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हाथों और पैरों में झनझनाहट


हाथों और पैरों में झनझनाहट – कारण, लक्षण, और उपचार –

अक्सर आराम करने या बैठने के दौरान हाथों-पैरों से जुड़ी एक समस्या का जिक्र बार-बार मिलता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में ‘पैर सो जाना’ या ‘झुनझुनी चढ़ना’ कहा जाता है। हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट काफी आम है, जो लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहने से हो सकती है। हालांकि, यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन आपकी पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इससे ग्रसित व्यक्ति ज्यादा देर तक टिक कर नहीं बैठ सकता है। खासकर, कामकाजी लोगों के लिए यह एक बड़ी परेशानी है, क्योंकि उन्हें घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना पड़ता है। यह झुनझुनाहट कुर्सी पर, जमीन पर यहां तक कि कमोड पर बैठने के दौरान भी हो सकती है।
विषय सूची

क्या है झनझनाहट?
शरीर में झनझनाहट और सुन्नपन होने के कारण – Causes of Tingling All Over The Body in Hindi
हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के लक्षण – Symptoms Of Tingling Sensation in Hindi
हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies To Treat Tingling Sensations in Hindi
हाथों-पैरों की झनझनाहट दूर करने के लिए उत्तम खाद्य पदार्थ – Foods To Reduce Tingling Sensation in Hindi
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और निजात पाने के लिए प्राकृतिक समाधान चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। हमारे साथ जानिए हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट पर काबू पाने के सबसे सटीक घरेलू नुस्खों के बारे में और जानिए इनका किस प्रकार इस्तेमाल किया जाए।

क्या है झनझनाहट?

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को अक्सर सुई या पिन की चुभन की तरह देखा जाता है। चिकित्सा जगत में इसे पैरेस्थेसिया का नाम दिया गया है। इस समस्या के अंतर्गत हाथ या पैर का कोई भी भाग सुन्न पड़ जाता है और तेज झनझनाहट का एहसास होता है। पैरेस्थेसिया कभी-कभार होने वाली समस्या है। अगर आपको इससे रोजाना गुजरना पड़ रहा है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। नीचे जानिए हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के कुछ आम कारण –
शरीर में झनझनाहट और सुन्नपन होने के कारण – Causes of Tingling All Over The Body in Hindi


अस्थायी पैरेस्थेसिया या हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट अक्सर किसी नस पर अत्यधिक दवाब या रक्त संचालन में अवरोध के कारण होती है। क्रॉनिक पैरेस्थेसिया के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं :
नस की क्षति
एस्ट्रोजन असंतुलन
हर्निएटेड डिस्क, जो नर्व ट्रामा पर दबाव डालती है
ऑटोम्यून्यून विकार जैसे रूमेटोइड गठिया
रिपिटेटिव मूवमेंट ट्रामा या चोट
तंत्रिका संबंधी बीमारी
गुर्दे की बीमारियां
लिवर की बीमारियां
चोट
ट्यूमर
हाइपोथायरायडिज्म
विटामिन-बी1, बी6, बी12, बी3 या ई की कमी
कीमोथेरेपी की दवाएं
भारी धातु या रसायन जैसे जहरीले पदार्थों का शरीर में जाना

पैरेस्थेसिया के कारणों के बाद अब नीचे जानिए, इसके आम लक्षणों के बारे में।

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के लक्षण – Symptoms Of Tingling Sensation in Hindi
सुन्न होना
दुर्बलता
जलन
सर्दी
भारीपन

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट खास चिंता का विषय तब तक नहीं है, जब तक कि इसके साथ कोई गंभीर चिकित्सीय स्थिति सामने न आए। नीचे जानिए, इस समस्या से निजात पाने के कुछ प्रभावी उपायों के बारे में।

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies To Treat Tingling Sensations in Hindi
1. एसेंशियल ऑयल

साइप्रस का तेल

सामग्री
12 बूंद साइप्रस तेल की
50 एमएल जैतून या नारियल का तेल

कैसे करें इस्तेमाल
साइप्रस और जैतून या नारियल तेल को मिला लें।
हाथ-पैरों के प्रभावित क्षेत्र पर इस तेल को लगाएं।
कुछ देर तक मसाज करें और रात भर तेल को लगे रहने दें।

