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सब कहते हैं सेक्स से कैलोरी बर्न होती है, पर कितनी?


सब कहते हैं सेक्स से कैलोरी बर्न होती है, पर कितनी?

यदि आप अपने बढ़ते वज़न को लेकर परेशान हैं और जिम जाने के लिए आपके पास समय या साधन नहीं है, तो अपने पार्टनर के सहयोग से आप बेडरूम में ही अपना वज़न घटा सकती हैं. प्रतिष्ठित जरनल प्लॉस वन में प्रकाशित अमेरिकन एसोसिएशन सेक्स एजुकेशन की हालिया सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि बेडरूम में लगभग 25 मिनट तक की सेक्स-क्रीड़ा में पुरुषों की 101 कैलोरी और महिलाओं की 70 कैलोरी ऊर्जा खपती है. सेक्स के दौरान पुरुष एक मिनट में 4.2 कैलोरी ऊर्जा बर्न करता है, तो स्त्रियां एक मिनट में 3.1 कैलोरी ऊर्जा बर्न करती हैं.


क्या है सेक्स से कैलोरी बर्न का गणित?
अब इस गणित को थोड़ा विस्तार से समझ लेते हैं. हमारे शरीर की किसी भी छोटी-मोटी गतिविधि के लिए ऊर्जा की ज़रूरत होती है. ऊर्जा की इस खपत को मापने के लिए एमईटी (मेटाबॉलिक इक्विवैलेंट ऑफ़ टास्क) पैमाने का उपयोग किया जाता है. सरल शब्दों में कहें तो माप की यह इकाई हमारे शरीर की चयापचय दर के समकक्ष होती है. एक एमईटी अमूमन हमारे शरीर के कुल वज़न के प्रति किलोग्राम 3.5 मिलीलीटर ऑक्सीजन के बराबर होता है. वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार एक एमईटी ऊर्जा की खपत के बराबर की शारीरिक गतिविधि में हमारे शरीर के औसतन एक किलोग्राम वज़न पर 0.9 कैलोरी बर्न होती है.
किस सेक्स मूव से कितना वज़न घटता है?
अब मुद्दा यह है कि सेक्स में हमारे शरीर की गतिविधि एमईटी के किस स्तर तक पहुंच सकती है. सेक्स एक्स्पर्ट्स के अनुसार निष्क्रिय पड़े रहना, हल्का प्रयास, चुंबन और गले लगाने जैसी गतिविधियों में 1.3 एमईटी तक पहुंचा जा सकता है. सामान्य सेक्स या मध्यम प्रयास करने की स्थिति में 1.8 एमईटी तक पहुंचा जा सकता है. सेक्स में सक्रिय और ज़ोरदार प्रयास की स्थिति में 2.8 एमईटी तक पहुंचा जा सकता है. इस लिहाज़ से यदि आपका वज़न 80-81 किलो के बराबर है, तो सिर्फ़ एक जगह बैठे रहने से भी प्रति घंटे आपकी लगभग 75-80 कैलोरीज़ बर्न होती हैं. जब आप चलना शुरू करते हैं, तो आपकी गतिविधि का स्तर बढ़ जाता है, इसी अनुपात में आपकी एमईटी वैल्यू भी बढ़ती है. अगर आपकी गतिविधि दो एमईटी के बराबर है, तो आप 160 कैलोरी प्रति घंटा बर्न करते हैं. इस तरह से 10 एमईटी का मतलब है आप एक घंटे में 800 कैलोरीज़ बर्न कर रहे हैं. कैलोरी के इस कैल्क्युलेशन को ध्यान में रखते हुए यह प्रमाणित हो जाता है कि सेक्स वज़न घटाने में कारगर है.
योग
योग के आसन पेल्विक मसल्स के प्रसरण-आकुंचन यानी एक्सपैंशन-कॉन्ट्रैक्शन में मदद करते हैं. यदि आप सेतु आसन जैसे योगासन नियमित रूप से करती हैं तो आपको अच्छा नतीजा मिलेगा. ज़मीन पर बैठें. पैरों को आगे की ओर स्ट्रेच करें. अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाएं. अब धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्से और पेल्विक एरिया को उठाएं. आपके हाथ आपके शरीर को सपोर्ट करते हुए हों. सिर को पीछे की ओर ले जाएं. जितनी देर तक सिर को उस पोज़िशन में रोक सकती हों, उतनी देर तक रोकें, फिर धीरे-धीरे शुरुआती पोज़िशन में आ जाएं. उष्ट्रासन और शलभासन भी पेल्विक फ़्लोर की मसल्स को मज़बूत बनाने में बड़े कारगर हैं.

