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jankari150 151 हुआ बड़ा खुलासा, क्या बुढापें में यौन शक्ति कम होती है?

    अभी तक यही सुना था कि जैसे जैसे उम्र बढती है वैसे वैसे सेक्स पॉवर कम होती है. लेकिन जो रिसर्च रिपोर्ट पढने को मिल रही है उससे तो धारणा बदलनी पड़ रही है. जी हाँ, एक रिसर्च से पता चला है कि उम्र का इंसान की सेक्स पॉवर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बढती उम्र के बाद भी कई सीनियर सिटिजन का आज भी वही जोश है जो जवानी के दिनों में रहता था.
    एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार, यह रिसर्च हाल ही में शिकागो के इनियानोपोलिस युनिवर्सिटी की प्रोफेसर लीजा ब्रेडीचेवस्की किया है जिन्होंने 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के सेक्सुअल हैबिट का रिसर्च किया. उनका कहना है कि कुछ सीनियर लोग अपने सुनहरे दिनों को याद करके अपनी सेक्सुअलटी में नया आयाम खोजते हैं.
    उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कुछ लोग उम्र बढ़ने के साथ हेल्थ कंडीशन व इच्छा में कमी की वजह से सेक्स नहीं करते हैं. लेकिन जो स्वस्थ और जिंदादिल हैं उनके सेक्स व्यवहार में कोई कमी नहीं दिखी है. फिटनेस व इच्छा के अलावा सामाजिक मान्यताएं भी लोगों के सेक्स व्यवहार को प्रभावित करती हैं. वे कहती हैं कि ज्यादातर समाजों में सीनियर लोग नैतिकता के वाहक होते हैं जबकि वे भी जब युवा थे तो अपनी सेक्सुअल एक्टिविटी में हमेशा नये प्रयोग करने से पीछे नहीं रहते थे.
    क्या आप ज्यादा सेक्स करते है? अगर हां तो आपके लिए एक खुशखबरी है. एक रिसर्च से पता चला है कि ज्यादा एक्साइटमेंट के साथ सेक्स करने से शरीर के वजन को कम करने में सहायता मिलती है. डॉक्टर्स भी कहते हैं कि ज्यादा सेक्स करने से वजन कम हो सकता है. यह बात कुछ अजीब लगती है लेकिन सह सच है. 
    शारीरिक संबंध बनाने के दौरान कैलोरी बर्न करने में मदद मिल सकती है और आपका वजन कम हो सकता है. लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना वजन कम करना चाहते हैं. कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ़ क्यूबेक के रिसचर्स द्वारा किये गए एक रिसर्च से पता चला है कि हर मिनट में महिला की 3.1 कैलोरी बर्न होती है जबकि पुरुष की 4.2 कैलोरी बर्न होती है. 
    इस तरह लास्ट स्टेज में लगभग 100 कैलोरी बर्न कर लेता है. इतनी ही कैलोरी आप किसी गेम को खेल कर या बहुत अधिक काम बर्न कर पाते हैं. यकीनन सेक्स से कैलोरी बर्न होती है इसलिए आप इन लम्हों को को अपने वजन कम करने के प्लान में एड कर सकते हैं. साथ ही सेक्स से आपका मूड भी काफी अच्छा रहता है. 
    यह ब्लड फ्लो बढ़ाता है और आपको अच्छी नींद आती है. वेट कम रने के लिए आप सेक्सरसाइज़ एप की भी मदद ले सकते है. यह एप उन लोगों के लिए है जो वजन कम करना चाहते हैं. इस एप के ज़रिये आपको कई पोजिशन को समझने का मौका मिलेगा, जिससे आप ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकते हैं.
  •  ताली बजा कर बढ़ाए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमताताली बजा कर बढ़ाए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता
  • यदि आप स्वस्थ रहना चाहते है तो आपको ताली बजाना चाहिए. अब आप कहेंगे कि व्हाल ताली बजाने से हेल्थ कैसे बेहतर होगी? तो जनाब सुनिये एक्युप्रेशर के अनुसार हाथ की हथेलियों में शरीर के समस्त अंगों के संस्थान बिंदू होते हैं और ताली बजाने पर इन बिन्दुओं पर बार-बार दबाब यानी प्रेशर पड़ता है जिससे शरीर की समस्त आंतरिक संस्थान में एनर्जी जाती है और सभी अंग अपना काम सुचारू रूप में करने लगते हैं.
    दोनों हाथों से ताली बजाने से बाएं हथेली के लंग, लिवर, गॉल ब्लैडर, किडनी, छोटी और बड़ी आंत तथा दाएं हाथ की अंगुली के साइनस के दबाव बिंदु दबते हैं. इससे शरीर के इन अंगों तक सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन होने लगता है. लगातार ताली बजाने से ब्‍लड में सफेद कणों को शक्ति मिलती है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर में इम्‍यूनिटी में सुधार होता है.
    पेट संबंधी समस्‍याएं जैसे गैस, कब्ज, अपच और मानसिक रोग जैसे तनाव, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन से पीड़ित होने पर दायें हाथ की चार अंगुलियों को बाएं हाथ की हथेलियों पर जोर-से मारना चाहिए और इस तरह से सुबह-शाम कम-से-कम 5 मिनट करना चाहिए. धीरे-धीरे आप इन रोगों से मुक्त हो जाएंगे.
    दिल का रोग दूर करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खाने पर नियंत्रण करना. अगर आप खाने में ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं तो शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ेगा, जिससे दिल की बीमारियों के बढ़ने की आशंका ज्यादा होगी. इसलिए खाने में पोषणयुक्त आहार शामिल कीजिए, लो कैलोरी वाले आहार अपनाइये. फास्ट फूड और जंक फूड खाने से परहेज कीजिए.
    फल और सब्जियां विटामिन और मिनरल का अच्‍छा स्रोत हैं. सब्जियों और फल में कैलोरी की मात्रा कम होती है और साथ ही इनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है. हरी सब्जियों में पाया जाने वाला पदार्थ हृदय रोगों को होने से रोकता है. हरी सब्जियों और फलों का सेवन करने से आप ज्यादा वसा वाले आहार जैसे – मांस, मछली, पनीर आदि कम खायेंगे, जो कि दिल के लिए फायदेमंद है.
    साबुत अनाज फाइबर का अच्छा स्रोत होता है जो ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य को विनियमित करने में अहम भूमिका निभाता है. साबुत अनाज या फिर इसके उत्पादों को खाने में शामिल करके आद दिल को मजबूत बना सकते हैं. इसके लिए अपने डाइट चार्ट में जौ, कॉस्कस आदि शामिल कीजिए.
    दमा को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है, ताकि दमे से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सके. तो आइये इसके कुछ घरेलु उपचार क्या है. 
    1. करेला, जो कि अस्‍थमा का असरदार इलाज है, उसके एक चम्‍मच पेस्‍ट को लेकर शहद और तुलसी के पत्‍ते के रस के साथ मिला कर खाएं. इससे अंदर की एलर्जी से बहुत राहत मिलती है.
    2. अंदर की एलर्जी को सही करने के लिये मेथी भी बहुत असरदार होती है. एक ग्‍लास पानी के साथ मेथी के कुछ दानों को तब तक उबालें, जब तक पानी एक तिहाई न हो जाए. अब उसी पानी में शहद और अदरक का रस मिला लें. इस रस को दिन में एक बार पीने से जरुर राहत मिलेगी.
    3. शहद एक सबसे आम घरेलू उपचार है, जो कि अस्‍थमा के इलाज के लिये प्रयोग होती है. अस्‍थमा अटैक आने पर शहद वाले पानी से भाप लेने से जल्‍द राहत मिलती है. इसके अलावा दिन में तीन बार एक ग्‍लास पानी के साथ शहद मिला कर पीने से बीमारी से राहत मिलती है. शहद बलगम को ठीक करता है, जो अस्‍थमा की परेशानी पैदा करता है.
    4. एक कप घिसी हुई मूली में एच चम्‍मच शहद और नींबू का रस मिला कर 20 मिनट तक पकाएं. इस मिश्रण को हर रोज एक चम्‍मच खाएं. यह इलाज बड़ा ही प्रसिद्ध और असरदार है.
    5. रातभर एक गरम पानी वाले ग्‍लास में सूखी अंजीर को भिगो कर रख दें. सुबह होते ही इसे खाली पेट खाएं. ऐसा करने से बलगम भी ठीक होता है और संक्रमण से भी राहत मिलती है.
    अगर आप अपनी सेक्स क्षमता में कमी से परेशान हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसका इलाज आपके घर में ही है. सेक्स क्षमता यानी सेक्स पावर बढ़ाने में हींग बहुत ही फायदेमंद है. हींग का इस्तेमाल सदियों से पुरुषों के नपुसंकता की समस्या का समाधान घरेलू नुस्खे के रूप में किया जाता रहा है. 
    हींग कामोत्तेजक के रूप में काम करती है. इसलिए जिन पुरुषों को समय पूर्व स्खलन की समस्या होती है उनके इस समस्या को हींग नैचुरल तरीके से ठीक करने में बहुत मदद करती है.
