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गुप्तांग की खुजली दूर करने के घरेलू उपाय

गुप्तांग की खुजली दूर करने के घरेलू उपाय


महिलाओं को अक्सर जननांग में खुजली की समस्या हो जाती है। जननांग की खुजली तब सबसे ज्यादा परेशानी पैदा करती है जब आप काम के सिलसिले में बाहर हों तथा खुजली पर नियंत्रण न कर पा रही हो। इससे महिलाओं को शर्मिंदगी और खिन्नता महसूस हो सकती है इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।खुजली पर नियंत्रण न कर पा रही हो। इससे महिलाओं को शर्मिंदगी और खिन्नता महसूस हो सकती है इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। जननांग में खुजली के कई कारण हो सकते हैं। इसका सबसे आम कारण मासिक धर्म के समय उपयोग में लाये जाने पैड्स में उपस्थित केमिकल्स हो सकते हैं। बहुत अधिक कसे हुए कपडे पहनने से भी योनि की खुजली की समस्या हो सकती है। सेक्स संबंध बनाने के बाद स्वच्छता की ओर ध्यान न देना भी योनि में खुजली का कारण बन सकता है।

बर्फ से सेंक दें : जननांग की खुजली रात के समय अधिक परेशान है। इससे आपकी नींद में बाधा पहुँचती है तथा खुजली के साथ-साथ आप थकान और सुस्ती महसूस करते हैं। रात में अधिक होने वाली इस खुजली को रोकने के लिए योनि पर सीधे ही बर्फ़ लगायें या योनि को ठंडा सेंक दें। यह काम थका देने वाला हो सकता है।ऐप्पल सीडर विनेगर : ऐप्पल सीडर विनेगर एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल होता है। यदि जननांग की खुजली बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण है तो ऐप्पल सीडर विनेगर से उसे दूर किया जा सकता है। ऐप्पल सीडर विनेगर का लाभ उठाने के लिए दो चम्मच ऐप्पल सीडर विनेगर को गर्म पानी में मिलाएं। दो तीन दिन तक दिन में दो बार जननांग को इस मिश्रण से धोएं।
लहसुन :
लहसुन 2-3 लहसुन की कलियाँ चबाकर खाएं। लहसुन का पेस्ट बनायें तथा जाली के एक कपड़े में इसे बांधकर योनि के अंदर लगायें। इससे दुर्गन्ध आ सकती है परंतु इससे मिलने वाला आराम बहुत आश्चर्यजनक होता है।दही : जनगांग की खुजली के उपचार के लिए प्रतिदिन एक कप बिना शक्कर वाला दही खाएं। दही के उपयोग का अन्य तरीका यह है कि इसे योनि पर लगाया जाए जिससे तुरंत आराम मिलता है। सीधे दही उस स्थान पर लगाने से योनि की खुजली तुरंत बंद हो जाती है। नियमित उपयोग से समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है।

नमक से स्नान : नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। नमक के ये गुण खुजली तथा बैक्टीरिया को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। जब भी आपको खुजली महसूस हो तब नमक के गाढ़े घोल से जननांग को धो लें। इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा और यह बैक्टीरिया को आगे बढ़ने से भी रोकेगा। या ऐसा भी कर सकती हैं कि टब को गर्म पानी से आधा भरें तथा इसमें आधा कप नमक डालें। टब में पालथी मारकर बैठें।तुलसी की पत्तियां : तुलसी की पत्तियों में एंटी माइक्रोबियल, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। तुलसी की कुछ पत्तियां लें तथा इसे दो कप पानी में उबालें। इसे 20 मिनिट तक भिगो कर रखें जब तक पानी गाढ़ा न हो जाए। योनि की खुजली दूर करने के लिए इस पानी को दिन में दो बार पीयें।सूखा रखें जननांग : पसीने और पानी के कारण यदि योनि में नमी रहती है तो इससे उस स्थान पर बैक्टीरिया और फंगस पैदा होते हैं, जिसके कारण संक्रमण और शर्मिन्दगी पैदा करने वाली स्थिति उत्पन्न होती है। हमेशा ध्यान रखें कि संक्रमण को रोकने के लिए योनि को नमी से मुक्त रखें।
ढीले कपडे पहनें : कहा जाता है कि इलाज से बेहतर है रोकथाम करना। यदि आपको कभी भी योनि में खुजली की समस्या हुई है तो तो आप जानेंगे कि इस समस्या को दूर रखने के लिए यह सलाह क्यों उपयुक्त है। ढीले कपड़े पहनने से आपको योनि में खुजली की समस्या नहीं होती।
नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



हाइड्रोसील से हैं परेशान तो अपनाएं ये घरेलू उपाय, जल्द मिलेगी समस्या से राहत!

