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अनानास के फायदे तथा बेहतरीन औषधीय गुण -

अनानास के फायदे तथा बेहतरीन औषधीय गुण -
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अनानास के फायदे करें पाचन शक्ति को उत्तेजित - Pineapples for Digestion in Hindi
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अनानास (Pineapple) में काफी नुट्रीशियन होते हैं। एक अच्छी सेहत की दृष्टि से अनन्नास महत्त्वपूर्ण फलों में से एक है। स्वाद में यह खट्टा-मीठा होने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका उपयोग खाने, सलाद और मिठाइयों में किया जाता है। इसमें कैल्शियम, फाइबर और विटामिन सी पाया जाता है। इसमें बहुत कम मात्रा में वसा होती है। इस फल का खाने योग्य भाग लगभग 60 प्रतिशत रहता है। इसमें ब्रोमोलिन नामक 

अनानास के उपयोग दिलाएँ मॉर्निंग सिकनेस से छुटकारा - Pineapples for Morning Sickness in Hindi

रसायन होता है, जो काफी हद तक पपैन के समान होता है। 
यह पाचक और पोषक तत्वों के घुलने में मदद करता है यह मांस, अंडे की सफेदी, दूध के केसिन, मछली और दालों को पचाने में मदद करता है। इसलिए इसे प्रोटीनयुक्त भोजन खाने के बाद में लेना बहुत फायदेमंद है। अनन्नास का रस भी इतना ही गुणकारी होता है। बालों और त्वचा की अच्छी सेहत के लिए पाइनएप्पल बहुत लाभकारी औषधि है। इसका जूस डिब्बाबंद रसों के रूप में साल भर उपलब्ध रहता है, हालाँकि ताज़ा जूस के मुकाबले पैक्ड जूस में चीनी की मात्रा अधिक होती है जो सेहत के लिए इतना लाभकारी नहीं है जितना की ताजे फल का रस होता है। अनन्नास का गूदा भी विभिन्न रूपों में डिब्बाबंद किया जाता है। इसका जैम और मार्मलेड भी बनाया जाता है। अनन्नास घबराहट को दूर करता है। प्यास कम करता है, शरीर को पुष्ट करता है और तरावट देता है। कफ को बढ़ाता है, परन्तु खाँसी-जुकाम नहीं करता। दिल और दिमाग को बहुत ताकत देता है। नियमित अनानास खाने से पाचन-शक्ति बढ़ती है। गर्मियों में अनानास का शर्बत पीने से तरी, ताजगी, ठण्डक मिलती है, प्यास बुझती है। पेट की गर्मी शान्त होती है।
पाइनएप्पल के फायदे लाएं मौखिक स्वास्थय में सुधार - Pineapple ke Fayde for Oral Health in Hindi
अनानास के प्रति 100 ग्राम हिस्से में पानी 87.8, प्रोटीन 0.4, वसा 0.1, खनिज पदार्थ 0.4, रेशा 0.5 और कार्बोहाइड्रेट 10.8 प्रतिशत रहता है। इसके खनिज पदार्थ और विटामिन पदार्थ की मात्रा कैल्सियम 20, फॉस्फोरस 9, लौह 1.2, कैरोटीन 18, थायमिन 0.20, रिबोफ्लोविन 0.12, नायमिन 0.1 और विटामिन ‘सी’ 39 मि.ग्रा. रहता है। इसका कैलोरिक मूल्य 46 है। इसके पौधे के छोटे तने पर साठ से नब्बे सेण्टीमीटर लम्बे पत्तों का गुच्छा लगा होता है। पत्तों के किनारे और सिरे कांटेदार होते हैं। फल की सतह ऊबड़-खाबड़ होती है। असम, बंगाल और पश्चिमी तट के साथ-साथ इसकी खेती की जाती है। अनानास की कोई नब्बे किस्में हैं। सामान्यत: इसमें स्टार्च नहीं रहता, क्योंकि जैसे ही फल पकता है, तने का स्टार्च शर्करा में बदल जाता है।
अनानास के लाभ
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अनानास (Pineapple)
बदहजमी : अनन्नास बदहजमी में टॉनिक के रूप में उपयोगी है। इसके रस का सेवन पाचन की कमजोरियों को दूर कर बदहजमी ठीक करता है। बदहजमी की अवस्था में इसका आधा गिलास जूस भोजन के बाद लेना चाहिए।
गले के विकारों में : अनानास के ताजा रस से गले पर अच्छा प्रभाव रहता है। यह स्वर-तंत्रिका के संक्रमण को रोकने में उपयोगी है। यह गायकों के लिए बहुत उपयोगी है, जो गले को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन इसका सेवन करते हैं। डिफ्थीरिया में गले की मृत झिल्लियों को हटाने के लिए इसके रस से गरारे किये जाते हैं।
किडनी की बिमारियों में : इसके रस में चूँकि पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन रहता है, इसलिए यह किडनी के काम करने की कैपेसिटी बढ़ाता है और शरीर से बहुत से अनुपयोगी पदार्थ बाहर निकालने में मदद करता है। इसमें पोटैशियम काफी मात्रा में होने के कारण किडनी की बीमारियों, पेशाब की रूकावट और मासिक धर्म में होने वाली जलन आदि में इसका उपयोग लाभदायी होता है।

