Header Ads

jankari340 रसोई से निकलती है अच्छी सेहतरसोई से निकलती है अच्छी सेहत

    अच्छी सेहत रसोई से होकर ही निकलती है. यदि आहार स्वस्थ और स्वच्छ है, तो आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी. लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि आप रसोई के उत्पादों का बेहतर और सही उपयोग करें. 
    1-सब्जियों और फलों की गुणवत्ता और पोषकता बनी रहे, इसके लिए उन्हें सही प्रकार से काटा जाना भी जरूरी है. और इसके लिए आपको जरूरत होती है एक अच्छे चाकू की. आपके पास खाना पकाने के कामों के लिए अलग-अलग चाकू हैं, लेकिन एक अच्छा चाकू भोजन पकाने से जुड़े ज्यादातर काम
    करने में आपकी मदद कर सकता है.
    2-नॉन स्टिक फ्राइंग पैन में कम तेल अथवा घी के इस्तेमाल के भी चीजों को तला जा सकता है. इससे आप अतिरिक्त कैलोरी और वसा के सेवन से बचे रहते हैं. यह आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. 
    3-पेय पदार्थों को मिलाने में लकड़ी का चम्मच अच्छा माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इन चम्मचों का इस्तेमाल सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है.
    4-अंकुरित भोजन को हमारे लिए काफी फायदेमंद समझा जाता है. अंकुरित दालें और अनाज हमें सभी जरूरी पोषक तत्त्व तो देती ही हैं साथ ही साथ इनका सेवन करने से हम अतिरिक्त कैलोरी और वसा के उपभोग से भी बचते हैं. और सही प्रकार से अंकुरण के लिए सही बर्तनों का होना जरूरी हे.
    कैंसर से बचना है तो पिए दूध में दालचीनी...
    जो लोग उम्र के उस दौर में है जहां बुढ़ापा और जवानी आकर मिलते है तो वो अक्सर लोगों से सुनते है की अब तो आपकी उम्र हो गयी है. उम्र बढ़ना एक प्रक्रिया है जिससे हम सभी गुजरते हैं। आमतौर पर सफेद होते बाल और चेहरे पर आती झुर्रियों को ही लोग बुढापे के लक्षण मानते हैं। मगर बालों का सफेद होना ही बुढ़ापा नहीं है।
    बुढापे के और भी कई लक्षण और संकेत हैं जो हम देख नहीं पाते हैं। मोतियाबिंद या ग्लूकोमा उम्र बढ़ने के साथ परेशान करने लगती है। नतीजा लोगों के देखने की क्षमता कमजोर होने लगती है। कानों से सुनने की क्षमता भी कम होने लगती है। दांतो का टूटना और मसूढ़ों में दर्द के साथ और भी कई परेशानी है जो उम्र बढ़ने के साथ होने लगती है। दांतो का एनामेल झड़ने लगती है और मसूढ़े उखड़ने लगते हैं। उम्र के साथ ही मांसपेशियों का वजन भी कम होने लगता है और शरीर में जमा हुई वसा अपना जगह लेना शुरु कर देती है। वसा के जलने के साथ ही शरीर में कैलोरी की कमी भी होने लगती है और पुराने वजन को पाने के लिए आपको बहुत सारे कैलोरी की जरुरत होती है जो आपका शरीर इजाजत नहीं देता है।
    उम्र बढ़ने के साथ ही यौन शक्ति भी कम होने लगती है। आपके सेक्स की आदतें और जरुरत में कमी और उसके तरीके में बदलाव आने लगते हैं। पुरुषों में स्खलन नहीं हो पाता है और औरतों के जननांग में जो द्रव होती है वह सूखने लगती है। मेनोपाज और बिस्तर गीला हो जाने की शिकायत उम्र बढ़ने के साथ होने लगती है। पाचन तंत्र सही ढ़ंग से काम नहीं कर पाती है। उम्र बढ़ने के साथ भूलने की बीमारी भी शुरु हो जाती है। यहां तक कि कई लोग अपने परिवार के लोगों के नाम और चेहरे भी भूलने लगते हैं।

    सेक्स भारतवासियों के लिए हमेशा से ही ऐसा विषय रहा है जिसके बारे में हम अपने पार्टनर से बात करने में कतराते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम सोचते है की इस बारे में बात करेंगे तो सामने वाला हमारे बारे में क्या सोचेगा। सेक्स बहुत जरूरी है लेकिन सेक्स में नयापन रहना भी उतना जरूरी है। लोग सेक्स तो करते हैं लेकिन बहुत सी चीजों को नजरअंदाज कर देते है। लोग सेक्स के दौरान कुछ कॉमन गलतियां करते हैं जिनसे बचकर सेक्स के अनुभव को और भी यादगार बनाया जा सकता है।
