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यदि होती है सीने में जलन तो करे आसानी से घरेलु इलाज

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ज्यादातर लोग सीने में जलन,खट्टी डकार, मतली की समस्या को अक्सर हृदय की समस्या से जोड़ लेते हैं लेकिन असल में यह सब हर्टबर्न के लक्षण हैं। इसका हार्ट से कोई संबंध नहीं होता। यह समस्या पेट में एसिड की वजह से पैदा होती है। शोध के मुताबिक 60 अरब से ज्यादा लोगों को एक महीने में एक बार सीने की जलन तो होती है। अाइए जानते सीने की जलन से कैसे बचा जा सकता है।


1.थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं: सीने की जलन की समस्या मुख्य रूप से व्यक्ति के खान-पान से जुड़ी है। अगर आप जरूरत से ज्यादा भोजन करते हैं तो पेट और इसोफिजेस के बीच में एक वाल्व बन जाता है,जिससे सीने में दर्द और जलन महसूस होने लगती है। इससे बचने के लिए एक अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं।

2.पर्याप्त मात्रा में पानी: हर आधे घंटे में एक-दो घूंट पानी पीते रहने से हर्ट बर्न की समस्या से छुटकारा मिलता है।




3.चाय और कॉफी से परहेज: कुछ लोग पूरे दिन में कई बार चाय और कॉफी सेवन करते हैं जिनसे जीईआरडी की समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए चाय, कॉफी, तेल, मक्खन, मसालेदार भोजन, चॉकलेट इत्यादि से परहेज करनवा ही बेहतर है।

4.सिगरेट और शराब: हर्टबर्न की समस्या होने पर एल्कोहल का सेवन काफी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए धूम्रपान के सेवन से भी बचें।

5.नींबू पानी: इसमे एसिटिक एसिड होता है जो हर्ट बर्न को दूर करता है तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है। रोज अगर नींबू पानी पिया जाए तो गैस से भी छुटकारा मिलता है।

6.बढ़ता वजन: मोटापा कई बीमारियों को जड़ लेता है लेकिन हर्टबर्न के मामले में यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक मोटे लोगों में सामान्य वजन वाले लोगों की अपेक्षा जीईआरडी की आशंका तीन गुना ज्यादा होती है। 


देलहसुन करता है आप लिए कई फायदे 



लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। लहसुन एक चमत्कारी चीज है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण होते हैं लेकिन कुछ लोगों को ही पता होता है कि खाली पेट लहसुन खाने के कई स्वास्थ्यवर्धक फायदे होते हैं।


आपको बता दें कि ये एक नैचुरल एंटी-बायोटिक है। हर रोज लहसुन की थोड़ी मात्रा का सेवन करने से कई बीमारियां दूर रहती हैं। लहसुन से ज्यादा लाभ लेने के लिए इसे कच्चा खाना चाहिए। बहुत ज्यादा पका देने से इसके कुछ स्वास्थ्यवर्धक तत्व नष्ट हो जाते हैं।


1. लहसुन में शरीर के विषाक्त पदार्थों को साफ करने का गुण होता है। इसे खाली पेट खाया जाए तो पेट में मौजूद बैक्टीरिया को भी दूर करने में मददगार होता है। 


2. खाली पेट लहसुन का सेवन करने से नसों में झनझनाहट की समस्या दूर हो जाती है।


3. जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या है उनके लिए खाली पेट लहसुन का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। ये ब्लड सर्कुलेशल को बढ़ाने का काम करता है।


4. अगर आप खाली पेट लहसुन का सेवन करते है तो इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है।


5. लहसुन के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इससे हमारा शरीर ज्यादा बेहतर तरीके से बीमारियों का सामना कर पाता है।


6. गठिया के दर्द में आराम के लिए भी लहसुन का इस्तेमाल फायदेमंद है। गठिया के मरीजों के लिए ये एक अचूक दवा है। इसका एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण गठिया के दर्द में काफी आराम पहुंचाता है।


7. फंगल इंफेक्शन में भी लहसुन काफी फायदेमंद है। कई बार पैरों की उंगलियों के बीच में फंगल इंफेक्शन हो जाता है। प्रतिदिन की डाइट में कच्चे लहसुन का इस्तेमाल करने से ऐसी बीमारियां दूर रहती हैं साथ ही उस जगह पर कच्चे लहसुन को पीसकर लगाने से भी फायदा होगा।

क्या आप जानते है प्याज के ये अनमोल फायदे 






प्याज बहुत ही उपयोगी सब्जी है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह खून मे विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। इसकी सब्जी बनाकर खाने से बुखार, कफ और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। 


पुराने जमाने में इजिप्शियन नियमित रूप से प्याज और लहसुन खाते थे। सल्फर की वजह से इनसे तीखी गंध आती है। सब्जियों में आलू के बाद सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जी है प्याज। प्याज सेहत के लिए बहुत लाभकारी है।


तो आइए जानते हैं प्याज के चमत्कारी गुणों के बारे में... 


