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मात्र तीन छोटी बात का व्यायाम से वजन कैसे उतार ने की सहायक है ?


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मात्र तीन छोटी बात का व्यायाम से वजन कैसे उतार ने की सहायक है ?

वजन उतारने की सहायक : हाल ही में एक नया अध्ययन जान्ने का मिला है की मात्र तीन मिनट तक का सामान्य व्यायाम करने से मोटापा कमी से महत्वपूर्ण नाटकों होता है | वसा दूर करने के लिए व्यायाम महत्वपूर्ण भूमिका है | एक नए अध्ययन के अनुसार से लोग व्यायामशाला अनुभव कर रहे है और जिस व्यक्ति व्यायाम के लिए समय नहीं है उन लोगो के लिए यह अध्ययन तीन मिनट है | मात्र तीन मिनट का व्यायाम सामान्य महत्वपूर्ण हो सकता है | घर के अन्दर ही व्यायाम कर सकते है |



वैज्ञानिको ने नए अध्यायन में कहा गया है की मोटापा कम करने लिए व्यायामशाला में घंटे खर्च करने के लिए कोई जरुरत नहीं है | एक सप्ताह मात्र तीन मिनट व्यायाम करके मोटापा कम कर सकते है | मोटापा कम करने के लिए और स्तुड़ताको कम करने के लिए नयी कंपनी अलग-अलग तरीको से अपनाते है | परंतु आधुनिक समय के लाइफ स्टाइल के कारण से यह बात शक्य बनती नहीं है | यह स्थिति में स्थुड और ज्यादा मोटापा होनेवाला लोग बारबार तबिबो की सलाह लेते है | ज्यादातर लोग व्यायामशाला अधिक समय लेते है परंतु नए अध्यायन मुजब मात्र तीन मिनट व्यायाम से महत्वपूर्ण मोटापा उतार सकते है | वसा बर्न करने का तीन मिनट व्यायाम सही साबित हो शकता है | कम समय में व्यायाम का एक अलग ही नाम वैज्ञानिको दे रहे है | ब्रिटन के नोटिगम यूनिवर्सिटी में कहा गया है की एक सप्ताह में मात्र तीन मिनट के व्यायाम से भी वसा बर्न करने से बहुत प्रभावी होता है | हररोज वर्कआउट करने से बदले व्यस्त लोग सप्ताह में एक बार तीन मिनट व्यायाम करी सके तो भी उपयोगी हो सकती है | रिपोट में यह बात सुनने मिला है की शारीरिक व्यायाम शरीर का स्नायु को मजबूत करता है परंतु यह ब्लड का ही सर्क्युलेसन को भी अधिक सुधार होता है | इससे स्वास्थ्य को मजबूत मदद मिलता है | तीव्र व्यायाम करते समय शरीर के अंदर से हार्मोन रिलीज होता है जिससे मोटापा कम होता है | परंपरागत व्यायाम भी शरीर के लिए उपयोगी बनती है | नए अध्ययन में तीन मिनट का ही व्यायाम पर प्रकाश डाला और पोशाक दिया है |


व्यायामशाला में जानेका आलस्य अनुभव करने वाले लोग और समय नहीं होने का बात करने वाले लोगो के लिए उपयोगी सुचनाए |

मोटिवेट खुद को कैसे रखनी चाहिए |

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मोटिवेशन : जीवन में खुश रहने के लिए खुद को मोटिवेट रखना बहुत जरुरी होती है | मोटिवेशन के कारण असंभव दिखने वाले कार्य भी संभव हो जाते हैं | कुछ समय अपने लिए निकालें और सोचें की क्या आप अपने जीवन में किसी बड़े उद्रदेश्य के लिए काम कर रहे या नहीं | आप पैसे के कारण काम करते है तो एक दिन जरुर थक जाएँगे लेकिन यदि दूसरो की मदद करने की कोशिश करेंगे तो आप दिन के अंत में भी उर्जावान बने रहेंगे | दूसरों की मदद करने से आपको ख़ुशी मिल सकती है |



अगर जीवन में काल्पनिक लक्ष्य बना लेते हैं तो उन्हें साकार करने में परेशानी आती है और निराश हो जाते हैं | जीवन में वास्तविक लक्ष्य बनाने चाहिए | जरुरत से ज्यादा बड़े लक्ष्य बनाकर आप खुद पर अत्याचार करते है | आपको छोटे-छोटे लक्ष्य पुरे करने चाहिए | इस तरह आपके अंदर उन्हें पूरा करने का अहसास बना रहता है | अपनी तुलना दूसरों से करना बंद कर देनी चाहिए | आप जैसे भी है अच्छे हैं | अगर किसी व्यक्ति के पास ज्यादा पैसा है तो उससे आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है | जरुरी नहीं है की छोटी उपलब्धिया मिलने पर ही जश्न मनाया जाए आपको हर तरह की उपलब्धि पर भी खुश होना चाहिए | जब आप अपने जीवन से जुडी छोटी खुशियों के बारे में विचार करने लगते हैं तो बड़ी खुशियाँ भी आने लगती हैं | आप मोटिवेट रहेंगे तो जिंदगी आसान लगने लगेगी | शुरुआत में ही ब्रेक लेने की बात आपको अजीब लग सकती है पर ज्यादातर लोग काम में इतना ज्यादा डूबे रहते हैं की वे अपने बारे में विचार ही नहीं कर पाते | बाद में जब काम के दौरान उन्हें कहीं झटका लगता है तो वे विचार करने लगते हैं की वे किस लिए यह सब भागदौड कर रहे हैं | इस लिए नियमित रूप से काम से ब्रेक लेना चाहिए |

सही दोस्तों और रिश्ते बनाने का चुनाव करें -

आपको रिश्ते बनाने में निवेश करना चाहिए | अच्छे रिश्ते हमेशा उर्जावान बनाए रखते हैं | इससे आप हमेशा मोटिवेट रहते है | जब आप अपने आस-पास के अच्छे लोगों के साथ रिश्ते बनाते हैं तो खुश रहते है और जीवन में बेहतर काम कर पाते हैं | आपको मोटिवेशन कहानिया पढनी चाहिए ताकि मशहूर लोग कितने उतार- चढाव के बाद सफल हुए हैं | और आप जिन लोगों के साथ सबसे ज्यादा समय गुजारते है उनके जैसे बन जाते है | इसलिए आपको अपने दोस्तों का चुनाव सावधानी से करना चाहिए | हो सकता है की आपके दोस्तों के ग्रुप में कोई व्यक्ति नकारात्मक हो पर आपको सबको मोटिवेट रखने की कोशिश करनी चाहिए | नए दोस्त बनाने में कभी देर नहीं करनी चाहिए | दोस्तों से नए उर्जा मिलती है |
गलती स्वीकार करें | अगर आप गलती होने पर उसे स्वीकार कर लेते है तो विवादों से बचा जा सकता है | अक्सर लड़ाईयां दुसरे को गलत साबित करने के लिए ही होती है गलती स्वीकार करना शर्म की बात नहीं है | गलती करने के बाद स्वीकार कर लेने पर रिलेक्स हो जाते है | गलती स्वीकार नहीं करने पर विवाद बढ़ता जाता है और नुकसान होता है |
अपना वजन कैसे घटाया जाएँ ?


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वजन कैसे घटाए : भगवान ने जब इंसान बनाया तब उसने हर चीज पूर्व निर्धारित तरीके से इंसान को उसके शरीर का उपलब्धि किया है | आज के इस भागदौड की जिंदगी में लोग अपना ख्याल नहीं रख पाते हैं | ऐसे में हर कोई चाहता है की बिना समय बर्बाद किए यानी के बिना कसरत किये या बिना जिम जाये वो कैसे फिट रहनी चाहिए | अगर आप आपका वजन बढ़ा हुआ है और आप भी वजन बिना कसरत किए और बिना मेहनत के कम करना चाहते है तो निचे लिखा हुआ है |

