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jankari339पाना चाहते है डेंड्रफ से मुक्ति तो लगाए बालो में मेहँदी

    अगर आपके बालों में भी रूसी है और आप तमाम उपाय अपनाकर थक चुके हैं तो मेंहदी का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. मेंहदी में एंटी-बैक्टींरियल गुण पाया जाता है जो संक्रमण से सुरक्षा देने का काम करता है.
    1. दो चम्मच मेंहदी पाउडर में एक चम्मच ऑलिव ऑयल और एक चम्मच अंडे की सफेदी मिलाएं. जब ये सूख जाए तो हल्के गुनगुने पानी से सिर धो लें. ऐसा करने से बाल रूखे भी नहीं होंगे और उन्हें पोषण भी मिल जाएगा.
    2. आप चाहें तो मेंहदी पाउडर में नींबू का रस और दही मिलाकर भी पैक बना सकते है . एक ओर जहां मेंहदी बालों को कलर करने का काम करेगी वहीं दही से बाल मुलायम बने रहेंगे. नींबू का रस रूसी और संक्रमण को दूर करने में मददगार होता है.
    3. मेंहदी पाउडर को चायपत्ती के साथ भिंगोकर रातभर के छोड़ दें. सुबह मेंहदी का रंग और गाढ़ा हो जाएगा. सिर में मेंहदी लगाने से पहले तेल जरूर लगा लें. उसके बाद मेंहदी में अंडे की सफेदी मिला लें. इस पेस्ट को बालों में लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. जब ये सूख जाए तो बालों को हल्के गुनगुने पानी से धो लें. 
    अब पाए रुसी से हमेशा के लिए छुटकारा
    अक्सर देखा जाता है कि लोग कोई भी सोप इस्तेमाल कर लेते हैं क्योंकि अधिकतर लोगों को लगता है कि इससे त्वचा की सफाई ही तो होनी है. लेकिन ऐसा नहीं होता है त्वचा की सफाई के साथ ही यह भी जरूरी है कि स्किन टाइप के अनुसार सोप का चुनाव किया जाए-
    1-ग्लिसरीन युक्त साबुन मेडिकेटेड सोप होते हैं और यह मिली-जुली यानि कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वालों के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा जिनकी त्वचा रूखी और संवेदनशील होती है उन्हें भी इस सोप का इस्तेमाल करना चाहिए.
    2-अगर आपकी सिक्न कॉम्बिनेशन स्किन है मतलब ऑयल और ड्राईनेस की मिलीजुली त्वचा है तो इस तरह के साबुन आपकी स्किन के लिए अच्छे हैं. इनमें एसेंशियल  आयल और सुगन्धित फूलो   का अर्क होता है जो शरीर को आराम और प्रसन्न बनाकर तनावमुक्त रखने में मदद करते हैं.
    3-चेहरे पर एक मुहांसा आ जाए तो हर कोई परेशान हो जाता है और इसे ठीक करने के लिए न जाने कितने ही उपाय कर लेते हैं. मुहांसों से बचने के लिए बनाए गए साबुन का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना ही बेहतर होता है. कई बार यह त्वचा पर लाल निशान छोड़ जात हैं इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
    4-एंटीबैक्टीरियल साबुन बाजार में उपलब्ध एन्टीबेक्टेरिअल साबुन में ट्राइक्लोसन और ट्राइक्लोकार्बन जैसे एंटीबैक्टीरियल एजेंट होते हैं जो तैलीय त्वचा वालों के लिए अच्छी तरह काम करते हैं. इसके ज्यादा इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह त्वचा को रूखा बना सकता है.
    ये रिश्ता क्या कहलाता हैं में होगी नई एंट्री

    तुलसी के स्वास्थ्य प्रदान करने वाले गुणों के कारण इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि इसका पूजन किया जाने लगा. तुलसी सिर्फ बीमारियों पर ही नहीं, बल्कि मनुष्य के आंतरिक भावों और विचारों पर भी अच्छा प्रभाव डालती है.
    हिक्काज विश्वास पाश्र्वमूल विनाशिन. पितकृतत्कफवातघ्नसुरसा: पूर्ति: गन्धहा..
    सुरसा यानी तुलसी हिचकी, खांसी, जहर का प्रभाव व पसली का दर्द मिटाने वाली है. इससे पित्त की वृद्धि और दूषित वायु खत्म होती है. यह दूर्गंध भी दूर करती है.
    तुलसी कटु कातिक्ता हद्योषणा दाहिपित्तकृत.दीपना कृष्टकृच्छ् स्त्रपाश्र्व रूककफवातजित..
    तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली दिल के लिए लाभकारी, त्वचा रोगों में फायदेमंद, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र से संबंधित बीमारियों को मिटाने वाली है. यह कफ और वात से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करती है.
    त्रिकाल बिनता पुत्र प्रयाश तुलसी यदि.विशिष्यते कायशुद्धिश्चान्द्रायण शतं बिना..
    तुलसी गंधमादाय यत्र गच्छन्ति: मारुत.दिशो दशश्च पूतास्तुर्भूत ग्रामश्चतुर्विध..
    यदि सुबह, दोपहर और शाम को तुलसी का सेवन किया जाए तो उससे शरीर इतना शुद्ध हो जाता है, जितना अनेक चांद्रायण व्रत के बाद भी नहीं होता. तुलसी की गंध जितनी दूर तक जाती है, वहां तक का वातारण और निवास करने वाले जीव निरोगी और पवित्र हो जाते हैं.
    स्किन के हिसाब से करे साबुन का चुनाव
    कई बार शारीरिक और मानसिक दुर्बलता या किसी लम्बी बीमारी के कारण मस्तिष्क पर असर पड़ने लगता है और हमारी स्मरण शक्ति कम हो जाती है. आइए जानें कि मस्तिष्क की शक्ति को कैसे बढ़ा सकते हैं.
    1-सौंफ प्रतिदिन घर में प्रयोग किए जाने वाले मसालों में से एक है. इसका नियमित उपयोग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को दो चम्मच दोनों समय भोजन के बाद लेते रहने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है.
    2-दालचीनी सिर्फ गर्म मसाला ही नहीं, बल्कि एक औषधि भी है. यह कमजोर मस्तिष्क की अच्छी दवा है. रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है.
    3-छोटी सी दिखने वाली काली मिर्च खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर भी है. मस्तिष्क की कमजोरी दूर करने एवं स्मरण शक्ति बढ़ाने में काली मिर्च लाभप्रद होती है. 25 ग्राम मक्खन में 5-6 कालीमिर्च मिलाकर नित्य चाटने से मस्तिष्क तेज होता है.
    अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी
    अगर आप अपनी उंगलियों से लिप-बाम लगाती हैं तो भी आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. आमतौर पर हम चलते-फिरते उंगलियों से लिप-बाम लगा लेते हैं लेकिन ये खतरनाक हो सकता है. ऐसे में हो सके तो पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साफ कर लें और उसके बाद ही लिप-बाम लगाएं.
    1-हमारी उंगलियों पर बीमारियां फैलाने वाले कई बैक्टीरिया और वायरस चिपके होते हैं. ये इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंखों से हमें दिखाई भी नहीं देते. आप खुद ही सोचिए आप टॉयलेट का हैंडल, जेट और फ्लश यूज करते हैं और उसके तुरंत बाद उसी हाथ से बाम निकालकर लगा लेते हैं. जिसके बाद यही बैक्टीरिया हमारे मुह से होते हुए शरीर में प्रवेश कर जाते है  .
    2-हम दिन भर अपना मोबाइल यूज करते है. लेकिन आपको शायद ये पता न हो कि हमारे मोबाइल की स्क्रीन पर एक टॉयलेट सीट जितने बैक्टीरिया चिपके रहते हैं. मोबाइल पकड़े-पकड़े अचानक से हमें लगता है कि हमारे होंठ सूख रहे हैं और हम लिप बाम लगा लेते हैं. सोचिए, एक उंगली से ये सारे बैक्टीरिया हमारे पेट में पहुंच जाते हैं.
    3-आप भी उंगलियों से लगाया जाने वाला लिप बाम बदल डालिए. स्टिेक वाला लिप बाम यूज करे अगर आप स्टिक वाले लिप बाम के साथ कंफर्टेबल नहीं हैं तो बाम लगाने से पहले उंगलियों को साफ कर लें. 
    पाना चाहते है डेंड्रफ से मुक्ति तो लगाए बालो में मेहँदी
    किडनी हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है. लेकिन अनजाने में आपकी कुछ आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा देती हैं. जैसे कम पानी पीना, ज्यादा नमक खाना आदि.
    1-पानी हमारे शरीर की जरुरत है. पानी कम पीने से किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. किडनी खून साफ करती है और खराब चीजों को शरीर से अलग करती है जिसमें पानी की बड़ी भूमिका है. अगर आप पानी कम पियेंगे तो टॉकिन्स छनने के बजाय आपके शरीर में इकट्ठा होने शुरू हो जाएंगे.