1. आंखों के लिए भी यह बेहतरीन औषधि है। प्याज में केलिसनि और रायबोफ्लेविन विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। 


2. बाल झडने की परेशानी है तो प्यार आपके लिए बहुत लाभकारी है। गिरते हुए बालों की जगह पर प्याज का रस रगडने से बाल गिरना बंद हो जाएंगे। इसके अलावा बालों का लेप लगाने पर काले बाल आना शुरू हो जाते हैं। 


3. प्याज में मौजूद रेशे पेट के लिए काफी लाभकारी होते हैं। यदि आपको कब्ज की समस्या है तो कच्चा प्याज रोजाना खाने में शामिल कर दें। 


4. यदि आप सर्दी, कफ या खराश जैसी समस्या के शिकार हैं तो प्याज का रस पीजिए। इसमें आप शहद या गुड मिलाकर पानी अधिक फायदेमंद साबित होगा।


5. अगर आपके घर में किसी को जोडो में दर्द रहता है। तो प्याज के रस की मालिश करने से आराम मिलेगा। प्याज के रस केा सरसों के तेल में मिलाकर उस जगह पर मालिश करने से आराम मिलता है। 


6. प्याज खाने से कैंसर सेल को बढने से रोकता है। इसमें सल्फर तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। यह सल्फर पेट, ब्रेस्ट, फेफडे प्रोस्टेट कैंसर से बचाता है। 


7. प्याज और अदरक का रस अस्थमा के रोगियों के लिए अच्छा होता है। प्याज खाने से खून पतला होता है और लिवर की बीमारियों के लिए अच्छा माना जाता है। 


8. अगर पथरी की समस्या से है तो प्याज आपके लिए बहुत लाभकारी है। प्याज के रस को चीनी में मिलाकर उसका शरबत बना लें इसे पीने से पथरी परेशानी से राहत मिलेगी।

क्या आप खाने में शामिल करती आपके लिए यह जरुरी चीजे 






महिलाएं अौर पुरूषों की बात की जाए तो अौरतें बहुत ही कोमल होती हैं। महिलाएं अपने खानपान पर ध्यान न देने के कारण बीमार पड़ जाती है।एेसे में हर महिला को इन बीमारियों से लड़ने की लिए ताकत की जरूरत होती हैं। अपनी डाइट में अाप कुछ अाहार शामिल करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है।


1.दूध और दही : महिलाओं की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए कैल्‍शियम, विटामिन बी12 और राइबोफ्लेविन का सेवन बहुत जरुरी है, जो रोजाना एक कटोरी दही और एक गिलास दूध पी कर पाया जा सकता है।




2.हरी सब्जियां: हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों में विटामिन और मिनरल मिलता है। इसलिए महिलाअों को खाने में हरी सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे महिलाओं में मासिक धर्म के समय होने वाली खून की कमी में राहत मिलती है।




3.हल्‍दी: हमें हल्‍दी रोजाना खानी चाहिए। यह त्‍वचा को खूबसूरत बनाती है और कई बीमारियों से भी बचाती है। यह खून को शुद्ध करती है।




4.फल: मोटापा कम करने के लिए रोजाना फल खाने चाहिए। क्योंकि इनमें वसा नहीं होता अौर यह फाइबर, विटामिन और मिनरल्‍स तथा एंटीऑक्‍सीडेंट से भरे होते हैं। इन्‍हें खाने से आपका शरीर हाइड्रेट रहेगा और मोटापा भी नहीं बढ़ेगा।




5.अलसी: अलसी के बीजों में ओमेआ 3 फैटी एसिड होता है जो कि दिमाग और शरीर को स्‍वस्‍थ बनाने का कार्य करता है। इससे आपकी त्‍वचा चमकदार, बाल घने और हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं।




6.पिस्‍ता: पिस्‍ते में ढेर सारा कॉपर, फॉस्‍फोरस, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्‍नीशियम और विटामिन बी होता है, जिससे आपकी कमर दर्द और कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल दोनों ही कम होता है। यह कैंसर और हृदय रोग वाले मरीजों के लिए भी फायदेमंद होता है।




7.साबुत अनाज: साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में ऊर्जा और रेशे होते है ,जो आपके शरीर को जरुरी विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्‍सीडेंट, हेल्‍दी फैट, कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर देते हैं।






बवासीर का घरेलू इलाज 






बवासीर बेहद दुखदायी रोग है जिसकी वजह से रोगी बेहद परेशान रहता है. बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है. बवासीर में गुदा वाली जगह में मस्सा होता है और इसमें दर्द नहीं होता है. लेकिन खुजली ज्यादा होती है. जिस वजह से गुदा से खून आने लगता है और इंसान बेवजह परेशान हो जाता है.


आइये अब आपको बताते है बवासीर का इलाज करने का प्राकृतिक तरीका. इसके लिए आपको एक पानी से भरा टब और कुछ मात्रा में सेंधा नमक चाहिए होगा. इससे सूजन और खुजली दोनों में ही आराम मिलता है. 


बारी बारी से ठन्डे और गर्म पानी में बैठने से राहत मिलती है. मल त्याग करते समय पैरों को स्टूल का सहारा दें जिस से आप मल त्याग आसानी से कर पायें. कसरत और योग से रक्त परिसंचरण में सुधार आता है और पाचन भी अच्छे से होता है. इससे उस जगह को ठीक होने में सहायता मिलती है. 