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दोस्तों मोटापा लगभग सारी दुनिया में एक महामारी का रूप धारण कर चूका है हर कोई प्रयास में लगा है के कैसे तेजी से घटाएँ अपना वजन लेकिन इसका एक सबसे बढ़ा कारण यह भी है की लोग जितना आजकल ठूंस ठूंस का खा रहे हैं वो उतनी मेहनत नहीं करते अपनी कैलोरी को खर्च करने में और नतीजन उनके शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होना चालू हो जाती है और उनका वजन तेजी से बढ़ना चालू हो जाता है | कई सालों तक वैज्ञानिकों ने दवाओं पर शौध करके वजन कम करने का एक ऐसा तरीका खोज निकाला है जिससे रोगी अपनी साधारण दिनचर्चा में भी तेजी से अपना वजन कम कर सकता है | पहले तो हम जीरा खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देने वाला मसाला है यह केवल एक मसाला मात्र नहीं है बल्कि इसके अन्य कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलता हैं | वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोग होता है | एक ताजा अध्ययन में पता चला है की जीरा पाउडर के सेवन से शरीर में वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करनें में मदद मिलती है | वजन कम करने के उपाय तो बहुत हैं लेकिन वजन कम करने के लिए आप इंटरनेट पर या जितने भी लोगों से कहोंगे तो सब एक से बढ़कर एक आपको उपाय बताया जाता है | कैसे तेजी से घटाएं अपना वजन अक्सर देखा है लोग उपाय तो ढूंढ लेते है लेकिन उस उपाय पर ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते मतलब उस काम को बिच में ही छोड़ दिया जाता है | जैसे की अजवायन का पानी आजमाएं तो धीरे-धीरे कम होगा मोटापा वजन कम करने के साथ साथ यह बहुत साड़ी अन्य बीमारियां से भी बचता है जैसे कोलेस्ट्रोल कम करता है, हार्ट अटैक से बचता है, स्मरण शक्ति बढ़ता है, खून की कमी को ठीक करता है और पाचन तंत्र भी ठीक कर गैस और ऐठन ठीक करता है | आप अपना वजन कम करने के लिए एक तरीके का और उपयोग कर सकते हैं वह यह है की जब आप चाय कोफ़ी बनाएं तो उसको बनाने में जो दूध इस्तेमाल होता है उसमें आप skim milk का यूज करें जिसमे कैल्शियम ज्यादा होता है और कैलोरीज कम अपना वजन कम करने के लिए यह भी आपको एक उपाय थोडा मददगार साबित हो सकता है | जितना हो सके घर का खाना ही खाएं बाहर के खाने में तेज मिर्च मसाले और ज्यादा कैलोरीज होती हैं और यह नुकशान भी करता है तो जितना हो सके बाहर के खाने से बचें और घर पर ही खाना खाएं | जहाँ तक संभव हो वहां तक कोशिश यह करें की जब आपको भूख लगे तभी खाना खाएं | कई बार हमने लोगों को देखा है की उनको भूख नहीं रहती तब वह कुछ भी मिला और वह खा लेते हैं और अपनी भूख से थोडा कम खाना खाएं कहने का मतलब यह है की आप अपनी भूख को हमेशा चमकता हुआ रखें और दिन में दो बार ज्यादा खाने के बजाए 4 या 5 बार थोडा-थोडा करके खा सकते है |

मोटापा घटने घरेलु नुस्खे :-


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दो पके हुए टमाटर लें अब इनको मिक्सर में अच्छे से पीस कर उसका रस निकाल लें | अब काली मिर्च को पीस कर उसका चूर्ण जैसा पाउडर बना लें | इसके बाद टमाटर का जूस पिने के लिए एक गिलास में या कटोरे में डालें और ऊपर से स्वादानुसार ये कली मिर्च का चूर्ण और उसमें एक या 2 चम्मच शहद मिक्स करें और पी जाएँ |
वजन कम करने के लिए नींबू और शहद का प्रयोग वजन कम करने के लिए आप नींबू और शहद का प्रयोग कर सकते हैं | इसके लिए आप सुबह हल्के गुनगुने गर्म पानी के साथ नींबू और शहद का सेवन करें ऐसा करने से आप का निश्चित रूप से वजन कम हो जाएगा | वजन कम करने का यह बहुत ही कारगर तरीका है | और ऐसा करने से बहुत लोंगो को जल्दी फायदा मिला है | 
एक बहुत ही आसान तरीका यह भी है आपको किसी भी ट्रीटमेंट की या किसी भी चीज की जरुरत नहीं है की आप कैलोरी कम करें या कोई डिवाइस यूज करें या फिर किसी भी तरह का कोई घरेलु टिप्स लें या फिर इसी भी तरह की दवाइयां लें | बस आपको करना यह है की आप सुबह जल्दी उठ जाएँ और तकरीबन 2 किलोमीटर के लगभग आप तेज क़दमों से चले तो यह आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है और ऐसा करने से आप बिना किसी मदद के सालभर में अपना वजन 15 से 20 किलो कम कर सकते हैं |

स्वास्थ्य के महत्व और तंदरुस्त कैसे बनाएं रखनी चाहिए !


स्वास्थ्य और तंदरुस्त : मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य का सर्वाधिक महत्व है | स्वास्थ्य के बिना धन, संपत्ति, मनोरंजन, और अन्य सुविधाएँ महत्व हीन हैं | जो व्यक्ति तन और मन से स्वास्थ्य होता है वह संसार का सबसे सुखी प्राणी है | ऋषि मुनियों ने शुरू से ही स्वास्थ्य के महत्व को स्वीकार किया है और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करने की सलाह दिन है | जो मनुष्य सूर्योदय से पूर्व उठते हैं और अपनी दिनचर्या पूर्ण करके निर्धारित समय के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते है निष्काम भाव से कर्म करते है तथा रात्रि में समय पर शयन करते हैं वे हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं |



स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखना एक व्यक्ति को स्वस्थ और अच्छाई की सामान्य स्थिति में रहने में मदद करता है | यह बिना आराम के शारीरिक गतिविधियों को करने की क्षमता प्रदान करता है | यद्यपि, स्वास्थ्य और तंदुरस्ती को बनाए रखने के लिए सन्तुलित भोजन के साथ नियमित शारीरिक व्यायाम की आवश्यकता होती है | तंदुरस्त,स्वस्थ,बिमारियों से निडर रहने और अन्य बहुत से लाभों के लिए अपने स्वास्थ्य और तंदुरस्त को बनाए रखना बहुत आवश्यक है | स्वास्थ्य और तंदुरस्ती उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो बहुत ख़ुशी और शांति के साथ जीवन जीना चाहते हैं | एक स्वस्थ और तंदुरस्त व्यक्ति ही पुरे उत्साह के साथ जीवन जीने में सक्षम होता है | हम एक व्यक्ति को स्वस्थ और तंदुरस्त तब कह सकते है यदि वह शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरस्त है | शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरस्त व्यक्ति को बिमारियों का खतरा कम रहता है | किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य और तंदुरस्ती निम्नलिखित चीजों में मदद करती है |
आजकल लोग अपने व्यस्त जीवन-शैली में बहुत व्यस्त हो गए हैं और उनके पास स्वस्थ या तंदुरस्त रखने का भी समय नहीं है | यह सत्य है की हमें स्वस्थ और दंदुरस्त रहने के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाना चाहिए, अपने आस-पास स्वच्छता रखने का अभ्यास करना चाहिए और नियमित शारीरिक व्यायाम करना चाहिए | जैसे की हम सभी जानते हैं की कठोर परिश्रम का कोई भी विकल्प नहीं है इसी तरह स्वास्थ्य और तंदुरस्ती रहने का भी कोई अन्य विकल्प नहीं है | स्वास्थ्य और तंदुरस्ती स्वस्थ रहन-सहन और स्वस्थ जीवन- शैली का मिश्रण है | हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए नियमित स्वास्थ्यवर्धक भोजन करना चाहिए और शारीरिक व्यायाम करना चाहिए हालांकि, हमें मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सकारात्मक सोचने की आवश्यकता होती है | स्वास्थ्यकर बिंदुओं का ध्यान रखने के लिए उसके भौतिक एवं आध्यात्मिक प्रभावों पर बल दिया गया है | धर्म में गहरी आस्था रखने वालों को स्वास्थ्यकर से संबंधित गतिविधियों के ली प्रोत्साहित करने के लिए इतना बताना काफी होगा की इससे ईश्वर का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है और उसकी अनुकंपाओं का पात्र बना जा सकता है | कुराने मजीद में साफ एवं स्वच्छ जैसे शब्दों का अनेक स्थानों पर प्रयोग है जिससे इस्लामी शिक्षाओं में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व का पता चलता है | क्योंकि शरीर मन का आधार होता है उसके स्वास्थ्य का इंसान के मन पर सीधा प्रभाव पड़ता है इसीलिए इस्लाम की अनेक शिक्षाओं में की जो दिशानिर्देशों के रूप में हैं शरीर के स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्यकर पर काफी ध्यान दिया गया है |

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती का महत्व -

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स्वंय के स्वस्थ और तंदरुस्त रखने के लिए हम नियमित से निम्नलिखित तरीकों अपना सकते है | हमें अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर नियमित रूप से दैनिक शारीरिक व्यायाम में शामिल होना चाहिए | 
स्वंय को व्यायाम 30-60 मिनट का या सप्ताह में 5 से 6 बार व्यायाम किसी भी व्यक्ति के तंदरुस्त रहने के लिए पर्याप्त है | एक व्यक्ति के लिए सही समय पर सही मात्रा में स्वच्छ आहार स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए बहुत आवश्यक है | 
तंदरुस्त और स्वस्थ रहने के लिए, सोने की अच्छी व्यवस्था किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक है | स्वस्थ पोषण के साथ उच्च फाइबर, कम वसा, अधिक प्रोटीन और विटामिन व मिनरल के स्रोत अच्छे स्वास्थ्य के नींव है | 
बीमारियों के खतरे को कम करना | शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर महसूस कराना | आत्मविश्वास के स्टार को सुधारना | जीवन में सालों को जोड़कर आयु को लम्बी करने में मदद करना | तनाव को कम करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना | तनाव का स्तर चिन्ता और अवसाद की भावना को कम करना |
सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए विशेषरूप से युवा पीढ़ी से लिए नियमित शारीरिक गतिविधियों और नियमित व्यायाम आवश्यक है | स्वास्थ्य और तंदरुस्ती जीवन में खुशियाँ लाती है और एक व्यक्ति की तनावमुक्त और बीमारी मुक्त जीवन जीने में मदद करती है | 

लहसुन खाने से फायदेमंद क्या है !


