Header Ads

तोरई


इस सब्जी को खाने से होते है गजब के फायदे, जिसे देखकर नाक सिकुड़ने लगते है लोग

दोस्तों आयुर्वेद में तोरई को ठंडा बताया गया है। गर्मी के मौसम में तोरई खाने से शरीर के अंदर ठंडक पहुँचता है। तोरई में विटामिन, फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होता है। बता दे कि यह अपनी कड़ी धारियों से पहचानी जाती ह


दोस्तों आमतौर पर लोग तोरई की सब्जी को देखकर नाक से सिकुड़ने लगते हैं, क्योंकि यह ज्यादातर लोगों को पसंद नहीं आती है। आज हम आपको हमारी इस पोस्ट से तोरई की सब्जी खाने से होने वाले गजब के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।


तोरई में विटामिन “सी”, विटामिन “डी” पाया जाता है। इसकी सब्जी खाने से घुटने के जोड़ो के दर्द में फायदा होता है। तोरई में उपस्थित तांबा का प्रतिशत रुमेटी गठिया के दर्द लक्षणों को कम करने में सहायता करता है।


तोरई खाने से ऑस्टियोआर्थराइटिस, अस्थमा और रुमेटीइड गठिया जैसी बीमारियों का इलाज में सहायक है। तोरई के गुदे को गुठने पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है।


तोरई खाने से हमारा बाल कोमल और मजबूत बनता है। तोरई में उपस्थित विटामिन सी ड्राइ और दो मुंहें बालों को ख़त्म करता है। तोरई के उपयोग से हमारे बाल लम्बे और घने बन जाते है।


तोरई में उपस्थित विटामिन सी, फोलेट और बीटा-कैरोटीन आदि कोशिकाओं को हानि न पहुंच पाये इसमें मदद करता है। तोरई में बीटा- करोटीन होने से साथ ही साथ रोज़ाना खाने से कैंसर न होने की संभावना ९०% ख़त्म हो जाते है।

तोरई के अंदर विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है। इसलिए ड्रॉक्टर गर्भावस्था के समय तोरई खाने की सलाह देता है। तोरई के अंदर फोलिक एसिड की उपस्थिति से बच्चे की रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

तोरई शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। तोरई खाने से मानव की मनोदशा और ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में सहायता करता है।

तोरई की सब्जी खाने से कब्ज और बवासीर की समस्या जल्दी से ठीक हो जाती है।
मसालेवाली तुरई - masalewali Turai

मसालेवाली तुरई

कुछ सब्ज़ीयाँ बेहद पौष्टिक होती हैं लेकिन आपके पास इन सब्ज़ीयों को अपने आहार में प्रयोग करने के तरीके कम होते हैं। तुरई इसका एक विशिष्ट उदाहरण है। हालांकि यह आहार तत्वों से भरपुर है, इसका प्रयोग बहुत कम किया जाता है क्योंकि यह मसल जाते हैं और इसका स्वाद भी फीका होता है। यह एक ऐसा व्यंजन है जो इस विचार को बदल देगा। खट्टे टमाटर के पल्प और विभिन्न प्रकार के मसालों के साथ बनाया गया, यह मसालेवाली तुरई तक झटपट और आसानी से बनने वाली सब्ज़ी है जो आपके घरों में सबको ज़रुर पसंद आएगी!

नॉन - स्टीक कढ़ाईझट-पट सब्ज़ीपौष्टिक कम कार्ब वाला स्वस्थ्य हार्ट संबंधित सब्जी़

तैयारी का समय: 15 मिनट पकाने का समय: 13 मिनट कुल समय: 28 मिनट ४ मात्रा के लिये


सामग्री

२ कप मोटा स्लाईस्ड तुरई

२ टी-स्पून तेल

१/२ टी-स्पून ज़ीरा

१/२ कप कटा हुआ प्याज़

१/२ टी-स्पून हल्दी पाउडर

१ टी-स्पून कसा हुआ अदरक

१/२ टी-स्पून बारीक कटी हुई हरी मिर्च

१ ३/४ कप ताज़े टमाटर का पल्प

१ १/२ टी-स्पून धनिया-ज़ीरा पाउडर

१ टी-स्पून लाल मिर्च पाउडर

१ टी-स्पून अमचुर

नमक स्वादअनुसार


सजाने के लिए

२ टेबल-स्पून बारीक कटा हुआ हरा धनिया

विधि

एक नॉन-स्टिक कढ़ाई में तेल गरम करें और ज़ीरा डालें।


जब बीज चटकने लगे, प्याज़ डालकर मध्यम आँच पर 1 मिनट के लिए भुन लें।


हल्दी पाउडर, अदरक, हरी मिर्च और 1 टेबल-स्पून पानी डालकर, मध्यम आँच पर कुछ और सेकन्ड तक भुन लें।


टमाटर का पल्प और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें और मध्यम आँच पर बीच-बीच मे हिलाते हुए 2 मिनट तक पका लें।


धनिया-ज़ीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और अमचुर डालकर अच्छी तरह मिला लें और मध्यम आँच पर 1 मिनट तक पका लें।


तुरई और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। ढ़क्कन से ढ़ककर मध्यम आँच पर 8 मिनट या तुरई के नरम होने तक, बीच-बीच में हिलाते हुए पका लें।


धनिया से सजाकर गरमा गरम परोसें।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.