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आसान योगासन,


छोटी हो या बड़ी, हर तरह की बीमारी दूर करेंगे ये आसान योगासन, 


कई आसन ऐसे हैं जो कई बीमारियों के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन कुछ आसन ऐसे भी हैं जो किसी एक बीमारी में ज्यादा लाभ पहुंचाते हैं। जानें किस बीमारी के लिए कौन-सा योगासन करें।


अनिद्रा
अगर रात को सही नींद नहीं आती और इन्सोमेनिया की शिकायत बढ़ रही है तो हस्तपदासन, मार्जरासन, शिशुआसन, बद्धकोणआसन आजमाइए। (तस्वीर मे मार्जरासन)






सिरदर्द
सिरदर्द अगर सिर में दर्द रहता हो और दवाओं से भी आराम न मिल रहा हो तो पद्मगुष्ठासन, सेतुबंध सर्वांगासन, शवासन या या अधोमुख शवासन को करने से सिर दर्द की शिकायत दूर होती है। (तस्वीरः सर्वांगासन)



बदन दर्द
जब तब शरीर या मांसपेशियों का दर्द परेशान करता है तो योग का सहारा लीजिए। इससे जोड़ों और गठिया के दर्द में आराम मिलेगा और मसल्स मजबूत होंगे। वीरभद्रासन, धनुरासन, सेतुबंध सर्वांगासन, त्रिकोनासन जैसे योग अपनाइए और शरीर के हर तरह के दर्द से मुक्ति पा सकते हैं। (तस्वीरः वीरभद्रासन)


बढ़ता वजन
बढ़ता वजन आजकल हर किसी की परेशानी बन चुका है। लगातार बढ़ते वजन को काबू में करने के लिए सूर्य नमस्कार, वीरभद्रासन, त्रिकोनासन पूर्वोत्तनासन आदि का सहारा लेना चाहिए। इससे बिना साइड इफेक्ट आपका वजन कम होगा। (सूर्य नमस्कार)


बवासीर
कब्ज के चलते अधिकतर लोग बवासीर का शिकार हो जाते हैं। इससे राहत के लिए पश्चिमोत्तासन, वज्रासन, मयूरासन, पवनमुक्तासन, हलासन, सर्वांगासन, की मदद लीजिए। सुबह के समय इन आसनों को करने से बवासीर में आराम मिलेगा। (वज्रासन)




कब्ज
अक्सर कब्ज रहती है और भोजन ढंग से नहीं पचता। पेट में गड़बड़ से हम सभी त्रस्त हैं लेकिन कुछ आसन जैसे मयूरासन, अर्धमत्सयेंद्रासन, हलासन, पवनमुक्तासन, बद्धकोणासन करने से कब्ज से मुक्ति मिलेगी और भोजन की पूरी ऊर्जा शरीर को मिलेगी। (मयूरासन)


बाल झड़ना
बाल झड़ना भी आम बीमारी बन चुकी है। अगर आप लंबे, रेशमी औऱ स्वस्थ बाल चाहते हैं तो वज्रासन, मुक्तशवासन, उत्तानासन, उस्तरासन, बालायाम योग, कपालभांति, सासांगासन, मतस्यासन कीजिए। इन योगों की बदौलत बालों की जड़ें मजबूत होंगी और सिर में रक्त संचार बढ़ेगा। (सासागासन)




थायराइड
आजकल ज्यादातर महिलाएं थॉयराइड से पीड़ित हैं। ऐसे में अगर सर्वांगासन, हलासन, मतस्यासन, उस्तरासन, सूर्य नमस्कार और विपरीतकारिणी योग किया जो थॉयराइड की समस्या में आराम मिलता है। 


रक्तचाप नियंत्रण के लिए
कई बार रक्तचाप अचानक ही बढ़ जाता है या फिर दिमाग तक रक्त का संचार अवरुद्ध होने लगता है। ऐसी स्थितियों के लिए शशांकासन, दिवाकोणासन, सुमेरू आसन, योगमुद्रा, वृक्षासर, पदप्रसार पुरअनुत्तानासन और शीर्षासन करना चाहिए। इससे पूरे शरीर में रक्त संचार अच्छा रहता है और रक्तचाप भी नियंत्रण में रहता है। (तस्‍वीर: योग मुद्रा)

ह्रदयरोगों के लिए
ह्रदयरोगियों के लिए यूं तो कई तरह के योगासन है। लेकिन कुछ आसन ऐसे भी हैं जो भविष्य में होने वाले ह्रदय रोगों से बचा सकते हैं। आप ह्रदय रोग के शिकार न बनें इसके लिए परिपूर्ण नवासन, उत्तिठा त्रिकोनासन, पिंचा मयूरासन, अधोमुख वक्रासन और वीरासन कीजिए। सुबह सुबह इन आसनों को करने से ह्रदय मजबूत होता है। (तस्वीरःअधोमुख वक्रासन)

















एसिडिटी
कुछ भी खाने पीने के बाद एसिडिटी होती है या दिल में जलन होती है तो वज्रासन, पश्चिमोत्तासन, मतस्यासन, मकरासन, उस्तरासन, मयूरासन करने से लाभ होगा। इन योगासनों से दूषित वायु का भी निवारण होता है। (तस्वीर: प‌श्चिमोत्तासन)







डिप्रेशन
तनाव भरी जीवनशैली में डिप्रेशन आम बात हो गई है। अगर आप भी इसके शिकार हैं तो बद्धकोणासन, सेतुबंधनासन, शवासन, सुखासन, उत्तानशिषोसन, पिंचा मयूरासन, अग्निस्तंभासन करें। इससे शरीर के साथ साथ मस्तिष्क भी रिलेक्स होगा। (तस्वीर में सुखासन)


अस्थमा
अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के शिकार हैं तो रोज शुद्ध वातावरण में नाड़ी शोधन प्राणायाम, कपाल भांति, अर्ध मत्सयेंद्रासन, पवनमुक्तासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन करें। इससे श्वासरोगों के निवारण के साथ साथ फेंफड़े भी मजबूत होंगे। (तस्वीर में प्राणायाम)

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