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दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ आहार –


दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ आहार –

Best Food For Healthy Heart In Hindi 
हार्ट के लिए गुड फूड का सेवन करना आवश्‍यक है क्‍योंकि हृदय हमारे शरीर का प्रमुख और विशेष अंग है। लंबी जींदगी जीने के लिए दिल को स्वस्थ रखने से अच्छा कोई दूसरा रहस्य नहीं है। इसके लिए नियमित एक्सरसाइज (Exercise) के साथ हार्ट के लिए हेल्दी डाइट लेना भी बेहद जरूरी है। आज अधिकांश लोग हृदय स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं से ग्रसित हैं। जिनका उपचार बहुत ही मंहगा और असुविधा जनक होता है। लेकिन यदि हार्ट के लिए हेल्‍दी फुड का नियमित सेवन किया जाए तो इस प्रकार की समस्‍याओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। साथ ही आप अपने स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ने वाले अधिकांश खर्च को भी कम कर सकते हैं। आज इस आर्टिकल में आप अपने हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य रखने वाले आहारों की जानकारी प्राप्‍त करेंगे। आइए इन्‍हें विस्‍तार से जानें।
हार्ट के लिए गुड फूड है एस्परैगस –
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नट्स और बीज – 
स्‍वस्‍थ्‍य दिल के लिये खाइये जामुन – 
दिल के सर्वश्रेष्‍ठ आहार ब्रोकोली –
हार्ट के लिए हेल्‍दी फूड चिया बीज – 
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद साबुत अनाज – 
दिल के लिए लाभकारी आहार सोयाबीन – 
हार्ट की सेहत के लिए फायदेमंद टमाटर – 
स्‍वस्‍थ दिल के लिए रेड वाइन –
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए खाएं एवोकैडो – 
हेल्‍दी हार्ट फूड्स है अखरोट – 
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उपयोगी लहसुन – 
स्‍वस्‍थ दिल के लिए जैतून का तेल – 
ह्रदय स्वस्थ्य रखने का उपाय ग्रीन टी – 
दिल के मरीज के लिए पालक खाना चाहिए – 
हार्ट के लिए गुड फूड है एस्परैगस – 


शतावरी को कुछ लोग एस्‍परैगस के नाम से भी जानते हैं। यह एक औषधीय जड़ी बूटी है जिसका उपयोग विशेष रूप से महिला स्‍वास्‍थ्‍य के लिए किया जाता है। लेकिन शतावरी के फायदे दिल के लिए भी होते हैं। क्‍योंकि शतावरी फोलेट का एक प्राकृतिक स्रोत है। यह हमारे शरीर में होमोसिस्‍टीन (homocysteine ) नामक अमीनो एसिड के निर्माण को रोकता है। उच्‍च होमोसिस्‍टीन स्‍तर दिल से संबंधित समस्‍याओं का कारण होता है। जिससे कोरोनरी धमनी रोग (coronary artery disease) और स्‍ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। 
हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नट्स और बीज – Heart ke liye best food Nuts Aur Beej in Hindi


आप अपने हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए सूखे मेवे, नट्स और पौष्टिक बीजों का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रकार के सभी खाद्य पदार्थों में कम घनत्‍व वाले लिपोप्रोटीन या खराब कॉलेस्‍ट्रॉल की बहुत ही कम मात्रा होती है। इसके अलावा इनमें फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्‍सीडेंट उच्‍च मात्रा में होते हैं। इन सभी घटकों में मौजूद अन्‍य पोषक तत्‍व हमारे हृदय के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। यदि आप भी हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य रखना चाहते हैं तो इन खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।


स्‍वस्‍थ्‍य दिल के लिये खाइये जामुन –

आप अपने खानपान में कुछ हल्‍के से बदलाव करके अपने हृदय को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं। इसके लिए आपको हर मौसम में उपलब्‍ध होने वाले सभी फलों का नियमित सेवन करना चाहिए। इन फलों में मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ हृदय के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इन्‍हीं फलों में जामुन भी शामिल है जो हृदय के लिए अच्छा होता है। सामान्‍य रूप से जामुन को मधुमेह रोगी की दवा के रूप में भी जाना जाता है। क्‍योंकि जामुन में एंटीऑक्‍सीडेंट पॉनीफेनोल्‍स की उच्‍च मात्रा होती है। यह हृदय रोगों के खतरे को कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा जामुन में फाइबर, फोलेट, आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, और विटामिन सी की अच्‍छी मात्रा होती है। इसलिए हेल्‍दी हार्ट के हेल्‍दी फूड के रूप में जामुन का सेवन फायदेमंद होता है।