    2-कुछ लोग जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन करते हैं. शायद वो नहीं जानते कि उनकी ये आदत उनकी किडनी की सेहत पर कितनी भारी पड़ सकती है. अधिक नमक लेने से शरीर में सोडियम बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है. इससे किडनी पर बल पड़ता है. इसलिए दिन में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन न करें.
    3-कुछ लोगों की आदत होती है कि वो यूरीन या पेशाब को रोक कर रखते हैं. यूरीन या पेशाब के प्रैशर को रोकना भी किडनी से संबंधित समस्याओं को बढ़ा देता है. इस गलत आदत से किडनी में पत्थरी या किडनी फेल होने जैसी दिक्कत भी हो जाती है.
    4-ज्यादा मिठाई खाने की आदत भी आपकी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकती है. दरअसल, अधिक मीठी डाइट के सेवन से यूरीन से प्रोटीन निकलने लगता है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो समझ लें कि आप किडनी से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रहे हैं.
    अनेक रोगों की दवा है तुलसी
    सुबह के समय नारियल पानी पीना सबसे अधिक फायदेमंद होता है. अगर आप सुबह के समय नारियल पानी पीते हैं तो ये आपके शरीर को दिनभर स्फूर्तिवान बनाए रखता है.
    1- किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी नारियल पानी का सेवन करना अच्छा रहता है. ये यूरीनरी ट्रैक को साफ रखने में मददगार होता है और साथ ही किडनी में स्टोन को नहीं पनपने देता है.
    2- नारियल पानी के नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बूस्ट होती है. जिससे कई बीमारियों के होने की आशंका कम हो जाती है.
    3- थायरॉएड हॉर्मोन्स को संतुलित बनाए रखने में नारियल पानी बहुत उपयोगी होता है. सुबह के समय नारियल पानी पीने से थायरॉएड हॉर्मोन नियंत्रित रहते हैं.
    4- त्वचा को पोषण देने के लिए भी नारियल पानी पीना फायदेमंद रहता है. नारियल पानी पीने से त्वचा की नमी भी बनी रहती है. 
    5-अगर आप वजन घटाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो नारियल पानी पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है और फैट न के बराबर. नारियल पानी पीने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती, जिससे घड़ी-घड़ी खाने की जरूरत नहीं पड़ती.
    अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी
    पत्तागोभी में मौजूद लेक्टिक  एसिड नेचुरल कीटाणुनाशक की तरह काम करता है . इसके नियमित सेवन से पाचन क्रिया भी बेहतर बनती है, शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और अल्सर होने का खतरा भी कम हो जाता है.
    पत्तागोभी का जूस पीने के फायदे:
    1-पत्तागोभी उन सब्जियों में से एक है जो इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करती हैं. कई शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि नियमित रूप से पत्तागोभी का जूस पीने वालों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता, नहीं पीने वालों की तुलना में कहीं ज्यादा होती है. 
    2- पत्तागोभी सल्फोराफेन से भरपूर होता है. ये तत्व कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने से रोकता है. जिससे कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है.
    3- पत्तागोभी के जूस का सेवन करने से अल्सर होने का खतरा कम हो जाता है. इससे आंतों में गंदगी जमने नहीं पाती और पेट की अंदरुनी परत मजबूत होती है.
    4- पत्तागोभी का जूस मोतियाबिंद से सुरक्षा देने का काम करता है. मोतियाबिंद आंखों से जुड़ी एक सामान्य समस्या है. यूं तो इसका ऑपरेशन करके इसे दूर किया जा सकता है लेकिन समस्या गंभीर हो जाने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है.
    दूर करे घुटने और कोहिनी का कालापन
    शहद और दालचीनी का मिश्रण बहुत ही प्रभावी है, जिससे कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. आयुर्वेदिक चिकित्साी में चीनी की जगह शहद का प्रयोग दवा बनाने में किया जाता है.
    1- ज्यादा हेवी खाना खा लिया है तो गर्म पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से यह आसानी से पच जाता है.
    2- सर्दी-जुकाम में भी गर्म पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से आराम मिलता है.
    3-सर्दी में अगर ठंड की वजह से सिर में दर्द हो रहा हो तो दालचीनी के पाउडर का लेप लगाना फायदेमंद रहता है.
    4- नियमित रूप से शहद और दालचीनी का सेवन करने से तनाव में राहत मिलती है.
    5- रोज सुबह एक कप गर्म पानी, दालचीनी और शहद मिला कर पीने से जोड़ों के पुराने दर्द से राहत मिलती है.