    हर चीज में नयापन बहुत जरूरी होता है तो फिर ऐसे में सेक्स भी कोई अपवाद नहीं है। शादी के बाद लोग सेक्स को एक मजबूरी मान बैठते हैं जो ऐसे में वह क्रिएटिव होने से दूर भागते हैं। कुछ नया ट्राय करते रहिये। ख़याल रखिये की किसी पोजीशन में आपका पार्टनर कितना कम्फरटेबल है। हर किसी की अलग पसंद होती है। अगर आपको किसी खास बॉडी पार्ट पर सहलाना या किस करना पसंद है तो इसे अपने साथी को अवश्य बताएं। यह आपको जल्दी ऑर्गेज्म तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
    सेक्स के बाद सीधे सो जाना या बिस्तर से उठ जाना साथी को एक गलत संदेश देता है। उसे लगता है की वो सिर्फ उपभोग की चीज है जिसे इस्तेमाल करने के बाद ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। कोशिश करनी चाहिए कि सेक्स के बाद साथी के साथ कुछ देर बिताएं और अपने जज्बात उसके सामने रखें। पहले माहौल बनाइये। पार्टनर के साथ छेड़छाड़ कीजिये, उन्हें उत्तेजित कीजिये। ओरल सेक्स या बाद पार्ट्स को हाथों से सहलाना इसमें आपकी मदद करता है। अकसर पुरुष उत्तेजित होकर सीधा इंटरकोर्स करने लगते हैं जिसके कारण महिला साथी को काफी परेशानी होती है।
    महिलाओं को पसंद आता है नार्मल साइज का पेनिस
    इन तरीको से पता लगाए अपने बॉयफ्रेंड की..
    खाली पेट तरबूज का जूस पीने से शरीर के विषैले पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं. लेकिन क्याप आपको मालूम है कि तरबूज के जूस में काली मिर्च का पाउडर मिला कर पीने से इसके फायदे दोगुना काम करने लगते है . आइए जानें, तरबूज के जूस में काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से और क्या-क्या स्वास्थ्य लाभ लाभ होते हैं.
    1- तरबूज के जूस और काली मिर्च पाउडर को मिलाकर पीने से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद मिलती है. चूंकि तरबूज में लाइसोपिनि नामक एंटीऑक्सीैडेंट होता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है.
    2- तरबूज के जूस को पीने से कोलेस्ट्रॉिल नियंत्रित रहता है और एचडीएल संतुलित रहता है. 
    3- तरबूज में उच्चो मात्रा में फोलेट होता है जो शरीर में रक्तासंचार को उचित बनाएं रखता है जिससे अटैक पड़ने की संभावना कम हो जाती है.
    4- अगर आप अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं तो तरबूज का जूस अवश्यं पिएं. इससे शरीर में कमजोरी नहीं आएगी और एक्ट्रा  फैट भी कम हो जाएगा.
    करौंदा रखता है आपके दांतो को स्वस्थ
    इंसान का शरीर बिना खाये पिए काम नहीं कर सकता। कहना हमारो बॉडी को एनर्जी और ताकत देता है जिससे हम दिन भर मेहनत करने के काबिल हो पाते है. हमारा शरीर जितना अधिक मेहनत करता है, उतना अधिक हमें भूख लगती है. आजकल ओवरईटिंग या बार बार भूख लगने की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है.
    कई बार हम मेहनत नहीं करते फिर भी बार कुछ खाने का मन होता है. अगर आपको बिना बात के भूख लगती है और आप हर वक़्त खाने के बारे में सोचते रहते हैं तो यह लक्षण किसी बीमारी की तरफ इशारा कर रहा है। अगर आप कोई एंटीबायोटिक या एलर्जी की कोई दवाई ले रहे हैं तो इससे कोई दुष्प्रभाव हो सकता है । जिसकी वजह से आपको बहुत भूख लगती हो। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारे हार्मोनल चेंज होते हैं जिसकी वजह से लगातार भूख भी लगती है। लो सुगर लेवल में शरीर में रक्त शर्करा का स्तर कम हो जाता है जिसकी वजह से भूख ज्यादा लगती है ताकि शरीर उस खाने को ऊर्जा में परिवर्तित कर सके।
    मोटापे की वजह से भी आपको लगातार भूख लगती है। शरीर में अतिरिक्त फैट से इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है जिससे बहुत तेज़ भूख लगती है। हाइपर्थाइरॉइडिज़म में थायराइड की वजह से शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और आपको भूख लगने लगती है। लगातार भूख लगने का एक कारण तनाव हो सकता है क्योंकि जब आप ज्यादा तनाव में होते हैं तो तो कुछ हार्मोन शरीर में बना शुरू हो जाता है। जिससे बहुत भूख लगती है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो कभी कभी दिमाग भूख और प्यास में फर्क नहीं पहचान पाता है और हमें भूख लगने लगती है.