केले में होते है कई स्वास्थवर्धक गुण 






केला एक ऐसा फल है जो ना सिर्फ सस्ता होता है बल्कि स्वस्थ की दृष्टि से भी बहुत लाभदायक होता है. इसे गरीबो का फल भी कहा जाता है. लेकिन इसे सभी वर्ग के लोग खाते हिअ क्योंकि यह होता ही इतना फायदेमंद है. तो आइये जाने इसे खाने से क्या क्या फायदे होते है. 


- यदि आप सर दर्द की समस्यां से हमेशा परेशान रहते है तो केला आपको मदद कर सकता है. आपको बस इतना करना है कि केले के छिलके को पीस कर उसका पेस्ट दर्द के स्थान पर लगा ले. आप देखेंगे कि कुछ ही देर में आपका सर दर्द गायब हो जाएगा. 


- चुकी केले में मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है इसलिए यह आपको दांतों को भी चमका सकता है. तो यदि आपके दांत पिले हो चुके है तो बस केले के छिलकों को दाँतों पे रगड़ लीजिए. 


- मुंहासों की समस्यां से तो आजकल हर कोई जूझ रहा है. आपको यह जान कर हैरानी होगी कि केला मुंहासों से निपटने का एक अच्छा जरिया साबित हो सकता है. आपको बस रोजाना केले का पेस्ट अपने चेहरे पर लगाना होगा और 5 मिनट बाद अपना चेहरे धो ले. 






आम खाओ, सेहत बनाओ 






आम का नाम जितना आम है उतना ही आम हमारे स्वास्थ्य के लिए खास है और शायद यही वजह कि इसे हम ‘फलों के राजा ‘ के नाम से भी जानते है और दुनिया भर में करीब पन्द्रह सौ से अधिक प्रकार के आम पाए जाते है जिनमे से 1000 से ज्यादा तो केवल भारत में ही पाए है. तो आइये जाने इन मीठे आमों को खाने से हमे क्या क्या फायदे होते है.


- यदि आप ब्लड प्रेशर की समस्यां से ग्रसित है तो आपको आम का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए. इसमें उपस्थित विटामिन्स आपके ब्लड प्रेसर को नियंत्रण में रखने का काम करते है. 


- आम हमे ग्रंथि में होने वाले कैंसर से बचाता है. आम के अंदर फाइबर पेक्टिन नामक तत्त्व पाया जाता है जो पेक्टिन ब्लड कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करता है. 


- कई दुबले पतले लोग अपने वजन को बढ़ाने की चाह रखते है ऐसे में आम उनकी मदद कर सकता है. 150 ग्राम आम में करीब 86 कैलोरी ऊर्जा होती है, जो हमारे शारीर के फैट को बढ़ाती है और ऊर्जा देती है. इसमें मौजूद स्टार्च भी वजन बढ़ाने में सहायक होता है. 

हींग से होता है कई रोगों का नाश 






हींग का प्रयोग खाने में इस्तेमाल करने से पेट संबंधी बीमारियां जैसे अपच, आंत संबंधी रोग, आंत की गैस की समस्या से आपको दूर रखेगा. हींग सांस संबंधी समस्याओं को भी ठीक रखता है. काली खांसी हो या सूखी खांसी, आप अदरक और हींग को शहद में मिलाकर लेने से इन रोगों से निजात पाया जा सकता है.


वायु रोग के कारण यदि पेट में दर्द हो, चाहे छोटे बच्चे हो या फिर बुजुर्ग आप हींग को गरम पानी में घोलकर नाभि में या इसके आस पास लेप लगाने से पेट दर्द में तुरंत राहत मिलती है. यह उच्च रक्तचाप को कम करता है। यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करता है. 


हींग मधुमेह के प्रभाव को कम करता है. यह ब्लड शुगर के स्तर को नीचा लाता है. हींग का प्रयोग यदि आप हमेशा करते हैं तो यह आपको सिर दर्द नहीं होने देगा, यदि सिर में दर्द है तो आप हींग को पानी में मिलाकर पीने से सिर दर्द से राहत मिलती है. यह वैदिक औषधी है.






आखिर क्यों बनता है कफ? 






हम में लगभग हर कोई कभी ना कभी गले और नाक में कफ जमने की समस्यां से गुजरा होगा. लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर यह कफ की समस्यां होती क्यों है? आइये हम इस से जुडी वजहों को बताते है. 


1. मांसाहार, चावल आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना.


2. ठंडे और चिकनाई वाले भोजन का सेवन जरूरत से अधिक करना.


3. खट्टे रस वाले फलों के अति सेवन करना भी कफ का कारण माना जाता है.


4. मीठे का ज्यादा इस्तेमाल करना.


5. जो लोग आलसी होते हैं वे भी कफ के शिकार जल्दी होते हैं, साथ ही देर तक जागने वाले लोग और अनियमित समय का भोजन करने वाले लोग.


6. बढ़ता प्रदूषण भी कफ का प्रमुख कारण है.






ब्लड प्रेशर बढ़ने पर यह करे 



ब्लडप्रेशर का बढ़ना खतरे का संकेत होता है. यदि सही समय पर परहेज नहीं किया गया तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित तभी किया जा सकता है जब रोगी उचित परहेज करे. आइये अब आपको बताते हैं कि कैसे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है.