दिल के सर्वश्रेष्‍ठ आहार ब्रोकोली 
अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से ब्रोकोली का सेवन हार्ट के लिए फायदेमंद होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि ब्रोकोली में ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जो शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं। कोलेस्‍ट्रॉल की अधिक मात्रा हृदय में स्‍वस्‍थ्‍य रक्‍त प्रवाह को बाधित करता है। जिससे हृदय संबंधी विभिन्‍न प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं। लेकिन ब्रोकोली का नियमित सेवन कर आप शरीर में मौजूद खराब कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम कर सकते हैं। इस तरह से नियमित उपभोग करने पर ब्रोकोली के फायदे स्‍वस्‍थ्‍य दिल के लिए होते हैं।

हार्ट के लिए हेल्‍दी फूड चिया बीज – 
चिया बीज और अल्‍सी के बीजों में अल्‍फा लिनोलेनिक एसिड (alpha-linolenic acid) जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिडकी अच्‍छी मात्रा होती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड के दिल के लिए बहुत ही लाभकारी प्रभाव होते हैं। जैसे कि इसका नियमित सेवन करने पर यह ट्राइग्लिसराइड्स एलडीएल और शरीर में मौजूद टोटल कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा यह रक्‍तचाप को कम करने में भी सहायक होता है। जिससे रक्‍त वाहिकाओं को आराम मिलता है जिससे रक्‍त परिसंचरण में किसी प्रकार की समस्‍या नहीं आती है। साथ ही हृदय का स्‍वास्‍थ्‍य भी बेहतर बना रहता है।


हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद साबुत अनाज – 

साबुत अनाज हमारे आहार का हिस्‍सा होना चाहिए क्‍योंकि यह दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में प्रभावी होता है। क्‍योंकि इनमें वे सभी पोषक तत्‍व अच्‍छी मात्रा में होते जो कहीं और से प्राप्‍त नहीं होते हैं। साबुत अनाज में विटामिन, खनिज और फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है जो दिल को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से सेवन करने पर यह शरीर में मौजूद कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। साबुत अनाजों में बीटा ग्‍लूकेन नामक घुलनशील फाइबर होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की उच्‍च मात्रा हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरा होती है।


दिल के लिए लाभकारी आहार सोयाबीन –


सोया और सोया से बने अन्‍य उत्पाद भी हमारे हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी होते हैं। इस तरह के उत्‍पादों के रूप में आप सोयाबीन, टोफू, सोया दूध और अन्‍य सोया उत्‍पादों का उपयोग कर सकते हैं। सोयाबीन का सेवन वनस्‍पतिक प्रोटीन और मांस के रूप में अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। यह शरीर के रक्‍तचाप को कम करने और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में सहायक होता है। सोया प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो कि हृदय संबंधी कई समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। इसलिए आप अपने साप्‍ताहिक आहार में सोयाबीन और इसके उत्पादों को शामिल कर लाभ ले सकते हैं।


हार्ट की सेहत के लिए फायदेमंद टमाटर –

टमाटर और इससे बने उत्पादों में विटामिन और अन्‍य पोषक तत्‍वों से भरे होते हैं। इसके अलावा टमाटर में एक और सक्रिय घटक होता है जिसे लाइकोपीन (lycopene) कहा जाता है और टमाटर में इसकी उच्‍च मात्रा होती है। लाइकोपीन को अपने आहार में शामिल कर आप भी अपने हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा दे सकते हैं। इसके अलावा टमाटर में बहुत से एंटीऑक्‍सीडेंट की भी उच्‍च मात्रा होती है। इस तरह से आप अपने आहार में टमाटर को सलादआदि के रूप में शामिल कर हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए उपभोग कर सकते हैं।


स्‍वस्‍थ दिल के लिए रेड वाइन – 


शराब स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद नुकसानदायक होती है लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने पर। हालांकि रेड वाइन भी एक प्रकार की शराब ही है लेकिन यह दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में मदद करती है। क्‍योंकि रेड वाइन में पॉलीफेनोल होता है जो आपके दिल के लिए अच्‍छा होता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि रेड वाइन की मध्‍यम मात्रा का सेवन करने से दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखा जा सकता है। क्‍योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट हृदय को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक तत्‍वों को और कोलेस्‍ट्रॉल को दूर करने में सहायक होते हैं। रेड वाइन का नियमित सेवन करने से अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ाने और रक्‍त प्‍लेटलेट्स की संख्‍या को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि इसका कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए।


हार्ट को हेल्दी रखने के लिए खाएं एवोकैडो – 

एवोकैडो स्‍वस्‍थ हृदय के लिए एक और अच्‍छा विकल्‍प है। क्‍योंकि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड की अच्‍छी मात्रा होती है। इसके साथ ही एवोकैडो में विटामिन और फाइटोकेमिकल्‍स भी होते हैं। जो कि आपके हृदय की रक्षा करने में सहायक होते हैं। एवोकैडों में मौजूद पोषक तत्‍व पूरे शरीर में सूजन को कम करने और विशेष रूप से दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए जाने जाते हैं। एवोकैडो का सेवन करने के अलावा इसका तेल भी हृदय और संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी होता है। यदि आप भी हेल्‍दी हार्ट की इच्‍छा रखते हैं तो एवोकैडों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

