाद मेकअप लगाए . ऐसा मेकअप लंबे समय तक बना रहता है.
    2-चेहरे पर बर्फ लगाने से चेहरा सौम्य और शीतल बना रहता है. साथ ही ये सनबर्न में भी राहत देता है. अगर आप टैनिंग की समस्या से जूझ रहे हैं तो भी ये एक कारगर उपाय हो सकता है. दिनभर में एकबार भी ऐसा कर लेना फायदेमंद होगा.
    3-चेहरे पर बर्फ लगाने से ब्लड-सर्कुलेशन बढ़ जाता है जिससे चेहरे पर चमक आती है. साथ ही ये रिंकल और बढ़ती उम्र के निशान कम करने में भी मददगार होता है. अगर आपको और बेहतर परिणाम चाहिए तो आप फ्रूट जूस को आइस क्यूब ट्रे में डालकर जमा लीजिए और फिर उसे चेहरे पर अप्लाई कीजिए.
    4-आंखों के नीचे के काले घेरों को दूर करने के लिए तरह-तरह के उत्पाद बाजार में मौजूद हैं. पर आप चाहें तो बर्फ का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये कारगर होने के साथ ही सुरक्षित भी हैं. अगर आपको बेहतर परिणाम चाहिए तो आप खीरे के रस और गुलाब जल को आइस क्यूब ट्रे में डालकर जमा सकते हैं. इसके इस्तेमाल से डार्क सर्कल की समस्या बहुत जल्दी दूर हो जाएगी.
    यूं तो बाल स्ट्रेट कराने के लिए आमतौर पर लेडीज ब्यूटी पार्लर जाती हैं, लेकिन केमिकल प्रोडक्ट्स की बजाय इन घरेलू तरीकों से भी स्ट्रेट हेयर पाए जा सकते हैं – 
    1-कोकोनट मिल्क का इस्तेमाल करने से बाल स्ट्रेट होते हैं. इसके अलावा ये बालों को कोमल मुलायम और चमकदार भी बनाता है. इसके एंटी-बैक्टीरियल एंटी-फंगल और पोषक गुण बालों का संपूर्ण पोषण करते हैं.
    2- एक साफ कटोरी में कोकोनट मिल्क और नींबू के रस की कुछ बूदें मिला लें. 
    3- इस कटोरी को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दीजिए. फ्रिज से निकालने के दौरान देख लीजिए कि इसके ऊपर एक क्रीमी लेयर आ गई हो. 
    4- इस क्रीम से बालों पर करीब 20 मिनट तक मसाज कीजिए और 20 मिनट के लिए छोड़ दीजिए. 
    5- हल्के गर्म पानी में तौलिया डुबोकर बालों पर बांध लें. 
    6- इसे इसी तरह 30 मिनट के लिए छोड़ दीजिए. 
    7- बालों को किसी माइल्ड शैंपू से साफ कीजिए. 
    8- उसके बाद जब बाल हल्के गीले हो तभी कंघी कर लीजिए.
    ब्लैकहेंड्स दूर करने के लिए कई तरह की दवाइयां और क्रीम बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन बेहतर होगा कि आप घरेलू उपाय अपनाएं. आपके किचन में ऐसी कई चीजे है  जिनके इस्तेमाल से आप ब्लैकहेड्स को बहुत आसानी से दूर कर सकते हैं.
    1-आपके किचन के मसालों में से एक दालचीनी भी ब्लैकहेड्स दूर करने के लिए बहुत उपयोगी है. दालचीनी को हल्दी और नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाने से फायदा होगा.
    2-नींबू का रस दाग-धब्बों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. इससे ब्लैकहेड्स आसानी से निकल जाते हैं. नींबू में मौजूद पोषक तत्व और विटामिन सी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है.
    3-शहद एक ऐसी चीज है जो ऑयली स्किन के साथ ही ड्राई स्किकन के लिए भी फायदेमंद है. ये त्वचा को नमी देने के साथ ही पोर्स में कसावट लाने का काम करता है. इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा का रंग साफ होता है.
    4-ब्लैकहेड्स की सफाई के लिए ग्रीन टी का भी इस्तेमाल किया जाता है.
    5-ओट मील और दही के मिश्रण से तैयार पेस्ट को चेहरे और नाक पर अच्छी तरह लगाने से भी ब्लैकहेड्स दूर हो जाते हैं.

    बालों को सही तरीके से संवारना या फिर कंघी करना भी बहुत अहम है. आप शायद यकीन नहीं करेंगे लेकिन सही तरीके से बालों में कंघी करने से बाल चमकदार और मुलायम बनते हैं. ये कंडीशनर की तरह ही काम करता है. साथ ही ये ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाने का काम करता है. हेयर स्टाइलिस्ट सुझाव देते हैं कि एक दिन में तीन बार कंघी करना अच्छा होता है. बालो को कंघी करना भी एक कला है. ऐसे में कंघी करते वक्त इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-
    1-अगर आप चाहती हैं कि आपके बाल कम से कम बर्बाद हों तो बेहतर होगा कि उन्हें कंघी से सुलझाने के बदले पहले हाथों से सुलझा लें.
