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अनसुनी रोचक बाते

पहली बार शारीरिक संबंध बनाने में लड़के करते हैं ये दो गलतियां

आजकल शारीरिक संबंध हर किसी के लिए आम बात हो गई है और सेक्स के बारे में बातें भी आजकल खुलकर होने लगी है। लड़के सेक्स में कितने भी परफेक्ट हों लेकिन पहली बार अगर सेक्स करने जा रहे हैं तो दो गलतियां जरूर करते हैं। इसी के कारण कई लड़कियां सेक्स करने से कतराती हैं। 

कंडोम का इस्तेमाल न करना
अगर सेक्स कर रहे हैं तो बिना कंडोम के ही करें। वो ऐसे ही सेक्स को ज्यादा एन्जॉय करना चाहते हैं। कुछ लड़कों को मेडिकल कंडोम लेने में भी शर्म आती है जिसके कारण वो बिना कंडोम के सेक्स कर लेते हैं। लेकिन बिना कंडोम के संबंध बनाने से महिला को अनचाहे गर्भ का खतरा ज़्यादा रहता है।

एडल्ट वीडियो की नक़ल करना
जब भी सेक्स करते हैं वो एडल्ट वीडियो की तरह ही पोजीशन करने की कोशिश करते हैं जो कि नहीं करना चाहिए। ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाये जाते हैं जिनकी नकल करना गलत है।

ओरल सेक्स हो सकता है 'जानलेवा', हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां


बहुत से कपल ऐसे हैं जो ओरल सेक्स को ही सबसे रोमांचक मानते हैं और इसके बिना अपनी सेक्स लाइफ को अधूरा समझते हैं, लेकिन शायद ही वे जानते हैं कि ऑरल सेक्स अपने साथ कितनी परेशानियां और खतरे लेकर आता है।

माना कि ऑरल सेक्स मिस्र से लेकर ग्रीस, रोम और भारत में पुरातन काल में आजमाया गया और इसका जिक्र 'कामसूत्र' किताब में भी किया गया है, लेकिन यह समझने की भी ज़रूरत है कि हर सेक्शुअल ऐक्ट का एक सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं ओरल सेक्स से क्या है खतरा....

अगर कोई व्यक्ति पहले से एचआईवी या सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज़ यानी STD से संक्रमित है तो उस व्यक्ति के साथ किसी भी तरह का शारीरिक संपर्क नहीं रखना चाहिए। किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ ओरल सेक्स करने से दूसरे व्यक्ति तक भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।

मसूड़ों से खून आना, मुंह में लगी किसी तरह की चोट और मुंह के छाले की वजह से भी ओरल सेक्स के दौरान HIV या STD जैसी बीमारियों के संक्रमण का खतरा रहता है। इन बीमारियों के वाइरस और बैक्टीरिया शरीर पर लगी चोट, घाव, फोड़ा या श्लेष्मा झिल्ली के जरिए भी फैल सकते हैं।

अगर आपको शरीर में किसी तरह की दाद-खाज या खुजली महसूस हो रही हो तो अपने पार्टनर के साथ किसी भी तरह का शारीरिक संबंध बनाने से बचें क्योंकि दाद बड़ी आसानी से गुप्तांग से मुंह तक पहुंच सकता है।



जानें महिलाओं की छाती किस तरह बयां करती है उनकी पर्सनालिटी और राज!

जैसे ज्योतिष हमारे शरीर का अंग देखकर हमारा व्यवहार बताते है ठीक उसी प्रकार ज्योतिष विद्या के अनुसार स्त्री की छाती अथवा स्तन देखकर उसकी पर्सनालिटी के बारे में पता लगाया जा सकता है। आज हम स्त्री की छाती पर चर्चा करेंगे। यानी आप किसी भी स्त्री की छाती अथवा स्तन देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन कर सकेंगे। आइये जानते हैं कि महिलाओं की छाती किस तरह बयां करती है उनकी पर्सनालिटी के बारे में.....

