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अश्वगंधा के फायदे और नुकसान


अश्वगंधा के फायदे और नुकसान – 





अश्वगंधा (Indian ginseng) का स्थान प्राचीन भारतीय चिकित्सा, आयुर्वेद में, काफी महत्वपूर्ण रहा है। यह कई सदियों से इस्तेमाल होती आ रही जड़ी बूटी है। संक्रमण के कई प्रकार से दूर रहने के प्रयास में यह अमेरिका के मूल निवासियों और अफ्रीकियों द्वारा भी इस्तेमाल की गई है। अश्वगंधा के पौधे और इसके औषधीय गुणों का वर्णन पारंपरिक चीनी चिकित्सा और आयुर्वेद दोनों में व्यापक रूप से किया गया है। अश्वगंधा को भारतीय जिनसेंग के रूप में भी जाना जाता है।
अश्वगंधा का मतलब है घोड़े की गंध। इसका यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी जड़ों में से गंध ऐसी होती है जैसे घोड़े के पसीने की गंध। इस जड़ीबूटी का प्रारंभ भारत में हुआ और यह शुष्क क्षेत्रों में सबसे अच्छी बढ़ती है। यह एक मज़बूत पौधा है जो बहुत उच्च तापमान और कम तापमान दोनों में जीवित रह सकता है – 40 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस तक के अंतर में भी जीवित रहता है। अश्वगंधा समुद्र स्तर से समुद्र तल के ऊपर 1500 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है।

अश्वगंधा के नियमित खपत से विभिन्न स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। आइए विस्तार से अश्वगंधा के बारे में जानें –
अश्वगंधा के फायदे – Ashwagandha Benefits
अश्वगंधा के नुकसान – Ashwagandha Side Effects
अश्वगंधा का सेवन कैसे करे – How To Take Ashwagandha


अश्वगंधा के फायदे – ASHWAGANDHA BENEFITS
अश्वगंधा के हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदे – Ashwagandha benefits for heart
अश्वगंधा के फायदे कैंसर के लिए – Ashwagandha for cancer
अश्वगंधा का अवसाद में असर – Ashwagandha for depression
अश्वगंधा के तनाव विरोधी गुण – Ashwagandha for stress
अश्वगंधा के लाभ संधिवात के लिए – Ashwagandha for rheumatoid arthritis
अश्वगंधा के बैक्टीरिया के संक्रमण में लाभ – Ashwagandha for bacterial infection
अश्वगंधा है घाव भरने में उपयोगी – Ashwagandha for healing wounds
अश्वगंधा का लाभ प्रतिरक्षा प्रणाली में – Ashwagandha for immune system
अश्वगंधा है मधुमेह का इलाज – Ashwagandha for diabetes
अश्वगंधा में हैं कामोद्दीपक गुण – Ashwagandha as aphrodisiac
अश्वगंधा का फायदा थायराइड के लिए – Ashwagandha for thyroid
अश्वगंधा का लाभ चयापचय में – Ashwagandha for metabolism
अश्वगंधा का उपयोग मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने के लिए – Ashwagandha for muscular strength
अश्वगंधा का उपयोग मोतियाबिंद से लड़ने में – Ashwagandha for cataract
अश्वगंधा का फायदा त्वचा की समस्या के लिए – Ashwagandha for skin
अश्वगंधा का फायदा बालों के लिए – Ashwagandha for hair

अश्वगंधा के हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदे – ASHWAGANDHA BENEFITS FOR HEART


अश्वगंधा, अपने सूजन कम करने के गुण, एंटी ऑक्सीडेंट और तनाव कम करने के गुणों के साथ, हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए अच्छा है। यह हृदय की मांसपेशियों को मज़बूत और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है। एरिज़ोंना विश्वविद्यालय में एक अध्ययन में संकेत दिया गया है कि यह रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नीचे लाता है।
अश्वगंधा के फायदे कैंसर के लिए – ASHWAGANDHA FOR CANCER


एक शोध अध्ययन ने कैंसर को खत्म करने के लिए ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में, विकिरण चिकित्सा और रसायन चिकित्सा के साथ सहयोग में, अश्वगंधा को एक उभरता हुआ विकल्प बताया है। । यह ट्यूमर सेल को खत्म करने की गतिविधि के साथ बिना हस्तक्षेप किए कीमोथैरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जाना जाता है।
अश्वगंधा का अवसाद में असर – ASHWAGANDHA FOR DEPRESSION