कितनी बार करें
दिन में एक बार

कैसे है लाभदायक

सूजन और दर्द की समस्या के लिए साइप्रस तेल का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल की नियमित मालिश क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत कर ठीक से काम करने में मदद करती है (1)।
लैवेंडर का तेल


सामग्री
12 बूंद लैवेंडर तेल की
50 एमएल जैतून या नारियल का तेल

कैसे करें इस्तेमाल
लैवेंडर और जैतून या नारियल तेल को मिला लें।
हाथ-पैरों के प्रभावित क्षेत्र पर अच्छी तरह मसाज करें।
रात भर इस तरह रहने दें।

कितनी बार करें
दिन में एक बार

कैसे है लाभदायक

तंत्रिका संबंधी समस्याओं के लिए लैवेंडर का तेल एक कारगर एसेंशियल ऑयल है। लैवेंडर का तेल एंटी- इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है, जो नसों की मरम्मत कर दर्द से छुटकारा देने का काम करता है (2), (3)।
2. मसाज


मसाज थेरेपी शरीर में होने वाली झुनझुनाहट को दूर करने का एक कारगर विकल्प है। मसाज थेरेपी नसों की मरम्मत कर उन्हें ठीक प्रकार से काम करने में सहयोग करती है। मसाज से रक्त संचालन में भी सुधार होता है, जो तंत्रिका स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है (4), (5)।
3. सेब का सिरका



सामग्री
एक चम्मच सेब का सिरका
एक गिलास गर्म पानी
शहद

कैसे करें इस्तेमाल
एक गिलास पानी में सेब का सिरका मिलाएं।
अब पानी में शहद डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
अब इसे धीरे-धीरे पिएं।

कितनी बार करें
दिन में एक बार

कैसे है लाभदायक

सेब के सिरके में एसिटिक एसिड होता है और यह एक कारगर एंटी- इंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। नसों की मरम्मत के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं (6)। इसमें और भी कई जरूरी पौषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में ऊर्जा बढ़ाने का काम करते हैं। हाथों-पैरों की झुनझुनी से राहत पाने के लिए आप सेब के सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. वॉर्म कंप्रेस



सामग्री
वॉर्म कंप्रेस

कैसे करें इस्तेमाल
एक वॉर्म कंप्रेस लें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर पांच-सात मिनट तक रखें।
यह प्रक्रिया तीन बार दोहराएं।

कितनी बार करें
दिन में दो-तीन बार करें।

कैसे है लाभदायक

वॉर्म कंप्रेस प्रभावित हाथ और पैर में रक्त संचार को बढ़ाने का एक कारगर उपाय है (7)। रक्त संचार सुचारू रूप से चलने से शरीर में झुनझुनाहट की समस्या खड़ी नहीं होती। हाथों-पैरों की झुनझुनी से राहत पाने के लिए आप वॉर्म कंप्रेस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
5. जिन्कगो बिलोबा हर्बल चाय



सामग्री
जिन्कगो बिलोबा चायपत्ती एक-दो चम्मच
एक कप पानी
शहद

कैसे करें इस्तेमाल
एक कप पानी में जिन्कगो बिलोबा चायपत्ती डालें।
अब इसे अच्छी तरह पांच मिनट तक उबालें।
फिर पानी को कप में डालें और थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
अब इसमें शहद मिलाकर पिएं।

कितनी बार करें
दिन में 2-3 बार पिएं।

कैसे है लाभदायक

जिन्कगो बिलोबा चाय शरीर में होने वाली झनझनाहट और सुन्नपन को दूर करने का एक कारगर उपाय है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत कर रक्त संचार में सुधार का काम करते हैं (8)।
6. सेंधा नमक


सामग्री
एक कप सेंधा नमक
पानी

कैसे करें इस्तेमाल
पानी से भरे हुए टप में एक कप सेंधा नमक मिलाएं।
प्रभावित जगह को करीब 20-30 मिनट तक इस पानी में रखें।

कितनी बार करें

दिन में एक बार करें।

कैसे है लाभदायक

सेंधा नमक में मैग्नीशियम होता है, जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने का काम करता है। यह नमक झुनझुनी पैदा करने वाली क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत करता है (9)।
7. दालचीनी