    6- एसिडिटी में गर्म पानी में शहद और दालचीनी मिला कर पीने से आराम मिलता है और पाचन क्रिया अच्छी रहती है.
    7- दालचीनी और शहद का मिश्रण हार्ट अटैक के जोखिम से बचाता है. यदि आप रोज दालचीनी पाउडर और शहद के पेस्ट को ब्रेकफास्ट में खाएं तो यह आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मदद करता है. 
    स्वस्थ जीवन के कुछ खास टिप्स
    अनार में मौजूद बीजों को कुछ लोग खाने की बजाय बाहर निकालकर फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनार के बीज में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो वजन घटाने मे काफी फायदेमंद होते हैं. साथ ही अनार के बीज में कैंसर और ट्यूमर से लड़ने की शक्ति भी होती है. आइए जानें कि आखिर हमें अनार के बीज क्यों खाने चाहिए. 
    1-अनार के बीज में मौजूद फिटोकेमिकल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को विनियमित करने और अच्छे फैट की आपूर्ति में मदद करता है. जिससे दिल के रोकथाम में सहायता मिलने के साथ-साथ हाई बीपी, अथेरोस्क्लेरोसिस और अन्य कार्डियोवैस्कुलर रोगों की रोकथाम में सहायता मिलती है. 
    2-डीएनए की क्षति कोशिका चक्र में रुकावट पैदा कर कैंसर के विकास को बढ़ावा देती है. लेकिन अनार के बीज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट में इस तरह के नुकसान के खिलाफ कोशिकाओं की रक्षा करने की क्षमता होती है. इस तरह से अनार के बीज ब्रेस्ट, कोलान, प्रोस्टेट ल्यूकेमिया और ट्यूमर को रोकने और इलाज में फायदेमंद होता है. 
    3-अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान है तो अनार के बीज के इस्तेमाल से आपकी यह समस्या दूर हो सकती है. अनार के बीज भी अन्य फाइबर युक्त आहार की तरह वजन घटाने में आपकी सहायता करते हैं. अनार के बीज में उपलब्ध फ्लेवोनॉयड्स कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. जिसके परिणास्वरूप बुरे वसा कोशिकाओं का संचय कम होता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है. 
    बेर रखता है लीवर को स्वस्थ
    अमरूद की पत्ति यों का इस्तेमाल सामान्य घरेलू बीमारियों के लिए किया जाता है. दस्त, सिर दर्द और मुंह की बदबू दूर करने में तो ये फायदेमंद हैं ही साथ ही साथ ये एक बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट भी हैं.
    1-अगर आपके चेहरे पर बहुत अधिक दाग-धब्बे हैं तो भी अमरूद की पत्तिरयों का इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद होगा. अमरूद की पत्तिगयां दाग-धब्बों को दूर करके चेहरे पर निखार लाने का काम करती हैं.
    2-अमरूद की पत्ति यों में एंटी-बैक्टीतरियल गुण पाया जाता है. जिससे बैक्टीरिया पनप नहीं पाते हैं और मुंहासे की समस्या बार-बार नहीं होती है. इसके साथ ही अमरूद की पत्ति यों के नियमित इस्तेमाल से चेहरे पर चमक भी आती है.
    3-अमरुद की पत्तिया झुर्रियों को दूर करने में मददगार है . अमरूद की कोमल पत्तियो को पीसकर एक पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को नियमित रूप से प्रभावित हिस्से पर लगाएं. कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा.
    4-आप चाहें तो नियमित रूप से अमरूद की मुलायम पत्ति्यों को पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा आप चाहें तो इन पत्तियो  को उबाल लें.पांच से दस मिनट   तक उबालने के बाद इस पानी को छान ले . इस पानी को गुलाब जल की तरह रोजाना सोने से पहले चेहरे पर लगाएं. कुछ ही दिनों में आपको अंतर नजर आने लगेगा. 
    जैतून का तेल करता है उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा
    चम्मच से मसाज करने से त्वचा पर दबाव बनता है और गर्माहट आती है.गर्माहट आने से त्वचा की कोशिकाओं में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे ये स्वस्थ बनी रहती हैं. इसके साथ ही चम्मच से मसाज करने पर झुर्रियों की समस्या भी दूर हो जाती है. चम्मच मसाज के बेहतर परिणाम पाने के लिए आपको इसे नियमित रूप से करने की आवश्यकता है.