अनानास के जूस के फायदे बनाए त्वचा को चमकदार - Pineapples for Glowing Skin in Hindi
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त्वचा संबंधी शिकायतें : गोखरू (corn) और मस्से पर इसका रस लगाने से वे धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। कई गंभीर त्वचा रोगों (कुष्ठ रोग सहित) के उपचार में भी यह उपयोगी है। कच्चे फल का ताजा रस यदि घाव पर लगाया जाए तो घाव भरने का कार्य करता है।
अनानास के लाभ बनाये रखें हड्डियों के स्वास्थ्य को - Pineapple for Bones in Hindi
टीबी रोग : अनानास का रस टीबी रोग के उपचार में सहायक है। पहले, जब क्षय रोग की आधुनिक चिकित्सा विकसित नहीं थी तब, मरीज को अनन्नास के रस का सेवन कराया जाता था। इसका रस रोगी के बलगम के संक्रमण कम करने में प्रभावकारी असर करता है और इससे स्वास्थ्य-लाभ में बहुत अच्छी सहायता मिलती है।
धुम्रपान के साइड इफेक्ट्स : अनन्नास का नियमित रूप से सेवन करने से अत्यधिक धूमपान का दुष्प्रभाव कम हो जाता है। यह सिद्ध हो चुका है कि धुम्रपान से रक्त में विटामिन ‘सी’ का स्तर कम हो जाता है। अनन्नास का सेवन करने से जरुरी विटामिन ‘सी’ की प्राप्ति होती है।
अनन्नास रक्ताल्पता (खून की कमी ) रोग में तेजी से रक्त की वृद्धि करके रोग को ठीक करता है।
प्लीहा वृद्धि (तिल्ली) और पीलिया रोग में भी अनन्नास से बहुत लाभ होता है।
अनन्नास खाने व रस पीने से गर्मियों के मौसम में गर्मी से बहुत सुरक्षा होती है।
प्रतिदिन अनन्नास खाने से मोटापा भी कम होता है, क्योंकि अनन्नास वसा (चर्बी) को खत्म करता है।
डिप्थीरिया के रोगियों के लिए अनानास सबसे गुणकारी औषधि है।
अनन्नास को छीलकर बारीक-बारीक टुकड़े करके, उन पर काली मिर्च का चूर्ण डालकर खाने से एसिडिटी की समस्या से छुटकारा मिलता है।
अनानास के नुकसान- Pineapple ke Nuksan in Hindi
अनन्नास के ताजा रस में शहद मिलाकर पीने से यह शारीरिक कमजोर मरीजों के लिए बहुत लाभकारी और स्फूर्तिदायक पेय बन जाता है।
अनन्नास के टुकड़ों पर पीपर का चूर्ण डालकर खाने से बार बार पेशाब आने की बीमारी में बहुत लाभ होता है।
अनन्नास से एनीमिया दूर होता है और पाचन क्रिया तेज़ होने से अधिक भूख लगती है।
बच्चों के पेट में कृमि (कीड़े) होने पर कुछ दिनों तक सुबह-शाम अनन्नास का रस पिलाएं। इससे कृमि जल्दी ही नष्ट होते हैं।
अनन्नास खाने के फायदे हैं स्वस्थ आँखों के लिए - Ananas ke Fayde for Healthy Eyes in Hindi

अनन्नास का रस पीने से एक सप्ताह में शरीर की सूजन दूर होती है।
किडनी में पथरी होने पर अनानास खाने व रस पीने से बहुत लाभ होता है।
अनन्नास के रस में अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से आंत्रों से एसिड निकलता होता है ।
अनानास में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे खाना पचाने में आसानी होती है।
अनानास में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है जो बढ़ती उम्र, झुर्रियां, दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है।
अनानास में पाया जानेवाला कंपाउंड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।
अनानास कैंसर जैसे घातक रोग से बचाव में भी मददगार है।
अनानास में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है जो हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है तथा हड्डियों में होने वाली बीमारियों से हमेशा बचाव रहता है।
अनानास शरीर के एलडीएल (हानिकारक) कोलेस्ट्राल को कम करता हैं, क्योंकि एलडीएल कोलेस्ट्राल से दिल की बीमारी होने का खतरा रहता है।
अनानास ब्लड-क्लॉटिंग (रक्त के थक्के जमना ) को कम करता है और धमनी की दीवारों से प्लाक हटाने में मदद कर सकता है।
आपको कितना अनानास खाना चाहिए– इसको रोजाना 80 ग्राम तक खाना चाहिए। एक मोटे टुकड़े का वजन 80 ग्राम के आस-पास होता है।
याद रहे की पका हुआ अनानास अपना ब्रोमलेइन खो देता है, इसलिए इसे ताजा खाना ही अच्छा रहता है। क्योंकि डिब्बाबंद अनानास में भी बहुत ज्यादा शुगर की मात्रा होती है।
अनानास में क्लोरीन की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही पित्त विकारों में विशेष रूप से और पीलिया जैसे रोगों में लाभकारी है।

