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सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म का सुख पाने के लिए करने होंगे ये काम
ऑर्गेज्म आपको सेक्स में संतुष्टि और सुखद सेक्स का अहसास दिलाता है।




सेक्स शादीशुदा जिंदगी के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही शारीरिक थकान, तनाव और कई रोगों से भी मुक्त रखता है। ठीक उसी तरह सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म (Orgasm) तक पहुंचना पुरुष या महिला के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ऑर्गेज्म आपको सेक्स में संतुष्टि और सुखद सेक्स का अहसास दिलाता है। ऑर्गेज्म यानी सेक्सुअल क्लाइमेक्स जिसे सेक्स प्रक्रिया के दौरान लगातार अपने पार्टनर को सेक्सुअली उत्तेजित करने से महसूस किया जा सकता है। हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाएं सेक्स के दौरान चरम आनंद (Orgasm) महसूस कर सकती हैं।

शोध के अनुसार
कई शोध में यह बात सामने आई है कि 75 फीसद महिलाएं मानती हैं कि वे अकेले ही ऑर्गेज्म की अनुभूति करती हैं। वहीं इनसे आधी महिलाओं का मानना है कि वे जीवनसाथी के साथ सेक्स के दौरान ऐसा अनुभव करती हैं। जाहिर सी बात है कि इस शोध से यह तथ्य सामने आता है कि रोजमर्रा की जिंदगी में सेक्स अब सुचारू नहीं रह गया है और न ही खुशी प्रदान करने वाला। जबकि सच्चाई तो यह है कि संभोग के दौरान मिलने वाली खुशी हमारे लिए न केवल हेल्दी है बल्कि हमें लंबा जीवन भी देती है।

अद्धुत अहसास है ऑर्गेज्म
आज भी कई कपल ऐसे होते हैं, खासकर महिलाएं जिन्हें पता ही नहीं होता कि सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म यानी चरम-आनंद महसूस करने जैसा भी कोई अहसास होता है। लेकिन हकीकत यह भी है कि एक बार इस अद्भुत अहसास को महसूस कर लेने के बाद पुरुषों से कहीं ज्यादा महिलाएं ऑर्गेज्म का सुख बार-बार पाना चाहती हैं। ऐसे में फोरप्ले (संभोग के पहले की कामुक क्रियाएं) ही आपको चरम-आनंद की प्राप्ती कराने में सहायक है। मेडिकल के अनुसार, सभी महिलाएं चाहें तो ऑर्गेज्म का सुख पाने में सक्षम हो सकती हैं। सेक्स एक्सपर्ट के अनुसार, अधिकतर महिलाएं मल्टिपल ऑर्गेज्म पाने के योग्य होती हैं, यदि वे इसे पाना चाहें तो। मैच्योर महिलाओं में मल्टिपल ऑर्गेज्म पाने की योग्यता अन्य महिलाओं के मुकाबले अधिक होती है।