भारत में अश्वगंधा पारंपरिक रूप से आयुर्वेद में, दोनों शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए इस्तेमाल किया गया है। भारत में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान में, मानसिक स्वास्थ्य पर अश्वगंधा के प्रभाव को, विशेष रूप से अवसाद (depression) में, अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन ने चिंता और अवसाद के संबंध में अश्वगंधा के लाभों का समर्थन किया है।

अश्वगंधा के तनाव विरोधी गुण – ASHWAGANDHA FOR STRESS

अश्वगंधा में तनाव विरोधी गुण भी माने जाते हैं। परंपरागत रूप से, यह एक व्यक्ति पर सुखद और शांत प्रभाव देने के लिए प्रशासित किया जाता था। वह सक्रिय संघटक जो इस गतिविधि के लिए ज़िम्मेदार है वह अभी भी अज्ञात है, लेकिन विभिन्न अनुसंधान प्रयोगों में अश्वगंधा में तनाव विरोधी गुण देखे गए हैं। अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अश्वगंधा के प्रयोग से चरम तापमान बदलाव में रखे पशुओं के तनाव के स्तर में उल्लेखनीय कमी आई।

अश्वगंधा के लाभ संधिवात के लिए – ASHWAGANDHA FOR RHEUMATOID ARTHRITIS


अश्वगंधा संधिवात (rheumatologic problems) की समस्याओं के लिए प्रभावी पाया गया है। यह जड़ी बूटी सूजन और दर्द को कम करने के लिए जानी जाती है। काइरोप्रेक्टर्स के लॉस एंजिल्स कॉलेज द्वारा किए गए शोध से पता चलता है कि अश्वगंधा में सूजन कम करने के गुण हैं जो अल्कलाइड्स, सपोनिंस और स्टेरॉइडल लैक्टोन्स से आते है जो इसके भीतर पाए जाते हैं।

अश्वगंधा के बैक्टीरिया के संक्रमण में लाभ – ASHWAGANDHA FOR BACTERIAL INFECTION


आयुर्वेदिक चिकित्सा ग्रंथों के अनुसार, अश्वगंधा मानव में बैक्टीरिया के संक्रमण को नियंत्रित करने में प्रभावी है। भारत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी के केंद्र में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा में पारंपरिक धारणा के अनुसार जीवाणुरोधी गुण हैं और मौखिक रूप से इसके सेवन किए जाने पर यह मूत्रजनन, जठरांत्र और श्वसन तंत्र के संक्रमण में प्रभावी है।

अश्वगंधा है घाव भरने में उपयोगी – ASHWAGANDHA FOR HEALING WOUNDS

यह घाव भरने और उसके इलाज के लिए बहुत उपयोगी है। अश्वगंधा की जड़ों को पीस कर पानी के साथ एक चिकना पेस्ट बना लें। राहत के लिए घावों पर इस पेस्ट को लगाएं।

अश्वगंधा का लाभ प्रतिरक्षा प्रणाली में – ASHWAGANDHA FOR IMMUNE SYSTEM

शोध अध्ययनों से पता चला है कि अश्वगंधा का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाता है। यह भी देखा गया कि अश्वगंधा के सेवन से चूहों की लाल रक्त कोशिका और सफेद रक्त कोशिका में भी वृद्धि हुई। इससे यह माना जा सकता है कि आदमी की लाल रक्त कोशिकाओं पर अश्वगंधा के सेवन से सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, जिससे एनीमिया जैसी स्थितियों को रोकने में मदद मिल सकती है।

अश्वगंधा है मधुमेह का इलाज – ASHWAGANDHA FOR DIABETES


अश्वगंधा लंबे समय से आयुर्वेदिक चिकित्सा में मधुमेह के लिए एक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया गया है। मधुमेह के उपचार में अश्वगंधा के उपयोग पर अनुसंधान ने सकारात्मक परिणाम का संकेत दिया है। प्रयोगों ने दर्शाया कि जब अश्वगंधा चार सप्ताह की अवधि के लिए लिया गया, तब उपवास और दोपहर के खाने के बाद रक्त शर्करा के स्तर में काफी कमी आई।