लहसुन के फायदे : लहसुन आयुर्वेद में कहा जाता है की इसके सेवन करने से आप जवान बने रहेगे | साथ ही यह कई बिमारियों से जैसे की बवासीर, कब्ज, कान का दर्द, ब्लड प्रेशर, भूख बढ़ाने आदि में किया जाता है | लहसुन का इस्तेमाल हम खाने का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है | इसके इस्तेमाल से खाना का टेस्ट बदल जाता है | लेकिन आप जानते है की लहसुन की एक कलि हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है | आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपके सेहत का भी ख्याल रखता है |



लहसुन और शहद एक बहुत ही पुरानी दवा है | खाली पेट लहसुन खाने से होते है यह चमत्कारी फायदे अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है तो इंसान को सौ तरह की बीमारियाँ घेर लिती हैं | क्या आप जानते है की लहसुन और शहद को एक साथ मिला कर खाने से ये एंटीबायोटिक का काम करते हैं | यह एक प्रकार का सूपर फूड है | लहसुन पेट संबंधी समस्याओं के लिए काफी फायदेमंद है | साथ ही इसका सेवन करने से आपके पेट में मौजूद विषाक्त पधार्थो को साफ़ कर देता है | शुक्राणु बढाने में कैसे मददगार गरम दूध और शहद हमेशा कच्चे और शुद्ध शहद का ही प्रयोग करें क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल को कम करने का मदद करता है | साथ ही इसे खाने से वजन भी कम होता है | लहसुन और शहद के इम्युनिटी बढाए इस धोल की शक्ति बढ़ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है | इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बजा रहता है और उसे कोई बिमारी नहीं होती | दिल की सुरक्षा करे इस मिश्रण को खाने से हदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हदय तक पहुंच पाटा है | इससे हदय की सुरक्षा होती है | लहसुन खाने से गले की खराश दूर करे इस मिश्रण को लेने से गले का संक्रमण दूर होता है क्योंकि इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण हैं | यह गले की खराश और सुजन को कम करता है | डयरिया से बचाए अगर किसी को डायरिया हो रहा हो तो उसे इसका मिश्रण खिलाएं | इससे उसका पाचन तंत्र दुरुस्त हो जाएगा और पेट के संक्रमण मर जाएंगे | सर्दी-जुखाम से राहत दिलाए इसको खाने से सर्दी-जुखाम के साथ साइनस की तकलीफ भी काफी कम हो जाती है | यह मिश्रण शरीर की गर्मी बढ़ता है और बीमारियों को दूर रखता है | यह फंगल इंफेक्शन से बचाए फंगल इंफेक्शन, शरीर के कई भागों पर हमला करते है लेकिन एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरा यह मिश्रण बैक्टीरिया को ख़तम कर के शरीर को बचाता है |

कच्ची लहसुन खाने के लाभ -


लहसुन यह गले की खराश और सुजन को कम करता है | लहसुन को मिश्रण लेने का संक्रमण दूर होता है क्योकिं इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रहते है | लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्ति बढ़ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है | इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बिमारी नहीं होती है |
लहसुन को खाने से सर्दी-जुखाम के साथ साइनस की तकलीफ कम हो जाती है | यह मिश्रण शरीर की गर्मी बढाता है और बीमारियों को दूर रखता है | इस मिश्रण को खाने से हदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हदय तक पहुंच जाता है | इससे हदय की सुरक्षा होती है | 
लहसुन को शुद्ध और बिना गर्म किया शहद यौन उत्तेजना बढाता है क्योंकि इसमें अनेक पदार्थ जैसे, जिंक, विटामिन ई आदि होता है | यह पौरुष और प्रजनन स्वास्थ्य को बढावा देने का कार्य करता है | इसके अलावा रात को रोज सोते वक्त शहद पिसा लहसुन एक साथ मिक्स कर के खाना चाहिये | यह एक आपके सेक्युअल स्टैमिना और प्लेजर को बढ़ा देता है | 
लहसुन शायद वनस्पति जात की यह इकलौती वनस्पति है जिसमे सभी विटामिन और खनिज है | इसलिए लहसुन बालो के लिए भी फायदेमंद है | केवल लहसुन का सेवन ही नहीं बल्कि इसके तेल से भी बालो से जुडी सारी समस्याओं से निजात पाई जा सकती है | बाल झड़ना - 50 ग्राम सरसों का तेल, एक लहसुन की सब कलिया छीलकर डाल दे | मंदाग्री में पकाएं | कलिया जल जाए तो उतारकर छानकर बोतल में भर दें | रोज रात को सोने से पहले मालिश करे |

वनस्पति में नीम के फायदे क्या क्या है ?


नीम के फायदे : वनस्पतियों में से निम् एक ऐसी वनस्पति है जो सूर्य के प्रतिबिम्ब की तरह है | यह अपने औशधिय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार पांच हजारो सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है | नीम में इतने गुण हैं की ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है | यहाँ तक की इसको भारत में गाँव का दवाखाना कहा जाता है | इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी होती है | नीम के पत्ते भारत से बाहर 34 देशों को निर्यात किए जाते हैं | इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मुंहासे, छाले, खाज-खुजली वगेरे को दूर करने में मदद करते है |



इस पृथ्वी पर जीवन सूर्य की शक्ति से ही चलता है | सूर्य की उर्जा से जन्म तमाम जीवों में नीम ने ही उस उर्जा को सबसे ज्यादा ग्रहण किया है | किसी भी बिमारी के लिए नीम आयुर्वेदि उपयोग किया जाता है | इस धरती पर मिलने वाले पत्तों में सबसे जटिल नीम का पत्ता ही है | नीम के पत्तों में जबरदस्त औशधिय गुण होता है | इसमें प्राणिक शक्ति भी बहुत अधिक है | अब वे नीम उगाने की कोशिश कर रहे है क्योंकि नीम को अनगिनत तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है | अगर आपको दांत का दर्द है इसकी दातून का इस्तेमाल किया जाता है | अगर आपको कोई छूत की बीमारी है तो नीम के पत्तों पर लिटाया जाता है क्योंकि यह सिस्टम को साफ़ कर के उसको उर्जा से भर देता है | अगर आपके घर के पास कोई नीम का पेड़ है तो इसका आपके ऊपर कई तरह से अच्छा प्रभाव पड़ता है | अगर आप हर दिन नीम का सेवन करें तो ऐसा हो सकता है इसको कैंसर वाली कोशिकाओं की तादाद एक सीमा के अंदर रहती है ताकि वह हमारी प्रणाली पर हल्ला बोलने के लिए एकजुट न हो सकें | इसलिए नीम का सेवन बहुत लाभदायक है | नीम में ऐसी भी क्षमता है की अगर आपकी रक्त धमनियों में कहीं कुछ जमना शुरू हो गया हो तो ये उसको साफ़ कर सकती है | नीम का तरह- तरह से इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया के साथ निपटने में आपके शरीर की उर्जा खर्च नहीं होती | आप नहाने से पहले अपने बदन पर नीम का लेप लगा कर कुछ वक्त तक सूखने दें फिर उसको पानी से धो डालें | सिर्फ इतने से ही आपका बदन अच्छी तरह से साफ़ हो सकता है |

नीम के औषधिय गुणों क्या है ? 


बैक्टीरिया से भरी पड़ी है | हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुवा है | एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती है | और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होती है | आप एक है तो वे दस है | आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते है | इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं | इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमारे लिए मुसीबत खडी कर सकते है | अगर आप नीम का सेवन करते है तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है | 
बिमारियों के लिए नीम के बहुत से अविश्वसनीय लाभ है | सबसे खास यह है की कैंसर-कोशिकाओं को नष्ट कर देता है | हर किसी के शारीर में कैंसर वाली कोशिकाएं होती है | यह एक जगह नहीं होतीं हर जगह बिखरी होती हैं | किसी वजह से अगर आपके शरीर में कुंछ खास हालात बन जाते है तो ये कोशिकाएं एकजुट हो जाती हैं |
नीम आपके सिस्टम को साफ़ रखने के साथ उसको खोलने में भी खास तौर से लाभकारी होती है | इस सबसे बढ़ कर यह शरीर में गर्मी पैदा करता है शरीर में इस तरह की गर्मी हमारे अन्दर साधना के द्वारा तीव्र और प्रचंड उर्जा पैदा करने में बहुत मदद करती है |

चुकंदर (Beet) खाने से फायदे क्या क्या हैं ?


