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गर्भावस्था में पेट दर्द

गर्भावस्था में पेट दर्द : कारण, सावधानी और घरेलू उपाय 



जब एक महिला मां बनने वाली होती है, तो उसके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिससे वो कई बार परेशान भी हो जाती है। इन्ही परेशानियों में पेट दर्द भी शामिल है। पेट दर्द यूं तो बहुत ही ज्यादा सामान्य होता है, लेकिन गर्भावस्था में पेट दर्द होना चिंता का विषय हो सकता है। गर्भावस्था में पेट दर्द की वजह से कई महिलाएं काफी तनाव में आ जाती हैं, जोकि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक होता है। तो चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था में पेट दर्द से राहत पाने के लिए महिलाएं क्या कर सकती हैं। हम आपको इस ब्लॉग के जरिये गर्भावस्था में पेट दर्द (Abdominal pain in during pregnancy in hindi) से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ख्याल रख सकती हैं।
1.गर्भावस्था में पेट दर्द की समस्या (pregnancy me pet dard ki samasya) 2.गर्भावस्था में पेट दर्द क्यों होता है? (pregnancy me pet dard kyun hota hai) 3.क्या गर्भावस्था में पेट दर्द होना नॉर्मल है? (is abdominal pain normal during pregnancy in hindi) 4.गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द कम करने का घरेलू उपाय क्या है? (pregnancy me pet dard ka ilaj kya hai) 5. प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए? (pregnancy me pet dard hone par doctor ke pas kab jaye) 6.क्या प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने पर दर्द की दवा लेना सही है? (kya pregnancy me pet dard hone per dard ki dava lena sahi hai) 7.गर्भावस्था में पेट दर्द पर ध्यान रखने वाली बातें (pregnancy me pet dard hone per sawdhani) 1.गर्भावस्था में पेट दर्द की समस्या (pregnancy me pet dard ki samasya)
गर्भावस्था में पेट दर्द होना आम है, लेकिन कई बार गर्भवती इस दर्द से ज्यादा परेशान हो जाती है। इस दौरान किसी महिला को यह दर्द कम तो किसी को ज्यादा महसूस हो सकता है। गर्भावस्था में उसके पेट में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिनकी वजह से उसे पेट में दर्द, मरोड़ या ऐंठन महसूस हो सकती है। जैसे जैसे गर्भ में पल रहे शिशु का आकार बढ़ता है, वैसे वैसे पेट दर्द का बढ़ना सामान्य होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह दर्द चिंता का विषय बन सकता है। इस दौरान पेट के अलग-अलग हिस्सों में दर्द हो सकता है और हर हिस्से में होने वाले दर्द का एक अलग कारण होता है, इन कारणों के बारे में हम आपको विस्तार से नीचे बताएंगे। गर्भावस्था में पेट दर्द होने की वजह से आपको उल्टी या फिर कोई और समस्या हो सकती है। इस दौरान आपको ज्यादा समय तक भूखे नहीं रहना चाहिए, कई बार खाली पेट की वजह से भी पेट दर्द होता है, इसलिए थोड़े थोड़े समय के बाद आपको कुछ सेहतमंद और पौष्टिक खाते रहना चाहिए।
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2. गर्भावस्था में पेट दर्द क्यों होता है? (pregnancy me pet dard kyun hota hai)
प्रेगनेंसी की शुरूआत में पेट में हल्का दर्द होता है, जोकि काफी सामान्य है, लेकिन अगर ये दर्द ज्यादा होता है, तो आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। अगर आपको लगातार गर्भावस्था में पेट दर्द हो रहा है, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। गर्भावस्था में पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें से कुछ विशेष कारण नीचे दिये गये हैं।
पेट में गैस और कब्ज (Gas and constipation during pregnancy in hindi) - गर्भावस्था के दौरान गर्भवती के पेट में गैस और कब्ज होना आम है। ऐसा उसके शरीर में होने वाले हॉर्मोनल व शारीरिक बदलावों की वजह से होता है। ऐसे में पेट के निचले हिस्से में दर्द (pregnancy me pet ke nichle hisse me dard) होने के साथ साथ ऊपरी हिस्से में भी दर्द बना रह सकता है।
गर्भाशय का बढ़ना (uterine growth in hindi) - जैसे जैसे प्रेगनेंसी का समय बढ़ता है, वैसे वैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है, ऐसे में गर्भवती के पेट के निचले हिस्से में दर्द (pregnancy me pet ke nichle hisse me dard) होना स्वाभाविक है। कभी कभार इसकी वजह से उसे उल्टियां भी होने लगती हैं।
