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अपनी कमर को स्लिम और सेक्सी कैसे बनाएं?


अपनी कमर को स्लिम और सेक्सी कैसे बनाएं? 
सबसे पहले इसका जवाब दिया गया: कैसे बनाएं अपनी कमर को स्लिम और सेक्सी?
स्लिम और सेक्सी कमर किसे नहीं अच्छी लगती, स्लिम और सेक्सी कमर आपकी पर्सनैलिटी को और निखार देती है. 
पतली कमर की चाह तो हर किसी को होती है लेकिन हकीकत तो यह है कि ज्यादातर लोग कमर की फैट से परेशान नज़र आते हैं. 
अपने कमर की फैट को कम करने के लिए तरह-तरह के नुस्ख़े भी आज़माने से नहीं चूकते. 
अगर काफी कसरत और डायट के बावजूद पेट के आस-पास जमा फैट में कमी नहीं आ रही है तो घबराने की कोई बात नहीं है. हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ आसान और असरदार उपाय, जिसे आज़माकर आप हांसिल कर सकते है स्लिम और सेक्सी कमर. 
खान-पान की आदत सुधारें 
पेट के फैट को कम करने के लिए सबसे पहले तो तली भुनी चीजों से परहेज़ करना होगा. तेल-मसाले की जगह स्टीम किए हुए भोजन को प्राथमिकता दें. अपने डायट में फाइबर और रेशेयुक्त आहार को शामिल करें. दिन भर में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पिएं और दूधवाली चाय की जगह ग्रीन टी को शामिल करें. 
कमर दर्द को दूर कैसे करें? 
कमर दर्द की यह समस्या आजकल आम हो गई है। सिर्फ बड़ी उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवा भी कमर दर्द की शिकायत करते रहते हैं। कमर दर्द की मुख्य वजह बेतरतीब जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करना है। अधिकतर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कमर के दोनों और तथा कूल्हों तक भी फ़ैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ कमर दर्द की समस्या बढ़ती जाती है। नतीजा काम करने में परेशानी । कुछ आदतों को बदलकर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। आज हम आप को बताते हैं कि किन घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप कमर दर्द से निजात पा सकते हैं। 

कमर दर्द से बचने के घरेलू उपाय 

1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें। 

2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है। 


3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है। 


4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है। 


5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें। 

6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए। 


7. योग भी कमर दर्द में लाभ पहुंचाता है। भुन्ज्गासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन आदि कुछ ऐसेयोगासन हैं जो की कमर दर्द में काफी लाभ पहुंचाते हैं। कमर दर्द के योगासनों को योगगुरु की देख रेख में ही करने चाहिए। 


8. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें। 


9. कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा। 


10. कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल ना झुकें बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं। 


11. कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।

12. ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है। 

इन सब उपायों को अपना कर आप भी कमर दर्द से कुछ निजात पा सकते है। 

कमर दर्द के कारण (Kamar Dard Ke Karan)– 

भारी वजन उठा लेना 
शरीर की क्षमता से ज्यादा काम लेना 
शरीर का वजन अधिक होना 
शारीरिक कार्य जैसे excercise, घूमना फिरना ना करना 
मानसिक तनाव 
हाई हील्स सैंडल पहनना 
एक ही तरह से लम्बे समय तक बैठे रहना| 
मोबाइल कंप्यूटर का अधिक प्रयोग 
गलत तरह से सोना 
सही गद्दों का उपयोग ना करना 
लम्बे समय तक ड्राइविंग करना 
किसी अन्य बीमारी से ग्रसित होना 
शरीर में कमजोरी होना 
निकोटिन का अधिक प्रयोग 
औरतों में मासिक धर्म के दौरान कमर दर्द होता है| 