- छाछ में नमक और हींग मिलाकर पीते रहने से कुछ ही दिनों में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता हैं.


- सुबह उठकर खाली पेट आप पानी गरम करें फिर उसमें नींबू के रस को मिलायें और नित्य कुछ दिनों तक एैसा करें। यह एक कारगर वैदिक उपाय भी है. 


- उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में केले का तना भी अहम भूमिका निभाता है. आप केले के तने का आधा कप रस दिन में दो बार रोज पीयें. यह कुछ दिनों में आपके ब्लडप्रेशर को लेवल कर देगा.


- लाल गाजर का रस और पालक का रस मिलाकर रोज पीने से रक्तचाप दूर किया जा सकता है. पालक का 120 ग्राम और गाजर का 300 ग्राम रस होना चाहिए.


- दूध भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है. गाय का दूध का सेवन सुबह और शाम नित्य करें. 


शरीर की सूजन मिटानी है तो इन्हें अपनाये 




शरीर में सूजन होने के बहुत सारे कारण हो करते है। वक्त रहते अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह परेशानी बहुत बढ़ सकती है। इसके बहुत से कारण हो सकते है जैसे की शरीर में खून की कमी होना, पेट की गड़बड़ी या फिर खान-पान में लापरवाही। आज हम आपको सूजन की रोकथाम के लिए कुछ खास आहार बता रहें है, जिसे आप अपनी दिनचर्या में शामिल करके इस समस्या से निजात पा करते है। 


1.चुकंदर- इसमें विटमिन सी और फाइबर के गुण होते हैं और इसमें ऐंटिऑक्सिडेंट पाया जाता है। यह सूजन कम करने में मददगार है।


2.अदरक और हल्दी- यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाता हैं और रोगों से लड़ने में मदद करता हैं। 


3.टमाटर- टमाटर में लाइकोपेन होता है जो फेफड़ों और पूरे शरीर की सवैलिंग को रोकता है।


4.लो फैट भोजन- कैल्शियम और विटमिन डी से वाले आहार लाभदायक होते है।


5.सोया- सोया खाने से सूजन कम हो जाती है।अपनी रोजाना की डाइट में सोया मिल्क और टोफू शामिल करना चाहिए। 


6. सूखे मेवे- बादाम और अखरोठ में बहुत ज्यादा फाइबर, कैल्शियम और विटमिन ई पाया जाता है जो शरीर को सूजन से बचाता है।


7.हरी पत्तेदार सब्जियां- हरी पत्तेदार सब्जियां ब्रोकली, पत्तागोभी, पालक काफी लाभदायक होते है। 


8.साबुत अनाज- साबुत अनाज में फाइबर काफी मात्रा में होता है। यह शरीर की सूजन कम करने में मदद करता है। साबुत अनाज के तौर पर आप, चावल, बाजरा, वीट ब्रेड भी खा सकते हैं।


9. मछली- मछली में ओमेगा 3 फैटी ऐसिड पाया पाया जाता है।जिससे शरीर की सूजन काफी कम रहती है। 


क्या हुआ जब लेस्बियन्स ने देखा पहली बार मर्द का प्राइवेट पार्ट 






हाल ही में एक वीडियो आया है जिसमें तीन लेस्बियन्स लड़कियों ने पहली बार किसी एक पुरुष के लिंग को अनुभव किया और वास्तविक तौर पर जाना कि यह किस तरह का होता है. एक महिला का कहना था कि यह एक टर्की (एक पक्षी) की गर्दन जैसा है. दूसरी को यह गर्म प्ले डो (बच्चों के खाने लायक गुंदा हुआ आटा) और तीसरी को यह एक पुराने हॉटडॉग जैसा महसूस हुआ.


तीनों समलैंगिक महिलाओं ने अपने जीवन में पहली बार यह अनुभव किया था. प्रत्येक का कहना था कि वह लिंग को छूने से पहले नर्वस थी. पहले उनका मानना था कि एक पुरुष का लिंग बिना बाल वाली बिल्ली जैसा होगा या फिर धूप में या अन्य किसी तरह से सुखाया हुए अंगूरों का गुच्छा जैसा होगा. 


दो महिलाओं को यह जानकर भी बहुत आश्चर्य हुआ कि यह उत्तेजित न होने की हालत में काफी कड़ा था। लेकिन इस घटना के बाद इन महिलाओं का कहना था कि वे फिर इसे कभी छूना पसंद नहीं करेंगी. 






ऐसे करे शलभ आसन और पाये दर्द से छुटकारा 






यदि आप शरीर में होने वाले दर्द जैसे कि हाथ, पाँव या कमर के दर्द से परेशान है तो योग द्वारा आप इस दर्द को दूर कर सकते है. इस प्रकार के दर्द के लिए शलभ आसान सब से बेहतर होता है. आइये जानिए इसे कैसे किया जाता है.


1. इस आसन को करने के लिये सर्वप्रथम पेट के बल लेट जाइये.


2. अब दोनों हाथों को अपनी जांघ के नीचे रविये.


