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उत्कटासन करने का तरीका और फायदे –


उत्कटासन करने का तरीका और फायदे –
Utkatasana In Hindi उत्कटासन को चेयर पोज़ के नाम से भी जाना जाता हैं। यह बहुत ही शक्तिशाली आसन हैं यह हमारे सम्पूर्ण शरीर लिए सभी प्रकार से लाभदायक आसन हैं। इसमें आपकी स्थिति उस इस प्रकार दिखाई देती है जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों। आसन में आपके शरीर को गुरुत्वाकर्षण के प्रतिरोध को दूर करने की आवश्यकता होगी अर्थात आपको इसमें सिर्फ आपको आधा ही झुकना है और जमीन से ऊपर ही रहना है। इस आसन को करने के लिए आपके क्वाड्रिसेप्स (क्वाड्रिसेप्स फेमोरिस एक बड़ा मांसपेशी समूह है जिसमें जांघ के सामने की तरफ चार प्रचलित मांसपेशियां शामिल हैं) को बहुत मजबूत होना जरूरी है। क्वाड्रिसेप्स शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियों में से एक हैं।

उत्कटासन योग जांघों, पैरों, पेट के अंगों को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता हैं। उत्कटासन आपके शरीर के संतुलन को बढ़ाने में मदद करता हैं। आइये उत्कटासन करने की विधि और लाभ को विस्तार जानते हैं।



1. उत्कटासन क्या है – 
2. उत्कटासन करने से पहले यह आसन करें – 
3. उत्कटासन करने का तरीका –
4. शुरुआती लोगों के लिए उत्कटासन करने की प्रारंभिक टिप – 
5. उत्कटासन करने के फायदे – 
संतुलन में सुधार के लिए उत्कटासन – 
उत्कटासन के फायदे एड़ियों को मजबूत करने में – 
वजन कम करने के लिए चेयर पोज़ –
उत्कटासन के लाभ पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए –

6. उत्कटासन आसन करने से पहले यह सावधानियां रखें – 

उत्कटासन क्या है – 

उत्कटासन को चेयर पोज़ भी बोला जाता है क्योंकि इस आसन को करने वाले व्यक्ति की मुद्रा एक कुर्सी पर बैठे हुए व्यक्ति के समान होती हैं। उत्कटासन एक संस्कृत भाषा का शब्द हैं जो दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमे पहला शब्द ” उत्कट” है जिसका अर्थ “जंगली या भयंकर” दूसरा शब्द जिसका अर्थ “आसन” जिसका अर्थ “मुद्रा” होता हैं। उत्कटासन के चेयर पोज़ (Chair Pose) के अलावा अन्य नाम भी हैं जाना जाता हैं जैसे भयंकर पोज, खतरनाक पोज, लाइटनिंग बोल्ट (lightning bolt) पोज, वाइल्ड पोज (wild pose), या बिक्रम योग (Bikram yoga), अजीब पोज (Awkward Pose) आदि।

यह आसन देखने में काफी सरल हैं पर जब आप इसे करेगें तो आपको थोड़ा कठिन लग सकता हैं। इस आसन को अंग्रेजी में चेयर पोज, पॉवरफुल पोज, द अवेकवर्ड पोज भी कहा जाता है। आइये उत्कटासन करने की विधि को विस्तार से जानते हैं।

उत्कटासन करने से पहले यह आसन करें –
 

चेयर पोज़ करने से पहले आप नीचे दिए गए आसन को करें जिससे आपको इस आसन को करने में आसानी होगी-

अधोमुख श्वान आसन
वीरासन
भुजंगासन
ताड़ासन
उत्तानासन
उत्कटासन करने का तरीका और फायदे –
उत्कटासन करने का तरीका – Steps to do Utkatasana in Hindi

उत्कटासन या चेयर पोज़ करना बहुत ही सरल आसन है इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकता हैं इस आसन को करने के लिए नीचे कुछ सरल स्टेप्स दी जा रही है जिससे आप इस आसन को आसानी से कर सकते हैं-
उत्कटासन या चेयर पोज़ करने के लिए आप सबसे पहले किसी योगा मैट को किसी साफ जगह पर बिछा कर सीधे खड़े हो जाएं।
इस आसन को करने के लिए आप ताड़ासन की मुद्रा में भी खड़े हो सकते हैं।
अपने दोनों पैरों को एक दूसरे के पास-पास रखे और दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब साँस को अन्दर लेते हुये दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठायें और अपने सिर के ऊपर ले जाकर दोनों को आपस में जोड़ लें।
अब धीर-धीरे अपने पैर को घुटनों के यहाँ से मोड़ें और अपने कूल्हों को नीचे की ओर लाएं।
आप इस आसन में अपने कूल्हों को फर्श के समान्तर लाने का प्रयास करें।
अपनी गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
इस स्थिति में आप एक कुर्सी पर बैठे हुये व्यक्ति के सामान दिखाई देगें।
इस आसन में रहने के लिए कल्पना करने की आप किसी कुर्सी पर बैठे है और अखबार को पढ़ रहें हैं।
मन को शांत रखें और आरामदायक स्थिति तक रहें।
इस आसन को आप एक मिनिट लिए या अपनी क्षमता के अनुसार करें।
इसके बाद आप आसन से बाहर आयें और नीचे सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं।


