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यह रहे पेट के लिए कुछ बेहतर व्यायाम


यह रहे पेट के लिए कुछ बेहतर व्यायाम, बड़ा फायदा होगा
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आज के समय में हर व्यक्ति अपनी सेहत को लेकर पहले से काफी अधिक जागरूक हो गया है और यही कारण है कि हर उम्र के लोग बेहतर व टोन्ड बॉडी पाने के लिए जिम का सहारा लेते हैं। वहां पर आपको वेट ट्रेनिंग से लेकर कार्डियो व अन्य एक्सरसाइज कराई जाती है। इन्हीं में से एक है क्रंचेस। आपकी मांसपेशियों को टोनअप करने के साथ यह आपके पूरे एब्डोमिनल के लिए अच्छा माना जाता है। क्रंचेस कई तरह के होते हैं और आप इनमें वैरायटी के कारण इसे कर सकते हैं। आइए जानें-
हाफ क्रंच
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जिन लोगों को सर्वाइकल है, उन्हें इस तरह का व्यायाम करने से बचना चाहिए। यह आपके कोर को स्ट्रांग बनाता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ लें। इस दौरान आपके हाथ सिर के पीछे होने चाहिए। अब पैरों को बिना उठाए अपनी गर्दन को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें। हाफ क्रंच में आपको सिर्फ थोड़ा सा ही ऊपर उठना होता है। इसलिए जिन लोगों ने एक्सरसाइज करना अभी-अभी शुरू किया है, वे भी इसका अभ्यास आसानी से कर सकते हैं।

फुल क्रंचेस
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फुल क्रंच आपके बैली फैट को करने के साथ-साथ बॉडी को टोनअप करने का भी काम करता है। इसे भी आपको हाफ क्रंचेस की तरह ही अभ्यास करना होता है, लेकिन इस दौरान आपसे जितना अधिक संभव हो सके, ऊपर उठने का प्रयास करें। फुल क्रंचेस का अभ्यास करते समय ध्यान रखें कि जब आप ऊपर आएं तो सांस छोड़ें तथा वापिस नीचे जाते समय सांस लें। जिन लोगों को बैक में दर्द, मसल्स पेन या फिर स्पाइन में प्राब्लम है, वे इसका अभ्यास न करें। 
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लेग रेस
इस व्यायाम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके पूरे कोर पर इफेक्ट डालता है। साथ ही इसकी मदद से आपके पैरों की मांसपेशियां भी मजबूत बनती हैं। लेग रेस का अभ्यास करने के लिए आप सबसे पहले एकदम सीधा लेट जाएं। इस दौरान आपके पैर एकदम सीधे होने चाहिए। अब आप बारी-बारी से अपने एक-एक पैर को एकदम सीधा 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं। इस दौरान आप अपने अंगूठे को अपने हाथों से छूने का प्रयास करें। लेकिन इसके अभ्यास के लिए आपकी कमर जमीन से नहीं उठनी चाहिए। ठीक यही अभ्यास आप दूसरे पैर से भी करें। वैसे आप लेग रेस का अभ्यास दोनों पैरों से भी कर सकते हैं। इसके लिए आप सीधा लेट जाएं और आपके हाथ साइड्स में हों। अब आप एक साथ दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। कुछ क्षण होल्ड करने के बाद पुनः वापिस अपनी स्थिति में आ जाएं।

इसका रखें ध्यान
अगर आप क्रंचेस कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि खाने और आपके व्यायाम के बीच कम से कम दो घंटे का गैप अवश्य रखें। वहीं अगर आप सुबह के वक्त व्यायाम करते हैं तो भी बिल्कुल खाली पेट क्रंचेस करने से बचें। बेहतर होगा कि आप एक सेब, एक ब्राउन ब्रेड, नट्स में से कुछ न कुछ अवश्य खाकर ही अपना व्यायाम शुरू करें। 