हेल्दी भी है ऑर्गेज्म
ऑर्गेज्म तक पहुंचने से आप कई रोगों से भी बचे रहते हैं। यह काफी हेल्दी होता है। लंबी आयु जीने के लिए भी ऑर्गेज्म बहुत जरूरी है। इसका प्रभाव शरीर के कई हिस्सों और अंगों पर पड़ता है। अध्ययन से पता चलता है कि जैसे ही सेक्सुअल गतिविधियां ऊपर की ओर बढ़ती हैं, स्तन कैंसर का खतरा कम होता जाता है। ऐसा संभव हो पाता है ऑर्गेज्म के साथ ही ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन्स के सक्रिय हो जाने से। यह भी देखा गया है कि नियमित ऑर्गेज्म की प्राप्ति से हार्ट अटैक से बचाव होता है और ब्रोन हेल्दी रहता है। इसके कई अन्य लाभ हैं। यह शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द के प्रभाव को कम करता है। अध्ययन बताते हैं कि यह पीरियड्स में होने वाले दर्द, माइग्रेन और अन्य दर्द को कम करने के लिए नेचुरल पेनकिलर की तरह काम करता है।
क्या है फीमेल ऑर्गेज्म
एन्ड्रोलॉजिस्ट डॉ. अजित सक्सेना के अनुसार, ऑर्गेज्म यानी सेक्स के दौरान प्लेजर का अहसास होना। इसकी फीलिंग दिमाग में होती है। इसमें कई तरह के हार्मोन्स निकलते हैं, जो शरीर की मांसपेशियों को उत्तेजित करती हैं। पुरुषों में सेक्सुअल इंटरकोर्स दरअसल चार भागों में विभाजित होता है डिजायर, इरेक्शन, एजैक्यूलेशन और ऑर्गेज्म। महिलाओं में डिजायर, इजैक्यूलेशन (कुछ महिलाओं में होता है और कुछ में नहीं)। ऑर्गेज्म सब में होता है पर हर बार नहीं होता। सच्चाई तो यह है कि सिर्फ सेक्सुअल इंटरकोर्स से ही ऑर्गेज्म नहीं पाया जा सकता। यदि पार्टनर सेक्सुअल इंटरकोर्स के पहले थोड़ा फोरप्ले जैसे गर्दन के आसपास, वेजाइना, थाइज आदि जगहों को प्यार से सहलाए, उन्हें उत्तेजित महसूस कराए तो ऑर्गेज्म तक पहुंचा जा सकता है। यदि आप ऑर्गेज्म को बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ ऐसा कर सकते हैं-

1 अपनी पार्टनर को रिलैक्स करें। उन्हें घर के कार्यों और बच्चों की चिंता से कुछ पल के लिए दूर रहने को कहें, क्योंकि सेक्स के दौरान दिमाग में दस बातों को सोचते रहने से आप एक-दूसरे को कंपनी नहीं दे पाएंगे। सेक्स को एंज्वॉय नहीं कर सकेंगे। ऐसे में आप लाख कोशिशों के बावजूद भी ऑर्गेज्म नहीं महसूस कर सकतीं।

2 इस बात का भी ध्यान रखें कि सेक्स के दौरान कमरे का वातावरण रोमांटिक, कूल और खुशनुमा रहे।

3 कम उम्र में महिलाओं के दिमाग में प्रेग्नेंट होने का डर रहता है। इसी डर के कारण कुछ महिलाएं खुल कर सेक्स लाइफ को इंज्वॉय नहीं करतीं, जिससे वे ऑर्गेज्म से वंचित रहती हैं। इन बातों को अपने दिमाग से निकाल दें। यदि प्रेग्नेंसी से बचना चाहती हैं, तो इससे बचने के तमाम तरीके अपनाएं।

कई शोधों में यह भी बात सामने आई है कि 35 वर्ष से ऊपर की महिलाएं आसानी से ऑर्गेज्म का सुख पा सकती हैं। क्लाइमेक्स पर पहुंचने के बाद पुरुषों की ही तरह महिलाएं भी वीर्य स्खलित (इजैक्यूलेट) करती हैं, जो बहुत हद तक पुरुषों के समान होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, फीमेल ऑर्गेज्म वह है, जब सेक्स प्रक्रिया के दौरान एक्साइटमेंट बढ़ने का अहसास होने से एक ऐसा क्षण आता है, जहां सब कुछ आनंद की चरम पर जा पहुंचता है। इस ‘ऑर्गेज्मिक मूमेंट’ में सेक्स ऑर्गंस में कॉन्ट्रैक्शन (संकुचन) होने से फीमेल ऑर्गेज्म का अनुभव करती हैं। यह लगभग प्रत्येक 0.8 सेकेंड में होता है।