    तकिये के बिना बहुत से लोगों के लिए नींद अधूरी है। कोई एक तकिया लगाता है तो किसी को दो तकिये लगाना पसंद है। कुछ लोग तकिया नहीं लागते हैं लेकिन ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है। आपने ये नहीं सोचा होगा की तकिये के कारण भी हमें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। ज्यादा मोटा या ज्यादा पतला तकिया आपको कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स दे सकता है।
    आइये जानते है तकिये से होने वाली कुछ शारीरिक समस्याओं के बारे में। कई लोग तकिए के कवर काफी समय तक बिना धोए इस्तेमाल करने से उसमें बैक्टीरिया हो जाते हैं। इससे चेहरे पर पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा ये कई और भी बीमारियां दे सकता है। ज्यादा ऊंचा तकिया इस्तेमाल करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता है। ऐसे में स्किन और पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। तकिया बहुत मोटा हो तो गर्दन चिन की तरफ झुक जाती है। इससे खर्राटे आने की प्रॉब्लम हो सकती है।
    तकिया बहुत पतला होने पर सांस की नली थोड़ी बंद हो जाती है, जिससे खर्राटे आते हैं। हार्ड तकिया लगाकर सोने पर बॉडी को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता। सिर पर दबाव भी पड़ता है। इससे सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या हो सकती है। सॉफ्ट तकिए का यूज करने पर बॉडी पॉश्चर बिगड़ता है। ऐसे में गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक लाइन में नहीं रहते, जिसके कारण गर्दन में दर्द की प्रॉब्लम हो सकती है।
    तकिया लगा सकता है आपकी खूबसूरती में दाग
    अच्छे और बड़े बाइसेप्स की चाह किसे नहीं होती। इंडिया में तो ज्यादातर लोग जिम जाते ही सिर्फ बड़े बाइसेप्स के लिए है. आपको हमेशा अपनी पूरी बॉडी के हर पार्ट पर मेहनत करनी चाहिए तभी आपकी परफेक्ट बॉडी की चाह पूरी हो सकती है। आजकल घर पर ही ट्रेनिंग करने वाले लोगों की तददद काफी बढ़ गयी है. जो लोग घर पे एक्सरसाइज करके शानदार बाइसेप्स पाना चाहते है तो उन्हें कुछ बातें जरूरी ध्यान में रखनी चाहिए। जो लोग घर पर ट्रेनिंग करते हैं वो आमतौर पर बाइसेप्‍स की ट्रेनिंग या तो जरूरत से ज्‍यादा करते हैं या फिर जरूरत से कम वजन के साथ करते हैं।
    बाइसेप्‍स की कसरत बहुत ज्‍यादा नहीं की जाती। यह छोटा बॉडी पार्ट है और अक्‍सर ओवर ट्रेनिंग का शिकार हो जाता है। आप अगर शुरुआती लेवल पर हैं पर आपको बाइसेप्‍स की केवल तीन कसरतें करनी चाहिए, मिडिल पर हैं तो पांच और उसके आगे की कसरतें जिम में ही की जाती हैं. इतना वेट लगाएं कि आप पहले सेट में सही फॉर्म बरकरार रखते हुए 12 रैप निकाल लें फिर इतना वेट बढ़ाएं कि फॉर्म सही रखते हुए आप 8 से 10 रैप निकाल लें। इसी तरह से वेट बढ़ाते जाएं।
    साइज बढ़ाना है तो हैवी वेट लगाना होगा। अगर आप घर पर कसरत कर रहे हैं तो आपको सप्‍ताह में केवल एक दिन बाइसेप्‍स की कसरत करनी चाहिए। अगर आपने आज बाइसेप्‍स की कसरत की है तो कम से उसे 72 घंटे का गैप जरूर दें। वैसे बेहतर होगा कि आप सप्‍ताह में केवल एक दिन ही बाइसेप्‍स की कसरत करें।इसके अलावा आपको उन्‍हें परेशान नहीं करना चाहिए। बॉडी बनाने के लिए हमें मोटे तौर पर तीन चीजों पर फोकस करना होता है। ट्रेनिंग, डाइट और रेस्‍ट। जो लोग घर पर कसरत करते हैं ज्‍यादातर उनकी ट्रेनिंग में कमी होती है।
    आ गया शानदार बॉडी बनाने का मौसम
    भारत में आज भी ज्यादातर लोग अरैंज मैरिज करते है. ऐसे में यह लोग अपनी शादी के बाद सुहागरात पर ही पहली बार सेक्स का मज़ा ले पाते है. ज्यादातर लोग पहली बार सेक्स करने को लेकर काफी नर्वस रहते है.
    आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे है. जिनकी मदद से आप अपने पहले सेक्स को यादगार और बेहतर बना सकते है.