    विधि:
    40 दिनों तक 6 सेंटीग्राम (0.06 ग्राम) हींग का सेवन करने से आप सेक्स ड्राइव को बेहतर बना सकते हैं. मिक्सचर के रूप में लगभग 0.06 ग्राम हींग को घी में फ्राई करें और उसमें शहद और बरगद के पेड़ का लैटेक्स मिलाकर इस मिश्रण को बना लें. नपुसंकता को ठीक करने के लिए सुबह सूर्य निकलने के पहले इस मिश्रण का सेवन खाली पेट 40 दिनों तक करें.
    कई बार हम कोई सामान कही रखकर भूल जाते है, वैसे तो हमको ये सामान्य सी आदत लगती है. लेकिन कई बार ये यही आदत एल्जाइमर जैसी बीमारी के रूप में सामने आती है. बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़े लोगों में ही नही होती है जवान और बच्चों को भी हो सकती है. 
    इसका मुख्य कारण है एकाग्रता की कमी. अगर आपको भी ये समस्या महसूस होती है तो अपने आहार में सेज की पत्तियों की चाय शामिल कर लीजिए. आपके लिए फायदेमंद रहेगा. सेज का पौधा आपके बगीचे में आसानी से मिल जाता है, क्योकि यह पौधा सजावट के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके प्रयोग से कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलते है. 
    सेज एक हर्बल पौधा है जिसमें एंटीआक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. कोशिकाओं के फिर से बनने में यह बेहद मददगार है. इसके सेवन से न केवल आपकी याददाश्त मजबूत होगी, बल्कि यह स्वास्थ्य सबंधी जैसे कि कोल्‍ड, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा जैसी सांस की बीमारियों और बुखार व्यक्ति की भी दिमाग तेज कर देता है.
    आज हम आपको बताएँगे कि आपको किन किन चीजों को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. 
    1. टमाटर – फ्रिज के विज्ञापनों में नजर आने वाली सब्‍जियों में लाल टमाटर जरूर दिखता है पर वो विज्ञापन तक ही ठीक है. टमाटर को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इससे टमाटर के पकने की प्रोसेस रुक जाती है और उसका स्‍वाद बदलने लगता है. यकीन नहीं होता तो दो टमाटर चुनें. एक को फ्रिज में रखें और एक को बाहर. 24 घंटे बाद दोनों को खाकर देखें स्‍वाद बदला महसूस होगा.
    2. आलू – खेती बाड़ी वाले घरों में आलू आमतौर पर कच्‍चे घर में रखा जाता है, जिसमें फर्श नहीं होता. इससे आलू बहुत दिनों तक चलता है. यह जल्‍दी खराब होने वाली सब्‍जियों में से नहीं है. आलू को फ्रिज में रखने से उसमें मौजूद स्‍टार्च शुगर में बदलना शुरू हो जाती है. एक बात और जहां तक हो सके आलू को प्‍लास्‍टिक की थैली में न रखें. इसे आप कमरे में लिफाफे में रख सकते हैं.
    3. लहसुन – लहसुन को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. इसकी तासीर वैसे भी गर्म है. लहसुन को फ्रिज में रखने से वह अपना स्‍वाद खोने लगता है. सबसे जरूरी बात ये है कि लहसुन को फ्रिज में रखने से उसकी उम्र बढ़ने की बजाए घटने लगती है. फ्रिज की ठंडी हवा लहुसन को खराब करने लगती है. बेहतर होगा इसे लिफाफे में रखें. लहसुन कमरे के तापमान पर लंबे समय तक टिका रह सकता है. और फिर इसे अगर फ्रिज में रखेंगे तो इसकी महक खाने पीने की दूसरी चीजों में जाएगी.
    बरसात के मौसम में यह खाएं:
    - बरसात के मौसम में हाजमे की ताकत कमजोर पड़ जाती है इसलिए ऐसी चीजें खाएं जो आसानी से पच जाती हों. घीया, तोरी, टमाटर, भिंडी, प्याज और पुदीना शौक से खाएं. फलों में सेब, केला, आडू व अनार खा सकते हैं. 
    - मोटे अनाज में चावल, गेहूं, मूंग की दाल, खिचड़ी, दही, लस्सी, सरसों का सेवन करें. अगर चौलाई मिल जाए तो उसे खाने में जरूर शामिल करें. बरसात के मौसम में चौलाई खाना खासतौर पर फायदा पहुंचाता है. चौलाई अच्‍छी तरह से हजम हो जाती है और इससे गैस की दिक्‍कत भी घटती है. खाने में धनिया, अदरक, हींग, काली मिर्च डालें.
    बरसात में करें इनसे परहेज:
    - मसूर, मक्का, आलू, कटहल, मटर, उड़द, चने की दाल, मोठ जैसी भारी व गैस को बढ़ाने वाली चीजें नहीं खानी हैं. बासी और रूखा खाना भी न खाएं. अगर पत्तेदार सब्जियां बना रहे हैं तो उसके साथ दही का इस्तेमाल करें. 
    - रात के समय छाछ व दही का इस्तेमाल न करें. कलौंजी, जैम, मुरब्बा और अचार वगैरा से भी इन दिनों जरा दूरी बना कर रखें. नॉन वेज से जितना हो सके परहेज करें. साफ पानी पर सबसे ज्‍यादा जोर देना चाहिए. इस मौसम में सबसे पहले पानी में गड़बड़ पैदा होती है. बरसात का मौसम जब जा रहा हो तो बहुत तेज मसाले वाली वस्तुएं, तली हुई चीजें, बेसन की पकौड़ियां, गर्म और खट्टी तासीर वाली चीजें न खाएं.
    हमारे दैनिक आहार में कई तरह की चीजें शामिल होती हैं, जो सेहत के लिहाज से फायदेमंद होती हैं. आपने ऐसे आहार या सब्जियों के बारे में जरूर सुना होगा, जिन्हें पकाने या उबालने से पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं. लेकिन कुछ आहार, फल या सब्जियां ऐसी भी होती हैं, जिन्हें उबालकर खाना सेहत के लिए अधि‍क फायदेमंद होता है, बजाए कच्चा खाने के. आइये जानते है वो कौन सी सब्जियां हैं.
    1. गाजर: गाजर को उबालने पर इसके गुणों में वृद्धि होती है. इसे काटकर नमक व काली मिर्च के साथ पानी में उबालकर खाएं. यह आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद होता है साथ ही वजन कम करने में भी सहायक होता है.
    2. चुकंदर: वैसे तो चुकंदर को सलाद के रूप में कच्चा ही खाया जाता है, और इसका जूस भी पिया जाता है. लेकिन खून की कमी और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को दूर रखने के दिए प्रतिदन एक चुकंदर को उबालकर खाना फायदेमंद होता है. लेकिन इसे 3 मिनट से ज्यादा न उबालें.
    3. आलू: आलू को सामान्यत: उबालकर ही बनाया जाता है. उबालने से आपको इसका दोगुना पोषण मिलता है. आलू के प्रयोग का सबसे सही तरीका उसे उबालकर खाना ही है लेकिन इसे अत्यधिक उबालना नहीं चाहिए और उबले आलू को अधि समय तक रखने से बचना चाहिए.
    4. स्वीट कार्न: उबालकर खाने पर स्वीट कार्न का स्वाद तो लाजवाब होता ही है, इसका पोषण भी दोगुना हो जाता है. इसमें पाए जाने वाले रेशे कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए भी लाभप्रद होते हैं.
    5. शकरकंद: फाइबर और कार्ब से भरपूर शकरकंद वजन घटाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा यह शुगर के लिए भी लाभप्रद होता है. कच्चा खाने के बजाए उबालकर खाने पर यह ज्यादा अच्छे परिणाम देता है.
    दरअसल, एक रिसर्च में पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से अपनी पार्टनर के साथ सम्भोग करते हैं वे बीमार कम पड़ते हैं. इस बात का खुलासा पेनसिल्वेनिया की विल्क्स यूनिवर्सिटी में किये गए एक शोध से हुआ. इस शोध में पता चला कि सप्ताह में एक से दो बार सम्भोग करने वालों का इम्यून सिस्टम बाकियों की तुलना में ज्यादा मजबूत था उनके शरीर में अधिक एंटीबॉडी मौजूद थे.
    वहीं इस बात का भी पता चला है कि ज्यादा सेक्स करने से कामाशक्ति में भी बढ़ोत्तरी होती है. यह बात शिकागो की डॉक्टर लॉरीन श्ट्राइशर ने अपने एल बयान में बताया है. उनका कहना है कि महिलाओं में संभोग करने से योनि में रक्त प्रवाह बेहतर होता है और योनि संबंधी बीमारियों में कमी आती है. ऐसे में महिलाओं की यौन इच्छा में इजाफा होता है.
    शोध में पता चला कि लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं मूत्राशय जैसी बीमारियों से परेशान रहती हैं लेकिन नियमित सम्भोग से उन्हें इस समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है. सम्भोग से कूल्हे के इर्द गिर्द की मांसपेशियों की कसरत होती है, जो मूत्राशय को स्वस्थ रखने का काम करती हैं. रिसर्च में पाया गया है कि सेक्स का ब्लड प्रेशर पर भी अच्छा असर होता है