क्या करें तेज़ी से वज़न घटाने के लिए?
रही बात तेज़ी से वज़न घटाने की, तो आपको सही सेक्स पोज़िशन का चुनाव करना पड़ेगा, जिसमें ज़्यादा से ज़्यादा कैलोरीज़ बर्न होती हैं. इसके अलावा सेक्स तन से कहीं अधिक मन से जुड़ा मामला है. नियमित और संतुलित सेक्स से हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोन्स का संतुलन बना रहता है
, जो वज़न को नियंत्रित करने में कारगर होता है, मसलन सेक्स के बाद अक्सर गहरी नींद आती है. इससे शरीर में लेप्टिन, एडिपोकाइन नामक हार्मोन की संवेदनशीलता बढ़ती है. यह हार्मोन कम खाने और अधिक कैलोरी बर्न करने के लिए प्रेरित करता है. सेक्स से एडिपोनेक्टिन और एस्ट्रोजेन हार्मोन की मात्रा भी संतुलित होती है
. इन हार्मोन्स की असंतुलित मात्रा वज़न बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार बनती है. वैसे डॉक्टर्स का कहना है सेक्स में कंधों, कमर, जांघों का अधिक इस्तेमाल होता है.
 यह एक तरह से कार्डियो एक्सरसाइज़ करने जैसा है. इससे घुटने के पीछे की नस (हैम्स्ट्रिंग), बांहों आदि की मांसपेशियों में अतिरिक्त वसा नहीं इकट्ठा होने पाती है, जो एक तरह से वज़न को नियंत्रित रखती है. तो अपनी सुविधा और सहजता के अनुरूप वह सेक्स पोज़िशन चुनें, जिससे वज़न घटाने में मदद मिले.



आकर्षक वेजाइना के लिए 4 वर्कआउट्स
आप अपने पेट, हिप्स और यहां तक कि बांहों और चेहरे को आकर्षक बनाने के लिए अलग-अलग वर्कआउट्स करती हैं. पर देखा गया है कि वर्कआउट में रुचि रखनेवाली ज़्यादातर महिलाएं वेजाइनल मसल्स को मज़बूत बनानेवाले वर्कआउट्स को नज़रअंदाज़ कर देती हैं. अब वेजाइनल मसल को मज़बूत बनाने को केवल सेक्स से जोड़कर न देखें. दरअस्ल, बात तो यह है कि जिस तरह आपके शरीर के हर अंग का शेप में होना ज़रूरी है, उसी तरह वेजाइना को भी शेप में रखने के लिए थोड़े वर्कआउट्स करने चाहिए. चाहे आपकी हाल ही में डिलीवरी हुई हो या प्रेग्नेंसी प्लैन कर रही हों, इन एक्सरसाइज़ेस से आपको वेजाइना को शेप में रखने में मदद मिलेगी. इन्हें अपनी एक्सरसाइज़ रूटीन में शामिल करने के बाद आप पाएंगी कि न केवल वेजाइना की इलैस्टिसिटी बढ़ी है, बल्कि गर्भाशय संबंधी कई समस्याएं भी दूर होंगी. तो पेश हैं, चार ऐसे व्यायाम, जो न केवल आपको बेहतरीन ऑर्गैज़्म का एहसास कराएंगे बल्कि आपकी ओवरऑल सेहत के लिए भी बहुत ज़रूरी हैं.





