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jankari336 ये है अजवाइन के फायदेये

    भारतीय खानपान में अजवाइन का प्रयोग एक मसाले की तरह सदियों से होता आया है।आयुर्वेद में शरीर के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में अजवाइन काफी सहायक है।अजवाइन को एक पाचक, रुचिकारक,चटपटी, तीखी,  गर्म, कड़वी, शुक्राणुओं के दोषों को दूर करने वाली, वीर्यजनक (धातु को बढ़ाने वाला), हृदय के लिए हितकारी, कफ को हरने वाली, गर्भाशय को उत्तेजना देने वाली, बुखारनाशक, सूजननाशक, मूत्रकारक (पेशाब को लाने वाला), कृमिनाशक (कीड़ों को नष्ट करने वाला), वमन (उल्टी), शूल, पेट के रोग, जोड़ों के दर्द में, वादी बवासीर (अर्श), प्लीहा (तिल्ली) के रोगों का नाश करने वाली गर्म प्रकृति और पित्तवर्धक होती है। पाचन तंत्र से सुधारने के लिये  अजवाइन का औषधीय प्रयोग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
    आइये जाने अजवाइन के अन्य लाभ :- 
    1 पेट से जुड़ी बीमारियों के लिए अजवाइन एक रामबाण औषधि है। पेट गड़बड़ है तो अजवाइन चबाकर गर्म पानी के साथ गटक लें।
    2 लीवर की कमजोरी दर करने में दो ग्राम अजवाइन और आधा ग्राम सेंधा नमक भोजन के बाद खाना काफी फायदेमंद होगा। 
    3 दही के साथ अजवाइन खाने से हाजमा ठीक रहता है ।
    4 रात को सोने से पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन डाल दें। सुबह अजवाइन वाले पानी को छान कर एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर पीएं। इसके नियमित सेवन से वजन घटाने में काफी लाभ होगा। 
    5 अजवाइन को सरसों के तेल में डालकर गर्म कर उस तेल से जोड़ों की मालिश करें। इससे हड्डियों और जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी |
    6 अजवाइन के लगभग आधा ग्राम चूर्ण में इसी के बराबर मात्रा में कालानमक मिलाकर सोते समय गर्म पानी से बच्चों को देना चाहिए। इससे बच्चों के पेट के कीड़े मर जाते हैं। 
    7 अजवाइन को पीसकर चूर्ण  करे और  2 ग्राम  लें और छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
    8 एक ग्राम काला नमक और 2 ग्राम अजवाइन गर्म पानी के साथ सेवन कराएं तोह पेट दर्द में लाभ मिलेगा |
    कहते है की लडकियां शादी से पहले सेक्स नहीं करना चाहती है क्योंकि इस बात से वो बिलकुल सहमत नहीं होती। यह बात कितनी सच है यह हम आपको बताते है। दरअसल में एक सर्वे में यह बात सामने आई है की कोई भी पुरुष हो या महिला दोनों अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी बिताने से पहले सेक्स करने के इच्छुक होते है। डेली मेल की खबर के अनुसार महिलाए शादी से पहले कम से कम 14 बार सेक्स करने की इच्छुक होती है।
    वहीं पुरुष शादी से पहले 15 बार सेक्स करने के इच्छुक होते है। यह सर्वे ऑनलाइन किया गया है। इस सर्वे में कई लोगो से सवाल किए गए जिनमे से ज्यादातर के जवाब यहीं रहे है जो हमने आपको बताए है। इसमें पुरुषो की संख्या 7.5 और महिलाओ की 7.6 बताई गयी है। पूरी खबर का निष्कर्ष यह है की महिलाए और पुरुष दोनों ही शादी से पहले सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार रहते है।
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    हमारी त्वचा और बालों पर इन केमिकल्स के अलावा सूरज की रोशनी, धूल, प्रदूषण और गंदगी का भी बुरा असर पड़ता है लेकिन शायद ही आपको पता हो कि आपका तकिया भी आपकी खूबसूरती में दाग लगाने का काम करता है. सोने के दौरान हमारे बालों और तकिए के बीच रगड़ होती है. इससे बाल रूखे हो जाते हैं और उनका मॉइश्चर उड़ जाता है.