गर्भपात (Miscarriage in hindi) - गर्भावस्था की पहली तिमाही में अगर आपको पेट में ज्यादा दर्द और रक्तस्राव हो रहा है, तो यह गर्भपात का लक्षण हो सकता है। हालांकि, 100 में से एक गर्भवती के साथ ही ऐसा होने की संभावना होती है। गर्भपात के बाद आपको लगभग 12 महीने तक पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है।
एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic pregnancy in hindi) - गर्भावस्था में पेट दर्द का एक कारण एक्टोपिक गर्भधारण भी होता है। यह गर्भधारण गर्भाशय से बाहर यानी गलत जगह, जैसे अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब में होता है, जिसकी वजह से गर्भवती को पेट में बहुत तेज दर्द होता है। अफसोस की बात यह है कि इस तरह की गर्भावस्था को बचाया नहीं जा सकता है, ऐसे में मां को शारीरिक और मानसिक रूप से काफी तकलीफ झेलनी पड़ती है।
मूत्रमार्ग का संक्रमण (Urinary tract infection In hindi) - गर्भावस्था के दौरान यूरिन इंफेक्शन होने की ज्यादा संभावना होती है। मूत्रमार्ग का संक्रमण होने की वजह से आपको गर्भावस्था में पेट दर्द हो सकता है। इसके साथ ही अगर आपको पेशाब करते समय जलन महसूस हो या पेशाब में खून दिखाई दे तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं, क्योंकि ये किडनी खराब होने के लक्षण भी हो सकते हैं।
पित्ताशय में पथरी का होना (Gall bladder in hindi) -गर्भावस्था में पेट दर्द होने का एक कारण गर्भवती के पित्ताशय में पथरी होना भी हो सकता है। आमतौर पर इसका खतरा उन्हीं महिलाओं को होता है, जो 35 वर्ष या उससे अधिक आयु में मां बनती हैं। पित्ताशय में पथरी होने पर उनके पेट के दायीं तरफ असहनीय दर्द हो सकता है।
प्लेंसटा का टूटना (Placental abruption in hindi) - कुछ दुर्लभ मामलों में गर्भावस्था की दूसरी या तीसरी तिमाही में गर्भवती का प्लेसेंटा उसके गर्भाशय से अलग हो जाता है, ऐसा होने पर उसे पेट में तेज दर्द और रक्तस्राव हो सकता है। यह बहुत ही ज्यादा गंभीर समस्या है, ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
अपेन्डिसाइटिस (Appendicitis in hindi) - गर्भावस्था में अपेन्डिसाइटिस होना बहुत बड़ी समस्या है और इसका इलाज भी काफी मुश्किल होता है। अपेन्डिसाइटिस होने पर गर्भवती के पेट के दाईं तरफ बहुत तेज दर्द होता है, ऐसे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें। पेट दर्द के साथ ही भूख में कमी, उल्टी या जी मिचलाना आदि अपेन्डिसाइटिस के लक्षण हैं।
फ़ूड पॉइजनिंग (Food posioning in hindi) - गर्भावस्था में दूषित या ज्यादा समय तक रखा हुआ खाना खाने की वजह से गर्भवती को फ़ूड पॉइजनिंग हो सकती है। इसकी वजह से उसे गर्भावस्था में पेट दर्द हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए गर्भवती को हमेशा साफ़-सुथरा और ताज़ा भोजन ही करना चाहिए।
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3. क्या गर्भावस्था में पेट दर्द होना नॉर्मल है? (Is abdominal pain normal during pregnancy in hindi)
गर्भावस्था में पेट दर्द होना ज्यादातर मामलों में पूरी तरह से सामान्य होता है, इससे जुडी किसी भी प्रकार की आशंका के निवारण के लिए आपको प्रेगनेंसी में होने वाली सभी जांचें समय पर करवानी चाहिए। अधिकांश महिलाएं गर्भावस्था की पहली तिमाही में पेट में हल्का दर्द व ऐंठन महसूस करती हैं। अगर आपको ज्यादा दर्द महसूस हो तो इसे नज़रंदाज़ न करें और डॉक्टर की सलाह लें। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में गर्भाशय बढ़ने की वजह से पेट में हल्का दर्द और खिंचाव महसूस होना सामान्य है। मगर, इस दौरान पेट में तेज दर्द और योनि से रक्तस्राव होना किसी समस्या के संकेत हो सकता है, इसलिए इस स्थिति में बिना किसी देरी के डॉक्टर से सम्पर्क करें। गर्भावस्था की तीसरी में गर्भवती को पेट में हल्का दर्द और ऐंठन महसूस होना सामान्य है, आमतौर पर गर्भ में बच्चे की हलचल और गर्भाशय के बढ़ने की वजह से ऐसा होता है। अगर आपको इस दौरान पेट में तेज दर्द, पानी की थैली फटना, रक्तस्राव व नियमित गर्भाशय संकुचन जैसे लक्षण महसूस हों, तो यह समयपूर्व प्रसव का संकेत हो सकता है। ऐसे में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
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4.गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द कम करने का घरेलू उपाय क्या है? (pregnancy me pet dard ka ilaj kya hai)
