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महिला के लिए 10 जरूरी न्यूट्रीशस

महिला के लिए 10 जरूरी न्यूट्रीशस, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर


दिन भर में अलग-अलग रोल निभाते हुए महिलाएं अक्सर अपनी सेहत के साथ समझौता कर लेती हैं। बिजी लाइफस्टाइल और जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते हेल्दी फूड नहीं लेती जिससे स्ट्रैस, थकान और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ने लगती है इसलिए महिलाओं को पोषक तत्वों की जरूरत पुरुषों से ज्यादा होती है। हार्मोन में बदलाव, पीरियड्स, मां बनने और मेनोपॉज के कारण महिलाओं के शरीर की जरूरतें भी बदलती रहती हैं। सिर्फ प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम ही नहीं बल्कि अन्य कई पोषक तत्वों का सेवन भी महिलाओं को रोज करना चाहिए ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी हेल्थ का ध्यान भी रख सकें। जानते हैं महिलाओं को किन पोषक तत्वों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है और इसकी कमी को कैसे पूरा किया जाए।

फोलिक एसिड

पीरियड्स और प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं के शरीर को फोलिक एसिड की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। साथ ही इससे महिलाएं दिमागी प्रॉब्लम जैसे डिप्रेशन, माइग्रेन से भी बची रहती हैं। इसकी कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, एवोकाडो, ड्राई बीन्स, नट्स, मटर, ब्रोकली, खट्टे फल और दालों आदि को शामिल करें।

आयरन
शरीर में आयरन की कमी होने से न सिर्फ थकान महसूस होती है बल्कि इससे नींद भी नहीं आती साथ ही महामारी के कारण महिलाओं के शरीर में ब्लड की कमी हो जाती है ऐसे में उन्हें आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। इसके लिए पालक, चावल, किडनी बीन्स, टमाटर, ब्रोकली, अंजीर, अखरोट, बादाम-काजू, किशमिश, खजूर और सफेद चने आदि का सेवन करें।

फाइबर

फाइबर पाचन क्रिया को दरुस्त रखने के लिए बहुत जरूरी है। 19 से 50 साल की महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर रोजाना लेना चाहिए वहीं 51 से ऊपर वाली महिला को 21 ग्राम फाइबर रोजाना लेना चाहिए। इससे टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। फाइबर के लिए आप सेब, अखरोट, ब्राऊन राइस, पालक, स्वीट कॉर्न, ब्रोकली, गाजर आदि का सेवन करें।

विटामिन्स

विटामिन व खनिज युक्त चीजों का सेवन भी महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। 19 वर्ष की आयु के बाद से ही महिलाओं को रोजाना कम से कम 75 ग्राम विटामिन लेना चाहिए। इसके लिए आप लाल शिमला मिर्च, अमरूद, संतरा, ब्रोकली और स्ट्राबेरी का सेवन कर सकती हैं। अंडे की जर्दी, टूना फिश और कैटफिश में भी विटामिन्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए आप बादाम, पालक, शलगम, जैतून का तेल, नारियल तेल, एवोकाडो, ब्रोकली, पपीता आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।
प्रोटीन

महिला को हर रोज करीब 45 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। इससे न सिर्फ हड्डियां मजबूत होती है बल्कि महिलाएं कई बीमारियों से भी बची रहती हैं। इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में चिकन, रेड मीट, मछली, काजू और बादाम का सेवन कर सकते हैं।

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम नाड़ियों व मांसपेशियों को मजबूती देता है। साथ ही इससे ब्लड प्रैशर भी कंट्रोल में रहता है, जिससे महिलाएं दिल की बीमारियों से बची रहती हैं। इसके स्रोत कददू के बीज, पालक, काले बिन्स, नट्स, चावल, दालें, एवोकाडो और हरी पत्तेदार सब्जियां हैं। आप इसे अपनी डाइट में शामिल करें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड
प्रत्येक महिला के लिए प्रतिदिन 1.1 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड लेना जरूरी है। यह आपको सॉलमन, मैक्‍रेल, ट्यूना और हेरिंग जैसी म‍छलियों में मिलता है। इसके अलावा नट्स व बीजों, खासतौर पर चिया और अलसी के बीजों का सेवन भी किया जा सकता है।

कैल्शियम
30-35 की उम्र के बाद हर महिला को कैल्शियम की ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि यह हड्डियों को मजबूत बनाकर गठिया जैसी प्रॉब्लम को दूर रखता है। शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में काले बिन्स, दूध, दही, पनीर, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल के बीज, आरेंज, सोया मिल्क और बादाम आदि शामिल करें।