    शायद आप यकीन नहीं कर पाएं लेकिन जिस तकिए पर आप सिर रखकर सोते हैं वो आपकी सोच से कई गुना गंदा होता है. तकिए में हमारे सिर में लगा तेल, धूल, बाल और दूसरे रेशे चिपके होते हैं. ऐसे में जब हमारी स्किकन तकिए के संपर्क में आती है तो ये कण हमारे पोर्स में चले जाते हैं, जिससे वो बंद हो जाते हैं.
    कई बार ऐसा होता है कि हम सालों-साल एक ही तकिया इस्तेमाल करते रह जाते हैं और उसे बदलते नहीं है. ये पूरी तरह गलत है. तकिए को हर छह महीने में बदलते रहें. तकिया जितना मुलायम होगा उतना ही बेहतर. इसके  अलावा  रात  को  सोते  समय  बालो  को  बांधकर  ही  सोएं. हालांकि बहुत टाइट चोटी या बन न बनाएं. इसके अलावा तकिए के कवर को नियमित रूप से साफ करते रहें.
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    मधुमेह ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को काफी परहेज से रहना पड़ता है. कार्नफ्लेक्स में शुगर लेवल को बढ़ाने के लिए रासायनिक स्वीटनर मिलाया जाता है जो सेहत के लिेए हानिकारक होता है. इसके बारे में विस्तार से बात करते है 
    कार्न फ्लेक्स में शुगर, माल्ट फ्लेवरिंग और कार्न सीरप होता है जिसमें फ्रक्टोज़ का लेवल काफी अधिक होता है. तो अगर आप फ्लेवर वाला कार्न फ्लेक्स खाते हैं, जिसमें सीरप मिली होती है, आपका वजन बढ़ा सकता है. यह एक रसायनिक स्वीटनर होती है, जो पहले से ही कार्न फ्लेक्स में मिली होती है, फिर उप्पर से लोग इसमें और चीनी या शहद मिला लेते हैं.
    जिससे वजन बढ़ने लगता है. शोध में पता चला है कि कार्न फ्लेक्स में आलू चिप्स के मुकाबले ज्यादा सोडियम की मात्रा मिली हुई होती है. यह हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी होने का रिस्क बढाता है.
    क्या आप जानती हैं कि चेहरे को जवां और निखरा बनाएं रखने में सब्जियों के छिलकों भी आपकी मदद कर सकते हैं? आइए जानें कैसे आप अपनी त्वचा को सब्जिायों के छिलकों की सहायता से निखार सकती हैं...
    1.खीरा- खीरे के छिलकों को 15 मिनट तक लगाकर रखने और इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें. चेहरे में चमक साफ नजर आएगी. 
    2- मूली - मूली के छिलकों को कभी न फेंके. इसमें विटामिन बी6 होता है जो ब्लैकहेड्स  को  सही  करने  में  पर्याप्त  होता  है . छिलकों को चेहरे पर रगड़ें और बाद में पानी से धो लें.
    3- आलू -  आलू को छिलकों को चेहरे पर लगाने से धब्बेइ, झाईयां आदि की समस्या  दूर हो जाती है. अगर चेहरे पर बहुत दाने होते हैं तो उसमें भी आराम मिलता है. 
    4-करेला -  करेला सिर्फ स्वाोद में कड़वा होता है लेकिन उसके गुण बहुत होते हैं. इसे पीसकर लगाने से चेहरे पर संक्रमण या दाने आदि की समस्या  दूर हो जाती है. साथ ही चेहरे की त्व चा में कसाव हो जाता है.
    कैसे तैयार करे अपना जिम बैग
    लगातार कंप्यूटर पर काम करने या टीवी देखने से आँखों से पानी आने लगता है और दर्द भी होने लगता है. इस समस्या को दूर करने के कुछ आसान तरीके हम आपको बता रहे है-
    1-अगर आप फिश खा सकते है तो ट्यूना, सामन, मैकेरल और ट्राउट जैसी मछलियों का सेवन करें क्योंकि इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है. इसके  सेवन से आँखे स्वस्थ तो रहती है ही साथ ही आँखों का विज़न तेज़ करने में मदद करता है.
    2-अंडे का सेवन भी आँखों के लिए लाभदायक रहता है क्योंकि इसमें विटामिन्स और न्यूट्रिएंट्स रहते है, जो की आपको नाईट ब्लाइंडनेस से बचाते है.