3. श्वांस अंदर भरते हुए पहले दाहिने पैर को बिना मोड़े धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाइये कुछ सेकेंड रुककर दाहिने पैर को उसी स्थिति में रखे हुए बायें दो दाहिने पैर की तरह ऊपर की ओर उठाइये. ध्यान रखिये कि हर स्थिति में आपको ठोड़ी जमीन से जुड़ी रहनी चाहिये. श्वांस छोड़ते हुए पूर्ण स्थिति में आइये.


4. आप अपनी क्षमतानुसार क्रम को दोहराइये. 






इसलिए होता है आपकी कमर में दर्द 






डाक्टर हमेशा से ऊंची एड़ी वाली चप्पलें व सैंडिल पहनने से बचने की सलाह देते आ रहे हैं. फैशन के चलते उनकी सलाह सुनना कोई पसंद नहीं करता है. हर किसी महिला को शारीरिक बढ़ाने हेतु इस तरह की चप्पलें व सैंडिल अधिक भाती हैं. एस्ट्रोजन हार्मोंस भी इस दर्द के लिये जिम्मेदार होता है. 


होता यह है कि चालीस-पैंतालीस वर्ष के उपरांत महिलाओं में मासिक चक्र लगभग बंद हो जाता है जिससे रीढ़ की हड्डी में कठोरता आने व कमर के आसपास चर्बी जम जाने से यह दर्द शुरू हो जाता है. एस्ट्रोजन की कमी यानि शरीर में कैल्शियम की कमी को दर्शाता है जिससे ओस्टियोपोरेसिस नामक रोग होता है जो हड्डी से जुड़ा रोग है.


उठने बैठने के गलत तरीके या झटकेदार तरीके से उठने बैठने के कारण कभी रीढ़ की डिस्क खिसक जाती है. इसके अलावा ज्यादा आरामतलब जिंदगी तथा कुछ घातक बीमारियां भी इस रोग की जनक मानी जाती है. प्रायः पीछे के पॉकेट में मोटी पर्स या मोबाइल रखना लड़कियां फैशन समझती हैं, पर यह भी कमर दर्द के लिए सबसे बड़ा कारण बन जाता है. 






कमर दर्द के घरेलु नुस्खे 






रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें. ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें.


नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें.। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं. दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें. कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है. यदि यह उपाय काम ना आये तो कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें. इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें. कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है.


एक और आसान उपाय है अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें. ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं. इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है. 






जानिए क्या कमाल कर सकता है पपीते का बीज 





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पपीता पेट और त्वचा के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं, कि पपीते के बीज भी उतने ही अनमोल और पोषण से भरपूर हैं, जितना पपीता. आइए जानते हैं, पपीते के बीजों के खास गुण.




- पपीते के बीज, एंटी बैक्टीरियल होते हैं, जो बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं से आपकी रक्षा करते हैं.


- पपीते के बीज में पाए जाने तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करते हैं. कैंसर से बचने के लिए पपीते के सुखाए गए बीजों को पीसकर प्रयोग किया जा सकता है.


- इंफेक्शन होने या शरीर के किसी भाग में जलन, सूजन या दर्द होने पर पपीते के बीज राहत देने का कार्य करते हैं.

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- लीवर की समस्याओं से निजात दिलाकर पपीते के बीज उसे मजबूत बनाने का काम भी करते हैं. यह लीवर के लिए बेहतर दवा साबित होते हैं.


- पपीते के बीज किडनी के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. किडनी स्टोन और किडनी के ठीक तरीके से क्रियान्वयन में पपीते के बीज कारगर हैं. 

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क्या आप प्रेगनेंसी में ले रही है यह डाइट? 






गर्भावस्था के 25 सप्ताह से अपने मेटाबॉलिक दर 20 प्रतिशत बढ़ जाती है, इसलिए आपके कैलोरी बर्न करने की गति बढ़ जाती है और नतीजतन आपको अधिक थकान और गर्मी महसूस होगी. इसलिए आपको अपने भोजन में तरल पदार्थो की मात्रा बढ़ानी चाहिए. इसका फायदा यह होगा कि आप निर्जलीकरण से भी दूर रहेंगी और साथ ही आपको कब्‍ज भी नहीं होगा. वात रोग से बचने के लिए छोटे-छोटे अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन करती रहें.


एक दिन में 10-12 गिलास पानी पिएं. दही के साथ एक या दो पराठें. प्रचुर मात्रा में बादाम और काजू का सेवन करें. फलों का रस पीने से अच्‍छा है कि ताजा फल खाए जाएं. भोजन के साथ सलाद जरूर लें.

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प्याज, आलू, और राई आदि का सेवन करें. सेब, नाशपाती, केले, जामुन, फलियां और हरी पत्तेदार सब्जियां. मछली, जैसे -सेलमॉन, बांग्रा आदि. अगर आप शाकाहारी हैं तो मछली के तेल के विकल्प या उसकी खुराक ले सकती हैं. 






चक्कर आ जाये तो तुरंत आजमाए यह नुस्खा 






चक्कर आने पर घरेलू उपचार के बारे में हम आपको बताएगें लेंकिन सब से पहले हम यह जान लेते है कि चक्कर आना किसे कहते है कभी-कभी किसी को चक्कर आते हैं, थोड़ी देर तक बैठे रहने के बाद जैसे ही उठते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है. 