अगर आपको किसी भी तरह की सर्जरी हुई है तो आप कम से कम तीन महीने के गैप के बाद ही क्रंचेस करना शुरू करें। अगर आप इससे पहले व्यायाम करना चाहते हैं तो एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

अमूमन कुछ लोग जल्दी-जल्दी क्रंचेस करते हैं, लेकिन आप क्रंचेस करते समय कुछ क्षण के लिए होल्ड करने की कोशिश करें। इससे आपको क्रंचेस का ज्यादा फायदा मिलता है।

पहली बार व्यायाम कर रहे हैं तो इन बातों का जरूर ख्याल रखें



जीवन में किसी भी चीज की शुरूआत आपको कभी न कभी करनी होती है। अगर अब तक आपने अपनी सेहत की ओर ध्यान नहीं दिया है और अब आप अपने बेहतर जीवन के लिए व्यायाम करने का मन बना रहे हैं तो आपको सबसे पहले कुछ बातों पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा। पहली बार व्यायाम करते समय आपको बेहद सावधानी बरतनी होती है, अन्यथा आपको लाभ के स्थान पर हानि उठानी पड़ती है। तो चलिए जानते हैं इन बातों के बारे में-
शुरूआत हो धीरे
स्लो एंड स्टेडी विन्स द रेस यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इसलिए अगर आप व्यायाम की शुरूआत कर रहे हैं तो एकदम से अधिक व्यायाम करने की कोशिश न करें। यह गलती अक्सर लोग करते हैं। वह शुरूआत में जोश-जोश में बहुत अधिक व्यायाम करते हैं। इससे उनकी बॉडी में पेन तो होता है ही, साथ ही कभी-कभी आपके मसल्स आदि में खिंचाव आ सकता है। जिससे आपकी तकलीफ बढ़ सकती है। याद रखें कि आप हर रोज थोड़ा ही सही लेकिन व्यायाम अवश्य करें। इससे आपका एक रूटीन तय होगा।

वार्मअप है जरूरी
जब भी आप व्यायाम शुरू करें तो सबसे पहले शुरूआत वार्मअप से करें। इससे आपकी बॉडी व्यायाम करने के लिए तैयार होती है। वार्मअप करने के लिए आप ताड़ासन का अभ्यास करें। इससे आपकी पूरी बॉडी स्ट्रेच होती है। ताड़ासन करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान आपकी कमर एवं गर्दन भी सीधी होनी चाहिए। अब आप अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे धीरे पूरे शरीर को खींचें। इस दौरान आप खिंचाव को पैर की अंगुली से लेकर हाथ की अंगुलियों तक महसूस करेंगे। कुछ क्षण इस अवस्था में रूके। अब सांस छोड़ते हुए धीरे धीरे अपने हाथ एवं शरीर को पहली अवस्था में लेकर आयें। 

रिपीटेशन हो कम
आप भले ही एक बिगनर हैं लेकिन आप हर तरह का वर्कआउट कर सकते हैं। फिर चाहे बात पुशअप्स की हो या कार्डियो आप हर व्यायाम का अभ्यास कर सकते हैं। बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आपकी रिपीटेशन कम हो। मसलन, अगर आप क्रंचेस कर रहे हैं तो एकदम 20-25 के तीन-चार सेट करने की बजाय 10-15 के ही तीन सेट करें। ठीक इसी तरह प्लैंक की प्रैक्टिस करते समय शुरूआत में 20 से 30 सेंकड होल्ड करने का अभ्यास करें। वहीं अगर आप ट्रेडमिल कर रहे हैं तो उसकी स्पीड व टाइमिंग कम रखें। जब आपका स्टेमिना धीरे-धीरे बढ़ने लग जाए तो आप अपना वर्कआउट टाइमिंग बढ़ा सकते हैं। लेकिन शुरूआती दौर में एक बिगनर को सिर्फ आधा घंटा से 45 मिनट तक ही वर्कआउट करना चाहिए।