कमर दर्द दूर करने के घरेलु उपचार (Kamar Dard Door Karne ke gharelu upchar)–


कमर दर्द की समस्या कभी भी हो जाती है, इसके लिए हर समय दवाई लेना ठीक नहीं| आज मैं आपको इस दर्द को दूर करने के कुछ घरेलू उपाय बताउंगी जिसे अपना कर आप इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते है| 
गरम पानी से सिकाई – कमर दर्द में सिकाई बहुत मददगार होती है, इससे मांसपेशियों में जो खिंचाव होता है वह बहुत हद तक कम हो जाता है और दर्द में आराम मिलता है| हॉट वाटर बैग से दिन में 2 बार 20 min के सिकाई करें| सिकाई के अलावा आप गर्म पानी के टब में या शावर में नहा सकते है| गर्म पानी से शरीर की थकान दूर हो जाती है| 
अगर आप किसी बीमारी से पीढित है, तो आराम करें लेकिन पूरा दिन बिस्तर में ही ना पड़े रहे| डॉक्टर भी 1-2 दिन आराम करने की सलाह देता है, फिर थोड़ा बहुत चलने को बोलता है| लगातार बिस्तर में पड़े रहने से मांसपेशियां जकड़ जाती है और पुरे शरीर में जकड़न होने लगती है| 
कमर का दर्द कई बार कैल्शियम की कमी से भी होता है| हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए हमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम का सेवन करना चाहिए| 
एक दम नर्म गद्दे भी कमर के लिए ठीक नहीं होते है, तो ऐसे में थोड़ा हार्ड गद्दे उपयोग करें| 
अगर आप लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहकर काम करते है तो आज यह आदत छोड़ दें| लम्बे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहना कमर दर्द का बहुत बड़ा कारण है| ऑफिस या घर में हर 40 min बाद उठ कर थोड़ी चहलकदमी कर लें| 
मालिश (मसाज) – कमर दर्द में मालिश रामवाण इलाज होता है| आप चाहें हो बाजार में उपलब्ध दर्द निवारक तेल से मालिश कर लें या फिर घर पर ही दर्द दूर करने का तेल बना लें| इसके लिए आपको चाइये – 
नारियल/ सरसों का तेल 
3-4 लहसून कलियाँ 

विधि – तेल बनाने के लिए किसी भी एक तेल को चुनें और इसे एक बर्तन में डाल कर गैस पर गर्म करें, इसमें लहसून की कलियाँ डाल दें| इसे तब तक उबालना है, जब तक लहसून काली न पड़ जाए| अब इसे पूरी तरह से ठंडा होने पर मसाज करें| आप इसे एक साथ बनाकर एक शीशी में भर कर भी रख सकते है| 
अजवाइन – अजवाइन दर्द का निवारक है, इसे हल्का सेक लें और मुहं में डाल धीरे धीरे चबाएं| कमर दर्द बहुत जल्द कम होगा| 
नमक की सिकाई – नमक दर्द दूर करने के लिए बहुत अच्छा होता है| हम 2 तरीके से नमक का उपयोग कमर दर्द दूर करने में कर सकते है| 
2-3 चम्मच डीगले वाले नमक को लें और इसे तवे पर गर्म करें| फिर इसे एक मोटे से कपड़े में बांध लें| इस पोटली को कमर के उस हिस्से में रखें जहाँ अत्यधिक दर्द है| धीरे धीरे पूरी कमर पर इसे घुमाएँ, दर्द ठीक हो जायेगा| 
आधी बाल्टी गर्म पानी में 2-3 चम्मच नमक डालें, फिर इसमें मोटी टॉवल डाल निचोड़ लें| इस टॉवल को कमर पर रख दें जिससे उस हिस्से की सिकाई हो सके| यह उपाय बहुत जल्दी आराम देता है| 
अगर आपको लम्बे समय से कमर दर्द की शिकायत है और बहुत से उपचार के बाद भी यह ठीक नहीं हुई है तो अब आपको योग का सहारा लेना चाहिए| आजकल योग के द्वारा बड़ी से बड़ी बीमारियों से लड़ा जा सकता है| कमर दर्द को दूर करने वाले आसन आप नेट पर या किसी योग गुरु से पूछ सकते है| 
शारीरिक श्रम ना होना भी कमर दर्द का मुख्य कारण है| इसलिए दिन में कम से कम 30 min घुमने की आदत डालें| सुबह उठकर हल्का फुल्का व्यायाम करें| अपने वजन को कंट्रोल करने की हर मुमकिन कोशिश करें| 
किसी भी भारी चीज को उठाते समय सही पोजीशन रखें| एक दम से झुककर ना उठायें| शरीर के मुताबित ही कार्य करें| 
पढाई करते समय, कंप्यूटर चलाते समय व टीवी देखते समय अपनी पीठ गर्दन को हमेशा एक दम सीधा रखें| 

ये कुछ कमर दर्द को दूर करने के तरीके है जो नेचुरल है एवं आसानी से घर में उपयोग लाये जा सकते है| आप इन्हें अपनाएं और हमें बताएं की ये आपके लिए कितने असरदार है| 