    3-आँखों की देखभाल के लिए आपने नियमित आहार में विटामिन ए से युक्त पदार्थो को जरूर शामिल करें. विटामिन ‘ए’ गाजर, संतरा  आम, पपीता, नारंगी, कद्दू  और पीले रंग की सब्जियों में निहित होता है.
    4-इनके अलावा आलु, पालक, धनिया और हरी पत्तेदार सब्जियों, डेयरी उत्पादों तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थों में भी विटामिन ए की एक उचित मात्रा विद्यमान होती है.
    5-ड्राय फ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता और अखरोट का सेवन भी आँखों के लिए लाभकारी होता है और इसमें मोजूद विटामिन इ मोतियाबिंद को टालने में सहायक होता है.
    करे प्राकर्तिक मॉश्चराइजर का इस्तेमाल
    यदि आप आलू बुखारा का सेवन करते हैं तो इससे आपको हाई ब्लड प्रेशर का रोग नहीं होगा. जिन लोगों में आयरन और खून की कमी है वे नियमित रूप से आलू बुखारे का सेवन करें. त्वचा की दिक्कतें जैसे झुर्रियां,  दाग और मुहांसे आदि आलू बुखारा खाने से ठीक हो जाते हैं क्योंकि इसमें एंटीआक्सीडेंट्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं.
    1-एंटी आॅक्सीडेंट और फाइबर होने की वजह से आलू बुखारा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को शरीर पर नहीं लगने देता है. बीटा कारटोनेस एक मात्र एैसा गुण है जो कैंसर को बढ़ने से रोकता है. यह गुण आलू बुखारे में होता है.
    2-यदि आपको कुछ याद न रहता हो या याददाश्त कमजोर हो तो आप आलू बुखारा खाएं.
    3-पेट में कीड़े होने पर आलूबुखारा के पत्तों को लें और इसे साफ करके इसका पेस्ट बना लें. अब आप इसे पेस्ट को पेट के उपर लगाएं. इस उपाय से पेट के कीड़े साफ हो जाते हैं.
    4-आलू बुखारा खाने से शरीर का शुगर लेवर नियंत्रण में रहता है. इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है वे रोज अपनी डायट में आलू बुखारा जरूर खाएं.
    नियमित रूप से करे खीरे का सेवन
    ब्रोकली इतनी फायदेमंद होती है कि उससे शरीर की संपूर्ण गतिविधियों को मदद मिलती है शरीर का लगभग हर अंग उससे पोषण प्राप्त करता है मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ब्रोकली फायदेमंद होती है बहुत सारी बिमारियों से राहत मिलेगी, और कुछ के लिए बचाव होगा आइये जानते हैं ब्रोकली आपको किस तरह से एक बेहतर शरीर दे सकती है
    1-फोलेट की कम मात्रा का सेवन करने वाले लोगों को डिप्रेशन का ज्यादा खतरा रहता है ब्रोकली विटामिन बी फोलेट की का अच्छा स्रोत मानी जाती है विटामिन बी फोलेट मूड बेहतर करता है ब्रोकली खाने से न सिर्फ डिप्रेशन होने से बचा जा सकता है, बल्कि कमजोर स्मरण शक्ति, थकान और स्किजोफ्रेनिया जैसी समस्याओं में भी ब्रोकली फायदा पहुंचा सकती है
    2-ब्रोकोली को नियमित रूप से अपने आहार में शामिल करने से गर्भवती महिलाओं को मदद मिलती है यह फोलेट का एक अच्छा स्रोत है जो भ्रूण में मस्तिष्क संबंधी दोषों को रोकने में मदद करती है इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है, ब्रोकली इस खतरे को भी कम करती है
    3-ब्रोकोली में कैरोटीनॉयड ल्यूटिन मौजूद होता है ये दिल की धमनियों को मोटा होने से रोकता है इससे हार्ट अटैक और अन्य हार्ट सबंधी बीमारियों का खतरा टलता है इसमें जो फाइबर, क्रोमियम और पोटेशियम होता है वो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर देता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित कर लेता है.
    कोल्डड्रिंक को ना पिए चुस्कियो के...