चुकंदर (Beet) फायदे : 
चुकंदर एक ऐसी सब्जी है जिसे बहुत से लोग नापसंद करते है | इसके रस को पिने से ना केवल शरीर में रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढती है बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होता है | चुकंदर के फायदा क्या है और क्यों खाना चाहिए | अधिक से लोग चुकंदर का सब्जी बनाकर खाते है | यदि आप सब्जी से नफ़रत करते हो तो सुकंदर के फायदे निचे दिया हुवा है |



आप अपनी डायट में लाल-बैंगनी रंग के चुकंदर को शामिल नहीं कर रहे है तो फ़ौरन कर दीजिये | चुकंदर आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने से लेकर आपका सेक्सुअल स्टैमिना तक बढाता है | चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह की विटामिन और खनिज होता है | रक्त्वर्धन और शोधन के काम में सहायक होता है | इसमें पाए जाने वाले एंटीओक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है | खासकर के चुकंदर के रस का सेवन करने से व्यक्ति में रक्त संचार काफी बढ़ जाता है | रक्त की धमनियों में जमी हुई चर्बी को भी इसमें मौजूद बेटेन नामक तत्व जमने से रोकता है | चुकंदर एक कन्दमूल है और प्रोटीन भी मिलती है | यह जठर और आंतो को साफ़ रखने में मदद करता है | चुकंदर रक्तवर्धक (ब्लड को साफ़ करता ) शरीर में ताकत देने वाला और शरीर को लाल बनाने वाला कमजोरी को दूर करता है | चुकंदर का सेवन करने से शरीर फीकापन दूर होता है | शरीर लाल बनता है और शरीर में एक विशेष प्रकार की शक्ति एव चेतना उत्पन्न होता है | इसके अतिरिक्त चुकंदर दूध पिलाने वाली स्त्रियों के स्तनों में दूध को बढाता है | यह जोड़ों के दर्द को दूर करता है | यह यकृत को शक्ति देता है और दिमाग को तरोताजा रखने में मदद करता है | सोडियम पोटेशियम, फोस्फोरस, क्लोरिन, आयोडीन, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते है | चुकंदर खाने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है | उम्र के साथ उर्जा व शक्ति कम होने लगती है चुकंदर का सेवन अधिक उम्र वालों में भी उर्जा का संचार करता है | इसमें एंटीओक्सीडेंट पाए जाते है | जो हमेशा जवान बनाएं रखते है | चुकंदर शरीर को शुद्र और स्वस्थ करता है | यह बलगम को गलाकर बाहर निकालता है तथा गुर्दे के दर्द को झनकबाई और दिमाग को तरोताजा रखता है | चुकंदर गुणकारी होने पर भी कंदमूल होने के कारण पचने में कुछ भारी पड़ता है | इसका अधिक मात्रा में सेवन कभी-कभी पेट में गैस पैदा करता है | अत: कमजोर पाचनशक्ति वालों को चुकंदर का प्रयोग सोच-विचार कर ही करना चाहिए |

चुकंदर में पाये जाने वाले विभिन्न तत्व क्या है ?


चुकंदर में नाईट्रेटस का एक अच्छा स्त्रोत है इसका सेवन किए जाने पर ये नाइट्राईटस और एक गैस नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है | ये दोनों तत्व धमनियों को चोडा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है | शोधकर्ताओं ने ये भी पाया है की हर रोज 500 ग्राम चुकंदर खाने से लगभग 6 घंटे में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर घट जाता है | 
चुकंदर का रस या चुकंदर को पानी में उबालकर इसका सूप सेवन करने से पथरी गलकर निकल जाती है इसकी मात्रा ३ ग्राम तक दिनमे ४ बार है | यह प्रयोग कुछ सप्ताह तक निरन्तर जारी रखे | इस प्रयोग से गुर्दे की सुजन भी दूर हो जाती है | अत: गुर्दे के रोगों में लाभदायक है | चुकंदर का रस निकालकर या चुकंदर को पानी में उबालकर उसका सूप ३० मिलीलीटर २-३ सप्ताह तक पिने में ४ बार बनाकर पिने से पथरी गल जाती है | 
गर्भवती महिलाओं में चुकंदर उच्च मात्रा में फोलिक एसिड पाया जाता है | यह पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं और अजन्म बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योकि इससे अजन्म बच्चे का मेरुदंड बनने में मदद मिलती है | चुकंदर गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त उर्जा देता है | 
चुकंदर को नेचुरल वियाग्रा भी कहा जाता है | पुराने ज़माने में इसका इस्तेमाल यौन स्वास्थ्य के लिए किया जाता है | चुकंदर नाइट्रिक ऑक्साइड रिलीज करता है जिससे की रक्त वाहिनियों का विस्तार होता है और जेनेटल्स में खून का दौरा बढ़ता है | इसके अलावा, चुकंदर में बहुत अधिक मात्रा में एक केमिकल बोरोन पाया जाता है जो की ह्युमन सेक्स हार्मोन के निर्माण में मददगार होता है | इसलिए अगर अगली बार वियाग्रा लेने का सोचें तो पहले चुकंदर ट्राई करना चाहिए |
चुकंदर का जूस पिने से व्यक्ति का स्टैमिना १६ प्रतिशत तक बढ़ जाता है | ऐसा इसके नाइट्रेट तत्व के कारण होता है | शरीर में ऑक्सीजन बढ़ने से मस्तिष्क भी ठीक प्रकार से अपना काम कर पाटा है | चुकंदर खाकर आप डिमेंशिया तक में राहत पा सकते है |

चक्कर क्यों आता है और घरेलु उपचार कैसे करना हैं ?



चक्कर आने की समस्या : चक्कर शब्द का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग होता है | कुछ लोगों के लिए इसका मतलब है सर भारी सा लगना और असंतुलित महसूस करना जबकि दुसरे लोग इस शब्द का प्रयोग तब करते हैं जब वो ये बताना चाहते हैं की उन्हें आस-पास सबकुछ घूमता हुआ सा लग रहा है | इस बीमारी का लक्षण काफी अस्पष्ट सा है और ऐसे कई तत्व हैं जो चक्कर आने के कारण हो सकते हैं | इसलिए चक्कर आने पर या आने से पहले इसे रोकने के लिए उपाय करना एक प्रयत्न-त्रुटी विधि से उपयोग करने की प्रक्रिया हो सकती है |



अगर आपको दिन में कई बार चक्कर आता है और पूरी दुनिया गोल-गोल घुमती नजर आती है तो हो सकता है की आप वर्टिगो नामक बिमारी से ग्रस्थ हों | सिर दर्द, चक्कर, नोजिया यह वर्टिगो के लक्षण हैं | वर्टिगो लैटिन का शब्द है, जिसका अर्थ है चक्कर आना | दरअसल इसमें यह एहसास होता है की सब कुछ घूम रहा है | कैसे निपटें लो ब्लड प्रेशर से आप स्थिर हैं लेकिन कुछ सेकेंड के लिए वातावरण चक्कर लगाने लगता है | खास बात यह की आडा या तिरछा देखने पर इसमें सब घूमता दिखाई देता है | कभी-कभी चक्कर के साथ उल्टी जैसा भी महसूस होता है | अगर आपको लगातार कई महीनों से चक्कर आ रहें हैं तो उसे नजरअंदाज न करें | कई बार चक्कर आने का कारण लो बीपी या एनीमिया भी होता है | चक्कर आना एक सामान्य समस्या है जिसमें इंसान का सिर अचानक से घूम जाता है और उसकी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगता और वह गिर जाता है | लेकिन अधिक चक्कर आना भी आपके लिए खतरनाक हो सकता है | इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए वैदिक वाटिका आपको इसके कुछ सरल और आसान घरेलु उपायों के बारे में बता रहे है ताकि आप चक्कर आने की परेशानी से बच सकते है |

घरेलु उपचार कैसे -
यहाँ पर ऐसे कई उपाय बताये गए हैं जो आप तब अपना सकते है जब आपको चक्कर आ रहा हो | चक्कर आते ही सिर घुमने लगता है और आस-पास की सभी वस्तुएं घुमती नजर आती हैं | कई बार अधिक ऊंचाई पर या गहरे पानी को देखने से भी चक्कर सा आने लगता है | ऐसी स्थिति में क्या चिकित्सकीय उपचार है | यूं तो महीने के आखिरी दिनों में यदि मेहमान घर में आ जाएं तो कुछ मेजबानों को चक्कर आ जाता होगा परंतु यहाँ हम उस चक्कर की नहीं बल्कि वास्तविक चक्कर, वर्टिगो की बात कर रहे हैं |