आजकल की व्यस्त लाइफ की वजह से लोगों को खुद पर ध्यान देने का समय ही नहीं मिल पाता है। ध्यान ना देने की वजह से कई बार छोटी बिमारी भी धीरे-धीरे बड़ी बीमारी बन जाती है। कई बार कुछ ऐसी बीमारियां भी हो जाती है, जिसकी वजह से हमारी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है। इन्ही में से एक है हाइड्रोसील। यह एक ऐसा रोग है जिसमें रोगी के अंडकोष सूज जाते हैं।
किया जा सकता है प्राकृतिक तरीके से इलाज:

अंडकोष इसलिए सूज जाते हैं, क्योंकि उनमें पानी भर जाता है। इस रोग की खास बात यह है कि इसमें अंडकोष के केवल एक हिस्से में ही पानी भरता है। यानी केवल एक तरफ ही सूजन होता है। जब शरीर के किसी भी भाग में पानी भर जाता है तो वहां सूजन हो जाती है। यह रोग किसी को भी हो सकता है। इस रोग से घबराने की जरूरत नहीं है। इसका प्राकृतिक तरीके से इलाज किया जा सकता है। ज्यादा शारीरिक सम्बन्ध बनाने से भी हो सकता है
हाइड्रोसील:ज्यादातर यह बिमारी 40 की उम्र के बाद ही होता है। इस रोग को ठीक करने का केवल एक ही तरीका होता है। किसी भी तरह से अंडकोष में भरे हुए पानी को निकालने के बाद ही इस रोग के मुक्ति पायी जा सकती है। अचानक जब अंडकोष पर चोट लग जाती है या अधिक शारीरिक सम्बन्ध बनाने से नसें सूज जाती हैं और धीरे-धीरे पानी भरने लगता है।
अपनाएं यह उपाय:
* काटेरी की जड़ लेकर उसे अच्छी तरह से पीस लें। इस मिश्रण की दस ग्राम मात्रा में 7 ग्राम काली मिर्च पीस कर डाल दें। इस मिश्रण को आप प्रतिदिन गर्म पानी के साथ खाएं। यह काम लगातार 6-7 दिनों तक करते रहें।* थोड़ी काली मिर्च लें और उसकी दोगुनी मात्रा में जीरा लें। दोनों को अच्छी तरह पीस लें अब इसमें सरसों या जैतून का तेल मिला दें। तेल मिलाने के बाद इस मिश्रण को थोड़ा गर्म कर लें और इसमें थोड़ा गर्म पानी भी मिला दें। अब इस लेप को आप अपने अंडकोषों पर लगाएं। जल्द ही आराम मिलना शुरू हो जायेगा।* हाइड्रोसील के रोगी को हर दिन कम से कम दो बार संतरे और अनार के रस का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही निम्बू के रस का भी सेवन अच्छा होता है। इस रोग में विटामिन सी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना चाहिए।नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


साढ़े तीन मिनिट: डॉक्टर की सलाह!, जरुर शेयर करें…

जिन्हें सुबह या रात में सोते समय पेशाब करने जाना पड़ता हैं उनके लिए विशेष सूचना!!

हर एक व्यक्ति को इसी साढ़े तीन मिनिट में सावधानी बरतनी चाहिए। यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? यही साढ़े तीन मिनिट अकस्मात होने वाली मौतों की संख्या कम कर सकते हैं।

जब जब ऐसी घटना हुई हैं, परिणाम स्वरूप तंदुरुस्त व्यक्ति भी रात में ही मृत पाया गया हैं। ऐसे लोगों के बारे में हम कहते हैं, कि कल ही हमने इनसे बात की थी। ऐसा अचानक क्या हुआ? यह कैसे मर गया? इसका मुख्य कारण यह है कि रात मे जब भी हम मूत्र विसर्जन के लिए जाते हैं, तब अचानक या ताड़बतोब उठते हैं, परिणाम स्वरूप मस्तिष्क तक रक्त नही पहुंचता है।मध्य रात्रि जब हम पेशाब करने उठते है तो हमारा ईसीजी का पैटर्न बदल सकता है। इसका कारण यह है, कि अचानक खड़े होने पर मस्तिष्क को रक्त नहीं पहुच पाता और हमारे ह्रदय की क्रिया बंद हो जाती है।साढ़े तीन मिनिट का प्रयास एक उत्तम उपाय है।
1. नींद से उठते समय आधा मिनिट गद्दे पर लेटे हुए रहिए।
2. अगले आधा मिनिट गद्दे पर बैठिये।
3. अगले अढाई मिनिट पैर को गद्दे के नीचे झूलते छोड़िये।
साढ़े तीन मिनिट के बाद आपका मस्तिष्क बगैर खून का नही रहेगा और ह्रदय की क्रिया भी बंद नहीं होगी! इससे अचानक होने वाली मौतें भी कम होगी।आपके प्रियजनो को लाभ हो एवं उन्हें सजग करने हेतु अवश्य प्रसारित करे। धन्यवाद!!नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें



कंगाल और मालामाल दोनों बना सकता है घर का झाड़ू , ध्यान रखे ये बातें


कई बार हम जिन चीजों को बेहद मामूली समझ कर इस्तेमाल कर रहे होतें हैं.. वास्तव में वो हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं और उनका शुभ अशुभ प्रभाव हमारे लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसी ही एक सामान्य सी वस्तु हैं झाड़ू ..घरों में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और इस झाड़ू के कारण व्यक्ति करोड़पति और कंगाल दोनों बन सकता है। शकुन और अपशगुन शास्त्रों में झाड़ू का प्रयोग और उसको प्रयोग करने का समय तथा उसके प्रयोग करने की विधि को अत्यधिक महत्व दिया गया है। वास्तु के अनुसार झाडू से संबंधित कुछ मान्यताओ को अपनाने से परेशानियों से बचा जा सकता है। आज हम आपको झाड़ू से जुड़े कुछ ऐसे ही वास्तु टिप्स बता रहे हैं।

ज्योतिष और शास्त्रों की माने तो झाड़ू का गलत इस्तेमाल जहां एक तरफ दरिद्रता को न्यौता देता है वहीं उसका सही इस्तेमाल लक्ष्मी के लिए घर के द्वार खोल देता है। साथ ही झाड़ू का गलत समय पर किया गया इस्तेमाल घर में गरीबी और कंगाली लाता है दूसरी और झाड़ू का सही उपयोग एक आम व्यक्ति को करोड़पति भी बना सकता है।इसलिए आपको इससे जुड़े कुछ नियम और मान्यताएं हमेशा ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि..
ये भी पढ़िए : झाड़ू कहां और कैसे रखें, शेयर करें1. भूलकर भी ना करें पैर से स्पर्श
हिंदू धर्म में झाडू को देवी लक्ष्मी का सूचक माना जाता है इसलिए कभी भी झाडू को पैर से नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है.. इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।साथ ही झाड़ू को ऐसे स्थान पर भी नही रखना चाहिए जहां जूते, चप्पल रखे हों।

2. यहां रखें झाड़ू
घर में झाड़ू रखने के समय ये ध्यान रखना चाहिए कि झाड़ू कभी भी ऐसे स्थान पर ना हो जहां बाहरी लोगों की सीधी नजर उस पर पड़ें..इसे हमेशा छुपा कर रखना चाहिए। साथ ही ये भी ध्यान रहे कि इसे घर के ईशान कोण में नहीं रखनी चाहिए क्योंकि इससे देव आगमन में बाधाएं आती हैं और दुर्भाग्य स्वयं चलकर घर में प्रवेश करता है। झाड़ू को रखने का सबसे उचित स्थान घर का दक्षिण पश्चिम कोण बताया गया है।
ये भी पढ़िए : जानिये धनतेरस पर क्या खरीदे और क्या ना खरीदे3. सूर्यास्त के बाद ना लगाएं झाड़ू
सूर्यास्त के पश्चात घर में झाडू नहीं लगाना चाहिए.. ऐसा करने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है।घर में झाड़ू लगाने का उचित समय दिन के पहले चार पहर बताए गए हैं। रात के चार पहरों में झाड़ू लगाने से दरीद्रता अपने पैर पसारती है।
4 खड़ा करके कभी ने रखें झाड़ू
कई बार लोग घर में झाड़ू को खड़ा कर रख देते हैं लेकिन वास्तु की दृष्टि से ये बेहद हानिकारक है इससे घर में बेवजह कलह होता रहता है…साथ ही इससे भाग्य के मार्ग में अनेक बाधाएं आने लगती हैं तथा देवी लक्ष्मी रुष्ट होती हैं.. इसलिए झाड़ू को हमेशा लेटाकर ही रखें।झाड़ू के इन उपायों से मिलता है सौभाग्य1 मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किसी भी मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में तीन झाड़ुओं का गुप्त दान करें। साथ ही झाड़ू दान करने के पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देख लें। अगर उस दिन कोई शुभ योग, त्योहार हो तो इस दान की महत्ता बढ़ जाती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है।ये भी पढ़िए : शनिवार की शाम से खत्म हो जायेंगे आपके सारे दुःख-दर्द, करें ये उपाय2 आप अगर किसी नए घर में प्रवेश करें, तो ये ध्यान रहे कि नई झाड़ू लेकर ही घर के अंदर जाए.. यह शुभ शकुन माना जाता है.. इससे नए घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहेगी।3 शनिवार वाले दिन नई झाडू का उपयोग करना शुभ माना जाता है।नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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