    1-चम्मच की मदद से जब हम किसी तेल या क्रीम को त्वचा पर फैलाते हैं तो ये बहुत आसानी से त्वचा द्वारा सोख लिया जाता है और इससे त्वचा को उस उत्पाद का पूरा फायदा मिल पाता है. चम्मच को नीचे से ऊपर की ओर घुमाते हुए मसाज करें. इसके अलावा आंखों के नीचे और गर्दन के आस-पास भी इसे हल्के हाथों से घुमाएं. चम्मच मसाज करने से पूर्व आपके लिए इन बातों को जान लेना आवश्यक है:
    2-स्पून या चम्मच मसाज करने के लिए आपको एक बड़े चम्मच, एक गिलास पानी और कुछ बर्फ के टुकड़ों की जरूरत होती है. इसके अलावा आप एक छोटी कटोरी में कुछ मात्रा में नारियल का तेल या फिर जैतून का तेल ले लें. इसे हल्का गर्म कर लें. 
    3-स्पून या चम्मच मसाज करने के लिए आपको एक बड़े चम्मच, एक गिलास पानी और कुछ बर्फ के टुकड़ों की जरूरत होती है. इसके अलावा आप एक छोटी कटोरी में कुछ मात्रा में नारियल का तेल या फिर जैतून का तेल ले लें. इसे हल्का गर्म कर लें. 
    4-चम्मच को हल्के दबाव के साथ पकड़ें. चम्मच को नीचे से ऊपर की ओर घुमाएं. गालों पर चम्मच को घुमावदार अंदाज में नीचे से ऊपर की ओर ले जाएं. आंखों के नीचे जब चम्मच घुमाएं तो बेहद सावधानी रखें. वरना आखों को चोट पहुंच सकती है. आप चाहें तो गर्दन और बैक साइड पर भी चम्मच से मसाज ले सकते हैं. इससे शरीर को काफी आराम मिलता है. 
    बार बार ना छुए अपने होंठो को
    रोजाना छाछ का सेवन अमृत के समान है। इससे चेहरा चमकने लगता है। खाने के साथ छाछ पीने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है। छाछ कैल्शियम से भरी होती है। इसका रोज सेवन करने वाले को कभी भी पाचन सबंधी समस्याएं प्रभावित नहीं करती हैं। खाना खाने के बाद पेट भारी हो जाना अरूचि आदि दूर करने के लिए छाछ जरुर पीना चाहिए। छाछ पीने के ढेरों लाभ हैं उन्हीं में से कुछ आज हम आपको बताने जा रहे हैं। छाछ में मिश्री, काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर रोजाना पीने से एसिडिटी जड़ से साफ हो जाती है। इसमें हेल्दी बैक्टीरिया और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं साथ ही लैक्टोस शरीर में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है, जिससे आप तुरंत ऊर्जावान हो जाते हैं। अगर कब्ज की शिकायत बनी रहती हो तो अजवाइन मिलाकर छाछ पीएं। पेट की सफाई के लिए गर्मियों में पुदीना मिलाकर लस्सी बनाकर पीएं। जिन लोगों को खाना ठीक से न पचने की शिकायत होती है। उन्हें रोजाना छाछ में भुने जीरे का चूर्ण, काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक का चूर्ण समान मात्रा में मिलाकर धीरे-धीरे पीना चाहिए। इससे पाचक अग्रि तेज हो जाएगी। बटर मिल्क में विटामिन सी, ए, ई, के और बी पाये जाते हैं जो कि शरीर के पोषण की जरुरत को पूरा करता है। यह स्वस्थ पोषक तत्वों जैसे लोहा, जस्ता, फास्फोरस और पोटेशियम से भरा होता है, जो कि शरीर के लिये बहुत ही जरुरी मिनरल माना जाता है।यदि आप डाइट पर हैं तो रोज़ एक गिलास मट्ठा पीना ना भूलें। यह लो कैलोरी और फैट में कम होता है।
    सेक्स लाइफ में बहुत इम्पोर्टेन्स रखता है। जैसे हमारी बॉडी के लिए खाना पीना जरूरी है वैसे ही सेक्स भी शरीर के लिए बहुत जरूरी है। सेक्स हमेशा सेफ हो तो ही इसका आनंद लिया जा सकता है। कुछ छोटी मोटी सेक्सुअल बिमारियों के पीछे हमेशा छोटे कारण होते हैं और ये वही कारण होते हैं जिनका हम सेक्स से पहले और सेक्स के बाद ख़याल नहीं रख पाते। यदि आप खुद को इन्फेक्शन या बैक्टीरिया से बचाना चाहते हैं, तो सेक्स के पहले और बाद में कुछ सफाई के नियमों का पालन जरुर करें।