  • यदि जरा सा बुखार आने पर आप खुद ही घर का डॉक्टर बनते फिरते है और पैरासीटामोल खा जाते है तो संभल जाइये. हल्के से बुखार और बदन दर्द में ली जाने वाली पैरासीटामोल आपको नामर्द (नपुंसक) बना सकती है. 
    बुखार और बदन दर्द में पैरासीटामॉल का तोड़ आपको मुश्किल से मिलेगा. लेकिन इस दवा पर हुई हालिया रिसर्च ने चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं. महिलाओं पर इतना नहीं लेकिन पुरुषों के लिए इस दवा को लगातार लेना जी का जंजाल बन सकता है. रिसर्च टीम का कहना है कि पैरासीटामोल खाने वाले पुरुषों में नपुंसक होने का खतरा बेहद ज्यादा होता है. 
    35 फीसदी मामलों में देखा गया कि जिन व्यक्तियों के तंत्र में इस दवा के अंश मौजूद थे उन्हें कंसीव कराने में दिक्कतें पेश आईं. ये रिसर्च ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने की है. इनका दावा है कि पैरासीटामोल लेने से महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इनफर्टिलिटी 35 फीसदी ज्यादा बढ़ जाती है.
    सप्ताह में तीन घंटे से ज्यादा साइकिल चलाने से मर्दाना कमजोरी हो सकती है. जो लोग सप्ताह में तीन घंटे से ज्यादा साइकिल चलाते हैं, उन्हें उन्हें झुकी हुई अवस्था में साइकिल चलाना चाहिए न कि सीधे रह कर. इसके अलावा उम्र, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, धूम्रपान, नशे का सेवन तथा दिल का रोग भी यौन कमजोरी की वजह बन सकता है.
    प्रमुख तौर साइकिल चलाने की वजह से होने वाली मर्दाना कमजोरी साइक्लिंग से जुड़े पेशेवर लोगों में पाई गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 540 किलोमीटर की साइकिल दौड़ में भाग लेने वाले नॉर्वे के एक पुरुष में यह समस्या पाई गई. मर्दाना अंग का सुन्न या असंवेदनशील होना लिंग की नसों पर दबाव होने की वजह से होता है, जबकि मर्दाना कमजोरी का कारण यौन अंगों की धमनियों में ऑक्सीजन की कमी होता है.
    शौकिया साइकिल चलाने वाले लोग, जो सप्ताह में तीन घंटे से कम साइकिल चलाते हैं और झुकी हुई अवस्था में साइकिल चलाने वाले लोगों के यौन अंग की नसों और धमनियों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और उन में साइक्लिंग की वजह से होने वाले यौन दुष्प्रभाव की संभावना कम होती है. बिल्कुल सीधे रह कर लगातार साइकिल चलाने से अंग में ऑक्सीजन का बहाव कम हो सकता है, जो 10 मिनट तक कम रह सकता है.
    गांजा में पाया जाने वाला एक सक्रिय यौगिक मस्तिष्क में जहरीले प्रोटीन के निष्कासन में मददगार हो सकता है. एक नए अध्ययन में इसकी पुष्टि हुई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शोध के दौरान देखा गया कि टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल (टीएचसी) और अन्य यौगिक तंत्रिका कोशिकाओं से हानिकारक एम्लाइड बीटा के निष्कासन में मदद करते हैं.
    यह निष्कर्ष पहले हुए अध्ययनों का समर्थन करते हैं, जिसके तहत कहा गया है कि कैनाबाइनॉइड्स न्यूरोडिजनरेटिव रोगों से ग्रसित लोगों पर सुरक्षात्मक प्रभाव डालते हैं. कैलिफोर्निया की साल्क इंस्टीट्यूट फॉर बॉयोलॉजिकल स्टडीज से इस अध्ययन के मुख्य शोधार्थी डेविड स्कूबर्ट ने कहा कि हमारे अध्ययन से यह पहली बार सामने आया है कि कैनाबाइनॉइड्स तंत्रिका कोशिकाओं में सूजन और एम्लॉइड बीटा एक्यूमुलेशन दोनों में प्रभावकारी है.
    एम्लाइड बीटा को अल्जाइमर रोग का प्रमुख कारण माना जाता है. यह हानिकाक प्रोटीन लोगों के मस्तिष्क में जम जाता है, प्लेक का गठन करता है और तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार में बाधा उत्पन्न करता है. यह शोध ‘एजिंग एंड मेकानिज्म्स ऑफ डिसीस’ पत्रिका में शुक्रवार को प्रकाशित हुआ है.
    कई सालों तक लगातार अत्यधिक नमक वाली खुराक लेते रहने से ज्यादा शरीर में यूरिक एसिड बनने और पेशाब में एल्बुमिन की मौजूदगी से रक्त धमनियों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका रहती है. साथ ही ज्यादा नमक वाला आहार लेने वालों में उच्च रक्तचाप होने की आशंका बनी रहती है. इसका खुलासा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने किया.
    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के शोधपत्र ‘सकुर्लेशन’ ने सोडियम की खपत और यूरिक एसिड के रक्त में स्तर और पेशाब में एल्बुमिन की मौजूदरी जो कि रक्त शिराओं के क्षतिग्रस्त होने के कारण बनते हैं, के आपसी संबंध का अध्ययन किया.
    अध्ययन में उन लोगों को शामिल किया गया जो उच्च रक्तचाप की दवा नहीं लेते. ज्यादा सोडियम लेने से वक्त के साथ यूरिक एसिड और एल्बुमिन का स्तर बढ़ने का संबंध पाया गया. शोध में कहा गया कि अगर आहार में नमक की मात्रा ज्यादा होगी और यह दोनों जितने ज्यादा होंगे, हाइपरटेंशन होने का खतरा भी उतना ही ज्यादा होगा. कम मात्रा में सोडियम लेने वालों की तुलना में ज्यादा मात्रा में सोडियम लेने वालों को हाई ब्लड प्रेशर होने की 21 प्रतिशत संभावना ज्यादा पाई गई.
    डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जिन्हें यूरिक एसिड की समस्या थी और जो ज्यादातर नमक खाते थे, उनमें उच्च रक्तचाप की आशंका 32 प्रतिशत ज्यादा और जिनके पेशाब में एलब्यूमिन का स्तर ज्यादा और नमक का सेवन भी ज्यादा था, उनमें उच्च रक्तचाप की आशंका 86 प्रतिशत ज्यादा थी.
    हल्दी एक नेचुरल एंटीबायोटिक तो है ही ,इसीलिए यह स्किन,पेट और चोटों के लिए बेहतर इलाज है। हल्दी के पौधे से मिलने वाली इसकी गांठें ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी बहुत उपयोगी होते हैं। वैसे ही हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से भी शरीर को कई फायदे पहुँचते हैं।
    1 . हडि्डयों को पहुंचाता है फायदा- हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरेसिस के मरीजों को राहत पहुंचाता है।
    2. सर्दी खांसी में है रामबाण-हल्दी वाले दूध के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है। इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
    3. महावारी में होने वाले दर्द से राहत देता है-हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी का दूध लेना चाहिए।
    4. स्किन प्रॉब्लम्स में है रामबाण-हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में भी रामबाण का काम करता है।
    5. लीवर को मजबूत बनाता है-हल्दी वाला दूध लीवर को मजबूत बनाता है। यह लीवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लिम्फ तंत्र को साफ करता है।
    6. कान के दर्द में आराम मिलता है-हल्दी वाले दूध के सेवन से कान दर्द जैसी कई समस्याओं में भी आराम मिलता है। इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्द में तेजी से आराम होता है।
    7. चेहरा चमकाने में मददगार-रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा चमकने लगता है। रूई के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगोकर इस दूध को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी
    चाय के 5 लाभ जिन्हें जानकार आप रह जाएंगे हैरान
    अधिकतर लोगों के दिन की शुरुआत एक कप कॉफ़ी के साथ होती है। लेकिन कॉफ़ी पीना कई लोगो को गलत लगता है। उनका मानना है कि कॉफ़ी पीने से नुकसान होता है। अधिकतर लोगों का यही मानना है। लेकिन हम आपको बता दे कॉफी पीने के अगर नुकसान है तो फायदे भी बहुत हैं। कॉफी से नुकसान तभी है जब दिन में पांच कप से ज्यादा आप कॉफ़ी पीते हैं।
    #जर्मनी के एक शोध में पाया गया की डार्क रोस्ट कॉफी पीने से डीएनए इम्प्रूव होता है। कॉफी बीन्स में पेस्टिसाइड्स का छिड़काव किया जाता है। इसलिए ऑर्गैनिक कॉफी का चुनाव करें। इसिलए कॉफ़ी की क्वालिटी बहुत मायने रखती है।
    #कॉफी ठंडी पीने से हेल्थ-बेनिफिट्स ज्यादा मिलते हैं। गर्म कॉफी ज्यादातर फायदे खत्म कर देती है।
    #कॉफी सही अनुपात में पी जाए तो शरीर को पोषण और हेल्थ को सुधारती देती है।
    #कॉफी लीवर पर फैट नहीं जमा होने देती है और कोलैजेन कंट्रोल रखती है। लेकिन तब जब इसे मॉडरेशन में पीया जाए।
    #एल्जाइमर और डिप्रेशन से बचाव भी करती है कॉफी। इसके लिए ये जरूरी है की कॉफी को रेग्युलर और मॉडरेशन में पीया जाए।
    हल्दी वाला दूध पीने के ये हैं फायदे
    हेल्थ इंडस्ट्रीज आजकल कुछ ज्यादा ही फायदे में जारही है। इसका मुख्य कारण है लोगो का अपनी हेल्थ के लिए अवेयर रहना। जी हाँ,आजकल हर कोई खुद को फिट दिखाने की कोशिश में लाखों का ट्रीटमेंट लेते है। जिससे वो हेल्थी और फिट होजाएं ताकि वो भी ग्लैमरस दिखें। तो अब आपको ज्यादा खर्च करने के ज़रूरत नहीं हैं।
    वैज्ञानिकों ने एक नये शोध में दावा किया है कि डेढ घंटे तक दौडने के बजाय अगर लोग ढाई मिनट तक कड़ा व्यायाम करें तो उसका भी उन्हें उतना ही फायदा मिलता है और मोटापा तेजी से कम होता है। ब्रिटिश आर्बीडीन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता स्टुअर्ट ग्रे ने 18 से 35 वर्ष की उम्र के लोगों के एक समूह को तेज गति से भागने,पैदल चलने,साइकिल चलाने को कहा गया। इन्हें तीस सेंकड तक जमकर कसरत करने के बाद चार मिनट विश्राम करने और फिर दोबारा कसरत करने को कहा गया।
    ग्रे ने शोध में शामिल हुये दूसरे लोगों से तेज गति से चलने को कहा और अगले दिन दोनों समूहों को अपनी प्रयोगशाला में बुलाकर खूब वसा वाला भोजन कराया। इनके खून के नमूनों की जांच की गई। शोध के नतीजों में पाया गया कि तेज गति से चलने वाले लोगों में कसरत नहीं करने वालों के मुकाबले 11 फीसदी कम चर्बी पाई गई जबकि महज ढाई मिनट की कड़ी कसरत करने वालों के खून में 33 फीसदी कम वसा पाया गया । आमतौर पर 90 मिनट तक कसरत करने के बाद वसा में इतनी कमी हो पाती है।
    इन सब्जियों को कुछ ख़ास तरीके से पका कर खाएंगे तो होगा डबल फायदा

