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कोरोना वायरस क्या है, कैसे फैलता है, लक्षण और बचने के उपाय –



कोरोना वायरस क्या है, कैसे फैलता है, लक्षण और बचने के उपाय – 
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Coronavirus in Hindi कोरोना वायरस (COVID-19) चीन में लोगों के मौत का कारण बन रहा है। इसकी शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी जो अब फ्रांस, अमेरिका, इटली, जापान, थाईलैंड, इंग्लैंड और भारत सहित दुनिया के कई देशों में फैल चुका है। कोरोना वायरस इंफेक्शन बहुत घातक है और इसका प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। चीन में फैला कोरोनावायरस बिल्कुल नया है और माना जा रहा है कि यह सार्स नामक कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में कोरोनावायरस बीमारी के लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं। इस लेख में आप जानेगें कोरोना वायरस क्या है, कोरोना वायरस कैसे फैलता है, कोरोना वायरस के लक्षण क्या होते हैं, कोरोना वायरस का इलाज क्या है और कोरोनावायरस से कैसे बचें।


सार्स severe acute respiratory syndrome (SARS) नामक कोरोना वायरस के कारण वर्ष 2002-03 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें से 774 लोगों की मौत हो गई थी। नया कोरोना वायरस दिसंबर 2019 के पहले हफ्ते में पकड़ में आया था। प्रयोगशाला में जांच के बाद इसे नए प्रकार का कोरोना वायरस घोषित किया गया। वास्तव में छह प्रकार के कोरोना वायरस की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। चीन के वुहान में फैले नए कोरोनावायरस को सातवां कोरोना वायरस माना जा रहा है। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कोरोना वायरस क्या है, कैसे फैलता है कोरोना वायरस, कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं और कोरोनावायरस से बचने के उपाय क्या हैं।

कोरोना वायरस के मुख्य तथ्य – 
क्या है कोरोना वायरस? –
कोरोना वायरस कैसे फैलता है? – 
कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षण – 
कोरोना वायरस का इलाज – 
कोरोनावायरस का निदान –
भारत को कोरोना वायरस से कितना खतरा –
कितना खतरनाक है कोरोना वायरस – 
कोरोनावायरस से कैसे बचें –
कोरोना वायरस के असर को कम करने के लिए क्या करें 
कोरोना वायरस के मुख्य तथ्य –
अधिकांश कोरोनावायरस खतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि उनमें से कुछ प्रकार गंभीर हैं। 
अधिकांश कोरोनावायरस उसी तरह फैलते हैं जैसे अन्य सर्दी पैदा करने वाले वायरस फैलते हैं 
नए कोरोनावायरस, इन्फ्लूएंजा की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हवा के माध्यम से फैल सकता है। 
कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है। 
हालाँकि यह कोरोनावायरस मूल रूप से जानवरों से मनुष्यों में फैलता है, लेकिन यह मनुष्य से मनुष्य में भी फ़ैल सकता है। 
कोरोनोवायरस संक्रमण होने की सबसे अधिक संभावना छोटे बच्चों और बुजुर्ग लोगों में होती है। 
अक्सर कोरोनावायरस के लक्षण में निमोनिया जैसे लक्षण जैसे साँस लेने में परेशानी, नाक बहना, खांसी और गले में खराश और कभी-कभी बुखार भी शामिल है। 
यदि कोरोनोवायरस संक्रमण आपके फेफड़ों में फैलता है, तो इससे निमोनिया हो सकता है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, हृदय रोग वाले लोग, या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग। 
अभी कोरोनावायरस के लिए कोई टीका या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। 
इनके इन्फेक्शन से बचने के लिए साफ-सफाई के सही तरीके अपनाने चाहिए। 
चूँकि अधिकांश कोरोना वायरस छींकने और खांसने नसे निकलने वाले तरल के माध्यम से फैले हुए हैं, इसलिए बार-बार हाथ धोना संक्रमण की संभावना को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। 
क्या है कोरोना वायरस? 


कोरोना वायरस क्या होता है? कोरोना वायरस कई वायरसों का एक ग्रुप (परिवार) है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। कोरोनावायरस का यह नाम उसके क्राउन जैसे शेप के कारण पड़ा। यह वायरस जानवरों और इंसानों दोनों को संक्रमित करता है। कोरोना वायरस भी वैसे ही फैलता है जैसे कोल्ड के वायरस फैलते हैं। चीन के वुहान में फैला कोरोनावायरस नए प्रकार का है जिसे अभी 2019 नोवल कोरोनावायरस (2019-nCoV) COVID-19 नाम दिया गया है। यह वायरस शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे पीड़ित व्यक्ति में खांसी, छींक आना, भारीपन जैसे संकेत दिखते हैं।



कोरोना वायरस कैसे फैलता है? 