स्पोर्टस का सहारा
स्पोर्टस से बेहतर दूसरा कोई वर्कआउट नहीं हो सकता। अगर आपने अभी-अभी एक्सरसाइज करना शुरू किया है तो आप सप्ताह में एक बार कोई भी स्पोर्टस जैसे क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल, वालीबॉल आदि कोई भी स्पोर्टस अवश्य खेलें। इससे आपका फुल बॉडी वर्कआउट तो होगा ही, साथ ही आपकी स्ट्रेंथ भी बढ़ेगी। वहीं वर्कआउट करते समय इस बात का भी ख्याल रखें कि आप हर दिन एक ही एक्सरसाइज न करें। इससे आपकी बॉडी उस व्यायाम की आदी हो जाएगी और फिर आपको उसका कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए अगर आज आप कार्डियो कर रहे हैं तो अगले दिन वेट ट्रेनिंग करें। इस तरह बदल-बदलकर व्यायाम करने से आपको काफी फायदा मिलेगा।



व्यायाम के जरिये अपने शरीर को इस तरह बना सकते हैं आकर्षक



वर्तमान समय में, हर व्यक्ति आकर्षक दिखने के लिए अपने शरीर के किसी न किसी हिस्से में बदलाव करना चाहता है। अगर आप अपनी अपर बॉडी को टोनअप करना चाहते हैं तो उसके लिए पुशअप्स करना एक अच्छा व्यायाम है। पुशअप्स अपरबॉडी का फुल वर्कआउट है। पुशअप्स के जरिए आपका सीना, एब्स, ट्राइसेप्स, कंधे और धड़ मजबूत बनता है। पुशअप्स को आप कई तरह से कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं विभिन्न तरह के पुशअप्स के बारे में-
नीफोल्ड पुशअप्स
नीफोल्ड पुशअप्स के लिए आप सबसे पहले पेट के बल सीधे होकर लेट जाइए। इस दौरान आपका पूरा शरीर सीधा होना चाहिए। अब अपने हाथों को मोड़ते हुए अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें तथा अपनी पैरों की उंगलियों को जमीन से लगाए रखें। इस दौरान आपकी कमर सीधी होनी चाहिए। इस समय आपके शरीर का पूरा भार आपके हाथों और पैरों पर होगा और शरीर हवा में। इसके बाद आप पहले नीचे की ओर जाएं और फिर वापिस ऊपर आएं। पुशअप्स करते समय याद रखें कि शरीर को नीचे ले जाते वक्त सांसों को बाहर छोड़ें और शरीर को ऊपर उठाते वक्त सांसों को अंदर की तरफ कीजिए। 

वाल होल्ड पुशअप्स
जिन लोगों ने अभी एक्सरसाइज करना शुरू किया है, वह वाल होल्ड पुशअप्स भी कर सकते हैं। इसे करना काफी आसान होता है। इसके लिए सबसे पहले आप दीवार की तरफ मुंह करके खड़े हो जाएं और अपने हाथ की लंबाई से थोड़ा दूरी पर खड़े हों। अब अपने शरीर को थोड़ा आगे बढ़ाते हुए अपनी हथेलियों से दीवार को छुएं। अब आप आगे की ओर झुकें इस दौरान आपकी कोहनियां मुड़ जाएंगी। इस स्थिति में एक सेंकड के लिए होल्ड करें। अब आप वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं। अब आपके हाथ फिर से सीधे हो जाएंगे। यह प्रक्रिया करते समय अपने पैरों को फर्श पर फ्लैट रखें अर्थात पुशअप्स करते समय आपके पैर नहीं उठने चाहिए। 

