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मां बनने से पहले इन मुद्दों पर करें विचार


मां बनने से पहले इन मुद्दों पर करें विचार
यदि आप बच्चा पैदा करने की योजना बना रही हैं तो आपको बेबी प्लैनिंग करने से पहले किन मुद्दों पर विचार करना चाहिए, इसकी जानकारी हम दे रहे हैं.

दूसरी मांओं से बात करें
जिन महिलाओं को हाल ही में बच्चा हुआ हो उनसे बात करें और अच्छी तरह समझें कि आपको किन चीज़ों की उम्मीद करनी चाहिए. हो सकता है पूरा अनुभव अस्त-व्यस्त, भयानक, परेशान करनेवाला हो, लेकिन अंतत: यह ख़ुशनुमा और ख़ूबसूरत एहसास होगा. ‘‘मातृत्व सबसे सुंदर वरदान है. परवरिश तो हर एक दिन कुछ नया सीखने से जुड़ा है. हर दिन आपको आश्चर्य से भर देगा, चौंकाएगा और हंसाएगा,’’ कहती हैं अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी, जो आजकल अपनी बेटी की देखभाल करने और फ़िल्मों में अपना करियर बनाने में व्यस्त हैं.


करियर की योजना बनाएं

अगले कुछ सालों में अपने करियर ध्येयों पर विचार करें. मां बनने के बाद आपके पहले की दिनचर्या में कैसे चीज़ें सुचारू रूप से चला सकती हैं, इस बारे में अपने परिवार और इंडस्ट्री के काउंसलर्स से बात करें. यदि ज़रूरत हो तो आप या आपके पति नौकरी बदलने या शुरुआती कुछ सालों तक बच्चे की देखरेख करने के लिए अपनी-अपनी भूमिकाओं पर विचार करें.

जानकारी इकट्ठा करें
सेहत की जांच करवाएं, गायनाकोलॉजिस्ट से बात करें और पता करें कि आप गर्भवती होने के लिए शारीरिक रूप से तैयार हैं या नहीं. ‘‘35 की उम्र से अधिक या 40 साल तक की ज़्यादातर गर्भवती महिलाएं सेहतमंद बच्चे को जन्म देती हैं,’’ कहती हैं सुमिता साहा, नियोनैटोलॉजिस्ट, फ़ोर्टिस हॉस्पिटल्स, आनंदपुर, कोलकाता. हालांकि हो सकता है आपको सी-सेक्शन डिलिवरी करवानी पड़े. डॉ सुजाता दत्ता, कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशयन और गायनाकोलॉजिस्ट, इसका कारण बताते हुए कहती हैं,‘‘आपकी उम्र जितनी बढ़ेगी मामले की जटिलता उतनी ज़्यादा बढ़ने की संभावना रहेगी.’’ 
फ़ायनांशियल योजना बनाएं
अपनी प्रेग्नेंसी प्लैन करते वक़्त अपनी फ़ायनांशियल स्थिति का जायज़ा लेना न भूलें. बच्चे के आने के बाद आपके ख़र्चे बढ़नेवाले हैं और संभवतः आप कुछ वर्षों के लिए अपनी नौकरी भी छोड़ सकती हैं. अतः गर्भवती होने से पहले अपने सेविंग्स, आनेवाले खर्चों और आपातकालीन फ़ंड की गणना कर लें. ज़रूरत पड़ने पर फ़ायनांस एड्वाइज़र की मदद लेना उपयुक्त होगा.


कैसे अपने टीनएजर को से‌क्‍स्‍टिंग से बचाएं?

कई सारे देशों में किए गए शोध बताते हैं कि टीनएजर्स के बीच से‌क्‍स्‍टिंग अभिभावकों की चिंता की एक बड़ी वजह है. भारत में किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक़, 8 से 16 वर्ष के बीच के 80 प्रतिशत बच्चे सोशल नेटवर्क पर सक्रिय हैं. इसमें कोई शक़ नहीं कि इतना बड़ा आंकड़ा सोशल मीडिया के जाल में उनके फंसने की संभावनाओं को बढ़ाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक़, टीन्स अक्सर पीयर प्रेशर की वजह से ख़ुद को 'कूल' दिखाने के लिए से‌क्‍स्‍टिंग करते हैं. संभव है ज़्यादातर मामालों में उन्हें इसके सामाजिक और आपराधिक परिणाम पता नहीं होते.

यहां हम टीनएजर्स को से‌क्स्टिंग से दूर रखने के कुछ तरीक़े बता रहे हैं:

उन्हें इसके परिणामों के बारे में बताएं: विशेषज्ञों के मुताबिक़, टेक्‍स्ट मैसेजेस या विडियोज़ द्वारा पोर्नोग्रैफ़ से जुड़ी चीज़ें भेजने या स्वीकार करने से आप क़ानूनी मुश्क़िलों में पढ़ सकते हैं. आप अपने वक़ील या उनके टीचर्स के साथ एक अनौपचारिक बातचीत का सेशन रख सकते हैं, जहां वे आपके टीनएजर को सरल शब्दों में पोर्नोग्रैफ़ी से जुड़े क़ानून की जानकारी दे सकें.

खुलकर बातचीत करें: आजकल के बच्चे डिजिटल माहौल में बड़े हो रहे हैं, जिसकी अपनी चुनौतियां हैं. अतः अपने किशोर बेटे या बेटी से साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग जैसी सोशल मीडिया की समस्याओं के बारे में खुलकर बातचीत करें. इस बातचीत के बीच बहुत ध्यान से से‌क्स्टिंग का मुद्दा लाएं और उन्हें सौम्य शब्दों में समझाएं कि इस तरह के मैसेजेस यदि सार्वजनिक मंच पर आ जाएं तो उसके क्या नुक़सान हो सकते हैं. 
दोस्त बनें: अपने बेटे/बेटी के दोस्त बनें और उन्हें अपने गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड से जुड़ी समस्याओं के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित करें. उनका विरोध न करें, वर्ना वे आपको कुछ भी नहीं बताएंगे.

उनके हमउम्रों (पीयर ग्रुप) पर नज़र रखें: उनके दोस्तों और हमउम्रों के साथ जितना संभव हो उतना घुल-मिल जाएं. यह जानने की कोशिश करें कि उनकी पसंदीदा गतिविधियां क्या हैं और वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किन चीज़ों के लिए करते हैं.
गैजेट्स के उनके इस्तेमाल को सीमित करें और उसकी जांच करें: नरमी के साथ उन्हें बताएं कि आप उनके गैजेट के इस्तेमाल को सीमित करना चाहती हैं. आप उनके स्मार्टफ़ोन्स और कम्प्यूटर पर मॉनिटर करनेवाले सॉफ़्टवेयर्स इंस्टॉल कर सकती हैं, ताकि आप उनकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री जांच सकें और जान सकें कि वे अपने हमउम्रों के बीच किस तरह के मैसेजेस आपस में शेयर कर रहे हैं.

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