    2-कंघी करने से पहले ये तय कर लें और सुनिश्चित कर लें कि आपने जो कंघी हाथ में पकड़ रखी है उसके दांत बराबर और ठीक दूरी पर हों. बालों को हमेशा टॉप टू बॉटम कंघी करना चाहिए. छोटे-छोटे स्ट्रोक लेना ज्यादा सही होगा.
    3-भीगे बालों में कंघी करना हमेशा ही गलत होता है. कंघी करने से पहले ये देख लें कि आपके बाल अच्छी तरह सूखे हैं या नहीं. अगर आपके बाल अच्छी तरह सूखे नहीं हैं तो कुछ देर रुक जाइए. गीले बालों में कंघी करना सही नहीं है.
    4-बालों को कंघी करने से पहले ये देख लें कि कहीं वो रूखे और बेजान तो नहीं हैं. अगर बाल रूखे हैं तो सबसे पहले उन्हें सेरम लगाकर मुलायम कर लें. उसके बाद बालों में पड़ गई गांठों को धीरे-धीरे कंघी या उंगलियों की मदद से सुलझाने की कोशिश करें.
    मक्खियां अगर घर में हों तो यह एक गंभीर खतरा है और बहुत ही परेशान पैदा कर सकता है. ये जंतु आपको आपकी कल्पना से कहीं अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि घर में रहने वाली आम मक्खी 60 से अधिक अलग-अलग बीमारियों, जैसे पेचिश, टाइफाइड, हैजा और आंत्रशोथ  आदि को प्रसारित करने में सक्षम होती है.  
    1-कई अध्ययनों से पता चला है में यह प्रमाणित हो चुका है कि लौंग के तेल की गंध से मच्छर और मक्खियां दूर भागते हैं. साथ ही लौंग के तेल को नारियल तेल में मिलाकर त्वचा पर लगाने से ये ओडोमॉस के जैसा काम करता है. 
    2-गेंदे के फूल की खुशबू न केवल आपको ताजगी से भर देती है बल्कि मक्खियों-मच्छरों को भी दूर भगाती है. गेंदे का पौधा न सिर्फ अपने बगीचे में रखें बल्कि बालकनी में भी इन्हें लगाएं जिससे शाम के समय मच्छर व मक्खियां घर में न घुस पाएं.
    3-कई शोध बताते हैं कि ग्रीन एप्पल लिक्विड सोप मक्खियों को आकर्षित करता है. दो चम्मच ग्रीन एप्पल लिक्विड सोप को एक जार में डाले फिर उसके ऊपर कुछ इंच तक पानी भरें. मक्खियां ग्रीन एप्पल लिक्विड सोप की महक से जार में आएगी और पानी में डूब जाएगी इस तरह आप मक्खियों को पकड़ सकते हैं.
      घर दुनिया की सबसे प्यारी जगह होती है और घर के लोग दुनिया मे सबसे प्यारे लोग, लेकिन क्या आपने अपने घर को एलर्जी प्रूफ बनाया है, यदि नहीं तो आपके घर को एलर्जी प्रूफ बनायेगे ये तरीके-
      1-आपने पूरे घर में कालीन या दरे ना बिछाएं. इनमें जमने वाली धूल-मिट्टी से बच्चे को इंफेक्शन व एलर्जी होने की आशंका रहती है. और यदि ये हैं भी तो महीने में एक दो बार उन्हें साफ कर धूप में रखें.  
      2-यदि घर में वृद्ध लोग या छोटे बच्चे हों तो कोशिश करें कि पालतू जानवर ना ही पालें. और यदि पहले से ही कोई पालतू जानवर है तो जब आप किसी प्रकार की एलर्जी से बचने के लिए उसे साफ रखें और उसकी एलर्जी वैक्सिनेशन भी कराएं. 
      3-घर को डिटॉक्सीफाई ज़रूर करें. आप जिन चीजों से एलर्जिक है, वे आपके घर में कई प्रकार से आ सकती हैं. जैसे, आपको धुएं से एलर्जी है और कोई सिगरेट पिएं तो आपको परेशानी होगी. इसलिए बेहतर होगा कि आप इसे पूरी तरह वर्जित कर दें. धूम्रपान करने से घर में कई प्रकार के विषैले तत्व भी फैल जाते है जो घर में रहने वाले लोगों को हानि पहुंचाते है. सिगरेट बाहर करें और घर को डिटॉक्सीफाई करें. 
      4-घर में कीट और मच्छरों को मारने का प्रबंध करें. दीमक, मक्खी और मच्छर से भी एलर्जी होती है और वैसे भी इन कीटों का घर में न रहना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है. इसलिए अपने घर में हर सप्ताह पेस्टीसाइड छिड़कें, ताकि कोई कीट घर में न पनप पाएं. इसके लिए आप इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल तरीका भी अपना सकते हैं.
      हरी मिर्च में कैप्सियासिन नामक यौगिक मौजूद होता है जो इसे मसालेदार बनाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं यह सौंदर्य के लिए भी फायदेमंद होता है, आइए हम आपको बताते हैं.