    पुरुष और महिला दोनों को ही ये हिदायत दी जाती है कि वे अपने प्राइवेट पार्ट्स की शेविंग करें, आपके प्राइवेट पार्ट्स क्लीन होंगे तो पसीना पैदा होने पर इंफेक्शन या अन्य बीमारियों से बचाव हो जाएगा। पुरुषों को एक बार अपने प्राइवेट पार्ट्स को अच्छे से जांच लेना चाहिये कि कहीं उनमें घाव या छाले तो नहीं हो गए हैं। इस‍ी तरह से महिलाओं को भी इस तरह जांच कर लेनी चाहिये। इंटरकोर्स करने से पहले अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा धो लें। ऐसा करने आप किसी भी बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया या फंगस को बढ़ने से रोक देते हैं। सेक्स करते वक्त कभी भी पेशाब को रोक कर न रखें। अगर आपने ऐसा किया तो बैक्टीरिया का निर्माण होगा जिससे इन्फेक्शन फैलने की गुंजाइश हो सकती है।
    सेक्स के बाद महिलाओं को एक बार टॉयलेट जरुर जाना चाहिये नहीं तो उन्हें यूरिनल इन्फेक्शन जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। सेक्स करने के बाद और पहले नहाना चाहिये, जिससे आप अपने शरीर पर लगी हुई गंदगी को साफ कर सकें और इन्फेक्शन से बच सकें। इंटरकोर्स करने के बाद हमेशा साफ कपड़े और अंडरवेयर ही पहनें। कभी भी उसी बेड शीट पर नहीं सोना चाहिये, जिस पर आपने सेक्स किया था।
    अगर आप भी करते हैं ओरल सेक्स तो हो जाइए सावधान
    अक्सर इस बात को लेकर बहुत बहस होती है कि शाकाहारी या माँसाहारी खाने में से बेहतर कौन है या फिर दोनों में से किसका सेवन हमारे लिए फायदेमंद है। वैसे जो लोग बॉडीबिल्डिंग जैसे पेशे में है या जिमिंग वगैरह करते है उनका जवाब शायद माँसाहार होगा और इसके पीछे का कारण वो इसमें भरपपुर मात्रा में पाए जाने प्रोटीन को ही मानते होंगे। जो लोग शाकाहारी है उन्हें यह जान कर आश्चर्य के साथ ख़ुशी भी होगी कि अमेरिका जैसे देश में शाकाहार अपनाने वालों की संख्या में बहुत इजाफा हो रहा है।
    आप जान गए होंगे कि वेजेटेरियन होने के जरूर फायदे है तभी तो लोग इसको अपनाने की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। चलिए तो फिर जानते हैं वेजी होने के फायदे। शाकाहार फेफड़े और कोलोरेक्टल कैंसर के रिस्क को कम करता है। शाकाहारी आहार जिसमें फल, सब्जियां और रेशे शामिल हों वह फेफड़े तथा उससे जुडी़ अन्य बीमारियों को दूर करता है। आजकल मधुमेह आम होता जा रहा है क्योंकि दुनिया में कई लोग मोटापे से ग्रस्त हैं लेकिन शाकाहार भोजन इसे रोकने के लिए काफी प्रभावी है।
    इसमें कार्ब्स और फाइबर होते हैं जो कि शरीर में इंसुलिन का प्रबंधन करने में मदद करता है। ऐसे आहार जिसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, उसको खाने से एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन प्राप्त होता है जिससे हमारी स्किन हमेशा चमकदार बनी रहती है। शाकाहार फैट और सोडियम में लो रहते हैं जिससे ब्लड़ प्रेशर कम होता है और खून का सर्कुलेशन सही रहता है। साबुत अनाज और सब्जियों में फाइबर पाया जाता है जो कि पेट की सभी समस्याएं ठीक करता है।
    स्मार्टफोन आने से सोशल मीडिया का उपयोग ज्यादा ही हो गया है,और हो भी क्यों ना जब हर कोई सोशल साइट्स पर है तो फिर भला कोई पीछे क्यों रहे? फेसबुक और व्हाट्सएप दो ऐसे सोशल प्लेटफार्म है जहां आजकल हर कोई एक्टिव है। इसमें कोई गलत बात नहीं है लेकिन गलत बात यह है कि इन सबके पीछे आप अपनी हेल्थ को नजरअंदाज कर रहे हैं। आपको शायद नहीं पता लेकिन लगातार चेट करने के लिए आपके उँगलियों और अंगूठे को क।फी नुक्सान पहुँचता है।