    आज के ज़माने में सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। जिसकी वजह से हम आधे से ज्यादा टाइम कंप्यूटर लैपटॉप और मोबाइल फोन्स में बिता देते हैं। जिसके कारण हमारी आँखों को बहुत सी परेशानियों से गुज़रना पड़ता है। आँखों में दर्द होना,जलन होना वगैरह। आँखों को नुक्सान से बचाने के लिए आँखों की दिक्कत को जान लेना ज़रूरी है।
    आँखों के सूखने की वजह हो सकती है ज्यादा देर तक इलेक्ट्रॉनिक चीज़ों पर लगे रहना जिससे आप अपनी आँखों को बहुत कम बार झपकाते है।
    #बारिश के मौसम में आंखों को इनफेक्शन से बचाना भी बेहद जरूरी है। बारिश बंद होने के बाद उड़ती धूल में बाहर निकलते वक्त सन ग्लास जरूर लगाएं। इससे आंखों पर एक शील्ड बनी रहती है और इन्फेक्शन होने का डर भी नहीं होता।
    #आंख सेंकने से भी काफी आराम महसूस होता है। आप चाहें तो अपने डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।
    #कभी भी ज्यादा देर तक लेंस पहनकर नहीं रखना चाहिए। इससे भी आंखें सूखने लगती हैं। कुछ अंतराल के बाद लेंस निकाल कर चश्मा भी पहनते रहें।
    सिर्फ ढाई मिनट और आप हो जायंगे फिट
    सेक्स,जीवन का एक हिस्सा है। ये आपको केवल कुछ वक्त के लिए आपको एक अच्छा एहसास ही नहीं देता बल्कि ये आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद है। तो जानिये सेक्स से जुड़ी इन ख़ास बातो को। बीमारियों से बचाव-रिसर्च के अनुसार नियमित रूप से संभोग करने वाले लोग कम बीमार पड़ते हैं।
    # कामुकता में वृद्धि-शिकागो की डॉक्टर लॉरीन श्ट्राइशर बताती हैं, "ज्यादा सेक्स करने से कामुकता में वृद्धि होती है।" वह बताती हैं कि महिलाओं में संभोग करने से योनि में रक्त प्रवाह बेहतर होता है और योनि संबंधी बीमारियों में कमी आती है।
    # बेहतर रक्तचाप-रिसर्च में पाया गया है कि संभोग का ब्लड प्रेशर पर भी अच्छा असर होता है। संभोग के बाद सिस्टॉलिक प्रेशर में कमी आती है।
    # अच्छी कसरत-संभोग के दौरान हर मिनट में पांच कैलोरी जलती है। ट्रेडमिल पर दौड़ने की ही तरह सेक्स से भी दिल की धड़कन बढ़ती है और कई मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है।
    # दर्द से राहत-न्यूजर्सी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर बैरी कोमिसरुक बताते हैं, "ऑर्गेज्म दर्द को रोक सकता है। इससे एक ऐसा हार्मोन निकलता है जो दर्द के एहसास को कम करता है। " महिलाओं में पीठ और टांगों के दर्द, मासिक स्राव के दौरान पेट दर्द और आम तौर पर सिरदर्द में फर्क देखा गया है।
    # प्रोस्टेट कैंसर से बचाव-एक शोध के अनुसार जो पुरुष महीने में कम से कम 21 बार सेक्स करते हैं उन्हें बाकियो के मुकाबले प्रोस्टेट कैंसर की शिकायत कम होती है।
    # अच्छी नींद-संभोग के बाद नींद अच्छी आती है। सेक्स के दौरान शरीर की एक्सरसाइज होती है। शरीर में प्रोलैक्टिन नाम का हार्मोन निकलता है, जो तनाव से मुक्ति और बेहतर नींद के लिए जिम्मेदार होता है।
    # तनाव से राहत-शोध में ये भी पता चला है कि पार्टनर के करीब रहने से तनाव कम होता है। एक दूसरे की त्वचा से संपर्क में आने से दिमाग में ऐसे रसायन सक्रिय होते हैं, जो खुशी का एहसास दिलाते हैं
      मानसून के आने से गर्मी की चिलचिलाती धूप से काफी राहत मिलती है. जहां एक ओर ये राहत देता है तो दूसरी ओर मानसून के आने से नुकासान ज्यादा होता है. इस समय चारों ओर कीचड़ की गदंगी से संक्रमण के फैलने का डर बना रहता है. इसके बाद इन दिनों का संक्रमित खानपान बड़े से लेकर बच्चों को भी अपनी चपेट में ले लेता है. 
      बच्चे के लगातार बीमार होने से उनका इम्यूनिटी सिस्टम भी कमजोर होने लगता है. इसलिए उनके सुरक्षित रहने के लिए विशेष रख रखाव की जरूरत होती है. आज हम आपको बता रहें हैं बच्चों के इम्यूनिटी पावर को मजबूत करने के लिए ऐसे आहार लें, जिससे आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो और वो हर बीमारियों से सुरक्षित रहे.
      उपाय:
      सूप पीना वैसे भी स्वास्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है. जिसकी सलाह डॉक्टर भी दिया करते हैं क्योंकि ये शरीर में असानी से पचने वाला होता है. सूप हमेशा आप घर का बनाया हुआ ही पीया करें. सूप को बनाने के लिए आप ताजी सब्जियों के साथ यदि मांस को भी डाल देते हैं तो यह काफी फायदेमंद वाला साबित होता है. इसे बनाने के लिए आप शोरबा में सब्जियां या मांस उबाल लें. फिर इनमें काली मिर्च, अदरक, लहसुन और प्याज को डालकर अच्छी तरह से मिला दें. ये सूप स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के लिए भी लाभदायक होता है.
      सिंगल पुरुषों के लिए अच्छी खबर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक पॉकेट डिवाइस ईजाद हुआ है जिसकी मदद से उन्हें सेक्स पार्टनर की जरूरत महसूस नहीं होगी. स्क्वील एक्सटी नाम की ओरल सेक्स सिमुलेटर बनाने वाले ग्रुप का दावा है कि यह अब तक का सबसे ज्यादा वास्तविक सुख देने वाला ओरल सेक्स डिवाइस है.
      स्क्वील एक्सटी को रीचार्ज किया जा सकता है, इसे 2011 में महिलाओं के लिए लॉन्च किए गए स्क्वील की तर्ज पर तैयार किया गया है. इस डिवाइस में 10 टर्बो टंग्स हैं जो तीन स्पीड पर गोल घूमती हैं.
      ब्रिटेन के सबसे बड़े ऑनलाइन सेक्स टॉय रिटेलर लवहनी ने इस गैजट को तैयार किया है. लवहनी का कहना है यह डिवाइस वॉटरप्रूफ है और पॉकेट में आसानी से रखी जा सकती है. इस डिवाइस के जरिए पुरुष चरम सुख का आनंद ले सकते हैं.
      लवहनी में साझेदार नील स्टेलफर्ड ने कहा, 'बेहतरीन ओरल सेक्स का अनुभव लेने के लिए पुरुषों को अपने बर्थडे जैसे मौकों का इंतजार करने की जरूरत नहीं.' पुरुषों के सेक्स टॉय के बाजार में 20 पर्सेंट की तेजी को देखते हुए उनका कहना है कि साल 2016 मेल सेक्स टॉय्ज के नाम है.
      नील ने आगे कहा, '49.99 पाउंड की कामत वाला स्क्वील एक्सटी ओरल सेक्स के मामले में पुरुषों के लिए बेहद खास है.' प्रॉडक्ट के एक टेस्टर ने कहा कि इसमें उसमें कोई कमी नहीं दिखाई दी, वहीं एक शादीशुदा कपल टेस्टर ने प्रॉडक्ट की तारीफ में कहा, 'मैं और मेरे पति को यह डिवाइस बहुत पसंद आई, इसकी शेप परफेक्ट है.'
      द इंडियनसूत्र  ऑनलाइन ने हॉट साइड सेक्स पोजीशन के कुछ टिप्स बताएं है जिसे अपनाकर आप सेक्स लाइफ में तड़का लगा सकते हैं. वैसे तो नई सेक्स पोजीशन ट्राई करने के लिए कोई रॉकेट साइंस नहीं है लेकिन आपको नए तरीके से पार्टनर को रोमांचक तरीके से उत्तेजित करना आना चाहिए.
      साइड सेक्स पोजीशन अपनाकर आप पार्टनर को ना सिर्फ सेक्स संतुष्टि दे सकते बल्कि उनकी सेक्स लाइफ से बोरियत को भी खत्म कर सकते हैं. साइड सेक्स पोजीशन का सबसे अच्छा पार्ट होता है कि इसमें आपकी पूरी बॉडी वर्क करती है. तो ‌जानिए, इस पोजीशन से कैसे अपनी सेक्स लाइफ को मजेदार बनाएं. वैसे तो स्पूनिंग पोजीशन में पार्टनर महिला के पीछे आकर उसी की करवट में लेटता है. लेकिन इस पोजीशन को आप ज्यादा बेहतर बना सकते हैं. आप खुद को उत्तेजित करके अपनी करवट बदल कर पार्टनर को उत्तेजित कर सकते हैं.
      इस पोजीशन में महिला खड़े होकर आगे की ओर बैंड होती है और पुरुष पीछे की ओर होता है. लेकिन आप इसे अलग तरीके से करने के लिए अपने दोनों पैरों को साइड में या फिर पार्टनर के बीचोबीच फंसा सकती हैं ताकि इस पोजीशन को ज्यादा बेहतर तरीके से एंज्वॉय कर सके. इस पोजीशन को तब अपनाया जाता है जब आप बहुत थकान महसूस करते हैं. इसमें दोनों एक-दूसरे के ऊपर और नीचे होते हैं.
      यदि आपकी हाइट राजपाल यादव जैसी है और आप अमिताभ बच्चन की हाइट को छूने का सपना देख रहे है तो टेंशन मत लीजिये. आज हम आपको लंबाई बढ़ाने का जो अनोखा नुस्खा बताएँगे जिसे आजमा कर आपका यह सपना जरूर पूरा हो जायेगा.
      शरीर की लम्बाई बढ़ाने के लिये सेरामिक चुम्बकों का प्रयोग कनपटियों पर करना चाहिए. इस प्रयोग में उत्तरी ध्रुव वाले चुम्बकों का उपयोग एक दिन में सिर के दायीं ओर तथा दक्षिणी ध्रुव वाले चुम्बक का उपयोग सिर के बाईं ओर करना चाहिए. दूसरे दिन सिर के आगे और पीछे की ओर तथा सिर के अगले भाग पर उत्तरी ध्रुव वाला चुम्बक तथा इसके पिछले भाग पर दक्षिणी ध्रुव वाले चुम्बक का उपयोग करना चाहिए. 
      चुम्बक का ऐसा प्रयोग लगातार तीन महीने तक करना चाहिए तथा इस प्रयोग के एक सप्ताह तक छोड़कर फिर दुबारा यह प्रयोग 3 महीने तक करना चाहिए और नियमित रूप से चुम्बकित जल को दवाई की मात्रा के बराबर पीना चाहिए.
      जी हाँ हर कोई महिला अपने सिर में पड़ने वाले जुओ से परेशान होती है। यदि आप भी इसी समस्या से गुजर रही है तो अब आपको घबराने की जरुरत नहीं है क्योकि आज हम आपको बता रहे ऐसे कुछ घरेलु उपाय जिन्हें अपनाकर आप आसानी से जुओ की छुट्टी कर सकती है।
      तो आइये जानते है वे घरेलू उपचार

