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आपकी हथेली बताती है कि भविष्य में आपको कौन सी बीमारी होगी,

आपकी हथेली बताती है कि भविष्य में आपको कौन सी बीमारी होगी, जानिए कैसे


हाथ की रेखाएं ना सिर्फ आपके स्वभाव और भविष्य के बारे में बताती हैं, बल्कि ये आपके सेहत का भी राज खोलती हैं। जी हां, किसी व्यक्ति की हाथ की रेखाओं से उसके सेहत की स्थिति के बारे में जाना जा सकता है, यहां तक कि हाथ की रेखाओं से भविष्य में होने वाले रोग की पहचान भी की जा सकती है।

आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपनी हाथ की रेखाओं से भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता कर सकत हैं, तो चलिए जानते हैं कौन सी रेखा या चिह्न कौन सी बीमारी का संकेत देते हैं..
गठिया का संकेत

अगर किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य रेखा (बुध क्षेत्र से प्रारंभ होकर नीचे मणिबंध की ओर आती है) छिन्न-भिन्न है और चन्द्र स्थान से निकलकर एक रेखा आयु रेखा को काटती है, तो ऐसे व्यक्ति को गठिया रोग होने की सम्भावना होती है।
एसिडिटी की समस्या

वही अगर किसी व्यक्ति के हाथ में चन्द्र पर्वत अधिक उन्नत है, तो उसे एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

त्वचा रोग

जबकि अगर किसी वयक्ति के नाखून बांसुरी आकार के हों और साथ ही उसके हथेली की त्वचा काफी कोमल हो तो ऐसे जातक को त्वचा रोग होने की सम्भावना होती है।
लकवा
वहीं जिन लोगों के नाखून छोटे और त्रिकोणाकार होते हैं, साथ ही शनि पर नक्षत्र चिह्न चन्द्र पर जाल हो तो ऐसे व्यक्ति को लकवा मारने की सम्भावनी रहती है।
पेट की समस्याएं

जबकि अगर किसी व्यक्ति के हाथ में चन्द्र पर्वत पर नक्षत्र का चिह्न हो तो उसे पेट रोग होने की सम्भावना अधिक रहती है।

हृदय रोग
वहीं अगर हृदय रेखा पर द्वीप वृत्तचिह्न हो और शनि पर्वत के नीचे मस्तिष्क रेखा का रंग पीला हो या आयु रेखा के पास वाले मंगल क्षेत्र पर काला बिंदु हो या फिर हृदय रेखा पर काले तिल का चिह्न हो तो ऐसे व्यक्ति को हृदय रोग हो सकता है।
रीढ़ का रोग

किसी की हथेली में हृदय रेखा पर शनि के नीचे द्वीप चिह्न हो तो ऐसे व्यक्ति को रीढ़ की बीमारी होने की सम्भावना रहती है।
गुर्दे का रोग

अगर मस्तिष्क रेखा पर मंगल के पास सफेद रंग का दाग दिखता हो और दोनों हाथों में हृदय रेखा टूटी हुई हो तो ऐसे व्यक्ति को गुर्दे का रोग होता है।

दमा रोग
वहीं अगर किसी के हाथों का मध्य भाग छोटा हो, स्वास्थ्य रेखा छिन्न-भिन्न हो, बुध रेखा मस्तिष्क रेखा से मिलती हो और शुक्र से एक बारीक रेखा निकलकर आयु रेखा को पार कर मंगल क्षेत्र पर पहुंच जाए, ऐसे व्यक्ति को दमा, खांसी और सांस लेने में परेशानी होती है।
पीलिया रोग

अगर किसी के हाथ में बुध रेखा पर नक्षत्र चिह्न और द्वीप चिह्न हो और साथ ही उसी स्थान पर काला धब्बा हो तो ऐसे व्यक्ति को पीलिया रोग होने की सम्भावनी रहती है।
फेफडे़ का रोग
वहीं अगर किसी के हाथों में शनि क्षेत्र के नीचे मस्तिष्क रेखा पर जंजीर जैसी आकृति बनती हो तो ऐसे व्यक्ति को फेफडे़ और गले की बीमारी हो सकती है।

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