कमर दर्द के घरेलू उपाय


अकसर लोग कमर के दर्द से बचने के लिए बाजार में मिलने वाले सख्त दवाओं का इस्तेमाल करते है। जो की सेहत के लिए काफी खराब है। आप बाजार के दवाई से अच्छा घर मे ही आयुर्वेद तरीके से कमर के दर्द से बच सकते है, लेकिन साथ में बता दू की अगर दर्द बहुत ज्यादा है तो आप डॉक्टर की सलाह जरूर लीजियेगा। नीचे कमर के दर्द के कुछ घरेलू उपाय बताया गया है, 
30 ग्राम कपूर और 200 ग्राम सरसों का तेल लीजिये। उसे धुप में कम कम 15 से 20 मिनट के लिए रख दीजिये। इसके बाद उस तेल से कमर पर अच्छे से मालिश कीजिए। इस घरेलू उपाय के जरिये किसी भी प्रकार के कमर के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 
एक सुखी खुबानी, एक सुखी अंजीर और पांच सूखे आलूबुखारे को अच्छे Mix कर लीजिए। Mix करने के बाद इसे अच्छे से चबाकर खाएं। ऐसा आपको सिर्फ दो महीने तक खाना है। हालांकि इसे खाने के कुछ दिनों बाद ही इसका असर दिखने लगेगा; लेकिन आपको इसे बीच में ही नहीं छोड़ना है। इसे लगातार दो महीने तक रोजाना खाना है। दो महीने बाद आप देखेंगे की आपका कमर का दर्द बिलकुल ख़त्म हो चूका है। 
सूखा हुआ अदरक एक ग्राम, त्रिफला 2 ग्राम, लहसुन 500 मि.ग्राम या इसके स्थान पर अश्वगंधा 2 ग्राम लेकर इन सब को अच्छे मिला लीजिए और रोज रात को इसे खाये। इसे खाने से कमर के दर्द से काफी आराम मिलता है। 
अरंडी के पत्ते के ऊपर सरसों का तेल लगाकर थोड़ा गरम करके इसे कमर में लगाना चाहिए। इससे कमर के दर्द से आराम मिलता है। 
रोज सुबह नारियल के तेल या सरसों के तेल मे चार से पांच लहसुन की कलियां डाल कर गर्म कीजिये। इसे तब तक गर्म कीजिये जब तक लहसुन की कलियां काली ना हो जाए। इसके बाद थोड़ा ठंडा होने पर इसे कमर पर अच्छे से मालिश कीजिये। यह न सिर्फ कमर के दर्द के लिए उत्तम है बल्कि सूजन के लिए भी ही अचूक इलाज है। 
इसके अलावा गरम पानी में काला नमक डालकर उससे नहाने से या फिर गरम पानी और काला नमक को मिलकर पीठ में देने से कमर के दर्द और पीठ के दर्द के लिए उत्तम है। 

इन उपायों के जरिए आप कमर के दर्द के साथ साथ पीठ के दर्द से भी छुटकारा पा सकेंगे। लेकिन इन उपायों के साथ आपको कुछ योगासन भी करना है। अगर आपको कमर दर्द से निजात देने वाले योगासन के बारे में जानना चाहते है तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे। 

कमर दर्द का इलाज
 home remedies and Yogasan 

नमस्ते दोस्तों आज मैं आपको कमर दर्द, इसके कारण और इसके इलाज के बारे में बताऊंगा। तो चलिए जानते है कमर के दर्द बारे मे। 