पाइनएप्पल जूस के फायदे है वजन घटाने में सहायक - Pineapples for Losing Weight in Hindi

इस फल में पाया जाने वाला ब्रोमिलेन सर्दी और खांसी, सूजन, गले में खराश और गठिया में लाभदायक होता है।
बुखार में भी अनानास के रस का सेवन करना चाहिए |
गले में सूजन और टांसिल होने की स्थिति में अनानास खाने से बहुत फायदा होता है।
अस्थमा के मरीजो को रोज़ाना सुबह व दोपहर अनन्नास का रस खाली पेट पीना चाहिए। ऐसा करने से आपको अस्थमा से बहुत राहत मिलेगी |
खूबसूरत त्वचा के लिए अनानास
अनानास के जूस का सेवन करने से या फिर इसके पेस्‍ट को अपने चेहरे पर लगाने से त्वचा की चमक बढ़ जाती है। इसके अलावा अनानास त्‍वचा पर गहराई तक प्रभावित करता है जिससे त्‍वचा की गंदगी निकल जाती है और डेड स्‍कीन भी हट जाती है।
फटी एडियों के लिए आप अनानास को चीनी के साथ मिलाकर पैरों पर स्‍क्रब की तरह लगायें | इसके बाद हल्‍के गर्म पानी से पैरों को धो लें।
हल्दी और अनानास का रस दोनों को मिलाकर आँखों के नीचे लगायें इससे आँखों के नीचे होने वाले काले घेरो से छुटकारा मिलेगा |
अनानास का गूदा फुंसियों पर लगाने से लाभ होता है |
नाखून पीले और कमजोर हैं तो पाइनएप्‍पल जूस और अंडे के सफेद वाले हिस्‍से को मिलाकर इसमें एक चम्‍मच बादाम का तेल मिला लें और इसे नाखूनों पर लगाएं। नाखूनों का पीलापन दूर होकर वो स्‍वस्‍थ हो जाएंगे।
अनानास के जूस में नारियल का तेल मिलाकर 10 मिनट तक होठों पर मसाज करने से आपके होंठ मुलायम और नरम हो जाएंगे। चेहरे पर बहुत अधिक मात्रा में दाने हो जाने पर पाइनएप्‍पल आपके लिए सही उपचार है।
अनानास के नुकसान से बचने के लिए सावधानियाँ
कच्चा अनानास खाने से दस्त लग सकते हैं और जीभ पर दरारें पड़ जाती हैं।
गर्भवती महिलाओं को शुरुवाती दिनों में अनानास नहीं खाना चाहिए क्योंकि अनानास से गर्भपात होने का खतरा होता है। प्रेगनेंसी में पाइनएप्पल खाना गर्भावस्था के आखरी के कुछ महीनों में आप सीमित मात्रा मेंइसे खा सकती हैं।
अनानास में शर्करा काफी ज्यादा मात्रा में पायी जाती है, इसलिए जिन लोगों की मधुमेह है उन्हें इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए ।
अनन्नास में गर्भपात करवाने के गुण मौजूद होते हैं इसलिए गर्भावस्था में सेवन करने से जरुर बचें खासकर इसकी पत्तियों के रस का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए ।
अनन्नास का सेवन प्रातः खाली पेट नहीं करना चाहिए।
अनानास का स्वास्थ्य वर्धक मुरब्बा (जैम) बनाने की विधि

सामग्री :
अनानास 1 किलो, चीनी आधा किलो, नमक 5 ग्राम, चूना 2 ग्राम, केवड़ा 2 ग्राम, नींबू 4 , इलायची 2 ग्राम, पानी आवश्यकतनुसार।
अनानास के गुण हैं उच्च रक्तचाप को रोकने में मददगार - Pineapple Reduces High Blood Pressure in Hindi
बनाने की विधि :
पका हुआ अनानास लेकर चाकू से उसका कांटेदार भाग छीलकर फेंक दें। अब अनानास को चुना व नमक लगाकर एक कपड़े में बांध दें, जिससे उसका कसैला पानी निकल जाएगा।
फिर उसको अच्छी तरह धोकर टुकड़े बना लें व कांटे से गोद लें।
अब एक कलईदार या स्टील के बर्तन में चीनी व पानी डालकर एक तार की चाशनी बना लें। फिर अनानास के टुकड़े इसमें डाल दें।
चाशनी गाड़ी होने पर नीचे उतार कर नींबू का रस निचोड़ दें, व केवड़ा डाल दें।
इसके बाद इलायची को दरदरा करके मिला लें।
ठण्डा होने पर मर्तबान में भरकर रख लें।
अनानास का मुरब्बा अत्यंत ठंडा होता है। यह गर्मी के मौसम में प्रयोग करने से अतयंत गुणकारी होता है। ठीक ऐसे ही आप इसका स्वादिष्ट रायता बना कर भी इसका सेवन कर सकते है |

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