क्या है मल्टिपल ऑर्गेज्म
पुरुष और महिलाओं के ऑर्गेज्म में सबसे बड़ा फर्क यह होता है कि पहले क्लाइमेक्स के बाद भी कई महिलाएं दोबारा से एक या दो मिनटों के बाद ही ऑर्गेज्म की अवस्था में वापस लौट सकती हैं। ऐसी क्षमता पुरुषों में बहुत ही कम पाई जाती है।

क्लाइमेक्स पर कैसे पहुंचें
अधिकतर पुरुष संभोग के दौरान पेनिस को छूने या रगड़ने से ही तुरंत वीर्य स्खलित (Semen Ejaculate) कर देते हैं। यह स्थिति तब पैदा होती है, जब परिस्थितियां बहुत ज्यादा रोमांटिक नहीं होतीं या फिर पार्टनर उस व्यक्ति से उतना जुड़ाव नहीं महसूस करता पर महिलाएं ऐसी नहीं होती हैं। फीमेल ऑर्गेज्म कोई बटन नहीं है, जिसे पुश करते ही वह प्रतिक्रिया करे। इसके लिए परिस्थितियों का सही होना बेहद जरूरी है। जैसे-

1 सेक्स करते समय नेचुरल लुब्रिकेशन का बेहतर प्रवाह ताकि आपके कोमल व नाजुक अंग में कष्ट या दर्द का अहसास न हो।
2 स्किल्ड पार्टनर जिसे पता हो कि क्लिटोरिस को किस तरह से उत्तेजित किया जाए।
3 इस बात को दिमाग में जरूर रखें कि सेक्सुअल इंटरकोर्स खुद में ही सिर्फ ऑर्गेज्म प्रोड्यूस करने के लिए जिम्मेदार नहीं होता। ऐसा इसलिए क्योंकि इंटरकोर्स अकेले ही महिला के क्लिटोरिस को उत्तेजित करने के लिए काफी नहीं होता। इसलिए अधिकतर महिलाएं क्लिटोरिस को उंगलियों या मुंह से उत्तेजित करने के लिए पार्टनर से सहायक मदद चाहती हैं। ओरल सेक्स के जरिए भी क्लाइमेक्स तक पहुंचा जा सकता है, खासकर तब जब आपके पार्टनर को पता है कि आप क्या चाहती हैं और किस तरीके से आप टर्न ऑन हो सकती हैं। कई महिलाएं अधिक फोरप्ले या लवप्ले की इच्छा रखती हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान-
1 ऑर्गेज्म तक पहुंचने के लिए सेक्स करते समय जल्दबाजी न दिखाएं।
2 हद से ज्यादा डिमांड न करें।
3 अपने पार्टनर से बात करें और उन्हें बताएं कि आप क्या चाहती हैं।
4 रोमांटिक वातावरण हो इस बात का ध्यान हमेशा रखें।
5 सब कुछ आरामदायक, खुशनुमा और सेक्स करने की इच्छाओं को तीव्र करने वाला हो।
6 प्राइवेट पार्ट्स को छूने, सहलाने से भी ऑर्गेज्म तक पहुंचा जा सकता है।
7 यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है तो ज्यादा लुब्रिकेशन के लिए केमिस्ट शॉप से बेहतर क्वालिटी का लुब्रिकेशन खरीदें।
8 फीमेल ऑर्गेज्म पाने की मुख्य चाबी है क्लिटोरिस, वेजाइना को उत्तेजित करना। जब पार्टनर आपके शरीर के किसी भी अंग या प्राइवेट पार्ट्स को सहलाते या छूते हैं तो आपका शरीर भी उसी तरीके से रिएक्ट करता है।
9 मसाज, फोरप्ले यहां तक कि रोमांटिक बातें करने से भी ऑर्गेज्म तक पहुंचा जा सकता है।
10 ऑर्गैज्म के दौरान आप क्लिटोरिस में उत्तेजना, हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और सांसों का तेजी से बढ़ना महसूस कर सकती हैं।

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