नारियल पानी का सेवन और नारियल का पानी रोज पिने से चक्कर आना बंध हो जाते हैं | आंवले के पाउडर का सेवन सुखा आंवला पिस कर चूर्ण बनाये फिर 10 ग्राम आंवला चूर्ण को 10 ग्राम धनिया पाउडर के साथ 1 ग्लास पानी के साथ पीना चाहिए |
अदरक खाएं खाने में और चाय में अदरक का भरपूर प्रयोग करे अदरक चक्कर को रोक देता है | जब चक्कर आता है तब लेट जाएं तुरंत लेट जाएं | सिर के निचे तकिया जरुर लगाना चाहिए |प्राणायाम करें अगर ज्यादा चक्कर आता है तो रोज सुबह उठ कर अनुमोल विमोल प्राणायाम करनी चाहिए | 
कम पियें चाय-कोफ़ी इस समस्या को दूर करने के लिए चाय और कोफ़ी पर नियंत्रण लगाए | इससे चक्कर आने की तकलीफ बढती है | ठंडा पानी पियें जब चक्कर आने पर और बर्फ के सामान ठंडा पानी 3 ग्लास पिने से भी तुरंत राहत मिलती है | 
ब्लडप्रेशर में अचानक से कमी का आना, दिमाग में खून का सही तरह से प्रवाह न हो पाना, शरीर में पोषक तत्वों की कमी आदि चक्कर आने की मुख्य वजह होता है | अक्सर चक्कर आने का कारण शरीर में पानी की कमी हो जाना होता है | सामान्यतय पानी की कमी तब होती है जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं ले रहे होते हैं |
तेज चमक वाली रौसनी से आपका ध्यान भटक सकता है और चक्कर आने की समस्या गंभीर हो सकती है | किसी अँधेरे कमरे में बैठने या लेटने की कोशिश करें या एक या दो मिनट के लिए अपनी आँखे बंध कर लेनी चाहिए | 
अगर आपको चक्कर आते रहते हैं तो अचानक से कोई मूवमेंट नहीं करना चाहिए क्योंकि तेजी से मूवमेंट करने पर आपका ब्लडप्रेशर भयंकर रूप से बढ़ सकता है | आप जब भी उठे या बैठे तो अगर संभव हो तो आपको किसी मजबूत और स्थिर सतह को पकड़ के धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ कोई भी हरकत करनी चाहिए |उदहारण के लिए भूखे रहने पर आपको चक्कर आ सकता है, काफी तेजी से खड़े होने पर या बहुत गर्म पानी से नहाने पर भी आपको चक्कर आ सकता है | इसलिए चक्कर आने के कारणों का पता करके आप पहले से ही चक्कर आने की समस्या का समाधान कर सकते है |

खुजली का समस्या और उपचार कैसे करना है !

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खुजली का समस्या : खुजली शरीर में कई कारण हो सकते है | जैसे की किसी खाध पदार्थ या दवा से एलर्जी, त्वचा का रुखा होना, ठीक से न नहाना और गंदे कपडे पहनना मच्छर या अन्य किटानो काटने से कोई चर्म रोग या पेट में कीड़े होने आदि पर खुजली की समस्या हो सकती है | रिसर्च के अनुसार, शरीर में इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी के कारण भी खुजली होती है | खुजली होने पर किसी भी काम में मन नहीं लगता इंसान सिड्चीडा होता है | इसलिए इसको दूर करने के उपाय करना बहुत जरुरी होता है |



यहाँ निचे दिया हुवा चार पांच प्रकार है जैसे की नारियल, पुदीना, तुलसी, सेब के सिरके, और नींबू अनेक काम आने वाली खुजली को दूर कर शकते है |


नारियल का तेल खुजली वाली त्वचा के लिए तेल बहुत अच्छा होता है | शुष्क त्वचा या मच्छर के काटने पर होने वाली खुजली के लिए तो नारियल का तेल अद्रत काम करता है | प्रभावित क्षेत्र पर सीधा इसे लगाना नारियल के तेल को इस्तेमाल करने का सबसे अच्छा तरीका हैं | 
तुलसी के पत्ते थिमोल और कपूर से समृद्र होने के कारण है | इनमे त्वचा की जलन को कम करने की क्षमता होती है | खुजली होने पर तुलसी के कुछ पत्तों को लेकर उन्हें प्रभावित क्षेत्र पर रगड़े | या तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाना चाहिए | 
विटामिन C से नींबू समृद्र और ब्लीचिंग प्रकृति के कारण नींबू खुजली वाली त्वचा के लिए सबसे अच्छे उपायों में से एक है | नींबू में मौजूद वाष्पशील तेल में उत्तेजना को सुन्न करने की क्षमता होती है | जिसके कारण यह जलन और सुजन को दूर करने में मदद करता है | इसके लिए नींबू को काटकर उसके रस को खुजली वाली जगह पर मलने से हर तरह की खुजली से छुटकारा मिल जाता है |
कीड़े के काटने और खुजली के लिए पुदीना बहुत अच्छा होता है | यह शीतल संवेदना प्रदान कर आपको तुरंत राहत का अनुभव करता है | इसकी पत्तियों को मसलकर सीधे खुजली वाले स्थान पर रगड़ना पुदीने को लगाने का सबसे आसान और तेल तरीका है |
बहुत से लोग सेब का सिरका सिर में रुसी को दूर करने के लिए सिरके का उपयोग करते हैं | इसी तरह से यह खुजली वाली त्वचा के लिए भी अच्छी तरह से काम करता है | इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल गुण इसे खुजली विरोध एजेंट बनता है | खुजली वाले स्थान पर रुई की सहायत से सेब के सिरके को लगाने से फायदा होता है | 

तन-मन की उर्जा कैसे बढती है !


तन-मन की उर्जा : जीवन में सेहत एवं व्यवहार विशेषज्ञों ने तन-मन को रिलेक्स प्रफुलित रखने और प्रतिरोधात्मक क्षमता सुधारने के कुछ बेहद आसान तरीके बताए हैं | इसके लिए आपको किसी प्रकार की दवाइयां खाने की जरुरत नहीं है | जीवन में बस शैली सामान्य परिवर्तन करना ही पर्याप्त होता हैं |






मित्रों से आत्मीयता बढाएं और प्रकृति के पास जाना चाहिएं :-
अगर आप बात-बात पर बहस शुरू करने लगते हैं तो व्यर्थ ही उर्जा बर्बाद करने के कारण आपका मन और तन दोनों थक जाता है | जर्नल ऑफ़ एपिडेमियोलौजी एंड कम्युनिटी हैल्थ में प्रकाशित शोध में तो यहाँ तक लिखा है की बात-बात पर अपने इर्द-गिर्द मौजूद लोगों से बकबक करने वालों की आशंका बढ़ जाती है | इसका कारण है- स्ट्रेस लेवल बढ़ना और सेहत पर निगेटिव इफेक्ट पड़ना |

1. मनोवैज्ञानिक कहते हैं की जिन लीगों के बहुत कम मित्र होते हैं या जो मित्रों के प्रति आत्मीयता नहीं रखते हैं | वह ज्यादा बीमार पड़ते है और प्राय: एंग्जायटी से त्रस्त रहते हैं | जबकि मित्रों से आत्मीय संबंध रखने वाले उनके साथ अपनी समस्याएं और चिंताएं शेयर करके काफी हद तक रिलेक्श महसूस कर लेते हैं | किसी से कह लेने पर मन का बोझ हल्का हो जाता है |

2. समय-समय पर प्रकृति की गोद में विचरण करना और उसकी खूबसूरती में गोते लगाना तन और मन को एक नई ऊर्जा से सराबोर कर देता है | साथ ही इससे शरीर का इम्युनिटी सिस्टम भी इम्प्रूव होता है | ज्यादा दूर जाना संभव ना भी हो तो अपने मोहल्ले के पार्क या अपने पिछवाड़े बने बगीचे की हरियाली को ही निहार लेनी चाहिएं | इससे स्ट्रेस से मुक्ति मिल जाती हैं |

अन्य अनुभव और उपाय 


मालिश या मसाज करने से बैक्टरिया और वायरस से लड़ने वाली श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या जरुरत होती है | साथ ही मालिश से एलर्जी अस्थमा और इनफ्लेमेशेनकारक तत्व भी घट जाता हैं | 
मसाज से स्ट्रेस लेवल बढ़ाने वाले हार्मोन का उत्पादन भी घटता हैं | नियमित व्यायाम करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है | 
हंसने की आदत डालें-हंसी तन-मन का टोनिक है | प्रयाप्त म,मात्रा में नींद लें इससे तन और मन को ना सिर्फ आराम है बल्कि जरुरी उर्जा भी मिलती है | 
जीवन साथी के साथ प्रेम सम्बन्ध बनाने एवं स्वस्थ सेक्स सम्बन्ध 




रखने से अच्छे रसायनों का उत्सर्जन होता है एवं फिल गुड हार्मोन का उत्पादन होता है |



जीवन में अच्छी आदतों और बुरी आदतों में कैसे सफलता पा सकते है |


अच्छी आदतों और बुरी आदतों : जीवन में हर व्यक्ति आगे बढ़ना चाहता है | इसके लिए कुछ लोग कड़ी मेहनत करते है | कड़ी मेहनत करने वाले व्यक्ति को चाहे शुरुआत में मंजिल नजर न आता है | पर वह आखिर में सफल होकर ही दम लेता है |वहीँ शोर्टकट तलाशने वाला व्यक्ति शुरू में चाहे कितना ही हाथ लगाती है | कई बार यह भी देखा गया है की कड़ी मेहनत करने के बावजूत भी व्यक्ति लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाता है | इसका कारण है की व्यक्ति कुछ चीजों और आदतों से चिपका रहता है और उन्हें कभी भी नहीं छोड़ पाता है | सफलता के लिए पता होना चाहिए की किन चीजों और आदतों से बचकर रहना है और क्या-क्या काम नहीं करना है | यह टू डू लिस्ट से उल्टी चीज है | गैरजरूरी कामों से बचकर जीवन में महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं |


कमजोरियों पर काबू और लक्ष्य से न भटके :
अगर आप अपनी कमजोरियों को काबू में कर पाते है तो फिर आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है | कमजोरियों पर जित हासिल करने के बाद सफलता तो अपने आप मिलने लग जाती है | आपको कोशिश करनी चाहिए की गैरउत्पादक कार्यों को किसी और शौंप दें और खुद जरुरी कामों पर ध्यान लगाना चाहिएं | आप ऑफिस खुद कार ड्राइवर रख सकते हैं और बैक सीट पर बैठकर कुछ जरुरी काम निपटा सकते हैं |
आप ऑफिस में काम करते है और कलिग से किसी विवादास्पंद विषय पर चर्चा छेड दी | ऐसे में आप घंटों वाद-विवाद में जाया कर देते है | बाद में अहसास होता है | की इस समय को बचाया जा सकता है | ऐसा ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के साथ होता है | वे सुबह का नाश्ता करने जाते है और दोस्तों के साथ गपशप में मशगुल हो जाते हैं | इसके अलावा मोबाईल फोन टेलीविजन और कई दूसरी ऐसी चीजें हैं जिनके कारण आपका बहुत सा वक्त बर्बाद होता है और आप लक्ष्य से भटक जाते है |

पुरे दिन की लिस्ट बनायें -

आपको दिनभर के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए टू डू लिस्ट के साथ डोंट डू लिस्ट भी तैयार करनी चाहिए | जिनके कारण आप अपने लक्ष्य से भटक सकते है | इससे आपको हमेशा याद रहेगा की मुझे यह काम नहीं करना है | इस लिस्ट को आप दिनभर के कामों के हिसाब से भी तैयार कर सकते है | दिनभर के कामों में से गैरजरूरी कामों को आप रोक सकते हैं | अगर आपके पास लिस्ट रहती है तो आप याद रख पाएंगे की कौन - कौनसी चीजें आपको आगे बढ़ने से रोकती हैं | इससे आपको लाभ होगा |

अंडर आर्म्स से सुटकार कैसे करे !


डार्क अंडर आर्म्स : डार्क अंडर आर्म्स यानी गहरे काले रंग वाली बगले आपको स्लिक्लैंस टॉप्स या ब्लाउझ पहनने से रोकती है | एक विशेष के अनुशार यदि आप साफ़-सुथरी और खिली-खिली त्वचा चाहती हैं तो मैश किए सेब तथा नारियल तेल बगलों में लगाए |


आइए हम जानते है कुछ टिप्स 
केसर के टिप्स - कई सबंधी सोंदर्य के लाभ पाए जाते है | इसमें प्राकृतिक तोर पर त्वचा के रंग को हल्का करने के गुण होते है | दो बड़े चम्मच हलके लोशन में एक चुटकी केसर मिलाए इसे अच्छी तरह मिश्रित करें और अंडर आर्म्स में लगाए | इससे न सिर्फ आपकी त्वचा गोरी होगी बल्कि बगलों की दुर्गघ से भी सूटकारा मिल जाते है |
दूसरा है सेब और नींबू - यदि रोज आप अपनी बगलों में मेश किया हवा सेब मलती है तो इससे भी कालेपन और दुर्गघ से छुटकारा मिलता है | सेब में AAHA मौजूद होता है जो अंडर आर्म्स के कालेपन का कारण बनने वाले बैकटरिया तथा कीटाणुओं को ख़त्म करने में सक्षम होता है |
नींबू यह एक प्राकृतिक ब्लोचिंग एजेंट के तोर पर प्रसिद्र है यदि आप अपनी अंडर आर्म्स पर नींबू रगडती है तो ये गोरी हो जाती है | यह बात ध्यान में रखे की नींबू ड्राई होता है | इसलिए इसे साफ़ करने के बाद त्वाचा पर माइश्चराईजर या बॉडी लोशन अवश्य लगाए | ये अच्छे एंटी सैप्टिक एजेंट्स होते है | इस तरह ये अंडर आर्म्स की दुर्गघ से भी छुटकारा दिलाता है |


संतरे का छिलका - संतरे के छिलके में सिट्रिक एसिड पाया जाता है | जिसका इस्तेमाल स्किन ब्लीच के लिए किया जाता है | संतरे के कुछ छिल्को को तिन-चार दिन सुखाने हेतु रख दे, जब तक ये पूरी तरह सुख न जाए दो बड़े चम्मच छिलके पिस कर गुलाब जल में मिलाए और अंडर आर्म्स में लगाए १० मिनट लगा रहने दे और फिर ठंडे पानी से धो दे |
नारियल का तेल - यह एक सौंदर्य के लिए एक युनिवसंल थेरेपी है | अपनी अंडर आर्म्स की त्वचा पर नहाने से १०-१५ मिनट पहले नारियल तेल से मालिश करे | नारियल तेल एक प्राकृतिक डियोडरेंट भी है |
और तीसरा दूध - जहा तक डार्क अंडर आर्म्स को गोरा बनाने की बात है तो दूध भी नींबू जितना ही प्रभावी सिद्र होती है | दूध में कुछ ऐसे विटामिन्स तथा फेटि एसिड्स मौजूद होते है | जो त्वचा को स्वस्थ तथा चमत्कार बनाती है | बस अपनी अंडर आर्म्स में थोडा दूध लगाए और इसे १०-१५ मिनट तक लगा रहने दें | प्रतिदिन एक बार ऐसा अवश्य करना चाहिए |



योग दिवस २१ जून को मनाया जाता है !


२१ जून को आंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है | भारत में हर जगह-जगह पे योग जागरूक हो ही रहे है | योग भी बड़ा आकर्षित करता है और अब तो भारत में योग की महत्व को कोई भी नकार नहीं सकता हैं | बहुत कम लोग है जो ऐसा कर रहे है | संस्कृति बचने और बनाये रखने का एक हिस्सा है | आजकल जहा हमारी संस्कृति बचाने आंकते है ऐसे में जब तक कोई चीज जमा नहीं होती हम उसे महत्व हिन् ही समझते है | योग करना अच्छा है लेकिन फिर भी इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण बाते जान लेना आवश्यक जरुरी है | आप जंगलटिप्स (www.jangaltips.blogspot.in) फायदा ले पायें और योग का हमारे दैनिक जीवन में महत्व है | भारतीय धर्म और दर्शन में योग का अत्यधिक महत्व है |



जीवन में सकारात्मक विचारो का होना बहुत आवश्यक है | योग का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है की यह तनाव से मुक्ति प्रदान करता है | योग स्त्री, पुरुष, बच्चे, युवा, वृद्ध सभी के लिए लाभ योग लाभप्रद और फायदेमंद है | योग से शरीर मजबूत और लचीला होता है | और कई प्रकार की शरीर और मानसिक परेशानियों को दूर करता है | यह थकान, सिरदर्द, जोड़ो के दर्द से राहत दिलाता है | एंव ब्लड प्रेसर को सामान्य बनाए रखने में भी सहायक होता है |
योग करने का सही समय :-

योग करने के लिए सबसे अच्छा समय होता है वो सुबह सूर्योदय के आधा घंटा पहले और सामको सूर्योदय के एक घंटे के बाद | क्योंकि उसके बाद तो वातावरण और हवा नीरस हो जाते है इसलिए यह समय सबसे अच्छा होता है |
योग सुबह सबसे अच्छा समय होता है | सुबह नास्ता करने से पहले योग का अभ्यास करना चाहिए | क्योकि अभ्यास करते वक्त पेट खाली होना चाहिए |
योग शुरू करने से पहले खुद को तनाव मुक्त और मन को शांत कर लेना चाहिए | चुने हुए समय पर ही नियम से योग करना है |
सबसे खास बात गर्भवती महिला और रजस्वला महिला को ध्यान में ये बात हमेशा रखनी चाहिए की वो सामान्य से अलग है इसलिए योग के गुरु के निर्देशानुसार ही योग करना चाहिए | यह एक विशेष स्थिति होती है | 
इसके अलावा अगर आप योग के प्रति गंभीर है तो अपने भोजन संबंधी आदतों को भी आपको सुधारना होगा | भोजन ऐसा ग्रहण करें जो पचने में ज्यादा समय नहीं ले और संतुलित भोजन कैसा हो या हमारी भोजन की आदतों कैसी हो इस बारे में जानना है |
योग से मस्तिक शांत होता है जिससे तनाव कम होकर ब्लड प्रेसर, मोटापा और कोलेस्ट्रोल में कमी आती है | मांसपेशिय मजबूत होती है | नर्वश सिस्टम में सुधार होता है | शरीर का रोगों से लड़ने की ताकत इजाफा होता है | जिसमे आप बार- बार बीमार नहीं पड़ते हैं |
बेड या अन्य सुविधाजनक जगह पर योग करने के कोई फायदे नहीं है | जब भी योग करें कम्बल और चटाई बिछाने में मुझे नहीं लगता कुछ ज्यादा समय लगता है इसलिए ये करना है 