    - अपने सेक्स की शुरुवात करने से पहले थोड़ा समय ले. वातावरण को खुशनुमा और दोस्ताना बनाए. साथ ही अपने साथी को पूरी तरह सजग होने दे.
    - इस बात का ख़ास ख्याल रखे की हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाए कभी भी सेक्स की पहल नहीं करती है. ऐसे में आपको ही आगे बढ़ कर पहल करना पड़ेगी. शुरुवात में अपने साथी को प्यार से छुए. वाइल्ड होने की कोशिश बिलकुल ना करे.
    - पहली बार सेक्स करते समय अपनी और साथी की सुरक्षा के लिए कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करे. इससे आपकी पार्टनर भी गर्भधारण की चिंता से मुक्त हो कर सेक्स का पूर्ण आनंद ले सकेगी.
    - पहली बार सेक्स करने में तनाव होना बेहद ही आम है. ऐसे में लंबी सांस लें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें. इससे तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी.
    - शायद पहली बार सेक्स करने पर आप अपनी आशा के अनुरूप परफॉर्म नहीं कर पाए. इसे अपने ईगो से जोड़ कर बिलकुल ना देखे. पहली बार सेक्स करने पर इस तरह की समस्या हो सकती है. आप इसमे एक्सपर्ट नहीं है. लेकिन समय के साथ आप सेक्स में महारथ हासिल कर सकते है.
    - अक्सर ज्यादातर लोग पहली बार सेक्स करते वक़्त अपने साथी को पूर्ण यौन सुख देने के बारे में ज्यादा सोचते है. जो की लगभग नामुमकिन है. पहले बार सेक्स करने पर डर और तनाव अधिक रहता है. जिस वजह से शिग्रपतन हो सकता है. यह बिलकुल आम है. खुद को और अपने रिश्तो को समय दे.
    सेक्स के दौरान क्या आप भी करते है ये गलतियां
    9 देशो की अजीबोगरीब Sex Stories
    ये है चरम सुख तक पहुँचने के रास्ते
    कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए काफी जरूरी होता है। महिलाएं दवा के रूप में इसका काफी प्रयोग करती है। हाल ही में किये गए एक शोध में सामने आया है कि कैल्शियम से भरपूर भोजन करना तो सुरक्षित प्रतीत होता है लेकिन यदि कैल्शियम को सप्लीमेंट के रूप में लिया जाए तो धमनियों में परत जमने का और हृदय को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ जाता है।
    शोधकर्ताओं ने 2700 से ज्यादा लोगों पर 10 साल तक किए गए चिकित्सीय परीक्षणों का विश्लेषण किया और कहा कि इसके नतीजे सप्लीमेंट से जुड़े खतरों को लेकर चिंता भी जताई गयी है। यह अध्ययन इस बात के सबूतों की संख्या में वृद्धि करता है कि सप्लीमेंट के रूप में कैल्शियम की अधिक मात्रा लिए जाने से दिल और नाड़ी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
    पुराने अध्ययन दिखाते हैं कि कैल्शियम के सप्लीमेंट- खासतौर से बड़ी उम्र के लोगों में- हड्डियों के ढांचे तक नहीं पहुंच पाते या पेशाब में नहीं निकल पाते। इस कारण ये शरीर के नरम उतकों में जमा हो जाते हैं। व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे शरीर के मुख्य रक्त वाहक और अन्य धमनियों में कैल्शियम आधारित परत जमने लगती है। इससे रक्त के प्रवाह में बाधा आती है और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।
    कहा जाता है धुप से विटामिन डी मिलता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। इससे हड्डियां मजबूत बनती है। धुप से मिलने वाले विटामिन डी से सिर्फ हड्डियां ही मजबूत नही होती है बल्कि इससे आपका पुरुषत्व भी बढ़ता है। जी हाँ, ये बात आपको नही पता होगी। लेकिन आइये आपको बता दे इसके बारे में कुछ खास बातें।
    दरअसल, एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि विटामिन डी से आपकी यौन शक्ति भी बढ़ती है। इस बात का पता तब चल जब करीब 340 लोगों पर ये शोध हुआ जिसमे कई हैरान लेकर देने वाले नतीजे भी सामने आये। इससे ये पता चला है कि धुप में बैठने से पुरुष के स्पर्म में काफी सुधार आता है। सिर्फ इतना ही नही बल्कि पुरुष के धुप में बैठने से स्पर्म की क्वालिटी भी पहले से बेहतर पाई गई है उन लोगों के मुकाबले जो लोग धुप में नही बैठते।
