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मध्य स्तरीय योग आसन

मध्य स्तरीय योग आसन

सबसे आसान योग मुद्राएं सीखने के बाद अब इस लेख के द्वारा थोड़े से मध्य स्तरीय योग आसन सीखें | साथ में इनके फायदे भी जानिए |


अब जब आप ये जान गए हैं की योग कैसे किये जा सकता है तो हम आपको बताएँगे अगली श्रेणी के योग मुद्राओं के बारे में | ये प्राथमिक योग आसनों से ज्यादा कठिन हैं लेकिन इनको करने से फायदा भी ज्यादा होता है | एक बार आप प्राथमिक योग सीख लें तब ही आप इस श्रेणी के योग की शुरुआत कर सकते हैं |

 1) परीपूर्णनह्वासन (बोट पोज)


धरती पर बैठ पैरों को फैला लें | थोड़ा सा पीछे को झुकें और अपने दोनों पैरों को उठा लें | अपने हाथों को दोनों पैरों से सटा के रखें और कुछ देर ऐसी मुद्रा में बने रहे | धीरे धीरे 5 सेकेंड से शुरू कर 1 मिनट तक इसी मुद्रा में बने रहे | इस आसन का इस्तेमाल रीढ़ की हड्डी ,पैट और कोल्हू की मांसपेशियोंको मज़बूत करने के लिए करें |


2) सह्लोम्बशीरशासन (सपोर्टेड हेडस्टैंड)

पहले अपने सर और कन्धों के नीचे कुछ बिछौना बिछा लें | धीरे धीरे अपने पैरों को उठा ने की कोशिश करें | अगर ज़रुरत पड़े तो हाथों का सहारा ले लीजिये | शुरू में इस आसन को 5 सेकंड तक करें लेकिन धीरे धीरे कर के इस समय को बड़ा 3 मिनट तक संतुलन को बना रखने की कोशिश करें | इस आसन से आपके दिमाग का तनाव कम होता है और दमा,नपुंसकता इत्यादि तकलीफों से भी आराम मिलता है |

 3) हलासन(प्लो पोज़)

Image: Yoga.com

सह्लोम्बशीरशासन से धीरे धीरे अपने शरीर को नीचे लायें | इसके बाद अपने दोनों हाथों को सर के पीछे कर आपस में जकड लें | धीरे से अपनी कमर को झुका अपने दोनों पैरों को आगे की तरफ को मोड़ दें | इस अवस्था को 1 से 5 मिनट तक रखने का प्रयत्न करें | ये आसन अनिद्रा,पीठदर्द ,सरदर्द और साईनस के लिए बेहद लाभदायक है |

 4) ऊर्ध्वह्मुखश्वोनासन ( उप्वार्ड डॉग)


सीधे हो कर धरती पर लेट जाएँ | दोनों हाथों को पैरों से लगा लीजिये |गहरी सांस ले दोनों हाथों से धक्का देते हुए अपने शरीर को ऊपर को उठाइए | इस अवस्था में 15 -20 सेकंड रुक नीचे आकर फिर से इस आसन को दोहराएं |दमे की बीमारी में अत्यंत उपयोगी इस आसन से आप अपने छाती ,गुर्दे ,कंधो और पैट को और मज़बूत बना सकती हैं |
 5) ऊर्ध्वधनुरआसन (उप्वार्ड बो पोज़ )


धरती पर आसमान की तरफ मुंह कर लेटें और घुटनों को मोड़ लें |अपने दोनों हाथों को शरीर से सटा के रखें | धीरे धीरे हाथों से धक्का दे कर शरीर के बीचे के हिस्से को उठा लें | थोड़ी देर रुक वापस धरती पर आ जायें | इस आसन को 3 से 10 बार दोहराएं | ये आसन आप में उर्जा बड़ा मन के तनाव को कम करेगा |हाथो ,पैरों ,पेट और रीढ़ की हड्डी के लिए भी ये लाभदायक साबित होता है |


 6) चतुरंगदण्डासन (फोर लिंब स्टाफ पोज़ )

धरती की तरफ मुख करके लेटें और दोनों हाथों को कन्धों के पास रख लें | इसी तरह से हाथों से धक्का दे अपने पूरे शरीर को धरती से उठा लें | सिर्फ अपने पैरों की उँगलियों को धरती पर रहने दें | लेकिन ध्यान दें इस मुद्रा में शरीर पूर्ण रूप से सीधा होना चाहिए कहीं पर भी उसे मोडें नहीं | ये आसन आपके पेट के लिए और हथेली की ताकत बढ़ाने के लिए काफी असरदार साबित होता है |