तनाव दूर भगाएँ लाइफस्टाइल बदलकर

तनाव दूर भगाएँ :
हमारा खानपान भी इसी तरह तनाव मुक्ति का संकेत देने वाली नर्व को रिलेक्स करता है या उत्तेजित करता है | डायफ्रोर्म से दिमाग तक जाने वाली वैगस नर्व को रिलेक्स करने वाले फूड्स में मैगनेशियम, पोटेशियम होना चाहिए | जैसे बादाम, बोर, फल ( जैसे जामुन ) कददू के बिज या डार्क चोकलेट | ड्रिक करने, सिगरेट पिने या तंबाकू खाने से चिंता घटती है, यह भ्रम है | फल, सब्जिया, साबुत अनाज प्रोटीन युक्त आहार से चिंता घटाने वाला सेरोटोनिन बनता है | कैफीन यानी कोफ़ी के सेवन से भी चिंता बढती है, घटती नहीं है |


एक्सरसाइज :-
यह तनावमुक्ति का फिजियोथैरोपी तरीका है | मांसपेशियों को कुछ सेकंड तानकर ढीला छोड़ दें | जोंगिंग, तेज चलने या दौड़ने से भी तनाव घटता है | शवासन भी तनाव घटता है | शवासन में शरीर ढीला छोड़ दिया जाता है |

दोस्तों परिजनों का संगत
तनाव मुक्ति का सबसे प्रभावी तरीका है दोस्तों परिजनों से सुख-दुःख शेयर करना | निसंदेह शेयरिंग ऐसे व्यक्ति से हो जिसे आपकी चिंता हो | हमारे मस्तिष्क में भावनाएं निर्मित करने वाले केंद्र को सबसे पहले चिंता के कारणों की सुचना मि
प्लान करे 24 घंटे में 12 काम और फिट रहेगें

आपको फिट रखेंगे :
पहले आपने गुजरे साल को एक नजर में देखा जरुर होगा | अपनी खूबियाँ और कमजोरी से रूबरू हुए होंगे | अपने मुल्यांक के आधार पर सुधार के लिए आपने कुछ संकल्प या रिजोल्यूशन भी जरुर लिए होंगे | जैसे अक्सर होते है हम अपने रिजोल्यूशन पर कायम नहीं रह पाते है | एक नए साल का एक महिना गुजरने के बाद अब समय है एक बार फिर से अपना हैल्दी एनालिसिस करने का | यदि आप अपने तन और मन की सेहत के लिए ये कदम उठाएंगे तो निश्चित रूप से अपने रिजोल्यूशन की कसौटी पर खरे उत्तर सकते है और अच्छी आदतों का हिस्सा बन सकते है | हमने आपके रिजोल्यूशन को पूरा करने के लिए ढूढा है १२ एसी आदतें जिन्हें आप नियमित रूप से दिनचर्चा में शामिल कर एक परफेक्ट दिन बना सकते है |


प्लान करे पुरे दिन का और स्वस्थ रखें -

सुबह उठकर पानी पिने को अपनी आदत बना लेनी चाहिए | इससे आपको ताजगी तो मिलेगी ही शरीर की गंदगी भी बाहर निकल जाएगी | गुनगुना पानी और भी फायदेमंद माना गया है |
रोज कुछ न कुछ व्यायाम जरुर करना है | एक्सपर्ट कहते है की ढाई मिनट से लेकर ४५ मिनट तक रोज की गई कोई न कोई एक्सरसाइज से आपका तन मन भी अच्छा बना रहता है |
नींद को आलस का नाम न दे | जब दिमाग थक जाएँ तो शरीर को भी आराम करने दें | अच्छी नींद आपकी थकन व तनाव दूरकर नया जीवन देती है |
हर सुबह दिनभर में कोई तिन खास कामों को पूरा करने की योजना बनाएं | इस तरह की योजना बनाना इसलिए अच्छा होगा जिससे की आपको अपनी सेहत के लिए भी समय मिल सके | 
किसी भी सिटिंग जॉब में एक घंटे में से ५० मिनट पूरी लगन से काम करे और आखिर के १० मिनट ब्रेक लेना चाहिए | इससे आपको नए विचार भी आएँगे और आप कई बिमारियों से भी बच सकते है | 
रात को सोते समय अपनी सूरत को आईने में ५ मिनट के लिए जरुर देखें और विचार करें की आज आपने क्या सिखा | कुछ मिनट अपना सही मुल्यांक करे और खुद से ही सुधर के सबक सीखना चाहिए |
हर सुबह एसी १० बातो लोगो या कामों के बारे में सोचिए जिनके लिए आप या दूसरों के प्रति आभार व्यक्त कर सकते हैं | धन्यवाद दीजिए, लोगों की मदद कीजिए अच्छी भावना रखकर किसी का हाथ बंटाइए या किसी जरूरतमंद कुछ दान दीजिए |
नए साल में यह सबसे अच्छी आदत है जो आपको बिना लापरवाही के अपनानी चाहिए | आप कितने ही बड़े संपन्न और ताकतवर क्यों न हो जाएँ आपको अपने आसपास सफाई रखनी ही चाहिए | अपने घर दफ्तर संसथान या सार्वजनिक स्थान पर पूरी जिम्मेदारी के साथ साफ़ सफाई की चिंता करनी चाहिए |
अपनी हाँबी या पसंद के कामों को पूरा नए साल में कोई रिजोल्यूशन लिया है तो उसे पूरा करने के लिए समय और संसाधन जुटाईए | ये काम पुरे मन से कीजिए क्योकि इससे आपको ख़ुशी और क्रिएटिव सोच मिलेगी |
पढना एक बहुत अच्छी आदत है इससे न केवल ज्ञान व एकाग्रता बढ़ेगी बल्कि आप स्वयं को प्रेरित बनाए रखेंगे | कुछ भी पढ़े लेकिन अच्छा पढना चाहिए | 
इंटरनेट को एक अच्छे साथी की तरह अपनाए | इंटरनेट का उपयोग सिर्फ मनोरंजन के लिए न करके अच्छे ट्यूटोरियल्स और रिसर्च करने में करें | इससे आपको योग्यता और ज्ञान दोनों बढ़ता है |
यदि आप किसी विषय या समस्या पर सकारात्मक ढंग से दिमाग लड़ाते है तो उसका समाधान जल्दी मिल जाता है | अपनी सोच को समस्या की बजाय समाधानपरक बनाएं | 


लती है | दोस्तों से शेयरिंग इन भावनाओं को संभालते है और बिखरने नहीं देते |

विटामिन `ए' और `डी' के बारे में !

पहले विटामिन 'ए' के बारे में लिखा गया है :
यह प्रारंभ में मक्खन से निकाला गया था और दूध, अंडा, मक्खन, कलेजी, मछली और मछली के तेल में पाया जाता है | पौधें में विटामिन 'ए' नहीं पाया जाता परन्तु उनमे पाए जाने वाले कैरोटिन नामक पीले रंग के पधार्थ देह में विटामिन 'ए' में बदले जा सकते हैं | कैरोटिन हरे पत्ते वाली सब्जियों, पीले और लाल रंग की सब्जियों तथा फलों जैसे गाजर, सीताफल, पपीता, आम, पालक, टमाटर, बंदगोभी आदि में काफी मात्रा में पाया जाता है |



हरी सब्जियों में विटामिन 'ए' की मात्रा उसके हरेपन पर गाजर आदि पिली सब्जियों में उसके पीलेपण पर निर्भर करती है | जितना रंग गाढ़ा होगा उतनी विटामिन 'ए' की मात्रा अधिक होता है | विटामिन 'ए' इंटरनेशनल यूनिट में मापा जाता है | एक इंटरनेशनल यूनिट 0.3 UG विटामिन एसिटेट की क्रिया के बराबर होता है |

विटामिन 'डी' के बारे में लिखा गया है :

पेड़ - पौधों में पाया जाने पदार्थ एर्गोरतट्रोल और पशुओं और मानवों में पाया जाने वाला पदार्थ अल्ट्रा वायलेट किरणों द्वारा क्रमश विटामिन `डी' 2और विटामिन `डी' 3 में परिवर्तन हो जाता है | इसलिए जो लोग अंधेरे बंद कमरों में और विश्व के ऐसे देशों में रहते हैं जहाँ धुप नहीं आती वे विटामिन `डी' की कमी के चिह्न दिखाते हैं | इसकी दूध पिलाने वाली माताओं और बढ़नेवाले बच्चों में भी हो जाती है | यदि आहार द्वारा इसको न पहुचाया जाए | विटामिन `डी' त्वचा के निचे पायी जानेवाली वसा पदार्थ पर सूर्य के प्रकाश की क्रिया से बनता है | इसलिए इसे `धुप का विटामिन ' भी कहते हैं |
यह फड़, शार्क, मछलियों के यकृत के तेल में, अंडे की जर्दी,दूध,मक्खन, पनीर, वनस्पति घी, मार्जरीन हरी सब्जियाँ व सूर्य के प्रकाश में पाया जाता है | डब्बे के दूध में भी यह पाया जाता है | फलों के रस व दूध को धुप में रखने से यह उसमें उत्पन्न हो जाता है |