ऐसा लगता होगा कि आपके चारो ओर की चीजें तेजी से घूम रही हैं. यह तब होता है, जब मस्तिष्क में रक्त की पूर्ति कम हो जाती है. रक्तचाप में अचानक कमी से भी यह स्थिति पैदा हो सकती है.


उपाय: चक्कर आने पर धनिया पाउडर दस ग्राम तथा आंवले का पाउडर दस ग्राम लेकर एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें. सुबह अच्छी तरह मिलाकर पी लें. इससे चक्कर आने बंद हो जाते है. सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग डालकर उसे उबाल लें और फिर उस पानी को पी लें. इस पानी को पीने से लाभ मिलता है. 



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विटामिन बी 6 से दूर करे किडनी स्टोन की समस्यां 






विटामिन बी 6 गुर्दे की पथरी को दूर करने में बहुत हीं प्रभावकारी साबित होता है. अगर विटामिन बी -6 को विटामिन बी ग्रुप के अन्य विटामिन के साथ सेवन किया जाये तो गुर्दे की पथरी के इलाज में काफी सहायता मिलती है. शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया है कि इस बी विटामिन की 100 से 150 मिलीग्राम की एक दैनिक खुराक गुर्दे की पथरी की चिकित्सीय उपचार में बहुत फायदेमंद हो सकता है. यह विटामिन मष्तिष्क सम्बन्धी विकारों को भी दूर करता है.


तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है इसलिए तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को रोजाना चबाया करें. प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं. अगर आप सही ढंग से इस घरेलू उपचार का पालन करेंगे तो आपको इसका हैरान कर देने वाला परिणाम मिलेगा. 


आपको इसका रस पीना है लेकिन पके हुए प्याज का. इसके लिए आप दो मध्यम आकर के प्याज लेकर उन्हें अच्छी तरह से छिल लें. फिर एक बर्तन में एक ग्लास पानी डालें और दोनों प्याज को मध्यम आंच पर उसमें पका लें. जब वे अच्छी तरह से पक जाये तो उन्हें ठंढा होने दें फिर उन्हें ब्लेंडर में डालकर अच्छी तरह से ब्लेंड कर लें. तत्पश्चात उनके रस को छान लें एवं इस रस का तीन दिनों तक लगातार सेवन करते रहे. 



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खीरा खाने के लाभ 






खीरे में प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेट होते है जो हमारे शरीर के इम्यून फंक्शन को बरकरार रखने मदद करते है. इसे रोजाना खाने से गर्मी से लू नहीं लगती. 


इसमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देती. 


इसके सेवन से थकावट नहीं होती है.


यह आंखों की सूजन कम करता है और उन्हे राहत के साथ ठंडक भरा एहसास देता है.


खीरा एक बेहतरीन क्लींजर और टोनर होता है.


कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए प्रतिदिन दो छिलके सहित खीरे खाने चाहिए.


इसका जूस नियमित रूप से पीने से मुंहासे, झुर्रियां दूर रहती है. 



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खांसी आने पर बरते यह सावधानियां 






आमतौर पर खांसी होने का मतलब है कि हमारा श्वासन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है. साथ ही खांसी गले में कुछ तकलीफ होने की और भी इशारा करता है. हालांकि यह साबित हो चुका है कि तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर टीबी की जांच करवा लेनी चाहिए. क्योंकि लापरवाही बरतने से खांसी बढ़कर टीबी का रूप ले सकती है.


खांसी होने पर पानी पीना चाहिए या फिर पीठ को सहलाने से आराम मिलता है. खाना खाते या बोलते समय खांसी आए तो खाने को धीरे-धीरे छोटी-छोटी बाइट में खाना चाहिए. खांसी होने पर खांसी को रोकने के लिए आमतौर पर मूंगफली,चटपटी व खट्टी चीजें, ठंडा पानी, दही, अचार, खट्टे फल, केला, कोल्ड ड्रिंक, इमली, तली-भुनी चीजों को खाने से मना किया जाता है.


उपाय: 


- सूखी खांसी होने पर अमृर्ताण्व रस सुबह-शाम पानी से लेनी चाहिए.


- सितोपलादि चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से खांसी में आराम मिलता है.


- तालिसादि चूर्ण दिन भर में दो-तीन बार लेने से खांसी में कमी आती है. 



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अल्सर को मिटाए जड़ से 






अल्‍सर की समस्‍या का इलाज समय पर नही किया जाए तो यह गंभीर समस्‍या बन जाती है. इस बैक्‍टीरिया के अलावा अल्‍सर के लिए कुछ हद तक खान-पान और लाइफस्‍टाल भी जिम्‍मेदार है. आइये हम आपको इस बीमारी से बचने के कुछ घरेलू उपचार बताते हैं.


- हालांकि दूध खाने से गैस्ट्रिक एसिड बनाता है, लेकिन आधा कप ठंडे दूध में आधा नीबू निचोड़कर पिया जाए तो वह पेट को आराम देता है. जलन का असर कम हो जाता है और अल्‍सर ठीक होता है.