हेल्‍दी हार्ट फूड्स है अखरोट – 

अखरोट में मैग्नीशियम, कॉपर, मैगनीज, फाइबर और अन्‍य सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों की उच्‍च मात्रा होती है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि अखरोट का नियमित रूप से सेवन करने पर दिल संबंधी समस्‍याओं से बचा जा सकता है। एक समीक्षा के अनुसार अखरोट का नियमित सेवन करने पर यह शरीर से लगभग 16 प्रतिशत तक खराब कोलेस्‍ट्रॉल को कम कर सकता है। इसके अलावा यह रक्‍तचाप और ऑक्‍सीडेटिव तनाव संबंधी सूजन को भी रोकने में सहायक होता है। इस तरह से आप भी अपने हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अखरोट का नियमित सेवन प्रारंभ कर सकते हैं।



हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उपयोगी लहसुन – 
प्राचीन समय से ही लहसुन का उपयोग औषधीय जड़ी बूटी के रूप में किया जा रहा है। सामान्‍य रूप से हम लहसुन का उपयोग एक मसाले के रूप में करते हैं। लेकिन यह कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के इलाज में भी उपयोग किया जा सकता है। हृदय से संबंधित समस्‍याएं भी बहुत गंभीर होती हैं जिनका उपचार लहसुन से संभव है। अध्‍ययनों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। हलसुन में एलिसिन (allicin) नामक एक सक्रिय यौगिक होता है। नियमित और उचित मात्रा में लहसुन का पर्याप्‍त सेवन शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है।

हमारी हृदय संबंधी समस्‍याओं का प्रमुख कारण कोलेस्‍ट्रॉल ही होता है। क्‍योंकि यह रक्‍तवाहिकाओं को अवरूद्ध कर सकता है। जिससे हृदय तक रक्‍त को पहुंचने में बहुत समय लगता है। साथ ही यह कोलेस्‍ट्रॉल हृदय घात या स्‍ट्रोक का भी कारण बन सकता है। इस प्रकार की संभावनाओं को कम करने और हृदय को स्‍वस्‍थ रखने के लिए आप लहसुन को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

स्‍वस्‍थ दिल के लिए जैतून का तेल – 


औषधीय गुणों से भरपूर जैतून का तेल मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। जैतून के तेल में एंटीऑक्‍सीडेंट की उच्‍च मात्रा होती है जो शरीर और हृदय की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड भी होता है। अध्‍ययनों से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि मानोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने में सहायक है। नियमित रूप से जैतून तेल का सेवन करने पर यह हृदय संबंधी समस्‍याओं की संभावना को 35 प्रतिशत तक कम कर सकता है।


ह्रदय स्वस्थ्य रखने का उपाय ग्रीन टी – 
ग्रीन टी के बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं जिनमें हृदय स्‍वास्‍थ्‍य भी शामिल है। यह हमारे शरीर में वसा को कम करने से लेकर इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है। ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्‍स और कैटेचिन आदि की अच्‍छी मात्रा होती है जो कोशिकाओं की क्षति को रोकने में सहायक होते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट हृदय को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करने पर यह वसा और हानिकारक कॉलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करता है। जिससे मोटापा कम करने और हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में मदद मिलती है। यदि आप भी अपने शरीर को स्‍वस्‍थ रखना चाहते हैं तो ग्रीन टी को अपने दिन की शुरुआत में शामिल कर सकते हैं।



दिल के मरीज के लिए पालक खाना चाहिए – 
पालक हमारे शरीर को उच्‍च पोषक तत्‍व उपलब्ध कराने का एक अच्‍छा तरीका है। आप नियमित रूप से पालक का सेवन कर शरीर में मैग्नीशियम की कमी को दूर कर सकते हैं। मैग्‍नीशियम स्‍वस्‍थ्‍य दिल के लिए बहुत ही आवश्‍यक घटक होता है। इसके अलावा पालक में आयरन की भी अच्‍छी मात्रा होती है जो शरीर में खून की कमी को भी कम कर सकता है। नियमित रूप से पालक का सेवन करने पर यह लाल रक्‍त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है। आप अपने स्‍वस्‍थ शरीर के लिए पालक को कई प्रकार से उपभोग कर सकते हैं। आप इससे कई प्रकार के स्‍वादिष्‍ट व्‍यंजन तैयार कर सकते हैं या फिर सलाद के साथ पालक के पत्‍तों का उपभोग कर सकते हैं।


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