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सफेद बाल की बीमारी

आग से भी तेज गति से फैल रही है युवाओ में ये बीमारी, जाने इससे बचने के उपाय


सफेद बाल की बीमारी – हम सभी जानते हैं की उम्र के साथ-साथ हमारे शरीर के अंग भी बूढ़े होने लगते हैं और इसका सीधा असर हमारे बाहरी शरीर पर दिखता है.

जैसे की चेहरे की झुरीया हड्डियों का कमजोर होना घुठनो में दर्द उठना और बालों का सफेद होना.
इन सब में हमारे बुढ़ापे को जो सबसे ज्यादा झलकाता है वो या तो झूरीया होती है या सफेद बाल. एक समय था जब ये चीजें सिर्फ ज्यादा उम्र के लोगों में ही देखने को मिलती थी लेकिन आज कल ये बीमारी के रूप में युवाओं में भी देखने को मिल रही हैं. अग्र आपके भी बाल कम उम्र में सफेद होने लगे हैं तो ये एक चिन्ता का विषय है.

आज कल सभी की पर्सनेलेटी के लिए सबसे खास बात होती है उनका हेयरस्टाईल लेकिन जब हेयर ही नहीं बचेंगे तो स्टाइल कहा से रखोगे?

इसलिए आपको भी अपने बालों का अभी से ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए.

सफेद बाल की बीमारी –

आखिर क्या कारण है कम उम्र में सफेद बाल आने का
आज कल सभी अपनी जिंदगी में इतने ज्यादा व्यस्थ हो जाते हैं की वह अपनी का खयाल भी नहीं रख पाते हैं. बता दे की बालों का कम ध्यान रखने के कारण उनकी जड़ों में पाए जाने वाली सेबेक्वसग्रंथिया में सेबुम नाम का तैलीय तत्व मौजूद होता है जो की हमारे बालों ला रंग निर्धारित करता है. यही तत्व हमारे बालों को पोषण प्रदान करता है और इसी की कमी के कारण हमारे बाल जल्दी सफेद होने शुरू होते हैं. आमतौर पर पुरुषों के बाल 35 से 40 वर्ष की उम्र में सफेद होने शुरू होते हैं और 50 वर्ष की आयु तक ज्यादातर बाल सफेद हो जाते हैं.

सफेद बाल होने के मुख्य कारण


माना जाता है की अधिक समय तक जुखाम होने पर भी बाल सफेद होने का खतरा रहता है तो इसलिए जुखाम का जल्द से जल्द इलाज करा लेना बहुत जरूरी है.

बाल सफेद होने के पीछे अन्य बीमारियाँ भी कारण बन सकती हैं जैसे कि – कुपोषण, खून की कमी य उसे जुड़े अन्य रोग, विटामिन 12 की कमी और अधिक चिन्ता करना.

अगर आप भी फेशनेबलहेयरस्टाईल रखने के लिए कई तरह के केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बता दे की इनसे आपके बालों को बहुत बुरा असर पड़ता है. खास तौर से हेयरट्रीटमेंट पर.
शैंपू, डाइ या रंग और तेल का अधिक प्रयोग आपके बालों को सफेद कर सकता है. इन सभी के विपरीत आपको आयूर्वेदिक शैंपू, बिना केमिकल वाली डाई या रंग और बिना महक वाले तेल का उपयोग करना चाहिए.

बालों सफेद होने से बचाने के लिए क्या है उपाय

बालों को सफेद होने से बचाने के लिए संतुलित भोजन, बालों की उचित सफाई रखनी चाहिए.

कई लोगों को ये बात झूठ या मजाक लगती है लेकिन ये सच्च है की अगर आप एक या दो बाल होने पर उन्हें तोड़ देंगे तो अधिक सफेद बाल आने शुरू हो जाएंगे.

मानसिक तनाव से बच कर रहे और किसी बात की चिंता न करें, आहार में दूध, पनीर, पालक, चौलाई, नींबू, आंवला, सेब, संतरा, मौसमी, हरी सब्जी, ताजे फल, अंकुरित खाद्यान्न, भोजन में कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल आदि शामिल करें।

मानसिक तनाव से बचे और चिन्ताओ को कम करें.