वाइडर पुशअप्स
जब आप पुशअप्स करने के अभ्यस्त हो जाएं तो आप यह वाइडर पुशअप्स कर सकते हैं। इसमें पुशअप्स सामान्य नीफोल्ड पुशअप्स की तरह ही किए जाते हैं लेकिन आप हाथों को थोड़ा वाइड रखते हैं। इस तरह पुशअप्स करते समय आपके हाथों की मसल्स पर ज्यदा जोर पड़ता है। वाइडर पुशअप्स की तरह ही क्लोज पुशअप्स किया जाता है। लेकिन इसमें आप हाथों को वाइड करने के स्थान पर थोड़ा क्लोज करते हैं।



मुंह की बदबू से परेशान हैं तो इस तरह पा सकते हैं छुटकारा




कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके मुंह से अक्सर बदबू आती रहती है। ऐसे लोग किसी के भी सामने खुलकर बात करने से घबराते हैं। अगर आपका नाम भी ऐसे ही लोगों की लिस्ट में शुमार है तो अब आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप चाहें तो कुछ बेहद आसान उपायों के जरिए अपनी इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में-
सौंफ का स्वाद
मुंह को फ्रेश रखने के लिए सौंफ से बेहतर और कुछ हो ही नहीं सकता। इसका स्वाद तो बेहतरीन होता है ही, साथ ही इसके एंटी माइक्रोबियल तत्व बैक्टिरिया से लड़ने का भी काम करते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए आप खाना खाने के बाद एक चम्मच सौंफ चबाकर खाएं। इसके अलावा आप चाहें तो सौंफ के पानी से कुल्ला भी कर सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ उबालिए और हल्का गुनगुना होने पर इससे कुल्ला करें। 

रखें खुद को हाइड्रेट
गर्मी के मौसम में पानी की अधिकता सिर्फ निर्जलीकरण से ही आपको नहीं बचाती, बल्कि यह मुंह की दुर्गंध को दूर करने का भी एक आसान उपाय है। दरअसल, मुंह से बदबू आने का एक कारण आपके शरीर में पानी की कमी भी होता है। जब आप पानी कम मात्रा में पीते हैं तो इससे आपका मुंह सूखने लगता है और आपके मुंह में लार नहीं बनती। यही लार आपके मुंह के बैड बैक्टीरिया को नियंत्रित करती है और आपके मुंह से बदबू नहीं आती। लेकिन जब आप पानी कम मात्रा में पीते हैं तो यह बैड बैक्टीरिया विकसित होने लगते हैं और आपके मुंह से दुर्गंध आती है। 

खाने का रखें ख्याल
आप जो कुछ भी खाते हैं, उसका प्रभाव भी आपकी सांसों पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप प्याज, लहसुन, अत्यधिक अम्लीय या फ्रक्टोज युक्त शुगर का सेवन करने से बाद में आपके मुंह से स्मेल आती है। इसलिए आप ऐसे भोजन को खाने के बाद ब्रश अवश्य करें, ताकि आपके मुंह के बदबू न आए।

सेब का कमाल
आपको शायद जानकर हैरानी हो लेकिन सिर्फ सेब की मदद से भी मुंह से आने वाली बदबू को दूर किया जा सकता है। इसके लिए आप हर रोज सेब को चबा-चबाकर खाएं। इससे निकलने वाला रस आपके मुंह में लार को बढ़ावा देता है, जिसके कारण आपके मुंह से बदबू नहीं आती। इसके अतिरिक्त रोजाना एक सेब का सेवन करने से आपके पीले दांतों की समस्या भी दूर होती है। 

इस्तेमाल करें सरसों का तेल
अगर आप अपने मुंह की दुर्गंध से छुटकारा पाना चाहते हैं तो चुटकी भर नमक में 1 बूंद सरसों के तेल की डाल लें और इससे दांतों और मसूढ़ों का मालिश करें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह मुंह की दुर्गंध को दूर करने के साथ-साथ दांतों की अन्य समस्याओं जैसे दांत दर्द व पीलेपन को भी दूर करता है।

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