गले का दर्द घरेलु उपायों कैसे करे

गले का दर्द :

गले का दर्द कई कारण हो सकता हैं, उसके बहुत से कारण सिरिअस नहीं होते है | अगर आपका कान बंद है तो बलगम पीछे गले में उतारकर गलें में दर्द हो सकता हैं | खुश्क मौसम से भी आपका गला दर्द कर सकता है | या उसे खुजली हो सकती है | इन्फेक्शन से हुए गले का दर्द का इलाज दवाइयों से हो सकता है | गला ख़राब होना या गले में खराश रहना एक आम समस्या है | बदलता मौसम प्रदूषित हवा गलत खान पान अधिक ठंडे पदार्थ खाना पीना और किसी बीमारी व्यक्ति के सम्पर्क में रहने से गले में खराश और दर्द होने की समस्या पैदा होती है | अपने गले का ध्यान रखना बहुत जरुरी है नहीं तो इसके कारण अन्य समस्या पैदा हो सकती है |


घरेलु उपचार कैसे करना हैं ?
गरम पानी में नमक मिलाकर थोडा ठंडा होने के बाद दिन में दो-तीन बार गरारे करना है | गरारे करने के तुरंत बाद कुछ ठंडा न लेना चाहिए | गर्म चाय या गुनगुना पीना पिएं जिससे गले को आराम मिलेगा | कच्चा सुहागा आधा ग्राम मुंह में रखें और उसका रस चूसते रहें | तीन घंटों में ही गला बिलकुल साफ़ हो जाएगा | सोते समय एक ग्राम मुलहठी की छोटी सी गांठ मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे | फिर मुंह में रखकर सो जाए | सुबह तक गला साफ़ हो जायेगा | मुलहठी चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर लिया जाय तो और भी अच्छा रहेगा | इससे सुबह गला खुलने के साथ-साथ गले का दर्द और सुजन भी दूर होती है | रात को सोते समय सात काली मिर्च और उतने ही बताशे चबाकर सो जाएँ | बताशे न मिलें तो काली मिर्च व् मिश्री मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसते रहने से बैठा गला खुल जाता है | जिन व्यक्तियों के गले में निरंतर खराश रहती है या जुकाम में एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है वह सुबह-शाम दोनों वक्त चार-पाच मुनक्का के दानों को चबाकर खा ले लेकिन ऊपर से पानी न पिएँ | दस दिनों तक लगातार ऐसा करने से लाभ होता है |

१ कप पानी में ४-५ कालीमिर्च और तुलसी की थोड़ी सी पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इस काढ़े को पि जाए | रात को सोते समय दूध और आधा पानी मिलकर पिने से गले में खराश अच्छा होता है | गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से भी गले के रोग दूर हो जाते है |
पालक के पत्तों को पीसकर इसकी पट्टी बनाकर गले में बाधे | इस पट्टी को १५-२० मिनट के बाद खोल दें | इससे भी आराम मिलता है | काली मिर्च को २ बादाम के साथ पीसकर सेवन करने से गले के रोग दूर हो जाते है | पानी में ५ अंजीर को डालकर उबाल ले और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पिने से खराश गले में लाभ मिलता है |
नमक के गुनगुने पानी से कुल्ला करे | गले का दर्द कम करनेवाली दवाई लेनी चाहिएं |अगर आप का गला सुख उसमे खुजली हो रही हो तो गरम पानी की भाँप लेनी चाहिएं |
कड़क मीठी चीज या दवाई मुँह में रखें | छोटे बच्चे से यह ना करवाएँ क्योंकि वो उस कड़क चीज को निगल सकते हो और उनका दम घुट सकता हैं |डॉक्टर को दिखाना चाहिएँ !

आपका गला अचानक दर्द होने लगा और आपको बुखार आया हैं | आप कुछ भी पी नहीं सकते अगर आपको निगलने में तकलीफ है तो वो बहुत ही सामान्य है | लेकिन यदि आप पानी भी नहीं पी सकते तो आपके शरीर का पानी कम हो सकता है | आपका गला एक हफ्ते से भी अधिक समय तक दुःख रहा है | आपके गले के साथ ही बाहर की त्वाचा भी दर्द कर रही हैं |

योगासन के विधि :हस्तपादासन १३

हस्तपादासन :

दोनों पैरों के बिच एक फिट का फासला रखते हुए हाथों को ऊपर ले जाएँ । हथेली सामने की ओर, हाथों को ऊपर की ओर खीचें और श्वास भरे । अब धीरे-धीरे स्वास् छोडते हुए, सिर को हाथों के बीच में रखतें हुए, सामने से झुकते हुए अपने टखनों को पकड़ लें और माथा घुटनों के साथ लगा दें । कुछ क्षण रुकें और फिर पहली स्थिति में वापिस आ जाएँ ।

1. यह आसन में कमर- दर्द व् टाँगों के दर्द में आराम देकर उन्हें शक्ति प्रदान करता है ।
2. पाचन शक्ति को ठीक करता है व् कब्ज दूर करता है ।
3. रीढ़ की हड्डी में लचक उत्पन्न करता है ।



गर्भवती महिलाओ का खानपान


गर्भवती का खानपान :
एक परिवार में गर्भवती महिला को अपने खानपान की खुद देखरेख करनी पड़ती है | गर्भावस्था के दोरान वे यदि अपने फूड्स के चयन में सावधान हो जाएँ तो वह खुद भी स्वस्थ रहेगी और स्वस्थ बच्चों को जन्म देगी | वे दिन ज्यादा पुराने नहीं हुए जब दादी-नानी अपनी समझ व अनुभव से गर्भवती महिलाओं की देखरेख करती थीं | गर्भवती बहु-बेटी खूब खाए इसलिए वे करती थीं- तुम्हें एक और पेट भरना है | आज न्यूट्रीशियन यही बात इन शब्दों में कहते हैं की गर्भवती महिलाओं को सामान्य से ३०० कैलोरी ज्यादा चाहिए | सुप्रसिद्र पोषण आहार विशेषज्ञ नैनी सेतलवाद के अनुसार अतिरिक्त कैलोरी के अलावा गर्भवती महिलाओं को जो हैल्दी डाइटस चाहिएँ |




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जरुरी है की हरे पत्ते वाली सब्जियों में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है | यह रेड ब्लड सेल्स में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है | इससे शरीर के अन्य अंगो का अच्छा पोषण होता है | गर्भवती महिलाओं को खाने में मीठा की इच्छा हो तो वे अंजीर खाएं | इसमें कैल्सियम रहती है | यह कब्ज से राहत दिलवाता है | सलाद के साथ तिलहनों का सेवन करने से अच्छा है | इनमें मौजूद फोलिक एसिड गर्भस्थ भ्रूण के डीएनए सिंथेसिस के साथ गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद है | अच्छी गुणवत्ता के प्रोटीन का सेवन करे | इन्हें आसानी से भोजन में मिलाया जा सकता है, जैसे दाल में पालक इस चीज खाने से अच्छा रहता है |
वेजिटेबल में सूप व जूस को मैन्यु का हिस्सा बना लें | भोजन के दौरान इनका सेवन करें | रेडिमेंट सूप व् जूस से बचके रहना चाहिए | गर्भवती महिलाएं असामान्य चींजे खाना चाहती हैं | कोई नहीं जानता की ऐसा क्यों होता है | धारणा है की यह गर्भावस्था शिशु की चाह है | उसे सोडियम चाहे तो गर्भवती महिला अचार खाने लगती है | यह जरुरी नहीं है की हर गर्भवती महिला असामान्य हैल्दी फूड्स लेने लगती है तब एसी चाह स्वत ख़त्म हो जाती है | न्यूट्रीयन्स भी भारतीय थाली को गर्भवती महिला के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं | इसमें कई डिशेज होती है | तीखे मसाले होते है तो मिठाई भी | संक्षेप में कहें तो गर्भवती महिला को विभिन्न डिसेज से जरुरी कैलरी लेना चाहिए |
गर्भवती में सब्जियां प्रोटीन और विटामिन जरुरी है !


हरी पत्ती वाली सब्जियां जैसे पालक मैथी प्राप्ति मैग्नेसिस, पोटेशियम फाइबर, आयरन व कई विटामिन्स रहते है |
फूलगोभी में कैल्सियम फोलेट, फाइबर एंटीआक्सीडेटस, आयरन आदि मिलता है और शिमला मिर्च में विटामिन सी रहता है |
शकरकंद में विटामिन ए व बी-६ पोटेशियम और फाइबर रहता है | टमाटर में विटामिन सी और आयरन रहता है | हरी मटर प्रोटीन व विटामिन्स रहता है | 
चुकंदर फोलिक एसिड विटामिन सी आयरन इनके अलावा दूध व डेयरी उत्पाद साबुत अनाज का सेवन भी गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है |

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