Header Ads

कैल्शियम की कमी के लक्षण और कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें


कैल्शियम की कमी के लक्षण और कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें

https://healthtoday7.blogspot.com/
जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढती है वैसे वैसे उसकी कम करने की क्षमता कम हो जाती है और कमजोर भी होने लगता है उसका डाइजेशन भी कमजोर होने लग जाता है| और जब व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष होती है तो व्यक्ति के शारीर में कैल्शियम को पूरी तरह से अब्जॉर्ब करने की क्षमता नहीं रहती है|

Calcium ki Kami Ko Dur Karne ke Upay

ऐसे में शरीर में कैल्शियम की कमी होने का खतरा एक आम बात है इसके अलावा भी कई कारण ऐसे होते है जिन से शारीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है जैसे कुछ लोगो को ज्यादा मीठा खाना पंसन होता है या कुछ लोग अनहेल्दी खाना पसंद करते है जिनसे ये परेशानी होती है|

ऐसा नहीं है की कैल्शियम की कमी सिर्फ 30 के बाद ही हो ये किसी को भी हो सकती है चाहे वे कोई बुढा हो, जवान हो या बच्चा हो महान हड्डी के सर्जन का कहना है कि आज कल लोगों को कम ही उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी विकार) होने का खतरा पहले की तुलना में ज्यादा बढ गया है|

क्योकि आज के समय के खाना में कोई भी हेल्थी खाना नहीं लेता है जो मन में आया खा लेते है जिस कारण से ये परेशानी अधिक हो गई है यदि आप भोजन में कैल्शियम युक्त भोजन नहीं लेते तो आपको भी डर है कही आप समय से पूर्व इसके शिकार न हो जाये|
https://healthtoday7.blogspot.com/
कैल्शियम की कमी होने के कारण
कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा भोजन में कैल्शियम युक्त भोजन न लेने से होती है|
कैल्शियम की कमी सबसे ज्यादा महिलाओ में होती है क्योकि महिलाओ को कोई दोर से गुजरना होता है जैसे- मासिक धर्म, गर्भधारण, ब्रेस्टफीडिंग और बाद में मेनोपॉज|
अधिक दिनों तक सूरज की रौशनी को न लेने से|
विटामिन C की कमी से|
ड्रिकिंग सोडा का सेवन करने से|
अधिक कैफीन का सेवन करने से|
सोडियम युक्त पदार्थो का अधिक सेवन करने से|

कैल्शियम की कमी होने के लक्षण | कैल्शियम की कमी से रोग
आपकी हड्डियों का कमजोर होना उठते बैठते समय दर्द का होना|
मांसपेशियों में अकड़न और दर्द होना|
बहुत जल्द ही थकान होना|
कमजोर दांत, कमजोर नाखून, झुकी हुई कमर, बालों का टूटना या झड़ना कैल्शियम की कमी के लक्षण है|
नींद ना आना, डर लगना और दिमागी टेंशन रहना कैल्शिीयम की कमी से ही होता है|
शरीर का सुन्न हो जाना हाथ पैरो में झुनझुनी आना|
याददाश्त कमजोर होना और अधिक डिप्रेशन में रहना|

कैल्शियम की कमी को दूर करने के उपाय
https://healthtoday7.blogspot.com/
कैल्शियम की कमी को दूर करना कोई बड़ा कम नहीं है आप बस अपने रोज के कम में थोडा सा बदलाव करके ही इस कमी को दूर कर सकते है थोडा सा समय अपने लिए निकालिए और यहाँ बताये जा रहे उपाय को कीजिये जिससे आपको ज्यादा परेशानी होने से पहले ही कैल्शियम की पूर्ती हो जाये|



https://healthtoday7.blogspot.com/
अदरक की चाय:- एक बर्तन में डेढ़ कप पानी ले और उसमे एक इंच अदरक का टुकड़ा पीस कर डालें और उसे उबालें जब पानी एक कप रह जाए तो उसे चाय की तरह पियें इससे आपके शारीर में कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी|

जीरे का पानी:- एक बर्तन में दो गिलास पानी ले फिर उसमे जीरा डाले और भिगो कर रखें सुबह उस पानी को उबालें जब पानी आधा रह जाये तो पानी को छान कर पियें ये आपके शारीर के लिए बिलकुल लाभदायक है|