    ज्यादातर लोग चैटिंग या मैसेजिंग करने के लिए स्मार्टफोन तथा टैबलेट का इस्तेमाल करते हैं। लगातार चैटिंग एवं मैसेजिंग करते रहने की बढ़ती लत के कारण वैसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जिन्हें उंगलियों, अंगूठे और हाथों में दर्द की समस्या उत्पन्न हो रही है। ज्यादातर लोग टच स्क्रीन का इस्तेमाल गलत तरीके से और गलत पोस्चर में करते हैं। स्ट्रेस से संबंधित इंजुरीज लोगों को तब भी हो सकती है जब वे टाइप करते समय अपनी कलाई पर अधिक दबाव डालते हैं या अपने हाथों को बहुत ज्यादा आगे या पीछे की ओर झुकाते हैं, जिससे उनके हाथों पर स्ट्रेस पड़ता है। इसके कारण होने वाली बीमारियों में कार्पेल टनेल सिंड्रोम सबसे सामान्य है।
    यह कलाई में मीडियन नर्व पर दबाव पड़ने के कारण होता है। आपकी गर्दन और इसे सहारा देने वाली सर्वाइकल स्पाइन पर खराब पोस्चर का बहुत प्रभाव पड़ता है किसी भी गतिविधि के बार-बार दोहराए जाने के कारण जोड़, मांसपेशियां और नसें प्रभावित होती हैं, जिस कारण रिपिटिटिव स्ट्रेस इंजुरी होती है। जो लोग सेल फोन पर अक्सर संदेश टाइप करने के लिए अपने अंगूठे का उपयोग करते हैं, उनमें कभी-कभी रेडियल स्टिलॉयड टेनोसिनोवाइटिस विकसित हो जाता है। इस रोग में अंगूठे को हिलाने-डुलाने में दर्द होता है।
    Video : चैटिंग के दौरान जब लड़की ने उतारे कपडे
    हर इंसान फिट रहना चाहता है और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज के साथ बढ़िया खान पान भी बेहद जरूरी है। बहुत से लोग अपने खाने को लेकर काफी कॉन्शस होते हैं और हेल्थी डाइट का पूरा ख्याल रखते हैं। क्या आपने सोचा है कि सिर्फ खाने का ध्यान रखने से कुछ नहीं होगा। चाहे आप जितना भी पौष्टिक खाना क्यों न खाएं, लेकिन खाने के बाद यदि आप कुछ ऐहतियात नहीं बरतते हैं तो आपने चाहे कितना भी हैल्दी खाना खाया हो, उसका कोई मतलब नहीं रह जाता।
    कुछ चीजें ऐसी होती है जिन्हें खाने के बाद आपको भूलकर भी नहीं करना हैं क्योंकि आपकी ये आदतें सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। खाने के तुरंत बाद फल नहीं खाएं, क्योंकि ये आपके पेट में चिपक जाते हैं और सही तरीके से आंतों तक नहीं पहुंच पाते हैं। फल खाना ही है तो सुबह खाली पेट खाएं। खाने के तुरंत बाद सोने से परहेज करें, क्योंकि खाना को पचने में कुछ वक्त लगता है। ऐसा करने से गैस और आंत संबंधि समस्या बढ़ जाती हैं। भोजन के तुरंत बाद नहाने से परहेज करना चाहिए। खाने के बाद हमारे हाथ-पैर सक्रिय होते हैं और खून का संचार काफी बढ़ जाता है।
    ऐसे में नहाने से रक्त संचार प्रभावित हो जाती हैं। खाने के तुरंत बाद सिगरेट पीना खतरनाक है। खाने के बाद सिगरेट पीने से आपको हृदय और सांस संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं. इससे कैंसर का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। खाने के बाद चाय ना ही पीएं तो अच्छा है, क्योंकि चाय की पत्तिीयों में उच्च अम्लीयता होती है। इससे प्रोटीन के पाचन पर असर पड़ता और वो आसानी से नहीं पच पाता है इसलिए खाने के एक से दो घंटे बाद ही चाय पिएं।
    वैवाहिक जीवन में आमतौर पर पुरूषों को अधिकतर एक ही समस्या का सामना करना पड़ता है और वह है सेक्स की समस्या जी हां अधिकतर पुरूषों को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। तो कंही आप भी तो कुछ इस प्रकार की समस्या से परेशान तो नहीं है अगर आप भी ऐसी ही समस्या से परेशान हैं तो चिंता करने की जरूरत नही है हम आपको कुछ एसा बीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप सेक्स से लेकर कई सारी समस्याओं से निजात पा सकते हैं।