    अजमोद विटामिन ए, बी और सी, पोटैशियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और फाइबर से भरपूर होता है. इसमें एपिजेनिन और लूटेओलिन जैसे तत्व भी पाये जाते है. जानें इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ-
    1-अजमोद में एपिजेनिन नामक तत्व पाया जाता है. यह तत्व ब्रेस्ट कैंसर के खतरे का कम करता है. अजमोद के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर के ट्यूमर की संख्या को कम करने और उनके विकास को धीमा करने में मदद मिलती है.
    2-अजमोद किडनी की सफाई के लिए जाना जाता है. किडनी में मौजूद व्यर्थ पदार्थों को बाहर निकाल कर यह आपको स्वस्थ रखता है. अजमोद पेट की समस्याओं को दूर रखने में मदद करता है. यह देर तक भूख का एहसास नहीं होने देता है जिससे यह वजन को काबू में रखने में मदद करता है.
    3-मांसपेशियों की शिथिलता के कारण उत्पन्न श्वसन नली की सूजन और श्वास रोगों में अजमोद लाभकारी होता हैं. श्वास रोगों को दूर करने के लिए इसकी 3-6 ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार प्रयोग करें.
    4-अजमोद से बदन दर्द कुछ ही देर में छूमंतर हो जाता है. दर्द होने पर अजमोद को सरसों के तेल में उबालकर मालिश करनी चाहिए. या फिर अजमोद की जड़ का 3-5 ग्राम चूर्ण दिन में दो-तीन बार सेवन करना किसी भी तरह के दर्द और सूजन में लाभकारी होता है.

    आजकल पुरुषो में यह मानसिकता घर कर रही की वो जिस भी लड़की से शादी करे वो वर्जिन होना चाहिए। ऐसे में लड़कियों में यह डर रहता है की कहीं उनकी शादी इसी वजह से टूट न जाए। लडकियां अपने वर्जिन होने के लिए कई जतन कर रही है ऐसे में बाज़ार में कंपनियों ने भी इसकी तैयारी कर ली है। कंपनी नकली हाइमन बना बना कर बेच रही है। महिलाए भी इस हाइमन को खरीद रही है। सबसे ज्यादा यह मुस्लिम महिलाओ द्वारा खरीदा जा रहा है।
    इसकी मांग बढ़ती ही जा रहे है। कम्पनी वर्जिनिया केयर बहुत ही पतली झिल्ली का पैकेज बेच रही है। इस पतली झिल्ली को महिलाएं अपने वजाइना में लगाती हैं जिससे नकली खून बहता है। जब इस झिल्ली पर दबाव बढ़ता है तो खून बहने लगता है।
    यह हाइमन कोई सस्ता नहीं है बल्कि इसकी कीमत 3580.93 है। इसका फिसलकर निकलने का भी कोई चांस नहीं है। जब शारीरिक सम्बन्ध बनाए जाते है तो यह पूर्ण रूप से सुरक्षित रहता है। और इसके रिजल्ट भी काफी अच्छे आते है। इसमें शारीरिक द्रव्य के साथ साथ खून भी निकलता है। इसको बेचने के साथ साथ कंपनी के लोगो ने महिलाओ को यह सलाह भी दी है ताकि वो पूरी तरह से वर्जिन नजर आए। उन्होंने कहा है की पहली बार सम्भोग के वक्त लड़कियों को दर्द का दिखावा करना चाहिए, क्योंकि पुरुष भी यहीं चाहते है।
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    एक व्यक्ति को सामान्य तौर पर 8 घण्टे से ज्यादा की नींद नहीं लेनी चाहिए, लेकिन अमूमन लोग 10 घण्टे तक सोते हैं. इससे कोई नुकसान नहीं होता. नुकसान तब होता है, जब आप इससे ज्यादा सोते हैं. इससे ज्यादा सोने वालो में सुस्ती की समस्या देखी जाती है. इसके अलावा याद्दाश्त भी कमजोर पड़ने लगती है. शरीर हमेशा भारी-भारी सा लगता है. आइए जानें ज्यादा नींद आने की समस्या से कैसे बचा जा सकता है. 
    1-कई बार ज्यादा सोने की आदत के पीछे कोई समस्या भी हो सकती है. अगर आपने उपरोक्त सारे उपाय अपना लिए हैं और इनसे कोई फायदा आपको महसूस नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से संपंर्क जरूर करें. हो सकता है कि आपका डॉक्टर इस समस्या से निजात दिलाने में आपकी मदद कर सके.
