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कूल्हे का दर्द -

कूल्हे का दर्द - Kulhe Ka Dard (Hip Pain)!



कूल्हे जिसे आम भाषा हिप्स या नितंभ कहा जाता है. मानव शरीर के जरूरी अंगों में से एक हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि कूल्हे मानव शरीर के निचले हिस्से की सभी गतिविधियों के आधार बिंदु हैं. ऑफिस या घर पर अधिकांश बैठने से हिप फ्लेक्सर (अंग के जोड़ को मोड़नेवाली मांसपेशी) में समस्या हो जाती है जो कई तरह की मुसीबतों का कारण बनती है जैसे कमर दर्द, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और चोट आदि. और यह तो सिर्फ शुरुआत है, हिप्स की समस्याएं यही पर नही रुकती हैं.
इसलिए अगर आप निकट भविष्य में इस समस्या से दूर रहना चाहते है तो आपको अपनी हिप्स मस्लस् की ताकत और लचीलेपन में सुधार करने के लिए उचित देखभाल शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए वॉकिंग, जॉगिंग और रन्निंग आदि अच्छे ऑप्शन हैं. इसके अलावा कुछ वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज के साथ हिप्स को और स्ट्रोंग बनाने के लिए स्क्वाट्स, ब्रिज और लंग्ज़ जैसी एक्सरसाइज लाभ देती हैं. इस लेख के माध्यम से हम आपको कूल्हे के दर्द को दूर भगाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण अभ्यास बताने जा रहे हैं जो कि आपके हिप्स को मजबूत बनाकर इसमें लचीलापन लाने और सुधार करने में मदद करेंगे यही नहीं ये अभ्यास आपके कूल्हों में दर्द से छुटकारा भी दिलाएंगे.
1. क्लैमशैल एक्सरसाइज
क्लैमशैल एक्सरसाइज करने से शरीर के निचले हिस्सों और कूल्हों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. इस एक्सरसाइज को करने के लिए जमीन पर मैट पर लेट जाएं और 90 डिग्री तक अपने घुटनों को मोड़ें. इसके बाद अपनी एड़ियों को एक साथ मिलाएं. अब अपने निचले हिस्सों के बराबर लाएं. अपनी पीठ को घुमाए बिना, घुटनों को खोलने के लिए अपने पैर को उठाएं, जितना अधिक आप पैर को खोल सकें. मजबूत हिप्स के लिए प्रत्येक तरफ से 15 बार रिपीट करें.

2. स्टेप-अप एक्सरसाइज
हिप्स और पैरों के लिए सबसे बेस्ट एक्सरसाइज में से एक स्टेप-अप है. जो न सिर्फ आपके कुल्हो और पैरों के लिए सबसे अच्छी है बल्कि इसे आप सीढ़ियों पर ऊपर से नीचे चढ़कर भी कर सकते हैं. इसके अलावा इसे करने के लिए स्टेप-अप का उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए स्टेप-अप पर, पैर रखने के साथ अपने वजन को उस पैर पर केंद्रित करें. अपने हिप्स को पीछे से पुश करते हुए बॉक्स पर सीधे खड़े हो जाएं. ऐसा करते हुए ध्यान रहे कि दूसरा पैर बॉक्स पर ना आए. धीरे-धीरे फर्श पर वापस जाने के लिए अपने पैर पीछे की ओर लें. फिर दूसरे पैर के साथ इस एक्सरसाइज को रिपीट करें. हर दिन एक पैर पर 10 सेट का अभ्यास करें.

3. लाइंग हिप एक्सटेंशन
लाइंग हिप एक्सटेंशन हिप मस्ल के लिए बहुत ही फायदेमंद एक्सरसाइज में से एक है. इसे करने से ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियां मजबूत बनती है. इसे करने के लिए अपने पेट के बल लेट जाएँ और अपने घुटनों को सीधा रखें. इसके बाद धीरे-धीरे अपने पैरों को उठाएं. साथ ही यह सुनिश्चित करें, कि आपके पैर और घुटने सीधे रहें. कोशिश करें और कम से कम 2 सेकंड के लिए पैरों को ऊपर ही रखें और फिर नीचे ले आएं. इस एक्सरसाइज को रोज़ाना 10 बार रिपीट करें.

