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योगा कब, कहां और कैसे करे


योगा कब, कहां और कैसे करे
1. योगा कब करना चाहिए
1. सुबह खाली पेट योगा करना उत्तम
सुबह खाली पेट योगा करना सबसे उत्तम माना जाता है | इसका कारण है क्योंकि योगा करने से पूरे शरीर में खून दौड़ता है, तथा खून के साथ ही ऑक्सीजन हमारे मस्तिष्क तक पहुंचती है | जिससे हमें तरोताजा महसूस होता है | और हमारे शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रहती है |
लेकिन यदि आप खाना खाने के बाद एक्सरसाइज, प्राणायाम, योग आसन करते हैं | तो खून शरीर के सभी अंगो मैं दौड़ने लगता है | जिससे खाना पचाने के लिए पर्याप्त खून और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है | और खाना ठीक से नहीं पचता है |
इसके अलावा खाना खाने के बाद पेट में भारीपन और ऐंठन होने लगती है | जिससे पेट में दर्द होने की संभावना होती है |
अतः योगा करने का सही समय सुबह खाली पेट योगा करना उत्तम होता है | सिर्फ तीन योगासन हैं, जिनको आप खाना खाने के तुरंत बाद करें तो लाभ होता है – वज्रासन, गोमुखासन, और अर्धचंद्रासन |

भोजन करने के बाद किए जानेवाले योगासन
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2. खाना खाने के 2 घंटे पश्चात ही योगा
जो लोग सुबह योगा करने के लिए समय नहीं निकाल पाते | वह लोग खाना खाने के 2 घंटे बाद योगा कर सकते हैं |
कई बार ऐसी स्थिति आती है, जिन व्यक्तियों को कैंसर, लीवर फेल, किडनी फेल आदि समस्यायें हैं | उन्हें 2 घंटे सुबह और 2 घंटे शाम को योगा करना पड़ता है | तो ऐसी स्थिति में खाने के 2 घंटे बाद योगा करना चाहिए |
3. योगा करने का उचित समय
योगा करने का सबसे उत्तम समय सुबह 5:00 बजे से लेकर 8:00 बजे तक माना जाता है | इसके अलावा जो लोग सुबह योगा नहीं कर पाते हैं | उनके लिए शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक का समय अच्छा होता है |


how to do yoga in hindi
4. योगा कहां करें
योगा करने के लिए ऊनी कपड़ा या प्लास्टिक की मेट, चटाई बिछाकर ही योगा करें |
योगा हमेशा खुली हवा में करें | जैसे गार्डन में बैठकर योगा करना उचित है | सरोवर, नदी, झरना आदि प्रकृति से जुड़कर योगा करना बहुत लाभदायक है |
यदि आप गार्डन में जाने के लिए टाइम नहीं निकाल पाते, तो आप घर के अंदर खिड़की खोल कर भी योगा कर सकते हैं |



योगा करने के लिए ऊनी कपड़ा या प्लास्टिक की मेट, चटाई बिछाकर ही योगा करें | योगा हमेशा खुली हवा में करें | जैसे गार्डन में बैठकर योगा करना उचित है |

5. योगा शुरू करें

योगा कोई भी व्यक्ति कर सकता है | और अपनी दिनचर्या में ऊर्जावान बन सकता है | तनाव से मुक्त होकर, स्वस्थ जीवन जी सकता है | तो आज से ही योगा शुरू करें |




योगा-प्राणायाम के फायदे 
शारीरिक लाभ
1. मोटापा कम करता है

इससे कमर दर्द में राहत मिलती है |और खासकर प्रसव के बाद कमर के आसपास बढ़ने वाली चर्बी से निजात पाने में बहुत मदद मिलती है | गर्भाशय मजबूत होता है तथा कमजोरी और शरीर का ढीलापन भी दूर होता है |

– अनुपमा योगाचार्य
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पेट का मोटापा कम करने के लिए योगासन-प्राणायाम
2. शरीर को सुडौल बनाता है :-

आप खुद को फिट रखने के लिए जिम जाती हैं लेकिन फायदा नहीं होता, तो सूर्य नमस्कार कीजिए | इससे आपकी कमर, मांसपेशियां और मानसिक स्वास्थ्य फिट रहेगा | सूर्य नमस्कार से शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा कम हो जाती है| और वजन भी नियंत्रित रहता है |
3. हाई ब्लड प्रेशर में राहत :-

आज के समय अनेक लोग हाइपरटेंशन हाई ब्लड प्रेशर से बहुत परेशान है | कारण आपाधापी भरी जिंदगी में हम सबको छोटी-छोटी समस्याओं से होकर गुजरना पड़ता है | लेकिन यह समस्याएं कभी-कभी तनाव को बढ़ा कर लोगों को हाई बीपी का मरीज बना देती हैं | हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर करने के लिए शवासन रामबाण की तरह कार्य करता है | शवासन में किसी भी तरह का शारीरिक श्रम नहीं लगता है | इसे करते वक्त शरीर की स्थिति शव के समान हो जाती है, इसलिए इसे शवासन कहते हैं | शीतली प्राणायाम करके भी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकते हैं |
– प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट

मेट्रो हार्ट इंस्टिट्यूट नोएडा

4. डायबिटीज में राहत :-

1. आमतौर पर योग के अंतर्गत योगाआसन, प्राणायाम और ध्यान को शामिल किया जाता है | अगर कोई व्यक्ति इंसुलिन पर निर्भर है और वह योग कर रहा है | तो उसकी इंसुलिन लगभग 25 फीसद कम हो जाती है |
डायबिटीज टाइप 2 में लाभप्रद :- योग करने वाले डायबिटीज टाइप 2 से ग्रस्त लोगों के पैंक्रियास में इंसुलिन का निर्माण बढ़ जाता है | इस कारण उनको ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है |
योग है फायदेमंद :- डायबिटीज में अनुलोम- विलोम प्राणायाम, भ्रामरी और भस्त्रिका प्राणायाम कारगर है | इसी तरह सुदर्शन क्रिया भी लाभकारी है | डायबिटीज वालों के लिए मंडूकासन, शशकासन और पवनमुक्तासन भी लाभप्रद है | शुगर कम होने की स्थिति (हाइपोग्लाइसीमिया) में ताड़ासन और पद्मासन विशेष रूप से लाभप्रद है |


2. योग के महत्वपूर्ण हिस्से हैं – आहार और ध्यान| इनके जरिए ना सिर्फ डायबिटीज से बचा जा सकता है, बल्कि जिन्हें पहले से डायबिटीज है, उन्हें भी मदद मिलती है | डायबिटीज रोगी हरी सब्जियां वह फल खाएं |साथ में प्राणायाम करें| दवाओं के साथ योग डायबिटीज के बचाव और नियंत्रण के लिए कारगर है |
– अशरफ गनी, एडिशनल प्रोफेसर एम्स

5. दमा (Asthma) में योग से मिले राहत :-

1. भारत में लगभग तीन करोड़ लोग दमा या अस्थमा से पीड़ित हैं | इनमें लगभग 30% लोग ही इनहेलर का प्रयोग करते हैं | शेष लोग दमा के कारण कस्टमय जीवन व्यतीत करते हैं |

शोध कार्य का उत्साहवर्धन निष्कर्ष :- देश में 40% लोगों में अस्थमा अनियंत्रित वह 60% लोगों में आंशिक रूप से नियंत्रित है | किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ विश्वविद्यालय के तत्वावधान में योग और अस्थमा पर हुए शोध कार्य द्वारा एवं ईश्वर से सामने आया है कि यदि प्रतिदिन 30 मिनट योग किया जाए तो दमा के मरीजो के जीवन स्तर में सुधार आता है | योग करने से एंटी ऑक्सीडेंट्स का स्तर शरीर में बढ़ जाता है |
इस शोध में कुछ निष्कर्ष किए हैं :-
फेफड़े की बंद सांस की नलियांं खुलती है|
फेफड़ों के कार्य क्षमता में वृद्धि होती है |
दमा के लक्षणों में सुधार आने के साथ ही इन्हेलर की मात्रा में भी कमी आती है| व्यक्ति सुचारु रुप से अपना कार्य कर सकता है| इसलिए योग को सहचिकित्सा के रूप में इन्हेलर चिकित्सा के साथ उपयोग में लाया जा सकता है| दमा के साथ जिंदगी जी रहे लोगों के लिए मुख्य रूप से ताड़ासन, पर्वतासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, गोमुखासन, धनुरासन, नौकासन, शवासन करना अत्यंत लाभप्रद है |प्रतिदिन रोजाना लगभग 15 से 30 मिनट करने से शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है | नाड़ी शोधन, भ्रामरी और भस्त्रिका प्राणायाम दमा के रोगियों के लिए प्रमुख रूप से लाभप्रद है |
-डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग,
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ

2. हाल में हमने साथ सांस के मरीजों पर शोध किया| इनमें से 30 को दवा के साथ योग करवाया गया | बाकी 30 को दवा के साथ स्टैंडर्ड थेरेपी दी गई | योग करने वाले मरीजों में तेजी से सुधार हुआ |
– डॉ. रणदीप गुलेरिया,


6. किडनी के रोगियों के लिए लाभकारी :-


पीजीआई लखनऊ के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद के अनुसार, योग का गुर्दे की बीमारी पर सीधा असर नहीं है, पर लगातार योग से शरीर में रोगों से लड़ने की ताकत पैदा होती है| गुर्दे की बीमारी से पीड़ित 60% मरीजों को दिल का रोग लग जाता है | नियमित योग से इन दिक्कतों को टाला जा सकता है |किडनी रोगी डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही योग करें |
मानसिक लाभ
1. मानसिक तनाव से मुक्ति

तनाव आधुनिक युग की प्रमुख समस्या है | शारीरिक खिंचाव या थकान को आप विश्राम कर दूर कर सकते हैं |लेकिन मानसिक तनाव को नियंत्रित करना एक प्रमुख समस्या है| मानसिक तनाव को दिल का दौरा पड़ने का मुख्य कारण माना गया है| ऐसे में स्वयं को तनाव मुक्त रखने का सबसे आसान साधन है- ध्यान यानी मेडिटेशन | ध्यान हमारे मस्तिष्क को आराम दिलाने में एक वरदान साबित हुआ है | आप जब चाहें इस अभ्यास को घर पर कर सकते हैं|
-डॉ. परदीप चौबे,
लेप्रोस्कोपिक एंड बेरिएट्रिक सर्जन,
मैक्स हॉस्पिटल (नई दिल्ली)

2. सकारात्मक दृष्टिकोण


योग शरीर की हर कोशिका को प्रभावित करता है | योगाभ्यास करने वाले व्यक्ति का दृष्टिकोण सकारात्मक होता है | और वह उद्देश्यपूर्ण और स्वस्थ जीवन व्यतीत करता है |
3. ध्यान केंद्रित करता है
कितने समय करें

योग विशेषज्ञों की मानें तो रोजाना 30 मिनट तक किया गया योगा तनाव को कम करने में सहायक होता है | यदि तनाव कम होता है तो हमारा दिल अपने आप ही ठीक रहेगा |

योगा-प्राणाया

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