    2-सोने से पहले कुछ मिनटों के अंतराल पर एक-दो अलार्म सेट कर लें. और अलार्म घड़ी को बिल्कुल पास में ना रखें. उसे अपने बिस्तर से कुछ दूर किसी टेबल पर रखें जिससे उसे बंद करने के लिए आपको बेड से उठना पड़े. इस तरह एक बार उठने के बाद आप दुबारा बिस्तर पर जाने से पहले जरूर सोचेंगे. 
    3-कभी भी अलार्म बजने पर स्नूज बटन ना दबाएं. हो सकता है कि नींद में आप भूल जाएं कि आपने कितनी बार स्नूज बटन को दबा दिया है और आप का अलार्म बजना बंद हो जाए. जिसकी वजह से आप देर तक सोते रह जाएं. अलार्म बजने के बाद खुद को बिस्तर से उठाने की कोशिश जरूर करें.     
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    त्वचा के रोमछिद्र के बैक्टीरिया, सीबम और मृत त्वचा कोशिकाओं द्वारा अवरुद्व होने पर व्हाइडहेड की समस्या होती है. यहां पर व्हाइडहेड से कुशलता से छुटकारा पाने के प्राकृतिक उपाय दिये हैं, यह सभी तत्व आपको आसानी से रसोई घर में मिल सकते है
    1-टमाटर को सौंदर्य का एक महान संरक्षक माना जाता है. एक टमाटर को दो टुकड़ों में काटें और उस पर कुछ चीनी डालें. फिर इसे समस्या वाले हिस्सों पर रगड़े. इस उपाय को एक महीने वैकल्पिक दिनों में करें. इस उपाय से बहुत अधिक प्रयास के बिना आप गारंटी से वाइटहेड हटा सकते हैं
    2-चीनी और जैतून का तेल मिलाकर, इसके साथ अपने चेहरे की मालिश करना वाइटहेड से छुटकारा पाने का सबसे अच्छे घरेलू उपचार में से एक है. इस मिश्रण से अपनी त्वचा पर मालिश करने के लिए आप एक नर्म टूथब्रश का उपयोग कर सकते हैं.  पांच मिनट मसाज करने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें. 
    3-गुलाब जल से चेहरे की सफाई करना बहुत ही अद्भुत होता है. थोड़ा से कॉटटन पर गुलाब जल लेकर, इससे चेहरे को साफ करें. वाइटहेड से छुटकारा पाने के लिए इसे नियमित रूप से करें. आप गुलाब जल में शहद और नींबू की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं.  
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    पपीते का सेवन करने से लगभग 300 प्रतिशत तक विटामिन सी मिलता है. यह वजन कम करने में भी मदद करता है. लेकिन क्या आप जानते हें कि पपीते के कई साइड इफेक्ट भी हैं, जिसकी जानकारी बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कि पपीते के साइड इफेक्ट क्या हैं.
    1-जैसा कि आप जानते हैं कि पपीता खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन करना हानिकारक भी हो सकता है. इसमें पाया जाने वाला पपाइन और बीटा कैराटीन नामक पदार्थ शरीर में पीलिया और अस्थमा जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा कर सकता है. दोनों ही पदार्थ पपीते में भारी मात्रा में पाए जाते हैं.
    2-ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से एलर्जी का भी डर बना रहता है. इसमें पाया जाने वाला लैटेक्स नामक पदार्थ एलर्जी की समस्या पैदा कर सकता है. ऐसे में पपीते का सेवन ज्यादा करने की बजाए सीमित मात्रा में किया जाए तो यह सेहत के लिए किसी औषधि से कम नही है.
    3-एक पांच इंच लंबे पपीते में लगभग 60 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है. साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. कैंसर, हाइपरटेंशन, ब्लड वेसेल डिस्ऑर्डर से सुरक्षा करता है साथ असमय बुढापा आने से रोकता है. लेकिन अध्ययन से पता चलता है कि विटामिन सी के अत्यधिक सेवन से किडनी में पथरी की समस्या पैदा हो सकती है.
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    यदि आप चाहते हैं कि शेविंग के दौरान आपकी त्वचा कटे नहीं और शेविंग के बाद जलन न हो तो इन सावधानियों को जरूर बरतें. 
