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आपके मोटे पेट को चर्बी से दिलाएंगे मुक्ति


आपके मोटे पेट को चर्बी से दिलाएंगे मुक्ति, ये 4 प्रकार के क्रंचेस




हर लड़की की चाह होती है कि वह स्लिम ट्रिम रहे,और अपनी उम्र से वह कम लगे| एक फ्लेट टमी हर वर्ग की लेडीस की चाह रहती है, हमारे भारतीय समाज में बेली फेट से हर वर्ग की महिलाए परेशान रहती है, आज हम आपको वो टिप्स देंगे की शीघ्र ही आपकी बेली फेट दूर हो जाएगा| बेली फेट व टमी फेट दूर करने का सबसे कारगर उपाय है,यह क्रंचेस तभी ज्यादा असर करते है जब आप प्रोपर क्रंचेस का सेट करने के साथ खान-पान के कुछ नियमों का पालन करे|
पहला नियम-यह है कि खाने के बाद किसी प्रकार की कसरत ना करे |

दूसरा नियम- कसरत और खाने में पुरे एक घंटे का अंतर हो|

तीसरा नियम- कसरत के आधे घंटे बाद पानी ले|

चौथा नियम- कसरत के बीच में पानी ना ले|

पाँचवा नियम- शाम 7 बजे बाद कभी भी भोजन ना करे|

छठा: नियम-रात्रि में भोजन हल्का करे|

सातवा नियम – सुबह नींबू पानी शहद (गरम) ले|

सबसे पहले हमें क्रंचेस (कसरत) स्टार्ट करने से पहले बॉडीवार्म करनी चाहिये | उसके लिये जम्प व स्टेचिग जैसी कसरत करे| उसके बाद योगा मेट बिछाकर क्रंचेस स्टार्ट करना चाहिये | इसके लिये हमें पुरे क्रंचेस सेट को फालो करना चाहिये,क्योकि हर एक क्रंचेस टमी के अलग-अलग फेट को बर्न करता है|

1.सिम्पल क्रंचेस :- सिम्पल क्रंचेस में आपको दोनों पैर फोल्ड करके एक व्यक्ति को अपने पंजो की उंगलियों पर खड़ा करना है,ताकि आपके पंजे ऊपर ना उठ पाए| और फिर जमीन से अपनी पीठ को 8 इंच ऊपर रख कर सामने वाले के घुटनों को अपने हाथो से 40 बार (अप एंड डाउन) करते हुए टच करना चाहियें| इससे आपके मिड टमी की चर्बी जाएगी | साथ ही फेस की चर्बी कम होने के साथ चेहरे पर ग्लो भी आएगा |

यह आप 100 के सेट में 400 तक भी ले जा सकते है | इसे हार्ड करने के लिये दोनों हाथ सिर के पीछे रखकर भी आप कर सकते है |

2.चेयर क्रंचेस :- कई बार देखा जाता है की शरीर में मिड टमी तो इतना निकला नहीं रहता | जितना लोअर टमी निकला रहता है, उसके लिये आप सिम्पल क्रंचेस के साथ चेयर क्रंचेस भी कर सकते है.चेयर क्रंचेस करने के लिये सबसे पहले आपको आपकी मेट के पास चेयर रखनी पड़ेगी| सबसे पहले आपको आपका राईट पैर चेयर पर रखकर. आपके फीट 20 टाईम टच करने पड़ेंगे, उसके बाद लेफ्ट पैर 20 टाईम टच करने पड़ेगें,फिर दोनों पैर चेयर पर रखकर 20 टाईम टच करना पड़ेगे | वही अप एंड डाउन प्रोसेस है,इससे आपकी लोअर टमी कम हो जाएगी | आप इसके युस टू हो जाए तो संख्या 5.5 करके बढ़ाते जाए |

3.हाफ लेग क्रंचेस :- यह क्रंचेस अपर टमी को कम करने में सहायक है | इसके लिये सबसे पहले आप अपना एक पैर मोड़े और 40 बार दोनों हाथो को स्ट्रेट रखते हुए | अप एंड डाउन करे| फिर सेम प्रक्रिया दुसरे पाँव को फोल्ड करके आप देखेंगे की शीघ्र आपकी अपर टमी फैट कम हो गया है|

4.फुल लेग क्रंचेस :- यह पेट के आस-पास की चर्बी कम करता है. इसमें आपको पूरा शरीर मेट पर शव आसन की मुद्रा में रखना है. फिर दोनों हाथ पीछे की और लम्बे कर फिर उसे पैर को छूना है.ये 60 बार करना है, अप एंड डाउन करते हुए| यह क्रंचेस आपको एक फीट टमी दिलवाएगा|

जब आप यह क्रंचेस का सेट पूरा करते है तो उसके बाद आपको 11 बार सूर्य नमस्कार करना है. वो भी स्लो स्पीड में ब्रिथ होल्ड करते हुए|

यह सेट अपनाने से आपकी बेली फेट शीघ्र कम हो जाएगी | साथ ही आपकी त्वचा और भी जवान और खुबसूरत हो जाएगे |


नींद न आने से हो परेशान तो अपनाएं 4-7-8 का फॉर्मूला, 2 मिनट में आ जाएगी नींद




आज की तनावभरी ज़िन्दगी में अक्सर लोगों को नींद न आने की समस्या से जूझना पड़ता है. नींद न आने की समस्या आजकल आम हो गई है. हमारे या आपके पास भी कई लोग ऐसे है, जो नींद आने की समस्या से पीड़ित है. कई बार खुद हम भी नींद न आने से परेशान रहते है.