इस तरह से फ़ैल रही है सफेद बाल की बीमारी – आहार में दूध पनीर पालक चौलाई नींबू आंवला सेब संतरा 
मौसमी हरी सब्जी ताजे फल अंकुरित खाद्यान्न को शामिल करें और भोजन में कढ़ी पत्ते आदि का इस्तेमाल करें.

आपके शरीर को ऐसे नुकसान पहुंचा सकता है माउथवॉश

आपको बता दें की दिन दो बार माउथवॉश का इस्तेमाल शरीर में टाइप -2 डायबिटीज के खतरे को 55 फीसदी तक बढ़ा देता है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार, मुंह में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तरल पदार्थ के इस्तेमाल से मुंह में मौजूद फायदेमंद माइक्रोब्स को खत्म कर देते हैं जो शरीर को अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाता है। एक सर्वे से इस बात का पता चला है कि जो लोग दिन में दो बार माउथवॉश का उपयोग करते हैं, उनमें तीन साल के अंदर डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

ऐसे पहुंचा सकता है नुकसान

जानकारी के लिए हम आपको बता दें माउथवॉश में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह से सभी गुड बैक्टीरिया को नष्ट कर देते हैं। हेल्थ की टीम ने एक सर्वे किया जिसमें 40-65 वर्ष की आयु के बीच के लगभग 1206 लोग मोटापे से ग्रसित थे और यही लोग संभवतः डायबिटीज के रोगी भी थे। जब गहराई से अध्ययन किया गया, तो पाया गया कि उनमें से लगभग 17 प्रतिशत ने डायबिटीज या प्री-डायबिटीज का विकास किया क्योंकि वे दिन में एक बार माउथवॉश का उपयोग कर रहे थे, जबकि जो लोग दिन में दो बार इसका उपयोग कर रहे थे, उनमें से लगभग 30 प्रतिशत थे।

और भी है कई नुकसान

हम आपको बता दें स्वस्थ बैक्टीरिया की उपस्थिति हमारे शरीर को मोटापे और डायबिटीज के खतरे से बचाती है। इस प्रकार, मुंह का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, एक व्यक्ति को स्वस्थ भोजन करना चाहिए, दिन में दो बार अपने दांतों को ब्रश करना चाहिए और मुंह से खराब बैक्टीरिया को धोने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए।

इन कारणों की वजह से आज कल बढ़ रही है बांझपन की समस्या, जानें दूर करने के उपाय


बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी की समस्या पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गई है। बैंगलोर स्थित मेडिकल कंपनी इनिटो के सर्वे के अनुसार भारत में लगभग 2 करोड़ 75 लाख जोड़े बांझपन का शिकार हैं, यानी हर 10 में से 1 जोड़ा शादी के बाद बच्चा पैदा करने में सक्षम नहीं है। बांझपन के बारे में लोगों के मन में कई गलत धारणाएं हैं, लेकिन चिकित्सक मानते हैं कि ज्यादातर लोगों में बांझपन का कारण उनकी गलत आदतें होती हैं। भारत में बढ़ रहे बांझपन का मुख्य कारण ये 5 बातें हैं।
ज्यादा उम्र में शादी करना
आजकल लड़के-लड़कियां करियर सेट हो जाने और आर्थिक रूप से सक्षम हो जाने के बाद शादी के फैसले ले रहे हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लड़के-लड़कियां 30-32 की उम्र तक शादी के बंधन में बंधना चाहते हैं। इसके अलावा शादी के बाद भी वो कुछ समय तक बच्चे की जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं। चिकित्सक मानते हैं कि 35 की उम्र के बाद महिलाओं को मां बनने में सामान्य से ज्यादा मुश्किलें आती हैं। ज्यादातर मामलों में नॉर्मल डिलीवरी के बजाय ऑपरेशन करना पड़ता है और कई जोड़ों में शुक्राणुओं की क्वालिटी भी खराब होने लगती है, जिससे उन्हें प्रेग्नेंसी में परेशानी आती है। दूसरे कारण जो आजकल अधिकांश स्त्रियों में पाये जा रहे हैं वो हैं फाइब्रायड का बनना, एन्डोमैंट्रियम से सम्बन्धी समस्याएं। उम्र के बढ़ने के कारण हाइपरटेंशन जैसी दूसरी समस्याएं भी आ जातीं हैं और इनके कारण महिलाओं में फर्टिलिटी प्रभावित होती है।