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- पोहा अल्‍सर के लिए बहुत फायदेमंद घरेलू नुस्‍खा है, इसे बिटन राइस भी कहते हैं. पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लीजिए, 20 ग्राम चूर्ण को 2 लीटर पानी में सुबह घोलकर रखिए, इसे रात तक पूरा पी जाएं. यह घोल नियमित रूप से सुबह तैयार करके दोपहर बाद या शाम से पीना शुरू कर दें. इस घोल को 24 घंटे में समाप्‍त कर देना है, अल्‍सर में आराम मिलेगा.


- पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस बना लीजिए, इस जूस को सुबह-शाम एक-एक कप पीने से पेप्टिक अल्सर के मरीजों को आराम मिलता है. 






मोटापा दूर करने के घरेलु उपाय 


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हरी चाय या अदरक की चाय पीने से मोटापा नियंत्रित होता है. इसलिए दिन में एक बार हरी चाय या अदरक की चाय ज़रूर पीयें. सुबह एक टमाटर खाने से कालेस्ट्राल का लेवल ठीक रहता है और शरीर में मौजूद वसा भी कम होती है.


मोटापे को नियंत्रित करने के लिए गडूची एक प्रभावित तरीका है. इससे शरीर मे मौजूद वसा कम होती है. एलोवेरा खाकर वज़न नियंत्रित एलोवेरा के पत्तों के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है. इसलिए एलोवेरा का सेवन रोज़ करना चाहिए.




सेब साइडर सिरके के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है. हर बार खाना खाने के बाद गरम पानी पीयें। इससे पाचन तंत्र ठीक प्रकार से काम करता है और शरीर मै मौजूद अतिरिक्त वज़न कम होता है. 






नारियल खाने के लाभ 






नकसीर की समस्या कई लोगों को हो सकती है. नाक से खून निकलने पर कच्चे नारियल का पानी का सेवन नियमित रूप से करना फायदेमंद होता है. अगर खाली पेट नारियल का सेवन किया जाए तो खून का बहाव बंद हो जाता है. 


नारियल खाने से याद्दाश्त बढती है. नारियल की गरी में बादाम, अखरोट एवं मिश्री मिलाकर हर रोज खाने से स्मृति में बढती है. बच्चों को नारियल खिलाना चाहिए, इससे बच्चों का दिमागी विकास होता है.




मुहांसों से निजात दिलाने में भी नारियल बहुत फायदेमंद होता है. नारियल के पानी में खीरे का रस मिलाकर सुबह-शाम नियमित रूप से लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे मिटते हैं और चेहरा सुंदर एवं चमकदार होता है. नारियल के तेल में नींबू का रस अथवा ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे पर लेप करने से भी मुहांसे समाप्त होते हैं. 


मोटापा कम करने में नारियल बहुत फायदेमंद है. नारियल में कोलेस्ट्रॉल और वसा नहीं होता है. इसलिए नारियल का सेवन करके वजन को घटाया जा सकता है. मोटे लोगों को नारियल का सेवन करना चाहिए. 






ठेबहुत हुआ लेटकर सेक्स अब करो बैठे बैठे 


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हर व्‍यक्ति चाहता है कि वो सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर को पूरी तरह संतुष्‍ट करे. यही नहीं खुद भी सेक्‍स की असीम अनुभूति में खो जाए. हो सकता है एक ही पोजीशन में सेक्‍स करते-करते भी आप ऊब गए हों. आइये हम आपको बताते हैं कि आप अपने साथी के साथ गुजारी गई रात को कैसे बेहतरीन बना सकते हैं.


आपको अपनी पोजीशन बदलने की जरूरत है. एक बार लेटकर नहीं बल्कि बैठकर सेक्‍स करके देखिए और फिर देखिये कमाल. आपको और आपके पार्टनर को बेहतरीन अनुभूति का अहसास होगा. इस स्‍थति में पुरुष और स्‍त्री एक दूसरे की ओर मुख कर बैठ जाएं. पुरुष अपने हाथ स्‍त्री की कोमल गर्दन पर रखे. 


स्‍त्री अपनी हथेलियां पुरुष के सीने पर रख दे. दोनों एक दूसरे को चुंबन लेने के लिए होठों को संपर्क में लाएं. अब दोनों एक दूसरे की जांघों को आपस में जकड़ दें और संभोग करें. यह पोजीशन आपको यौन आनंद के नए स्‍तर पर ले जाती है. 


रेसेक्स को बनाना है स्मूथ तो यह करे 






पुरुष को चाहिए की खुद ज्यादा उत्तेजित न होकर स्त्री को पहले पूर्ण रूप से उत्तेजित करें, जिसमे कान के नीचे और गले का भाग, वक्षस्थल, कमर, नाभि, जांग आदि को सहलाना और चूमना शामिल होता है. 


यदि पुरुष को लगे की वह स्खलित होने वाला है लेकिन स्त्री स्खलित नहीं हुई होतो, उसे कुछ क्षणों के लिए अपनी गति को रोक देना चाहिए और अपना ध्यान किसी और काम में लगा देना चाहिए जैसे की ऑफिस का हिसाब किताब याद करना, क्योकि स्खलन का सीधा सम्बन्ध मष्तिष्क से ही होता है इसीलिए इससे स्खलन-संभोग क्रिया को ज्यादा समय तक चलाया जा सकता है और पुरुष खिलाडी गेम में बना रहता है. 