    1-शेव के पहले स्क्रब करने से शेव के दौरान कट लगने और जलन होने की आशंका बहुत कम हो जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि स्क्रबिंग से चहरे की डेड सेल्स की परत निकल जाती है और त्वचा चिकनी हो जाती है. इससे शेव करना बेहद आसान हो जाता है.
    2-शेविंग क्रीम को हथेली पर लेकर शेव पर अपवर्ड सर्कुलर मोशन में अच्छे से लगाएं. हां, सुनिश्चत कर लें कि यह हर उस जगह पर लग जाए जिसे आप शेव करने वाले हैं.
    3-शेविंग करते समय नीचे की ओर आएं न कि ऊपर की ओर! गलत तरीके से शेव करने से त्वचा छिल सकती है. दाढ़ी की ऊपरी हिस्से की शेविंग के लिए दाढ़ी के ऊपर से जॉ—लाइन तक एक लंबा स्ट्रोक लें. रेजर को हर स्ट्रोक के बाद धोना न भूलें. 
    4-रेजर का इस्तेमाल करते हुए ध्यान रखें कि इससे लंबे स्ट्रोक्स ही लगाएं जिससे ब्लेड पर दबाव कम होगा और शेविंग स्मूथ होगी. ध्यान रखें कि हल्के से ही शेव करें, जोर न लगाएं. जोंर लगाने से त्वचा छिलेगी बाकी कोई फायदा नहीं होगा.  
    करे प्राकर्तिक मॉश्चराइजर का इस्तेमाल
    दांतों को स्वस्थ रखने के लिये ऐसा आहार लेना चाहिए जो प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी और विटामिन सी भरपूर हो. आइए हम आपको बताते है दांतों की स्वस्थ और मजबूत बनाने वाले कुछ सर्वश्रेष्ठ आहारों के बारे में.
    1-तिल के तेल के तरह ही नारियल तेल भी मुंह में माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता हैं. हजारों वर्षों से इसका इस्तेमाल एक पारंपरिक औषधि के रूप में किया जाता है. नारियल तेल ओरल बैक्टीरिया से लड़ने के लिए विशेष रूप से प्रभावी होता है. इसमें मौजूद एंजाइम मुंह से जर्म्स को बाहर निकाल फैंकते हैं.
    2-मजबूत और कैविटी मुक्त दांतों के लिए कैल्शियम लेना बहुत जरूरी हैं. कैल्शियम हमें दूध और दूध से बनी चीजें जैसे दही और पनीर आदि से मिलता है. इसके साथ ही सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज और हरी सब्जियों में भी कैल्शियम काफी मात्रा में होता है.
    3-करौंदा में पोलीफेनोल्स मौजूद होता है जो प्लाक को दांतों मे जमने नहीं देता और दांतों की कैविटी से रक्षा करता है. लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यह फल बहुत तीखा होता है इसलिए इससे बने कई उत्पादों में चीनी का इस्तेमाल किया जाता है. जो दांतों को होने वाले संभावित लाभों को प्रभावित कर सकता है.
    अंगूर को लगाए चेहरे पर
    घर पर स्पा का मजा लेने के लिए आपको चाहिए शांत जगह जहां आप आराम से लेट सकें और हल्का मधुर संगीत इसके अलावा मसाज का सामान, स्क्रब और मास्क, बाथटब, खुशबूदार मोमबतियां. सबसे पहले स्क्रब को शरीर व चेहरे पर लगाएं उसको 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें. इसके बाद हल्के हाथ से रगड़ते हुए साफ करें. इससे डेड स्किन सेल्स को हटाया जाता है साथ ही रक्त संचार बढ़ाने में मददगार होता है.
    अगर आप टब बाथ ले रहे हैं, तो पानी में आधा कप गुलाब जल और कुछ गुलाब की पंखुडि़यां डालें. इससे स्पा का मजा अधिक आएगा. अगर शॉवर बाथ ले रहे हैं, तो बाल्टी भर पानी में कुछ बूंदें एसेंशियल ऑयल और गुलाब जल की मिलाकर उससे नहाएं .
    तेल से पूरे शरीर की अच्छी मसाज करें. थोड़े दबाव के साथ बांहों और टांगों पर मसाज करें. मसाज के लिए ऑलिव या तिल का तेल इस्तेमाल करें. मसाज ऑयल में 8-10 बूंदें एसेंशियल ऑयल की मिलाएं. ध्यान रहें एसेंशियल ऑयल का सीधा प्रयोग न करें.