    जी हां हम बात कर रहे हैं कटहल के बीजों के बारे में जिसे खाने के बाद आज जल्दी थकने वाली समस्या से बच सकते हैं। कटहल में काफी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है जो ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
    अगर आपका ज्यादा ही वजन है तो आप कटहल के बीज खाना शुरू कर दें क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है जो वजन घटाने में काफी मदद करता है।
    इसको नियमित इस्तेमाल में लाने से दिल से जुड़ी बीमारियां से आप कोसों दूर रहेगें। इसमें ब्लड कोलेस्ट्राॅल को कंट्रोल करने की क्षमता रखते हैं।
    इसको खाने से आपकी हड्डियां मजबूत हो जाएंगी। कटहल के बीज में मैग्नीज और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। मैग्नीशियम कैल्शियम को शरीर में अवशोषित करता है। 
    अगर आप भी करते हैं ओरल सेक्स तो हो जाइए सावधान
    वैवाहिक जीवन या फिर लव कपल्स का खास और सबसे अच्छा पल उनके पास होने का होता है, जब सेक्स करते है। तो कपल्स को कई सारी परेशानियां भी दुर हो जाती है। जी हां सेक्स के बाद महिलाओं में परेशानीयां या फिर उदासी देखने को मिल सकती है। अक्सर महिलाओ को सेक्स के बाद डिप्रेशन, चिंता, आक्रामकता, देखने को मिला है।
    यह बात हम नहीं कह रहे है। बल्कि यह बात एक सर्वे के दौरान साबित हुई है। सर्वे के दौरान लगभग 230 महिलाअें को शामिल किया गया है। और इन्ही मे से 46 प्रतिशत महिला ने यह बताया कि जीवन में एक बार जरूर सेक्स के बाद उदासी महसूस होता है। 5.1 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि पिछले 4 सप्ताह में पोस्टक्वाइल डायसफोरिया का अनुभव कई बार किया है।
    रॉबर्ट सचवेटजर जिसने यह अध्ययन किया कहा कि पहले ही वह महिलाओं में सेक्स से जुड़ी मामलों पर शोध कर चुके हैं। पर हाल के अध्ययन से साबित होता है महिलाओं में नकारात्मक पोस्टक्वाइटल इमोशन है। यह अध्ययन सेक्सुअल मेडिसीन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
    अगर आप भी करते हैं ओरल सेक्स तो हो जाइए सावधान
    पैरों की त्वचा के साथ फ्रिक्शन की संभावना ज़्यादा होती है जिसके लिये सही से फिट न होने वाले जूते या चलने का गलत स्टाईल जिम्मेदार होता है. पैर के तलुवे पर एक ही बिन्दु पर लगातार दबाव पड़ने से कॉर्न और कॉलस विकसित हो जाते हैं त्वचा कड़ी हो जाती है और बाद में इसमें दर्द हो सकता है.
    अपने पैरों को वैसे ही माइश्चराइज़ करें जैसे आप शरीर के अन्य हिस्सों की केयर करते हैं. पैरों के तलुवों को मुलायम रखने के लिये इनमें कोई ऑयल ग्लैंड्स नहीं होतीं इसलिये किसी क्रीम को नियमित लगाने का रूटीन बनाना ज़रूरी है. यदि आपके पैर अत्यन्त सूखे हैं और त्वचा कटी-फटी है तो रात में सोने जाने के वक्त किसी हैवी ड्यूटी मॉइश्चराईज़र या पेट्रोलियम जेली का अच्छी तरह प्रयोग करें और बेहतर अवशोषण के लिये इसे कॉटन सॉक्स से कवर करें.
    1-यदि आपके पैर दर्द करते हैं तो आप इन्हें सी सॉल्ट मिले गुनगुने पानी में डुबो सकते हैं. इससे दर्द से राहत मिलती है और नर्व को आराम मिलता है.
    2-हमारे पैरों में फंगल इंफेक्शन होने की संभावना ज़्यादा होती है और इससे बचाव के लिये हाइजीन का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. पैरों को कभी भी गीला नहीं रखना चाहिये इन्हें अच्छी तरह से खासकर अंगूठों के बीच की जगह को सुखा लेना चाहिये. पैरों के नाखून नेल कटर की सहायता से सही तरह से काटने चाहिये.
    3-यदि आपकी एड़ियों में दर्द हो तो हाई हील शूज से बचें क्योंकि इससे खिंचाव और दर्द ज़्यादा बढ़ सकता है.

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