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चेतावनी संकेत जो बताते हैं, आपको कोलन की समस्या हो सकती है

चेतावनी संकेत जो बताते हैं, आपको कोलन की समस्या हो सकती है

पाचन से जुड़े कुछ लक्षण आम हो सकते हैं। पर ये आपके स्वास्थ्य को खतरे में भी डाल सकते हैं। कोलन की समस्याओं के बारे में ज्यादा जानने के लिए यह लेख पढ़ें।


कोलन कैंसर अपनी विकसित अवस्था में जो लक्षण दर्शाता है उनमें आंतों की गतिविधि में बदलाव और पेट का दर्द शामिल हैं। यहाँ हम बताएँगे कि कोलन की समस्या कैसी होती है और उनके चेतावनी संकेत क्या हैं। इन संकेतों से आप उन्हें जल्दी पहचान सकेंगे और उचित इलाज करेंगे।
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रम के बारे में आपको क्या जानना चाहिए


एक चौथाई से ज्यादा आबादी को कोलन की समस्या होती है और यह संख्या बढ़ती जा रही है।


इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रम (Irritable Bowel Syndrome) या IBS महिलाओं में बहुत आम है। यह सिर्फ डाइट से ही नहीं बल्कि तनाव, चिंता और डर से भी जुड़ा होता है।

यह अवस्था “फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसॉर्डर्स” (functional gastrointestinal disorders) या पेट और आंतों की कार्य-संबंधी गड़बड़ियों के ग्रुप में शामिल है। इसमें आपको कब्ज और अपच भी हो सकती है।


ये सभी क्रॉनिक सिम्पटम हैं। ये अक्सर तब दिखाई देते हैं, जब जख्म पहले ही विकसित और गंभीर बन चुका होता है।


कोलन की समस्या युवा वयस्कों (45 वर्ष से कम उम्र) में दिखाई दे सकती है।
आपकी रोजाना की आदतें स्थिति में सुधार ला सकती हैं या इसे और भी खराब कर सकती हैं 
उदाहरण के लिए हरी पत्तेदार, फलीदार या आलूबुखारे (plums) जैसे खाद्य वास्तव में स्थिति को और भी खराब कर सकते हैं। 
डेयरी उत्पादों और साइट्रस फलों का भी हद से ज्यादा सेवन नहीं किया जाना चाहिए। 
कहा जा सकता है कि गैस पैदा करने वाले किसी भी खाद्य को डाइट से निकाल देना चाहिए, जैसे पत्तागोभी और बीन्स। 


दूसरी ओर फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य हमेशा मदद कर सकते हैं : 
मेडिटेरेनियन डाइट हेल्दी डाइट का एक अच्छा उदाहरण है। इसमें भरपूर मछली, ऑलिव ऑयल और टमाटर मौजूद रहते हैं। 
इंटेस्टाइनल इरिटेशन कम करने के लिए रोजाना 8 कप पानी पीना भी जरूरी है। इससे खाद्य आगे बढ़ाने में और कब्ज से बचने में मदद मिलती है। 
अवश्य ही आंतों की गतिविधि में सुधार करने और तनाव या चिंता कम करने के लिए व्यायाम भी बहुत जरूरी है। 

पाचन गतिशीलता और संवेदनशीलता बदलने के लिए मनोवैज्ञानिक कारण भी भूमिका निभा सकते हैं।


इसलिए यदि आप तनाव में, घबराए हुए या चिंतित रहते हैं, तो आपको आंतों से जुड़ी समस्याएं होने की ज्यादा संभावना है।


कोलन की समस्या इन कारणों से भी हो सकती है : 
गंभीर स्टमक फ्लू 
भोजन से एलर्जी 
जेनेटिक कारण 
हॉर्मोन के बदलाव 
कोलन की समस्या और उनके लक्षण

हम इन संकेतों को अक्सर अपच, ज्यादा भोजन कर लेना या व्यस्त और तनाव भरे दैनंदिन जीवन जैसी स्थितियों से जोड़ लेते हैं।