कमर दर्द का इलाज 
home remedies and Yogasan 

कमर दर्द के बारे में थोड़ी बातें 
वर्तमान के समय में कमर दर्द की शिकायत लगभग सभी लोगो को हो रही है। असंतुलन खान पान, रहन सहन के कारण यह दर्द या यह फिर कहले की यह बीमारी ज्यादा तेज़ी से बढ़ रहा है। यह एक ऐसा दर्द है जो शेर को भी गीदड़ बना देता है, सीना तान के चलना वाले को झुक झुक कर चलना सीखा देता है। इसका अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह स्लिप डिस्क (Slip Disk) का भी रूप ले सकता है। जो की एक बहुत ही चिंता का विषय है। इसलिए समय रहते ही कमर दर्द का इलाज करना बहुत जरूरी है। आज मैं आपको इसी कमर दर्द के कुछ बहुत ही असर दर इलाज के बारे में बताऊंगा जो आपके कमर दर्द को गायब कर देगा। लेकिन उससे पहले कमर दर्द के कारण जान लेना भी बहुत ही जरूरी है। 
क्यों होता है कमर दर्द (reason of back pain in Hindi)
क्यों होता है कमर दर्द? इसका कारण क्या है? What is the reason of back pain? यह सवाल बहुत तो के मन में रहता ही है। हलाकि कुछ कारण तो ज्यादातर लोगो को मालूम ही है; जैसे की भारी सामान उठाना, पीठ में ज़ोर देने वाले कामों को करना इत्यादि। लेकिन कुछ इसे कारण भी है जो कई लोग नहीं जानते। कमर दर्द के कारण (reason of back pain) को जानना बहुत ही जरूरी है क्योंकि कारण जानने से ही आप कमर दर्द से बच पाएंगे। 
मनुष्य का कमर विभिन्न मांसपेशियों, डिस्क,नसों और हड्डियों की जटिल संरचना है। कमर के हड्डी को सहारा देने के लिए उसमें कुछ बहुत ही छोटी छोटी गद्देदार डिस्क होता है; जो कमर की हड्डी को झटका लगने बचाता है। यही डिस्क कमर के हड्डी को लचीला बना कर रखता है। साथ में इसमें कुछ नसों और मांसपेशियाँ भी रहता है। लेकिन जब इनमें से किसी में भी चोट या कुछ समस्या उत्पन्न हो जाता है तब कमर दर्द की समस्या दिखाई देता है। नीचे कमर दर्द के कुछ मुख्य कारण बताए गए है, 

भरी सामान उठाना, पीठ में जोड़ देने वाले काम करना इत्यादि कारण तो आप सभी को मालूम ही है। लेकिन कभी कभी कम वजन वाला सामान भी अगर गलत तरीके से उठाया जाए तो पीठ या कमर का दर्द शुरू हो सकता है। 
घंटों तक बैठे रहने से कमर का दर्द होने का खतरा रहता है। 
कब्ज की समस्या। ऐसे तो कब्ज की समस्या बहुत बीमारीयों का मुख्य कारण है और यही कब्ज की समस्या ज्यादा होने पर आपको कमर दर्द की समस्या दिखाई दे सकता है। 
काम करना सेहत के लिए अच्छा है लेकिन ज्यादा काम करना सेहत के लिए ख़राब साबित हो सकता है। यह कमर के दर्द को उत्पन्न कर सकता है। 
बचपन में अगर कमर में गहरा चोट लगा हो तो यह बाद में जाकर कमर दर्द और Slip Disk का रूप ले सकता है। 
बढ़ता वजन कमर के दर्द को पैदा करता है। 
अचानक एक ही झटके से उठने से कमर में मोच या दर्द शुरू हो सकता है। 
निकोटिन युक्त पदार्थ जैसे गुटखा, धूम्रपान आदि का सेवन करने से भी कमर का दर्द हो सकता है; क्योंकि निकोटिन कमर के डिस्क को कमजोर करता है। 
इसके अलावा भी रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर, ऊंची एड़ी के चेदल पहना, घंटो गाड़ी चलाना, गलत तरीके से घंटों बैठे रहना, सोते वक्त मोटे तकिए का इस्तेमाल करना इत्यादि करने से भी कमर में दर्द शुरू हो सकता है। जिसको समय रहते ध्यान नहीं दिया तो यह स्लिप डिस्क (Slip Disk ) बीमारी को पैदा कर सकता है। 
कमर दर्द का इलाज
अगर बीमारी है तो उसका इलाज भी है। बस इलाज ढूंढे ने की देरी है। इस कमर दर्द का भी इलाज है। आप दो तरीके से इसका इलाज कर सकते है एक दवाई के जरिये और दूसरा व्यायाम के जरिये। आज में आपको दोनों ही तरीके बताऊंगा; कुछ घरेलू उपाय (home remedies) के बारे में बताऊंगा तो कुछ योगासन (Yogasan) बारे में बताऊंगा जो आपके कमर दर्द को छूमंतर कर देगा।
कमर दर्द के घरेलू उपाय (home remedies)
अकसर लोग कमर के दर्द से बचने के लिए बाजार में मिलने वाले सख्त दवाओं का इस्तेमाल करते है। जो की सेहत के लिए काफी खराब है। आप बाजार के दवाई से अच्छा घर मे ही आयुर्वेद तरीके से कमर के दर्द से बच सकते है, लेकिन साथ में बता दू की अगर दर्द बहुत ज्यादा है तो आप डॉक्टर की सलाह जरूर लीजियेगा। नीचे कमर के दर्द के कुछ घरेलू उपाय (home remedies) बताया गया है,
30 ग्राम कपूर और 200 ग्राम सरसों का तेल लीजिये। उसे धुप में कम कम 15 से 20 मिनट के लिए रख दीजिये। इसके बाद उस तेल से कमर पर अच्छे से मालिश कीजिए। इस घरेलू उपाय के जरिये किसी भी प्रकार के कमर के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 
एक सुखी खुबानी, एक सुखी अंजीर और पांच सूखे आलूबुखारे को अच्छे Mix कर लीजिए। Mix करने के बाद इसे अच्छे से चबाकर खाएं। ऐसा आपको सिर्फ दो महीने तक खाना है। हालांकि इसे खाने के कुछ दिनों बाद ही इसका असर दिखने लगेगा; लेकिन आपको इसे बीच में ही नहीं छोड़ना है। इसे लगातार दो महीने तक रोजाना खाना है। दो महीने बाद आप देखेंगे की आपका कमर का दर्द बिलकुल ख़त्म हो चूका है। 
सूखा हुआ अदरक एक ग्राम, त्रिफला 2 ग्राम, लहसुन 500 मि.ग्राम या इसके स्थान पर अश्वगंधा 2 ग्राम लेकर इन सब को अच्छे मिला लीजिए और रोज रात को इसे खाये। इसे खाने से कमर के दर्द से काफी आराम मिलता है। 
अरंडी के पत्ते के ऊपर सरसों का तेल लगाकर थोड़ा गरम करके इसे कमर में लगाना चाहिए। इससे कमर के दर्द से आराम मिलता है। 
रोज सुबह नारियल के तेल या सरसों के तेल मे चार से पांच लहसुन की कलियां डाल कर गर्म कीजिये। इसे तब तक गर्म कीजिये जब तक लहसुन की कलियां काली ना हो जाए। इसके बाद थोड़ा ठंडा होने पर इसे कमर पर अच्छे से मालिश कीजिये। यह न सिर्फ कमर के दर्द के लिए उत्तम है बल्कि सूजन के लिए भी ही अचूक इलाज है। 
इसके अलावा गरम पानी में काला नमक डालकर उससे नहाने से या फिर गरम पानी और काला नमक को मिलकर पीठ में देने से कमर के दर्द और पीठ के दर्द के लिए उत्तम है। 

