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प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना : कारण और उपाय

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना : कारण और उपाय 
(frequent urination during pregnancy in hindi : karan aur upay)

गर्भवती महिलाओं को कई छोटी मोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना (pregnancy me bar bar peshab aana) है। वैसे तो इस दौरान बार बार यूरिन आना सामान्य है, लेकिन कई गर्भवती महिलाओं को इससे संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने (frequent urination during pregnancy in hindi) के कारण और इसे ठीक करने के घरेलू उपाय जानना ज़रूरी है, जो हम इस ब्लॉग में आपको बता रहे हैं।

प्रेगनेंसी की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में बार बार पेशाब आने की समस्या 
(Pregnancy ki pehli, dusri aur tisari timahi me bar bar peshab aane ki samasya)
प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में बार बार पेशाब आना

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में हार्मोनल बदलाव की वजह से बार बार पेशाब आता है।

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में बार बार पेशाब आना

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में मूत्राशय पर थोड़ा कम दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से अस्थाई रूप से बार बार पेशाब आने की समस्या से थोड़ी राहत मिल सकती है।

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में बार बार पेशाब आना

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में गर्भाशय का आकार बढ़ने की वजह से मूत्राशय पर दबाब पड़ता है और इससे बार बार पेशाब आने की परेशानी बढ़ जाती है।

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब क्यों आता है? 
(Pregnancy me bar bar peshab kyun ata hai)
बार बार पेशाब आना (bar bar peshab aana) गर्भावस्था का एक सामान्य लक्षण है, लेकिन कई गर्भवती महिलाएं इससे काफी ज्यादा परेशान हो जाती हैं। प्रेगनेंसी में बार बार यूरिन आने (pregnancy me bar bar peshab aana) के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनकी चर्चा नीचे की गई है -

हॉर्मोनल बदलाव - प्रेगनेंसी में एचसीजी हार्मोन में बदलाव की वजह से गर्भवती महिलाओं को बार बार पेशाब जाना पड़ता है, क्योंकि यह पैल्विक क्षेत्र और गुदा की तरफ ज्यादा रक्तस्त्राव बढ़ाता है।

मूत्राशय पर दबाव - गर्भावस्था से पहले आपका मूत्राशय 500 मिली. पेशाब एकत्रित कर पाता है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान जब गर्भाशय बढ़ता है तब मूत्राशय संकुचित हो जाता है और एक संकुचित मूत्राशय पेशाब की ज्यादा मात्रा को एकत्रित करने में असमर्थ होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आता है।

अतिरिक्त तरल पदार्थ - प्रेगनेंसी में महिला के शरीर में आम दिनों की अपेक्षा 50 प्रतिशत ज्यादा रक्त बनता है और यह किडनी में एकत्रित होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को बार बार पेशाब जाना पड़ता है।

मूत्राशय में संक्रमण - यूटीआई या मूत्राशय में संक्रमण होने की वजह से प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने (frequent urination during pregnancy in hindi) की परेशानी हो सकती है और अगर इसका इलाज सही समय पर नहीं किया जाए तो इससे किडनी में इंफेक्शन हो सकता है।

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना कब बंद होता है? 
(Pregnancy me bar bar peshab aana kab band hota hai)

प्रेगनेंसी की शुरूआत से ही गर्भवती महिलाओं को बार बार पेशाब आने (bar bar urine ana) लगता है, जिसकी वजह से वे परेशान हो जाती हैं। इस परेशानी से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद एक या दो हफ्ते बाद ही राहत मिलती है, लेकिन दूसरी तिमाही में इससे थोड़ा सा आराम मिलता है।

प्रेगनेंसी में जोर से हंसने या छींकने पर पेशाब क्यों निकल जाता है? 
(Pregnancy me jor se hasne ya chheekne par peshab kyun nikal jata hai)
प्रेगनेंसी में कई बार हंसने, खांसने या भारी वस्तु उठाने पर पेशाब निकल जाता है, क्योंकि इस दौरान गर्भाशय मूत्राशय पर दबाव डालता है। इसे मूत्र असंयम (पेशाब रोककर ना रख पाना) कहा जाता है, जोकि प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही या प्रसव के समय तक होने की संभावना होती है।

क्या प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना हानिकारक है? 
(Kya pregnancy me baar baar peshab aana hanikark hai)

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने की वजह से मूत्राशय में संक्रमण हो सकता है, जोकि इस दौरान गर्भवती महिलाओं में सबसे सामान्य बैक्टीरियल संक्रमण है। अगर इसे नज़रअंदाज़ किया गया तो किडनी संक्रमण या फिर समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) की वजह बन सकता है। इसलिए अगर गर्भवती महिलाओं को नीचे लिखे गए लक्षण महसूस हो तो उन्हें डॉक्टर से फौरन संपर्क करना चाहिए -
पेशाब के दौरान जलन होना।
पेशाब के दौरान दर्द होना।
पेशाब के साथ खून आना।
बिना पेशाब लगे ही मूत्रत्यागने की इच्छा होना।

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने से जुड़े संक्रमण का निदान कैसे किया जाता है? 
(Pregnancy me bar bar peshab aane se jude infection ka nidan kaise kiya jata hai)

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने की जटिलताओं का डॉक्टर निम्नलिखित आधार पर पता लगाते हैं -

