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वजाइनल ड्राइनेस के कारण और लक्षण


वजाइनल ड्राइनेस के कारण और लक्षण

सेक्स के लिए पुरूषों का जितना यौन स्वस्थ होना जरूरी होता है। उतना ही महिलाओं की यौनी का भी स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। लेकिन देखा गया है कि कई महिलाएं अपने शारीरीक और यौन स्वास्थ्य को अनदेखा कर देती हैं। महिलाओं की यौनी में कोई भी परेशानी होना या फिर यौनी में सुखापन होने से महिलाओं और पुरूष दोनों को संभोग के बाद आनन्द की अनुभूति नहीं हो पाती है।

महिलाओं की यौनी में चिकनाई गर्भाश्य ग्रीवा के द्वारा बनती है जो की कई प्रकार के आवश्यक कार्य जैसे की यौनी को संक्रमण से बचाना, संभोग के दौरान मदद करना, यौनी को स्वच्छ बनाए रखना आदि कार्य करती है। लेकिन यौनी में चिकनाई ना होने की वजह से यौनी में सुखापन आ जाता है। इससे पुरूष हो या महिला संभोग का आनंद नहीं ले पाते हैं और सेक्स के समय महिलाओं को दर्द भी होने लगता है।
वैसे तो यौनी में सुखापन होने की कई वजह होती हैं। जैसे महिलाओं के हार्मोन्स में परिवर्तन होना, किसी दवा का दुष्प्रभाव पड़ना, चिंता और मानिसक तनाव आदि। इन सभी कारणों से भी यौनी में चिकनाहट कम हो जाती है और सुखापन आ जाता है। आज हम आपको यौनी में सुखापन होने के कारण, लक्षण और इसके सही तरीके से इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं।
आमतौर पर यौनी में लुब्रीकेंट (चिकनाई) के ना होने और सुखापन होने के कई लक्षण होते हैं, जैसे
1. यौनी में ढीलापन आ जाना
2. यौनी में जलन और खुजली होना
3. यौनी के आसपास के स्तर का पतला होना और सुखापन लगना
4. संभोग के दौरान दर्द होना
यौनी में सुखापन होने के कई कारण होते हैं। जैसे हार्मोनल परिवर्तन, मनोवैज्ञानिक परिवर्तन आदि। तो चलिए जानते हैं वजाइनल ड्राइनेस के कारण-
1. यौनी में जलन
यौनी में सुखापन होने से कई महिलाओं की यौनी के पास किसी भी वस्तु जैसे साबुन, डाई, परफ्यूम, डिटर्जेंट आदि से एलर्जी और जलन महसूस होने लगती है और कभी-कभी तो अंडरवियर और टॉवल से भी एलर्जी होने लगती है।
2. हार्मोन्स में परिवर्तन
एस्ट्रोजन एक हार्मोन्स है जो कि यौनी के ऊत्तकों को स्वस्थ रखने का काम करता है। यह हार्मोन्स यौनी में लुब्रिकेंट, एसिडिटी लेवल और इलास्टिसिटी को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन जब एस्ट्रोजन के लेवल में कमी आती है तो यौनी में लुब्रिकेंट की कमी, यौनी में ढीलापन जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

लेकिन आपको बता दें कि प्रसव के समय, मासिक धर्म के समय, स्तनपान कराने के समय इस हार्मोन्स में कमी आ जाती है। इसके अलाव अगर महिलाएं किसी भी कैंसर के ईलाज के लिए रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी या फिर किसी अन्य दवाओं का भी इस्तेमाल करती है तो एस्ट्रोजन हार्मोन्स में परिवर्तन आ जाता है।

3.दवाओं के इस्तेमाल से
यदि महिलाएं बाजार से खरीदे गए वजाइनल क्लींजर का भी उपयोग करती हैं तो क्लींजर की वजह से भी यौनी के नेचुरल बैलेंस पर प्रभाव पड़ता है जो कि यौनी में सुखापन का कारण बनता है।
4. अपर्याप्त कामोत्तेजना
यदि महिला के साथी में अपर्याप्त कामोत्तेजना होना जैसे कभी बहुत बल के साथ, तेजी से या फिर कभी बहुत कम संभोग का प्रदर्शन भी यौनी में सुखेपन की कमी का कारण बनता है।

5. चिंता और तनाव
चिंता और तनाव की वजह से भी महिलाओं की यौनी में लुब्रीकेंट की कमी हो जाती है। डॉक्टर की माने तो जब महिलाओं को बहुत अधिक चिंता या फिर तनाव रहता है तो उनकी यौनी में सही तरह से रक्त का प्रवाह नहीं हो पाता है। जिससे लुब्रीकेंट भी सही तरह से नहीं बन पाती है। और यही वजह है कि यौनी में सुखापन आ जाता है।
महिलाओं की यौनी में सुखेपन का उपचार
महिलाओं की यौनी में सुखेपन के कई प्रकार के उपचार भी हैं जिनकी मदद से स्नेहक के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन यौनी में सुखेपन का इलाज, इसके कारण और लक्षणों को पहचानने के बाद ही किया जाता है।

स्ट्रोजन थेरेपी- वह महिलाएं जिनमें एस्ट्रोजन के लेवल में परिवर्तन के कारण यौनी में सुखापन है उनके लिए स्ट्रोजन थेरेपी सही इलाज होती है। इसके अलावा कई क्रीम, स्कीन पैच, घरेलू उपायों को अपनाकर भी यौनी में नमी को बनाए रखा जा सकता है।

लुब्रीकेंट्स- लुब्रीकेंट सिलिकन, पानी और तेल युक्त पदार्थ होता है जिससे कि संभोग के दौरान दर्द और खुजली नहीं होती है और आनन्द की प्राप्ति होती है।
मॉश्चराइजर- बाजार में कई प्रकार के मॉश्चराइजर्स मिलते हैं जिनका प्रयोग लुब्रीकेंट के लेवल को बढ़ाने में किया जाता है।

वैसे आप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर भी यौनी में नमी ला सकती हैं। यहां जाने यौनी में नमी लाने के घरेलू तरीके
1. शरीर और यौनी में पानी की कमी ना होने के लिए रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।

2. एक गिलास पानी में एक चम्मच मैथी के बीज को 10 से 15 मिनट के लिए पानी में उबाल लें। इसके बाद इस पानी का सेवन करें। यह हमारे शरीर के सिस्टम को सही तरह से बनाए रखने और संभोग करने की इच्छा को भी बढ़ाने में मदद करता है।

3. यौनी में सुखेपन को दूर करने के लिए एलोवेरा जैल के साथ, केसर और अश्वगंधा दूध को समान अनुपात में मिलाएं और सेवन करें। सुखेपन की समस्या दूर हो जाएगी।

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