इन अचूक उपायों के जरिए आप कमर के दर्द के साथ साथ पीठ के दर्द से भी छुटकारा पा सकेंगे।
कमर दर्द के लिए अचूक योगासन (Yogasan for back pain)
ऐसे तो प्रत्येक मनुष्य को योगासन करना ही चाहिए क्योंकि योगासन से शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ रहता है। ऊपर दिए गये उपायों के साथ अगर आप नीचे दिए योगासन भी करेंगे तो आपका कमर दर्द कहाँ गायब हो जाएगा आपको मालूम भी नहीं चलेगा,
मकरासन : पेट के बल लेट जाए। अब दोनों हाथों को मोड़कर कोहनी को नीचे रखकर एक स्टैंड जैसा बना लीजिये। अब दोनों हथेलियों में ठोड़ी (Chin) को रख दीजिये और घुटनों से लेकर एड़ियों (पंजों) तक पैरों को सीधा तन कर रखे। इसके बाद श्वास अंदर भरते हुए दोनों पैरों को पहले क्रमशः एक एक कर के तथा इसके बाद दोनों पैरों को, मोड़कर एड़ियों को नितम्ब तक लाना ले जाना करें। इसे 10 बार करें; यानि पहले वाले के दोनों पैरों को मिलाकर 20 बार और दूसरे वाले को 10 बार करें। 
भुजङ्गासन-1 : पेट के बल लेट जाएँ, दोनों हाथों को मोड़कर हथेली को छाती के पास लाये, पैरों को सीधा रखकर एड़ियों (पंजों) को एक साथ में मिलाकर पीछे की ओर खींचकर रखें। श्वास अंदर भरकर नाभि के नीचे वाले भाग को जमीन में (गद्दे में) टिकाते हुए सर को धीरे धीरे ऊपर की तरफ उठायें। सर और गर्दन को जितना हो सके पीछे की ओर मोड़कर रखे। इस स्थिति में लगभग 25 से 30 Second तक रहे। इसके बाद धीरे धीरे पहले वाले स्थिति में आ जाए। इसे भी आप 8 से 10 बार कर सकते है। 
मर्कटासन-1 : पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों हाथों को कन्धों के समानान्तर आकाश की और खुला रखे। इसके बाद दोनों घुटनों को एक साथ मोड़कर एड़ियों (पंजों) को नितम्ब के पास लायें। अब एड़ियों को परस्पर मिलाकर जमीन पर (यानी गद्दे पर) टिकाते हुए घुटनों को दायीं ओर झुकाएं; लेकिन सर को इसके विपरीत दिशा में यानी बाईं ओर मोड़कर रखें। इसी तरह प्रणाली विपरीत दिशा में भी करें। इस क्रम को १० बार (यानी 5 बार दाएं और 5 बार बाईं तरफ) करें। 
मर्कटासन-2 : मर्कटासन-2 लगभग मर्कटासन-1 जैसा ही है; लेकिन बस इसमें दोनों पैरों के बीच लगभग डेढ़ फुट का अन्तर रहता है। यानी घुटनों को झुकाने के बाद एक पैर का घुटना दूसरे पैर के एड़ी को स्पर्श करना चाहिए। बाकी सारा कुछ मर्कटासन-1 जैसा ही हैं। इसे भी 10 बार करें। 