    जब गलती से बाॅयफ्रैंड की जगह पापा के पास पहुंच गई न्यूड सेल्फी
    इस युवक की सेहत का राज, रोजाना 2 घंटे पीता है अपनी गर्लफ्रैंड का दूध
    आजकल बॉडीबिल्डिंग का क्रेज सबके सर चढ़ कर बोल रहा है। पुरुष तो इसके दीवाने है लेकिन महिलाएं भी जिम में वर्कआउट करती देखी जा सकती है।जिम में आमतौर महिलाएं ट्रेड मिल, क्रॉस ट्रेनर, साइकलिंग, डंबल साइड बेंड, क्रंचेस और बटरफ्लाई जैसी कसरतें करती दिखाई देती है। पुरुषो की तरह हैवी वर्कआउट कोई कोई महिला करती है और वो भी तब की अगर कोई महिला फिटनेस मॉडल हो या फिर स्पोर्ट्स फील्ड से रिलेटेड हो। ऐसा नहीं होना चाहिए।
    महिलाओं को भी पुरुषो की तरह ही हैवी एक्सरसाइजेज करनी चाहिए। अपने दिमाग से ये बात निकाल दीजिये की एक महिला अगर हैवी वेट उठाएगी तो उसकी बॉडी भी पुरुषों की तरह हो जाएगी। यह एक बहुत बड़ी ग़लतफहमी है। आज की महिलाओं पर अलग तरह की जिम्मेदारियां हैं। जब वो पुरुषों की तरह हर काम कर रही हैं तो उन्हें उस हिसाब से मजबूत भी होना पड़ेगा। जिम करने के सभी नियम सब पर समान रूप से लागू होते हैं चाहे वो लड़का हो या लड़की। जब हर जगह बराबरी हो गई है तो जिम को क्यूं अलग रखें।
    अच्छी फिगर पाने के लिए महिलाओं के लिए प्रॉपर वेट ट्रेनिंग बेहद जरूरी है। हर कसरत करें और उसको अपनी पूरी ताकत से करें। अपनी ताकत को आजमाएं और उसे लगातार बढ़ाएं भी। वेट उठाने से महिलाओं के शरीर में टाइटनेस बढ़ती है और उनकी फिगर अच्छी होती है। हर दिन एक बॉडी पार्ट करें। किसी किसी दिन खूब हैवी वेट से कसरत करें और किसी किसी दिन बिल्कुल लाइट वेट से एक्सरसाइज करें। कसरत से 40 मिनट पहले कुछ खाकर आएं जैसे आलू- दही या केला। आप भी प्री वर्कआउट सप्लीमेंट ले सकती हैं।
    कॉलेस्ट्रॉल हमारी बॉडी के लिए कितना घातक होता है यह सब जानते हैं। कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए दवाएं आती हैं। मगर हमारे आस पास खाने-पीने की ऐसी कई चीजें हैं, जो कॉलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कम करती हैं। खाने में ओट्स को शामिल करना बड़ा आसान है। वैसे सुबह-सुबह नाश्ते में इसे लेंगे तो बहुत बढ़िया रहेगा। होल ग्रेन आटे की रोटी बनाएं और जब चाहे खाएं।
    ओट्स और होल ग्रेन आटा बुरे कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में बड़े कारगर ढंग से काम करता है। यह सात से 14 फीसदी तक उसे कम कर देता है। कच्चा लहसुन खाइए और फायदा देखिए। यह कॉलेस्ट्रॉल को 9 से 12 फीसदी तक घटा सकता है। इसकी बुराई एक ही है की इसकी दुर्गन्ध के लिए यह जरा बदनाम सा है। ग्रीन टी में शरीर को साफ करने की काबलियत है। यह 2 से 5 फीसदी तक कॉलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करती है।
    आजकल तो हेल्थ कॉन्शियस लोग इसका इस्तेमाल बहुत कर रहे हैं। जौ में 7 से 10 फीसदी तक कॉलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है। काफी कम घरों में इसका इस्तेमाल होता है लेकिन जहां इस्तेमाल होता है उस घर के लोगो को कम से कम कॉलेस्ट्रॉल की परेशानी तो नहीं होती होगी। ऑलिव ऑयल, मूंगफली का तेल, डार्क चॉकलेट, अखरोट और पिस्ता में भी बुरे कॉलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है।
    प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। चाहे बात बॉडी ग्रोथ की हो या फिर बॉडीबिल्डिंग, प्रोटीन हर डाइट में लाजमी है। दिक्कत तब आती है जब शाकाहारी लोगों को प्रोटीन कंट्रोल करना पड़े। उनके पास प्रोटीन के ज्यादा ऑप्शन्स नहीं होते। ले देकर कुछ डेरी प्रोडक्ट्स या फिर सूखे मेवों पर उन्हें निर्भर रहना पड़ता है। शाकाहारी खाने वालों के पास प्रोटीन का अच्छा इंतजाम होता है मगर शाकाहारी लोगों को थोड़ा सोचना पड़ता है। इसलिए वो सबसे पहले प्रोटीन पाउडर की ओर भागते हैं।