4. ब्रिज एक्सरसाइज
यह अभ्यास आपके पीठ के निचले हिस्से, हैमस्ट्रिंग, हिप फ्लेक्सर, क्वॉड्रसिप्स (जांघ की मांसपेशिया जो पैर तक फैली है) पर भी काम करता है. साथ ही आपके हिप्स को मजबूत बनाता है और कूल्हे में दर्द को कम करता है. अपनी पीठ के बल लेट जाएँ. घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर सीधा लाएँ. धीरे-धीरे अपने पैरों के माध्यम से अपने निचले हिस्से को उठाएँ. 2 सेकंड के लिए रुकें और फिर धीरे से नीचे लाएँ. दैनिक रूप से 10 से 20 बार दोहराएँ.
5. लाइंग लेट्रल लेग रेज एक्सरसाइज
साइड में लेटकर पैर को उठाना आपके हिप्स को मजबूत बनाने में मदद करता है. पहले दाएं साइड होकर लेट जाएं. अब अपनी कोहनी के साथ अपने शरीर का बैलेंस बनाएँ. फिर अपने बाएँ पैर को उपर उठाएं, ध्यान रहें कि पैर उठाते समय आपका शरीर सीधा रहना चाहिए. अब धीरे-धीरे अपना पैर वापस नीचे लाएं. इस पैर के साथ 15 स्ट्राइड पूरे करें. अब विपरीत दिशा में घूम जाए और अपने दूसरे पैर से इस एक्सरसाइज को रिपीट करें. कूल्हे के दर्द से छुटकारा पाने के लिए, हर दूसरे दिन यह एक्सरसाइज की जा सकती है.

6. लाइंग लेग सर्कल्स
लेटकर पैर से से सर्कल बनाना कूल्हे की मस्ल को लचीलापन, ताकत और गति देता है. इससे हिप्स और पैरों की रोटेशन संभव होती है. अपनी पीठ के बल लेट जाएँ. अपने दाएँ पैर को जमीन से लगभग 3 इंच ऊपर उठाएं. और अपने बाएँ पैर के साथ छोटे छोटे घेरे बनाएं. ऐसा 15 बार करें. अब इस प्रक्रिया को अपने दूसरे पैर के साथ दोहराएं. इस अभ्यास को नियमित रूप से करें.

7. सिंगल-लेग स्क्वेट एक्सरसाइज
सिंगल-लैग स्क्वाट्स एक अच्छी एक्सरसाइज है जो आपके पैरों में लचीलापन बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से काम करता है. इससे करने से बैलेंस और स्थिरता में सुधार आता है. साथ ही यह आपकी हिप्स और क्वाड मांसपेशियों को भी मजबूत करता है. अपनी दोनो बाजुओं को सामने की ओर फैलाएं. इसके बाद अपने दोनों हाथ की अंगुलियों को(इंटरलॉक) मिलाएं. याद रहें कि अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना खोलें. इसके बाद घुटनो को बिना मोड़ें, सामने की ओर अपने एक पैर को फैलाएं. कोशिश करें और पैर को जमीन पर ना छूने दें. इसके बाद पीछे की तरफ बैठे और अपने दूसरे पैर के घुटने को झुकाएं (जैसे कि एक कुर्सी पर बैठे हों). 20 सेकंड के बाद अपने पैर को नीचे लाएं और धीरे धीरे खड़े हो जाएं. दैनिक रूप से 15 बार इस तरीके को दोनों पैर से रिपीट करें. आप धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ा सकते हैं.

8. सीटेड बटरफ्लाई स्ट्रेच
वैसे तो स्ट्रेच हमारी काफी तरह से मदद करता हैं क्योंकि यह हमारे शरीर में लचीलापन बढ़ा देता हैं. अलग अलग शरीर के भागों के लिए अलग अलग स्ट्रेच करने पड़ते हैं. अगर बात करें हिप्स को स्ट्रेच करने की तो बटरफ्लाई स्ट्रेच इसमें काफी मददगार साबित होता है. यह हिप्स, भीतरी जांघों और पीठ के निचले हिस्से का लचीलापन बढ़ाने के साथ ही मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए काम करता है. इसे करने के लिए फर्श पर बैठ जाएं. इसके बाद दोनो तरफ से घुटनों को मोड़ें, पैर के तलवों को अपने सामने लाएं, इस दौरान पीठ को सीधा रखें. अब अपने हाथों को पैरों के शीर्ष (ऊपरी हिस्से) पर लगाएँ. साँस छोड़ते हुएं धीरे धीरे अपनी एड़ी को अपनी ओर स्ट्रेच करें. अपने शरीर के ऊपरी हिस्से से आगे की तरफ झुकाव करते हुए इस एक्सरसाइज को खत्म करें. शुरूआत में, रोज़ इस एक्सरसाइज को 15 से 20 बार दोहराएं. जैसे जैसे आपकी क्षमता और लचीलेपन बढ़ेगा, आप इसकी संख्या में वृद्धि कर सकते हैं.