गलत आदतें
आजकल कम उम्र में सिगरेट, शराब, गुटखा और कई बार ड्रग्स की लत भी लड़के-लड़कियों में काफी बढ़ गई है। इन आदतों के कारण भी वीर्य की गुणवत्ता खराब होती है और स्पर्म काउंट कम होता है। यह होने वाले बच्चे में आनुवांशिक तौर पर बदलाव भी कर सकता है । इसी प्रकार से अल्कोहल भी टेस्टोस्टेरॉन के उत्पादन को कम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी प्रकार की दवाओं या ड्रग्स के गलत तरीके से इस्तेमाल के कारण भी इन्फर्टिलिटी हो सकती है। स्टेरायड जैसे हार्मोन हमारे शरीर के हार्मोन के स्त‍र में बदलाव लाते हैं जो कि हमारे स्वास्‍थ्‍य को भी प्रभावित कर सकते हैं। बीमारी होने पर भी चिकित्सक की सलाहानुसार ही दवाएं लेनी चाहिए।

काम का बोझ
आजकल लगभग हर सेक्टर में काम और सफलता का दबाव पहले से ज्यादा बढ़ गया है। इस कारण से लोग ओवर टाइम, नाइट शिफ्ट या घर पर काम करने को मजबूर होते हैं। काम के साथ-साथ शरीर के लिए आराम भी बहुत जरूरी है। समय कम होने के कारण लोग न तो एक्सरसाइज करते हैं और न ही अपने खानपान पर ध्यान दे पाते हैं। इन कारणों से भी धीरे-धीरे व्यक्ति के स्पर्म की क्वालिटी पर असर पड़ता है।
लोगों में बढ़ती बीमारियां
हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), डायबिटीज, मोटापा जैसी समस्या आजकल युवाओं में भी आम हो गयी है। इनका प्रभाव व्यक्ति की सेक्सुअल लाइफ पर भी पड़ता है । डायबिटीज़, पी सी ओ डी (पॉलीसिस्टिक ओवरियन डिज़ीज़) के कारण महिलाओं मे बहुत सी बीमारियां आम हो गयी हैं । 60 से 70 प्रतिशत महिलाओं में ओवुलेशन की क्रिया ही नहीं होती । वज़न का बढ़ना और व्यायाम की कमी के कारण भी सही मात्रा में हार्मोन नहीं बन पाते। बचपन से ही लोगों में कंप्‍यूटर और लैपटाप पर बैठना आम है और यह कारण भी कहीं ना कहीं इन्फर्टिलिटी के जि़म्मेदार होते हैं।

प्रदूषण और शहरी वातावरण
शहरी वातावरण में बढ़ते प्रदूषण और टाक्सिन ने 45 से 48 प्रतिशत इन्फर्टिलिटी के मामले बढ़ा दिये हैं। जीवनशैली में बदलाव और खानपान की गलत आदतें भी अप्रत्यक्ष रूप से इन्फर्टिलिटी की जि़म्मेदार हैं। पेस्टिसाइड और प्लास्टिक का खानपान के दौरान हमारी फूड चेन में आना हार्मोन के स्तर को प्रभावित करता है। यूनिवर्सिटी आफ नार्थ कैरालिना, चैपल हिल के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि वो महिलाएं जो नाइट शिफ्ट में काम करती हैं उनमें समय से पहले प्रसव की सम्भावना रहती है ।

कैसे दूर करें बांझपन?
बांझपन या इन्फर्टिलिटी दूर करने के लिए जरूरी है कि आप अभी से अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें। शुरुआत से अपना मोटापा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें। सिगरेट, शराब, तंबाकू उत्पादों का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। खानपान में पौष्टिक आहार शामिल करें और रोज थोड़ी एक्सरसाइज जरूर करें।



सावधान, आपकी ये आदत बन सकती हैं बीमारियों का कारण

कुछ लोगों को नाखून चबाने की गंदी आदत होती है। उन्हें नाखून चबाना अच्छा लगता है। लेकिन नाखून चबाना मतलब कई बीमारियों को बुलावा देना होता है। कई बार नाखून खाते-खाते घाव हो जाते हैं। कई बार खून भी निकलने लगता है। अगर ऐसा होता है तो आपको नाखून चबाने की आदत नहीं है। आपको पिकिंग डिसॉर्डर है। इसे एसपीडी कहते हैं, दरअसल यह मनोरोग है। आइए जानते हैं क्या हैं इस रोग के लक्षण।