    अच्छे प्रोटीन पाउडर का सेवन तो ठीक है लेकिन अगर आपको अच्छी मात्रा में प्रोटीन चाहिए तो आप सोयाबीन की सीड्स का इस्तेमाल कीजिये। सोया बीन शाकाहारी लोगों के लिए एक वंडर फ़ूड है जो उनके प्रोटीन इन्टेक का बढ़िया हिस्सा बन सकता है। सौ ग्राम सोयाबीन में 36 ग्राम प्रोटीन, 20 ग्राम फैट, 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9 ग्राम फाइबर और कुल 446 कैलोरी होती है। इतना प्रोटीन और वो भी काफी सस्ते में बिना कुछ ज्यादा माथा पच्ची किये मिल जाए तो फिर और क्या चाहिए।
    कई लोग इसे बड़े पैमाने पर अपनी डाइट में शामिल करते हैं इससे उनकी फूड सप्लीमेंट पर डिपेंडेंसी कम हो जाती है। ये एक तरह से काफी फायदेमंद भी है। अगर हम नेचुरल तरीके से प्रोटीन खा सकते हैं तो फिर सप्लीमेंट्स की जरुरत ही कहाँ पड़ने वाली है। इसे आप जैसे मन चाहे खा सकते हैं। रात को भिगो कर रखें और सुबह खा लें, या फिर चाहे तो इन्हें उबाल के भी खा सकते हैं। इन चीजों को भी टेस्टी कैसे बनाना है ये तो आप जानते ही होंगे। डाल दीजिये कुछ चाट मसाले या खीरा टमाटर के पीस और मजे से इस प्रोटीन के खजाने का लुत्फ़ उठाइये।
    अक्सर महिलाएं जल्दी प्रेग्नेंट नही होती। लेकिन कुछ महिलाएं होती हैं जिनकी प्रेगनेंसी स्पीड ज्यादा होती है और जो जल्दी प्रेग्नेंट हो जाती हैं। इसका कारण है स्पर्म की मात्रा में कमी आना इसलिए कुछ महिलाएं जल्दी प्रेग्नेंट नही हो पाती। स्पर्म को सही अंडाणु ना मिलना भी एक कारण हो सकता है। इसका सेक्स पोजीशन भी कारण हो सकता है। अगर आप भी चाहते हैं जल्दी गर्भधारण करना तो आपको बताते हैं कुछ सेक्स पोसिशन्स जो आपकी मदद करेंगी। आइये आपको बताते हैं उन पोसिशन्स के बारे में।
    * मिशनरी पोजिशन - इसे प्रेग्नेंट होने के लिए बेस्ट मना जाता है। इसमें महिला नीचे होती है और पुरुष ऊपर। इससे ये होता है कि पेनिस ज्यादा अंदर तक जाता है जिससे स्पर्म गर्भाशय तक जाने वाले टिश्यू काफी करीब होते हैं।
    * महिला के शरीर के नीचे तकिया लगाने से भी बहुत फायदा होता है। इससे पुरुष का जितना सीमेन रिलीज होगा वो महिला के सर्विक्स तक बड़े ही आसानी से पहुचता है। जिससे महिला गर्भधारण आकर सकती हैं।
    * डॉगी स्टाइल - इसे भी एक बेहतर पसिटिव माना गया है। इसमें स्पर्म महिला के सर्विक्स तक जाता है।
    इसके अलावा आप पार्टनर के बगल में लेटने वाली पोजीशन भी ज्यादा चान्सेस होते हैं क्योंकि मेल स्पर्म वो सर्विक्स तक पहुँचने में मदद करता है।

    सेक्स में दोनों पार्टनर अगर एक्टिव हो तो सेक्स का मजा दुगुना हो जाता है। मर्द तो हमेशा ही एक्टिव रहता है लेकिन महिलाएं सेक्स को लेकर हमेशा झिझक महसूस करती हैं। वो पहल भी करना चाहती है लेकिन इंतज़ार करती है की उनका साथी ही शुरुआत करे। अगर सेक्स के दौरान महिलाएं स्वयं आगे आकर सहयोग करें तो वह इसे अधिक इंजॉय कर सकती हैं, साथ ही ऐसा कर वह चरम सुख को भी आसानी से पा सकती हैं। कुछ ऐसे सेक्स टिप्स जिनसे महिलाएं सेक्स के सुखद अहसास को खास बना सकती हैं।
    जरूरी नहीं कि हर बार बेड में पुरुष ही किस करें, हग करें, सहलाएं। कभी-कभी यह काम आपको भी करना चाहिए। आगे आएं और अपना बोल्ड साइड उनके सामने रखें। बेड पर उन्हें यहां-वहां छूना, उन्हें छेड़ना या शरारत करना गलत नहीं है। आजमा कर देखिए हो सकता है आपकी शरारत से वह खुश हों। अगर आपका सेक्स का मूड है तो आपको अवश्य पहल करनी चाहिए। ऐसा कर आप अपने पुरुष साथी के प्रति अपने प्यार को प्रदर्शित करती हैं। पहल करने के साथ कभी-कभी बेड पर कमान भी अपने हाथ में लें, खुद किसिंग शुरु करें, वूमेन ऑन टॉप सेक्स पॉजिशन अपनाएं और अपने साथी को दिखाए कि आप भी उनसे प्यार करती हैं।