पोटेशियम

पोटेशियम से हड्डियां स्वस्थ रहती है और इससे शरीर एनर्जेटिक भी रहता है। साथ ही इससे दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रैशर, हार्ट अटैक और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। पोटेशियम के लिए आप केला, संतरा, फलों का रस, खीरा, एवोकाडो, अखरोट, बीन्स, शकरकंदी और पालक का सेवन कर सकते हैं।


एंटीऑक्सीडेंट
एंटीऑक्सीडेंट कैंसर, दिल के रोग, स्ट्रोक और बुढ़ापे की बीमारियां को दूर रखने में मददगार होता है। साथ ही यह महिलाओं को स्ट्रैस-फ्री रखने के साथ-साथ झुर्रियों को भी दूर रखता है। ऐसे में डाइट में भूनी हुई लौंग, अखरोट, राजमा, ब्रोकली और मूंगफली आदि को शामिल करें।

वजन कम करने में मददगार है राई, जानिए इसके 6 फायदे


घरों में राई का इस्तेमाल अचार बनाने या फिर कुछ सब्ज‍ियों और सांभर में तड़का लगाने के लिए किया जाता है। राई एक अनाज है जो पोषण और स्वास्थ्य लाभ से भरा होता है। इसमें प्रोटीन होता है जिसे सेक्लिन कहा जाता है। यह ग्‍लूटेन का एक रूप है जो एक ग्लूटेन अनाज बनाता है। राई का इस्तेमाल आटा, बीयर और वोडका तैयार करने के लिए किया जाता है। जौ या गेहूं के आटे की तुलना में राई का आटा ज्यादा पौष्टिक माना जाता है क्योंकि पिसाई के दौरान रोगाणु और चोकर को निकालना बहुत मुश्किल होता है। यह सभी पोषक तत्वों को राई के आटे में मौजूद रहने देता है। आइए जानते हैं राई के फायदों के बारे में-

वजन कम करें

राई का शरीर के वजन पर काफी हद तक प्रभाव पड़ता है, यह वजन बढ़ने से रोकता है और मोटापे के खतरे को कम करता है। राई इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है और कुल प्लाज्मा कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। सुबह और दोपहर में राई की रोटी का सेवन करने से गेहूं की रोटी की तुलना में भूख का स्तर कम हो जाता है क्योंकि राई की रोटी में चोकर की मात्रा सबसे अधिक होती है। 

डायबिटीज करें कंट्रोल 
राई का एक और लाभ यह है कि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियमित और बेहतर बनाने में मदद करता है। राई की रोटी ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित करने और इंसुलिन गतिविधि में सुधार करने में असरदार है। 

कैंसर से बचाव 

साबुत अनाज राई में कैंसर से लड़ने वाले गुण होते हैं जिसमें घुलनशील और अघुलनशील फाइबर, फाइटिक एसिड, प्रतिरोधी स्टार्च, पॉलीफेनोल्स, सैपोनिन और प्रोटीज अवरोधक जैसे तत्‍व होते हैं। ये सभी कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकने में मदद करते हैं। राई के आटे से बने राई उत्पाद ब्रैस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार होते हैं।
हार्ट प्रॉब्लम करें दूर

राई सहित साबुत अनाज आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं क्योंकि इनमें उच्च मात्रा में फाइटोन्यूट्रिएंट्स और फाइबर होते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग रोजाना राई से बने तीन खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक कम होता है। 

बुखार और दर्द में कारगर

कई बार बुखार आने के बाद जीभ पर सफेद परत जम जाती है। धीरे-धीरे भूख और प्यास भी कम होने लगती है। ऐसे में सुबह के वक्त शहद में 4-5 राई का चुर्ण बना कर पीने से कफ वाला बुखार ठीक हो जाता है। अगर आपको भी जोड़ों के दर्द की शिकायत है तो राई का इस्तेमाल आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। रोजाना राई के लेप से जोड़ों की मसाज करने से जोड़ों के दर्द में फायदा होता है। आप चाहें तो इसमें कपूर भी पीसकर मिला सकते हैं।

बाल और स्किन के लिए फायदेमंद

अगर डैंड्रफ की प्रॉब्लम ने आपको परेशान कर रखा है तो राई का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आप चाहें तो राई को रातभर भिगोकर उसके पानी से सिर धो सकते हैं। इसे पीसकर भी आप इस्तेमाल कर सकती हैं। राई में मायरोसीन, सिनिग्रिन जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये दोनों ही चीजें स्क‍िन के लिए बहुत फायदेमंद हैं। रोजाना राई के पानी से चेहरा धोने पर चेहरे की रंगत निखरती है और मॉइश्चर भी बना रहता है।



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