हालाँकि यह कोरोनावायरस मूल रूप से जानवरों से मनुष्यों में फैलता है, यह पुष्टि की गई है कि वायरस अब मनुष्यों से मनुष्यों में भी फैल सकता है। मर्स और सार्स वायरस की तरह नया कोरोना वायरस भी जानवरों से ही आया है। माना जा रहा है कि चीन के वुहान में मिलने वाले सी फूड के कारण कोरोनावायरस का संक्रमण फैला है। यह वायरस अन्य जीवित जानवरों जैसे चमगादड़, सूअर, घरेलू जानवर, चिड़िया, कुत्ता, बिल्ली, ऊंट और मर्मोट्स (marmots) के कारण फैलता है। इस वायरस का सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह इंसानों से इंसानों में फैलता है।


कोरोनावायरस ज़ूनोटिक हैं, जिसका अर्थ है कि वे जानवरों से लोगों के बीच संचारित होते हैं। विस्तृत जांच में पाया गया कि SARS-CoV को केवेट बिल्लियों से मनुष्यों और MERS-CoV से ड्रोमेडरी ऊंटों से मनुष्यों में स्थानांतरित किया गया। कई ज्ञात कोरोनावायरस उन जानवरों में घूम रहे हैं जिन्होंने अभी तक मनुष्यों को संक्रमित नहीं किया है।


अन्य कोरोनावायरस की तरह नया कोरोना वायरस भी कॉमन कोल्ड के दौरान कफ या छींक आने पर ड्रॉपलेट्स के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। इसके अलावा किसी दूषित सरफेस जैसे दरवाजे के हैंडल, सीढ़ी या बालकनी की रेलिंग को छूने से भी फैल सकता है। कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति कई लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि यह नए प्रकार का कोरोना वायरस है इसलिए इसके फैलने का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है।
कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षण – Coronavirus symptoms in Hindi







चीन में फैले कोरोनावायरस के लक्षण अन्य श्वसन संक्रमण (respiratory infection) की तरह ही होते हैं। इसलिए कई बार यह पता लगाना मुश्किल होता है कि व्यक्ति कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित है या राइनोवायरस के इंफेक्शन से। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। गले में दर्द, जुकाम, खांसी, बुखार आना इसके शुरुआती लक्षण माने जाते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के मुख्य लक्षण ये हैं:


सिरदर्द: पूरे दिन सिर भारी रहना, सिर में तेज दर्द महसूस होना।

नाक बहना: लगातार कई दिनों तक नाक बहना और दवा लेने के बाद भी नियंत्रित न होना।


खांसी: तेज खांसी आना कोरोनावायरस के संक्रमण का संकेत हो सकता है।


गले में खराश: इस संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के गले में हमेशा खराश बनी रहती है।

बुखार: कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर बुखार आना इस इंफेक्शन का शुरुआती लक्षण है।
अस्वस्थ महसूस करना: कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर शरीर के अंदर बेचैनी सी होती है और व्यक्ति को सही तरीके से समझ में नहीं आता है कि उसे हुआ क्या है लेकिन वह काफी अस्वस्थ और बीमार महसूस करता है।


छींक आना : कोरोना वायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है जिसके कारण छींक आना इस समस्या का संकेत है।

अस्थमा का बिगड़ना : अस्थमा के रोगियों को इस संक्रमण के कारण सांस लेने में सबसे ज्यादा कठिनाई होती है।

थकान महसूस करना: पूरे दिन थकान महसूस होना और शरीर में लगातार थकान बनी रहना कोरोना वायरस इंफेक्शन का लक्षण है।


निमोनिया: कोरोनावायरस का इंफेक्शन श्वसन तंत्र के निचले हिस्से में फैलता है जिसके कारण खासतौर से वृद्ध लोगों में निमोनिया की समस्या हो जाती है। साथ ही हृदय रोगों और कमजोरी इम्यून सिस्टम वाले लोगों में भी कोरोना वायरस के कारण निमोनिया के लक्षण नजर आते हैं।


फेफड़ों में सूजन: वायरस के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाती है जिससे इसकी गंभीरता बढ़ सकती है।


संक्रमण के सामान्य संकेतों में श्वसन संबंधी लक्षण, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, संक्रमण से निमोनिया, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम, गुर्दे की विफलता और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
कोरोना वायरस का इलाज – 

अभी तक कोरोनावायरस का कोई इलाज नहीं है। जिस तरह आम सर्दी का कोई इलाज नहीं है, वैसे ही नए कोरोनावायरस के लिए कोई खास इलाज नहीं है। लेकिन सावधानियां बरतकर इस वायरस के इंफेक्शन की चपेट में आने से काफी हद तक बचा जा सकता है। जिस तरह से कॉमन कोल्ड का कोई इलाज नहीं है, ठीक उसी तरह कोरोनावायरस के इंफेक्शन का भी कोई विशेष इलाज नहीं है। कोरोना वायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए अभी तक कोई एंटीवायरल दवा या वैक्सीन विकसित नहीं की गयी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि अभी कोई कोरोनावायरस वैक्सीन नहीं है। इसलिए सावधानी ही बेहतर उपाय है। कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों को कुछ थेरेपी भी दी जा रही है हालांकि यह बहुत प्रभावकारी नहीं है।
कोरोनावायरस का निदान –