    आप घर पर कई तरह के मास्क तैयार कर सकते हैं. पके पपीते के गूदे में, शहद, दही, ऑरेंज जूस और ओटमील मिलाएं. शहद त्वचा को नरम बनाता है और नमीयुक्त भी रखता है. जबकि पपीता और दही त्वचा का रंग निखारते हैं. ऑरेंज जूस या गुलाब जल स्किन टोन करता है. इसके अलावा दो चम्म च मुल्तानी मिट्टी को गुलाबजल और हल्दी पाउडर या ग्रीन टी में मिलाएं. इस मास्का को लगाइये और अच्छे से सूखने दीजिये. इसके बाद धो लें. मुल्तानी मिट्टी से स्किन टाइट होती है और कोमल भी. मास्क धोने के बाद बॉडी लोशन लगाएं. 15 मिनट बाद गीले तौलिए से पूरा शरीर साफ करें.
    दिल को स्वस्थ रखना है तो रखे अपने...
    कॉफी में बटर मिलाकर पीने से दिल और दिमाग की बीमारियां होने की संभावना कम रहती हैं, इसके दूसरे फायदे भी हैं, यहां जानें इसे कैसे बनायें और कैसे खायें.
    1-बटर अपने आप में एक वजन कम करने की औषधि है और एनर्जी देती है इस प्रकार यह हार्ट के लिए भी सही है. बटर को जब कॉफी में मिलाया जाता है तो इसमें ‘विटामिन के' पैदा होता है जो कि दिल की बीमारियों से रक्षा करता है. यदि कब्ज है तो भी आप इससे लाभ पा सकते हैं. कॉफी में बटर मिलाना कब्ज में भी फायदेमंद है क्यों कि इसमें मौजूद केमिकल कब्ज को दूर करते हैं.
    2-इसका एक और स्वास्थ्य लाभ है कि इससे दिमाग सही कार्य करता है. यह आपके दिमाग को हैल्दी फैट प्रदान करता है जिससे शरीर में कोशिका झिल्ली और हार्मोन पैदा होते हैं जो कि शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं.यह खाद्य पदार्थ इतना भारी होता है कि आपको इसको पीने के कई घंटों तक भूख नहीं लगेगी. इससे याददाश्त व समझने की क्षमता बेहतर होती है.
    3-एक कप पानी गरम करें. एक टेबलस्पून कॉफी पाउडर डालें और इसे उबालें. इसके बाद इसमें शाकाहारी गाय या भैंस का मक्खन मिलाएँ. इसे ब्लैंडर में डालें और 1 मिनट तक मिलाएँ.मक्खन में दूध के सभी तरह के हेल्दी फैट्स हैं और या क्रीम के मुकाबले अधिक सेहतमंद है. हालांकि मक्खन का इस्तेमाल केवल ब्लैक कॉफी में ही फायदेमंद है.
    कोल्डड्रिंक को ना पिए चुस्कियो के...
    जब आप पालतू जानवरों के इर्द-गिर्द होते हैं तो आप ज्यादा खुश महसूस करते हैं. यह बात पूरी तरह सही है. पालतू जानवरों के साथ समय बिताने से आपके मूड और सेहत पर सकारात्मक असर होता है. 
    1-अपने पालतू कुत्ते या बिल्ली पर हाथ फिराना बहुत फायदेमंद होता है. इससे आपके शरीर से तनाव को दूर करने वाले हॉर्मोन का स्राव होता है. पालतू जानवरों का साथ आपके तनाव को दूर करने में मदद मिलती है. 
    2-पालतू जानवर खास कुत्ते, आपको अन्य लोगों के साथ जोड़ने का काम करता है. अगर किसी के पास कुत्ता हो और आप भी कुत्ता लेकर टहल रहे हों तो आप उससे आसानी से बात कर सकते हैं. कुत्ता आपको सामाजिक रूप से एक दूसरे के करीब लेकर आता है.
    3-जो लोग जानवर पालते हैं उनका मूड बेहतर होता है. वे लोग ज्यादा विश्वासी होते हैं. उन्हें अकेलेपन का अहसास कम होता है. इसके साथ ही पालतू जानवर वाले लोग छोटी-छोटी समस्याओं के लिए डॉक्टर के पास कम जाते हैं. पालतू जानवर आपको जुड़ाव का एक नया अर्थ समझाकर जाते हैं. 