कई बार आप तनाव के वजह से आप अपने नाखूनों को चबाना शुरू कर देते हो और आपको पता भी नहीं चलता है। ऐसा होना बहुत गलत है। जब आपके आसपास की त्वचा को चबाने की आदत बन जाए तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है। धीरे-धीरे आपकी यह आदत गंभीर बीमारी का कारण बन जाती है।

नाखून के आसपास खुजली होने वाली त्वचा को बार-बार खीचने का मन करता है। कुछ लोगों में यह अनुवांशिक भी होता है, जो की स्वभाव में उतार-चढ़ाव के दौरान ऐसी हरकते करते रहते हैं। नाखून चबाना और बाल खींचना इसी में आता है।

यह ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर है जिसमें व्यक्ति एक काम को बार-बार दोहराने लगता है। यह जानते हुए भी वह यहीं काम करता है जो उसे बार-बार नुकसान पहुचाएगा। देर तक वह इसी काम को करते रहते हैं जिसे उन्हें नुकसान पहुंचे। समय रहते इसका उपचार करना बहुत जरूरी है।
एसपीडी थिरेपी का उपचार कराना बहुत जरूरी है। आप चाहें तो इसे ध्यान हटाने के लिए कुछ और काम करना शुरू कर दें जब आपका मन नाखून चबाने को करें तुरंत आप अपना ध्यान किसी और काम में लगा लें। जब आपका ध्यान किसी और काम में लगता है तो आप इसे करना भूल जाएंगे। उंगली को सुंदर बनाने के लिए अपने नाखूनों को पूरा ध्यान रखें। समय-समय पर मेनिक्योर करवाएं।



रोज पिएं किशमिश भीगा हुआ पानी और पाएं बीमारी और बुढ़ापे से निजात

कई लोगों को किशमिश खाना पसंद नहीं होता लेकिन हमारी यह खबर पढ़ने के बाद आप किशमिश खाना शुरू कर देंगे।
ड्राई फ्रूट का एक प्रकार किशमिश सेहत का खजाना है। इसमें अधिक मात्रा में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर पाया जाता है।
किशमिश अंगूर को सुखा कर तैयार किया जाता है जिससे उसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। किशमिश का रोजाना सेवन आपको कई बीमारियों से निजात दिला सकता है। पानी में इसे भिगोकर खाने से भी आपको बेहतरीन लाभ मिलते हैं और इसके पानी का सेवन भी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
किशमिश के पानी के लिए सबसे पहले एक पैन में किशमिश को पानी में डालकर अगर 20 मिनट तक उबालें और पानी को रातभर रखने के बाद सुबह इसका सेवन करें तो आपको कई लाभ मिलेगे। जानिए।
1) आप तो यह जानते ही होगे कि किशमिश खाने से आपकी उम्र बढ जाती है, लेकिन इसके साथ ही ये आपकी त्वचा में आई झुर्रियो को भी हटा हेती है। इसके लिए इसके पानी को रोज सुबह पीएं। जिससे आप हमेशा जवां रहें।
2) रोजाना इसके सेवन करने से आपको पाचन, मेटाल्जिम आदि के स्तर को कम रखेगा। जिससे आप हमेशा फिट रहेगे।
अगर आपको बुखार आ रहा है तो इसका सेवन करें। इसमें मौजूद फिनॉलिक पायथोन्‍यूट्रियंट जो कि जर्मीसाइडल, एंटी बॉयटिक और एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों से बुखार छूमंतर हो जाता है।
3) अगर आपको कब्ज, एसिडिटी और थकान की समस्या है तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से जल्द आपको फायदा नजर आएगा।
4) किशमिश के पानी को रोज पीने से कोलेस्ट्राल के लेवल को ठीक रखता है। जो कि अधिकतर लोगों को अनियमित रूप से खाना खाने के कारण हो जाता है। इसीलिए इसका सेवन करें। साथ ही ये शरीर के ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मदद भी करता है।
5) रोजाना इसके पानी पीने से आपका लिवर भी फिट रहता है और यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।




जोड़ो के दर्द से है परेशान, तो अपनाएं ये तरीके चुटकियों में होगा ठीक....

हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे है जो दिनभर काम करते है…जिन्हें ना तो सही खाना खाने का वक्त मिलता है…और ना ही आराम करने का…ऐसे में उनका शरीर हर वक्त थकान महसूस करने लगता है…और सर्दियों में ये परेशानी और भी बढ़ जाती है।
सबसे ज्यादा ये परेशानी हमें बॉडी के ज्वॉइंट्स में होती है…और काम करने के लिए उनका ठीक रहना बहुत ही जरूरी है…ये ना सिर्फ हमें एक्टिव करते हैं बल्कि चलने-फिरने में मदद करते हैं. ऐसे में ज्वॉइंट्स का स्ट्रांग होना भी जरूरी है….आज हम आपकी इसी परेशानी का हल ढूंढ कर लाएं…तो चलिए बताते है कैसे आप अपने शरीर को बना सकते है स्वस्थ….
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वेट करें कंट्रोल- मसल्स और बोन्स को स्ट्रांग करने, साथ ही जोड़ों की देखभाल के लिए बेस्ट तरीका है कि आप अपने वेट को कंट्रोल करें. एक्ट्रा वेट ज्वॉइंट्स पर प्रेशर डालता है.
एक्‍सरसाइज- एक्‍सरसाइज से एक्‍ट्रा वजन को कम करने और वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. चाहे तो स्विमिंग या साइक्लिंग भी कर सकते हैं.
एक ही पोजीशन में देर तक ना बैठे- जो लोग अधिक समय तक कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, उनके जोड़ों में दर्द होने की आशंका अधिक रहती है. जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए अपनी स्थिति को लगातार बदलते रहिए.
खुश होकर करें एक्‍सरसाइज- यदि व्यायाम को खुशी के साथ किया जाए तो एंडॉर्फिन नामक हॉर्मोन निकलता है, जो आपको हेल्‍दी महसूस करवाता है. एक दिन में कम से कम 20-40 मिनट तक जरूर टहलें.
मसल्‍स को करें स्‍ट्रांग- यदि आपकी मसल्‍स कमजोर हैं, तो इससे आपके जोड़ों में खासतौर पर रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द होगा. ऐसे में मसल्‍स को स्‍ट्रांग करें.
बैठने का सही तरीका भी आपके कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों को सही रखने में मदद करता है. कंधों को झुकाकर न खड़े हों.
हेल्‍दी फूड- हेल्‍दीफूड आपके ज्‍वॉइंट्स के लिए अच्छा है. यह मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है. हड्डियों को हेल्‍दी बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है. कैल्शियम से भरपूर फूड खाएं.


