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योग व डायट से बनाएं अपनी सेक्स लाइफ

योग व डायट से बनाएं अपनी सेक्स लाइफ को हॉट, हेल्दी और स्पाइसी 


ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन में सेक्सुअल रिलेशन एक अहम् भूमिका अदा करती है. पर कभी–कभी शारीरिक व मानसिक कारणों से इसमें मुश्किलें आने लगती हैं. तो क्यों न सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए योग व डायट टिप्स को अपनाएं. पति–पत्नी के रिश्ते को मज़बूत और ख़ुशनुमा बनाने में सेक्स की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है. लेकिन कई बार अच्छी ख़ुशनुमा सेक्स लाइफ में मुश्किलें आने लगती हैं, जिससे वैवाहिक जीवन में दरार पड़ जाती है.ऐसा इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग उत्तेजित न होने के कारण होता है. कई बार सेक्स टॉनिक या वियाग्रा जैसी कामोत्तेजक गोलियां लेकर समस्या को सुलझाने की कोशिश की जाती है,पर इससे स्थिति सुधरने की बजाय और भी बिगड़ जाती है. बेहतर सेक्स लाइफ का रहस्य इन गोलियों में नहीं, बल्कि संतुलित डायट और योग में छुपा है. इस संदर्भ में हमें विस्तृत जानकारी दे रही हैं न्यूट्रीशनिस्ट व योग इंस्ट्रक्टर नुपूर पद्मनाभन.
कारण
1. रक्त संबंधी बीमारी

लिंग में इरेक्शन (उत्तेजना) ख़ून के ज़्यादा बहाव के कारण आता है. यदि किसी कारणवश ख़ून का बहाव कम हो जाता है, तो इरेक्शन की समस्या होती है. ऐसा रक्त कोशिकाओं के डैमेज होने या धमनियों के कठोर होने से होता है.

2. नर्व डैमेज

डायबिटीज़, प्रोस्टेट सर्जरी या स्पाइनल कॉर्ड के क्षतिग्रस्त होने पर भी इरेक्शन की समस्या होती है.

3. दवाइयां

हाई ब्लडप्रेशर, डिप्रेशन, ह्रदय संबंधी बीमारियों व प्रोस्टेट कैंसर के लिए ली

जानेवाली दवाइयों के प्रयोग से सेक्सुअल क्रियाएं प्रभावित होती हैं.

4. मानसिक कारण

अनेक मानसिक कारणों, जैसे– तनाव, डिप्रेशन, व्याकुलता, डर, अपराधबोध से भी सेक्स क्रिया पर असर पड़ता है.

5. हार्मोंस
टेस्टोस्टेरॉन, थायरॉइड एवं पिट्टयूटरी हार्मोंस के असामान्य स्तर से भी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

6. बीमारियां

एनीमिया, डिप्रेशन, आर्थराइटिस, डायबिटीज़, हाइपोथायरॉइड़िज़्म, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी बीमारियां भी सेक्स को प्रभावित करती हैं.
समाधान

सेक्स लाइफ़ को बेहतर बनाने के लिए योग बहुत ही लाभकारी है.
इससे शरीर रिलैक्स होता है और तनाव भी दूर होता है.
इससे हृदय गति व ब्लडप्रेशर सामान्य होने में मदद मिलती है.
योग से शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ जाती है.

ये सारी बातें इरेक्शन पर असर डालती हैं.
बद्ध कोणासन (बटरफ्लाई)

– दोनों पैरों के तलवों को आपस में जोड़कर, दोनों हाथों से पकड़ लें.

– अब इन्हें बटरफ्लाई की तरह हिलाएं.

– इस क्रिया को दस बार दोहराएं.
फ़ायदे

इस आसन से पेट, पीठ और पेल्विक एरिया में ब्लड सप्लाई ठीक तरह से होने लगती है. यह आसन किडनी, प्रोस्टेट और यूरिनरी ब्लैडर को हेल्दी रखता है.
बालासन (चाइल्ड पोज़)

– दोनों पैरों को घुटने से मोड़ लें एवं एड़ियां जोड़कर उस पर बैठ जाएं (हलासन की स्थिति में).

– सिर सामने झुकाकर ज़मीन पर टिका दें. इससे कमर ऊपर उठ जाएगी.

– अब दोनों हाथों को पैरों के समानांतर इस तरह रखें कि हथेलियां ज़मीन पर टिकी रहें. (तलवे नहीं).

– 2 मिनट तक इसी पोज़ में रहें.

– ऐसा 5 से 10 बार करें.
फ़ायदे

इस आसन से तनाव दूर होता है और सेक्सुअल क्रियाओं में काफ़ी लाभ मिलता है.

डायट

इरेक्टाइल डिस़फंक्शन का मुख्य कारण होता है– लिंग की धमनियों के अवरुद्ध होने से रक्त प्रवाह का कम होना. इसलिए इस स्थिति में शाकाहारी डायट की सलाह दी जाती है, ताकि धमनियां अवरुद्ध न होने पाएं.

– डायट में ताज़े फल, हरी एवं फली वाली सब्ज़ियां, फिश आदि लें.

– मैदा, प्रोसेस्ड व जंक फूड, शक्कर, आर्टिफ़िशियल स्वीटनर, जैसे– सैकरीन आदि न लें.

– तिल के तेल व ऑलिव ऑयल का प्रयोग बेहतर परिणाम देता है.

– सादे नमक की जगह समुद्री नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करें.
– टमाटर खाएं. टमाटर का लाइक्रोपीन प्रोस्टेट ग्लैंड को हेल्दी रखता है.

– कद्दू के बीज, तरबूज आदि पुरुष जननांगों के लिए फ़ायदेमंद होते हैं.

– वज़न अधिक न बढ़ने दें. संतुलित भोजन करें और वज़न को नियंत्रित रखें.

– तले–मसालेदार एवं कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ न लें.

– चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब का अधिक सेवन न करें.

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