    कभी-कभी सेक्स से पहले मूड बनाने के लिए कुछ रोमांटिक या डर्टी टॉक से भी शुरुआत की जा सकती है। आप चाहे तो अपने साथी के साथ फोन पर सेक्सी बातें कर सकती हैं या फिर उन्हें कुछ नॉन-वेज मैसेज भेज सकती हैं। कभी-कभी और सही तरीके से किया जाने वाला ओरल सेक्स भी बुरा नहीं होता है। साथी के साथ शावर लेना चाहिए या कभी-कभी पोर्न देखना भी बुरा नहीं है। मूड को हमेशा फ्रेश रखें। अपने पार्टनर को बतियाये की आपको कहा छूना अच्छा लगता है। सेक्सी ड्रेस अप कीजिये जिस से वो खुद पर कण्ट्रोल हो न कर सकें। हल्की म्यूजिक और साथ में खुश्बूदार माहौल हो तो फिर आपसे उनको कोई नहीं बचा पायेगा।
    किसी भी बुरी चीज़ की आदत से आपकी सेक्स लाइफ कमज़ोर हो सकती है। जैसे स्मोकिंग की आदत ,शराब पीना आदि। अगर किसी भी चीज़ के आप आदी हैं तो आपकी सेक्स लाइफ पर खास असर पड़ सकता है। इससे भी बड़ी बात कि आपका पेनिस पर भी असर पड़ सकता है। लेकिन इसी का हल भी हम आपको बताने आये हैं जिससे आपके पेनिस पर कोई असर नही पड़ेगा।
    दरअसल, द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में एक रिपोर्ट छपी है जिसके अनुसार फल, सब्जियों, चाय और रेड वाइन जैसे फ्लेवोनॉयड की प्रचूरता वाले खाद्य पदार्थ आपकी सेक्स लाइफ की परेशानी से आपको निजात दिला सकते हैं। इसी पर यूके के नॉर्विक में ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर एडिन कैसिडी ने कुछ लोगों के खान पान को फॉलो किया जिसके अनुसार उनके सेक्स पावर की रेटिंग भी की।
    और उसमे पाया गया कि जिन लोगों ने फ्लेवोनॉयड की प्रचूरता वाले फूड लिए, उनके सेक्स पावर में कमजोरी नहीं दिखी। रिसर्च के अनुसार ये कहा गया है कि फ्लेवोनॉयड की प्रचूरता वाले फ़ूड ही ले। आने सेक्स पावर को बढ़ने के लिए आप ब्लूबेरी, चेरी, गाजर, अजवाइन, खट्टे फल, गरम काली मिर्च, चाय और रेड वाइन का नियमित तौर पर सेवन करिए। इससे आपकी लाइफ में कोई परेशानी नही आएगी।
    ये हैं कुछ ऐसी सेक्स पोज़िशन्स जो हैं प्रेग्नेंट होने के लिए बेस्ट
    धूप में बैठने वाले पुरुष की स्पर्म क्वालिटी होती है बेहतर
    पहले सेक्स को कैसे बनाए यादगार
    सेक्स को लेकर लोगों के मन में तरह तरह के सवाल होते हैं। सेक्स का एक अलग ही एहसास होता है। शादी शुदा कपल के लिए ये ज़रूरी भी होता है पाने रिलेशन को बनाने के लिए। लेकिन आपको बता दे कि सेक्स से कई बड़ी बड़ी बीमारियां भी हो रही हैं। इसे ही और मज़ेदार बनाने के लिए लोग नए नए एक्सपेरिमेंट करते हैं। जैसे अब ओरल सेक्स को ही ले लीजिये, इसे लेकर भी लोगों में काफी क्रेज़ है। ओरल सेक्स के भी कई नुकसान है जो हम आपको बताने जा रहे हैं।
    * ओरल सेक्स से होती है STD (Sexual Transamitted Disease) - ओरल सेक्स अपने साथी से प्यार दिखाने का अच्छा तरीका माना जाता है। लेकिन आपको बता दे कि इससे कई जानलेवा बीमारिया हो सकती है।
    * ओरल सेक्स से होता है मुह का कैंसर - ओरल सेक्स भले ही आपको कुछ समय के लिए मज़ा दे लेकिन ये आपको दे सकता है मुंह का कैंसर। यहाँ तक डॉक्टर्स ने भी ये बात कही है कि ओरल सेक्स से जानलेवा वायरस हो सकता है।
    पुरुषों में हो रहे मुंह के कैंसर को लेकर डॉक्टर्स ने संदेह जताया है। उनका कहना है कि सेक्‍स के दौरान संक्रमित ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानि HVP भी मुंह के कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
    महिलाओं को भी निभाना चाहिए सेक्स में एक्टिव रोल
    ये हैं कुछ ऐसी सेक्स पोज़िशन्स जो हैं प्रेग्नेंट होने के लिए बेस्ट
    पहले सेक्स को कैसे बनाए यादगार
    शोंधकर्ताओं ने बताया कि संक्रमण से निजात पाने के लिए हमेशा से एंटीबॉयाटिक का इस्तेमाल होता है. लेकिन पिछले कुछ समय से एंटीबॉयाटिक के खिलाफ विषाणुओं की प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती जा रही है इस समस्या को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने अनोखा हल तलाशा है. उनका कहना है कि अगर एंटीबॉयोटिक के साथ चांदी का सेवन किया जाये तो इस दवा का प्रभाव हजार गुना बढ़ जाता है.