 7) उर्ध्वप्रसारित एक पदासन(स्टैंडिंग स्प्लिट )
Image: Pop Sugar

वीरभद्र आसन की मुद्रा में खड़े हों | इसके पश्चात नीचे झुकें और एक पैर को ऊपर उठा लें | उसी तरफ के हाथ को नीचे धरती पर टिकाएं और दूसरे हाथ से उठे हुए पैर को पकडें | 30 सेकेंड से 1 मिनट तक रुक पैर को नीचे रख दूसरी दिशा में इस आसन को दोहराएं | ये आसन आपके दिमाग को शांत कर लिवर की तकलीफों से छुटकारा दिलाता है |

 8) परिवृत्तजानूसिरसासन (रेवोल्वेड हेड टू नी पोज़ )


दोनों पैर अलग दिशाओं में फैला के बैठें | फिर उलटे पैर को मोड़ अपनी सीधी जांघों से मिला लें |पूरी तरह से झुक कर दोनों हाथों से सीधे पैर को पकड़िये| 1 मिनट तक रुकें और फिर पहले पैरों को खोलें और फिर इस मुद्रा से बाहर आयें | ये आपके लिवर और गुर्दे की सेहत को बड़ा पाचन शक्ति के लिए भी लाभदायक साबित होता है |


 9) पुर्वोत्तानासन (उप्वार्ड प्लैंक पोज़ )


सीधे बैठें और दोनों पैर आगे को फैला लें | इसके बाद हाथों के सहारे से अपने शरीर को ऐसे उठाएं की वह तिरछा हो जाये | 30 सेकेंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस से बैठ जाएँ | इस आसन से आप अपने हाथों ,पैरों और हथेलियों की ताकत को बड़ा सकते हैं |


 10) अर्ध भेकासन (हाफ फ्रॉग पोज़ )



पेट के बल लेटें और अपने दोनों हाथों से दबाव दे अपने शरीर के आगे वाले हिस्से को ऊपर उठाएं | सीधे पैर को मोड़ कोल्हू से मिलाएं और सीधे हाथ से उसको पकडें |शरीर को उलटे हाथ के सहारे से उठा के रखें | 30 सेकेंड से 2 मिनट तक रुकें और फिर दिशा बदल के दोहराएं |इस आसन को करने से आपके शरीर के उपरी हिस्से को खिंचाव मिलता है और पेट की समस्याओं में भी आराम मिलता है |

 11) उस्त्रासन (कैमल पोज़ )

घुटनों के बल धरती पर बैठ जाएँ और अपने शरीर को सीधा रखें | फिर गहरी सांस ले और अपने शरीर को पीछे की तरफ झुका कर दोनों हाथों से दोनों पैरों को दबाएँ | 30 से 1 मिनट तक इस मुद्रा में रहे और इसके बाद बालासन दोहराएं | ये आसन आपके शरीर की मांसपेशियों को खिंचाव प्रदान करने के लिए बेहद लाभदायक है |


 12) मरिचियासन III( मरिचिज़ पोज़ )

दण्डासन में बैठें और अपने सीधे पैर को उठाएं फिर घुटने को मोड़ उलटे पैर की जांघ से मिला लें | उलटे हाथ को सीधे घुटने के ऊपर खड़ा करें और उलटे हाथ से पीछे से सहारा लें | 1 मिनट तक रुक दिशा बदल फिर से आसन दोहराएं |इस आसन से आपकी पीठ दर्द ,रीढ़ की हड्डी और कोल्हू के दर्द की समस्या कम होती है |

 13) हनुमानआसन(मंकी पोज़ )

धरती पर पैर आगे को फैला के बैठें ,फिर उलटे पैर को पीछे मोड़ लें और सीधी दिशा में तब तक बढाएं जब तक दोनों पैर एक लाइन में न आजाएं |याद रहे की पीछे के पैर का तलवा उठा हुआ हो | 30 सेकेण्ड से 1 मिनट रुकने के बाद उलटे पैर को आगे लायें और दिशा बदल इसे दोहराएं |जाँघों की मांसपेशियों को खिंचाव प्रदान कर ये आसन पेट के लिए भी लाभदायक होता है |

 14) धनुरासन (बो पोज़ )

पेट के बल लेट अपने दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें | फिर दोनों पैरों को पीछे से उठाएं और हाथों से उन्हें पकड़ने की कोशिश करें | शरीर को खिंचाव दें और 20 से 30 सेकेण्ड तक इस मुद्रा को दोहराएं |इस आसन से आपके पूरे शरीर को खिंचाव प्रदान होता है और सभी प्रकार के दर्दों से छुटकारा मिलता है |

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