ऐसा करने से सेक्स ज्यादा समय तक बना रहता है. जहाँ तक संभव हो टाइमिंग बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार की मेडिसिन या दवा का उपयोग कभी भी न करें. स्खलन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए और लिंग को किसी कपडे या तौलिये से पौंछ लेवें पानी से हाथों हाथ न धोवें. 


ज्यादा देर तक सोते हो तो इन बातों पर जरूर दे ध्यान 
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दिन भर की थकान के बाद हर कोई रात को आराम की नींद लेना चाहता है ताकि शरीर को स्फूर्ति मिल सके। वैसे तो दिन में आठ घंटे सोना ही अच्छा माना जाता है लेकिन कुछ लोग सुबह कॉफी लेट उठते है। जिससे सेहत सबंधी कई परेशानियां आ सकती है।


1. ज्यादा सोने से बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब हो जाता है और सारा दिन सुस्ती बनी रहती है।आइए जानते है इससे होने वाले नुकसान के बारे में। 


2. लगातार 9 घंटे से ज्यादा सोने वाले लोगों को हार्ट डिजीज होने का खतरा सामान्य के मुकाबले ज्यादा होता है। 


3. सोते समय कई बार एक ही पॉसचर में लेटे रहने से पीठ में दर्द की समस्या हो जाती है। इससे मसल्स अकड़ जाती हैं, जिससे बैकपेन हो सकता है।


4. एक स्टडी की मानें तो 9 घंटे से ज्यादा सोने से दिमाग पर असर पड़ता है। जिससे सोचने की शक्ति प्रभावित होती है।


5. अधिक सोने का असर ब्रेन ट्रांसमीटर पर भी पड़ता है। इससे एकाग्रता की कमी और सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है।


7.लगातार 9 घंटे या इससे ज्यादा सोते हैं उनको डिप्रेशन का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले 49 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है।


हार्ट अटैक से बचना है तो खाये यह गोली 



एंट्रेस्टो नाम की इस दवा से उन अंगों की परफॉरमेंस बेहतर हो जाती है जो हृदय को खून की सप्लाई करते हैं. इस दवा को लेने के बाद अंगों से दिल को जरूरत का पूरा खून मिलने लगता है. इस साल की शुरुआत में ही रिसर्च टीम ने पाया था कि एंट्रेस्टो से खराब हो चुके अंगों की परफॉरमेंस को बूस्ट करने में भी काफी मदद मिलती है.


हालांकि पहले यूके में इस दवा को लाइसेंस नहीं मिला था लेकिन परीक्षण के दौर में दवा के आश्चर्यजनक परिणाम मिलने के बाद इसें मंजूरी दे दी गई थी. विशेषज्ञों को भरोसा है इस दवा का बेहतर असर उस स्थिति पर भी पड़ता है जो हार्ट अटैक के दौरान कार्डिएक मसल्स नष्ट होने से बनती हैं.


जो लोग दिल की बीमारी महसूस करते हैं उनके सीने में दर्द होता है, थकान महसूस होती है और सांस लेने में परेशानी आती है. हैरान करने वाली बात ये है बीमारी डायनोस होने के बाद लगभग 40 फीसदी लोगों की मौत 12 महीने के अंदर हो जाती है.


अकेल ब्रिटेन में दिल की बीमारी से लड़ने के लिए हर साल 2.3 बिलियन पाउंड की भारी भरकम रकम खर्च की जाती है. इस दवा के आने से इस खर्च में भी काफी कमी आई है. यूएस में भी एंट्रेस्टो लेने से हर साल लगभग 30 हजार लोगों की जान बच रही है. 
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इसलिए करते है बच्चे बिस्तर गिला 

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क्या आप बचपन में रात में सोते वक्त बिस्तर पर पेशाब करते थे? अगर हां, तो आपके बच्चे के भी ऐसा करने की संभावना 50-75 फीसदी अधिक है. अग्रणी बाल चिकित्सकों ने कहा है कि माता-पिता में से अगर किसी एक ने बचपन में ऐसा किया हो, तो बच्चे के भी बिस्तर गीला करने की संभावना करीब 50 फीसदी होती है.


अगर माता-पिता दोनों में बचपन में बिस्तर पर पेशाब करने की प्रवृति थी, तो बच्चे के भी ऐसा करने की संभावना 75 फीसदी तक होती है. बचपन में अगर माता-पिता में से किसी को भी बिस्तर गीला करने की आदत नहीं थी, तो उनके बच्चे में इसकी संभावना घटकर 15 फीसदी रह जाती है. 


माता-पिता को समझना होगा कि बिस्तर गीला करने के पीछे कई अन्य वजहों के अलावा ज्यादातर आनुवांशिक होना है. बिस्तर पर पेशाब करने वाले बच्चों में आर्जीनीन वैसोप्रेसिन हार्मोन का स्तर नींद में नीचे चला जाता है, जो किडनी के द्वारा मूत्र निर्माण की प्रक्रिया को धीमा करता है. चूंकि नींद में इस हार्मोन का स्तर नीचे चला जाता है, इसलिए मूत्र निर्माण की प्रक्रिया तेज हो जाती है और मूत्राशय तेजी से भर जाता है

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