      1-हरी मिर्च या फिर शिमला मिर्च में काफी ज्यादा विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मिल जाएगा. एंटीऑक्सीडेंट हमारी त्वचा और सेहत के लिये बहुत अच्छा माना जाता है. मिर्च खाने से चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ेंगी.हरी मिर्च में बहुत सारा विटामिन ई होता है जो कि त्वचा के लिये फायदेमंद प्राकृतिक तेल का प्रोडक्शन करता है. तो अगर आप तीखा खाना खाती हैं तो आपकी त्वचा अपने आप ही अच्छी हो जाएगी.
      2-हरी मिर्च में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कि संक्रमण को दूर रखते हैं. हरी मिर्च को खाने से आपको स्किन रोग नहीं होगा. महिलाओं में अक्सर आयरन की कमी हो जाती है लेकिन अगर आप हरी मिर्च खाने के साथ रोज खाएंगी तो आपकी यह कमी भी पूरी हो जाएगी.
      3-हरी मिर्च में फाइटोन्यूट्रियंट्स होते हैं जो कि स्किन को एक्ने, झाइयां और रैश से बचाते हैं. मिर्च का सेवन करने से आप बुढापे के लक्षणों से लड़ सकती हैं. इसका नियमित सेवन करने से आप जवां बन सकती हैं.
      हर्बल चाय को लेते समय हम अक्सर बहुत सी गलतियां करते हैं जिसके चलते हमें इसका भरपूर लाभ नहीं मिल पाता. आइए हर्बल टी को हेल्दी तरीके से पीने के टिप्स के बारे में जानते है  –
      1-बहुत से लोग हर्बल चाय में भी चीनी मिलाकर पीते हैं. लेकिन हर्बल चाय पीने का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य शरीर पर चीनी के पड़ने वाले प्रभाव को रोकना होता है. हर्बल चाय में चीनी मिलाने का कोई मतलब ही नहीं है. लेकिन अगर आपको मीठा बहुत पसंद है, तो आप हर्बल चाय में चीनी की जगह शहद को मिला सकते हैं. लेकिन हर्बल चाय में शहद मिलाते समय ध्यान रखें कि चाय को थोड़ा ठंडा होने के बाद ही शहद मिलायें. आप शहद की जगह गुड़ भी मिला सकते हैं. लेकिन गुड़ को कम मात्रा में ही मिलायें क्योंकि ज्यादा गुड़ के सेवन से वजन बढ़ जाता है.
      2-तुलसी और दूध को एक साथ लेना असंगत है, जबकि लगभग हर हर्बल चाय का सबसे अहम घटक तुलसी होता है. इसलिए हर्बल चाय में दूध मिलाने को मना किया जाता है. इसके अलावा हर्बल चाय में दूध मिलाने इसलिए भी नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि दूध पोषण से समृद्ध होता है, जिसके कारण आपका वजन बढ़ सकता है. और अगर आप वजन कम करने के लिए हर्बल चाय पी रहे हैं तो दूध मिलाने से आपका वजन कम करने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा. लेकिन अगर आप मसालेदार हर्बल चाय बना रहे हैं तो बच्चों को देने से पहले मसाले के स्वाद को शांत करने के लिए थोड़ा सी दूध मिला सकते हैं.
      हम सभी चेहरा साफ करने के लिए फेसवाश का इस्तेमाल करते है. हालांकि, इन्हें बनाने वाली कंपनियां ये दावा तो करती हैं कि उनके उत्पाद में किसी भी प्रकार का हानिकारक तत्व नहीं है, लेकिन इस बात की सच्चाई हम सभी को पता है. ऐसे में कितना ही बेहतर हो कि आप अपना फेसवॉश खुद ही बना लें.
      1-स्ट्रॉबेरी- अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो ये काफी कारगर उपाय हो सकता है. स्ट्रॉबेरी में मौजूद एंजाइम्स त्वचा से डेड सेल्स को हटाने का काम करते हैं. स्ट्रॉबेरी को एक बाउल में अच्छी तरह से मैश कर लें. इसमें लेमन वॉटर या गुलाब जल मिला लें. इसे चेहरे पर 10 मिनट तक लगाकर छोड़ दें. इसके बाद चेहरा धो लीजिए.
      2-ओट्स और नींबू- अगर आपकी त्वचा कुद ज्यादा ही ऑयली है तो आप ओट्स को नींबू के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगा सकती हैं. इससे त्वचा की डेड सेल्स तो साफ हो ही जाती हैं साथ ही त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया भी दूर हो जाते हैं. ओट्स को नींबू के साथ मिलाकर रख लें. इसे हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं. मसाज करने के बाद गुनगुने पानी से चेहरे को साफ कर लें.
      3-अननास- अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो इससे बेहतर उपाय आपके लिए कुछ हो ही नहीं सकता है. अनानस में मौजूद एंजाइम त्वचा से डेड सेल्स को हटाने का काम करते हैं. अनानस को एक बाउल में अच्छी तरह से मैश कर लें. इसमें लेमन वॉटर या गुलाब जल मिला लें. इसे चेहरे पर 10 मिनट तक लगाकर छोड़ दें. इसके बाद जब आप अपना चेहरा धोएंगी तो हैरान रह जाएंगी.
      शैंपू लगा देने भर से बाल न तो साफ हो जाएंगे और न ही आपको पूरा परिणाम ही मिल सकेगा. इसके लिए जरूरी है कि आपको शैंपू करने का सही और चरणबद्ध तरीका पता हो. ताकि शैम्पू करने के बाद ना केवल आपके बाल अच्छी तरह साफ़ हो जाये बल्कि वो चमकदार और मुलायम भी नज़र आये.