    सर्दी या जुकाम होने पर लोग एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसका सेवन करने के बाद भी कुछ लोगों की बीमारी ठीक नहीं हो पाती क्यों कि उन पर एंटीबॉयोटिक का असर नहीं होता.
    एंटीबॉयोटिक के साथ कम मात्रा में चांदी का सेवन करने पर दवा की सक्रियात बढ़ जाती है जो संक्रमण के खिलाफ लड़ने में मदद करता है. अध्ययन के शुरुआती चरण में शोधकर्ताओं ने चूहों को दवा के साथ-साथ चांदी का सेवन कराया. इसके बाद चूहों में संक्रमण के खिलाफ लड़ने की क्षमता दस से लेकर हजार गुना तक बढ़ गयी. 
    पियें तरबूज का जूस कालीमिर्च मिलाकर
    दूध के साथ अक्सर ही आपने घर के बड़े लोगों को गुड़ का सेवन करते देखा होगा. कई लोगों को दूध के साथ गुड़ खाना पसंद नहीं होता लेकिन क्या आप इसके फायदे जानते हैं?आइए जानते हैं इसके सेहतमंद फायदों के बारे में...
    1- अगर आपके जोड़ों में दर्द रहता है तो हर रोज गुड़ की छोटा सा पीस अदरक के साथ मिलाकर खाएं और गरम दूध पीएं. ऐसा करने से आपके जोड़ मजबूत होंगे और दर्द भी दूर हो जाएगा. 
    2- महिलाओं को पीरियड्स के दर्द से बचने के लिए गरम दूध में गुड़ डालकर कर जरूर पीना चाहिए. 
    3- अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो इसे बचने के लिए गुड़ को शक्कर की जगह दूध या चाय में डाल कर पीएं.
    4- डॉक्टर हमेशा गर्भवती महिलाओं को थकावट और कमजोरी को दूर करने से लिए गुड़ का सेवन करने के सलाह देते हैं. अगर गर्भवती महिला हर रोज गुड़ खाती है तो उन्हें एनीमिया नहीं होता. 
    5- अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो इसे बचने के लिए गुड़ को शक्कर की जगह दूध या चाय में डाल कर पीएं.
    वेजिस के लिए वंडर प्रोटीन फ़ूड है सोयाबीन
    छोटी इलायची का पौधा सदा हरा तथा पाँच फुट से 10 फुट तक ऊँचा होता है. इसके पत्ते बर्छे की आकृति के तथा दो फुट तक लंबे होते हैं. यह बीज और जड़ दोनों से उगता है. तीन चार वर्ष में फसल तैयार होती है तथा इतने ही काल तक इसमें गुच्छों के रूप में फल लगते हैं. सूखे फल बाजार में 'छोटी इलायची' के नाम से बिकते हैं. 
    1-उल्टी-  बड़ी इलायची पाँच ग्राम लेकर आधा लीटर पानी में उबाल लें. जब पानी एक-चौथाई रह जाए, तो उतार लें. यह पानी पीने से उल्टियाँ बंद हो जाती हैं.
    2-बदहजमी- यदि केले अधिक मात्रा में खा लिए हों, तो तत्काल एक इलायची खा लें. केले पच जाएँगे और आपको हल्कापन महसूस होगा.
    3-छाले - मुँह में छाले हो जाने पर बड़ी इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर जबान पर रखें. तुरंत लाभ होगा.
    4-खाँसी - सर्दी-खाँसी और छींक होने पर एक छोटी इलायची, एक टुकड़ा अदरक, लौंग तथा पाँच तुलसी के पत्ते एक साथ पान में रखकर खाएँ.
    5-खराश - यदि आवाज बैठी हुई है या गले में खराश है, तो सुबह उठते समय और रात को सोते समय छोटी इलायची चबा-चबाकर खाएँ तथा गुनगुना पानी पीएँ.

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.