किशोरों में कूल्हे का दर्द

किशोरों के बीच हिप दर्द एक सामान्य समस्या है "एक्टा पेडिएटिका" में प्रकाशित 2005 के एक अध्ययन के मुताबिक, "लगभग 7 प्रतिशत किशोरावस्था में कूल्हे का दर्द का अनुभव होता है। हिप दर्द की वजहें हल्के से गंभीर तक होती हैं किशोरों, धूम्रपान करने वालों और किशोरावस्था में शराब की खपत करते हुए किशोरावस्था में कूल्हे का दर्द अधिक आम है। लंबे समय तक कूल्हे के दर्द वाले किशोरों का मूल्यांकन एक चिकित्सकीय पेशेवर द्वारा किया जाना चाहिए। एक्स-रे, संयुक्त मकसद, और चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग जैसे अन्वेषण दर्द के कारण का निदान करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
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कार्यात्मक दर्द

अब तक, किशोरों में कूल्हे का दर्द का सबसे आम कारण "कार्यात्मक" के रूप में वर्गीकृत है "कार्यात्मक हिप दर्द का एक प्रकार है जिसमें दर्द के कारण के रूप में कोई चिकित्सा कारण नहीं बताया जा सकता है इसे कभी-कभी "बढ़ते दर्द" कहा जाता है "क्रियात्मक दर्द, हालांकि किशोरों के लिए परेशान, गंभीर नहीं है यह चिंता या कम आत्मसम्मान जैसे समस्याओं से संबंधित हो सकता है
लेग-कैल्वे-पेर्तेस रोग

पेर्तेस रोग किशोरों में कूल्हे का दर्द का एक महत्वपूर्ण और गंभीर कारण है। यद्यपि 4 से 9 वर्ष की उम्र के बच्चे अधिक बार प्रभावित होते हैं, यह रोग भी किशोरों पर भी अक्सर प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में यह स्थिति अधिक बार होती है, जो एक पैर में धीरे-धीरे बढ़ती हुई लंगड़ा की शिकायत करते हैं। यह कूल्हे, जीरो या घुटने में दर्द के बाद किया जा सकता है। यह स्थिति एमआरआई द्वारा निदान की जाती है। गंभीरता के आधार पर, प्रभावित किशोरों को ताकत या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है
फिसल गए कैपिटल फोमॉयल एपिफेसिस


फिसल गए कैपिटल ऑर्थियल प्रीपेसिस, या एससीईई, उदर का सिर का एक रोग है। यह स्थिति अकसर 11 और 15 की उम्र के बीच मोटापे से ग्रस्त लड़कों को प्रभावित करती है। यह रोग उदर की चोटी के ऊपर से विकास प्लेट के विघटन से उत्पन्न होता है, जो अज्ञात कारणों के लिए होता है। लक्षणों में कूल्हे में लंगड़ा और दर्द शामिल हैं हालांकि कूल्हे के संयुक्त में रोग होने पर, घुटनों में दर्द भी महसूस किया जा सकता है - अक्सर एक मरीज का मूल्यांकन करने वाले डॉक्टरों के लिए भ्रम का एक स्रोत। हालत शल्य चिकित्सा की आवश्यकता है।
हिप दर्द के अन्य कारण

तीव्र क्षणिक सिनोव्हाइटिस कूल्हे संयुक्त की एक छोटी-सी स्थायी बीमारी है जो आम सर्दी के बाद हो सकती है 2 और 10 की उम्र के बीच के लड़के सबसे अक्सर प्रभावित होते हैं। कूल्हे का जन्मजात डिसप्लेसिया एक हिप रोग है जो जन्म पर प्रस्तुत करता है। ठीक से अनुपचारित होने पर, बड़े बच्चों और किशोर में एक लंगड़ा और विकास की जलन हो सकती है। किशोरों में कूल्हे के दर्द के दुर्लभ कारणों में ट्यूमर, बैक्टीरियल संयुक्त संक्रमण और रुमेटीयड गठिया शामिल हैं।



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