शुरुआती लोगों के लिए उत्कटासन करने की प्रारंभिक टिप – Beginner’s Tip to do Utkatasana in Hindi

अगर आप बिगिनर है और योग अभ्यास की अभी-अभी शरुआत कर रहे हैं तो हो सकता हैं की आपको इस आसन को करते समय नीचे झुकाने में थोड़ी कठिनाई हो सकती हैं तो इसके लिए आप किसी दीवार का सहारा ले सकतें हैं। इसके लिए आप दीवार से कुछ इंच की दूरी पर खड़े हो ताकि जब आप झुकें, तो टेलबोन दीवार को छूए जाएं इससे आपकी पीठ को सहारा मिल जायेंगा। इसके अलावा आप अपने दोनों हाथों को रखने के लिए आप कुर्सी का सहारा ले सकते हैं।


उत्कटासन करने के फायदे – Benefits Of The Utkatasana in Hindi

चेयर पोज़ हमारे स्वस्थ के लिए अनेक प्रकार से लाभदायक हैं आइये उत्कटासन करने के फायदे और लाभ को विस्तार से जानते हैं।
संतुलन में सुधार के लिए उत्कटासन – Utkatasana benefits for To improve balance in Hindi

उत्कटासन आसन को करने के लिए आपको संतुलन बनाने के आवश्यकता होती हैं यह आसन शरीर में ताकत, लचीलापन और धीरज को बढ़ाने में मदद करता हैं। अपने दैनिक जीवन में चेयर पोज़ को शामिल करें जो अपने संपूर्ण शरीर के संतुलन में सुधार करने में मदद करता हैं। गिरने और चोटों को रोकने के लिए एक उचित संतुलन की आवश्यकता होती है। एक बार जब हम अपने शरीर को संतुलित करना सीख जाते हैं तो इन गिरावटों के कारण होने वाले फ्रैक्चर से बच सकते हैं।

उत्कटासन के फायदे एड़ियों को मजबूत करने में – Utkatasana Strengthens the Ankles in Hindi

यदि आप एक एथलीट हैं तो उत्कटासन का अभ्यास आपके लिए बहुत अच्छा है। जब एथलीट दौड़ते या कूदते हैं, तो टखने (ankle) के आसपास की मांसपेशियों में तनाव आ जाता है। चेयर पोज़ टखने की मांशपेशियों को मजबूत करती है जिससे एथलीट अधिक बल का सामना कर सकते हैं और चोट के जोखिम को कम कर सकते हैं। इसके अलावा चेयर पोज़ शरीर के निचले हिस्से और हिप्स को मजबूत बनाता है जिससे स्प्लिन्ट जैसी पुरानी समस्या को रोका जा सकता है।


वजन कम करने के लिए चेयर पोज़ – 


उत्कटासन के नियमित अभ्यास से आप अपना वजन कम कर सकते हैं और यह खासकर नितंबों से वजन कम करने में बहुत ही फायदेमंद हैं। यह आसन पेट के अंगों को एक अच्छी मालिश देता है और डायाफ्राम और हृदय को भी उत्तेजित करता है।

उत्कटासन के लाभ पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए – Utkatasana benefits for Strengthens the legs muscles in Hindi

यह आसन पैरों, विशेष रूप से घुटने, टखनों, और जांघों में मांसपेशियों को टोन करता है। इसके अलावा यह धड़ और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत किया जाता है। इस आसन का अभ्यास करने से कूल्हों, रीढ़ और छाती की मांसपेशियों को एक अच्छा खिंचाव मिलता है।

उत्कटासन आसन करने से पहले यह सावधानियां रखें – Precautions to do Utkatasana in Hindi

उत्कटासन या चेयर पोज़ करने के लिए आपको निम्न सावधानी रखना बहुत ही आवश्यक है-
अगर आपके कंधों में चोट लगी हो या दर्द हो तो आप इस आसन को ना करें।
अगर आप पीठ दर्द से पीड़ित है तो आप इस आसन को ना करें।
मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को चेयर पोज़ का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
जो लोग सिरदर्द और अनिद्रा की की समस्या से परेशान है उनको इस आसन को नहीं करना चलिए।
गठिया या टखनों में मोच वाले व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
पुराने घुटने के दर्द और क्षतिग्रस्त स्नायुबंधन से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

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