यह कुछ मुख्य योगासन (Yogasan) थे जिसे करने से आपका का कमर का दर्द गायब हो जाएगा। लेकिन आप को यह केवल चार योगासन रोज करना है और दो से तीन बार करना है। योगासन ओर भी थे जैसे की भुजङ्गासन-2, शलभासन-1, 2, 3, लेकिन मैंने सिर्फ यह चार योगासन ही दिए है क्योंकि इन्ही चार योगासन के जरिये आप अपने कमर के दर्द से छुटकारा पा सकेंगे। अगर आप योगासन में ओर ज्यादा समय देना चाहते है तो आप शलभासन को भी अपने List में शामिल कर सकते हैं। 

अंत में कुछ बातें
वर्तमान के समय में लोग इतने व्यस्त हो चुके है की अपने शरीर के लिए थोड़ा समय भी नहीं निकाल पाते। इसके फलस्वरूप लोगों को कमर के दर्द का सामना करना पड़ता है और कुछ लोग रोज व्यायाम करने का भीष्म प्रतिज्ञा कर बैठते है; जो की कुछ ही दिनों के बाद प्रतिज्ञा का नाम तो रहता है लेकिन व्यायाम का नामो निशान नहीं रहता। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना। आपको कमर दर्द हो चाहे ना हो लेकिन आपको रोजाना व्यायाम करना ही है। व्यायाम करने से आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, आपका मन स्वस्थ रहेगा ओर तभी आप ज्यादा अच्छे से अपना काम कर पाएंगे। यह बात आपको भी बहुत ही अच्छे से मालूम है। मैं बस आपको Remind करा दे रहा हूँ ताकि आपको इससे फायदा हो सके और आप दुसरो को Remind करा दे। 

आज मैंने आपको पीठ और कमर दर्द, इसके कारण और इसके उपाय के बारे में बताया। हो सकता है इसमें से कुछ बातें आपको मालूम हो, शायद कुछ नहीं मालूम या हो सकता है आप इससे भी रोचक कुछ बातें जानते हो। मैंने यहीं प्रयत्न किया की मैं अपने बातों को आपको अच्छे से समझा सकू; ताकि आपको इसका सम्पूर्ण लाभ मिल सके और कमर के दर्द से छुटकारा पा सके। 

लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। अपना ख्याल रखे, अपने परिवार का ख्याल रखे और समाज के लोगों के साथ मिलजुल कर काम करें।
कभी-कभी यह सौभाग्य से झुक जाता है, अधिकांश समय वापस लेकिन अगर आपको पुरानी पीठ दर्द का अनुभव होता है, तो आपको कुछ निश्चित समायोजन करने से लाभ हो सकता है। 