      1-सबसे पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आप जो भी उत्पाद इस्तेमाल करने वाले हैं वो अच्छी क्वालिटी का हो.  प्रोडक्ट का निर्धारण आप अपने बालो की क़्वालिटी के अनुसार ही करे.
      2-बाल धोने से पहले नारियल तेल या जैतून के तेल से अच्छी तरह चंपी कर लें. इससे बालों का मॉइश्चर उड़ेगा नहीं.
      3-शैंपू को अच्छी तरह से धोना बहुत जरूरी है. अगर बाल अच्छी तरह से धुले नहीं होंगे तो शैंपू के रासायनिक कण स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं. जिससे बाल डैमेज होने का खतरा और बढ़ जाएगा.
      4-बाल अच्छी तरह धो लेने के बाद कंडीशनर लगाएं. कंडीशनर को कुछ देर तक बालों में लगा रहने दें. ताकि उसका पोषण अंदर तक पहुंचे.
      5-बाल धोने के तुरंत बाद तेज रोशनी में जान से बचें. ऐसा करने से बालों के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है. 
      बाजार में मिलने वाले जिन उत्पादों के भरोसे हम चेहरे को साफ करते हैं वो भी हमारी त्वचा को कम नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. रासायनिक पदार्थों से भरपूर ये उत्पाद चेहरे को रूखा और बेजान बना देते हैं कुछ घरेलु उपाय अपना कर आप अपनी खोई रंगत वापस पा सकते है  जिस पानी से आप अपना चेहरा धोने वाली हैं वो भी आपकी त्वचा के अनुरूप ही होना चाहिए. कई बार पानी में इतनी अशुद्धियां होती हैं कि उसकी वजह से चेहरा भी फीका पड़ जाता है. ऐसे में आप चेहरा धोने के पानी को इस तरह से तैयार कर सकते हैं:
      1-गुलाब जल से चेहरा साफ करना हमेशा ही फायदेमंद रहता है. आप चाहे तो घर पर भी गुलाब जल बना सकते हैं या फिर बाजार में बिकने वाले किसी अच्छे ब्रांड का गुलाबजल इस्तेमाल कर सकते हैं.
      2-पुदीने की पत्ती वाला पानी चेहरे का ठंडक देने का काम करता है. वैसे तो आप दिन में किसी भी वक्त इस पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन धूप से आकर इस पानी से चेहरा धोना अच्छा रहता है.
      3-बहुत कम लोगों को ही पता होता है कि नमक का पानी एक बहुत अच्छा एंटी-बैक्टीरियल सॉल्यूशन होता है. इससे चेहरा साफ करने से दाग-धब्बे की समस्या में फायदा होता है.
      4-ठंडे पानी से चेहरा धोने से ठंडक मिलती है और चेहरा भी निखरा-निखरा नजर आता है. इसके लिए आप ठंडे पानी में कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दीजिए. जब बर्फ लगभग पिघल जाए तो इस पानी से चेहरा धो लीजिए.
      जब आहार की बात आती है तो अस्थमा के मरीज़ों के पास परहेज़ के आहार की एक लम्बी सूची होती है. आइये जानें कि आपके रसोईघर में मौजूद आहार का सेवन कर आप अस्थमा अटैक से कैसे बच सकते है.
      1-गाज़र, शिमला मिर्च, पालक और दूसरे गहरे रंग के फलों और सब्जि़यों में बीटा कैरोटीन होता है. जितने गहरे रंग का आहार होगा, एण्टी आक्सिडेंट्स की मात्रा भी उतनी ही अधिक होगी.
      2-वो मरीज़ जिन्हें तनाव के कारण अस्थमा का अटैक होता है वो विटामिन बी ले सकते हैं जैसी हरी सब्जि़यों का सेवन करें.
      3-विटामिन ई खाना पकाने के तेल में आसानी से मिल जाता है. इसे कम मात्रा में लेना चाहिए. सूरजमुखी के बीज, केले, बादाम और साबुत अनाज में कम मात्रा में विटामिन होता है और इसलिए इन्हें प्रतिदिन लेना चाहिए.
      4-कच्चे प्याज़ में सल्फर अधिक मात्रा में होती है जिससे अस्थमैटिक्स में सूजन कम होती है. यह उन लोगों के लिए भी अच्छा होता है जिन्हें सासों से सम्बन्धी समस्याएं रहती हैं.
      5-मसाले मुंह के, गले के और फेफड़ों के नर्व को उत्तेजित करते हैं जिससे अधिक मात्रा में सैलाइवा निकलता है और म्यूकस पत्ला हो जाता है. अस्थमैटिक्स को अदरक, लहसुन और अत्यधिक मसालेदार आहार का सेवन नहीं करना चाहिए.
      अगर किसी महिला से पूछा जाये कि कौन सा कॉस्मेटिक प्रोडक्ड उन्हें सुंदर बना सकता है. तो ज्यादातर लड़कियों का उत्तर होगा लिपस्टिक. लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाओं को लिपस्टिक से अलविदा ले लेना चाहिए क्योंकि यह आपको अंदर से जहरीला कर रही है.