ऐसे में आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे है, जिससे आपको अच्छी नींद आएगी. एक रिपोर्ट के अनुसार आप ’4-7-8′ का फॉर्मूला अपनाकर एक अच्छीं और गहरी नींद सो सकते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि यह ’4-7-8′ का फॉर्मूला है क्या? तो बता दे कि यह फॉर्मूला तनाव मुक्त गहरी नींद लेने में आपकी मदद करेगा.

यह फार्मूला अपनाएँ-
इसके लिए सबसे पहले बिस्तर पर शरीर को पूरी तरह स्थिर रखे और फिर इसके बाद 4 सेकंड तक नाक से गहरी सांस लें. इसके बाद अगले 7 सेकंड तक सांस रोके रखें और फिर अगले 8 सेकंड तक मुंह से धीरे-धीरे सांस बाहर निकाल दें. इससे आपको तुरंत अच्छी नींद आ जाएगी. भले ही शुरुआत में यह फॉर्मूला सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक आधार भी है.

वैज्ञानिक राय-


वैज्ञानिकों का कहना है कि 4-7-8 एक तरह की श्वास की एक्सरसाइज है, जो दर्द दूर करने वाली दवा की तरह काम करती है. यह प्रकिया हमारी धड़कनों को शांत करती है, जिससे पूरा शरीर तेजी से स्थित होता है. यह फिजियोलॉजी का हिस्सा है. यह प्रक्रिया मन को भी शांत करती है, इस दौरान आपका ध्यान अपनी सांस पर होता है.

इसी दौरान आपको पता भी नहीं चलता और नर्वस सिस्टम धीरे-धीरे अपनी एक्टिविटी घटा देता है. इससे तनाव दूर हो जाता है. न्यूरोलॉजिस्ट इस बात की पुष्टि कर चुके हैं. क्योंकि नींद आने का कारण तनाव और चिंता होता है, जिससे हमारे ब्लड में अड्रेनलन नामक कैमिकल की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसे में इस प्रकिया से तनाव दूर हो जाता है और हमें नींद आ जाती है. विदेश में कई लोग इस फंडे को कामयाबी पूर्वक अपना रहे हैं. हार्वर्ड मेडिकल के डॉक्टर एंड्रयू विल ने भी 4-7-8 फॉर्मूले का अध्ययन किया है और पाया कि यह पद्धति पूरी तरह कारगार है. इसी को भारत में योग भी कहते है.



सावधान! एक्सरसाइज बंद करने से हो सकता है डिप्रेशन
अक्सर लोग एक्सरसाइज करते-करते उसे बीच में ही छोड़ देते हैं. कई बार लोग कई-कई दिन या महीनों तक व्यायाम नहीं करते. क्या आप जानते हैं इसका आपको खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. जी हां, हाल ही में आई रिसर्च में ये बात सामने आई है.



नई दिल्लीः अक्सर लोग एक्सरसाइज करते-करते उसे बीच में ही छोड़ देते हैं. कई बार लोग कई-कई दिन या महीनों तक व्यायाम नहीं करते. क्या आप जानते हैं इसका आपको खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. जी हां, हाल ही में आई रिसर्च में ये बात सामने आई है.

क्‍या कहती है रिसर्च-
रिसर्च के मुताबिक, अचानक व्यायाम बंद कर देने से डिप्रेशन के लक्षणों में इजाफा हो सकता है. इस रिसर्च में ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडीलेड की शोधकर्ता ने जूली मॉर्गन ने पहले से की गई रिसर्च के नतीजों की समीक्षा की जिनमें नियमित रूप से सक्रिय रहे वयस्कों में व्यायाम बंद करने के प्रभावों की पड़ताल की गयी थी.

क्या कहते हैं शोधकर्ता-
शोधकर्ता जूली का कहना है कि कसरत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए जरूरी है. उन्हों ने कहा कि अगर सप्ताह के हर दिन संभव नहीं हो तो कुछ न कुछ गतिविधि करते रहना चाहिए. इतना ही नहीं, हेल्दी और डिप्रेशन से मुक्त रहने के लिये एक सप्ताह में कम से कम ढाई घंटे व्यायाम या 75 मिनट जमकर कसरत करना चाहिए.

रिसर्च के नतीजे-
क्लिनिकली इस रिसर्च में ये बात व्यापक रूप से साबित हुई है कि नियमित कसरत डिप्रेशन में कमी ला सकता है और यह डिप्रेशन का उपचार भी कर सकता है. हालांकि कसरत बंद करने से डिप्रेशन के लक्षणों पर पड़े प्रभावों के बारे में अभी बहुत ज्यादा रिसर्च नहीं हुई है.

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