छाती पर हल्के बाल हों
जिस स्त्री के छाती पर हल्के बाल हों, वह स्त्री अनेक पुरूषों के साथ रमण करने वाली होती है। ऐसी स्त्रियां अपने परिवार व पति के प्रति छल-कपट करने में संकोच नहीं करती है। ये झूठ बोलने में भी माहिर होती है। इन्हे दिखावे में ज्यादा विश्वास होता है।


छाती उंची व पुष्ट हो
जिस स्त्री की छाती उंची व पुष्ट हो, वह स्त्री अनेक प्रकार के सुखों को भोगने वाली होती है एंव धनधान्य व ऐश्वर्य से परिपूर्ण होती है। ऐसी स्त्रियां अपने पति को सुख देने वाली होती है। समाजिक कार्यो में भी इनकी रूचि होती है।

दबे हुए और छोटे निप्पल वाले स्तन हों तो
जिन महिलाओ के ब्रैस्ट दबे हुए होते है अथवा ब्रैस्ट को छोटे निप्पल होते है वो स्त्रियां हर काम मन लगाकर करती हैं। ये महिलाए हमेशा अपने आप में यह सोचती रहती हैं कि उनका अगला कदम क्या होना चाहिए।


छाती आगे की ओर झुकी हुई हो
जिस स्त्री की छाती आगे की ओर झुकी हुई हो, वह उस स्त्री के अधिक भाई-बहन होने की सम्भावना होती है। ये स्त्रियां अपने पति की सेवा करने में तत्पर रहती है।
छाती चौड़ी हो
जिस स्त्री की छाती चैड़ी होती है, वह स्त्री साहसी, अहंकारी व क्रोधी स्वभाव वाली होती है। ये परिवार पर अपना सिक्का चलाने का प्रयास करती रहती है। ये प्रत्येक कार्य अपने स्वहित के लिए ही करती है।


छाती लाल रंग की
जिस स्त्री की छाती लाल रंग की या फिर एकदम काले रंग की होती है, वह स्त्री सुन्दर व अधिक पुत्रों को जन्म देने वाली होती है। ये सांसरिक छल-प्रपंचो से दूर रहना ही पसन्द करती है। ये अपने कार्यो के द्वारा सबको खुश रखने का प्रयास करती है।

स्तन सुडौल और टाइट हुए तो
लड़की के स्तन सुडौल टाइट और एक जगह पर स्थिर रहने वाले हों तो वो लड़की बहुत मेहनती होती हैं और दिमाग बहुत तेज चलता है। ये लड़की अच्छी पत्नी बन सकती है ।घर की सारी जिम्मेदारिया लेने में काबिल होती है।

छाती अन्दर की ओर दबी हुई
यदि किसी स्त्री की छाती अन्दर की ओर दबी हुई हो, वह स्त्री कड़क स्वभाव वाली तथा रोगी होती है। ऐसी स्त्रियां धन के मामलें में काफी चालाक होती है। ये अपने करियर को लेकर काफी सजग रहती है।

एक वक्ष छोटा एक बड़ा
यदि किसी स्त्री के दोनो में से एक स्तन छोटा एक बड़ा है तो वह धनहीन तथा नकारात्मक सोच रखती है। ऐसी स्त्रियों की मौत शस्त्र से प्रहार करने पर होती है।





प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो यह है संबंध बनाने का बेस्ट समय


अगर आप भी अपनी फैमिली बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं और प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी बॉडी किस तरह से काम करती है। फिर चाहे वह आपका पीरियड साइकल हो या फिर उन दिनों के बारे में जब आपकी बॉडी सबसे फर्टाइल है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि गर्भधारण के लिए सेक्स करने का सबसे सही समय कौन सा है...


गर्भधारण करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी मेन्स्ट्रुअल साइकल जिसे पीरियड्स साइकल भी कहते हैं का सही-सही हिसाब रखें। इसके लिए आप चाहें तो कैलेंडर में मार्क करने का पुराना तरीका भी इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर ढेरों ऐप्स मौजूद हैं जो आपके पीरियड्स साइकल को ट्रैक करने और उनका सही-सही हिसाब रखने में आपकी मदद कर सकते हैं।


ऑव्यूलेशन यानी अंडोत्सर्ग के एक या दो दिन के अंदर प्रेग्नेंट होना सबसे बेस्ट समय माना जाता है। तो आखिर क्या है ऑव्यूलेशन? जब ओवरी यानी अंडाशय से अंडा बाहर आता है तो उसे ऑव्यूलेशन कहते हैं और यह आमतौर पर पीरियड्स आने के 14 दिन पहले होता है।

अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं तो मेन्स्ट्रूअल साइकल के साथ-साथ आपको अपनी ऑव्यूलेशन डेट्स का भी ध्यान रखना चाहिए। वैसे तो कई ऐप्स भी मौजूद हैं जो आपके ऑव्यूलेशन डेट्स की जानकारी रख सकते हैं लेकिन कुछ सामान्य लक्षण भी हैं जिनसे आपको पता चल सकता है कि आप ऑव्यूलेट कर रही हैं या नहीं। क्योंकि ऑव्यूलेशन वाले दिनों में सेक्स करने से ही प्रेग्नेंट होने के चांसेज सबसे ज्यादा होते हैं।

यहां जानिए ऑव्यूलेशन के 5 सामान्य लक्षण
1. बहुत सी महिलाएं जब ऑव्यूलेट कर रही होती हैं तो उन्हें ब्रेस्ट में दर्द और सूजन महसूस होती है।

2. जब आपकी सेक्स ड्राइव बढ़ जाती है तो इसका मतलब है कि आपका ऑव्यूलेशन पीरियड चल रहा है।

3. ऑव्यूलेशन के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज स्लिपरी, स्ट्रेची और ज्यादा पानी जैसा हो जाता है।

4. पीरियड्स के 14 दिन पहले अगर पीठ के निचले हिस्से में और पेट में दर्द होने लगे तो इशका मतलब है कि ऑव्यूलेशन नजदीक है।

5. ज्यादातर महिलाओं में ऑव्यूलेशन के दौरान सूंघने की क्षमता बढ़ जाती है



लड़कियों में बड़े ब्रैस्ट नहीं, रिलेशनशिप के लिए ये चीज़ देखते हैं पुरुष

महिलाओं में पुरुषों को क्या ज्यादा अच्छा लगता है, उनकी समझदारी या फिर उनके बड़े ब्रेस्ट? एक ब्रिटिश बायॉलॉजिस्ट के मुताबिक पुरुष हमेशा समझदारी को चुनते हैं। हां, सीधी टांगें भी उन्हें पसंद आती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि समझदारी से पुरुष इस बात का अंदाजा लगाते हैं कि महिला मां के तौर पर कैसी होगी।


केंब्रिज यूनिवर्सिटी के डेविड बेनब्रिज ने बताया, 'मुख्य तौर पर तो पुरुष समझदारी ही खोजते हैं। सर्वे के जरिए यह बात बार-बार साबित हुई है कि महिलाओं में समझदारी पहली चीज होती है जिसे पुरुष खोजते हैं। बेनब्रिज के अनुसार यह भी एक भ्रम ही है कि पुरुषों को बड़े ब्रेस्ट हमेशा पसंद आते हैं।

उन्होंने कहा, 'पुरुष यौवन को पसंद करते हैं इसलिए हो सकता है कि उन्हें बड़े ब्रेस्ट पसंद न आएं क्योंकि उनकी वजह से महिलाएं जल्दी उम्रदराज दिखने लगती हैं। जहां तक टांगों की बात है तो पुरुषों को लंबाई से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, बस टांगें सीधी होनी चाहिए।

मुड़ी हुईं या टेढ़ी-मेढ़ी टांगें पुरुषों को पसंद नहीं आतीं क्योंकि वे विकास से जुड़ी बीमारियों का संकेत होती हैं। लेकिन पुरुषों को कर्व पसंद आती हैं और भरे हुए हिप्स भी।

इन जगहों पर भरपूर मांस का अर्थ यह है कि महिला ने अपने शुरुआती सालों में इतनी चर्बी जमा कर ली है कि वे अपने गर्भ में बच्चे को सही मात्रा में सप्लाई कर सकें। बेनब्रिज कहते हैं कि पुरुषों की पसंद महिला के स्वस्थ होने पर आधारित होती है और उन्हें जो गुण पसंद आते हैं उनका आधार भी स्वास्थ्य ही होता है।






सुबह के समय क्यों होता है लिंग उत्तेजित? जानें कारण
किशोरावस्था की शुरुआत से ही सुबह उठने पर लिंग में उत्तेजना का एहसास होने लगता है। अभी तक यह तर्क दिया जाता था कि पेट में बिना पचा भोजन पड़ा रहे तो लिंग उत्तेजित हो जाता है जबकि यह पूरा सच नहीं है। जानिए लिंग उत्तेजना वजह...