      1-जो महिलाएं प्रतिदिन लिपस्टिक लगाने के बाद बार-बार उसे ठीक करने के लिए लगाती ही रहती हैं, वह सबसे बड़े खतरे के शिकार हो सकती हैं. चूंकि उनके पेट में प्रतिदिन 87 मिली ग्राम लिपस्टिक चली जाती है. आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली लिपस्टिक में सबसे ज्यादा क्रोमियम पाया गया जिसकी अधिकता से पेट में ट्यूमर तक हो सकता है. विज्ञान एवं पर्यावरण प्रदूषण निगरानी प्रयोगशाला केंद्र द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन के अनुसार, लिपस्टिक में पाए गए क्रोमियम के कारण कैंसर भी हो सकता है.
      2-लिपस्टिक में पाया जाने वाला एल्यूमिनियम मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है. लिपस्टिक का इस्तेमाल होठों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए होता है और ये सीधे-सीधे मुंह के जरिए पेट में चला जाता है. अमेरिका के नेशनल कैमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुये शोध के अनुसार, एल्यूमिनियम पेट के लिए हानिकारक है. एल्यूमिनियम से पेट का अल्सर, पक्षाघात आदि रोग व शरीर में फास्फेट की कमी हो सकती है. 
      3-किडनी की बीमारी या मधुमेह से पीड़ित महिलाओं को कैडमियम के जोखिम से बचाना चाहिए क्योंकि यह किडनी में जमा होकर उसे नुकसान पहुंचा सकता है. कैडमियम के अधिक सेवन से महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
      कोल्ड और फ्लू एक परेशान करने वाली बीमारी है जिसमें अच्छे से अच्छे व्यक्ति भी परेशान हो जाता है.लेकिन यहां दिये  आहार को नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल करने से वह कोल्ड और फ्लू से बचा जा सकता है.
      1-पपीता- जिन लोगों को बार-बार कोल्ड और फ्लू की समस्या होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. आरडीए के 250 प्रतिशत के साथ विटामिन सी, के कारण आपके शरीर से कोल्ड को दूर करने में मदद करता है.
      2-क्रैनबेरी- अन्य फलों और सब्जियों की तुलना में क्रैनबेरी में बहुत अधिक मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है. एक बार क्रैनबेरी खाने से आपको ब्रोकली के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होता है.
      3-संतरा- संतरे में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है. इसके सेवन से आपको कोल्ड और फ्लू जैसी समस्याएं नहीं होती और साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है. संतरे के बारे में अक्सर यह भी कहा जाता हैं कि यदि नियमित रूप से संतरा खाया जाए तो आपको घर में एंटीबायोटिक दवाएं रखने की जरुरत नहीं पड़ेगी.
      4-ग्रेपफ्रूट- विटामिन सी से भरपूर होने के साथ ग्रेपफ्रूट में प्राकृतिक तत्व लिमोनोइड भी पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा ग्रेपफ्रूट की लाल किस्म में कैंसर से लड़ने वाला लाइकोपीन नामक शाक्तिशाली तत्व भी पाया जाता है. 
      जंक फूड, बेकरी फूड, कप केक्स और शुगरी चीजें कुछ देर आपको राहत तो जरूर देते हैं, लेकिन कमर का साइज भी बढा देते हैं. ऐसे में स्ट्रेस बढना जाहिर है. अगर आप स्ट्रेस से दूर और यंग दिखना चाहती है तो हेल्दी फूड ट्राई करें. इन्हें अपना कर आप तनाव से छुटकारा पा सकते है ..
      1-ओटमील में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, जिससे हमारा शरीर सेरोटिन प्रोड्यूस करता है. सेरोटिन मूड अच्छा करने का काम करता है और मन को शांति और आराम का एहसास कराता है. इसमें मौजूद फाइबर स्लिम फिट रखते हैं. साथ ही बिना कैलरी बढाए यह पेट भरने का काम करता है. केले के साथ इसे   जरूर लें.
      2-हफ्ते में कुछ दिन सालमन मछली खाने से मन शांत रहता है. इसमें मौजूद आमेगा 3 फैटी एसिड तनाव से लडने की क्षमता बढाता है. यह त्वचा को नर्म-मुलायम बनाने में मदद करता है. इन्फ्लामेशन को दूर करता है. इस तरह त्वचा रूखी नहीं होने पाती.
      3-एक कप सादा लो-फैट दही तकरीबन 450 मिली ग्राम कैल्शियम प्रदान करता है, जो महत्वपूर्ण ब्यूटी मिनरल्स का काम करता है. हड्डियों को मजबूत बनाता है. शोध से यह साबित हो चुका है कि अधिक कैल्शियम लेने से पीएमएस की आशंका कम हो जाती है. एक ग्लास लस्सी तनाव से तुरंत राहत देती है.
      जो महिलायें भारी मेकअप करती हैं उनकी त्वचा को ज्यादा नुकसान होता है. इससे त्वचा की समस्यायें बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है. मेकअप के दौरान फाउंडेशन, पॉवडर, मॉइश्चराइजर आदि प्रयोग करने से चेहरे की त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा को खुली हवा नही मिलती.