सामग्री
एक चम्मच दालचीनी पाउडर
एक कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल
एक कप पानी में दालचीनी पाउडर मिलाएं।
अब तुरंत पी लें।

कितनी बार करें
दिन में 1-2 बार पिएं।

कैसे है लाभदायक

दालचीनी में मैंगनीज और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो रक्त संचार में सुधार का काम करते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो हाथों-पैरों में होने वाली झुनझुनाहट को दूर करने का काम करते हैं (10)।
8. दही

सामग्री
एक कटोरी दही

कैसे करें इस्तेमाल
रोजाना एक कटोरी दही का करें सेवन।

कितनी बार करें
एक बार

कैसे है लाभदायक

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के लिए आप दही का सेवन कर सकते हैं। इसमें मैंगनीज जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं (11)। यह रक्त संचार तंत्र को ठीक से काम करने मदद करता है, जिससे नसें अपना कार्य सही प्रकार से करती हैं।

यदि ये उपचार अपना असर दिखाने में समय लगा रहे हैं, तो आप कायरोप्रैक्टर के पास जाकर अपनी समस्या का समाधान ढूंढ सकते हैं। कायरोप्रैक्टर इलाज के वैकल्पिक उपचार का प्रयोग करते हैं। ये बिना सर्जरी और एलोपैथिक दवा के मरीज का इलाज करते हैं।

इन उपचारों के अलावा आप पैरेस्थेसिया से निजात पाने के लिए निम्नलिखित उपयोगी टिप्स का पालन भी कर सकते हैं :
एक ही प्रकार की शारीरिक प्रक्रिया करने से बचें।
शरीर को पर्याप्त आराम दें।
अगर आप एक जगह पर लंबे समय तक बैठे हैं, तो उठें और 30-60 मिनट तक पैदल चलें।
नसों के दवाब को कम करने के लिए रात में कलाई पर रिस्ट स्प्लिन्ट्स बाध कर सोएं।
कैफीन के सेवन से बचें।
रक्त संचार के लिए स्ट्रेचिंग, शोल्डर स्टेशन, गर्दन उठाना, बैक स्ट्रेच व तैराकी जैसे व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

आहार का सही चुनाव रोग मुक्त होने के लिए बेहद जरूरी है। हाथों-पैरों की झनझनाहट को दूर करने लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं :
हाथों-पैरों की झनझनाहट दूर करने के लिए उत्तम खाद्य पदार्थ – Foods To Reduce Tingling Sensation in Hindi

विटामिन में कमी शरीर में सुन्नपन और झनझनाहट का एक बड़ा कारण है। शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए आहार में आवश्यक पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है।
हाथों-पैरों की झनझनाहट से लड़ने के लिए सर्वश्रेष्ठ आहार :
ब्रोकली – इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट्स तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में हार्मोन को संतुलित करने का काम करते हैं। इससे शरीर में विटामिन की आपूर्ति पूरी होती है।
विटामिन-बी : साबुत अनाज, मांस, चिकन, मछली, दूध, अंडे, फलियां और पालक आदि खाद्य पदार्थ विटामिन के अच्छे स्रोत हैं।
ताजे फल और सब्जियां जैसे पालक, टमाटर व प्याज एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं।
दही, मछली और टोफू में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। इनके सेवन से टिशू व नसों के निर्माण और मरम्मत में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल : पैरेस्थेसिया की समस्या के लिए मुझे किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए ?
जवाब : अगर आप हाथों-पैरों की झनझनाहट से परेशान हैं, तो न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाएं।

सवाल : क्या विटामिन की कमी हाथों और पैरों में झनझनाहट का कारण बनती है?
जवाब : हाथों और पैरों में झनझनाहट विटामिन-बी1, बी3, बी6, बी12 और ई की कमी से हो सकती है।

हाथों और पैरों में होने वाली झनझनाहट को लंबे समय तक अनदेखा न करें, क्योंकि इसके गंभीर परिणाम पैरालिसिस के रूप में भी सामने आ सकते हैं। अगर आप इस समस्या से परेशान हैं, तो लेख में बताए गए उपायों को जरूर अपनाएं। हमारा यह लेख आपको कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें।

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