फिर भी यदि ये लक्षण सप्ताह में एक बार से ज्यादा दिखाई दें और अपवाद नहीं बल्कि नियम में बदल जाएँ तो आपको अत्यंत सतर्क हो जाना चाहिए।
1. पेट का दर्द ( Abdominal pain)



यह दर्द पेट के निचले भाग में होता है और पेट में मरोड़ जैसा महसूस होता है। दूसरे शब्दों में, यह तेज और यंत्रणादायक होता है।


पेट का दर्द हौले से शुरू होता है और तब इसकी प्रखरता बढ़ जाती है (मध्यम से शुरू होता है और बाद में जोर हो जाता है)।

यह लक्षण लगभग 2 घंटे या उससे कम रहता है। बॉवेल मूवमेंट होने पर बेहतर महसूस होता है।


इस दर्द की शुरुआत में शौचालय जाने की जरूरत महसूस होती है या बॉवेल मूवमेंट की बारंबारता में बदलाव होते हैं या स्टूल के गाढ़ेपन में बदलाव होता है।


यह किसी विशेष खाद्य को खाने से भी जुड़ा हो सकता है।
2. आंतों की गतिशीलता में गड़बड़ी (Issues with intestinal movement)


ये दस्त या कब्ज के रूप में या दोनों की मिलावट के रूप में दिखाई दे सकती हैं।


इन समस्याओं के परिणाम के रूप में आपको महसूस हो सकता है कि बॉवेल मूवमेंट पूरा नहीं हुआ है या स्टूल में म्यूकस दिखाई दे सकता है।
3. पाचन समस्याएं

बार-बार उबकाई आना, उल्टी होना या जलन महसूस होना भी कोलन समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।


एक दूसरा संकेतक भी है जो ध्यान में रखने लायक है। वह है, जितना भोजन करने पर आपका पेट भर जाना चाहिए उतना खाने पर पेट भरा नहीं महसूस करना।
इसे भी पढ़िए : 10 खाद्य जो आपका मूड सुधारने और डिप्रेशन से लड़ने में मदद करते हैं।


कोलन कैंसर के चेतावनी संकेत


कोलन की समस्या अच्छे डाइट और तनाव कम करते हुए ठीक की जा सकती है। वहीं आपको कैंसर जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियों को खारिज भी करना चाहिए।


कोलन कैंसर के कुछ लक्षण हैं :
1. पेट में मरोड़ (Abdominal cramps)


ज्यादा भोजन कर लेने पर मरोड़ उठना बहुत सामान्य है।


फिर भी, यदि ये बिना किसी दूसरे लक्षण के लंबे समय तक होती रहती हैं और इनकी प्रखरता बढ़ती जाती है, तो यह कोलन कैंसर हो सकता है।
2. थकान (Fatigue)


यह सच है कि आज की दुनिया में थकान होना एक सामान्य चीज है।

फिर भी, खूब सोने और दिन की सक्रियता कम होने के बावजूद यदि आप हमेशा निष्क्रिय, आलसी बने और ऊँघते रहते हैं, तो यह एक चेतावनी संकेत है।
3. अकारण वजन कम होना (Unexplained weight loss)

यदि आप किसी डाइट पर नहीं हैं और आपने अपना खानपान नहीं बदला है और आपका वजन कम हो रहा है, तो आपको कोलन की समस्याएं हो सकती हैं। आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।

6 महीने में शरीर का वजन कम से कम 5% कम हो जाना एक संकेत है कि कुछ गड़बड़ है।

कैंसर कोशिकाएँ बढ़ने के लिए संचित फैट का इस्तेमाल करती हैं और जब आपका इम्यून सिस्टम किसी चीज से लड़ रहा है तब भी यह ज्यादा कैलोरी जलाता है। 
4. स्टूल में बदलाव ( Changes in stool)


स्टूल में रक्त दिखाई देना या इसके रंग, आकार या आकृति में बदलाव एक संकेत है जिसकी अनदेखी आपको नहीं करनी चाहिए।

यदि आपकी आंत में पोलिप्स (polyps) हैं तब भी आपको इन बदलावों पर निगरानी रखनी चाहिए क्योंकि समय के साथ वे कैंसरकारी हो सकते हैं।

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