क्या आप भी जब जूते उतारते तब पैरों से आती है बदबू ? , तो ये पोस्ट आपके लिए है

आमतौर पर सभी लोगों के साथ यह समस्या होती है, कि जब वो जूते उतारते हैं तो उनके पैरों से बदबू आने लगती है। तन से आने वाली दुर्गंध को तो हम परफ्यूम लगाकर दूर कर सकते हैं। लेकिन पैरों से आने वाली दुर्गंध को दूर करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। बाज़ार में पैरों की बदबू को दूर करने का कोई भी टिकाऊ उपाय अब तक नहीं आया है। लेकिन आज में आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रही हूं, जिसे अपनाकर आप अपने पैरों से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं।
आईये जानते हैं उन उपायों के बारे में।
यह एक आम समस्या है
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पैरों से आने वाली बदबू को ब्रोमिहाइड्रोसिस के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम लंबे समय तक अपने पैरों में जूते पहने रहेंगे, तो हमारे पैरों से बदबू आना बहुत ही आम बात है, और यह समस्या सभी के साथ होती है।
बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल करें
आप अपने जूतों और मोज़ो को साफ रखकर बड़ी आसानी से अपने पैरों से आने वाली बदबू को रोक सकते हैं।जूतों के अंदर थोड़ा सा बेंकिंग पाउडर डालें। यह आपके जूतों से बदबू को हटाने में मदद करेगा।
टी-बेग को जूतों में रखें
अपने पैरों की बदबू को हटाने के लिए आप गर्म पानी और चाय की पत्ती के नुस्ख़े को आज़मा सकते हैं। एक टब में गर्म पानी डालें और फिर उस में चाय की पत्ती या टी-बेग डालें। लगभग आधे घंटे के लिए अपने पैरों को इस गर्म पानी में रहने दें।
सेब का सिरका भी आ सकता है आपके काम
एक टब गर्म पानी में सेब का सिरका डालें और अपने पैरों को इस पानी में थोड़ी देर के लिए रहने दें। यह बड़ी ही आसानी से आपके पैरों की बदबू को दूर कर देगा। अगर आप चाहें तो अपनी बदबूदार जुराबों को भी इस पानी में थोड़ी देर के लिए भिगो सकते हैं।
जीवाणुरोधी साबुन से पैर धोयें
एक दिन में दो बार अपने पैरों को जीवाणुरोधी साबुन और गर्म पानी से धोऐं। यह आपके पैरों की बदबू को दूर भगाने का काफी अच्छा तरीका है, क्योंकि यह साबुन बदबू पैदा करने वाले जीवाणुओं को पैदा होने से रोकता है।
चावल के पानी में पैर डुबोएं
बदबू हटाने के लिए आप चावल के पानी का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए चावल को आधे घंटे तक पानी में भिगोएं और फिर इस पानी को छान लें। अब इस पानी में अपने पैरों को डूबोएं, आपके पैरों की बदबू झट से चली जायेगी।https://healthtoday7.blogspot.in/

फिटकरी का करें प्रयोग
फिटकरी की मदद से बैक्टीरिया को आसानी से ख़त्म किया जा सकता है, क्योंकि फिटकरी में एंटी-सेप्ट‍िक गुण मौजूद होते हैं। एक कप पानी में एक चम्मच फिटकरी डालें और इससे पैरों को धोएं। कुछ दिन तक यह नुस्ख़ा आज़माएं। पैरों की बदबू आसानी से दूर होने लगेगी।
टेलकम पाउडर को जूतों में डालें
टेलकम पाउडर का इस्तेमाल आप ज़रुर करते होंगे। अब से अपने पैरों पर भी टेलकम पाउडर का प्रयोग करें। ऐसा करने से आपके पैरों की बदबू कम होगी और आपके पैर लंबे समय तक महकेंगे। टेलकम पाउडर पसीने को आने से भी रोकता है।


खाली पेट खाएं भुना हुआ लहसुन, होंगे 5 जबरदस्त फायदे


 लहसुन का इस्तेमाल हम खाने का स्वाद बढाने में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से खाना का टेस्ट बदल जाता है। लेकिन आप जानते है कि लहसुन की एक कली हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। ये आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपके सेहत का भी ख्याल रखता है....
1 सुबह खालीपेट लहसुन को भूनकर खाने से कॉलेस्ट्रॉल कम होता है, और कॉलेस्ट्रॉल से जुड़ी सभी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय की नलियों में कॉलेस्ट्रॉल का जमाव आदि के लिए यह बेहद फायदेमंद तरीका है।
2 वजन कम करना चाहते हैं तो भी यह फायदेमंद है, क्योंकि कॉलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने के साथ-साथ आपका वजन घटने लगेगा और मोटापा गायब हो जाएगा।
3 सर्दी के दिनों में यह सर्दी, खांसी और जुकाम से बचाता है और शरीर में गर्माहट पैदा करने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह रक्तप्रवाह को भी बेहतर बनाए रखता है।
4 प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ यह ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है और अपने एंटी इंफ्लेमटरी एवं एंटी फंगल गुणों के कारण शरीर की अंदरूनी सफाई कर कई बीमारियों से बचाए रखता है।
5 इसमें मौजूद भरपूर कार्बोहाइड्रेट शरीर की कमजोरी को दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्र‍ित करने में भी मददगार है और कब्ज से भी बचाता है ।




सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा हार्ट अटैक का खतरा, जानिए क्यों