    4-अगर आपके पास कुत्ता है तो आपको दिल की बीमारियां होने की आशंका कम होती है. अब आपके जेहन में यह सवाल आएगा कि आखिर ऐसा क्यों होता है. तो इसका जवाब यह है कि कुत्ते के मालिक, उन लोगों से ज्यादा पैदल चलते हैं जिनके पास कुत्ता नहीं होता. इससे उनका रक्तचाप नियमित रहता है. और उन्हें दिल का दौरा पड़ने की आशंका भी कम होती .
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    कैंसर के सबसे आम प्रकार में स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर व लिम्फोमा आदि शामिल होते हैं. लेकिन ऐसा भी माना जाता है कि कुछ प्राकृतिक औषधियों की मदद से भी कैंसर का इलाज किया जा सकता है.
    डेंडलाइन का फूल, खासतौर पर इसकी जड़ में असंख्य विटामिन और खनिज होते हैं, जोकि  मानव प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं. डेंडलाइन का फूल विटामिन डी, सी और बी, आयरन, सिलिकॉन, जिंक व पोटेशियम आदि पोषक तत्वों का शरीर में संचार करता है. इन सबके मनुष्य के लिए विभिन्न स्वास्थ्य लाभ होते हैं. यह फूल कोशिकाओं को पोषण देता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है. इसके साथ - साथ डेंडलाइन कब्ज, गुर्दे और यकृत रोग, पीलिया, वायरल फ्लू, आदि को भी दूर कर सकता है. यह फूल नई बनी मां के दूध का उत्पादन भी कुशलता से बढ़ा सकता है. 
    डेंडलाइन की जड़ में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकने वाले गुण होते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार डेंडलाइन के सूजन को दूर करने वाले तथा रक्त को शुद्ध करने वाले गुण शरीर में कैंसर कोशिकाओं को कम कर स्वस्थ्य कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं.  ऐसा माना जाता है कि यह दवा-प्रतिरोधी कैंसर के कुछ प्रकारों में प्रभावी उपचार देता है. इसे चाय की तरह लिया जा सकता है या अपने नियमित आहार में भी शामिल किया जा सकता है. यह कैंसर से लजडने के अलावा समग्र स्वास्थ्य के लिये भी बेहद लाभदायक होता है.
    कीटाणुओं से होने वाले ज्यादातर इंफेक्शन वायरस और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. हालांकि आप कीटाणुओं को फैलने से रोकने में कामयाब हो सकते हैं लेकिन हमेशा अपने बच्चे को बीमार होने से नहीं रोक पाते. इसलिए माता-पिता के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वायरल इंफेक्शन होने पर बच्चों की देखभाल कैसे की जायें. 
    1-बच्चे को खांसी से राहत देने के लिए आप उसे शहद भी दे सकते हैं. 2 से 5 आयु वर्ग के बच्चे को आधा चम्मच और 6 से 11 आयु वर्ग के बच्चे को पूरा चम्मच शहद देना चाहिए. सोते समय शहद देने पर आपके बच्चे को सुबह राहत मिल सकती है. 6 महीने या उससे कम उम्र के बच्चे को बुखार के लिए ओवर-द-काउंटर दवा दी जा सकती है. हालांकि इसे देने के लिए और सही खुराक के बारे में जानने के लिए अपने डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर रहता है.
    2-नेसल कन्जेस्चन के लिए नमक का पानी बहुत ही शानदार उपाय है. नाक को नमक और पानी के घोल से धोने पर बैक्टीरिया और वायरस खत्म होते हैं. इसलिए अगर आपके बच्चे की नाक भरी हुई है तो यह नुस्खा जरुर आजमाएं. एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक डाल कर उबाल लें. फिर उसे ठंडा होने दें. बस हो गई तैयार आप के बच्चे के नाक में डालने की दवा. आवश्यकतानुसार इस की 3-4 बूंदें बच्चे के नाक में डालते रहें जिससे उसके नाक में जमा हुया रेशा नर्म होकर छींक के साथ बाहर आ जाएगा और शिशु का नाक खुल जाएगी. वैसे तो नाक में डालने के लिए सेलाइन नेजल ड्राप्स आपको केमिस्ट की दुकान से भी आसानी से मिल सकते हैं.

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