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पेट कम करने के लिए योगासन


पेट कम करने के लिए योगासन
जानिए वह आसान कौन से हैं जिनके प्रयोग से आप अपने पेट को काम कर सकते है।
आप सब ने योगासन से होने वाले अनेक फायदों के बारे में सुना या पढ़ा होगा, परन्तु क्या योगासन पेट कम करने में भी सहायक है? आज इस आर्टिकल के जरिये हम आपको विभिन्न योगासनों से अवगत कराएंगे, जो मोटापे के नियंत्रण में सहायक है| इतना ही नहीं बल्कि इनके जरिये आप पेट संबंधी अन्य बिमारियों से भी बचेंगे और हमेशा स्वस्थ व तंदरुस्त बने रहेंगे।

पेट कम करने के लिए योगासन 
1. कपालभाति योगा 


कपालभाति करते समय एक स्वच्छ खुले स्थान पर बैठ जाएँ। अपनी नाक से साँस छोड़ें और पेट को अंदर की और धकेलें, यह क्रिया बार-बार दोहराएँ। रोजाना सुबह-शाम खाली पेट कपालभाति करने से आपका पेट लचीला हो जाएगा और उसकी अनावश्यक चर्बी हट जाएगी।
2. पश्चिमोत्‍तनासन 
पश्चिमोत्‍तनासन करने से पहले सीधे जमीन पर लेट जाएँ। अब धीरे-धीरे ऊपरी हिस्से को उठाते हुए बैठ जाएँ और दोनों हाथों से पैर के अंगूठों को लगभग 10 सैकंड तक छुए रखें। इस आसन से पेट पर दबाव पड़ेगा और आपका पेट अंदर की ओर जाने लगेगा।
3. बालासन योगा 

बालासन योगा करते समय आप अपने घुटनों के बल बैठ जाएँ और अपने शरीर को एड़ियों पर टिका लें| अब साँस खींचते हुए अपनी छाती को घुटनों पर और सिर को जमीन पर टिकाएं| यह क्रिया 5 से 7 बार दोहराएँ| रोजाना 10 मिनट इस योग को करने से आपका पेट संतुलन में आ जाएगा।

4. अनुलोम-विलोम प्राणायाम 

रक्त प्रवाह के नियंत्रण और मोटापे को कम करने में अनुलोम-विलोम प्राणायाम बहुत फायदेमंद है| इसे करते समय पलाथी बैठकर अपने बाए हाथ से नाक के एक छिद्र को बंद करें और दूसरे से साँस लें| अब दूसरे छिद्र को बंद करें और पहले वाले से साँस बाहर निकालें| यह क्रिया 10-12 बार दोहराएँ।
5. चक्‍की चलनासन 

चक्‍की चलनासन करते समय सीधे बैठ जाएँ और अपने दोनों पैरों को आगे की और फैला लें| फिर अपने दोनों हाथों को आपस में जोड़कर पैरों के चारों ओर चक्की की भाँति घुमाएँ| रोजाना ऐसा करने से पेट पर दबाव बनेगा और आपका मोटापा काफी हद तक कम हो जाएगा।
6. सेतू बंधा योगासन 

सेतू बंधा योगासन में आप जमीन पर सीधे लेट जाएँ| अब घुटनों को मोड़कर शरीर को पैर के तलवों के बल मध्य में से ऊपर उठाएँ| दूसरी और हाथ की उँगलियों को जमीन पर टिकाए रखें| इसी अवस्था में लगभग 30 सैकंड अपने शरीर को उठाएँ।यह आसन कमर और पेट की अतिरिक्त चर्बी को समाप्त कर देगा।
7. नौकासन योगा 