तिल का सेवन:- रोजाना 2 चम्मच भुने हुए तिल का सेवन करें यदि आप चाहे तो स्वाद बदलने के लिए तिल की चिक्की और लडडू भी खा सकते हैं|

रागी का सेवन:- हफ्ते में कम से कम दो बार रागी से बनी इडली, दलिया या चीला खाएं इससे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलेगा और आप जल्द ही कैल्शियम की कमी से निजत पा लेंगे|

विटामिन डी युक्त पदार्थो को भोजन में शामिल करें:- आपको विटामिन डी वैसे तो सूरज की रोशनी से भी प्राप्त हो जाता है लेकिन ये केवल सुबह 8-10 बजे ही मिलती है इसलिए आपको अपने भोजन में कुछ ऐसे पदार्थो को भी शामिल करना चाहिए जिससे आपको विटामिन डी मिले जैसे:- वसायुक्त मछली, दूध, अनाज, पनीर, अंडा, मक्खन आदि|
https://healthtoday7.blogspot.com/



मैग्नीशियम युक्त पदार्थो का सेवन:- जैसे हमारे शारीर को कैल्शियम की जरूरत होती है उसी प्रकार मैग्नीशियम की भी जरुरत होती है इसलिए हमें भोजन में ऐसे पदार्थो को भी लेना चाहिए जिनसे हमें मैग्नीशियम की कमी की पूर्ती हो जैसे: पलक, शलगम, सरसों, ब्रोकोली, ऐवोकैड़ो, खीरा, हरी सेम, साबुत अनाज, कददू के बीज, तिल के बीज, बादाम और काजू आदि|

भोजन में कोनसी सब्जियां शामिल करनी चाहिए:- टमाटर, ककड़ी, मूली, मेथी, करेला, चुकन्दर, हरी पत्तेदार सब्जियां, अरबी के पत्ते, पालक आदि।

पपीता का सेवन:- पपीते में ढेर सारा विटामिन सी होता है रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों के अदंर विटामिन सी की कमी होती है उनमें जोड़ो का दर्द आम बात है इसलिए उन्हें नियमित रूप से पपीता का सेवन करना चाहिए इससे कैल्शियम की कमी दूर की जा सके|

सेब का सेवन:- सेब खाने से आप जोड़ों के दर्द तथा उसकी क्षतिग्रस्त से बच सकते हैं सेब जोडों में कोलाजन बनाने में मदद करता है जो कि घुटने को झटके लगने से बचाता है जिससे घुटने खराब नहीं होते और सेब में आयरन भी पाया जाता है जो की आपने खून में आयरन की कमी को पूरा करता है यानि हम कह सकते है कि सेब के सेवन से एक साथ दो कमी को दूर किया जा सकता है|
https://healthtoday7.blogspot.com/
ग्रीन-टी का सेवन:- यह जोड़ों के कार्टिलेज को क्षतिग्रस्त होने से रोकता है ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे फ्री रैडिकल्स हड्डियों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते रोजाना एक कप ग्रीन टी आपको जोड़ों के दर्द से बचा सकते हैं|

अदरक का सेवन:- अदरक को हम एक औषधी के रूप में भी उपयोग कर सकते है अदरक में एक ऐसा गुण पाया जाता है जो दर्द से व सूजन से तुरत राहत देता है आप चाहे तो अदरक को चाय में डाल कर चाय पी सकते है यदि आप चाय में लेना नहीं चाहते तो आप ऐसे भोजन में भी डाल कर पका के खा सकते है|

काली बींस का सेवन:- यह मैग्नीज और अन्य तत्व से भरा हुआ होता है, जो जोडों के स्वास्थ्य के लिये बहुत जरुरी है इसमे एंथोकायनिन्स होता है जो कि एक एंटीऑक्सीडेंट होता है यह शरीर से फ्री रैडिकल्स को बाहर निकालता है और जोडों को खराब होने से रोकता है|

आप बताये गए सभी उपाय को आसानी से कर सकते है और अपने शारीर में हो रही कैल्शियम की कमी को दूर करके स्वास्थ्य हो सकते है कैल्शियम की कमी के कारण कभी कभी बड़ी परेशानियाँ भी सामने आ जाती है आप इन उपायों को करके उन परेशानियों से बच सकते है|
https://healthtoday7.blogspot.com/