      1. अमरूद के पत्ते

      अमरुद के पत्तों को पीसकर हल्दी के साथ मिलाकर मिश्रण बना लें और नहाने से दो घंटे पहले सिर पर अच्छे से लगाएं। इससे जुएं मर जाएगी।

      2. नीम

      नीम के पत्तों को पीसकर नहाने से पहले सिर पर 2 घंटे के लिए लगाने से भी जुओं से छुटकारा मिलता है।

      3. तुलसी के पत्ते

      तुलसी के पत्तों कोे पीसकर बालों में लगाकर सिर पर कपड़ा बांध लें। इससे सारी जुएं मर जाएगी और कपड़े पर चिपक जाएगी। इस 2-3 बार लगातार लगाएं।

      4. काली मिर्च और दही

      आधा चम्मच काली मिर्च का पाऊडर,एक कप दही दो चम्मच नींबू के रस मिलाकर नहाने से 20 मिनट पहले सिर पर लगाएं और धो लें। इस बात का पूरा ध्यान रखें कि नहाते वक्त आंखें बंद रखें।

      5. नींबू

       नींबू का रस नारियल का तेल मिलाकर सिर पर लगाने से भी जुएं मर जाती हैं।

      6. नीम और तुलसी के पत्ते

      इन पत्तों को तकीए के नीचे रख कर सोने से भी यह परेशानी कॉफी हद तक हल हो सकती है।

      7. लहसून

      नहाने से पहले लहसून की कुछ कलियों को नींबू के रस के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से जुएं मर जाएगी।
      क्या आप जानते है जब आप दूध में हल्दी मिला कर पीते है तो दूध के गुण डबल हो जाते है. इसलिए रोजाना सुबह या रात में हल्दी वाला दूध जरूर पीना चाहिए. आइये अब इसके फायदों के बारे में जानते है. 
      1. चोट में आराम: अगर आपको चोट लगी है तो हल्दी वाला दूध आपके लिए बहुत फायदेमंद हैं. ये दर्द के लिए पैन किलर जैसा काम करता है और चोट में राहत पहुंचाता है. 
      2. हडि्डया मजबूत बनाने में सहायक: दूध में कैल्शियम होता है और हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट, इसलिए हल्दी वाला दूध पीने से हडि्डया मजबूत होती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. 
      3. मोटापा कम करने में लाभकारी: हल्दी वाले दूध से शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी कम होती है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व वजन घटाने में मदद करते हैं.
      4. गहरी नींद: अगर आप रात में ठीक से सो नहीं पा रहें है या आपको बैचेनी हो रही है तो सोने से आधा घंटा पहले हल्दी वाला दूध पीएं. इससे आपको गहरी नींद आएगी और नींद ना आने की समस्या दूर हो जाएगी।. 
      5. मुंह के छालों से छुटकारा: एक गिलास पानी में कुछ हल्दी मिला कर कुल्ला करने से मुंह के छालों में आराम मिलता है.
      मिर्गी का इलाज संभव है अगर मरीज इसका उपचार सही ढंग से कराए. जरा भी कोताही न बरते. जैसे ही रोग के लक्षण दिखें न्यूरोलॉजिस्ट की राय लें. इसके इलाज में धैर्य बहुत जरूरी होता है. फिलहाल हम आपको कुछ घरेलु उपाय बता रहे है जिसे आप अपने डॉक्टरी इलाज के साथ चला सकते है.
      1. अंगूर का रस मिर्गी रोगी के लिये अत्यंत उपादेय उपचार माना गया है. आधा किलो अंगूर का रस निकालकर प्रात:काल खाली पेट लेना चाहिये. यह उपचार करीब 6 माह करने से आश्चर्यकारी सुखद परिणाम मिलते हैं.
      2. एप्सम साल्ट (मेग्नेशियम सल्फ़ेट) मिश्रित पानी से मिर्गी रोगी स्नान करे. इस उपाय से दौरों में कमी आ जाती है और दौरे भी ज्यादा भयंकर किस्म के नहीं आते है.
      3. मिट्टी को पानी में गीली करके रोगी के पूरे शरीर पर प्रयुक्त करना अत्यंत लाभकारी उपचार है. एक घंटे बाद नहालें. इससे दौरों में कमी होकर रोगी स्वस्थ अनुभव करेगा.
      4. मिर्गी के रोगी के लिए शहतूत का रस लाभदायक होता है. सेब का जूस भी मिर्गी के रोगी को लाभ पहुंचता है. 
      5. मिर्गी के रोगी के पैरों तलवों में आक की आठ-दस बूंदे रोजाना शाम के समय मलें. ऐसा 2 महीनों तक रोजाना करें. इससे काफी लाभ मिलेगा.
      6. तुलसी के पत्तों को पीसकर शरीर पर मलने से मिरगी के रोगी को लाभ होता है.
      7. मिरगी के रोगी को ज़रा सी हींग को निम्बू के साथ चूसने से लाभ होता है.
      महिलाओं में हस्तमैथुन को हमेशा से ही कई तरह के भ्रमो से घिरा हुआ देखा गया है. कही से जहाँ यह सुनने को मिलता है कि यह सेहत के लिए ठीक नहीं होता है तो कही से यह बात भी सामने आती है कि इससे सेहत पर कोई प्रभाव नहीं होता है. गौरतलब है कि हस्थमैथुन करने से उन्माद बाहर निकलता है और इसको लेकर लोगो की सोच भी बदल रही है. आज हम भी महिलाओं में हस्थमैथुन से जुडी हुई कुछ जानकारी सामने लेकर आए है. जी हाँ, आज हम बात कर रहे है हस्थमैथुन के लाभो के बारे में. तो आइये जानते है क्या है ये लाभ-
      * बता दे कि हस्थमैथुन से डिप्रेशन कम होता है. जी हाँ, रिसर्च के मुताबिक ऑर्गेजम से इन्डॉर्फिन्स बढ़ता है और यह हमें डिप्रेशन से बचाता है.
      * रिसर्च से ही यह बात भी सामने आई है कि फीमेल हस्तमैथुन में सर्वाइकल इन्फेक्शन से राहत मिलती है. रेग्युलर ऑर्गेजम से गर्भाशय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
      * एक्सपर्ट्स यह भी कहते है कि जो हस्तमैथुन को लेकर सहज होते हैं वे अपने शरीर और सेक्शुअलिटी को लेकर भी कम्फर्ट होते हैं.
      * हस्थमैथुन से नींद में मदद मिलती है क्योकि ऑर्गेजम से ब्लड प्रेशर लो होता है और इससे इन्डॉर्फिन्स को राहत मिलती है.
      * कई महिलाओं का कहना है कि पिरीअड्स के दौरान हस्तमैथुन से दर्द कम होता है.
      * अमेरिकन यूरोलॉॉजिकल वार्षिक मीटिंग में कहा गया कि जो कम से कम मंथली हस्तमैथुन करते हैं उनमें प्रॉस्टेट कैंसर की आशंका कम होती है.
      * यूके में 5 लाख के करीब लोग सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजिज से पीड़ित हैं. इसके एचआईवी के मामलों में बढ़ोतरी होती है. ऐसे में हस्तमैथुन एक अच्छा जरिया है.
      * इसके अलावा हस्थमैथुन करने से अनचाहे गर्भ से मुक्ति भी मिलती है.
      कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलत तरीके से हस्तमैथुन?
      हस्तमैथुन से जुड़ी भ्रांतियां
      एक दस्तावेज में बताया गया है कि ऑनलाइन पोर्नोग्रफी को बंद किया जाना चाहिए. इसमें तर्क दिया गया है कि ऑनलाइन पोर्नोग्रफी के कारण युवा एनल सेक्स के लिए प्रेरित हो रहे हैं. रिसर्च में बताया गया है कि इसमें महिलाओं को आनंद नहीं आता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि युवाओं में sex की जो फितरत है वह चिंताजनक है. कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों के लिए sex एजुकेशन बेहद जरूरी है.
      25 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सेक्शुअल हेल्थ चैरिटी पर काम करने वाली संस्था ब्रूक का कहना है कि सालों से sex और रिलेशनशिप एजुकेशन देने की प्रक्रिया नाकाफी रही है. ब्रूक सर्विस संयोजक अलेक्स वाइट ने कहा कि हमें इस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘युवाओं के पास कोई टूल नहीं है जिससे पता चले कि उन्हें अपनी डिजायर के बारे में कैसे बात करनी है. उन्हें पता होना चाहिए कि मिथ और हकीकत में क्या फर्क है. उनमें से जेंडर और sex पर स्टीरियोटाइप सोच खत्म करनी होगी.
      यूसीएल सेंटर फोर सेक्शुअल हेल्थ ऐंड एचआईवी रिसर्च में डॉ केथ मर्सर का कहना है कि युवा एनल सेक्स कर रहे हैं यह प्रमुख मुद्दा नहीं है बल्कि यंग महिलाओं को इसके लिए मजबूर किया जा रहा है यह असली चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि एनल सेक्स करना कोई समस्या नहीं है लेकिन यह सहमति से होना चाहिए। यदि दोनों की इच्छा है और इसे इंजॉय करते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है.
