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कामसूत्र की यह 10 बाते पुरषों को बिस्तर पर बनाती है बादशाह-

कामसूत्र की यह 10 बाते पुरषों को बिस्तर पर बनाती है बादशाह-

कामसूत्र महर्षि वात्स्यायन द्वारा लिखा गया भारत का एक प्राचीन कामशास्त्र ग्रंथ है। कामसूत्र को उसके विभिन्न आसनों के लिए ही जाना जाता है। महर्षि वात्स्यायन का कामसूत्र विश्व की प्रथम यौन संहिता है जिसमें यौन प्रेम के मनोशारीरिक सिद्धान्तों तथा प्रयोग की विस्तृत व्याख्या एवं विवेचना की गई अर्थ के क्षेत्र में जो स्थान कौटिल्य के अर्थशास्त्र का है, काम के क्षेत्र में वही स्थान कामसूत्र का है। है। भले ही प्राचीन काल में लिखे गए ‘सूत्र’ अब उतने कारगर हों या नहीं, लेकिन इसे जानने की उत्‍सुकता तो आखिर बनी ही रहती है…
कामसुत्र के अनुसार जिस पुरुष को कामसूत्र के सूत्र का विस्‍तृत ज्ञान हो वह स्त्रियों को रिझाने में ज्यादा सफल होते हैं।

‘कामसूत्र’ के मुताबिक पुरुषों को महत्‍वाकांक्षी और उत्‍साही होना चाहिए। 
साहसी और शूरवीर पुरुष हमेशा से ही महिलाओं को आकर्षित करने में सफल रहे हैं।
विद्वता वह गुण है, जो पुरुषों में होनी चाहिए।

पुरुषों को सभी विश्‍वासों और भावनाओं से परिचित होना चाहिए। (
पुरुषों को कविता-कहानी सुनाने और वर्णन करने में कुशलता हासिल होनी चाहिए।
महिलाओ द्वारा पुरुषों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्‍थायी रूप से प्रेम करें।
पुरुषों को त्‍यागी होना चाहिए और दूसरों की निंदा से बचना चाहिए।
शक्तिशाली पुरुष भी स्त्रियों के बीच पसंद किए जाते हैं. साथ ही महिलाओं के प्रति रहमदिल व्‍यवहार करने वाले पुरुष स्त्रियों के बीच प्रतिष्‍ठा पाते हैं।
स्त्रियों के मोहित न होने वाले पुरुष श्रेष्‍ठ माने जाते हैं।
उचित वार्तालाप करने वाला, अर्थात् व्‍यर्थ ही अधिक बातें न करने वाला भी स्त्रियों का भाता है.
रुषों को ‘पौरुष-संपन्‍न’ तो होना ही चाहिए. यह तो सर्वथा अपेक्षित गुणों में शुमार है.
स्त्रियों के वशीभूत न होने वाले पुरुष श्रेष्‍ठ माने जाते हैं.

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