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रोजाना ये 5 योग करेंगी तो मानूसन में नहीं सताएगा अर्थराइटिस


रोजाना ये 5 योग करेंगी तो मानूसन में नहीं सताएगा अर्थराइटिस

अर्थराइि‍टस हडि्डयों के जोड़ों से जुड़ी बीमारी है जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्‍यादा परेशान करती हैं। अर्थराइटिस ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के जोडों और मसल्‍स पर असर पड़ता है। पहले अर्थराइटिस को बढ़ती उम्र की समस्‍या माना जाता था लेकिन आजकल इस समस्‍या से बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और बच्चे भी परेशान है। तेज रफ्तार जिंदगी में डाइट और एक्‍सरसाइज पर ध्‍यान न दे पाना इस रोग की सबसे बड़ी वजह है। इसके अलावा एसी कमरों में लगातार बैठकर काम करना और ज्यादा देर तक टीवी देखने से घुटनों के जोडों में जकडन होने से भी अर्थराइ‍टिस रोग हो सकता है। हालांकि यह बीमारी सर्दियों में ज्‍यादा तकलीफ देती है लेकिन मानूसन में जोड़ों का दर्द बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। क्योंकि इस मौसम में ब्‍लड सर्कुलेशन कम होने से जोड़ों में अकड़न आ जाती हैं और उनमें दर्द होने लगता है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्‍योंकि कुछ योगासन करके आप अर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पा सकती है। आइए जानें कौन से हैं ये योगासन।


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प्राणायाम
प्राणायाम



नाड़ीशोधन प्राणायाम अत्यंत लाभदायक है। देखिए इसकी विधि और इसके फायदे... 

आज सुबह की मैंने स्‍वामी रामदेव को कहते सुना था कि रोजाना प्राणायाम करने से आप किसी भी बीमारी को आसानी से हरा सकती हैं। और यह बात सही हैं और बहुत सारे लोगों ने महसूस भी की हैं। रोजाना प्राणायाम करने से आप जोड़ों के दर्द से भी राहत पा सकती हैं। इसे करने के लिए बाएं नाक को दबाकर दाहिने नाक से सांस को अंदर करके दोनों नाकों से सांस को बाहर निकालना चाहिए। अर्थराइटिस से परेशान लोगों को रोजाना सुबह के समय किसी पार्क में जाकर ताजी हवा में कम से कम 10 मिनट प्राणायाम करना चाहिए। अगर आपको इसे करने का सही तरीका नहीं आता है तो पीएम मोदी जी के इस वीडियो को देखकर सीखें।
सर्वांगासन


इस योग को तो मैं भी रोजाना करती हूं और इसे करने से मुझे दिन भी एक्टिव महसूस होता है। ना केवल एक्टिव बल्कि इसे करने से आप पेट के रोगों से बची रह सकती हैं और कब्‍ज और गैस अर्थराइ‍टिस का सबसे बड़ा कारण है। जी हां इसे रोजाना 5 मिनट करने से पेट के विकारों से मुक्ति मिलती है और अर्थराइटिस की समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगती है।
भुजंगासन

भुजंगासन


भुजंगासन नियमित रूप से करने पर पीठ दर्द में आराम मिलता है। इस आसन के कई सारे फायदे हैं। 

भुजंगासन जिसे सर्पासन के नाम से भी जाना जाता है इसे करने से पेट की सभी समस्‍याओं के साथ-साथ अर्थराइटिस के दर्द को भी दूर किया जा सकता है। जी हां अर्थराइटिस के मरीज के लिए सर्पासन बहुत ही फायदेमंद होता है। इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं, फिर अपने दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएं। दोनों पैरों के पंजों को साथ में रखें। अब माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े। शरीर के अगले हिस्‍से को बाजुओं के सहारे उठाएं। बॉडी को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें। अगर आपको इसे करने का सही तरीका नहीं आता है तो पीएम मोदी जी के इस वीडियो को देखकर सीखें।


पवन मुक्तासन

पवन मुक्तासन


पवन मुक्तासन जैसे की नाम से ही पता चलता है कि इस आसन को करने से पेट से गैस पास होती है और डाइजेशन अच्‍छा रहता है। इसके अलावा पवन मुक्तासन भूख को बढाता है। अर्थराइटिस के मरीज के लिए यह योग बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा पवन मुक्तासन रीढ की हड्डी को मजबूत बनाता है। इसे करने से लीवर, किडनी, और ब्‍लैडर एक्टिव हो जाता हैं जिससे थकान और सुस्ती दूर होती है।

मत्‍स्‍यासन
अर्थराइटिस के रोगी को मत्‍स्‍यासन करने से भी बहुत फायदा मिलता है। इस आसन से पेट की सभी मसल्‍स की एक्‍सरसाइज हो जाती है। जिससे पेट में गैस और कब्ज की समस्या नहीं होती है। इसे करने के लिए दण्डासन में बैठकर दाएं पैर को बाएं पैर पर रखकर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अब हाथों का सहारा लेते हुए पीछे की ओर अपनी कोहनियां टिकाकर लेट जाएं। पीठ और चेस्‍ट ऊपर की ओर उठी तथा घुटने जमीन पर टिके होने चाहिए। अब अपने हाथों से पैर के अंगूठे पकड़ें। आपकी कोहनी जमीन से लगी होनी चाहिए। इस आसन को करने से भी आप अर्थराइटिस के दर्द को दूर कर सकती हैं। लेकिन बहुत ज्‍यादा दर्द होने पर योगासन करने से बचना चाहिए। 

इन योगासन को करके आप मानसून में भी अर्थराइटिस के दर्द और सूजन को दूर कर सकती हैं।

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