अल्ट्रासाउंड (ultrasound in hindi) - किडनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग में संक्रमण की जांच के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड (ultrasound in hindi) कराने की सलाह देते हैं।

मूत्राशय तनाव परीक्षण (bladder stress test in hindi) - इस टेस्ट में डॉक्टर उस मूत्र की जांच करते हैं, जो खांसते, हंसते या किसी अन्य कारण की वजह से निकलता है।

सिस्टोस्कोपी (cystoscopy in hindi) - इस टेस्ट को मूत्राशय में किसी भी जटिलता की जांच के लिए किया जाता है।

पेशाब की जांच (urinalysis in hindi) - डॉक्टर पेशाब में किसी भी संक्रमण का पता लगाने के लिए मूत्र की जांच कराने की सलाह देते हैं।

उपरोक्त जांच के आधार पर डॉक्टर गर्भवती महिला का इलाज करते हैं।

प्रेगनेंसी में बार बार आने वाले पेशाब को कम करने के घरेलू उपाय क्या है? 
(Pregnancy me bar bar aane wale peshab ko kam karne ke gharelu upay kya hai)

प्रेगनेंसी में बार बार आने वाले पेशाब (frequent urination during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं नीचे लिखे गए घरेलू उपायों को आज़मा सकती हैं -
छुआरे खाएं -
प्रेगनेंसी में अगर बार बार पेशाब आने (pregnancy me bar bar peshab aana) का कारण यूरिनरी इन्फेक्शन (urine infection in hindi) है, तो गर्भवती महिला को दिन में दो से तीन छुआरे खाने चाहिए और इसके बाद एक गिलास दूध पीना चाहिए। ऐसा करने से बार बार पेशाब आने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

भुने चने और गुड़ खाएं -

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आने से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक मुठ्ठी भुने चने के साथ थोड़ा सा गुड़ खाना चाहिए।
अनार के छिलकों का पाउडर लें -
प्रेगनेंसी में अगर गर्भवती महिला बार बार पेशाब आने की समस्या से परेशान है, तो अनार के छिलकों का पाउडर ले। इसके लिए सबके पहले अनार के छिलकों को सुखा लें, इसके बाद इन्हें पीस के पाउडर बनाएं और रोज़ाना एक चम्मच पाउडर को एक गिलास पानी के साथ लें।

मूत्रवर्धक पदार्थ न लें -
प्रेगनेेंसी में बार बार पेशाब आने (frequent urination during pregnancy in hindi) की परेशानी से थोड़ी राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को चाय, कॉफी, शराब, सोडा आदि को नज़रअंदाज़ करना चाहिए, क्योंकि ये सभी मूत्रवर्धक हैं औरज्यादा पेशाब बनाते हैं।

सोने से पहले ज्यादा पेय पदार्थ न लें - अक्सर कई गर्भवती महिलाओं को यह शिकायत रहती है कि उन्हें रात को ज्यादा पेशाब लगता है, जिससे उनकी नींद खराब हो जाती है। अगर गर्भवती महिला को इस तरह की शिकायत है, तो उसे रात को सोने से पहले ज्यादा पेय पदार्थ नहीं लेने चाहिए, लेकिन दिन में 10 से 12 गिलास पानी ज़रूर पीएं।

कीगल एक्सरसाइज करें -

कीगल एक्सरसाइज पेशाब को रोकने में काफी हद तक मदद करती है। इस एक्सरसाइज की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे कहीं भी किया जा सकता है। गर्भवती महिलाएं दिन में तीन बार 10 से 20 संकुचन के साथ 10 सेंकेंड तक इसे कर सकती हैं।

गर्भावस्था में बार बार आने वाले पेशाब से राहत पाने के लिए टिप्स क्या है? 
(Pregnancy me bar bar aane wale peshab se rahat paane ke liye tips kya hai)

प्रेगनेंसी में बार बार आने वाला पेशाब (frequent urination during pregnancy in hindi) गर्भवती महिलाओं के जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन कुछ तरीकों को अपनाकर इससे थोड़ी राहत पाई जा सकती है -

पेशाब नहीं रोके - जब भी गर्भवती महिला को पेशाब लगे तो उसे रोकना नहीं चाहिए, बल्कि तुंरत शौचालय जाना चाहिए। दरअसल, लंबे समय तक पेशाब रोकने से पैल्विक क्षेत्र की नसें कमज़ोर हो जाती हैं।

मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करें - जब भी गर्भवती महिलाएं पेशाब करने जाएं तो उन्हें आगे की तरफ झुककर बैठना चाहिए, ताकि मूत्राशय पूरी तरह से खाली हो सके।

पैड का इस्तेमाल करें - गर्भावस्था में कई बार गर्भवती महिलाओं के खांसने या जोर से हंसने पर पेशाब निकल जाता है, जिससे उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता है। इसलिए उन्हें पैड का इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में बार बार पेशाब आना (pregnancy me bar bar peshab aana) नॉर्मल है, लेकिन अगर इसके साथ खून, जलन आदि की समस्या हो तो गर्भवती महिलाओं को बिना किसी संकोच के डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं बार बार पेशाब आने की समस्या से निजात पाने के लिए इस ब्लॉग में बताए गये उपायों को आज़मा सकती हैं, जिससे उन्हें थोड़ी सी राहत मिल सकती है।

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