      महिलाओं की मर्दों के समान सेक्स की लालसा नहीं होती, यह जानकर आपको थोड़ी हैरानी तो जरूर होगी पर यही सच है. अगर आपकी गर्लफ्रेंड या बीवी भी सेक्स करने में ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं दिखाती है तो इसका मतलब यह नहीं कि आपके बीच प्यार खत्म हो गया है. इससे पहले कि आप उन्हें इस विषय के लिए छोड़ें और दूसरे प्यार की तलाश में निकलें हम आपको कुछ कारण बताएंगे कि आखिर क्यों महिलाएं सेक्स के लिए इतनी आतुर नहीं रहती हैं.
      - वो प्यार चाहती हैं: महिलाएं बेहद भावुक होती हैं. वो इमोशन और प्यार से भरी हुई हैं. आप भले ही उन्हें समझने के हजार दावे कर लें लेकिन शारीरिक जरूरतों की बात पर आकर हर मर्द गलत साबित हो जाता है. हर महिला आपसे सिर्फ प्यार चाहती है, सेक्स नहीं.
      - उन्हें समय चाहिए: हो सकता है आप अपनी पहली डेट को यादगार बनाना चाह रहे हों उनके साथ क्रेजी होकर, लेकिन थोड़ा संभलकर क्योंकि 80 प्रतिशत महिलाएं पहली डेट में सेक्स करना पसंद नहीं करती. अगर आप उनके साथ शारीरिक संबंध बनाना भी चाहते हैं तो पहले आप उन्हें कंफर्टेबल करें. 
      - वो विचलित हो जाती हैं: गुस्सा, निराशा, थकान और फ्रस्ट्रेशन महिलाओं को बहुत जल्दी विचलित कर देता है. ऐसे में अगर आप उन्हें सेक्स के लिए अप्रोच करेंगे तो हो सकता है कि आप उनके गुस्से और फ्रस्टेशन के शिकार बन जाए. ऐसे हालातों में आपको उन्हें समझना चाहिए. 
      - उन्हें आपके करीब रहना है: इसे समझने की मर्दों को सख्त जरूरत है. अगर कोई महिला उनके करीब आती है तो वो सोचेते हैं कि वो सेक्स चाहती हैं. बल्कि ऐसा नहीं है. वो सिर्फ आपकी बांहों में सिमटना चाहती हैं. मर्दों के लिए सेक्स एक इमोशन है, औरतों के इमोशन का एक हिस्सा है सेक्स.
      - उम्र रखती है मायने: चिंता न करें उम्र आपकी भी सेक्सलाइफ को प्रभावित करता है लेकिन महिलाओं में तीस से चालीस की उम्र में सेक्स के प्रति इच्छाएं कम होने लगती है. इसके लिए आप उन्हें दोषी नहीं ठहरा सकते हैं क्योंकि ये सब हार्मोन्स का खेल होता है.
      अगर आप अक्‍सर अपनी आंखों की तारीफ सुनने के आदि हैं और आप भी यह मानते है कि आंखें ही दिल का आईना होती हैं. तो यकीनन आप अपनी आंखों का बेहद ध्‍यान भी रखते होंगे. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि आंखों का ध्‍यान रखने के लिए उनमें गुलाबजल डालना या रोज पानी के छींटे मारना काफी नहीं. आपकी डायट और रोजमर्रा की कई आदतें या आपकी कोई छिपी बीमारी भी उन्‍हें नुकसान पहुंचा सकती है...
      मधुमेह यानी डायबिटीज के ज्यादातर मरीजों में रेटिनोपैथी की आखिरी स्टेज आने तक भी पता नहीं चलता और तब तक उचित इलाज की संभावना भी कम रह जाती है. बीमारी फैलने की रफ्तार तेज हो सकती है, इसलिए रेटिनल रोग का ध्यान रखने के लिए मधुमेह रोगियों की नियमित जांच होती रहनी चाहिए. पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि आखों, दिल के रोगों, छोटी रक्त शिराओं के क्षतिग्रस्त होने के बेहद शुरुआती संकेत अन्य लक्षणों के नजर आने से पहले ही देती हैं.
      रेटिनोपैथी वाले मधुमेह रोगियों की इस रोग के बिना वाले लोगों की तुलना में अगले बारह सालों में मौत होने की संभावना होती है. आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी और यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न व नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के अध्ययनों के मुताबिक, इस रोग से जो लोग पीड़ित नहीं है, उनकी तुलना में रेटिनोपैथी वाले रोगियों की दिल की बीमारी से मौत होने की संभावना करीब दोगुनी होती है.
      दालचीनी मसाला के साथ कई बीमारियों को दूर कर सकता है. दालचीनी उत्तेजक तो होता ही है साथ ही बैक्टीरिया रोधक भी होता है. एक ग्लास गर्म पानी में दालचीनी और शहद मिलाकर पीने से चेहरा झुर्रियों से कोसों दूर रहता है. इससे आप अपनी उम्र से काफी कम दिखाई देते हैं.
      अगर आप अपने बालों को सुंदर और लंबा बनाना चाहते हैं तो गुनगुने जैतून के तेल में दालचीनी और शहद मिलाकर बालों में लगाएं. इससे बाल लंबे और घने हो जाएंगे. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप दालचीनी को गुलाबजल में मिलाकर लगाएं. इससे आपकी त्वचा मुलायम हो जाएगी. 
      दालचीनी को गरीबों का इंसुलिन भी कहा जाता है. डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपने खाने में दालचीनी को जरूर शामिल करना चाहिए. जापान के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि सुबह गर्म पानी के साथ एक चम्मच दालचीनी और शहद लेने से आप कैंसर को मात दे सकते हैं. मौसम बदलने के साथ सर्दी-खांसी की समस्या होना आम बात है. दालचीनी इसका भी इलाज करता है. गर्म पानी के साथ शहद और दालचीनी लेने से खांसी ठीक हो जाती है.
      विश्व में प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति आयरन की कमी से ग्रसित है और गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अधिक है. थायरॉइड विकार और आयरन की कमी, गर्भवती महिलाओं में मैटर्निटी और फीटस (भ्रूण) समस्याओं के साथ जुड़े हैं. गर्भवती महिलाओं को अपने बच्चे के मस्तिष्क के संपूर्ण विकास के लिए पर्याप्त हार्मोन की ज़रूरत होती है. 
      ख़ासकर पहले सत्र के दौरान यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उस दौरान फीटस खुद अपनी थायरॉयड ग्रंथि विकसित करता है. इस शोध को साबित करने के लिए अध्ययनकर्ताओं ने करीब 1900 गर्भवती महिलाओं का आंकलन किया है. शोध के दौरान मिली जानकारी के मुताबिक आयरन की कमी से थायरॉइड विकार का जोखिम बढ़ सकता है. 
      इसके साथ ही गर्भपात और समय पूर्व जन्म के जोखिमों के बढ़ने की भी संभावना हो सकती है. आयरन थायरॉइड पेरोक्सीडेस (टीपीओ-एबीएस) के सामान्य क्रियातंत्र के लिए ज़रूरी होता है. यह प्रोटीन थायरॉइड के सटीक क्रियातंत्र के लिए आवश्यक है.
      बॉडी को साफ रखने और ताजगी बनाए रखने के लिए रोज सुबह नहाना एक अच्छी आदत होती है. बीमारियों से बचाव का भी यह एक अच्छा तरीका है कि रोज अपने शरीर की सफाई की जाए. कई बार देखा जाता है लोग नींद न आने की समस्या से ग्रसित रहते है या फिर अगर आप अक्सर ही बीमार रहते हैं तो इससे बचने के लिए रात में सोने से पहले नहाने की आदत डालें. 
      रात में नहाने से नींद अच्छी आती है और अगले दिन को खुशनुमा बना देती है. हाल ही में प्रकाशित हुई इंडियन डर्मेटोलॉजी जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार नहाने के लिए ये दो तापमान आदर्श हैं- गर्म पानी 44 सेल्सि. और ठंडा पानी 21 सेल्सि. इस आदर्श तापमान में नहाने से इम्युनिटी अलर्टनेस बढ़ता है. साथ ही एंटी डिप्रेशन हार्मोन जगाता है और मेटाबॉलिज्म को तेज बनाता है. 
      इसके अलावा दिमाग को शांत रखने में सहायक होता है. रात में नहाने से सौंदर्य में भी निखार आता है और त्वचा में कसावट बनी रहती है. गुनगुने पानी से नहाने से मांसपेशियों को आराम मिलता है. शरीर की थकान दूर होती है और माइग्रेन का दर्द भी कम होता है. शरीर में सूजन की समस्या भी घटती है और एंजाइटी को कम करता है.