      मेकअप के बिना महिलायें शायद ही किसी पार्टी में जायें, और तो और कुछ महिलायें मेकअप के बिना बाहर जाने के बारे में सोच भी नही सकती हैं. लेकिन रोज-रोज मेकअप करने से आपकी त्वचा को नुकसान हो सकता है. नये शोध में यह बात सामने आयी है कि लगातार मेकअप आपकी चेहरे की त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है.
      त्वचा की सुरक्षा और उसे जीवंत रखने के लिए महिलाओं को सप्ताह में एक दिन अपनी त्वचा को मेकअप से दूर रखना चाहिए. इस तरह से हफ्ते में एक बार त्वचा को खुली हवा मिलती है.
      मुरब्बे में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और मिनरल का सबसे अच्छा स्रोत हैं. इसके सेवन से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होती है और हम हेल्दी बने रहते हैं. आइए जानें कौन-कौन से मुरब्बे हमारी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद होते हैं.
      1-सेब के मुरब्बे में फास्फोरस, आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी और सी भरपूर मात्रा में होता है. यह शरीर को एनर्जी प्रदान करने वाला होता है. इसके सेवन से याददाश्त बढती है. यह दिमाग को ठंडा करता है. सिरदर्द में भी काफी फायदेमंद होता है. साथ ही यह मोटापे को नियंत्रित करने में मददगार होता है. 
      2-गाजर विटामिन ई और आयरन का सबसे समृद्ध स्रोत है. इससे शरीर को आयरन मिलता है. इससे शरीर में नये खून का निर्माण जल्दी हो जाता हैं. गाजर का मुरब्बा आंखों की रोशनी बढाने में मददगार होता है. इसके सेवन से पेट की जलन शांत होती है. एक्सपर्ट के अनुसार, गाजर का मुरब्बा, कफ निकालने, दिमाग को मजबूत रखने व डिप्रेशन को दूर रखने में मददगार होता हैं. इसके नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है. 
      3-बेल में प्रोटीन, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, फैट, फाइबर, विटामिन-सी, बी पाया जाता है. दिमाग और हृदय को शक्ति प्रदान करने के साथ पेट के रोगों में भी बेल को रामबाण माना गया है. यह एसिडिटी दूर करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है. अल्सर और कब्ज के साथ पेचिश की समस्या में यह फायदेमंद है. पेट संबंधी समस्या के लिए बेल के मुरब्बे का सेवन करें. 
      खाने में पोषणयुक्त आहार को शामिल करके दिल को मजबूत बनाया जा सकता है. सीप यानी ओएस्टर में दिल को मजबूत बनाने वाले पोषक तत्व पाये जाते हैं.
      1-यदि आप सोडियमयुक्त अन्य खाद्य-पदार्थों जैसे - सॉस, हॉट डॉग, मछली की तुलना में सीप का प्रयोग खाने में करते हैं, तो आपका इससे आपका रक्तचाप भी नियंत्रण में रहता है. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उनके लिए ओएस्टर बहुत फायदेमंद है. हाइपरटेंशन से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां होने का भी खतरा रहता है.
      2-दिल के मजबूत बनाने और बीमारियों से बचाने के लिए विटामिन बी-12 की जरूरत होती है और सीपी में विटामिन बी-12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है.  इसके अलावा सीपी में विटामिन सी और सेलेनियम  भी पाया जाता है. 
      3-शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से कई बीमारियों के होने का खतरा होता है खासकर दिल की बीमारियों का. यदि आप प्रोटीन के लिए मांस की तुलना में सीप का प्रयोग खाने में करते हैं तो इससे आपके शरीर से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होगा. अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के अनुसार, 100 ग्राम पके हुए सीप में 100 मिग्रा कोलेस्ट्रॉल होता है. 
      सौंफ को मसालों का राजा जो ना केवल खाने में बल्कि सौंफ का तेल भी कई प्रकार के रोगों का उपचार के लिए काम में आता है. आइये जानते है इसके फायदों के बारे में -
      1-अगर आपको बालों के झड़ने की समस्या है तो सौंफ का तेल आपके लिए फायदेमंद होता है. नारियल के तेल में इसको मिलाकर इसको लगाए. इसके बाद आप बालों को धोकर कंडीशनर कर लें. इससे बालों के झड़ने और डैंड्रफ आदि की समस्या दूर हो जाती है. इस तेल को लगाने से सिर दर्द, गर्मी व चक्कर आना शांत होता है.
      2- सौंफ का तेल सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा, काली खांसी, ब्रोंकाइटिस, ऊपरी श्वास नलिका, आदि के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है.इसके तेल से मालिश करने से जोड़ो का दर्द और डिप्रेशन जैसी तरह-तरह की समस्याएं दूर हो जाती है. 
      3- यह प्रीमच्योर मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं को भी दर्द, चक्कर और झुंझलाहट भगाकर राहत देता है.सौंफ का तेल समय पूर्व रजोनिवृत्ति या प्रीमेनोपोज़ की समस्याएं दर्द, चक्कर आना या मूड के बदलाव जैसे समस्याओं से राहत दिलाने के साथ  माहवारी के रूकने जैसे समस्याओं से जूझने वाली महिलाओं को राहत प्रदान करने में सहायता करता है.