गर्भावस्था में पेट दर्द को कम करने के लिए आप निम्न घरेलू उपाय आज़मा सकती हैं -
गर्भावस्था में पेट दर्द वाली जगह पर गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें।
थोड़े थोड़े समय के बाद कुछ सेहतमंद व पौष्टिक चीजें खाती रहें।
गर्भावस्था में पेट दर्द कम करने के लिए फाइबर युक्त भोजन जैसे - दाल, हरी सब्जियां, सेब, नाशपाती, साबुत अनाज आदि का सेवन करें।
गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर आपको गर्म पानी से नहाना चाहिए, इससे आपको पेट दर्द में काफी आराम मिलेगा, पर ध्यान रहे कि पानी ज्यादा गर्म न हो।
आपको पेट में जिस तरफ दर्द हो, उससे दूसरे वाले हिस्से की तरफ करवट लेकर लेट जाएं, ऐसा करने से आपको आराम मिल सकता है। मगर, इस दौरान पेट या पीठ के बल ना लेटें।
गर्भावस्था में पेट दर्द कम करने के लिए आपको दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।
गर्भावस्था में पेट दर्द से राहत पाने के लिए आप ताजा जूस पी सकती हैं, इससे आपको काफी आराम मिल सकता है।
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बुखार या कंपकंपी होना
योनि से रक्तस्राव होना
योनि से तरल पदार्थ निकलना
लगातार गर्भाशय में संकुचन होना
पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना
उल्टी व चक्कर आना
पेशाब करते समय या पेशाब करने के बाद जलन होना
एक घण्टे आराम करने के बाद भी दर्द बंद न होना
दर्द की वजह से चलने, बोलने या साँस लेने में तकलीफ़ होना
तेज सिरदर्द होना
हाथ-पैरों या चेहरे पर सूजन आना
6. क्या प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने पर दर्द की दवा लेना सही है?

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द होने पर कई महिलाएं दर्द की दवा खा लेती हैं, यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए आपको प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दर्द निवारक या अन्य दवा नहीं लेनी चाहिए। दर्द निवारक दवाएं लेने वाली गर्भवती महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान जटिलताएं पैदा होने का खतरा, अन्य गर्भवतियों की तुलना में सात गुना ज्यादा होता है। डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द की दवा लेने से, गर्भ में पल रहे शिशु का मानसिक विकास ठीक तरह से नहीं हो पाता है और उसमें जन्मजात विकृतियां होने की आशंका बढ़ जाती है। पढ़े - प्रेगनेंसी में सेक्स कैसे करना चाहिए (pregnancy me sex karne ka sahi tarika)
7. प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने पर ध्यान रखने वाली बातें (pregnancy me pet dard hone per sawdhani)
गर्भावस्था में पेट दर्द की होने पर अक्सर गर्भवती बाम का सहारा लेती है, लेकिन यह प्लेसेंटा के जरिए शिशु तक आसानी से पहुंच सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना प्रेगनेंसी में पेट पर बाम न लगाएं।
आपको एक ही बार में अधिक खाना नहीं खाना चाहिए। इसके बजाय नियमित अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक चीजें, जैसे - फल, सलाद, सूखे मेवे, दही आदि, खाती रहें। पेट में दर्द होने के दौरान आपको घरेलू कामकाज नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है।
इस दौरान आपको सफर करने से भी बचना चाहिए। पेट दर्द में राहत के बाद ही सफर करेें।
गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर पेट की मालिश नहीं करनी चाहिए। मालिश करना अगर जरूरी है तो बहुत ही हल्के हाथों से करें, वरना बेबी को नुकसान पहुंच सकता है।
पेट दर्द होने पर आपको करवट लेकर लेटना चाहिए। इस दौरान सीधे लेटने पर पीठ पर दबाव पड़ने के वजह से आपको कमर व पीठ में दर्द होने की आशंका होती है।
गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर कुछ लोग व्यायाम करने की सलाह देते हैं, लेकिन आपको इससे बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट में ज्यादा खिंचाव हो सकता है और बच्चे को चोट लग सकती है।आमतौर पर सभी गर्भवतियों को प्रेगनेंसी के दौरान कभी न कभी पेट दर्द होता है, ऐसा होना सामान्य है। ब्लॉग में बताए गए उपायों से इसे कम किया जा सकता है। अगर आपको पेट में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है या आपको अपने स्वास्थ्य से जुडी कोई आशंका है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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