      1. फल: फलों में न केवल पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होती है बल्कि यह जल्दी पचने वाले, आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं. भूख लगने पर बिना झंझट तुरंत इन्हें खाया जा सकता है. फलों को मौसम के अनुरूप ही खाएं जिससे केवल स्वाद ही न मिले आपको ताजे और शरीर को फायदा पहुंचाने वाले फल मिल सकें. 
      2. सब्जियां: सब्जियां खनिज और विटामिन पाने का सबसे आसान तरीका है. ऐसे में रोज के भोजन में ज्यादा से ज्यादा सब्जियों को शामिल करें. हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ विभिन्न रंगों की सब्जियों से आपको अलग-अलग पोषक तत्व मिल जाते हैं. पालक, बीन्स, ब्रोकली आदि ज्यादा से ज्यादा खाएं.
      3. अनाज: सफेद चावल और सफेद ब्रेड यानि की मैदा से बने खाद्य पदार्थों की जगह ब्राउन राइस और ब्राउन ब्रेड आदि को अपने खाने में शामिल करें. साबुत अनाज, जैसे दलिया आदि भी शरीर को बेहद फायदा पहुंचाता है. साबुत दालें भी रोजाना खानी चाहिए.
      4. प्रोटीन: मीट और बीन्स, प्रोटीन के प्राथमिक स्रोत हैं, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं साथ ही दिमाग को भी तेज बनाते हैं. लो फैट मीट जैसे चिकन, मछली आदि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होते हैं. अंडे, दालें, सूखे मेवे, टोफू, पनीर आदि भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं.
      5. डेयरी उत्पाद: डेयरी उत्पादों में कैल्शियम, विटामिन डी और दूसरे पोषक तत्व होते हैं हालांकि वसा भी डेयरी उत्पादों में अधिक होती है. ऐसे में लो फैट दूध और अन्य उत्पाद जिनमें वसा की मात्रा कम हो, का इस्तेमाल किया जा सकता है.
      क्या आप जानती है चेहरे के मुकाबले हमारे हाथों पर झुर्रियां जल्दी आ जाती हैं। इसका कारण यह है कि हम लोग अपने चेहरे की तो केयर करते हैं लेकिन हाथों और पैरों के मामले में अनदेखी बरतते हैं, जिसकी वजह से हाथों पर उम्र से पहले ही झुर्रियां नजर आने लगती हैं। हाथों को, बल्कि शरीर के सभी हिस्सों को चेहरे जैसी ही देख-रेख की जरूरत होती है। आज हम आपको बताएंगे कि आप किस तरह उम्र से पहले ही पड़ने वाली झुर्रियों से हाथों को बचा सकते हो। इन आसान तरीकों को अपनाने से आपके हाथ मुलायम रहेंगे।

      -हैंड सेनिटाइजर

      बदलते जमाने के साथ साथ आजकल लोग हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल ज्यादा करने लगे हैं। हाथ सेनिटाइजर से धोना अच्छी बात है लेकिन अगर वह बढ़िया क्वालिटी का हो तो नहीं तो यह आपके हाथों की त्वचा को खराब कर सकते हैं।
      -मेनिक्योर

      मेनिक्योर से हाथों की त्वचा मुलायम होती है और सारी गंदगी निकल जाती है। आप घर पर भी नींबू के रस में गुलाब जल मिलाकर हाथों पर लेप लगा सकते हैं लेकिन ध्यान रहें कि मेनिक्योर निश्चित अवधि में ही करवाया जाए। ज्यादा मेनिक्योर करवाने से भी हाथों की प्राकृतिक चमक-दमक गायब हो जाती है। घरेलू तरीकों से मेनिक्योर करेंगे तो यह फायदेमंद होगा और यह सस्ता भी पड़ेगा।