इन चरणों को अपनी पीठ दर्द उपचार योजना का हिस्सा बनाएं: 
स्वस्थ वजन बनाए रखें: फिट रहने के लिए कमर दर्द से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सिफारिशों में से एक है, सैंटियागो फिगेरेओ, एमडी, न्यूरोलॉजिकल सर्जन और मियामी न्यूरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के संस्थापक और चिकित्सा निदेशक कहते हैं। अतिरिक्त पाउंड आपकी पीठ पर जोर देते हैं और दर्द का कारण बन सकते हैं। फलों और सब्जियों से भरे हुए स्वस्थ आहार और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर कम खाने से आपका वजन स्वस्थ और आपकी पीठ स्वस्थ रह सकती है। 
अच्छी मुद्रा पर ध्यान दें: गरीब आसन पीठ दर्द का एक और प्रमुख योगदानकर्ता है। अपने कंधों पर अपने कानों के साथ सीधे खड़े होना, अपने कूल्हे जोड़ों पर अपने कंधे, और अपने टखनों पर अपने कूल्हे जोड़ों अपने स्वस्थ दर्द से मुक्त रखने में मदद मिलेगी। जब आप बैठे हों, तो एक कुर्सी प्राप्त करना जो आपकी पीठ को सीधा रखने के लिए डिज़ाइन की गई हो, मदद करेगी। 
पीठ दर्द से राहत के लिए तनाव मुक्ति का अभ्यास करें: तनाव पीठ दर्द को बदतर बना देता है। यह योग का अभ्यास करने का एक और अच्छा कारण हो सकता है। तनाव को कम करने के अन्य तरीकों में अपने आप को अच्छी तरह से इलाज करना, अपने दिनों के अधिक समय से बचने और जीवन का आनंद लेने के लिए समय शामिल करना शामिल है। 
अच्छे से सोना: फिगेरो कहते हैं कि नरम गद्दे आपकी पीठ को संरेखण से बाहर धकेल देते हैं, इसलिए पीठ के दर्द से राहत के लिए माध्यम की सीमा में गद्दे को चुनना सबसे अच्छा होता है। 

इंसान की पूरी शरीर कमर पर टिकी होती है ऐसा कहना अतिशयोक्ति नही है। इंसानी हड्डियों के ढांचे में कमर के जोड़ में दर्द बेहद परेशान करने वाला होता है। घरेलू काम काजी महिलाएं इस दर्द से ज्यादा प्रभावित होती हैं। इसके अलावा पुरुष वर्ग में अधिक शारीरिक श्रम करने के अलावा धूम्रपान ओर मदिरा के लती लोग इसकी चपेट में आते हैं। 



वैसे कुछ परिस्थितियों में कमर दर्द सामान्य होता है लेकिन कुछ स्थितियां गंभीरता की तरफ इशारा करती हैं। पेशाब में जलन होने के साथ कमर दर्द किडनी रोग की तरफ इशारा करता है जो आगे चलकर माकूल उपचार ना होने पर जानलेवा साबित हो जाता है। इसके अलावा अर्थराइटिस भी इस तरह की समस्याओं का कारक बन सकता है जो गाहे बगाहे दर्द के रूप में सामने आता रहता है। 

लगातार पीठ दर्द होने का क्या कारण और इलाज हैं ? 

'पीठ दर्द ("डोर्सलाजिया " के नाम से भी जाना जाता है) पीठ में होनेवाला वह दर्द है, जो आम तौर पर मांसपेशियों, तंत्रिका, हड्डियों, जोड़ों या रीढ़ की अन्य संरचनाओं में महसूस किया जाता है।' 



इस दर्द को अक्सर गर्दन दर्द, पीठ के उपरी हिस्से के दर्द,पीठ के निचले हिस्से के दर्द या टेलबोन के दर्द(रीढ़ के आखिरी छोर की हड्डी में) में विभाजित कर सकते हैं। यह अचानक होनेवाला दर्द या स्थाई दर्द भी हो सकता है; यह लगातार या कुछ अन्तराल पर भी हो सकता है, यह दर्द किसी एक ही जगह पर हो सकता है या अन्य हिस्सों में फ़ैल भी सकता है यह एक हल्का या तेज दर्द हो सकता है या इसमें छेदने या जलन की अनुभूति हो सकती है। यह दर्द भुजा और हाथ में, पीठ के उपरी या निचले हिस्से में फ़ैल सकता है, (और पंजेया पैर में फ़ैल सकता है) और दर्द के अलावा इसमें कमजोरी, सुन्न हो जाना या झुनझुनी जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। 


पीठ का दर्द लोगों को अक्सर होने वाली शिकायतों में से एक है। अमेरिका में पीठ के निचले भाग में तेज दर्द (लूम्बेगो भी कहा जाता है) चिकित्सक के पास जाने के सबसे आम कारणों में पांचवें स्थान पर है। दस में से नौ वयस्कों को अपने जीवन के किसी न किसी बिंदु पर पीठ दर्द का अनुभव होता है और काम करने वाले दस में से पांच वयस्कों को हर साल पीठ दर्द होता है। 

रीढ़ नसों, जोड़ों, मांसपेशियों, शिराओं और अस्थिवंधों का एक परस्पर संबंधित जटिल अंतर्जाल है और ये सभी दर्द के उत्पादन में सक्षम हैं। बड़ी तंत्रिकाएं जो रीढ़ की हड्डी से आरंभ होकर पैर और हाथ में जाती हैं, वे दर्द को अधिकतम सीमा तक फैला सकती हैं। 

रीढ़ की हड्डी या पीठ में तकलीफ़, जो हल्की से इतनी गंभीर तक हो सकती है कि शरीर को हिलाना भी मुश्किल हो जाए. 