शरीर में न होने दें कैल्शियम की कमी, जानिये क्‍या हैं इसके मुख्य स्रोत

कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। यह रक्त के थक्के जमने (ब्लड क्लॉटिंग) में भी मदद करता है। यह शरीर के विकास और मसल बनाने में भी सहायक होता है। हरी सब्जियां, दही, बादाम और पनीर इसके मुख्य स्रोत हैं।

https://healthtoday7.blogspot.com/
: कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। यह रक्त के थक्के जमने (ब्लड क्लॉटिंग) में भी मदद करता है। यह शरीर के विकास और मसल बनाने में भी सहायक होता है। हरी सब्जियां, दही, बादाम और पनीर इसके मुख्य स्रोत हैं।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद सचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि कैल्शियम की कमी को हायपोकैल्शिमिया भी कहा जाता है। यह तब होता है, जब आपके शरीर को पूरी मात्रा में कैल्शियम नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि लोगों को अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम के महत्व के बारे में पता होना चाहिए। जिनके शरीर में कैल्शियम की कमी हो, उन्हें अपने आप दवा नहीं लेनी चाहिए और ज्यादा मात्रा में फूड सप्लीमेंट भी नहीं लेने चाहिए। डॉक्टर से सलाह लें और सेहतमंद खानपान के साथ ही सप्लीमेंट लें। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ कैल्शियम की कमी आम बात है। शरीर का ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों में संचित होता है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां पतली और कम सघन हो जाती हैं। ऐसे में शरीर को कैल्शियम की जरूरत पड़ती है। कैल्शियम के स्रोत वाली वस्तुएं खाते रहने से इसकी कमी पूरी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि भूखे रहने और कुपोषण, हार्मोन की गड़बड़ी, प्रिमैच्योर डिलीवरी और मैलएब्जरेब्शन की वजह से भी कैल्शियम की कमी हो सकती है। मैलएब्जरेब्शन उस स्थिति को कहते हैं, जब हमारा शरीर उचित खुराक लेने पर भी विटामिन और मिनरल को सोख नहीं पाता।
https://healthtoday7.blogspot.com/

कैल्शियम की कमी के कुछ लक्षण :-

-मसल क्रैम्प : शरीर में होमोग्लोबिन की पर्याप्त मात्रा रहने और पानी की उचित मात्रा लेने के बावजूद अगर आप नियमित रूप से मसल क्रैम्प (मांस में खिंचाव या ऐंठन) का सामना कर रहे हैं तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत है।

-लो बोन डेनस्टिी : जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, कैल्शियम हड्डियों की मिनरलेजाइशन के लिए जरूरी होता है। कैल्शियम की कमी सीधे हमारी हड्डियों की सेहत पर असर करती है और ऑस्टियोपोरोसिस व फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।

-कमजोर नाखून : नाखून के मजबूत बने रहने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, उसकी कमी से वह भुरभुरे और कमजोर हो सकते हैं।

-दांत में दर्द : हमारे शरीर का 90 प्रतिशत कैल्शियम दांतों और हड्डियों में जमा होता है उसकी कमी से दातों और हड्डियों का नुकसान हो सकता है।

-मासिक धर्म में दर्द : कैल्शियम की कमी वाली महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी तीव्र दर्द हो सकता है, क्योंकि मांसपेशियों के काम करने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है।

-एम्युनिटी में कमी : कैल्शियम शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखता है। कैल्शियम की कमी होने पर शरीर में पैथगॉन अटैक से जूझने की क्षमता कम हो जाती है।

-नाड़ी की समस्याएं : कैल्शियम की कमी से न्यूरोलॉजिक्ल समस्याएं, जैसे कि सिर पर दबाव की वजह से सीजर और सिरदर्द हो सकता है। कैल्शियम की कमी से डिप्रेशन, इनसोमेनिया, पर्सनैल्टिी में बदलाव और डेम्निशिया भी हो सकता है।

-धड़कन : कैल्शियम दिल के बेहतर काम करने के लिए आवश्यक है और कमी होने पर हमारे दिल की धड़कन बढ़ सकती है और बेचैनी हो सकती है। कैल्शियम दिल को रक्त पम्प करने में मदद करता है।

-अगर आप इनमें से किसी लक्षण का सामना कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें, वह रक्त जांच की सलाह देगा। इसका इलाज कैल्शियम युक्त भोजन खाना और पौष्टिक सप्लीमेंट लेना है।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.