      -मोएस्चराइजर क्रीम

      साबुन से हाथ धोने के बाद अक्सर लोग मोएस्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करना भूल जाते हैं लेकिन मोएस्चराइजर का इस्तेमाल न करने से हाथ सख्त से हो जाते हैं। आप जितनी बार हाथ धोते हैं, उतनी बार मोएस्चराइजर लगाएं ताकि हाथ मुलायम रहें।

      -सनस्क्रीन लोशन

      जिस तरह हम धूप से अपने चेहरे की त्वचा को बचा कर रखते हैं, उसी तरह हाथों को भी प्रोटेक्शन दें। धूूप में बाहर निकल रहे हैं तो चेहरे के साथ-साथ हाथों पर सनस्क्रीन लोशन लगाएं। वैसे हम इसकी जरूरत नहीं समझते लेकिन हाथों को उम्र के प्रभाव से बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है। 
      -सख्त साबुन

      हम दिन में बहुत बार हाथ धोते हैं लेकिन हाथों को धोने के लिए बार-बार हार्ड साबुन का इस्तेमाल न करें जबकि इसके उल्ट लोग सारा दिन साबुन से ही हाथ घिसते हैं। यह हमारे हाथों की त्वचा को सख्त और बेजान बना देता है। हाथ रूखे-सुखे लगने लगते हैं इसलिए जितना ज्यादा हो सके सख्त और ज्यादा खूशबू वाले साबुुन से बचें क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा तेज कैमीकल्स का इस्तेमाल किया जाता है।
      -डिटर्जेंट

      आप घर पर कपड़े तो धोते ही होंगे तो क्या हाथों को मुलायम बनाए रखने के लिए आप कुछ खास तरीकों को इस्तेमाल करती है? डिटर्जेंट में बहुत तेज कैमीकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप की स्किन सेंसटिव है तो यह आपकी त्वचा को जख्म भी दे सकता है इसलिए कपड़े धोने से पहले हाथों में दस्ताने जरूर पहन लें। इससे न तो आपके हाथ फटेंगे और न ही यह अपनी नमी खोएंगे।

      -तेल

      आजकल लोग तेल को शरीर से कोसो दूर रखते हैं लेकिन शायद वह यह नहीं जानते कि हाथों में तेल लगाने से त्वचा लंबे समय तक मुलायम रहती है। हमारी त्वचा तेल को अंदर सोख लेती है, जिससे वह भीतर तक नर्म और मुलायम हो जाती है इसलिए हाथों पर तेल जरूर लगाएं। खासकर सर्दियों में नहाने के बाद तेल अवश्य लगाएं।
      यह बारिश जहां गर्मी को दूर करती है वहीं बहुत सी बीमारियों को भी लेकर आती है. बारिश में सबसे ज्यादा कफ और कोल्ड होता है जो इंसान को काफी बीमार कर देता है. इस नैचुरल काढ़ा को बनाने के लिए ये सामग्री लें- अनफिल्टर्ड एप्पल सीडर विनेगर,शहद, ताजा लेमन जूस, लाल मिर्च का पाऊडर, सूखा अदरक का पाऊडर, हल्दी, काली मिर्च का पाऊडर.
      बनाने की विधि:
      1. एक बाउल में ¼ कप अनफिल्टर्ड एप्पल सीडर विनेगर लें.
      2. अब उसमें ¼ कप ताजा लेमन जूस डालें। फिर 2 चम्मच शहद मिलाएं.
      3. अब ½ चम्चम लाल मिर्च का पाऊडर डालें.
      4. अब इसमें 1 चम्मच सूखा अदरक का पाऊडर डालें.
      5. फिर ½ चम्चम हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च डालें.
      6. अब इन सारी चीजों को अच्छी तरह से मिलाएं.
      7. अब इसे एक गिलास में ले और फ्रीज में रखकर एक हफ्ते तक इस्तेमाल करें.
      ये बातें जरूर ध्‍यान रखें कि 1 से 2 चम्मच इस काढ़े को पिएं. बच्चों को ये काढ़ा न दें. अगर समस्‍या गंभीर है तो चिकित्‍सक से जरूर संपर्क करें.
      मलेरिया: नीम में मौजूद तत्व गेडनिन मलेरिया बुखार से बचाने में बहुत फायदेमंद होता है. नीम की पत्तियों कोमल पत्तियों को खाने से कुछ ही दिनों में मलेरिया ठीक हो जाता है. नीम को कुचलकर पत्तियां घर में रखने से इसकी गंध की वजह से मच्छर नहीं आते हैं.
      कैंसर: नीम की पत्तियों का सेवन कैंसर और ट्यूमर जैसी खतरनाक बीमारियों में भी बेहद फायदेमंद है. नीम की पत्तियों में पॉली सैकेरॉइड्स और लियोम्नॉइड्स होते हैं जो शरीर के भीतर कैंसर और ट्यूमर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं.
      आर्थराइटिस: नीम के एंटीसेप्टिक, एंटी बैक्टेरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण आर्थराइटिस के प्राकृतिक रूप से इलाज में कारगर हैं. इसके दर्द निवारक गुण आर्थराटिस से जोड़ों में होने वाले दर्द और सूजन में आराम देते हैं. इसके रोज सेवन से जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा नहीं हो पाते और उनमें चिकनाहट बनी रहती है.
      दांतों और मुंह के रोगों के लिए: पुराने समय से दांतो को साफ करने के लिए नीम की दातुन का इस्तेमाल होता आ रहा है. अब कई टूथपेस्ट भी में नीम का इस्तेमाल होने लगा है. नीम का दातुन नियमित रूप से करने से दांतों में पाये जाने वाले कीटाणु नष्टे हो जाते हैं. इससे मसूड़े मजबूत व दांत चमकीले और स्वस्थ्य होते हैं. मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के छाल और पत्तों को मिलाकर इस पानी से कुल्लास करने से लाभ होता है.
      पेट के रोगों के लिए: पेट संबंधी अनेक समस्याओं से निजात पाने में नीम बहुत सहायक होता है. पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए नीम के पत्तों के रस में शहद और काली मिर्च मिलाकर सेवन करें. नीम के फूलों को मसलकर गर्म पानी में डालकर छानकर पीने से कब्ज दूर होती है. नीम की पत्तियों को सुखाकर शक्कर मिलाकर खाने से दस्त में आराम मिलता है
      कई लोगों को बिस्तर पर जाते ही नींद आ जाती है लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें बहुत कोशिश के बाद भी नींद नही आती और बेचैनी महसूस होती है. शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अच्छे खान-पान के साथ अच्छी नींद बहुत जरूरी है. तो आइये जाने एक बढ़िया नींद लेने के लिए क्या खाना चाहिए. 
      फर्मेंटेड फूड:
      अच्छी नींद के लिए सबसे जरूरी है पाचन क्रिया का ठीक होना. यदि आपने कुछ ऐसा खाया है जिसे पचाने में दिक्कत हो रही है तो इससे आपको दिन में या रात को सोने के समय बेचैनी या परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में फर्मेंटेड फूड जैस गोभी, कीमची, सेब साइडर सिरका, चुकंदर, क्वास, मिसो पेस्ट, दही का सेवन करना फायदेमंद होगा.
      स्टार्ची ट्यूबर:
      पेट को सही रखने के लिए दिन में एक-दो बार फर्मेंटेड फूड और स्टार्ची ट्यूबर्स का इस्तेमाल करें. जब आप ट्यूबर्स फूड का इस्तेमाल करते हैं तो इसमें पाए जाने वाले हेल्दी बैक्टीरिया पेट को सही रखने में मदद करते हैं. शकरकंद, आलू, युक्का आदि अच्छे स्टार्ची ट्यूबर्स फूड हैं.
      टार्ट चेरीज़:
      चेरी विटामिन B और मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत है इसके अलावा इसमें अच्छी नींद के लिए जरूरी हार्मोन, मेलाटोनिन पाया जाता है. इसलिए अच्छी नींद चाहते हैं तो चेरी का सेवन करें. एक अध्ययन के अनुसार सुबह-शाम एक गिलास चेरी का ज्यूस पीने वाले लोगों को अन्य फलों का ज्यूस पीने वालों की तुलना रात में अच्छी नींद आती है.
      अालमंड बटर:
      इसमें पाया जाने वाला फैट और प्रोटीन धीरे-धीरे पचता है और रातभर में ब्लडस्ट्रीम द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और यदि आपका ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है तो इससे आपको नींद भी गहरी आती है. अलमांड में पाया जाने वाला मैग्नीशियम और ट्रीप्टोफैन भी अच्छी नींद में मदद करता है.
      कोकोनट ऑयल
      कोकोनट ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबायल गुण होते हैं जो आपके मूड को शांति प्रदान करते हैं और ये एनर्जी के लिए सही और आसान स्त्रोत है. नियमित रूप से रात के खाने के बाद आधा गिलास नारियल का पानी पीना चाहिए. इससे नींद न आने की समस्या खत्म होती है और अच्छी नींद आती है.

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