यह ज़रूरी नहीं है कि पीठ में दर्द होने की मूल वजह कोई बीJमारी ही हो. कसरत करने या बहुत भारी सामान उठाते समय पीठ पर ज़रूरत से ज़्यादा ज़ोर डालना, लंबे समय तक बैठे या लेटे रहना, गलत तरह से सोना, या गलत आकार का बैग पीठ पर लादना भी इसकी कुछ वजहें हो सकती हैं. 

कैसे रखें खुद अपना ध्यान 

योग की सहायता से आप पीठ दर्द को ठीक कर सकते है l कुछ आसन नियमित रूप से करने से आपको आराम मिलेगा 


मकरासन ( makarasan a ) :मकरासन की गिनती पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में की जाती है। इस आसन की अंतिम अवस्था में हमारे शरीर की आकृति मगर की तरह प्रतीत होती है इसीलिए इसे मकरासन कहते हैं। मकरासन से जहां दमा और श्वांस संबंधी रोग समाप्त हो जाते हैं वहीं यह कमर दर्द में रामबाण औषधि है। 

2. भुजंगासन ( bhujangasan a ) :भुजंगासन की गिनती भी पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में की जाती है। इस आसन की अंतिम अवस्था में हमारे शरीर की आकृति फन उठाए सांप की तरह प्रतीत होती है इसीलिए इसे भुजंगासन कहते हैं। 


3. हलासन ( halasan a ) : दो आसन पेट के बल करने के बाद अब पीठ के बील किए जाने वाले आसनों में हलासन करें। हलासन करते वक्त शरीर की स्थित हल के समान हो जाती है इसीलिए इसे हलासन कहते हैं। 


4. अर्ध-मत्स्येन्द्रासन ( ardha matsyendrasan a ) : यह आसन सबसे महत्वपूर्ण है। कहते हैं कि मत्स्येन्द्रासन की रचना गोरखनाथ के गुरु स्वामी मत्स्येन्द्रनाथ ने की थी। वे इस आसन में ध्यानस्थ रहा करते थे। मत्स्येन्द्रासन की आधी क्रिया को लेकर ही अर्ध-मत्स्येन्द्रासन प्रचलित हुआ। 
उष्ट्रासन, चन्द्रासन, पर्वतआसान का भी अभ्यास करें 

पीठ दर्द होने का कारण 
पीठ का दर्द लोगों को अक्सर होने वाली शिकायतों में से एक है। यह पीठ में होनेवाला वह दर्द है, जो आम तौर पर मांसपेशियों, तंत्रिका, हड्डियों, जोड़ों या रीढ़ की अन्य संरचनाओं में महसूस किया जाता है। पीठ में इस तरह के दर्द बेहद सामान्य होते हैं जो हल्की चोट या दबाव के बाद आरम्भ हो सकते हैं। ज्यादा देर तक झुककर बैठने की आदत या फिर झुककर खड़े होने की लत पीठ में रक्त संचार कम कर दर्द का कारण बन सकती है। 



पीठ दर्द होने का इलाज 
वैसे तो पीठ दर्द का ऐलोपथी के जरिये इलाज मौजूद है, लेकिन हर्बल उपचार में इस तरह के दर्द का स्थायी उपचार उपलब्ध है। ऐलोपथी के उलट इसमें किसी प्रकार के साइड इफेक्ट्स का खतरा भी नहीं रहता है। पीठ दर्द खत्म करने के लिए हल्के हाथों से मालिश करवानी चाहिए। इससे कशेरुकाएं यानी रीढ़ का जोड़ सही जगह बैठ जाता है और दर्द से छुटकारा मिलता है। पीठ दर्द से बचने के लिए जरूरी है कि कभी भी झुक कर भार न उठाएं। जब भी कुर्सी पर या चौकड़ी मारकर बैठे तो आगे की तरफ झुककर न बैठें। घंटों तक बैठना हो तो बीच-बीच में हिलते-डुलते रहें।

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