अश्वगंधा में हैं कामोद्दीपक गुण – ASHWAGANDHA AS APHRODISIAC

यह व्यापक रूप से कई शताब्दियों से माना गया है कि अश्वगंधा में कामोद्दीपक गुण है और लोगों ने इसे एक दवा के रूप में इस्तेमाल किया ताकि उनकी जीवन शक्ति और प्रजनन क्षमता में सुधार हो। हाल ही के एक वैज्ञानिक अध्ययन में यह दर्शाया गया कि अश्वगंधा एक कामोद्दीपक दवा के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और अच्छी तरह से वीर्य की गुणवत्ता में सुधार लाता है। यह पूरे शरीर में तनाव भी कम कर देता है।

अश्वगंधा का फायदा थायराइड के लिए – ASHWAGANDHA FOR THYROID

हाइपोथायरायडिज़्म के मामलों में, अश्वगंधा थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। थायरॉयड ग्रंथि पर अश्वगंधा के प्रभाव पर एक अध्ययन से पता चला है कि इसकी जड़ों का एक्सट्रैक्ट, अगर एक दैनिक आधार पर लिया जाए, तो थायराइड हार्मोन के स्राव में वृद्धि होगी।

अश्वगंधा का लाभ चयापचय में – ASHWAGANDHA FOR METABOLISM

अश्वगंधा एंटीऑक्सिडेंट का एक बहुत अच्छा स्रोत है। ये एंटीऑक्सीडेंट चयापचय (metabolism) की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न मुक्त कण को साफ और निष्क्रिय करने में बहुत प्रभावी रहे हैं।

अश्वगंधा का उपयोग मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने के लिए – ASHWAGANDHA FOR MUSCULAR STRENGTH

अश्वगंधा निचले अंगों की मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने और कमज़ोरी दूर करने में उपयोगी पाया गया है। यह मस्तिष्क और मासपेशियों के बीच समन्वय पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

अश्वगंधा का उपयोग मोतियाबिंद से लड़ने में – ASHWAGANDHA FOR CATARACT

त्यागराजन एट अल द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि अश्वगंधा के एंटीऑक्सीडेंट और साइटोप्रोटेक्टिव गुण मोतियाबिंद रोग से लड़ने में अच्छे हैं।

अश्वगंधा का फायदा त्वचा की समस्या के लिए – ASHWAGANDHA FOR SKIN

अश्वगंधा श्रृंगीयता (keratosis) के इलाज के लिए उपयोगी है जिसके कारण सख्त और रूखी त्वचा होती है। इस त्वचा की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दिन में दो बार पानी के साथ अश्वगंधा के तीन ग्राम लें। त्वचा को युवा रखने के लिए यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है और प्राकृतिक त्वचा तेलों की वृद्धि में मदद करता है। अश्वगंधा में उच्च स्तर के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो झुर्रियों, काले धब्बे जैसे उम्र बढ़ने के संकेतों से लड़ने में सहायक हैं। अश्वगंधा त्वचा कैंसर से भी बचाता है।

अश्वगंधा का फायदा बालों के लिए – ASHWAGANDHA FOR HAIR

अश्वगंधा शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कम करके बालों के गिरने को नियंत्रित करता है। अश्वगंधा बालों में मेलेनिन की हानि को रोक कर समय से पहले बालों के ग्रे होने को रोकता है। अश्वगंधा में टाइयरोसीन है जो एक एमिनो एसिड है और शरीर में मेलेनिन के उत्पादन को उत्तेजित होता है।

अश्वगंधा के नुकसान – ASHWAGANDHA SIDE EFFECTS

गर्भवती महिलाओं को अश्वगंधा का सेवन ना करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें गर्भ गिराने वाले गुण हैं।

अश्वगंधा का उपयोग करते समय डॉक्टर सावधानी रखने की सलाह देते हैं क्योंकि अश्वगंधा सामान्य रूप से ली जा रही दवाइयों के साथ हस्तक्षेप कर सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप, चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं।

बड़ी मात्रा में अश्वगंधा की खपत से बचें क्योंकि ऐसा करने पर दस्त, पेट की ख़राबी और मतली जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

अश्वगंधा का सेवन कैसे करे – HOW TO TAKE ASHWAGANDHA


अश्वगंधा जड़ बाजार में या तो पाउडर के रूप में, सूखे रूप में, या ताज़ा जड़ के रूप में उपलब्ध है।

आप 10 मिनट के लिए पानी में अश्वगंधा पाउडर को उबालकर अश्वगंधा की एक चाय बना सकते हैं। पानी के एक कप में पाउडर के एक चम्मच से अधिक प्रयोग न करें।

आप सो जाने से पहले अश्वगंधा जड़ पाउडर गर्म दूध के एक गिलास के साथ भी ले सकते हैं।

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