यह ब्लॉग आपके लिए बहूत फायदेमंद है । इस ब्लॉग से आपको हररोज कूछ नया जानने को मिलेगा। यह ब्लॉग हररोज अपडेट होता है । 
यह ब्लॉग आपके ज्ञान को बढायेगा औैर आपके लिए बहूत उपयोगी साबित होँगा ।इस ब्लॉग मे हररोज भिन्न भिन्न रोगों के घरेलू नुस्खे प्रचारित होंगे ।
हमारे ऋषिमुनि जिस आयुर्वेद से पुराने और गंभीर रोगों का इलाज करते थे वही आयुर्वेदिक उपचार इस ब्लॉग मे प्रचारित होते है । इसके आधार से आप पुराने और गंभीर रोगों के उपचार अपने आप कर सकेंगे ।
इस के साथ आपको कुदरती उपचार का ज्ञान भी इसी ब्लॉग से मिलँगा । एक ऐसी चिकित्सा पध्दति के बारेमें जानने को मोलेँगा जो बिलकुल मुफ्त है । जिसे चीन औैर जापान ने आज अपनाया हुआ है ,और इसमे नयी नयी खोज भी करते है । जिसे अक्यूप्रेशर चिकित्सा कहते है । इसे अपने आप के लिए आप खुद इलाज कर पायेंगे । इस चिकित्सा मे शरीर के विभिन्न बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार किया जाता है ।
इस ब्लॉग मे स्वदेशी उत्पादन के बारेमें भी महीती मिलती रहेंगी । स्वदेशी उत्पादन यानी हमारे विस्तार के लोँगो द्वारा उत्पादित होने वाले उत्पादन । जिस मे आप आपके जीवन की जरूरी चीजे अपने आप उत्पादित कर पायेंगे ।
इस ब्लॉग मे हररोज नये नये किस्से और ताजा ख़बरे भी प्रचारित होते है । जिसे हम आप तक पहुंचाते रहँगे । 
तो मित्रों इस ब्लॉग हररोज देखते रहे , जो पोस्ट अच्छी लगे उसे अपने दोस्तों को फॉरवर्ड करे ।

सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा हार्ट अटैक का खतरा, जानिए क्यों 

इस खबर काे पढ़ते ही अाप अाज से ही शुरु कर देंगे दूध में हल्दी मिलाकर पीना।

इस खबर काे पढ़ते ही अाप अाज से ही शुरु कर देंगे दूध में हल्दी मिलाकर पीना।
आम तौर पर सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर घरेलू इलाज के रूप में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि हल्दी वाले दूध के एक नहीं अनेक फायदे हैं? आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। हल्दी व दूध दोनों ही गुणकारी हैं, लेकिन अगर इन्हें एक साथ मिलाकर लिया जाए तो इनके फायदे दोगुना हो जाते हैं। इन्हें एक साथ पीने से यह कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
- रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है।
- गठिया दूर करने में सहायक
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।
- वजन कम करने में सहायक
वजन कम करना हल्दी वाले दूध से पोषण के फैट्स को नष्ट करने में सहायता मिलती है। यह वजन को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
- सांस संबंधी बीमारियां
सांस संबंधी बीमारियां हल्दी वाला दूध प्रतिजैविक होने के कारण जीवाणु और विषाणु के संक्रमण पर हमला करता है। इससे सांस सम्बन्धी बीमारियों के उपचार में लाभ मिलता है। यह मसाला आपके शरीर में गरमाहट लाता है और फेफड़े व साइनस में जकड़न से तुरंत राहत मिलती है।
कैंसर जलन और सूजन कम करने वाले गुणों के कारण यह स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रॉस्ट्रेट और बड़ी आंत के कैन्सर को रोकता है। यह कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।
- नींद न आना
हल्दी वाला गर्म दूध ट्रिप्टोफैन नामक अमीनोअम्ल बनाता है जो शान्तिपूर्वक और गहरी नींद में सहायक होता है।
- सर्दी और खांसी
सर्दी और खांसी अपने प्रतिजीवाणु और प्रतिविषाणु गुणों के कारण हल्दी वाले दूध को सर्दी और खांसी का बेस्ट उपचार माना जाता है।