सेक्स की भावनाओं के कारण आई लिंग उत्तेजना तथा दूसरी नींद में रैपिड आई मूवमेंट(आरईएम ) के दौरान या गहन स्वप्न की अवस्था में। पुरुषों को अक्सर आरईएम से संबंधित इरेक्शन होता है। इस तरह का इरेक्शन दिमाग के जिस् हिस्से के सक्रिय होने के कारण सामने आता है, वह सेक्सुअल इरेक्शन के मौके पर निष्क्रिय रहता है।

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो दोनों में इरेक्शन ही एक मात्र समानता है। महिला पार्टनर को इस तरह का इरेक्शन देखकर कन्फ्यूजन होता है। वह तो यही जानती है कि इरेक्शन का सीधा संबंध सेक्स से है। वह यह सोच कर दुःखी हो जाती है कि पार्टनर को रात में पूरा यौन सुख हासिल नहीं इसलिए सुबह इरेक्शन हो गया है।

सुबह की उत्तेजना में सेक्स की भावना का अभाव होने के बावजूद यह सेक्स के दौरान होने वाली उत्तेजना से कहीं सख्त एवं प्रभावशाली होता है। इसे मनोवैज्ञानिक 'मॉर्निंग वुड' भी कहते हैं। इस अवस्था में किया गया सेक्स भावना विहीन मालूम पड़ता है।

अधिकांश पुरुषों का मानना है कि यह आसानी से शिथिल भी नहीं होता। इन्हें लेकर पुरुष अक्सर परेशान ही होते हैं क्योंकि यह बिन बुलाए मेहमान की तरह आ टपकता है और आसानी से किसी मंजिल तक भी नहीं पहुंचता।



ऐसा सेक्स लड़कियों के लिए बन सकता हैं परेशानी का कारण!

सेक्स किसी भी रिलेशनशिप का अहम हिस्सा होता है। सेक्स से दो लोगों के बीच प्यार और भी बढ़ता है और दोनों का रिश्ता मजबूत होता है। कई बार शुरुआती स्टेज में कपल के बीच का सेक्स नंबर काफी हाई हो जाता है, लेकिन इससे उस रिश्ते में शामिल लड़की को कई परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। अगर अधिक बार सेक्स कर लिया जाये तो लड़कियों को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ती है।

दरअसल, ज्यादा सेक्स से महिलाओं को प्राइवेट पार्ट में जलन या सूजन की शिकायत हो सकती है। स्किन ज्यादा रब होने के कारण होने वाली जलन बैठने की प्रक्रिया में परेशानी बन सकती है। साथ ही में चलने के दौरान भी यह मुश्किल पैदा करेगा। वहीं वजाइना के आसपास के हिस्से के सूजने से भी दर्द होता है।


जब प्राइवेट पार्ट में ये सब परेशानियां एक साथ हों तब महिलाओं के लिए स्थिति काफी मुश्किल भरी हो जाती है। वहीं ज्यादा सेक्स महिलाओं में यूरिनेरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई की समस्या होने के चांस भी बढ़ा देता है।

यह इंफेक्शन तब होता है जब यूरिनेरी ट्रैक्ट के जरिए बैक्टीरिया यूट्रस और फिर ब्लैडर में चला जाता है, जहां इसकी संख्या बढ़ जाती है। इस संक्रमण के होने से महिलाओं को काफी दर्द होता है, जो सिर्फ दवाइयों से ही ठीक हो पाता है। ज्यादा सेक्स आपकी लोअर बैक पर प्रेशर बढ़ाता है, इससे वहां दर्द होने लगता है।

यदि इसका ध्यान नहीं रखा जाए तो दर्द बढ़ सकता है और डॉक्टर तक को दिखाने की नौबत आ सकती है। बैक टू बैक सेक्स आपको मजा तो दे सकता है लेकिन इसके कारण आपकी मसल्स पर बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है जो क्रैंप का कारण बन सकता है। इसके बाद आप डॉक्टर से सम्पर्क कर सकते हैं।



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