सबसे पहले कोरोनावायरस के संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और श्वसन तंत्र की जांच करके सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में कमजोरी सहित अन्य प्रभावों का पता किया जाता है। जांच के दौरान कोरोना वायरस की पुष्टि में कठिनायी होने पर मरीज के खून का सैंपल लैब में भेजा जाता है और ब्लड टेस्ट से कोरोनावायरस के संक्रमण का निदान किया जाता है।

भारत को कोरोना वायरस से कितना खतरा –



चीन से शुरू हुए घातक कोरोना वायरस ने अब भारत में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 147 हो गई है जिससे लोगों में दहशत फैलनी शुरू हो गई है। इसमें कुछ विदेशी लोग भी शामिल हैं। कोरोना वायरस से दुनियाभर में अब तक 7989 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 198712 लोग इसकी चपेट में है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है।
कितना खतरनाक है कोरोना वायरस –

कई देशों में कोरोनावायरस का इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में आने वाले लोगों की मौत हो रही है। चूंकि इस वायरस की कोई दवा या वैक्सीन नहीं है इसलिए इसे बेहद खतरनाक माना जा रहा है। चीन में अब तक कोरोनावायरस से 3000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 80000 से अधिक लोग संक्रमित हैं। हालांकि इसमें सर्दी जुकाम जैसे लक्षण ही दिखते हैं लेकिन इसका असर इतना गंभीर होता है कि व्यक्ति की मौत हो सकती है।



कोरोनावायरस से कैसे बचें –



कोरोनावायरस के इंफेक्शन से बचने की कोई वैक्सीन निर्मित नहीं की गयी है इसलिए बचाव ही कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज है। कोरोनावायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए ये उपाय करें: 
अपने हाथों को दिन में कई बार साबुन, गुनगुने पानी और एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर से साफ करें। 
अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें और घर से बाहर निकलने से पहले मास्क लगाना न भूलें। 
अपने हाथ या उंगलियों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं। 
जानवरों के संपर्क से दूर रहें और कच्चा या अधपका मीट न खाएं। 
बाजार का सामान खाने से परहेज करें। 
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें और जरुरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। 
खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक पर रुमाल या टिश्यू पेपर रखें। 
जिन्हें सर्दी खांसी हो या छींक आ रही हो, उनके करीब न बैठें। 
सड़कों या खेतों में जानवरों के संपर्क में आने से बचें। 
कोरोना वायरस के असर को कम करने के लिए क्या करें –
आमतौर पर कोरोनावायरस के इंफेक्शन को कम करने के लिए वही उपाय किये जा रहे हैं जो कॉमन कोल्ड और निमोनिया के संकेतों को कम करने के लिए किये जाते हैं। जैसे: 
पर्याप्त आराम करें 
पर्याप्त मात्रा में फ्लुइड लें। 
गले में खराश और बुखार के लिए ओवर द काउंटर मेडिसिन का सेवन करें। लेकिन अगर बच्चा 19 साल से कम उम्र का है तो उसे एस्पिरिन ना दें। इसकी बजाय इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन लें। 
किसी भी तरह की दवा अपनी मर्जी से ना लें। डॉक्टर से जरुर परामर्श प्राप्त करें। 

अब तो आप जान गए होगें कि कोरोना वायरस क्या है, कोरोनावायरस कैसे फैलता है, कोरोनावायरस के लक्षण क्या होते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं।


संक्रमण को रोकने के लिए मानक सिफारिशों में नियमित रूप से हाथ धोना, खाँसने और छींकने पर मुंह और नाक को ढंकना, मांस और अंडे को अच्छी तरह से पकाना शामिल है। खांसी और छींकने जैसी सांस की बीमारी के लक्षण दिखाने वाले किसी के भी निकट संपर्क से बचें।


यदि आप इनमे से कोई भी लक्षण देखें तो डरें नहीं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ हो सकता है आपके लक्षण किसी नॉर्मन बीमारी या सर्दी जुकाम के कारण हो रहें हों। अधिकांश कोरोनावायरस खतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि उनमें से कुछ प्रकार गंभीर हैं। अधिकांश कोरोनावायरस उसी तरह फैलते हैं जैसे अन्य सर्दी पैदा करने वाले वायरस फैलते हैं कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए इनके इन्फेक्शन से बचने के लिए सही तरीके अपनाने चाहिए।

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