कीगल 
जब वेजाइनल मसल्स को टोन या टाइट करने की बात आती है तो सबसे पहले कीगल एक्सरसाइज़ का नाम आता है. यह वर्कआउट करने में भी बेहद आसान है. इसे आप अपने कमरे में ही कर सकती हैं. सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं, उसके बाद अपनी वेजाइनल मसल्स को सिकोड़ें और छोड़ें. इस प्रक्रिया को दिन में तीन से छह बार करें. हर बार 25 रेपिटिशन्स तक करें. हालांकि इसके नतीजे आपको रातोंरात नज़र नहीं आएंगे, पर यदि आप नियमित रूप से कीगल एक्सरसाइज़ करेंगी तो फ़ायदा सौ फ़ीसदी होगा. समय के साथ आप अपनी वेजाइना की मसल्स में बदलाव महसूस करेंगी. आपकी वेजाइना में कसाव आएगा. 







लेग राइज़ेस
यदि आप पहले से ही नियमित रूप से लेग राइज़ एक्सरसाइज़ेज़ करती रही हैं तो संभव है कि आपकी वेजाइना अच्छे शेप में होगी. इस एक्सराइज़ से न केवल हिप्स और पेट की मांसपेशियों की टोनिंग में मदद मिलती है, बल्कि इससे आपकी वेजाइना में भी कसाव आता है. इसे करने के लिए या तो ज़मीन पर लेट जाएं या राइज़्ड बेंच पर. यदि आपको पीठ की समस्या हो तो ज़मीन पर लेटने के बाद अपने लोअर बैक के नीचे तौलिया रख दें. फिर धीरे-धीरे अपने दोनों पैर उठाएं, यदि आप दोनों पैर एक साथ उठा पाने में दिक़्क़त महसूस हो रही हो तो एक-एक पैर उठाएं. अपने पैरों को मोड़ें नहीं. पैर उठाने के बाद उसे कुछ सेकेंड तक ऊपर ही रहने दें, उसके बाद धीरे-धीरे पैर को नीचे ले आएं. बेहतर और जल्द नतीजे के लिए यह एक्सरसाइज़ दिन में 5 बार, 10-10 मिनट्स के लिए करें.

स्क्‍वॉट्स
आपने यक़ीनन सुना होगा कि स्क्‍वॉट्स से थाईज़ और ‌हिप्स की टोनिंग में काफ़ी मदद मिलती है, पर क्या आप जानती हैं स्क्‍वॉट्स से आपकी वेजाइनल मसल्स भी टाइट होती हैं? ज़्यादातर फ़िटनेस ट्रेनर्स महिलाओं को डिलीवरी के बाद स्क्‍वॉट्स करने की सलाह देते हैं, ताकि वेजाइना तथा पेट के निचले ‌हिस्से की मांसपेशियों में कसाव लाया जा सके. यदि आपने पहले कभी स्क्‍वॉट्स नहीं किया होगा तो शुरुआत में आपको थोड़ी मुश्क़िल आएगी. अपने पैरों पर खड़ी हो जाएं, हिप्स को थोड़ा-सा पीछे की ओर ले जाएं. फिर फिर हिप्स को बेंच पर बैठने की पोज़िशन में ले जाएं. स्क्‍वॉट्स एक्सरसाइज़ की पोज़िशन में रहते समय आपकी रीढ़ की हड्‍डी एकदम सीधी होनी चाहिए और सीना आगे की ओर. 





शलभासन पेल्विक फ़्लोर की मसल्स को मज़बूत बनाने में बड़ा कारगर है
योग
योग के आसन पेल्विक मसल्स के प्रसरण-आकुंचन यानी एक्सपैंशन-कॉन्ट्रैक्शन में मदद करते हैं. यदि आप सेतु आसन जैसे योगासन नियमित रूप से करती हैं तो आपको अच्छा नतीजा मिलेगा. ज़मीन पर बैठें. पैरों को आगे की ओर स्ट्रेच करें. अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाएं. अब धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्से और पेल्विक एरिया को उठाएं. आपके हाथ आपके शरीर को सपोर्ट करते हुए हों. सिर को पीछे की ओर ले जाएं. जितनी देर तक सिर को उस पोज़िशन में रोक सकती हों, उतनी देर तक रोकें, फिर धीरे-धीरे शुरुआती पोज़िशन में आ जाएं. उष्ट्रासन और शलभासन भी पेल्विक फ़्लोर की मसल्स को मज़बूत बनाने में बड़े कारगर हैं.

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