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लेबर पेन को और अधिक बढ़ा सकती हैं


लेबर पेन को और अधिक बढ़ा सकती हैं आपकी यह 5 गलतियाँ




गर्भावस्था का सबसे कठिन समय अगर कोई होता है तो वह है प्रसव के समय का। क्योंकि, इस दौरान माँ को बहुत अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है। हालाँकि, महिलाओं को इस दर्द का सामना करने में कम से कम 10 घंटे या उससे अधिक लग जाते हैं, जो उनके लिए काफी तकलीफदेह होती है। हालाँकि, कुछ मामले में यह दर्द आपकी छोटी-छोटी या अनजाने में की गई गलतियों के कारण और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में, निचे कुछ गलतियों के बारे में बात की जा रही है, जिसको ध्यान में रख कर आप इस दर्द को कम कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-
साँस लेने की गति को सामान्य रखें



जब महिलाएं प्रसव पीड़ा के दर्द से गुजर रही होती हैं तो उन्हें बिल्कुल भी समझ में नहीं आता है कि क्या हो रहा है। ऐसे में, वह अपने साँस पर नियंत्रण नहीं रख पाती हैं और नतीजतन यह होता है कि आपका साँस कभी बहुत अधिक तेज़ तो कभी बहुत अधिक धीमा होने लगता है। इससे आपका दर्द और अधिक बढ़ सकता है, इसलिए प्रसव के समय हिम्मत से काम लेते हुए अपने साँस की गति को सही रखें।
खाना-पीना छोड़ देना
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यह बिल्कुल सच है कि जब लेबर पेन शुरू होता है तब कुछ भी चीज़ें अच्छी नहीं लगती हैं, फिर वह आपका फेवरेट फ़ूड ही क्यों हो। आप उसकी तरफ देखते तक नहीं, लेकिन जो सबसे जरूरी चीज़ें हैं वह यह है कि प्रसव पीड़ा के समय आप पानी पीती रहें इससे एक तो आपका दर्द कम होगा और दूसरा आपका शरीर हाइड्रेटेड रहेगा। इस दौरान, यदि आप पानी नहीं पीती हैं तो इससे आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है और आप बहुत जल्दी थक सकती हैं।
बहुत अधिक डर जाना


एक कहावत है कि मुश्किल वक़्त में आप जितना हिम्मत से काम लेती हैं ठीक उतनी ही जल्दी आपका काम आसान हो जाता है।इसलिए, आपको अपने प्रसव के समय हिम्मत से काम लेने की जरूरत है। लेकिन, अधिकतर महिलाएं इस समय इतना अधिक प्रसव के दर्द से डर जाती हैं कि उनका दर्द कम होने के बजाए और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में, इस दौरान महिलाएं टेंशन बिल्कुल भी न लें और साथ ही इस समय अपना ध्यान भटकाने की कोशिश करें।
सोने का गलत पोजीशन
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प्रसव के समय महिलाएं अक्सर पीठ के बल सोती हैं जिससे कि उनका दर्द कम होने के बजाए और अधिक बढ़ने लगता है। क्योंकि, जब आप पीठ के बल सोती हैं तो आपका सारा वजन आपके पीठ पर ही होता है जिससे कि दर्द बढ़ने लगता है। ऐसे में, आप पीठ के बल सोने के बजाए करवट ले कर सोएं ताकि आपका दर्द कुछ कम हो सके।
एक ही जगह बैठे रहना
प्रसव के दौरान जो सबसे बड़ी गलती महिलाएं करती हैं वह है एक ही जगह बैठे रहना, जी हाँ यह आपके दर्द को बढ़ाने का काम बखूबी करता है। ऐसे में, महिलाएं एक जगह बैठने के बजाए टहलने की कोशिश करें। इससे न केवल आपका बच्चा निचे की ओर आएगा बल्कि आपका प्रसव भी जल्दी होगा।

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इसके अलावा, चुपचाप न रहें बल्कि अपने हसबैंड के साथ बातें करें अगर आपको कुछ खाने का मन कर रहा हो तो वो करें। इससे आपका मन दर्द से थोड़ा सा हटेगा और आप राहत महसूस कर सकती हैं।
गर्भावस्था में यह फल न खाएं



गर्भावस्था में सेहतमंद रहने के लिए उचित आहार लेना बेहद जरूरी होता है। सही आहार से महिला का स्वास्थ्य तो अच्छा रहता ही है साथ ही साथ गर्भस्थ्य शिशु का भी शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से होता है। गर्भावस्था में क्या खाए जाए से जरूरी यह जानना है कि क्या न खाया जाए। घर-परिवार की बुजुर्ग महिलाएं अपने अनुभव के आधार पर यह राय देती रहती हैं। चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था में कौन सी सब्जियों और फलों से परहेज करना चाहिए।

आइये जानें, गर्भवस्था के दौरान कौन-कौन से फल और सब्जिया ना खाएं-

गर्भावस्था के दौरान इन फलों के सेवन बचें-

पपीता खाने से बचें
कोशिश करें कि गर्भावस्था के दौरान पपीता ना खाए। पपीता खाने से प्रसव जल्दी होने की संभावना बनती है। पपीता, विशेष रूप से अपरिपक्व और अर्द्ध परिपक्व लेटेक्स जो गर्भाशय के संकुचन को ट्रिगर करने के लिए जाना जाता है को बढ़ावा देता है। गर्भावस्था के तीसरे और अंतिम तिमाही के दौरान पका हुआ पपीता खाना अच्छा होता हैं। पके हुए पपीते में विटामिन सी और अन्य पौष्टिक तत्वों की प्रचुरता होती है, जो गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों जैसे कब्ज को रोकने में मदद करता है। शहद और दूध के साथ मिश्रित पपीता गर्भवती महिलाओं के लिए और विशेष रूप से स्तनपान करा रही महिलाओं के लिए एक उत्कृष्ट टॉनिक होता है।

अनानस से बचें

गर्भावस्था के दौरान अनानस खाना गर्भवति महिला के स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। अनानास में प्रचुर मात्रा में ब्रोमेलिन पाया जाता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की नरमी का कारण बन सकती हैं, जिसके कारण जल्दी प्रसव होने की सभावना बढ़ जाती है। हालाकि, एक गर्भवती महिला अगर दस्त होने पर थोड़ी मात्रा में अनानास का रस पीती है तो इससे उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। वैसे पहली तिमाही के दौरान इसका सेवन ना करना ही सही रहेगा, इससे किसी भी प्रकार के गर्भाशय के अप्रत्याशित घटना से बचा जा सकता है।

अंगूर से बचें

डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को उसके गर्भवस्था के अंतिम तिमाही में अंगूर खाने से मना करते है। क्योंकि इसकी तासिर गरम होती है। इसलिए बहुत ज्यादा अंगूर खाने से असमय प्रसव हो सकता हैं। कोशिश करें कि गर्भावस्था के दौरान अंगूर ना खाए।

गर्भावस्था के दौरान इन सब्जियों से बचें

गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह ये होती है कि वो कच्चा या पाश्चरीकृत नहीं की हुई सब्जी और फल ना खाए। साथ? ही ये भी महत्वपूर्ण है कि आप जो भी खाए वो अच्छे से धुला हुआ और साफ हो। ये गर्भावस्था के दौरान आपको संक्त्रमण से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।

फलों और सब्जियों को गर्भावस्था आहार का एक अभिन्न अंग माना जाता है। इसलिए जम कर खाए लेकिन साथ ही इन कुछ बातों का ध्यान भी जरूर रखें, और बचे रहे गर्भवस्था के जटिलओं से।

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