      सेम खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती है. इसे कई बीमारियों को ठीक करने की अचूक औषधि माना जाता है. आइए सेम के स्वास्थ्य गुणों की जानकारी लेते हैं.
      1-पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए आहार में फाइबर की अच्छी मात्रा का होना बहुत जरूरी होता है और सेम से आपको फाइबर तो मिलता ही है साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी कम होती है. जिससे दिल सुरक्षित रहता है. एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने सेम का सेवन लंबे समय तक किया, उन्हें दिल के रोग का खतरा कम हुआ क्योंकि इसमें मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हार्ट ब्लॉकेज को रोकती है.
      2-सेम ब्लड में ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करती है और शरीर को ढेर सारी एनर्जी प्रदान करती है. सेम एनर्जी और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने के साथ शरीर को बहुत सारा आयरन भी देती है. यह महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि अक्सर महिलाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा पुरुषों की तुलना में कम होती है.
      3-सेम में विटामिन बी6, थाइमीन, पैंथोथेनिक एसिड और नियासिन पाया जाते है, जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं. इसके अलावा सेम की फली में बादाम के बराबर विटामिन-ई होता है. इसके सेवन से न्यूरो सिस्टम और ब्रेन संबंधी समस्याएं नहीं होतीं. इसलिए अपने शरीर में विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए अपने आहार में सेम को शामिल करें.
      4-मैगनीशियम मैंगनीज और कैल्शियम के साथ काम करके हड्डियों को मजबूत बनाती है. यह महत्वपूर्ण मिनरल सेम सहित कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है. इस मिनरल से भरपूर आहार को खाने से मांसपेशियों में कमजोरी, सिर में दर्द और कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है. 
      बदलती लाइफस्टाइल में किडनी में स्टोन होना आम बात हो गयी है। गुर्दे की पथरी होने पर असहनीय दर्द होता है। जब नमक एवं अन्य मिनरल्स एक दूसरे के संपर्क में आते हैं तब पथरी बनती है। कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत छोटे आकार के होते हैं तो कुछ मटर के दाने की तरह। आमतौर पर पथरी पेशाब के जरिये शरीर के बाहर निकल जाती है, लेकिन जो पथरी बड़ी होती है वह बहुत ही परेशान करती है। कुछ घरेलु नुस्खों से भी आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं.
      तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है जो पथरी से निजात दिलाने में मदद करता है। यदि विटामिन बी-6 को विटामिन बी ग्रुप के अन्य विटामिंस के साथ सेवन किया जाये तो गुर्दे की पथरी के इलाज में बहुत सहायता मिलती है। एक चम्मच इलायची, खरबूजे के बीज की गिरी, और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिए, इसे ठंडा होने के बाद छानकर सुबह-शाम पीने से पथरी पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाती है. काली मिर्च भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, काली मिर्च का सेवन बेल पत्र के साथ करने से दो सप्ताह में गुर्दे की पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।
      आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है। इसमें अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। सौंफ, मिश्री, सूखा धनिया को बराबर मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए, इसे 24 घंटे के बाद छानकर पेस्ट बना लीजिए। इसके एक चम्मच पेस्ट में आधा कप ठंडा पानी मिलाकर पीने से पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।
      आजकल लोगों को हर चीज इंस्टेंट चाहिए होती है। चाहे बॉडी बनानी हो या वजन काम करना हो या फिर वजन बढ़ाना हो, उन्हें सब कुछ हाथों हाथ चाहिए होता है और इस चक्कर में वो सीधे बिना कुछ सोचे सप्लीमेंट्स का रुख करते हैं. वक्त की कमी के चलते लोग सही मात्रा में पौष्टिक भोजन का सेवन नहीं कर पाते, इसलिए कई बार उनका वजन कम रह जाता है। और इसी तकलीफ को जल्द दूर करने के लिए लोग वजन बढ़ाने वाले पाउडर व अन्य सप्लीमेंट्स को लेना शुरू कर देते हैं ।
      इसके बहुत से साइड इफेक्ट्स हैं जो आपकी बॉडी को फायदे की जगह नुक्सान पहुंच सकते हैं. वजन बढ़ाने वाले उत्पादों में शुगर की मात्रा आवश्यकता से अधिक होती है। इससे शरीर में अनावश्यक कैलोरी जमा हो जाती है। अधिक कैलोरी से आपको अतिरिक्त चर्बी तो मिल जाएगी, लेकिन साथ ही यह इंसुलिन के स्तर को भी काफी बढ़ा देती है। वजन बढ़ाने वाले उत्पादों का प्रयोग करने वाले पुरुषों में कई तरह की सेक्स समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वजन बढाने वाले उत्पाद लेने से किडनी को काफी नुकसान पहुंचने का अंदेशा रहता है।
      क्रिएटीन व कैल्शियम ज्यादा मात्रा में लेने से गुर्दे की पथरी की भी समस्या हो सकती है। वजन बढ़ाने वाले उत्पाद लेने वालों में आंत की समस्या हो सकती है। वजन बढाने वाले पाउडर उत्प्रेरक हैं लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीने से उसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। जो लोग वजन बढा़ने वाले उत्पाद लेते हैं, उन्हें सांस की समस्या हो सकती है। कभी-कभी कफ व छींकने की समस्या होती है वजन बढ़ाने वाले उत्पादों के प्रयोग से शरीर पर अतिरिक्त फैट जमा हो सकता है जो कि कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
      भोजन न केवल हमारे शारीरक ऊर्जा की आपूर्ति को पूरा करता है बल्कि भोजन और स्वास्थ का गहरा सम्बन्ध है. इसलिये हमारे खाये हुए का असर हमारे स्वास्थ पर दिखने लगता है. ऐसे में ज़रूरी है की हमे पता हो की हम कब, क्या, कितना, किस समय, और कितनी मात्रा में खाये. 
      इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आज जानेगे की खाली पेट क्या न खाये :- 
      1 खाली पेट चाय या कॉफ़ी का सेवन न करें. इसमें पाए जाने वाला कैफीन हानि पंहुचा सकता है.
      2 सोडे में कार्बोनेट एसिड की मात्रा अधिक पाई जाती है, इसे बिलकुल खाली पेट पीने से बैचनी और घबराहट के साथ साथ उल्टी भी हो सकती है.
      3 वैसे तो दही को पेट के लिए उतम माना गया है लेकिन खाली पेट में दही खाना फायदे का सौदा नहीं माना जाता, इससे पेट दर्द या मरोड़ उत्पन्न हो सकते है.
      4 बिना चिकित्सक की सलाह लिए कोई भी दवा भुखे पेट न लें .
      5 यदि टमाटर को खाली पेट खाया जाये तो यह अम्लता (Acidity) को बढ़ता है और जलन की समस्या हो सकती है. यह पेट में जाकर एक जैली के रूप में भी बन सकता है जिससे पथरी की समस्या हो सकती है, अतएव खाली पेट टमाटर न खाये.

      जानिए, गर्भावस्था में क्या न खाये

      ताम्बे की अंगूठी से रखे बीमारियां दूर
      उपवास में साबूदाने को प्रमुखता से खाया जाता है. इसके हेल्थ बेनिफिट के साथ ही कई ब्यूटी बेनिफिट्स भी है. जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है.
      - साबुदाने को पीस कर इसमें दूध मिला कर चेहरे पर लगाने से ग्लो आता है.
      - साबुदाने के पाउडर में शहद और निम्बू का रस मिला कर इसका मिश्रण तैयार कर ले. इस मिश्रण को चेहरे पर लगा कलर आधे घंटे बाद धो ले. इससे चेहरे पर होने वाले दाग-धब्बो की समस्या से निजात मिलेगी.
      - साबुदाने को पीस कर इसमें दही मिला कर चेहरे पर लगाने से भी चेहरे का ग्लो बढ़ता है.
      - साबुदाने में ओलिव आयल मिला कर इसे बालों पर लगा ले. और आधे घंटे बाद अपने बालो को पानी से धो ले. इससे बालो के झड़ने की समस्या समाप्त हो जाती है.
      - साबुदाने के पाउडर में दही, शहद और गुलाब जल मिला कर इसे बालो पर अच्छी तरह लगा ले. इससे बालो में शाइन आएगी.
      - साबुदाने को पीस कर उसमे अंडे का पीला भाग(योक) मिला कर चेहरे पर लगा ले. इससे चेहरे पर होने वाले रिंकल्स की समस्या से निजात मिलती है.


      मसाला चाय बनाने के लिए आपको निर्माताओं पर निर्भर रहने की भी जरूरत नहीं होती है. इसके लिए आपको लौंग, इलायची, अदरक, दालचीनी, तुलसी और कुछ चाय की पत्ती की जरूरत होती है और यह सब मसाले सभी भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. यहां आपकी चाय को अद्वितीय और स्वस्थ बनाने वाली कुछ बातों के बारे में बताया गया है जिनको जानने के बाद इस चाय को पीना कभी नहीं छोड़ेगें. 
      1-दिन भर की थकान के बाद गर्मा-गर्म मसाला चाय का एक प्याला किसी जादू से कम नहीं होता. इसमें मौजूद टैनिन नामक तत्व शरीर को शांत और पुनर्जीवित करने का काम करता है. इसके अलावा चाय में कैफीन एक उत्तेजक की तरह काम करता है. हांलाकि इसमें कॉफी की तुलना में बहुत कम मात्रा में कैफीन होता है, लेकिन वह उसी की तरह प्रभावशाली होता है. चाय में मौजूद यह मिश्रण थकान को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है.
      2-मसाला चाय में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी पैरासिटिक गुणों के कारण यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और आम संक्रमण से बचने के लिए जाना जाता है. इसके अलावा लौंग, दालचीनी, इलायची और अदरक के प्रभाव के कारण यह खांसी और जुकाम को दूर रखने का एक शानदार तरीका है. 
      3-लौंग, दालचीनी और इलायची इन सभी की मौजूदगी से शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है और यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करके मधुमेह को रोकने में मदद करने के लिए जाना जाता है. दालचीनी तेज दिमाग पाने और अल्जाइमर जैसे रोगों की शुरुआत को रोकने में मददगार होती है और लौंग शरीर को शर्करा के बेहतर उपयोग में मदद करती है. 

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