इन 4 तरीकों से आप घर बैठे और कसरत किये बिना अपना वजन कम कर सकते है !
कसरत किये बिना वजन कम – आजकल हर कोई हल्‍थ कान्‍शियस हो गया है और होना भी चाहिए ।
आज की भागदौड़ भरी में फिट रहना समय की जरूरत है। समस्या ये भी है कि हमारे पास हर चीज का समय पर जिम जाने का नहीं।
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तो आइए आपकी इस समस्या का सामाधान हम करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे अचूक तरीके बताएंगे जिससे आप घर बैठे कसरत किये बिना वजन कम कर सकते हैं।
कसरत किये बिना वजन कम –
1- कसरत नहीं डांस कीजिये
घर पर जिम की तरह उपकरण तो रख नहीं सकते.
इस कारण घर पर रोज कम से कम आधे घंटे का डांस जरूर करिए। इसके लिए आपको सिर्फ इंटरनेट पर उन गानों की वीडियो चलानी होगी जिसे आप पसंद करते हैं। उसे देखते हुए कदमताल मिलाकर आप न सिर्फ अपना वजन कम करने की ओर पहला कदम बढ़ाएं बल्कि ऐसा करने से आपका मन प्रसन्न और दिमाग भी शांत रहेगा। आजकल डांस वर्कआउट फॉर होम के नाम से काफी वीडियोज इंटरनेट पर छाए हुए हैं. आप अपनी सुविधा अनुसार उनका चयन कर उसे फॉलो करें और महीने भर में कई किलो तक वजन कम करें।
2- इस तरह कम होगी पेट की चरबी
लोग खाना खाने के दौरान और खाने के तुरंत बाद पानी पीने लगते हैं, ऐसा बिल्कुल न करें।
यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको कब्ज की शिकायत से दोचार होना पड़ सकता है। कुछ समय बाद आपकी सेहत भी खराब हो सकती है। इसलिए पानी हमेशा खाना खाने के आधे घंटे बाद पिए। इससे खाना पचने में आसानी रहती है और स्वास्‍थ्य दुरुस्त रहता है। नियमित रूप से अपनी आदत में गर्म पानी का सेवन शामिल करिए। ऐसा करने से भी आपको अपने वजन खासतौर पर पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलेगी।
3- ग्रीन टी और गर्म पानी का जादू
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स न सिर्फ हमारी सेहत दुरुस्त करते हैं बल्कि हमारा वजन कंट्रोल करने में मदद भी करते हैं।
ग्रीन टी को खाली पेट न पिएं। बल्कि सुबह करीब 10 बजे के आसपास शहद के साथ लें। इससे आपको यदि एसीडिटि है तो वो समस्या भी नहीं होगी और ग्रीन टी का पूरा फायदा भी मिलेगा। शाम की चाय के समय भी ग्रीन टी ली जा सकती है। बहुत ज्यादा ग्रीन टी का सेवन न करें। दिन में दो बार ग्रीन टी लेना उतम रहेगा । इसके साथ ही यदि आप गर्म पानी का सेवन भी शुरू कर दें तो काफी तेजी से वजन कम करने में मदद मिलेगी। डॉक्टरों का कहना है कि ठंडे पानी की अपेक्षा गर्म पानी से पेट ठीक भी रहता है और वजन भी कम करने में सहायता मिलती है।
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4- तीन के बजाए दिन भर में पांच बार खाएं
चौंकिए नहीं हम आपको अपनी डाइट बढ़ाने के लिए नहीं कह करे बल्कि एक साथ तीन बार खाने के बजाए दिनभर में तीन बार खाने के को ही पांच भाग में विभाजित करें।
थोड़ा थोड़ा पर कई बार में और पौष्टिक खाना खाएं। अपने खाने में दही, फल, जूस, सलाद हर हाल में शामिल करें। भूख लगने पर फ्रूट चाट भी खाई जा सकती है। इसी तरह खाने के बाद छाछ पिया जा सकता है। शाम के समय स्नैक्स के तौर पर पोहा, चने, स्प्राउट्स लिए जा सकते हैं।
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इस तरह आप कसरत किये बिना वजन कम कर सकते है – इन नुस्‍खों को अपनाइए और फिर देखिए किस तरह आपके हस्बैंड, बॉयफ्रेंड या तक कि बेस्ट फ्रेंड भी आपकी फिजीक देखकर आश्चर्यचकित रह जाएंगे। घर पर भी आसानी से वजन कम किया जा सकता है। बस खुद के लिए थोड़ा सा समय निकालिए और दृढ़ विश्वास के साथ ऊपर लिखे फॉर्मूलों को फौलो करिए और महीने भर में मनचाहा फिजीक पाइए।

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