नौकासन करते समय जमीन पर लेटकर अपने पैरों को आपस में और हाथों को शरीर से सटा लें| अब धीरे-धीरे अपनी गर्दन, हाथ और पैरों को ऊपर उठाएँ| रोजाना यह क्रिया 4-5 बार दोहराएँ। इससे पेट हल्का हो जाएगा और आपका वजन घटने लगेगा।
8. भुजंग आसन 
भुजंग आसन में पेट के बल लेटकर अपनी छाती और कंधों को आगे से ऊपर करते हुए कमर की ओर झुकाएँ| यह क्रिया बार-बार दोहराएँ, इससे पेट की मांसपेशियों में खिचाव होगा जिससे आपकी अतिरिक्त चर्बी हट जाएगी।
उपरोक्त योगासन, पेट की अनावश्यक और अतिरिक्त चर्बी को कम करते है जिससे हम पेट संबन्धी अनेक बिमारियों से बचे रहते है और हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। पेट कम करने के लिए इन आसनों को अपने नित्य जीवन में अवश्य प्रयोग करें।


क्या मुस्कुराना वाकई में स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?

मुस्कुराना एक बहुत सरल कार्य है जो हम जिसके लिए करते हैं उसके लिए उसके मायने बहुत हैं फिर चाहे हमें कुछ पल का कम समय ही क्यों न लगता हो इसका काम बहुत बड़ा होता है। मुस्कान के बिना एक दिन वह एक दिन है जो खो गया है। तो सवाल ये है कि, 'क्यों कई लोगों को मुस्कुराना इतना मुश्किल लगता है?' आइए जानते हैं मुस्कुराहट की विशेषता एवं स्वास्थ्य लाभ।

कहते हैं जिसका मन सुखी रहता है उसका तन भी हमेशा सुखी रहता है। मुस्कराहट होती तो बहुत छोटी सी है पर कई बार बहुत बड़े बड़े काम कर जाती है। यह एक संक्रमित रोग के जैसे है जिसके संपर्क में आती है उसे भी लग जाती है। अगर हम किसी की और मुस्कुराकर देखें तो वो भी आगे मुस्कुराएगा और फिर उसे देख कर कोई ओर। इसी तरह ये माहौल को खुशनुमा कर देती है।





मुस्कुराने से सिर्फ हमारा मन ही प्रसन्न नहीं रहता बल्कि तन को भी इससे कई फायदे होते है। जो हमेशा मुस्कुराता है वह सदा युवा बना रहता है। यह तथ्य साबित हुआ है एक शोध करता जॉन डेल्टन के द्वारा। उनका शोध पत्र कहता है कि जब हम मुस्कुराते हैं तो चेहरे से लेकर गर्दन तक जितनी मांसपेशियाँ हैं उनका व्यायाम हो जाता है। इससे उनमें खिंचाव आता है और चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ती।



जब हम मुस्कुराते हैं तो हमारे शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन नियंत्रित रहता है और इससे दिल की धड़कने भी नियंत्रण में रहती है। मुस्कराहट के कारण हमारे शरीर में एंडॉफ्रीन नामक हार्मोन संचालित होता है जो हमें तनाव से मुक्ति दिलाता है।




कई बार इस होता है की परिस्थितियाँ हमारे वश में नहीं होती और हम परेशान हो जाते हैं तब मुस्कुराने से हमारा दर्द कम होता जाता है क्योंकि मुस्कुराना एक प्राकृतिक क्रिया है जो अंदर से निकलकर आती है। ऐसे में हमारे मन को शांति मिलती है और हमारे काम करने की क्षमता बढ़ जाती है।

एक शोध के मुताबिक यह पाया गया है कि अगर आप मुस्कुरा कर किसी से कुछ काम करने के लिए कहेंगे तो 65 प्रतिशत लोग उस काम के लिए हाँ ही कहेंगे।


मुस्कुराहट ही एक ऐसी चीज है जो दिल को सुकून भी देती है और मुफ़्त भी है इसलिए मुस्कुराते रहिये क्योंकि मुस्कुराने से चेहरे पर हमेशा रौनक रहती है।

एक दूसरे पर मुस्कुराओ, अपनी पत्नी पर मुस्कुराएं, अपने पति पर मुस्कुराएं, अपने बच्चों पर मुस्कुराएं, एक-दूसरे से मुस्कुराहट का आदान प्रदान करें, कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कौन है और ये मुस्कुराहट आपको एक-दूसरे के प्रति ज्यादा प्यार करने में मदद करेगी।

“मदर टेरेसा”





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